Saturday, November 13, 2021

टेस्टी मछली नहीं बनाया तो पति ने उतारा मौत के घाट,नाबालिग पुत्र ने पिता व घरवालों पर लगाया आरोप



गिरिडीह.

पति-पत्नी के बीच खाने को लेकर विवाद की ख़बरें आती रहती है. कई बार खाना अच्छी नहीं बनने पर भी पति को खाने की तारीफ करनी पड़ती है, तो वहीं कई बार ये विवाद मारपीट का रूप ले लेती है. एक ऐसा ही मामला गिरिडीह के बिरनी थाना से आई है. 


बिरनी थाना क्षेत्र के बलगो गांव में पति-पत्नी के बीच ऐसे ही विवाद के बाद महिला का शव संदिग्ध स्थिति में बरामद किया गया है. यह मामला शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है. मामले का संज्ञान लेते हुए बिरनी पुलिस के द्वारा घटनास्थल पर पहुंच शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. सूत्रों के अनुसार यह विवाद शुक्रवार रात की है. शुक्रवार रात मछली बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ. इस विवाद के महिला का शव संदिग्ध स्थिति में उसके कमरे में लटका मिला. महिला का नाम रिंकी देवी बताया जा रहा है. मामले में महिला के बेटे आदित्य मंडल ने अपने पिता पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके पिता ने उसकी मां को पीट-पीटकर मार डाला और फिर फांसी के फंदे पर शव को लटका दिया. आदित्य का कहना है कि शव को फंदे से लटकाने के बाद उसके पिता ने खुद ही शोर मचाना शुरू कर दिया कि रिंकी ने फांसी लगा ली है. उसका शोर सुन कर घरवाले वहां पहुंचे शव फंदे से नीचे उतारा. जिसके बाद डॉक्टर को बुलाने की बात कहकर सभी घरवाले घर से भाग खड़े हुए.

Friday, November 12, 2021

पढ़ाई छाेड़ गेम खेल रहे बेटे काे डांटते हुए माँ ने छीनी माेबाइल;गुस्से में घर से निकला,2 दिनों बाद तालाब में तैरता मिला शव





रांची।

राँची के खेलगांव थाना क्षेत्र के खटंगा में एक माँ ने अपने बेटे से माेबाइल छीनकर पढ़ने की बात कहते हुए फटकार लगाई ताे वह गुस्से में घर से निकलकर चला गया। 2 दिनों बाद पुलिस ने गुरूवार काे पास के ही खटंगा तालाब से उस छात्र का शव बरामद की। मृतक छात्र का नाम कृतिक गुप्ता है और वह आर्मी पब्लिक स्कूल के 12वीं का छात्र था। कृतिक पिछले एक वर्षाें से माेबाइल पर गेम खेलने का इतना आदि हाे चुका था कि पढ़ाई करना लगभग पूरी तरह से छाेड़ ही दिया था। माता-पिता के मना करने के बाद भी वह लगातार माेबाइल पर गेम खेलता रहता था। माता-पिता के अलावा परिवार के अन्य सदस्याें ने भी उसे कई बार समक्षाने का प्रयास किया था लेकिन इसके बाद वह किसी को कुछ सुनने काे तैयार नहीं था। गेम खेलने में वह इस कदर खुद काे व्यस्त रहता था कि नास्ता और खाना भी समय पर करना भूल जाता था। ऑफलाईन क्लास चालू हाेने के बाद भी वह स्कूल नहीं जाता था। सप्ताह में एक या दाे दिन ही वह स्कूल जाता था। ऐसे में शिक्षक भी उसके पिता रामकिशाेर गुप्ता काे क्लास नहीं करने की जानकारी दे चुके थे। मंगलवार काे पिता रामकिशाेर गुप्ता ने स्कूल जाने के लिए सुबह में जगाया। लेकिन कृतिक चुपके से दूसरे कमरे में चला गया और दिनभर माेबाइल पर गेम खेलता रहा। घर के लाेगाें काे लगा कि वह स्कूल चला गया है। हालांकि दाेपहर में जब मां की नजर उस पर पड़ी ताे उसने गुस्से में उसे फटकार लगाते हुए माेबाइल छीन ली। इसके बाद मंगलवार की शाम 5:30 बजे नाराज हाेकर वह घर से निकलकर चला गया था। पुलिस ने गुरूवार की दाेपहर 1:30 बजे घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित खटंगा तालाब से छात्र का शव बरामद किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि छात्र ने गुस्से में तालाब में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी है। 

