Friday, December 13, 2019

जमशेदपुर पूर्व से निर्दलीय प्रत्याशी श्री सरयू राय द्वारा ईवीएम को हैक करने के लिए दक्षिण भारत के 8-10 लोगों के रांची के होटल एमराल्ड में ठहरे होने के संबंध में दी गई सूचना तथ्यहीन : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी


न्यूज़ डेस्क। 
श्री विनय कुमार चौबे, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि जमशेदपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी श्री सरयू राय ने कल दिनांक 12 दिसंबर 2019 की रात्रि में दूरभाष पर उन्हें सूचना दी कि ईवीएम को हैक करने के मकसद से रांची स्थित होटल एमराल्ड में दक्षिण भारत के लगभग 8-10 व्यक्ति ठहरे हुए हैं. दूरभाष पर श्री राय को बताया गया कि ईवीएम तकनीकी तौर पर पूरी तरह सुरिक्षत है. इसे कदापि हैक नहीं किया जा सकता है, फिर भी मामले की तहकीकात करने हेतु रांची जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया. 

*फ्लाईट प्रिपरेशन प्लान और फ्लाईट ऑपरेशन हेतु आए हैं एक एविएशन कंपनी के दो कर्मचारी*
वरीय पुलिस अधीक्षक ने हटिया के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) से इस मामले की जांच कराई. जांच में पाया गया कि राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले प्रचार हेतु एक एविएशन कंपनी के तीन चौपरों के फ्लाईट प्लान प्रिपरेशन और फ्लाईट ऑपरेशन हेतु दक्षिण भारत के दो कर्मचारी  लगभग एक माह से उक्त होटल में ठहरे हुए हैं. इस प्रकार इनका ईवीएम से कुछ भी लेना-देना नहीं है. अभ्यर्थी द्वारा दी गई जानकारी तथ्यहीन है.

झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अपना इस्तीफ सौंपा





रांची। झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अपना इस्तीफ सौंप दिया है । राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलकर उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया. हालांकि, उन्होंने मंत्री पद और विधायक के पद से पहले ही इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन नियमत: फैक्स संदेश से काम नहीं चलना है, मंत्री को सशरीर पहुंचकर इस्तीफा देना सही होता है. इस कारण राजभवन ने यह कह दिया था कि उनको इस्तीफा नहीं मिला है. इसके बाद शुक्रवार को सुबह ग्यारह बजे राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलकर सरयू राय ने अपना इस्तीफा विधिवत सौंप दिया. वैसे वे पहले ही भाजपा से इस्तीफा दे चुके थे, लेकिन बाद में भाजपा ने भी उनको 6 साल के लिए बरखास्त कर दिया था. उन्होंने जमशेदपुर पूर्वी से भाजपा के अधीकृत प्रत्याशी मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ा था. सरयू राय ने इस्तीफा सौंपने के बाद मीडिया से राजभवन के बाहर ही बातचीत की और कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास को उनको (खुद सरयू राय को) बरखास्त करना चाहिए था, लेकिन उनको बरखास्त नहीं किया, नतीजतन हमने अपना इस्तीफा सौंप दिया. वैसे फैक्स से पहले ही इस्तीफा भेज दिया था. उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रदर्शन इस बार के चुनाव में ठीक नहीं रहने वाला है और 15 से ज्यादा सीटें भाजपा को नहीं मिलने वाली है. सरयू राय ने कहा कि नैतिकता के कारण उन्होंने विधायक और मंत्री के पद से इस्तीफा 17 नवंबर को फैक्स से ही भेज दिया था. विधानसभा से इसकी पुष्टि भी हुई, लेकिन राजभवन ने इसकी पुष्टि नहीं की. वैसे उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ा तो उनके इस्तीफा का इंतजार मुख्यमंत्री को नहीं करना चाहिए था सीधे बरखास्त कर देना चाहिए था, लेकिन नही किया. उन्होंने जमशेदपुर पूर्वी से अपनी जीत के बारे में बताया कि बड़े बोल नहीं बोलना चाहिए. 23 दिसंबर को ही साफ हो पायेगा कि कौन जीतेगा, लेकिन मेरे पक्ष में जनता ने अच्छा वोटिंग किया है, यह मालूम है.

