Wednesday, November 16, 2022
Shraddha murder case: ‘Muslim men trapping Hindu women has become culture’, says retired Jharkhand DGP
Thursday, September 2, 2021
श्रीवैष्णव परंपरा के अग्रणी संत स्वामी रामानुजाचार्य (1017-1137) का पद्मासनस्थ भौतिक शरीर विगत 878 सालों से है संरक्षित
पूरी दुनिया के लोग मिस्र की राजाओं के मृत शरीर (ममी) और भारत में गोवा में सेंट जेवियर के संरक्षित शरीर को देख हैरान हैं. बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि मिस्र के राजाओं के मृत शरीर, जिस वस्त्र में लपेटे जाते थे। मसलिन भारतवर्ष से ही आयातित थे। तमिलनाडु कज जिला तिरुचिरापल्ली के श्रीरंगम स्थित "श्रीरंगनाथस्वामी मंदिर”, जिसे भारत के सबसे बड़े मंदिर-परिसर का गौरव प्राप्त है, में विशिष्टाद्वैतदर्शन के महान आचार्य और श्रीवैष्णव परंपरा के अग्रणी संत स्वामी रामानुजाचार्य (1017-1137) का पद्मासनस्थ भौतिक शरीर विगत 878 सालों से संरक्षित रखा जा रहा है और यहां देखा जा सकता है। श्रीरंगनाथस्वामी मंदिर के पांचवें परिक्रमा-पथ पर स्थित “श्री रामानुज मंदिर” के दक्षिण-पश्चिम कोने पर यह भौतिक शरीर संरक्षित है। रामानुजाचार्य 120 वर्ष तक जीवित रहे थे। 1137 में उन्होंने पद्मासन अवस्था में ही समाधि ले ली थी। स्वयं श्रीरंगनाथस्वामी के आदेश से उसी अवस्था में रामानुजाचार्य के शिष्यों ने उनके भौतिक शरीर को संरक्षित रख लिया। इस संरक्षित शरीर में आँखें, नाखून आदि स्पष्ट दिखाई देते हैं। सड़न से बचाने के लिए इस शरीर पर रोजाना किसी प्रकार का अभिषेक नहीं किया जाता। वर्ष में दो बार जड़ी-बूटियों से इस शरीर को साफ किया जाता है और उस समय भौतिक शरीर पर चंदन और केसर का आलेपन किया जाता है। उल्लेखनीय बात है की इस पवित्र स्थान का गोवा या मिस्र जैसा कोई प्रचार नहीं किया जाता। रामानुजाचार्य द्वारा इस्तेमाल एक बॉक्स अभी भी मंदिर के अंदर देखा जा सकता है।
भक्ति से तात्पर्य
रामानुज के अनुसार भक्ति का अर्थ पूजा-पाठ या कीर्तन-भजन नहीं बल्कि ध्यान करना या ईश्वर की प्रार्थना करना है। सामाजिक परिप्रेक्ष्य से रामानुजाचार्य ने भक्ति को जाति एवं वर्ग से पृथक तथा सभी के लिये सम्भव माना है। इसके अलावा रामानुजाचार्य भक्ति को एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर उसके लिए दार्शनिक आधार भी प्रदान किया कि जीव ब्रह्म में पूर्णता विलय नहीं होता है बल्कि भक्ति के द्वारा ब्रह्म से निकटता प्राप्त करना है यही मोक्ष है.