 घटना की कहानी, पीड़ित पिता की जुबानी

 पीड़ित पिता रामकिशाेर गुप्ता ने बताया कि कृतिक के पिछले कुछ दिनाें से लगातार क्लास में अनुपस्थित रहने के बाद मंगलवार की सुबह 5:26 बजे उसके क्लास टीचर ने माेबाइल पर मैसेज भेजकर ऑफलाईन क्लास चलने की बात कहते हुए बच्चे काे स्कूल भेजने की बात कही। इसके बाद वे कृतिक काे जगाते हुए स्कूल जाने के लिए तैयार हाेने की बात कही। स्कूल के लिए तैयार हाेने जाने की बात कहकर वह घर के दूसरे कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर माेबाइल में गेम खेलने लगा। हालांकि किसी की नजर उसपर नहीं पड़ी। दाेपहर लगभग 2 बजे जब कृतिक की मां उस कमरे में पहुंची ताे देखा कि वह माेबाइल में गेम खेल रहा है। इसके बाद वह गुस्सा हाेते हुए स्कूल नहीं जाने से नाराज हाेकर उसे फटकार लगाई और माेबाइल छीन लिया। माेबाइल छीन लिए जाने के थाेड़ी देर बाद ही कृतिक गुस्से में घर से बिना चप्पल पहने हुए ही बाहर निकलकर चला गया। घर वालाें काे ऐसा लगा कि वह थाेड़ी देर बाद गुस्सा शांत हाेते ही वापस घर लाैट आएगा। हालांकि काफी देर तक वह वापस घर नहीं लाैटा। इसके बाद खाेजबीन शुरू की गई। काफी खाेजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चला ताे थाने में लिखित शिकायत की गई। इसी दाैरान गुरुवार की दाेपहर 1:30 बजे ग्रामीणाें ने खटंगा तालाब में पानी के उपर तैरता हुआ शव देखा। लाेगाें ने घटना की जानकारी पुलिस काे दी। सूचना मिलते ही पुलिस माैके पर पहुंची और शव काे बाहर निकालकर उन्हें जानकारी दी। माैके पर जाकर वे देखे ताे पता चला कि उनके बेटे का ही शव है।

 मैट्रिक में 70 प्रतिशत नंबर से हुआ था उतीर्ण, लाॅक डाउन में माेबाइल पर खेलने लगा था गेम

 पीड़ित पिता ने बताया कि कृतिक वर्ष 2019 में आर्मी स्कूल से ही मैट्रिक का परीक्षा पास किया था। 10वीं कक्षा तक वह पढ़ने में काफी अच्छा था। मैट्रिक में उसे 70 प्रतिशत नंबर मिला था। लाॅक डाउन में उसे माेबाइल का आदत पड़ गया था। लाॅक डाउन के बाद से वह बिना माेबाइल किसी भी समय रहता ही नहीं था। माेबाइल के चक्कर में उसने पढ़ाई ताे दूर खाना तक समय पर बंद कर दिया था। ऑफलाईन क्लास हाेने के बाद भी वह स्कूल जाना पसंद नहीं करता था। समय के साथ-साथ उसका आदत खराब हाेता गया। काफी देर तक माेबाइल इस्तेमाल करता देख मां ने डांटी ताे अचानक वह घर से निकलकर चला गया जिसके बाद हादसा हुआ। 

 आर्मी से 7 वर्ष पहले रिटायर्ड हुए थे पीड़ित पिता, 2 भाईयाें में छाेटा था मृतक

 पीड़ित पिता रामकिशाेर गुप्ता वर्ष 2014 में आर्मी से रिटायर्ड हुए थे। नाैकरी से रिटायर्ड हाेने के बाद वे अपने परिवार और बच्चाें के साथ खेलगांव के खटंगा में घर बनाकर रहने लगे थे। रामकिशाेर गुप्ता मूल रूप से बुंडू थाना क्षेत्र के कांची के रहने वाले हैं। मृतक कृतिक गुप्ता दाे भाईयाें में छाेटा था। बड़ा भाई हार्दिक गुप्ता भी पढ़ाई कर रहा है और प्रतियाेगी परीक्षाओ का तैयारी करता है।