Thursday, December 12, 2019

#Assemblyelections2019 के तीसरे चरण में आज सुबह से ही मतदाता अपने मतदान केंद्रों पर कतार में


*रिपोर्ट 9 AM -13.05 % मतदान*

#Assemblyelections2019 के तीसरे चरण में आज सुबह से ही मतदाता अपने मतदान केंद्रों पर कतार में खड़े नजर आ रहे है। लोकतंत्र के इस महोत्सव में मतदाता अपने मत का प्रयोग करने के लिए काफी उत्साहित हैं।झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में आज 12 सीटों कोडरमा, बरही, मांडू, हजारीबाग, सिमरिया, बड़कागांव, धनवार, गोमियां, बेरमो, ईचागढ़, सिल्ली और खिजरी में सुबह 7 से संध्या 3 बजे तक होगा मतदान। वही 5 सीटों रांची, हटिया, कांके, रामगढ़ और बरकट्ठा में सुबह 7 बजे से शाम के 5 बजे तक होगा मतदान।

*पिछले विधानसभा चुनाव 2014 में इन क्षेत्रों में कुल 62% वोटिंग हुई थी।*

*झारखंड के 08 जिलों कोडरमा, हज़ारीबाग़, रामगढ़, रांची, चतरा, गिरिडीह, बोकारो एवं  सरायकेला-खरसावां के 17 विधानसभा सीटों पर प्राप्त आकड़ों के अनुसार  अभी तक 13.05 % मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है।*


तीसरे चरण में 17 विधानसभा  सीटों  पर अभी तक निम्न मतदान प्रतिसत प्राप्त हुए है:

*19-कोडरमा-10.20%*
*20-बरकट्ठा-15.90%*
*21-बरही-13.08%*
*22-बड़कागांव-13.70%*
*23-रामगढ़-17.30%*
*24-मांडू-14.20%*
*25-हजारीबाग-10.27%*
*26-सिमरिया-13.77%*
*28-धनवार-7.57%*
*34-गोमियां-13.02%*
*35- बेरमो-12.75%*
*50-ईचागढ़-14.11%*
*61-सिल्ली-16.35%*
*62-खिजरी-16.25%*
*63-रांची-10.64%*
*64-हटिया-11.40%* 
*65-कांके-13.60%*

हरियाणा: कोसली स्टेशन पर लगी पीने के पानी की टंकी में मिली मरी हुई छिपकली..

*भिवानी से कोसली स्टेशन पहुंची रेलवे अधिकारियों की टीम...
*निरीक्षण कर कोसली रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का लिया जायज़ा...
*महज़ खानापूर्ति कर वापस लौटी अधिकारियों की टीम...
*स्टेशन पर लगी पीने के पानी की टंकी में मिली मरी हुई छिपकली...
*अधिकारियों ने नकारते हुए कहा, ऐसी कोई बात नही सब ठीक है...
*तस्वीरें देखकर आप भी कहेंगे, मत पीना इस स्टेशन का पानी...
*पानी पीने से हो सकती है यात्रियों की तबियत ख़राब...
*अधिकारियों को नही है यात्रियों की जान की परवाह...

