Saturday, January 9, 2021

झारखंड के शिक्षा सचिव का आदेश:स्कूलों में बढ़ रही है मनमानी, इसे रोकने के लिए अधिकारी विद्यालयों का करें निरीक्षण



अब जिले के शिक्षा पदाधिकारियों को अपने दफ्तर की कुर्सियों को छोड़ स्कूल के दरवाजे पर पहुंचना होगा। वहां की व्यवस्था और कार्यशैली की रिपोर्ट अपने उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट देनी होगी। शिक्षा सचिव राहुल शर्मा ने इस संबंध में सभी जिले के अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।

शिक्षा सचिव ने अपने निर्देश में कहा है कि स्कूलों और ऑफिसेज में नियमित निरीक्षण नहीं होने के कारण स्कूलों व ऑफिसेज में मनमानी (स्वेच्छाचारिता) की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति को रोकने के लिए जरूरी है स्कूलों को नियमित निरीक्षण करते रना। इसे रोकने के लिए RDDE हर महीने 10 और DSE 20 विद्यालयों का करें निरीक्षण करने का निर्देश शिक्षा सचिव ने दिया है।

RDDE को पुस्तकालयों का भी करना होगा निरीक्षण
जारी आदेश के तहत क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDDE) अपने अधीनस्थ जिलों में प्रत्येक माह दस कार्य दिवसों में कम से कम 20 स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। साथ ही, माह में कम से कम एक बार पुस्तकालयों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों तथा जिला शिक्षा अधीक्षक के कार्यालयों का भी निरीक्षण करेंगे। इसी तरह, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) तथा जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) सात कार्य दिवसों में कम से कम 20 स्कूलों तथा माह मे कम से कम एक बार अपने अधीनस्थ कार्यालयों का निरीक्षण करेंगे।

DSE से लेकर BEEO तक की तय हुई जिम्मेदारी
इसी तरह, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी माह में कम से कम 20 स्कूलों और एक बीआरसी तथा सीआरसी का निरीक्षण करना होगा। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) 15 कार्य दिवसों में अपने प्रखंड के 30 स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। विभाग ने बाकायदा निरीक्षण का नया फॉरमेट दिया है, जिसमें स्कूल से संबंधित पूरा ब्योरा के अलावा उपलब्ध राशि, योजनाओं की स्थिति आदि की जानकारी देनी है। सभी रिपोर्ट निर्धारित माध्यमों से होते हुए विभाग को भेजी जाएगी।

बेहतर करने वाले शिक्षक होंगे सम्मानित
अधिकारी निरीक्षण के क्रम में यह भी देखेंगे कि शिक्षा विभाग की ओर से तैयार पाठ्यचर्या (सिलेबस) के तहत बच्चों को पढ़ा रहे हैं या नहीं। वैसे शिक्षक या कर्मी जिनके कारण बच्चों की शिक्षा में काफी सुधार हुआ है, उनका भी जिक्र रिपोर्ट में करने को कहा गया है। विभाग द्वारा ऐसे शिक्षकों एवं कर्मियों को प्रशस्तिपत्र दिए जाएंगे। विभाग ने पिछले माह जून से अबतक किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट भी मांगी है। साथ ही, पिछले तीन वर्षों की वार्षिक परीक्षा के परिणाम की भी जानकारी मांगी गई है।

अनुपस्थित रहने वालों पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण में यह भी देखा जाएगा कि कौन शिक्षक या कर्मी कब अनुपस्थित रहे हैं। रिपोर्ट में इसकी भी जानकारी मांगी गई है। साथ ही, विद्यालय में उपलब्ध जमीन, लैब, लाइब्रेरी आदि का भी ब्योरा देने को कहा गया है। शिक्षा सचिव राहुल शर्मा द्वारा इसे लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि पदाधिकारी निरीक्षण के क्रम में स्कूलों में कम से कम एक क्लास भी लेंगे, जो 40 मिनट का होगा।

Wednesday, January 6, 2021

झारखंड में मुर्गे के व्‍यापार पर कड़ी नजर, बर्ड फ्लू का बढ़ा खौफ; जमशेदपुर में 4 कौवों की मौत

*बर्ड फ्लू अलर्ट*



झारखंड के जमशेदपुर में 4 कौवों की मौत के बाद मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा है कि बर्ड फ्लू के चलते राज्‍य में अतिरिक्‍त एहतियात बरता जा रहा है। झारखंड को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि वृहत पैमाने पर समीक्षा के उपरांत और भी सुरक्षात्‍मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल सीमा सील करने जैसी स्थिति नहीं है। सभी जिला उपायुक्तों को पैनी निगाह रखने का निर्देश दिया गया है।

