Saturday, July 4, 2020
दरभंगा के हायाघाट के पतोर गांव में आम चुनने गई किशोरी ज्योति की मौत के कारणों का खुलासा
दरभंगा के हायाघाट के पतोर गांव में आम चुनने गई किशोरी की मौत के कारणों का खुलासा हो गया है। किशोरी की मौत करंट लगने के कारण दम घुटने से हुई है। किशोरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही बात सामने आई है। जैसा कि आरोप लगाया जा रहा था, न तो हत्या और न ही रेप की पुष्टि हुई है। सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में लगातार कहा जा रहा है कि पीड़िता वही ज्योति कुमारी है, जो अपने बीमार पिता को दिल्ली से दरभंगा साइकिल पर बैठाकर ले गयी थी। यह भी दावा किया जा रहा था कि ज्योति कुमारी का नृशंस तरीके से रेप कर हत्या की गयी है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर लगातार #ज्योति_पासवान_1 #Justice_for_jyoti ट्रेंड करवाया जा रहा था, वो भी बिना तथ्यों को परखे और जाने। Also Read - गुंडागर्दी से राजनीति में आये विकास दुबे के गुनाहों का ये है कच्चा चिट्ठा सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर यह बात फैलायी गयी, 'यही वो नाम है जो आज से करीब दो महीने पहले अमेरिका की प्रिंसेज के ट्विटर हैंडल पर चमका था। यहां-वहां जहां-तहां दरभंगा का जिक्र होते ही ज्योति पासवान का नाम पहले आ जाता था, हर बिहारी के ट्विटर, फेसबुक हैंडल पर बस ज्योति और उसके पिता की वो साइकिल वाली तस्वीरें लग गई थी, इक पूरा मीडिया शेल उसके पीछे लगी, सांसद, विधायकों का तो मानो पूरा मजमा लगे गया था उस बच्ची के पीछे ,हर कोई उसे अपने पार्टी के झंडे के नीचे लाना चाहते थे, और उसका कारनामा भी क्या गज़ब था, सरकार की सब से बड़ी विफलता में उसने अपनी जीवन बड़ी सफलता हासिल कर ली थी। स्पोर्ट्स साइकिल से लेकर राजनतिक पार्टियों के चेक तक उसके आगे पीछे घूमता रहा.... वक़्त का पहिया थोड़ा आगे फिसला! इस बीच वर्चुअल रैलियां, चौपर यात्रा, और साइकिल रैलियां हुई!! और आज 3 महीने बाद फिर से दरभंगा चर्चा में नाम भी वही #ज्योति_पासवान_2.आज किसी #अर्जुन_मिश्रा के हवस शिकार हुई 15 बरस की #ज्योति_पासवान... और क्यों?? क्योंकि ज्योति उस अर्जुन मिश्रा के बगीचे में आम चुनने के लिए गई थी और ये बात एक सामंतवादी दिमाग़ को इतना ठेस पहुंचा गया कि उस अर्जुन मिश्रा ने अपने पत्नी के सामने ही पहले उस 15 बरस की बच्ची के साथ दुराचार किया और फिर हसिए से गले को रेत दिया।
Friday, July 3, 2020
झारखंड हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला, "इस साल नहीं होगा श्रावणी मेला का आयोजन, पूरे सावन महीने भर सिर्फ ऑनलाइन दर्शन की अनुमति"
शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट ने देवघर और बासुकीनाथ क्षेत्र में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2020 आयोजन के मामले में अपना फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कोरोना वायरस की वजह से फैली महामारी के कारण इस साल श्रावणी मेला स्थगित रखने का आदेश दिया है और पूरे सावन महीने भर सिर्फ ऑनलाइन दर्शन की अनुमति दी है। गौरतलब हो कि गोड्डा लोकसभा के सांसद निशिकांत दुबे ने मेला को नियम-शर्तों के साथ चालू करने की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने सांसद के वकीलों के दावे को नहीं माना। श्रावणी मेला व कांवर यात्रा के मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह तय हो गया कि इस साल श्रावणी मेला का आयोजन नहीं होकर सिर्फ ऑनलाइन पूजा की जा सकेगी। इस मसले पर कोर्ट को जानकारी देने के लिए झारखंड सरकार के आपदा सचिव अमिताभ कौशल को अदालत में बुलाया गया था। विगत 30 जून को हाईकोर्ट ने प्रार्थी, राज्य सरकार और बाबा मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष का जवाब सुनने के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर राज्य सरकार की उच्चस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा जारी अंतिम आदेश के मुताबिक 31 जुलाई, 2020 तक राज्य में किसी भी धार्मिक स्थल पर सार्वजनिक पूजा या मेला के आयोजन की अनुमति नहीं है। शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट ने पीआईएल संख्या WP(PIL)/1753/2020 निशिकांत दुबे बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के इस मामले में भारत सरकार, गृह मंत्रालय, झारखंड सरकार, डीसी, बाबा बैधनाथ श्राइन बोर्ड, पंडा धर्मरक्षिणी सभा और बिहार सरकार को पार्टी बनाया गया था। झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि कोरोना काल की इस परिस्थिति में इतने बड़े मेले का आयोजन सम्भव नहीं है। वैष्णो देवी और बालाजी की तर्ज पर वर्चुअल यानि ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था करने का निदेश कोर्ट ने दिया।
Thursday, July 2, 2020
ऋचा चड्ढा-अली फज़ल ने एक ब्राइडल मैगज़ीन के अंक में अपनी प्रेम कहानी का किया खुलासा
वे फिल्म उद्योग के सबसे बेझिझक बोलने वाले लोगों में से दो हो सकते हैं, लेकिन ऋचा चड्ढा और अली फज़ल अपनी प्रेम कहानी के बारे में हमेशा चुप्पी साधी रहे। यह हम जानते हैं कि वे 2012 में फुकरे के सेट पर मिले थे और फिर 2017 में वेनिस में विक्टोरिया और अब्दुल के विश्व प्रीमियर अपने रिश्ते के बारे में घोषणा की। ब्राइड्स टुडे के जुलाई 2020 के अंक के कवर शूट में, दोनों कलाकारों ने अपने प्रेम कहानी का विवरण दिया। हालांकि शुरू में मैगज़ीन कवर वेडिंग के बाद के रूप में थी, लेकिन महामारी ने उनकी शादी की योजना को एक साल के लिए टाल दिया।
मैगज़ीन से बात करते हुए, रिचा ने पहली बार कहा कि वह जानती है कि यह प्यार था। "हम चैपलिन फिल्म मेरे घर पर देख रहे थे - 1992 के अमेरिकी जीवनी कॉमेडी ड्रामा जिसमें रॉबर्ट डाउनी जूनियर थे। मैं अली को फिल्म का आनंद लेते हुए देख कर खुश थी और आभारी यह सोच कर किसी की पसंद बिलकुल मेरी पसंद जैसी है। तभी मैंने उसे कहा, "तुम सच में बहुत प्यारे हो, मैं तुमसे प्यार करती हूँ।" अली को मुझे आई लव यू कहने के लिए तीन महीने लग गए।"
लेकिन अली के पास एक खास वजह है कि वह अपनी कूकी से प्यार करता है (जैसा कि वह ऋचा को प्यार से संबोधित करते है)। वह मिस बटरफिंगर्स है, ऐसा अली स्नेह से कहते है। "वह सोचती है कि मुझे उसके लापरवाह स्वभाव के कारण ही उससे प्यार हो गया - और यह निश्चित रूप से एक कारण में से है। यदि वह खा रही है, तो वहां गिलास फैला हुआ होगा, भोजन सभी जगह होगा, और कटलरी निश्चित रूप से गिर जाएगी। उसका सबसे शर्मनाक लापरवाही वाला पल वेनिस में था। यह एक अच्छा भोजन कार्यक्रम था और जुडी डेंच अगली मेज पर बैठी थी। अचानक एक सेम उड़ गई - बेशक, वह ऋचा की थाली से थी। वह इसे अपनी प्रिटी वुमन मोमेंट कहती हैं! ”
ऋचा से पूछे जाने पर कि अली ने कैसे प्रोपोज़ किया, ऋचा ने कहा, “उसने मालदीव के एक छोटे से एकांत द्वीप पर एक रोमांटिक डिनर की योजना बनाई थी। मुझे लगा कि यह मेरे जन्मदिन के लिए है - मुझे किसी बात पर शक नहीं हुआ। हम खाना खत्म कर चुके थे और शैम्पेन की चुस्की ले रहे थे, जब अली ने खुद सहज होकर मुझसे शादी करने के लिए कहा। वह अपने घुटने के बल नीचे नहीं गया, न ही उसके पास एक अंगूठी थी, लेकिन वह सब ठीक था। इसके बाद उन्होंने रेत पर 10 मिनट की झपकी ली - मुझे लगता है कि यह इसलिए था, क्योंकि उन्हें प्रपोजल के बारे में तनाव था! ”
कई दशकों के जटिल प्रस्तावों की कहानियों का जश्न मनाने के बाद, यहाँ एक ऐसा जोड़ा जो जीवन भर के हर उतार-चढ़ाव में एक साधारण वादे के साथ जीवन भर के लिए प्रतिबद्ध है। ऋचा ने जावेद अख्तर की आइकॉनिक लाइन बोली, "हमारी दोस्ती इतनी पक्की है कि शादी भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ पायी..."