Wednesday, November 10, 2021

झारखंड की जेलों के भीतर भी गूंज रहे हैं छठ के गीत, 80 से ज्यादा कैदी कर रहे हैं छठ व्रत


 रांची। 

झारखंड में जेलों की चाहरदीवारी के भीतर भी छठ के गीत गूंज रहे हैं। राज्य की अलग-अलग जेलों में इस वर्ष 80 से ज्यादा कैदी छठ व्रत कर रहे हैं। जेलों में प्रशासन ने इन सभी के लिए फल-फूल, प्रसाद, सूप-दौरी, नये वस्त्र पूजन सामग्री का इंतजाम किया है।सूर्य देवता को अघ्र्य देने के लिए जेलों के अंदर ही अस्थायी तालाब या कृत्रिम जलाशय बनवाये गये हैं। छठ पर तीन दिनों का निर्जला उपवास करनेवाले बंदियों में एक दर्जन ऐसे हैं, जो हत्या जैसे अपराधों के लिए सजा काट रहे हैं। छोटे-बड़े अपराधों के चलते जेल पहुंचे कैदी अपने गुनाहों के लिए छठ माता से क्षमा मांगेंगे। झारखंड की सबसे पुरानी ऐतिहासिक हजारीबाग स्थित जयप्रकाश केंद्रीय कारागार के अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने बताया कि इस वर्ष 34 कैदी छठ व्रत कर रहे हैं। इनमें महिला पुरुष दोनों हैं। मंगलवार को पूरे दिन उपवास के बाद व्रती शाम में खरना करेंगे। खरना प्रसाद के लिए खीर-रोटी बनायी जा रही है। बुधवार को जेल में ही बने तालाब पर शाम का अघ्र्य गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अघ्र्य दिया जायेगा। छठ घाट पर विशेष सजावट भी की गयी है। विशेष प्रसाद ठेकुआ बनाने में व्रतियों के साथ-साथ कई अन्य कैदी सहयोग कर रहे हैं। पिछले साल यहां 26 कैदियों ने छठ पर उपवास किया था। इस बार 34 कैदियों ने छठ व्रत के लिए आवेदन किया। जेल प्रशासन ने सभी को मंजूरी देते हुए उनके लिए सभी जरूरी व्यवस्था उपलब्ध करायी है। सोमवार को नहाय-खाय के साथ ही चाहरदीवारी के भीतर छठ गीत गूंजने लगे थे। जेल अधीक्षक के अनुसार, व्रत को लेकर सामान्य कैदी भी उत्साहित हैं वे इसके लिए हर तरह की व्यवस्था में हाथ बंटा रहे हैं। पलामू स्थित मेदिनीनगर सेंट्रल जेल में भी 20 कैदी छठ व्रत पर उपासना में जुटे हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं, जो नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं जेल लाये जाने के पहले पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड हुआ करते थे। यहां भी अघ्र्य के लिए टंकी बनायी गयी है। जेल प्रशासन के सहयोग से साफ-सफाई से सजावट तक की व्यवस्था कैदियों ने ही की है। इसी तरह रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में कुल 10 कैदी व्रत कर रहे हैं। जेलर हामिद अख्तर ने बताया कि इनमें 9 महिलाएं एक पुरुष है। जमशेदपुर स्थित घाघीडीह सेंट्रल जेल में आधा दर्जन कैदी धनबाद मंडल कारा में सात कैदी छठ की उपासना में जुटे हैं। धनबाद मंडल कारा केछठ व्रतियों में चार पुरुष तीन महिलाएं हैं। दुमका, कोडरमा सहित राज्य की अन्य कई जेलों में व्रत करनेवाले कैदियों के लिए जेल प्रशासन की तरफ से जरूरी व्यवस्थाएं की गयी हैं।

पाकिस्तान की जीत के बाद जम्मू-कश्मीर में मेडिकल छात्रों की डिग्री 'रद्द' नहीं की गई




सोशल मीडिया पर बुर्का पहने महिलाओं को दिखाने वाली एक समूह तस्वीर को इस दावे के साथ बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है कि यह श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के छात्रों को दिखाती है, जिन्हें उनकी डिग्री से वंचित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए थे।