Sunday, January 10, 2021
झारखंडी एकता संघ मुंबई द्वारा रांची के धुर्वा में प्रवासी मजदूरों के हितार्थ विशाल कार्यक्रम का आयोजन
झारखंडी एकता संघ, मुम्बई द्वारा झारखंड प्रवासी मज़दूरों ,एवं श्रमिको के समस्याओं औऱ समाधान एवं शिक्षा, स्वास्थ, रोजगार पर मंथन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।यह कार्यक्रम आगामी 17 जनवरी रविवार को रांची के धुर्वा स्थित झारखंड विधान सभा हॉल में दोपहर 1:00 बजे आयोजित की जानी है।
Sunday, November 15, 2020
Parul Yadav looking ravishing in a Royal blue and emerald green saree by Sobariko

Friday, October 30, 2020
Geetu Mohandas’ atmospheric crime drama Moothon to be the closing film at IFFM 2020
Tuesday, March 19, 2019
मुंब्रा में फिर दिखे राजू पाटिल,उड़ी शिवसेना के श्रीकांत सिंदे की निंद
होर्डिंगें दिखी। अब फिर सांसद का चुनाव आ गया है, अभी तो वह नहीं दिखे लेकिन "होली मुबारक" हो की उनकी होर्डिंगें
मुंंब्रा-कौसा में दिखाई दे रही है। सुत्रों के मुताबिक मुंंब्रा कौसा में राजू पाटिल की होली की हार्दिक शुभकामनाओं की लगी इन दर्जनों होर्डिंगों से शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे और पालक मंत्री एकनाथ शिंदे के समर्थकों में खलबली मच गई है। क्योंकि जिस दबंगई से राजू पाटिल ने पिछला लोकसभा चुनाव मुंंब्रा कौसा में लडा था, वह अपने आप में एक मिसाल है।
इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि श्रीकांत शिंदे के लिए आगे की राह आसान नहीं है। अभी तक ऐसा माना जा रहा था कि एनसीपी के नगरसेवक बाबाजी पाटिल को प्रोजेक्ट करके एनसीपी के स्थानीय नेता शिवसेना से 20-20 का मैच खेलना चाह रहे थे, लेकिन राजू पाटिल कि मुंंब्रा कौसा में होर्डिंगें लगने से मुकाबला वंडे मैच का हो सकता है। वहीं अगर मनसे और एनसीपी का कल्याण लोकसभा क्षेत्र के लिए गठबंधन होता है तो, यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों पार्टियां उत्तर भारतीय मतदाताओं को कैसे संभालती है। जबकि विरोध कि आसंका बनी रहेगी।वहीं मुस्लिम लीग ने भी मुंंब्रा से एक ताकतवर उत्तर भारतीय नेता को मैदान में उतारने की पुरी तैयारी कर ली है, इससे अब मुकाबला त्रिकोणा हो सकता है।
Friday, March 15, 2019
मुंबई में सीएसटी स्टेशन के पास गिरा फुट ओवर ब्रिज, पांच की मौत, 30 से ज्यादा लोग घायल, सीएम ने जताया दुःख
मुंबई :- महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में गुरुवार शाम छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन के पास एक बड़ा हादसा हुआ है। शुरुआती जानकारी के अनुसार मुंबई के सीएसटी स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज गिरने के कारण 5 लोगों की मौत हुई है। वहीं इस घटना में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन घायलों में 4-5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और इन्हें गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, गुरुवार शाम मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के प्लैटफॉर्म नंबर 1 पर बना ब्रिज अचानक गिर गया है। पुलिस के मुताबिक सीएसटी स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 1 और बीटी लेन के बीच बना एक फुटओवर ब्रिज अचानक गिर गया। इस ब्रिज के गिरने के बाद कई लोग इसकी चपेट में आकर मलबे में दब गए।
सीएसटी पर तबाही के बाद इसी पुल पर खड़े होकर अजमल कसाब ने बरसाई थीं गोलियां, फेंके थे हथगोले
मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस यानी CST रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को जो फुटओवर ब्रिज गिरा है. ये वहीं पुल है जिसके जरिए मुंबई हमले के दौरान आतंकी अजमल कसाब सीएसटी से मोकामा की तरफ गया था. यह ब्रिज दो इलाकों को जोड़ने का काम करता था। 26\11 के मुंबई हमले के दौरान आतंकी कसाब की तस्वीरें कैमरे में कैद करने वाले फोटो जर्नलिस्ट श्रीराम वर्नेकर ने इस मामले की सुनवाई के दौरान अपना बयान दर्ज कराया था.
