झारखंड का जामताड़ा साइबर ठगी के मामले में कुख्यात है। जामताड़ा के बारे में कहा जाता है कि यहां की एक फोन कॉल आपको कंगाल बना सकती है। जामताड़ा पर नेटफ्लिक्स वेब सीरीज रिलीज कर चुका है। जिसमें साइबर ठगी के मामलों में लिप्त युवाओं को दिखाया गया है। जामताड़ा का नाम एक बार फिर उछला है।
दिल्ली पुलिस की एक टीम ने झारखंड के जामताड़ा में एक टेलीकॉम कंपनी में कार्यरत 17 साल के नाबालिग लड़के को ऑनलाइन धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है, वहीं उसके अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक डिफेंस कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति के बैंक खाते से केवाईसी अपडेशन के नाम पर ठगी की गई। व्यक्ति को केवाईसी कराने के नाम पर उसके अकाउंट की जानकारी हासिल कर पैसे ऐंठ लिए गए, जिसके बाद उसका पीछा करते हुए पुलिस टीम झारखंड पहुंची।
जांच के दौरान, बैंक अकाउंट और मोबाइल फोन नंबरों का विवरण प्राप्त किया गया। एक तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि कंसारा जिले से धांधली चल रही है, जिसके बाद हमारी टीम तलाश के लिए झारखंड पहुंची।
मंगलवार को कक्षा 10वीं में पढ़ने वाला नाबालिग छात्र, जो झेरुवा गांव का है। उसे तकनीक और खाता संख्या के आधार पर पकड़ा गया। उसके पास से पीड़ितों को फोन करने और ऑनलाइन बैंकिंग लेनदेन की ठगी में उपयोग मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड को जब्त कर लिया गया।
इधर, केवाइसी अपडेट का मैसेज भेजकर जामताड़ा जिला के साइबर क्रिमिनल्स ने गुजरात के वकील को झटके में 11 लाख रुपये का चूना लगा दिया। इस सिलसिले में गुजरात पुलिस ने झारखंड से ऑनलाइन ठगी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम अजय मंडल और कुंदन मंडल हैं।
गुजरात पुलिस ने इनकी कार्यशैली के बारे में भी खुलासा किया है। ऑनलाइन ठगी करने वाले जामताड़ा के ये शातिर केवाइसी (नो योर कस्टमर यानी अपने ग्राहक को जानें) के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। पुलिस के अनुसार, जब लोग अपना विवरण इन्हें बताते हैं, तो उसी दौरान ये लोग गिफ्ट वाउचर तैयार कर लेते हैं।
इस गिफ्ट वाउचर को साइबर ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म पर भुना लेते हैं और इसके बाद आपस में पैसे बांट लेते हैं। इनके ट्रांजैक्शन का चेन इतना पेचीदा होता है कि आमतौर पर पुलिस उसमें उलझकर रह जाती है और अपराधियों तक पहुंच नहीं पाती। पुलिस का कहना है कि आमजन यदि सतर्कता बरते और संदिग्ध लगने वाली इन कॉल या मैसेज को इग्नोर करे तो काफी हद तक ऐसे मामले होने से बचा जा सकता है।