तस्वीर का पता कम से कम 2017 से लगाया जा सकता है, और यह उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की है, न कि जम्मू-कश्मीर की।

उत्तर प्रदेश के एक कॉलेज की तस्वीर का इस्तेमाल झूठा दावा करने के लिए किया गया था कि श्रीनगर में 100 मेडिकल छात्रों की डिग्री "रद्द" कर दी गई थी, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए थे।



सोशल मीडिया पर बुर्का पहने महिलाओं को दिखाने वाली एक समूह तस्वीर को इस दावे के साथ बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है कि यह श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के छात्रों को दिखाती है, जिन्हें उनकी डिग्री से वंचित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए थे।

तस्वीर भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप मैच की पृष्ठभूमि में साझा की जा रही है, जिसमें पाकिस्तान ने 10 विकेट से जीत दर्ज की थी।
लेकिन, हमने पाया कि इस तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा झूठा है। सबसे पहले, तस्वीर का पता कम से कम 2017 से लगाया जा सकता है, और यह उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की है, न कि जम्मू-कश्मीर की।

दूसरा, हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें कहा गया हो कि 100 मेडिकल छात्रों की डिग्री रद्द कर दी गई थी।

Tuesday, November 9, 2021

16 नवंबर से 28 दिसंबर तक 'आपके अधिकार - आपकी सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का आयोजन




झारखंड राज्य स्थापना दिवस को लेकर आज समाहरणालय के सभागार में डीडीसी श्री दशरथ चंद्र दास की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

झारखंड स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर शहर के प्रमुख चौक चौराहों व सर्किट हाउस से लेकर लुबी सर्कुलर रोड पर आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की जाएगी। बैंक मोड़ स्थित बिरसा मुंडा चौक पर स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।

डीडीसी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 16 नवंबर से 28 दिसंबर तक जिले में *आपके अधिकार - आपकी सरकार आपके द्वार* कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रतिदिन चार से पांच पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

शिविर में नागरिकों को राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत नया राशन कार्ड स्वीकृत करने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। अयोग्य राशन कार्ड धारियों को अपना कार्ड सरेंडर करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। राशन कार्ड में त्रुटि का सुधार और डीलर के विरुद्ध शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।

साथ ही पेंशन के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच कर उसकी स्वीकृति करके लाभान्वित को स्वीकृति पत्र उपलब्ध कराया जाएगा तथा पेंशन प्राप्त करने में आ रही समस्या का निराकरण किया जाएगा। झारखंड लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए प्राथमिकता के आधार पर जॉब कार्ड बनाना, मनरेगा के तहत नए जॉब कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त करना, मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संख्या में योजनाएं स्वीकृत करना, हड़िया बिक्री में संलग्न महिलाओं की पहचान कर उन्हें फुलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत वैकल्पिक रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि शिविर में धोती साड़ी और कंबल का वितरण किया जाएगा। असंगठित श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर निबंधन, लंबित दाखिल खारिज वादों तथा भू-मापी के लंबित मामलों का निष्पादन, निर्विवादित मामलों में लगान रसीद निर्गत करना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना एवं रोजगार सृजन योजना के आवेदन सृजित किए जाएंगे। 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि से जन उपयोगी योजनाओं की स्वीकृति, कृषि ऋण माफी तथा किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त करना, ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, कोविड वैक्सीनेशन की सुविधा सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपने-अपने विभागों की तैयारियां शुरू करने को कहा।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री दशरथ चंद्र दास, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर डॉ कुमार ताराचंद, निदेशक डीआरडीए श्री मुमताज अली, डीएफओ श्री विमल लकड़ा, निदेशक एनईपी श्रीमती इंदू रानी, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री ओम प्रकाश यादव, जिला योजना पदाधिकारी श्री महेश भगत, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री भोगेंद्र ठाकुर, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री सुशांत मुखर्जी, सिविल सर्जन डॉ एसके कांत, श्रम अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार, डीएसडब्ल्यूओ श्रीमती स्नेह कश्यप, डीपीआरओ ईशा खंडेलवाल सहित सभी विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