Thursday, March 14, 2019
सोनी राज़दान की नो फ़ादर्स इन कश्मीर आख़िरकार 5 अप्रैल को रिलीज के लिए तैयार है
मुंबई ၊
_ऑस्कर® के लिए नामांकित और दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार के विजेता निर्देशक, अश्विन कुमार की ओर से इस फ़िल्म का पहला पोस्टर पेश किया गया।_
सेंसर बोर्ड के द्वारा 8 महीनों के लंबे वक़्त तक रोक लगाए जाने के बाद, अब पूरे देश के दर्शकों को 2019 की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जानेवाली एक फ़िल्म देखने को मिलेगी। यह फ़िल्म इस हफ़्ते की शुरुआत में सुर्ख़ियों में रही थी, जब इसकी पिछले कुछ महीनों से चल रही लड़ाई ख़त्म हुई और आखिरकार न्याय और यूए सर्टिफिकेट मिला।
अश्विन कुमार, जिन्होंने इस फ़िल्म का निर्देशन किया है उन्हें पहले एक बार उनकी एक शॉर्ट फ़िल्म, लिटिल टेररिस्ट के लिए ऑस्कर® के लिए नामांकित किया जा चुका है और कश्मीर की सच्चाई बयां करनेवाली फ़िल्मों - इंशाल्लाह फुटबॉल और इंशाल्लाह कश्मीर के लिए वे दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। नो फ़ादर्स इन कश्मीर, उनकी 'कश्मीर की तिगड़ी' की तीसरी फ़िल्म है। उम्मीद, शांति, और मानवता जैसे मुद्दे उनकी अब तक की हर फिल्म में ख़ास तौर पर नज़र आते हैं और नो फ़ादर्स इन कश्मीर में भी कुछ ऐसे ही जज़्बातों को दिखाया गया है।
इस फ़िल्म के लेखक और निर्देशक होने के अलावा, अश्विन फिल्म के मुख्य क़िरदारों में से भी एक हैं जिनके साथ इसमें सोनी राजदान, कुलभूषण खरबंदा, अंशुमान झा और माया सराओ भी शामिल हैं और यह फ़िल्म पूरे हिंदुस्तान के सिनेमाघरों में 05 अप्रैल 2019 को रिलीज़ होने वाली है।
फ़िल्म के निर्माताओं ने अब फिल्म का फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज़ किया है जिसमें एक फोन की टूटी हुई स्क्रीन दिखाई दे रही है जिसके पीछे दो आकर्षक नीली आँखों वाले, 16 साल के बच्चे खड़े नज़र आ रहे हैं। यह कहानी एक 16 साल की ब्रिटिश कश्मीरी लड़की, नूर पर आधारित है, जो अपने पिता की तलाश में अपनी जड़ों को ढूँढने निकलती है। तब उसकी मुलाकात माजिद से होती है, जो वहीँ का एक लड़का होता है और उसपर फ़िदा हो जाता है, वो उसे भारत-पाक सीमा के पास एक ख़तरनाक से इलाक़े में ले जाता है जहाँ जाना मना होता है। वहाँ उन्हें किसी रहस्य का पता चलता है और बात तब बिगड़ जाती है जब उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। नूर को जल्दी ही छोड़ दिया जाता है जबकि माजिद को नहीं छोड़ा जाता। उसकी वजह से मुसीबत में पड़े माजिद को रिहा कराने के लिए नूर किस हद तक जायेगी। और क्या इन दोनों के बीच पहले जैसा प्यार हो सकेगा?