कोरोनावायरस संक्रमण का खतरा अभी खत्म भी नहीं हुआ कि देश के कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने लगे हैं। इसे लेकर जहां राजस्थान, मध्य प्रदेश व कई अन्य राज्यों के लोग चिंता में हैं। वहीं, झारखंड के लोगों में भी दहशत का माहौल है। हालांकि इन राज्यों में बर्ड फ्लू के मामलों को देखते हुए एहतियात के तौर पर झारखंड में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पशुपालन विभाग ने राज्य के सभी उपायुक्तों को केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी भेज दी है। साथ ही तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि किसी भी पक्षी की अस्वाभाविक मृत्यु होने पर तत्काल इसकी सूचना पशुधन सेवाएं विभाग और अन्य अधिकारियों को दी जाए।
इसके अलावा पक्षी के बिसरे को जांच के लिए लैब भेजे जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। आपको बता दें कि अभी तक राज्य में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन फौरी कदम उठाते हुए अलर्ट जारी किया गया है। इधर, पशुपालन निदेशक नैंसी सहाय के स्तर से पशुपालन पदाधिकारियों के अलावा होटवार, रांची और बोकारो कुक्कुट प्रक्षेत्र के सहायक निदेशक को भी इस संदर्भ में पत्र भेजा गया है। निर्देश दिया गया है कि बर्ड फ्लू के सैंपल एवियन इन्फ्लूएंजा के वार्षिक एक्शन प्लान 2020-21 में दिए गए लक्ष्यों के अनुरूप भेजना सुनिश्चित करें।तत्काल प्रभाव से रैपिड रेस्पांस टीम के गठन के निर्देश के साथ ही पीपीई किट, आवश्यक कैमिकल और जेसीबी मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश भी पशुपालन पदाधिकारियों को दिया गया है। जिलों से बर्ड फ्लू की खैरियत रिपोर्ट का मासिक प्रतिवेदन भी मांगा गया है। इधर, जिलों से पक्षियोंं के आ रहे सैंपलों की जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिलों से आए करीब 700 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
जमशेदपुर में चार कौवों की मौत, कृषि मंत्री ने दिया जांच का निर्देश

देशभर में बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच बुधवार को झारखंड के जमशेदपुर में चार कौवों की मौत हो गई। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल ने जमशेदपुर में हुई कौवों की मौत की जांच के निर्देश पशुपालन सचिव को दिए हैं। बादल ने कहा कि टास्क फोर्स की टीम घटनास्थल पर गई थी। जिला पशुपालन पदाधिकारी ने जानकारी दी है कि चार कौवों की मौत हुई है, जिसे रांची स्थित एलआरएस लैब में लाया जा रहा है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि बर्ड फ्लू से मौत हुई है या नहीं।

एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी, पशुपालन पदाधिकारियों को निगरानी बढ़ाने का निर्देश

वैसे एहतियात के तौर पर राज्य स्तर पर अलर्ट जारी कर दिए गए हैं। दो दिन पहले ही पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि एहतियात बरती जाए। बादल ने कहा कि जिला पशुपालन पदाधिकारियों को सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। पशुपालन पदाधिकारियों से प्रतिदिन खैरियत रिपोर्ट निदेशक, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान रांची को भेजने का निर्देश दिया गया है।

*पशुपालन विभाग ने जारी किए निर्देश*

झारखंड में सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी जाए। आरआरटी टीम का करें गठन। पीपीई किट, जरूरी कैमिकल और जेसीबी मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करें। जिला पशुपालन पदाधिकारी अपने स्तर से प्रतिदिन खैरियत प्रतिवेदन, निदेशक पशु, स्वास्थ्य एवं उत्पादकता संस्थान कांके भेजना सुनिश्चत करें। झारखंड के सभी जिलों से प्रत्येक माह बर्ड फ्लू का नमूना निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादकता संस्थान को भेजना सुनिश्चित किया जाए।