गिरिडीह में उसरी नदी में डूब जाने से 4 बच्चों की हुई मौत





गिरिडीह।

 गिरिडीह शहरी इलाके से दो किलोमीटर दूर मंगरोडीह गांव में मंगलवार को हुई दर्दनाक घटना में एक साथ दो परिवार के चार बच्चांे की मौत उसरी नदी में डूबने से हो गई। चारों बच्चे आपस में एक ही गोतिया के बताए जा रहे है। घटना मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे की है। जब खरना पूजा के लिए गांव की महिलाएं नदी स्नान और प्रसाद लाने गांव से आधा किलोमीटर दूर उसरी नदी गई हुई थी। इस दौरान महिलाओं के साथ गांव के मदन सिंह की 10 साल की बेटी सुहाना कुमारी, टिंकू सिंह की बेटी सोनाक्षी कुमारी, श्याम सिंह की नतिनी दीक्षा कुमारी और महेश सिंह का 12 साल का बेटा मुन्ना कुमार भी नहाने गया हुआ था। नहाने के कर्म में पांचों बच्चे नदी के गहरे पानी में चले गए।


इस दौरान महिलाएं वापस तो लौट गई। लेकिन नदी में डूबे बच्चो की कोई जानकारी परिजनों को नही मिल पाई। इस दौरान नदी से लौटे एक बच्चे ने घटना की जानकारी गांव वालों को दी। जिसके बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। जिसे जानकारी मिली वही नदी की ओर दौड़ पड़ा। नदी तट पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद पहले दो बच्चों को गहरे पानी से निकाला और शहर के नर्सिंग होम ले गए। जहां दोनांे को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं नदी में डुबे ओर दो बच्चे को भी बाहर निकाला गया। तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार गांव के ही श्याम सिंह की नतिनी दीक्षा भी पर्व मानने नाना घर आई हुई थी।


घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर एसडीपीओ अनिल सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार उसरी नदी तट पर जिस स्थान पर घटना हुई। वहां ग्रामीणों द्वार पूजा और अर्घ्य देने के लिए घाट भी तैयार किया जा रहा था।

पूर्ण श्रद्धा आस्था विश्वास शुद्धता व पवित्रता से सराबोर है महापर्व छठ पूजा,छठी मईया की जय





रांची।

मुख्यतः बिहार राज्य से प्रारंभ हुआ सूर्योपासना का यह महापर्व छठ पूजा अब सम्पूर्ण भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मनाया जाने लगा है। झारखण्ड के सभी चौबीस जिलों में यह पर्व पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
जहां बीते साल संक्रमण के दौर में इस पर्व को घरों में ही मनाने की अपील की गई थी।इस वर्ष महामारी में कमी देख यह पर्व मनाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी स्वाभाविक ही है।
 देश देशान्तर में सनातन धर्म संस्कृति के विस्तार के साथ ही साथ छठी मईया की जय जयकार चहुंओर होने लगी है।इस महापर्व के प्रति आस्था,शुद्धता,पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

 दिवाली के छठवें दिन कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को छठ पूजा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से चार दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य व उदयीमान सूर्य को अर्घ्य प्रमुख हैं।
छठ पूजा के लिए मान्यता है कि जो भी पति-पत्नी पूरे श्रद्धा भाव से छठ माता का पूजन करते हैं उनका स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है और निःसंतान दम्पत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है।  


इस साल छठ पूजा और इसका क्या महत्व है:

छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देव को समर्पित पर्व है। यह चार दिनों तक चलता है जिसमें इसका आरम्भ नहाय खाय से होता है। इस साल यह पर्व 8 नवंबर, सोमवार से आरंभ हुआ है।

नहाय खाय से छठ पूजा का प्रारंभ- 08 नवंबर 2021, सोमवार

खरना- 09 नवंबर 2021,मंगलवार

छठ पूजा संध्या अर्घ्य -10 नंवबर 2021, बुधवार

छठ पूजा समापन- 11 नवंबर 2021, गुरुवार, उगते हुए सूर्य को अर्घ्य

नहाय खाय
छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय के रूप में जाना जाता है। इस दिन पूरा परिवार एक पारंपरिक भोजन तैयार करता है और दोपहर में इसे भोग के रूप में परोसता है, इस तैयार भोजन को परिवार के सभी लोग मिल जुलकर ग्रहण करते हैं।