*ऋचा चड्ढा-अली फज़ल ने एक ब्राइडल मैगज़ीन के अंक में अपनी प्रेम कहानी पर किया खुलासा
वे फिल्म उद्योग के सबसे बेझिझक बोलने वाले लोगों में से दो हो सकते हैं, लेकिन ऋचा चड्ढा और अली फज़ल अपनी प्रेम कहानी के बारे में हमेशा चुप्पी साधी रहे। यह हम जानते हैं कि वे 2012 में फुकरे के सेट पर मिले थे और फिर 2017 में वेनिस में विक्टोरिया और अब्दुल के विश्व प्रीमियर अपने रिश्ते के बारे में घोषणा की। ब्राइड्स टुडे के जुलाई 2020 के अंक के कवर शूट में, दोनों कलाकारों ने अपने प्रेम कहानी का विवरण दिया। हालांकि शुरू में मैगज़ीन कवर वेडिंग के बाद के रूप में थी, लेकिन महामारी ने उनकी शादी की योजना को एक साल के लिए टाल दिया।
मैगज़ीन से बात करते हुए, रिचा ने पहली बार कहा कि वह जानती है कि यह प्यार था। "हम चैपलिन फिल्म मेरे घर पर देख रहे थे - 1992 के अमेरिकी जीवनी कॉमेडी ड्रामा जिसमें रॉबर्ट डाउनी जूनियर थे। मैं अली को फिल्म का आनंद लेते हुए देख कर खुश थी और आभारी यह सोच कर किसी की पसंद बिलकुल मेरी पसंद जैसी है। तभी मैंने उसे कहा, "तुम सच में बहुत प्यारे हो, मैं तुमसे प्यार करती हूँ।" अली को मुझे आई लव यू कहने के लिए तीन महीने लग गए।"
लेकिन अली के पास एक खास वजह है कि वह अपनी कूकी से प्यार करता है (जैसा कि वह ऋचा को प्यार से संबोधित करते है)। वह मिस बटरफिंगर्स है, ऐसा अली स्नेह से कहते है। "वह सोचती है कि मुझे उसके लापरवाह स्वभाव के कारण ही उससे प्यार हो गया - और यह निश्चित रूप से एक कारण में से है। यदि वह खा रही है, तो वहां गिलास फैला हुआ होगा, भोजन सभी जगह होगा, और कटलरी निश्चित रूप से गिर जाएगी। उसका सबसे शर्मनाक लापरवाही वाला पल वेनिस में था। यह एक अच्छा भोजन कार्यक्रम था और जुडी डेंच अगली मेज पर बैठी थी। अचानक एक सेम उड़ गई - बेशक, वह ऋचा की थाली से थी। वह इसे अपनी प्रिटी वुमन मोमेंट कहती हैं! ”
ऋचा से पूछे जाने पर कि अली ने कैसे प्रोपोज़ किया, ऋचा ने कहा, “उसने मालदीव के एक छोटे से एकांत द्वीप पर एक रोमांटिक डिनर की योजना बनाई थी। मुझे लगा कि यह मेरे जन्मदिन के लिए है - मुझे किसी बात पर शक नहीं हुआ। हम खाना खत्म कर चुके थे और शैम्पेन की चुस्की ले रहे थे, जब अली ने खुद सहज होकर मुझसे शादी करने के लिए कहा। वह अपने घुटने के बल नीचे नहीं गया, न ही उसके पास एक अंगूठी थी, लेकिन वह सब ठीक था। इसके बाद उन्होंने रेत पर 10 मिनट की झपकी ली - मुझे लगता है कि यह इसलिए था, क्योंकि उन्हें प्रपोजल के बारे में तनाव था! ”
कई दशकों के जटिल प्रस्तावों की कहानियों का जश्न मनाने के बाद, यहाँ एक ऐसा जोड़ा जो जीवन भर के हर उतार-चढ़ाव में एक साधारण वादे के साथ जीवन भर के लिए प्रतिबद्ध है। ऋचा ने जावेद अख्तर की आइकॉनिक लाइन बोली, "हमारी दोस्ती इतनी पक्की है कि शादी भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ पायी..."