रेवाड़ी, जगदीश यादव
। हरियाणा 
रेल यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना भारतीय रेल का कर्तव्य है। स्टेशन परिसर में यात्रियों के खानपान, शौचालय व बैठने का उचित प्रबंध करना रेल विभाग की प्राथमिकता रहती है। जिसको लेकर रेल विभाग द्वारा अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्तियां भी की गई है। आज बीकानेर व भिवानी से रेलवे के आलाधिकारी व रेल बोर्ड कमेटी पीएसी मेंबर कोसली रेलवे स्टेशन पहुंचे। अधिकारियों ने स्टेशन पर पहुंचकर निरीक्षण करने के उपरांत स्टेशन अधीक्षक व स्टाफ़ सदस्यों की बैठक भी ली जिसमें सब कुछ दुरुस्त पाया गया। लेकिन मीडिया के कैमरे ने स्टेशन की कुछ उन तस्वीरों को कैद कर लिया जिसको अधिकारियों द्वारा अनदेखा कर, निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई थी। कोसली स्टेशन पर रेल यात्रियों के लिए बनी पीने के पानी की टँकीयों में जब मरी हुई छिपकली मिली, तो अधकारियों से सवाल करने पर भी उसे अनदेखा कर दिया गया। इस बात से आप सहज ही अंदाजा लगा सकते है कि यात्रियों के स्वास्थ्य की इन रेल अधिकारियों को कितनी चिंता है। भारतीय रेल यातायात का सबसे सुगम और सस्ता साधन है। इसलिए इसमें हर वर्ग के लोग सफ़र कर अपने गंतव्य तक पहुंचते है। लेकिन यहां सवाल यह खड़ा होता है कि जब जिन अधिकारियों को यह सब देखने का जिम्मा सौंपा गया है और वही इसको अनदेखा कर दें तो ....,यात्रियों के स्वास्थ्य एवं प्राण का क्या होगा!

Wednesday, December 11, 2019

गोड्डा के मेहरमा में पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ें 1लाख 84 हजार रूपए नगद





शंकर मंडल।
गोड्डा जिला के पुलिस कप्तान श्री शैलेन्द्र प्रसाद बर्णवाल के निर्देशन पर गोड्डा जिला के सभी थाना प्रभारियों द्वारा विधानसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर वाहनों का चेकिंग कराया जा रहा था। चेकिंग के दौरान मेहरमा थाना क्षेत्र अंतर्गत गैस गोदाम मेहरमा  के समीप  मेहरमा थाना द्वारा वाहनों के चेकिंग के दौरान एक वाहन को रोका गया। रोकने के बाद गाड़ी की डिक्की चेक किया गया तथा उस व्यक्ति के पीठ पर टंगे बैग को चेक किया तो पाया कि उस बैग के अंदर रुपयों का बंडल है। इस संबंध में पूछताछ करने पर अपना नाम मो निजामुद्दीन, पे-मो सुल्तान, ग्राम-मजगाय, थाना-बलबड्डा, जिला-गोड्डा बताया तथा रुपयों के संबंध मे कोई कागजात प्रस्तुत नही किया।
उक्त रुपयों (1,84,000/-रु0) एवं मोटर साइकिल को जप्त कर लिया गया तथा उक्त व्यक्ति को थाना लाया गया।

विवाह से पहले संबंध टूटने या दरार आने का कारण, प्री वेडिंग शूट और डांस भी हो सकते हैं..