चुआंड़ी डाड़ी का दूषित पानी पीने को विवश हैं करूंजवा और उबका के ग्रामीण

सामाजिक कार्यकर्ता अयुब खान ने लाधुप के करूंजवा और उबका का किया दौरा




लातेहार। चंदवा में लाधुप पंचायत के ग्राम आरा की टोला करूंजवा और उबका का सामाजिक कार्यकर्ता अयुब खान और अजीज अंसारी ने दौरा किया।उन्होंने  कहा कि करूंजवा टोले में करीब चालीस घरों की दो सौ संख्या वाले इस टोले में आदिवासी दलित परिवार निवास करते हैं, इस टोले में एक भी चापानल और कुआं नहीं है। बताया कि इस टोला के लोग खेत में बनी डाड़ी के दूषित पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं, बरसात के समय बारिश और खेतों का पानी डाड़ी में प्रवेश कर जाता है, जिससे इसका पानी गंदा और दूषित हो जाता है। श्री खान ने कहा कि इसी दूषित जल का सेवन करने को यहां के लोग विवश हैं, दूषित पानी भी दूर से ढोकर लाना पड़ता है, इससे महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है, वार्ड सदस्य कृष्णा गंझु और ग्रामीण फूलचंद गंझु, उमेश मुंडा, प्रमोद गंझु, कुलदीप गंझु, बुधन गंझु, बराईन मुंडा, पूरन मुंडा, बिलेन्द्र मुंडा ने बताया कि इस टोले में सबसे अधिक परेशानी पानी के लिए महिलाओं को हो रही है, महिलाएं डाड़ी से दूषित पानी का सेवन कर बिमार हो जाते हैं।वहीं टोले से दूर खेत और झाड़ी में चुआंड़ी रहने के कारण शाम को महिलाएं डाड़ी से पानी लाने नहीं जा पाती हैं, इससे पानी के बिना कभी कभी जैसे तैसे गुजारा करना पड़ रहा है। उबका के उमेश तुरी, पांड़ू मुंडा, देवंती देवी, रमेश तुरी, पूनम देवी, रामजीत मुंडा, तेतरा मुंडा व अन्य ने कहा कि यहां बीस घरों की आबादी वाले इस टोले में एससी एसटी परिवार निवास करते हैं, यहां नदी के सामने एक चुआंड़ी बनाकर दूषित पानी पीने को मजबुर हैं, यहां न चापानल है और न ही कुआं इससे पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है,
अयुब खान ने कहा कि करूजवा, जावाखाड़, उबका, बेलटांड़ मे पानी समस्या से उपायुक्त और बीडीओ को अवगत करा दिया गया है, करूंजवा और उबका में चापानल जलमीनार लगाकर पानी समस्या दूर करने की मांग उपायुक्त अबु इमरान और बीडीओ गनेश रजक से की गई है।

Tuesday, January 5, 2021

रांची:48 घंटे बाद भी रांची पुलिस के हाथ खाली, SSP के ईनाम की राशि को IG ने किया दोगुना

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रांची के ओरमांझी में युवती की हत्या मामले की तफ्तीश करने के लिए IG अखिलेश झा व कई अन्य वरीय अधिकारी मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचे। वह खुद जवानों के साथ हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटे हैं। लेकिन शव मिले 48 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

इस बीच अब शव की पहचान बताने के लिए ईनाम की राशि को दोगुना कर दिया गया है। रांची के SSP ने 25 हजार रुपए की घोषणा की थी। IG अखिलेश झा ने युवती के शव की पहचान करने और उसकी हत्या में शामिल अपराधियों का सुराग देने वालों को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। युवती का शव ओरमांझी थाना क्षेत्र स्थित साईनाथ यूनिवर्सिटी के पीछे जीराबार टोले में परसागढ़ के पलाश की झाड़ी से बरामद हुआ था।राँची

इधर सदर थाना क्षेत्र स्थित चेशायर होम रोड की महिला ने युवती के शव को अपनी बेटी बताया है. महिला ने कहा है कि उसकी बेटी पिछले तीन महीने से गायब है। इसको लेकर महिला ने सदर थाने में गुमशुदगी का मामला भी दर्ज करवाया था।पुलिस महिला के दावे की जांच कर रही है।जरूरत पड़ने पर महिला का डीएनए टेस्ट भी करवाया जा सकता है।

मुख्य मंत्री के काफिले पर हमले को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी



राँची।
सोमवार को हरमू रोड में सीएम के काफिले को रोकने की कोशिश और सड़क पर हंगामा कर करने वालों पर एसएसपी सुरेन्द्र कुमार झा ने बड़ी कार्रवाई की है।एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने अलग अलग थाना क्षेत्र से करीब दर्जनों लोगों को हिरासत में लेकर पुछताछ कर रही है।अन्य की धड़पकड़ जारी है।एसएसपी श्री झा ने बताया कि जिसने भी कानून व्यवस्था को भंग करने की कोशिश की है।सबकी पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।जो भी लोग शामिल हैं उसकी पहचान की जा रही है।उन्होंने बताये की वीडियो फुटेज एवं अन्य स्रोतों से सबकी शिनाख्त की जा रही है।एसएसपी ने ओरमांझी की घटना के सम्बंध में बताये की पुलिस की कई टीमें लगी है।रात दिन उस घटना पर काम हो रही है।वो स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।वहीं उन्होंने लोगों से भी अपील की है किसी प्रकार युवती के बारे में जानकारी मिले या हो उसे पुलिस को सूचना दें।सूचना देने वालों की पहचान पता सब गुप्त रखी जायेगी ।

Monday, January 4, 2021

सरायकेला:26 वर्षीय फार्मेसी छात्र ने की आत्महत्या,जांच में जुटी पुलिस




सरायकेला में एक युवक ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं, पुलिस को सूचना मिलने के बाद जांच में जुट गई है. साथ ही आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है.

सरायकेला: जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत साल्डीह बस्ती निवासी 26 वर्षीय देवाशीष पॉल ने अपने घर में आत्महत्या कर ली. मृतक ग्वालियर में फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था. इधर घटना की सूचना होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया.

जानकारी के अनुसार मृत युवक रात में अपने कमरे में सोने गया था. इस बीच सुबह जब परिजनों को जानकारी हुई, तो इसकी सूचना आदित्यपुर पुलिस को को दी गई. हालांकि आत्महत्या किए जाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है. बता दें कि 6 महीने पूर्व ही शादी हुई थी. वहीं, मृतक के पिता डॉ अंकुर ग्रामीण चिकित्सक के रूप में क्षेत्र में विख्यात हैं.

सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जलापूर्ति में पीएचईडी फेल, जलमीनार खराब होने से चिलदिरी गांव में बढ़ी पानी की किल्लत





सामाजिक कार्यकर्ता अयुब खान ने किया किया गांव का दौरा

पानी समेत कई समस्याओं की ली जानकारी

आज तक गांव में न पंचायत सेवक पहुंचा है और न ही राजस्व कर्मचारी

उपायुक्त और बीडीओ से की सामाधान की मांग।


लातेहार। सामाजिक कार्यकर्ता अयुब खान, अजीज अंसारी ने चंदवा के बरवाटोली पंचायत के चिलदीरी गांव का दौरा किया।उन्होंने कहा कि चिलदिरी गांव में जल नल योजना के तहत लगे जलमीनार करीब आठ माह से खराब पड़ा है, पानी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं, इससे महिलाएं पानी के लिए काफी परेशान हो रहे हैं, ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने के लिए भले ही कई तरह की नल - जल योजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन पीएचडी विभाग नलजल योजना के संचालन में विफल साबित हो रही हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है, पेयजल योजना ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है, ग्रामीणों को पानी के लिए दूरी तय करनी पड़ रही है, गांवों के ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, अब्राहम बागे, पवल बागे, एनोन बागे, आसियान भागे, जुरसेन बागे, सरोज बागे, मेरी बागे, नुतन टोपनो, सुशील बागे, अनील सुरीन, जुनुल सुरीन, टुनूर बागे ने बताया कि यहां करीब पंद्रह घर आदिवासी परिवार निवास करते हैं, पानी की समस्या गंभीर है। जलमीनार खराब हो जाने से खेत की कुआं के दूषित पानी जिसमे कीड़े हैं उस पानी को कई बार छानकर पी रहे हैं, कीड़ेयुक्त पानी पीकर आदिवासी परिवार अपनी प्यास बुझा रहे हैं, बच्चे इस पानी को पीकर उल्टियां कर देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गांव के लोग तकरीबन आठ माह से कुआं के दुषित पानी का सेवन कर रहे हैं, जलमीनार आठ नौ माह से खराब पड़ी है, प्यास बुझाने के लिए दुषित पानी पीना पड़ रहा है, आज तक इस गांव में पंचायत सेवक और राजस्व कर्मचारी एक बार भी गांव नहीं आए हैं, इस गांव में एक भी चापानल नहीं है, पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, इस गांव में बिजली भी अभी तक नहीं पहुंची है, ढीबरी लालटेन युग में ग्रामीण जी रहे हैं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त अबु इमरान और बीडीओ से चिलदिरी गांव में पानी बिजली समस्या दूर करने की मांग की है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...