Tuesday, October 15, 2019

Teaser of Cargo, India’s first ever spaceship sci-fi film starring Vikrant Massey and Shweta Tripathi




Mumbai
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_The film Cargo has been produced by Haraamkhor famed director, Shlok Sharma, Anurag Kashyap and others_

India’s first ever homegrown sci-fi spaceship film - Cargo, directed by Arati Kadav is making waves ever since its first look came out. Starring Vikrant Massey and Shweta Tripathi in leading parts, the film takes the audience on a journey with Prahastha (Massey) who plays a demon operating the Post Death Transition services on a space station orbiting earth and his his female astronaut (Tripathi) colleague.

Cargo is a story woven with human emotions and Indian culture set in a quirky whimsical story of after life in space, at its core the film is a warm human drama which is deeply rooted in Indian fables.

https://youtu.be/Iw6RCU_g_jI

गिरीडीह:आज 15अक्टूबर को जिला पंचायती राज पदाधिकारी के साथ टेलीकॉन्फ्रेसिंग का आयोजन किया जाएगा




*आज दिनांक 15.10.19 को जिला पंचायती राज पदाधिकारी के साथ टेलीकॉन्फ्रेसिंग का आयोजन किया जाएगा।

*जिला पंचायती राज पदाधिकारी के द्वारा जनता के सवालों का जवाब दिया जाएगा।

*जिला पंचायती राज पदाधिकारी के साथ टेलीकॉन्फ्रेसिंग को फेसबुक लाइव भी किया जाएगा।

गिरिडीह।
जिला जनसंपर्क कार्यालय गिरिडीह की अगुवाई में मंगलवार दिनांक 15.10.2019 को टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा पूर्वाह्न 11:00 से 12:00 बजे तक के बीच जनता से सीधा संवाद किया जाएगा। 

जिला के कोई भी नागरिक कर सकते हैं सवाल

इस दौरान जिला के कोई भी नागरिक फोन कॉल कर जिला पंचायती राज पदाधिकारी से जुड़े योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही अपनी समस्या के बारे में जिला पंचायती राज पदाधिकारी से शिकायत कर सकते हैं, या समस्या से जुड़ा सुझाव दे सकते हैं। जिसका यथाशीघ्र समाधान किया जाएगा। टेली कांफ्रेंसिंग के लिए 8102759620 इस नम्बर पर कॉल कर सकते हैं।
 


Monday, October 14, 2019

न्यूज कवर कर रहे पत्रकारों पर डाक्टरों ने हथियार, गंड़ासे और हॉकी स्टिक से किया हमला


गया । कभी पत्रकारों पर हमलों मे समाज के असामाजिक तत्वों के नाम लिए जाते थे,फिर एक दौर चला सफेद्पोशों के पालतू प्यादों का,तदुपरान्त आं आने लगे खालिश अपराधियों के,अब आश्चर्य की बात है कि समाज के सेवा वर्ग से जुड़े ईश्वरतुल्य चिकित्सको का ।जी हाँ,यह घटना बिल्कुल सत्य है ,जो सोमवार कक गया जिले के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में देखने को मिली है,यह है डॉक्टरों की गुंडागर्दी जो सामने आयी है। अस्पताल के डॉक्टरों ने न्यूज कवर कर रहे पत्रकारों पर हथियार, गंड़ासे और हॉकी स्टिक से हमला कर घायल कर दिया। डॉक्टरों ने इस दौरान पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घंटों ये सब हंगामा चलता रहा और अस्पताल प्रशासन मूक दर्शक बना रहा।
मारपीट और एक पत्रकार के जख्मी होने की सूचना मिलने के बाद भी जिला प्रशासन की तरफ से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर पत्रकारों के बीच रोष व्याप्त है।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से इस अस्पताल में बच्चा चोरी के कई मामले सामने आए हैं। इसका पता चलते ही कुछ चैनल के पत्रकार अस्पताल की कमियों को उजागर करने के लिए कुछ जानकारी इकट्ठा कर रहे थे। इसका पता चलते ही हथियारों से लैस होकर जूनियर डॉक्टर अस्पताल से निकले और पत्रकारों पर हमला बोल दिया।
पत्रकारों का कहना है कि स्थानीय लोगों ने बताया है कि अस्पताल में बच्चा की वारदात में जूनियर डॉक्टरों का  हाथ है, उनकी मिली भगत से ही ये घटनाएं हो रही हैं

