ARVIND SINGH.चंडीगढ़। कोरोना काल मे सफाई कर्मियों को योद्धा के तौर पर पूछा जाता है। भारत सरकार स्वच्छ भारत मिशन के लिए तमाम योजनाएं बनती है।लेकिन यह सब सरकारी नियम जमीनी हक्कीत्त में खोकले साबित हो रहे है। सेक्टर 22 के शास्त्री मार्किट के समीप पब्लिक शौचलियो की देखरेख करने वाले सफाई कर्मियों के लिए पिछले दो दिन काफी भारी साबित हुए। यह कर्मी पहले ही कई महीनों से वेतन न मिलने की वजह से आर्थिक तंगी से गुजर रहे है, वही जब यह अपना वेतन मांगने के लिए ठेकेदार के पास गए तो बदले में अगले दिन वे अपने रोज़गार से भी गए।
पब्लिक शौचलिये को ताला लगा दिया गया। निगम के अधिकारी कुछ नही कर सके और यह सब वार्ड नं 3 के एरिया पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर रवि कांत शर्मा की नाक के ठीक नीचे हुआ। वही , मसले पर निगम के अन्य पार्षद सतीश कैंथ ने शिकायत भी भेजी है। दूसरी तरफ आरोप है कि सफाई कर्मियों पर काम पर नही आने का दवाब भी बनाया गया और उन्हें कहा गया कि अब काम का ठेका बदल गया है इस लिए काम पर न आये। ऐसे में सवाल यह उठता है कि रातो रात पब्लिक शौचलय का ठेका कैसे बदल गया ? क्या निगम की इसकी कोई जानकारी थी ,यह भी सवाल खड़ा करता है। पूरे घटनाक्रम में मार्किट के आस पास की पब्लिक और सफाई कर्मी परेशान हुए। परेशान कर्मियों को साथ लेकर सामाजिक कार्येकर्ता अरविंद सिंह बुधवार को निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के पास लेजर गए। जिनके समक्ष सफाई कर्मियों ने अपनी परेशानी बयां की। चीफ इंजीनियर ने उन्हें आश्वासन दिया।
पब्लिक शौचलिये को ताला लगा दिया गया। निगम के अधिकारी कुछ नही कर सके और यह सब वार्ड नं 3 के एरिया पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर रवि कांत शर्मा की नाक के ठीक नीचे हुआ। वही , मसले पर निगम के अन्य पार्षद सतीश कैंथ ने शिकायत भी भेजी है। दूसरी तरफ आरोप है कि सफाई कर्मियों पर काम पर नही आने का दवाब भी बनाया गया और उन्हें कहा गया कि अब काम का ठेका बदल गया है इस लिए काम पर न आये। ऐसे में सवाल यह उठता है कि रातो रात पब्लिक शौचलय का ठेका कैसे बदल गया ? क्या निगम की इसकी कोई जानकारी थी ,यह भी सवाल खड़ा करता है। पूरे घटनाक्रम में मार्किट के आस पास की पब्लिक और सफाई कर्मी परेशान हुए। परेशान कर्मियों को साथ लेकर सामाजिक कार्येकर्ता अरविंद सिंह बुधवार को निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के पास लेजर गए। जिनके समक्ष सफाई कर्मियों ने अपनी परेशानी बयां की। चीफ इंजीनियर ने उन्हें आश्वासन दिया।
पिछले वर्ष निगम सदन की बैठक में पब्लिक शौचालयों की देख रेख के लिए मार्किट और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को निगम पैसा देगा। लेकिन निगम का यही पारित एजेंडा अब सवालों के घेरे में है। आज कार्यवाही में में शामिल हुए चंडीगढ़ सबोर्डिनेट सर्विस फेडरेशन इंटक के कन्वीनर राकेश कुमार महासचिव रंजीत मिश्रा सुलभ शौचालय प्रधान किरण बाला जीएमसीएच सुरक्षा कर्मचारी यूनियन प्रवक्ता अरविंद सिंह रमेश शर्मा नरेंद्र चौधरी आदि नेता शामिल हुए।


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