छठ पूजा का महत्व

छठ माता का व्रत सूर्य देव, ऊषा , प्रकृति, जल और वायु को समर्पित होता है। मान्यतानुसार इस व्रत को श्रद्धा और विश्वास से करने से निःसंतान दम्पत्तियों को भी संतान सुख की प्राप्ति होती है। बताया जाता है कि छठ व्रत अपने संतान की रक्षा और उनके उज्जवल भविष्य और जीवन में खुशहाली लाने के लिए किया जाता है। इस व्रत को श्रद्धा पूर्वक करने से संतान सुख में वृद्धि के साथ उसे प्रत्येक क्षेत्र में सफलता भी मिलती है। इस प्रकार छठ माता का व्रत भक्तों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।


छठ पूजा की कथा

प्राचीन कथा के अनुसार प्रियंवद नाम का एक राजा था और उनकी पत्नी मालिनी थीं। शादी के कई सालों बाद भी जब प्रियंवद को संतान की प्राप्ति नहीं हुई तब वह बहुत दुखी रहने लगे। उन्होंने संतान प्राप्ति के लिए महर्षि कश्यप से विचार-विमर्श कर यज्ञ करवाने का निश्चय किया। तब यज्ञ की आहुति की खीर महर्षि कश्यप ने राजा प्रियंवद की पत्नी को दी और उसी के प्रभाव से उन्हें संतान के रूप में पुत्र की प्राप्ति हुई, लेकिन वह पुत्र मरा हुआ पैदा हुआ। पुत्र वियोग में जब राजा ने अपने प्राण त्यागने का निश्चय किया तो ब्रह्मा जी की मानस पुत्री देवसेना वहां पर प्रकट हुई और उन्हें पुत्र को जीवित करने के लिए छठ व्रत करने को कहा। इस व्रत के प्रभाव से राजा प्रियंवद का पुत्र जीवित हो गया। तब से छठ पूजा बड़े ही धूमधाम से पूर्ण अस्थापूर्वक निष्ठा के साथ पूरे देश में मनाई जाती है।

इस प्रकार छठ पूजा का हिंदुओं में विशेष महत्व है और इन चार दिनों में छठ माता की पूजा विधि विधान से की जानी चाहिए।

8वीं की छात्रा ने ड्राइवर से भागकर की शादी, ससुराल पहुंची तो 8 बच्चों का निकला बाप



 गोड्डा.



8वीं क्लास की छात्रा को पड़ोस में रह रहे एक ड्राइवर से प्यार हो गया। प्यार भी इस कदर हुआ कि बिना घरवालों को बताये बिना गोड्डा के देवदाड़ की रहने वाली तरबानो खातून ने करमाटांड़ बरमुंडी के रहने वाले मुस्तकिम से जनवरी 2021 में कोर्ट मैरिज भी कर लिया। जब वह ससुराल पहुंची, तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। लड़का पहले से ही शादीशुदा था और 8 बच्चों का बाप था। तरबानो ने बताया कि स्कूल आने-जाने के दौरान ही साल भर पहले उसकी मुलाकात गोड्डा में मुस्तकिम से हुई थी। 

पंचायत में ₹50,000 देकर हुआ था तलाक 

ससुराल में बात-बात पर ही झगड़े होते थे। तीन महीने बाद बात तलाक तक पहुंच गई। । इस बात को ले दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। ₹50,000 देने की बात पर दोनों पक्षों में रजामंदी हो गई। लेकिन लड़की के पिता को पैसा नहीं मिले और फिर भी वे अपनी बेटी को अपने घर ले गए। उन्होने कहा जिंदगी तो बेकार हो ही गई, अब झगड़े का क्या फायदा।


तरबानों को प्रताड़ित करने ससुराल वालों ने कोई कसर नही छोड़ी। तरबानों का कहना है कि उसे मारा-पीटा, सिर मुंडवा दिए। दिन-रात कभी भी करेंट लगा देते, ताकि किसी तरह तड़प कर वह मर जाए। चीखती-चिल्लाती तो लोग करेंट हटा देते। तरबानो की आंखों की पुतली के बाल तक नोंच डाले। प्रताड़ना से वह इस कदर परेशान हो गई कि मौका पाकर सोमवार की सुबह दोबारा से घर से भाग निकली। किसी तरह करमाटांड़ बाजार पहुंची और यहां मौजूद कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ गई। पूछताछ के दौरान उसने सब कुछ बताया। 