एक बेबाक़ टैगलाइन "हर कोई सोचता है कि वो कश्मीर को समझता हैं" के साथ इस फ़िल्म के निर्माता साफ़-साफ़ इस फ़िल्म और इसकी कहानी से की जा रही उम्मीद की ओर इशारा कर रहे हैं।
Sunday, February 24, 2019
अश्लील वीडियो दिखाकर फर्जी पत्रकार ने मांगा 25 करोड़, पाँच साथी समेत हुआ गिरफ्तार
फर्जी पत्रकार हुसैन मकरानी और साथी, 25 करोड़ की जबरन वसुली मे गिरफतार किया- दया नायक
⚡हेलो हम पत्रकार हैं, आपका अश्लील वीडियो हमारे पास हैं, 25 करोड़ दो.. और हो गया महिला सहित 5 गिरफ्तार
मुंबई:-अंबोली पुलिस ने गुरुवार को अंधेरी स्थित ओशिवारा इलाके से एक फिल्म निर्माता और व्यवसायी से 25 करोड़ रुपये की जबरन वसूली करने के आरोप में एक महिला सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने ओशिवारा के मिल्लत नगर सर्केल के पास सीसीडी में जाल बिछाया और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया, जब शिकायत कर्ता 5 लाख रुपये की किस्त जमा करने के लिए आए थे, निर्माता ने 25 करोड़ से बातचीत कर जबरन वसूली की रकम को 5 करोड़ फिर 25 लाख रुपये तक लाने में कामयाब रहे थे, जिसका पहला क़िस्त गुरुवार को देने आए थे।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान 36 वर्षीय *हुसैन मकरानी, युवराज चौहान, 30; रहमान शेख, 45; माही लकी मिश्रा, 32; और केवल रामकुमार, 60.के रूप में हुई है ၊ पांचों पर आईपीसी की धारा 120 (बी) (आपराधिक साजिश), 384 (जबरन वसूली), 385 (एक व्यक्ति को जबरन वसूली के लिए चोट लगने का डर लगाना) और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को 26 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
40 वर्षीय शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें खुद को पत्रकारों के रूप में पेश किया था। *शिकायत कर्ता के 68 वर्षीय पिता का एक ‘अश्लील’* वीडियो उनके पास हैं, जिसमें वे माही मिश्रा नाम के महिला के साथ अश्लील हरकतें कर रहा हैं। आरोपियों ने बताया कि वे इसे सोशल मीडिया चैनल पर अपलोड कर देगा। आरोपियों ने निर्माता को यह भी बताया कि यदि वीडियो अपलोड किया गया , तो इससे समाज में उनके परिवार की छवि खराब होगा, और उससे कहा कि यदि वे उन्हें 25 करोड़ रुपये का भुगतान करते हैं तो वे इस मामले को सुलझा सकते हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “शिकायतकर्ता के पिता, जिन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें अपने चिकित्सक द्वारा नियमित अंतराल पर मालिश चिकित्सा कराने की सलाह दी गई थी। पिछले साल अक्टूबर में, शिकायतकर्ता के पिता एक महिला के संपर्क में आए, जिसने उनसे दो घंटे के सत्र के लिए 5,000 रुपये लिए। दिसंबर में, उसने एक और सत्र के लिए फिर से उसका दौरा किया, और छोड़ दिया,”
15 जनवरी को, वरिष्ठ नागरिक जो शिकायत कर्ता के पिता हैं को राहुल शुक्ला नाम के एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने कहा कि वह *‘डिस्कवरी ऑफ क्राइम’ नामक चैनल से कॉल कर रहा है*। शर्मा ने कहा कि उनके पास एक अश्लील वीडियो हैं जिसमें आप और एक महिला अश्लील हरकतें कर रहे हो, और पूछा कि क्या वह इसे “निपटाना” चाहते हैं। निर्माता के पिता ने जवाब दिया कि इस तरह का कुछ भी नहीं हुआ हैं, और कॉल को काट दिया।
23 जनवरी को परेश राजपूत नाम के एक पारिवारिक मित्र ने निर्माता से संपर्क किया और उन्हें बताया कि हुसैन, युवराज और राहुल शुक्ला ने उनके एक दोस्त दिलीप से संपर्क किया था और उन्हें उस वीडियो के बारे में बताई जो उनलोगों के पास हैं। उन्होंने वीडियो अपलोड करने की धमकी दी, इसलिए उन्होंने 8 फरवरी को उनसे मिलने का फैसला किया।
निर्माता लगभग 2.30 बजे गोरेगांव के एक होटल में पहुंचे, जहां युवराज और हुसैन ने खुद को चैनल के मालिकों के रूप में पेश किया, और राहुल ने कहा कि वह एक रिपोर्टर हैं। तीनों ने निर्माता को एक लैपटॉप से जुड़ी पेन ड्राइव में संग्रहीत एक वीडियो दिखाया, जिसमें माही मिश्रा और वरिष्ठ नागरिक को देखा गया है। कुछ सेकंड बाद, वीडियो की सामग्री अंतरंग हो गई, और निर्माता ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि यह रूपांतरित किया गया था।
