Saturday, July 4, 2020
दरभंगा के हायाघाट के पतोर गांव में आम चुनने गई किशोरी ज्योति की मौत के कारणों का खुलासा
दरभंगा के हायाघाट के पतोर गांव में आम चुनने गई किशोरी की मौत के कारणों का खुलासा हो गया है। किशोरी की मौत करंट लगने के कारण दम घुटने से हुई है। किशोरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही बात सामने आई है। जैसा कि आरोप लगाया जा रहा था, न तो हत्या और न ही रेप की पुष्टि हुई है। सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में लगातार कहा जा रहा है कि पीड़िता वही ज्योति कुमारी है, जो अपने बीमार पिता को दिल्ली से दरभंगा साइकिल पर बैठाकर ले गयी थी। यह भी दावा किया जा रहा था कि ज्योति कुमारी का नृशंस तरीके से रेप कर हत्या की गयी है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर लगातार #ज्योति_पासवान_1 #Justice_for_jyoti ट्रेंड करवाया जा रहा था, वो भी बिना तथ्यों को परखे और जाने। Also Read - गुंडागर्दी से राजनीति में आये विकास दुबे के गुनाहों का ये है कच्चा चिट्ठा सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर यह बात फैलायी गयी, 'यही वो नाम है जो आज से करीब दो महीने पहले अमेरिका की प्रिंसेज के ट्विटर हैंडल पर चमका था। यहां-वहां जहां-तहां दरभंगा का जिक्र होते ही ज्योति पासवान का नाम पहले आ जाता था, हर बिहारी के ट्विटर, फेसबुक हैंडल पर बस ज्योति और उसके पिता की वो साइकिल वाली तस्वीरें लग गई थी, इक पूरा मीडिया शेल उसके पीछे लगी, सांसद, विधायकों का तो मानो पूरा मजमा लगे गया था उस बच्ची के पीछे ,हर कोई उसे अपने पार्टी के झंडे के नीचे लाना चाहते थे, और उसका कारनामा भी क्या गज़ब था, सरकार की सब से बड़ी विफलता में उसने अपनी जीवन बड़ी सफलता हासिल कर ली थी। स्पोर्ट्स साइकिल से लेकर राजनतिक पार्टियों के चेक तक उसके आगे पीछे घूमता रहा.... वक़्त का पहिया थोड़ा आगे फिसला! इस बीच वर्चुअल रैलियां, चौपर यात्रा, और साइकिल रैलियां हुई!! और आज 3 महीने बाद फिर से दरभंगा चर्चा में नाम भी वही #ज्योति_पासवान_2.आज किसी #अर्जुन_मिश्रा के हवस शिकार हुई 15 बरस की #ज्योति_पासवान... और क्यों?? क्योंकि ज्योति उस अर्जुन मिश्रा के बगीचे में आम चुनने के लिए गई थी और ये बात एक सामंतवादी दिमाग़ को इतना ठेस पहुंचा गया कि उस अर्जुन मिश्रा ने अपने पत्नी के सामने ही पहले उस 15 बरस की बच्ची के साथ दुराचार किया और फिर हसिए से गले को रेत दिया।
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