राँची के लालपुर स्थित होटल लैंडमार्क के एमडी के इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मौत, बोकारो में हुआ हादसा


राँची।
राँची के लालपुर स्थित होटल लैंडमार्क के एमडी अजीत कोठारी के इकलौते बेटे विनीत कोठारी (41) की सोमवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा बोकारो के बिरसा बासा हाइवे पर हुआ। विनीत के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।प्रत्यशदर्शियों के अनुसार, विनीत अपनी स्पोर्ट्स बाइक से बोकारो से राँची की ओर आ रहे थे।इसी दौरान बिरसा बासा हाइवे पर उनकी बाइक की एक स्कूल बस से टक्कर हो गई। बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। जिसकी वजह से बाइक ने बस के बीच के हिस्से में जोरदार टक्कर मारी। हादसे में मौके पर ही विनीत की मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) पहुंचाया। विनीत के पॉकेट से मिली ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर उनकी पहचान हुई। हादसे के बाद से घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

होशंगाबाद में सड़क हादसे में चार राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ियों की हुई मौत


होशंगाबाद। मध्य प्रदेश के होशंगाबादमें सोमवार सुबह सड़क हादसे में चार राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ियों की मौत हो गई, जबकि तीन की हालत गंभीर है। सभी लोग होशंगाबाद में आयोजित एक टूर्नामेंट में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार इटारसी और होशंगाबाद के बीच नेशनल हाईवे-69 पर पेड़ से टकरा गई।
जानकारी के मुताबिक, सभी खिलाड़ी होशंगाबाद में ध्यानचंद अकादमी अखिल भारतीय हॉकी ट्रॉफी का सेमीफाइनल खेलने के लिए आए थे। वे साथी खिलाड़ी आदर्श हरदुआ का जन्मदिन मनाने के लिए आयोजकों की अनुमति लेकर रविवार रात इटारसी गए थे। वहां से सुबह लौटते समय रैसलपुर के पास हादसा हुआ।