फिर होने लगी बातचीत 
तरबानो ने थाने मे बताया कि मुस्तकिम अंसारी फिर से 7 महीने के बाद उसके साथ फिर बातचीत करने लगा। एक दिन वह अपनी बाइक लेकर आया और अपने साथ अच्छी तरह रखने का झांसा देकर फिर से अपने घर ले आया। उसकी सौतन और पति उसे प्रताड़ित लगे । इस संबंध में थाना प्रभारी रोशन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है।
लड़की को थाना लाया गया है। लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिक दर्ज की जाएगी। लड़की के पिता को भी इत्तला कर दिया गया है। मामले के किसी भी दोषी को बख्सा नहीं जाएगा। पीड़िता के पिता के यहां पहुंचते ही पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर देगी।

Monday, November 8, 2021

119 Padma Awards presented by President Ram Nath Kovind this year





119 Padma Awards  presented by President Ram Nath Kovind this year

The list comprises 7 Padma Vibhushan, 10 Padma Bhushan and 102 Padma Shri Awards. 29 of the awardees are women, 16 Posthumous awardees and 1 transgender awardee. 





 


  


आस्था के महापर्व छठ में कुमारधुबी के बच्चों ने किया अनोखा पहल, लोगों ने की सराहना




धनबाद।

धनबाद के कुमारधुबी बाघाकुड़ी के बच्चों ने छठ महापर्व पर  एक अनोखी पहल करते हुए अपने अपने गुल्लक में जमा की गई राशि से कद्दू खरीदकर छठ व्रतधारियों के बीच कद्दू का वितरण किया। 
जिसे देखकर लोगों ने इस पवित्र कार्य की काफी सराहना की। बच्चों ने बताया कि उन्हें अचानक मन मे ख्याल आया कि छठ महापर्व में कुछ किया जाय। वे अपने-अपने गुल्लक को तोड़कर छ: हजार रुपये निकाले। जिससे उनलोगों ने बाजार से 2 क्विंटल कद्दू खरीद कर छठ व्रतधारियों के बीच वितरण किया।इस अवसर पर बच्चों में अमन गुप्ता, गोपी य इरफान अहमद खान, बबली वर्मा, अजय सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

बैंक मैनेजर ने ही जुए में उड़ा दिए ग्राहकों के 1 करोड़, इस तरह पकड़ी गई चोरी





शिमला.

हिमाचल प्रदेश  में बैंक फ्राड का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां धोखाधड़ी करने वाला आरोपी कोई और नहीं बल्कि खुद बैंक का मैनेजर था. जो ग्राहकों के खाते से पैसे निकालकर आनलाइन जुआ खेलता था. कुल्लू के एक बैंक की दोहरानाला शाखा के मैनेजर पर हेराफेरी का आरोप लगा है. मैनेजर जुए में जीतने पर उपभोक्ता के खाते में उतनी रकम जमा करा देता था, जितनी उसने निकाली होती थी.  

ऐसे खातों पर रहती थी नजर:

मॉडस ऑपरेंडी यानी इस बैंक मैनेजर के अपराध करने के तरीके की बात करें तो ये बैंक अधिकारी उन ग्राहकों के खातों को निशाना बनाता था. जो बैंक में साल में दो-चार बार ही आते थे या फिर जिन्होंने बैंक से एसएमएस अलर्ट  की सुविधा नहीं ले रखी थी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी साल अभी तक बैंक में 35.75 लाख के गबन की बात सामने आ चुकी है.

एक करोड़ से ज्यादा का खेल:

आरोपी मैनेजर ने इस तरह करीब एक करोड़ रुपये का गड़बड़झाला किया है. बैंक फ्रॉड मामले की जांच बैंक की एक टीम कर रही है. फिलहाल आरोपी मैनेजर को सस्पेंड कर दिया गया है. इस घपले की बात सामने आने के बाद बाकी खाता धारक भी अपनी पासबुक अपडेट करवाने बैंक पहुंच रहे हैं.कहा जा रहा है कि घपले की कुल रकम का पता तब चल पाएगा जब सभी उपभोक्ताओं की पासबुक अपडेट हो जाएगी.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...