Wednesday, July 1, 2020
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को ले आप का राजधानी में विरोध प्रदर्शन
पेट्रोल-डीजल की कीमतें मोदी सरकार वापस ले:आम आदमी पार्टी
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों ने आम लोगों के लिए ज़रूरी सामान बना दिया महंगा -अजय मेहता (महानगर अध्यक्ष)
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों ने सरकारों को अमीर बना दिया है, लेकिन आम जनता पीड़ित है:यास्मिन लाल (प्रदेश संयुक्त सचिव)
रांची।आम आदमी पार्टी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों पर गाड़ी को रस्सी से खिंच कर आज फिरायालाल चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के बारे में राँची महानगर अध्यक्ष अजय मेहता ने कहा कि आज आम जनता पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के कारण महंगाई से त्रस्त है।
केंद्र सरकार की नीतियां दोहरी और जनविरोधी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तो वह पेट्रोल और डीजल की कीमत पर छत उठाती थी।लेकिन आज स्थिति यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 40 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई है, लेकिन मोदी सरकार उद्योगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम नहीं कर रही है, जबकि आम जनता को कोरोना अवधि के दौरान एक कठिन संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की बेरूखी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मौजूदा समय में पेट्रोल पर कुल उत्पाद शुल्क 32.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 31.83 रुपये प्रति लीटर है। 2014 में जब नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.56 रुपये प्रति लीटर था। इस तरह, इन लगभग छह वर्षों में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 23.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 28.27 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। मोदी सरकार द्वारा पिछले 21 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि की गई है।
केंद्र सरकार की नीतियां दोहरी और जनविरोधी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तो वह पेट्रोल और डीजल की कीमत पर छत उठाती थी।लेकिन आज स्थिति यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 40 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई है, लेकिन मोदी सरकार उद्योगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम नहीं कर रही है, जबकि आम जनता को कोरोना अवधि के दौरान एक कठिन संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की बेरूखी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मौजूदा समय में पेट्रोल पर कुल उत्पाद शुल्क 32.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 31.83 रुपये प्रति लीटर है। 2014 में जब नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.56 रुपये प्रति लीटर था। इस तरह, इन लगभग छह वर्षों में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 23.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 28.27 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। मोदी सरकार द्वारा पिछले 21 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि की गई है।
प्रदेश संयुक्त सचिव यास्मिन लाल ने कहा कि केंद्र सरकार को समझना चाहिए, कोरोना संकट के दौरान पेट्रोल, डीजल की कीमत में वृद्धि के कारण फल, सब्जियां, राशन, दवाइयां सभी की कीमतें बढ़ रही हैं, इस वजह से, आम लोग इस संकट के दौरान गहरे वित्तीय समय में हैं। पेट्रोल डीजल की कीमतों में आई इस तेजी का खामियाजा किसान भुगत रहे हैं।