शिकायतकर्ता डर गया था, और 15 फरवरी को वह फिर से आरोपियों के साथ बैठक के लिए गया, जहां उन्होंने 5 करोड़ रुपये में रफादफा का बातचीत हुआ। उन्होंने कहा कि महिला को उसके पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करने के लिए 4 करोड़ रुपये दिए जाएंगे और वीडियो को प्रसारित नहीं करने के लिए 1 करोड़ रुपये लिए जाएंगे। निर्माता ने आरोपियों से मोलभाव किया और यह आंकड़ा 25 लाख रुपये तक लाने में कामयाब रहा*।
21 फरवरी को व्यवसायी ने अंबोली पुलिस में आरोपियों के खिलाफ शिकायत किया वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने मामला दया नायक को सौंपी, और दया के टीम ने जाल मिल्लत नगर के CCD में जाल बिछाया । लगभग 10 से 15 अधिकारियों के साथ दया नायक इस टीम को लीड कर रहा था। जैसे ही सीसीडी के ऊपर शिकायत कर्ता ने 5 लाख रुपये पहला क़िस्त आरोपियों के हाथों दिया वैसे ही दया नायक के टीम ने मौके से चार लोगों और एक महिला सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
Saturday, February 16, 2019
छिप नहीं सकेंगे पुलवामा के गुनहगार, सजा जरूर मिलेगी -पीएम मोदी ने किया ऐलान
मुंबई। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के यवतमाल में एक रैली को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया. उन्होंने देशवासियों से धैर्य रखने और जवानों पर भरोसा रखने का भी आह्वान किया.
पुलवामा अटैक के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के सर्च ऑपरेशन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यवतमाल की रैली से बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि पुलवामा में आतंक के जिन सरपरस्तों ने गुनाह किया है, वो चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सजा जरूर दी जाएगी. पीएम मोदी का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पाकिस्तान की सरजमीं से नापात करतूत करने वाले जैश के सरगना मसहूद अजहर के खिलाफ ओसामा बिन लादेन जैसी कार्रवाई की मांग की जा रही है. पीएम मोदी ने एक बार फिर देशवासियों को भरोसा दिलाया कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. उन्होंने आतंक का मुहंतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षाबलों को खुली छूट देने की भी बात कही. पीएम मोदी ने देशवासियों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि जवानों पर भरोसा रखिए, गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी.
पीएम मोदी ने कहा:
पीएम मोदी ने यहां कहा, 'मैं जानता हूं कि हम सभी किस गहरी वेदना से गुजर रहे हैं. पुलवामा में जो हुआ, उसको लेकर आपके आक्रोश को मैं समझ रहा हूं. जिन परिवारों ने अपने लाल को खोया है, उनकी पीड़ा मैं अनुभव कर सकता हूं. इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. आतंकी संगठनों ने, आतंक के सरपरस्तों ने जो गुनाह किया है, वो चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सजा जरूर दी जाएगी.' पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सैनिकों में और विशेषकर CRPF में जो गुस्सा है, वो भी देश समझ रहा है. इसलिए सुरक्षाबलों को खूली छूट दी गई है।
बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका
चौंकाने वाली खबर 🚨 बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...
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Nationalism is a political, social, and economic ideology and movement characterized by the promotion of the interests of a particular nati...
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एक बुराई आपकी सारी अच्छाइयों पर पानी फेर देती है और आप देवताओं की नजरों में भी नीचे गिर जाते हैं। विद्वान और प्रकांड पंडित होने से आप अच्छे...
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लोहरदगा में सुरक्षाबलों को सर्च ऑपरेशन में 200 आईइडी मिले लोहरदगा के कोरगो जंगल में माओवादी दस्ते के साथ मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान में सुर...