परिवार वाले धूमधाम से लड़के-लड़की की सगाई करते हैं। लड़के और लड़की के माता-पिता में कोई विवाद नहीं होता, लेकिन सगाई के थोड़े ही दिनों पता चलता है कि लड़के लड़की के विचारनहीं मिल रहे हें। विवाह से पहले ही दोनों के बीच संबंध खत्म हो रहे हैं या फिर संबंधों में दरार आ गई है। समाज में ऐसी घटनाएं आए दिन हो रही हैं। इससे समाज में तनाव भी व्याप्त हो रहा है। लड़के-लड़की के हालातों और विचारों को देखते हुए रिश्तेदार और पहचान वाले रिश्ते बताने से भी कतराते हैं। समाज के इन हालातों   को देखते हुए ही मध्यप्रदेश में गुजराती, जैन और सिन्धी समुदाय की कुछ संस्थाओं ने प्री-वेडिंग शूट, डांस आदि के आयोजनों पर रोक लगाने का फैसला किया है। यानि संस्थाओं से जुड़े परिवार के लड़के-लड़कियां विवाह से पहले प्री वेडिंग शूट के लिए किसी हिल स्टेशन पर नहीं जाएंगे और न ही विवाह से पहले संयुक्त डांस करेंगे। फैसला लेने वाली संस्थाओं का मानना है कि प्री वेडिंग शूट जैसे कार्यक्रमों से फिजूलखर्ची तो होती ही है। साथ ही अप्रिय घटनाएं हो जाती है। कई बार ऐसे कारण संबंधों को खत्म कर देते हैं। प्री वेडिंग शूट जैसे कार्यक्रम भारत की सनातन संस्कृति के विरूद्व भी हैं। ऐसे आयोजन पश्चिम की खुली संस्कृति के प्रतीक हें। भारतीय समाज में अब प्री वेडिंग शूट की होड़ लग गई हैं। हालांकि उपभोक्तावादी माहौल और पश्चिम की खुली संस्कृति को स्वीकारने वाले लोग इस रोक से सहमत नहीं होंगे। नारी स्वतन्त्रता की झंडाबरदार प्रगतिशील लेखक भी रोक के विरोध में विचार व्यक्त करेंगे, लेकिन यह सही है कि समाज में विवाह से पहले ही संबंध टूट रहे हैं। संबंध टूटने का एक कारण प्री वेडिंग शूट भी हो सकता है। असल में आज के लड़के लड़कियां जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षी हो गए हैं। जो लड़कियां किसी कम्पनी में नौकरी करती हैं, उनकी सोच तो परिवार से एकदम अलग हो जाती है। ऐसी लड़कियां अपने स्तर पर ही लड़के का चयन करती है। कई बार विवाह के बाद ऐसे प्रेम विवाह तलाक में तब्दील हो जाते हैं। यह माना कि महिलाओं को स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन महिलाओं को भी परिवार से जुड़ा रहना चाहिए। आज जो लड़की किसी मल्टीनेशनल कम्पनी में मोटे वेतन पर कार्य कर रही है कल उसे अपना घर भी बसाना है। महिलाओं से परिवार अच्छा लगता है। हमारी संस्कृति में तो महिलाओं को खासकर लड़कियों को देवी का स्वरूप माना गया है। परिवार खुशहाल होगा तो समाज और देश अच्छा होगा। समाज-परिवार को बुराईयों से बचना ही चाहिए।
(एस.पी.मित्तल) 

बहन की शादी के लिए लाखों का लिया था कर्ज, अब चुकाने के लिए किडनी बेचने पहुंचा रिम्स




रांची। कर्ज का बोझ किसी भी इंसान को कुछ भी करने के लिए मजबूर कर सकता है. कुछ इसी तरह का मामला सूबे की राजधानी में देखने को मिला. जहां एक शख्स अपनी किडनी बेचने के लिए पहुंचा था.दरअसल, गिरिडीह जिले के जमुआ के रहने वाले रंजन दास मंगलवार को रिम्स पहुंचे थे, ये चाहते थे कि कोई उनकी किडनी खरीद ले. क्योंकि उन्होंने 3 साल पहले अपनी बहन की शादी करने के लिए 7 लाख का कर्ज लिया था. अब कर्ज लेने के बाद कर्जदार इनके घर पर रोज कर्ज की ताना देने आ रहे हैं जिस वजह से यह शख्स मजबूर और लाचार होकर अपनी किडनी बेचने के रांची के रिम्स पहुंच गया.हालांकि, रिम्स में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं होने की वजह से यह शख्स अपनी किडनी नहीं बेच सका. लेकिन ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि एक तरफ जहां झारखंड में हो रहे चुनाव में प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पानी की तरह करोड़ों रुपए बहा रहे हैं. तो वहीं दूसरी ओर इसी राज्य का एक शख्स अपनी जरूरतों को भी पूरा करने के लिए हजार रुपए तक की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है.