Sunday, October 13, 2019

अंतत: हिटलरशाही के आगे जंग हार गये भारती के बेबस पिता,नही सुनी गयी उनकी फरियाद

 
  • पीएम कौशल विकास योजना के तहत धनबाद से चेन्नई भेजी गई युवती की मौत,                                           *झारखण्ड पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत तक नही ली                                                       *शनिवार को हुआ शव का अंतिम संस्कार                  गिरीडीह । जिले के निमिया घाट थाना क्षेत्र में मानवीय असंवेदनशीलता उस वक्त झलक पड़ी जब मृत युवती भारती के बेबस पिता के आशुओं के कतरे ढलक पड़े । अधिकारियों की अज्ञानता और संवेदनहीनता के कारण एक पिता अपनी पुत्री को न्याय नहीं दिला सका और अंततः उसने थक-हार कर अपनी पुत्री के शव का अंतिम संस्कार करने में ही भलाई समझा।शनिवार को भारी मन से अपनी पुत्री का अंतिम संस्कार कर दिया।अपनी मृत पुत्री के शव को दुबारा पोस्टमार्टम के लिए अधिकारियों के दर दर भटकता पिता ने अंत में हार मानकर पुत्री के शव का आज बुझे हुये मन से दियाअग्नि ।मामला डुमरी प्रखंड के लोहेडीह निवासी मनोज साव की पुत्री भारती कुमारी की चैन्नई में हुई संदेहास्पद मौत के बाद लोहेडीह पहुंचा भारती के शव के रिपोस्टमार्टम का है।                                  शनिवार को
 प्रदेश के पूर्व मंत्री लालचंद महतो खबर सुन कर लोहेडीह पहुंचे और घटना की जानकारी मृतका के परिजनों से ली।मृतका के परिजनों से मिली जानकारी के बाद श्री महतो ने इस संबंध में मौके पर से ही एक-एक कर जिला और अनुमंडल के पुलिस पदाधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकरियों से फोन पर बात की।कई अधिकारी नियमों के तहत रि-पोस्टमार्टम की बात कही, तो किसी ने इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर की।पूर्व मंत्री की जब री-पोस्टमार्टम को लेकर सिविल सर्जन से बात हुई तो उन्होने बताया कि बिना थाना में रिर्पोटिंग हुये वे रि-पोस्टमार्टम नहीं करवा सकते।ज्ञात हो कि मौत की सूचना के बाद मौत को संदेहास्पद मानते हुए भारती के परिजनों ने लिखित
शिकायत लेकर निमियाघाट थाना गये थे । परंतु पुलिस ने परिजनों को यह कह कर लौटा दिया था कि मामला यहां का नहीं है सो वे चेन्नई जाकर वहां की थाना में लिखित शिकायत करें।शुक्रवार को जब भारती का शव गांव पहुंचा था तब भी परिजणों ने निमियाघाट पुलिस से यह मांग की । पर पुलिस का वही जबाब था।ज्ञात हो कि गत शुक्रवार की शाम भारती कुमारी का शव चेन्नई से उसके घर लोहेडीह पहुंचा था।अपनी पुत्री की मौत की खबर के बाद से ही परिजन इसे संदेहास्पद मान रहे थे।शव पहुंचने के बाद गांव वाले और परिजन शव की रि-पोस्टमार्टम की मांग करने करते हुए शव लेकर आया एम्बुलेंस और जेएसएलपीएस के बीपीएम को गांव वालों ने घेर लिया।
सूचना पर एसडीएम प्रेमलता मुर्मू मौके पर पहुंची और उपायुक्त से बात कर परिजनों को उसी दिन देर शाम ही शव के साथ रि-पोस्टमार्टम कराने के लिए गिरिडीह भेज दिया गया। बताया जाता है कि लोहेडीह निवासी मनोज साव अपनी पुत्री का रि-पोस्टमार्टम कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से आरजू मिन्नत करता रहा। परंतु नियमों का हवाला देकर शव का रिपोस्टमार्टम नहीं किया गया। अंत में हारकर मृतका का पिता अपनी पुत्री के शव को आज करीब दो बजे घर ले आया।जिस समय शव गांव आया, उस समय पूर्व मंत्री श्री महतो वहीं थे। उन्होने जब मनोज साव से रि-पोस्टमार्टम कराने के संबंध में पूछा तो कहा कि वे अब कुछ नहीं चाहते है, हार गये है।आज जब भारती का शव गिरिडीह से बिना रि-पोस्टमार्टम हुए गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों में निमियाघाट पुलिस और प्रशासन के प्रति असंतोष देखा गया।मामले की जानकारी लेने लोहेडीह गांव पहुंचे पूर्व मंत्री ने कहा कि यह जिला प्रशासन की नाकामी और लापरवाही है।मृतका के परिजनों को जो न्याय मिलना चाहिए था। वह पदाधिकारियों की अज्ञानता और लापरवाही के कारण नहीं मिल सका।
निमियाघाट थाना प्रभारी ने लिखित शिकायत नहीं लेकर कानून की अवहेलना की है।अनुमंडल और प्रखंड के प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों ने मृतका के परिजनों और गांव वालों को दिग्भ्रमित करने का काम किया है,इन लोगों ने मृतका और उसके परिजनों को मिलने वाले न्याय से वंचित किया है। इसलिए इस मामले में दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ जांच कर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।                                उन्होने कौशल विकास योजना के तहत लड़कियों को राज्य से बाहर भेजने और उन लड़कियों से घर वालों से बात नहीं करने देने के मामले की भी जांच की मांग की।इस संबंध में पूछे जाने पर मृतका के पिता मनोज साव ने कहा कि वह अपनी पुत्री के शव का री-पोस्टमार्टम नहीं करवा पाया।हारकर वह आज गिरिडीह से अपनी पुत्री के शव को घर ले आया।इस मौके पर चिन्तामनी महतो,साधु महतो, रूपलाल महतो,जीवलाल महतो,मुन्ना मंडल,टेकलाल महतो,नागेश्वर महतो,नारायण महतो,सुरेन्द्र गुप्ता आदि उपस्थित थे।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...