प्रदेश कोषाध्यक्ष आलोक शरण ने कहा कि केंद्र सरकार को राजस्व के अन्य स्रोतों को देखना चाहिए। देश के आम नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कम कीमत का लाभ मिलना चाहिए, इसलिए मोदी सरकार को पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लेना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से राजन कुमार सिंह, वसीम अकरम, परवेज अख्तर, अरूण पाठक, अविनाश नारायण, संदीप भगत, रहुल कुमार, रेणुका तिवारी, सुनील राम, अखोरी गंगेश , अमित कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे।
पब्लिक शौचालय में जड़ दिया ताला; सफाई कर्मी वेतन व रोजगार दोनों से गए, सीनियर डिप्टी मेयर के वार्ड की नाक के नीचे घटी घटना
ARVIND SINGH.चंडीगढ़। कोरोना काल मे सफाई कर्मियों को योद्धा के तौर पर पूछा जाता है। भारत सरकार स्वच्छ भारत मिशन के लिए तमाम योजनाएं बनती है।लेकिन यह सब सरकारी नियम जमीनी हक्कीत्त में खोकले साबित हो रहे है। सेक्टर 22 के शास्त्री मार्किट के समीप पब्लिक शौचलियो की देखरेख करने वाले सफाई कर्मियों के लिए पिछले दो दिन काफी भारी साबित हुए। यह कर्मी पहले ही कई महीनों से वेतन न मिलने की वजह से आर्थिक तंगी से गुजर रहे है, वही जब यह अपना वेतन मांगने के लिए ठेकेदार के पास गए तो बदले में अगले दिन वे अपने रोज़गार से भी गए।
पब्लिक शौचलिये को ताला लगा दिया गया। निगम के अधिकारी कुछ नही कर सके और यह सब वार्ड नं 3 के एरिया पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर रवि कांत शर्मा की नाक के ठीक नीचे हुआ। वही , मसले पर निगम के अन्य पार्षद सतीश कैंथ ने शिकायत भी भेजी है। दूसरी तरफ आरोप है कि सफाई कर्मियों पर काम पर नही आने का दवाब भी बनाया गया और उन्हें कहा गया कि अब काम का ठेका बदल गया है इस लिए काम पर न आये। ऐसे में सवाल यह उठता है कि रातो रात पब्लिक शौचलय का ठेका कैसे बदल गया ? क्या निगम की इसकी कोई जानकारी थी ,यह भी सवाल खड़ा करता है। पूरे घटनाक्रम में मार्किट के आस पास की पब्लिक और सफाई कर्मी परेशान हुए। परेशान कर्मियों को साथ लेकर सामाजिक कार्येकर्ता अरविंद सिंह बुधवार को निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के पास लेजर गए। जिनके समक्ष सफाई कर्मियों ने अपनी परेशानी बयां की। चीफ इंजीनियर ने उन्हें आश्वासन दिया।
पब्लिक शौचलिये को ताला लगा दिया गया। निगम के अधिकारी कुछ नही कर सके और यह सब वार्ड नं 3 के एरिया पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर रवि कांत शर्मा की नाक के ठीक नीचे हुआ। वही , मसले पर निगम के अन्य पार्षद सतीश कैंथ ने शिकायत भी भेजी है। दूसरी तरफ आरोप है कि सफाई कर्मियों पर काम पर नही आने का दवाब भी बनाया गया और उन्हें कहा गया कि अब काम का ठेका बदल गया है इस लिए काम पर न आये। ऐसे में सवाल यह उठता है कि रातो रात पब्लिक शौचलय का ठेका कैसे बदल गया ? क्या निगम की इसकी कोई जानकारी थी ,यह भी सवाल खड़ा करता है। पूरे घटनाक्रम में मार्किट के आस पास की पब्लिक और सफाई कर्मी परेशान हुए। परेशान कर्मियों को साथ लेकर सामाजिक कार्येकर्ता अरविंद सिंह बुधवार को निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के पास लेजर गए। जिनके समक्ष सफाई कर्मियों ने अपनी परेशानी बयां की। चीफ इंजीनियर ने उन्हें आश्वासन दिया।
पिछले वर्ष निगम सदन की बैठक में पब्लिक शौचालयों की देख रेख के लिए मार्किट और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को निगम पैसा देगा। लेकिन निगम का यही पारित एजेंडा अब सवालों के घेरे में है। आज कार्यवाही में में शामिल हुए चंडीगढ़ सबोर्डिनेट सर्विस फेडरेशन इंटक के कन्वीनर राकेश कुमार महासचिव रंजीत मिश्रा सुलभ शौचालय प्रधान किरण बाला जीएमसीएच सुरक्षा कर्मचारी यूनियन प्रवक्ता अरविंद सिंह रमेश शर्मा नरेंद्र चौधरी आदि नेता शामिल हुए।