Tuesday, December 10, 2019

कोलकाता:वेश्यालय के प्रबंधक, दलाल और ग्राहक सहित तीस लोगों को गिरफ्तार किया गया,




(specimen pic)
कोलकाता।  वेश्यालय के प्रबंधक, दलाल और ग्राहक सहित तीस लोगों को गिरफ्तार किया गया, जब कोलकाता में 29 ब्यूटी कार्यकर्ताओं को एक साथ दो ब्यूटी पार्लर और दो अन्य परिसरों में एक साथ छापे के दौरान बचाया गया था, एक अधिकारी ने सोमवार को कहा।

 संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने शनिवार रात कहा कि शहर की पुलिस की मानव तस्करी विरोधी इकाई द्वारा दक्षिणी और मध्य भाग में छापे मारे गए।

 जाधवपुर पुलिस स्टेशन के तहत प्रिंस अनवर शाह रोड पर तीसरे मंजिल के फ्लैट से वेश्यालय प्रबंधक सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया और सात यौनकर्मियों को हटा दिया गया।

 भवानीपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत भगवान महावीर सरानी के स्वीट एंड शॉवर फैमिली सैलून और स्पा में नौ ग्राहकों, 10 यौनकर्मियों, एक प्रबंधक और दो दंपतियों की तलाशी ली गई।  स्पा से एक वेश्यालय संचालित किया जा रहा था।

 यौनकर्मियों को पीड़ितों के रूप में हटा दिया गया और अन्य को हिरासत में ले लिया गया।

 तीसरी छापेमारी के दौरान, गरियाहाट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एक राशबिहारी एवेन्यू परिसर की पहली मंजिल से दो ग्राहकों, वेश्यालय के मालिक और प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया।  छह यौनकर्मियों को हटा दिया गया।

 पुलिस ने न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन के तहत मध्य कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट में, वेश्यालय के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले गुय्स एंड डॉल ब्यूटी पार्लर पर भी छापा मारा और वेश्यालय के मैनेजर, दो पिम्पल और तीन ग्राहकों को गिरफ्तार किया।  छह यौनकर्मियों को हटा दिया गया।

 अभियुक्त के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

चित्रांगदा सिंह इस स्काई ब्लू ट्यूल ड्रेस में बहुत खूबसूरत लग रही हैं। तस्वीरों को देखें.......





 Film Desk. चित्रांगदा को उनके हॉट अवतार के लिए जाना जाता है और अक्सर उन्हें परफेक्ट फिगर के लिए देखा जाता है।  गुलज़ार द्वारा संगीत वीडियो सनसेट पॉइंट में दिखाए जाने के बाद उन्होंने ध्यान आकर्षित किया।  चित्रांगदा ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत 2003 में सुधीर मिश्रा की फिल्म Kh हज़ारोँ ख्वाहिशें ऐसी ’से की।
चित्रांगदा सिंह न केवल एक खूबसूरत अभिनेत्री हैं, बल्कि बहुत फैशनेबल भी हैं।  हाल ही में उन्हें एक भव्य गाउन पहने स्पॉट किया गया था।  आउटफिट एक खूबसूरत ऑफ शोल्डर, आसमानी नीले रंग का ट्यूल बॉल गाउन है।  उसने बहुत कम मेकअप के साथ पहनावे का समन्वय किया और स्टेटमेंट ज्वेलरी पहनी।  उसने अपने खूबसूरत बालों को भी सीधा रखा और उन्हें खुला छोड़ दिया।
काम के मोर्चे पर, चित्रांगदा को आखिरी बार "बाजार" में देखा गया था। फिल्म में सैफ अली खान और राधिका आप्टे भी मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म का निर्देशन गौरव के। चावला ने किया है और यह मुंबई शहर और जीवन के परिवेश पर आधारित थी।  व्यापारिक दुनिया में।

