गया । कभी पत्रकारों पर हमलों मे समाज के असामाजिक तत्वों के नाम लिए जाते थे,फिर एक दौर चला सफेद्पोशों के पालतू प्यादों का,तदुपरान्त आं आने लगे खालिश अपराधियों के,अब आश्चर्य की बात है कि समाज के सेवा वर्ग से जुड़े ईश्वरतुल्य चिकित्सको का ।जी हाँ,यह घटना बिल्कुल सत्य है ,जो सोमवार कक गया जिले के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में देखने को मिली है,यह है डॉक्टरों की गुंडागर्दी जो सामने आयी है। अस्पताल के डॉक्टरों ने न्यूज कवर कर रहे पत्रकारों पर हथियार, गंड़ासे और हॉकी स्टिक से हमला कर घायल कर दिया। डॉक्टरों ने इस दौरान पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घंटों ये सब हंगामा चलता रहा और अस्पताल प्रशासन मूक दर्शक बना रहा।
मारपीट और एक पत्रकार के जख्मी होने की सूचना मिलने के बाद भी जिला प्रशासन की तरफ से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर पत्रकारों के बीच रोष व्याप्त है।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से इस अस्पताल में बच्चा चोरी के कई मामले सामने आए हैं। इसका पता चलते ही कुछ चैनल के पत्रकार अस्पताल की कमियों को उजागर करने के लिए कुछ जानकारी इकट्ठा कर रहे थे। इसका पता चलते ही हथियारों से लैस होकर जूनियर डॉक्टर अस्पताल से निकले और पत्रकारों पर हमला बोल दिया।
पत्रकारों का कहना है कि स्थानीय लोगों ने बताया है कि अस्पताल में बच्चा की वारदात में जूनियर डॉक्टरों का हाथ है, उनकी मिली भगत से ही ये घटनाएं हो रही हैं

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