पब्लिक शौचालय में जड़ दिया ताल; सफाई कर्मी वेतन और रोजगार दोनों से गए, सीनियर डिप्टी मेयर के वार्ड की नाक के नीचे घटी घटना
चंडीगढ़। कोरोना काल मे सफाई कर्मियों को योद्धा के तौर पर पूछा जाता है। भारत सरकार स्वच्छ भारत मिशन के लिए तमाम योजनाएं बनती है।लेकिन यह सब सरकारी नियम जमीनी हक्कीत्त में खोकले साबित हो रहे है। सेक्टर 22 के शास्त्री मार्किट के समीप पब्लिक शौचलियो की देखरेख करने वाले सफाई कर्मियों के लिए पिछले दो दिन काफी भारी साबित हुए। यह कर्मी पहले ही कई महीनों से वेतन न मिलने की वजह से आर्थिक तंगी से गुजर रहे है, वही जब यह अपना वेतन मांगने के लिए ठेकेदार के पास गए तो बदले में अगले दिन वे अपने रोज़गार से भी गए।
पब्लिक शौचलिये को ताला लगा दिया गया। निगम के अधिकारी कुछ नही कर सके और यह सब वार्ड नं 3 के एरिया पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर रवि कांत शर्मा की नाक के ठीक नीचे हुआ। वही , मसले पर निगम के अन्य पार्षद सतीश कैंथ ने शिकायत भी भेजी है। दूसरी तरफ आरोप है कि सफाई कर्मियों पर काम पर नही आने का दवाब भी बनाया गया और उन्हें कहा गया कि अब काम का ठेका बदल गया है इस लिए काम पर न आये। ऐसे में सवाल यह उठता है कि रातो रात पब्लिक शौचलय का ठेका कैसे बदल गया ? क्या निगम की इसकी कोई जानकारी थी ,यह भी सवाल खड़ा करता है। पूरे घटनाक्रम में मार्किट के आस पास की पब्लिक और सफाई कर्मी परेशान हुए। परेशान कर्मियों को साथ लेकर सामाजिक कार्येकर्ता अरविंद सिंह बुधवार को निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के पास लेजर गए। जिनके समक्ष सफाई कर्मियों ने अपनी परेशानी बयां की। चीफ इंजीनियर ने उन्हें आश्वासन दिया।
पब्लिक शौचलिये को ताला लगा दिया गया। निगम के अधिकारी कुछ नही कर सके और यह सब वार्ड नं 3 के एरिया पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर रवि कांत शर्मा की नाक के ठीक नीचे हुआ। वही , मसले पर निगम के अन्य पार्षद सतीश कैंथ ने शिकायत भी भेजी है। दूसरी तरफ आरोप है कि सफाई कर्मियों पर काम पर नही आने का दवाब भी बनाया गया और उन्हें कहा गया कि अब काम का ठेका बदल गया है इस लिए काम पर न आये। ऐसे में सवाल यह उठता है कि रातो रात पब्लिक शौचलय का ठेका कैसे बदल गया ? क्या निगम की इसकी कोई जानकारी थी ,यह भी सवाल खड़ा करता है। पूरे घटनाक्रम में मार्किट के आस पास की पब्लिक और सफाई कर्मी परेशान हुए। परेशान कर्मियों को साथ लेकर सामाजिक कार्येकर्ता अरविंद सिंह बुधवार को निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के पास लेजर गए। जिनके समक्ष सफाई कर्मियों ने अपनी परेशानी बयां की। चीफ इंजीनियर ने उन्हें आश्वासन दिया।
पिछले वर्ष निगम सदन की बैठक में पब्लिक शौचालयों की देख रेख के लिए मार्किट और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को निगम पैसा देगा। लेकिन निगम का यही पारित एजेंडा अब सवालों के घेरे में है। आज कार्यवाही में में शामिल हुए चंडीगढ़ सबोर्डिनेट सर्विस फेडरेशन इंटक के कन्वीनर राकेश कुमार महासचिव रंजीत मिश्रा सुलभ शौचालय प्रधान किरण बाला जीएमसीएच सुरक्षा कर्मचारी यूनियन प्रवक्ता अरविंद सिंह रमेश शर्मा नरेंद्र चौधरी आदि नेता शामिल हुए।
ऋचा चड्ढा और अली फजल ने अपने पहले मैगजीन कवर में एक जोड़े के रूप में, सभी के लिए रिलेशनशिप गोल सेट किया
ऋचा चड्ढा और अली काजल शायद टिनसेल्टाउन के सबसे प्यारे जोड़ों में से एक हैं, लेकिन रिचा चड्ढा और अली काजल के बारे में हम वास्तव में कितना जानते हैं? कुछ विवरण जैसे कि वे अपनी फिल्म फुकरे के सेट पर मिले और प्यार हो गया, उनकी प्रेम कहानी के बारे बात करे तोह अच्छी तरह से गुप्त रखा गया क्योंकि उन्होंने कुछ मौके को छोड़कर हमेशा लो प्रोफाइल बनाये रखा। अब, ब्राइड्स टुडे के जून-जुलाई संस्करण के लिए एक भव्य पत्रिका की शूटिंग में, दोनों कलाकार ने इस बात की कहानी बयां की है कि वे सबसे अच्छे दोस्त से जीवन साथी कैसे बने।