Monday, December 9, 2019



न्यूज़ डेस्क
। बक्सर। देश में फांसी का फंदा तैयार करने वाले एकमात्र जेल बक्सर सेंट्रल जेल को एक सप्ताह के भीतर 10 फांसी का फंदा तैयार करने का ऑर्डर मिला है. हालांकि ये नहीं बताया जा रहा है इस फंदे का उपयोग कहां किया जाने वाला है लेकिन अनुमान ये लगाया जा रहा है कि निर्भया कांड के दोषियों को फांसी पर लटकाने की तैयारी हो रही है.
बक्सर जेल को दो दिन पहले उपर से आदेश मिला. एक सप्ताह के भीतर फांसी के 10 फंदे तैयार कर दिये जायें. जेल के अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा ने समाचार एजेंसी भाषा से बात करते हुए बताया कि उन्हें जेल निदेशालय से ये आदेश प्राप्त हुआ है. जेल अधीक्षक ने बताया “ हमें 14 दिसंबर फांसी के 10 फंदे तैयार करने का निर्देश प्राप्त हुआ है. हम नहीं जानते कि इसका उपयोग कहां किया जायेगा. लेकिन हम तय समय सीमा के भीतर इस काम को पूरा कर देंगे. बक्सर जेल में फांसी का फंदा तैयार करने का काम काफी पहले से होता आया है.
बक्सर जेल के फंदे से हुई थी अफजल गुरू को फांसी
बक्सर के जेल अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा के मुताबिक संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरू को फांसी देने के लिए बक्सर से फंदा भेजा गया था.  जेल अधीक्षक के मुताबिक उन्हें पटियाला जेल से भी फांसी के फंदे का आर्डर मिला है. उन्होंने बताया कि फांसी के एक फंदे को तैयार करने में लगभग तीन दिन लगते हैं. फांसी के फंदे का ज्यादातर काम हाथ से किया जाता है.

फंदे का मूल्य

फांसी के एक फंदे की कीमत 1725 रूपये
इससे पहले बक्सर जेल से भेजे गये फांसी के एक फंदे की कीमत 1 हजार 725 थी. जेल अधीक्षक के मुताबिक लोहे और ब्रास के दाम के मुताबिक फांसी के एक फंदे की कीमत तय की जाती है. लोहे और ब्रास के तार ही फांसी के फंदे के उपर लपेटे जाते हैं. इससे फांसी का फंदा गले में फंसा रहता है और उसकी गांठें ढीली नहीं होती. बक्सर के जेल अधीक्षक के मुताबिक फांसी का एक फंदा बनाने में 5 से 6 लोग लगते हैं. फांसी के एक फंदे में रस्सी के लगभग 7000 गांठें बनायी जाती हैं. बक्सर जेल अधीक्षक के मुताबिक उन्हें फांसी के 10 फंदों का आर्डर पूरा करने में कोई परेशानी नहीं होगी. बक्सर जेल में ऐसे कई कैदी हैं जो ये काम करने के एक्सपर्ट हैं. जेल अधीक्षक के मुताबिक फांसी के इन फंदों को बहुत ज्यादा दिन तक स्टोर करके नहीं रखा जा सकता.

अज्ञात महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी,पत्थर से कुचलकर की गई है हत्या



अंकित कु सिन्हा।
सिमडेगा। जलडेगा थाना क्षेत्र के कनजोबा जंगल में एक अज्ञात महिला का शव पाया गया है।जिससे क्षेत्र में सनसनी का माहौल है।मिली जानकारी के अनुसार जलडेगा प्रखंड के बनजोगा तथा सुखाझरिया के बीच स्थित पोड़ोझरिया जंगल में पीसीसी सड़क से पुरब की ओर एक अज्ञात महिला का शव पुलिस ने बरामद किया है।बताया गया कि मृत महिला की उम्र करीब 40 से 45 के बीच बताई जा रही हैं।वहीं यह भी बताया गया कि महिला की हत्या पत्थर से कुचकर कि गई है।महिला ने हल्के पीले रंग की साड़ी तथा क्रीम कलर की स्वेटर पहनी हुई थी। सांवली रंग की महीला है।शव मिलने की सूचना पर जलडेगा पुलिस मौके पर पहुंची।पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर सिमडेगा पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सिमडेगा भेज दिया गया।वहीं इस सम्बंध में थाना प्रभारी फिलिप मिंज ने बताया कि शव देखने से प्रतीत होता है कि हत्या दो तीन दिन पुर्व की गई है और हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया गया है। उन्होंने बताया कि शव के कुचले हुए भाग में कीड़ा पड़ने के साथ शव से दुर्गन्ध आ रही थी।पुलिस मामला दर्ज कर शव की शिनाख्त कराने की कोशिश करते हुए मामले की जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक शव की पहचान नहीं हो पायी थीं।