अप्रैल में शादी करने वाले थे, लेकिन शादी के लिए चल रही महामारी के कारण शादी को आगे बढ़हा दिया गया। देश के लॉकडाउन में जाने से कुछ हफ़्ते पहले, एक साथ कवर शूट में, दोनों एक खूबसूरत तस्वीर क्लिक करवाई। ऋचा हर तरह से अपने खूबसूरत लहंगे में तेजस्वी दिख रही हैं, जो दर्शाता है कितनी खूबसूरत दुल्हन के रूप में ऋचा दिखेगी। और अली अपने दुल्हे की पोशाक में शानदार लग रहे हैं। लेकिन इन् सबसे कहीं अधिक जो हमारी आँखों आकर्षित कर रही, है वो है इनको एक साथ खुस देखना, इनकी चमकती आँखें हमारे दिल को लुभा रही है।
प्रशंसकों के लिए, इस कवर स्टोरी का मुख्य आकर्षण उनकी पूरी प्रेम कहानी की यात्रा है।
Monday, June 29, 2020
झारखंड हाहाईकोर्ट ने बाबा मंदिर खोलने व काँवर यात्रा के लिए गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की याचिका स्वीकार की
झारखंड हाईकोर्ट ने मंदिर खोलने व काँवर यात्रा के लिए गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की याचिका स्वीकार की। झारखंड सरकार, ज़िलाधिकारी देवघर, पंडा धर्मरक्षािणी व बिहार सरकार को नोटिस जारी किया । अगली सुनवाई ३० जून को होगी ।
साथ ही आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भी पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा कुछ शर्तों के आधार पर निकालने का आदेश दिया था. उसी तर्ज पर देवघर में श्रावणी मेला का आयोजन करने से संबंधित निर्देश राज्य सरकार को देने की मांग की है. प्रार्थी ने कहा कि श्रावणी मेला से करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई हैं.
हिंदू धर्मावलंबियों के लिए यह ऐतिहासिक मेला साल में एक बार लगता है, जो एक माह तक चलता है. 19वीं शताब्दी में प्लेग महामारी के समय भी श्रावणी मेला का आयोजन हुआ था. श्रद्धालुओं ने बाबा बैजनाथ का दर्शन कर जलाभिषेक किया था. यह आयोजन कभी बंद नहीं हुआ है. अनवरत चलता रहा है. इसका आयोजन नहीं होने से करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी. प्रार्थी ने वैसी स्थिति में देवघर में सभी प्रकार की सावधानी के साथ सावन और भादो माह में आयोजित होनेवाले श्रावणी मेले की अनुमति देने का आग्रह किया है.
लाखों लोगों की आस्था और आजीविका का सवाल है, इसलिए जनहित याचिका दायर
गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर आमलोगों के दर्शन के लिए खुला रहे, यह मेरे जीवन का हिस्सा है. मैं आज जो कुछ भी हूं बाबा के कारण ही हूं. बाबा के प्रति मेरी अंधभक्ति है. इसलिए मुझे बाबा की पूजा के अलावा कुछ नहीं दिखता है.
उन्होंने कहा कि यदि मैं कोरोना को मानता हूं, तो साइंस को भी मानता हूं. यदि बाबा को मानता हूं, तो धर्म को मानता हूं. विज्ञान और धर्म में किसी एक का चयन करना हो, तो धर्म को चुनेंगे. बाबा मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी है. लाखों लोगों की आजीविका का भी सवाल है. इसलिए हाइकोर्ट गये हैं. जनहित याचिका दायर किया गया है.
हर हर महादेव..जय बाबा बैधनाथ धाम🙏🙏
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एक बुराई आपकी सारी अच्छाइयों पर पानी फेर देती है और आप देवताओं की नजरों में भी नीचे गिर जाते हैं। विद्वान और प्रकांड पंडित होने से आप अच्छे...
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लोहरदगा में सुरक्षाबलों को सर्च ऑपरेशन में 200 आईइडी मिले लोहरदगा के कोरगो जंगल में माओवादी दस्ते के साथ मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान में सुर...


