ऑनलाइन रेल टिकटों का अवैध कारोबार करने वाले गिरोह का खुलासा


गोंडा । बड़े पैमाने पर ऑनलाइन रेल टिकटों का अवैध कारोबार करने वाले एक अंतर्जनपदीय गिरोह का खुलासा आज गोंडा तथा बस्ती रेलवे सुरक्षा बल ने गोरखपुर लखनऊ हाइवे पर हरैया  बस स्टैंड पर दो व्यक्तियों  को गिरफ्तार कर दो अदद लेपटॉप से सॉफ्टवेयर और मोबाइल से संबंधित रिकॉर्ड बरामद किया गया प्रकरण में फरार तीन अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज किया गया !
  प्रभारी आरपीएफ गोंडा प्रवीण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया की उक्त गिरोह के द्वारा irctc के ई टिकट बुकिंग के लिये विशेष प्रकार का ANMS सॉफ्टवेयर को बेचने वाला ( पैनल) चलाकर व्हाट्सप ग्रुप के जरिये टिकट एजंटों को मासिक किराये पर दिया जाता था l देश के विभिन्न हिस्सों से टिकट एजेंट को व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर सॉफ्टवेयर खरीद लेते थे जिसे सॉफ्टवेयर id और सॉफ्टवेयर की को व्हाट्सएप लिंक से भेज कर या anydisk सॉफ्टवेयर के जरिये दे दिया जाता था तथा पैसा upi, paytm, बैंक अकाउंट के जरिये मासिक किराये पर सॉफ्टवेयर लिया जाता है l
सॉफ्टवेयर के माध्यम से पैसेंजर डिटेल, ट्रैन डीटेल, बैंक डिटेल , ट्रेवल प्लान की ऑटो फिलिंग, irctc site की ऑटो लॉगिन, कैप्चा बाईपास , otp बाइपास जैसी सुविधा देने के कारण irctc की व्यक्तिगत आईडी पर सामान्य से कई गुना स्पीड से टिकट बुक करने की सुविधा मिलती है l साथ ही फ़र्ज़ी irctc की id भी उपलध भी कराते थे जो फ़र्ज़ी नाम पते से  बनाई जाती थी ताकि एजेन्टों तक सुरक्षा एजेंसियों नही पहुँच पाए l पूछताछ पर पता चला कि अभियुक्तगण के पास   कुल 160  से अधिक irctc id जप्त की गई शेष का संज्ञान लिया जा रहा है l
सॉफ्टवेयर की बरामद जिस्ट, पूछताछ   और बैंक खातों के निरीक्षण के अनुसार उक्त गिरोह ने गत 2 वर्ष में अनुमानित कई करोड़ के रुपये इस अवैध व्यापार से किया है l उक्त दोनों ने यह सॉफ्टवेयर महमूद नामक आदमी से हैंगआउट से चेटिंग कर पैनल की, पासवर्ड, तथा सॉफ्टवेयर लिया जाता है l हैंगआउट की चेटिंग में तीन संदिग्ध खाता भी मिले है जिसमे वर्तमान में 1 करोड़ से अधिक की धनराशि देश के विभन्न हिस्सो से जमा किया l उक्त तीन खातों की धन निकासी पर जिला पुलिस अधीक्षक के आदेश पर रोक लगा दी गई है l
उन्होंने बताया की यदि किसी ग्राहक का टिकिट वेटिंग रह जाता है तो मुम्बई के एक व्यक्ति से मोबाइल नम्बर पर व्हाट्सअप चेटिंग कर VIP कोटा से क्लियर कर दिया जाता है तथा उसे भी भुगतान फ़ोन पे के जरिये कर दिया जाता है
प्रकरण में अभय प्रताप सिंह पुत्र उमेश प्रताप सिंह निवासी जेल रोड गोण्डा उम्र 27 साल  जो पिछले सप्ताह पकड़े गए रेडबुल सॉफ्टवेयर मामले भी वांछित है तथा 3 वर्ष पूर्व STF लखनऊ ने भी ई टिकट सॉफ्टवेयर मामले में गिरफ्तार किया था को तथा रेहान सिद्दकी पुत्र रमजान अली निवासी नेवादा थाना शदुल्ला नगर जिला बलरामपुर गोरखपुर उम्र 26 साल को गिरफ्तार किया गया है जबकि मोहम्मद महमूद पुत्र  निसार अहमद निवासी मोथा जिला अरवल बिहार जो पूर्व में अहमदाबाद RPF से जेल जा चुका है, अमित पता अज्ञात जो फरार है तथा अज्ञात मोबाइल नम्बर 7303349494 जिस पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा वेटिंग टिकट पर VIP कोटा कराया जाता है और तीन बैंक के खाता धारक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है
गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो लेपटॉप, एक डेक्सटॉप, 02 मोबाइल ,तथा कुल 74 अदद तत्काल व सामान्य रेलवे ई टिकट और काउंटर टिकट प्रति  कीमत 2,06,853 /- रुपये जो सॉफ्टवेयर की मदद से अभियुक्त द्वारा उसके एजेंटो ने बनाना बताया जा रहा है बरामद किया गया , जप्त IRCTC फ़र्ज़ी पर्सनल आईडी-  करीब 160 id जप्त की गई तथा शेष के प्रयास किये जा रहे है l
मामले में प्रकाश में आये, बैंक खातों के रिकॉर्ड के अनुसार  गत 1 वर्ष में कई करोड़ का लेन देन होना पाया गया l
अभियुक्त से पूछताछ में मेहमूद को  मुख्य डेवलपर या चीफ सेलर,  रेहान सिद्दीकी और अभय प्रताप सिंह को पैनल सेलर, तीन बैंक खाता को कलेक्शन और अमित मोबाइल नम्बर 9452619463   9129696266 को  ई टिकट और काउंटर टिकट बनाने का जिम्मा तथा अज्ञात व्यक्ति मोबाइल नम्बर  7303349494      को वेटिंग  पर VIP कोटा लगाने का जिम्मा मिला था जिस पर उक्त सभी गिरफ्तार एवम वांछित अभियुक्त के  विरुद्ध थाना हरैया  में मुकदमा अपराध स0 269/19 अंतर्गत धारा 34,419, 420 आईपीसी तथा 43,65,66, 66C, 66D,70 it act पंजीकरण किया गया तथा
रेलवे आरक्षित टिकट का अवैध व्यापार करने, दुष्प्ररेण करने पर सभी के विरुद्ध रेसुब पोस्ट गोण्डा पर  मुकदमा अपराध स 2532 /19 अंतर्गत धारा 143 रेलवे एक्ट पंजीकरण किया गया l मामले की जांच निरीक्षक प्रवीण कुमार द्वारा की जा रही है l
इस बड़े खुलासे में रेसुब प्रभारी निरीक्षक गोण्डा प्रवीण कुमार, ASI लाल साहब सिंह, कांस्टेबल ज्ञानेंद्र सिंह, कांस्टेबल धर्मेंद्र यादव तथा रेसुब पोस्ट बस्ती के सऊनि राजेन्द्र यादव , कॉन्स्टेबल रामप्रकाश तथा कांस्टेबल बेचू खरवार  तथा बस्ती के हरैया थाना प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक व् उनके स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा !

आजसू प्रत्याशी का सतगावां दौरा; आजसू की बनेगी सरकार, तभी सतगावां का होगा विकास -शालिनी





राजेश कुमार मेहता ।

कोडरमा। कोडरमा से आजसू पार्टी की प्रत्याशी शालिनी गुप्ता ने कहा है कि सालों साल से सतगावां की जनता छली जा रही है। विकास के नाम पर लोग ठगे गए हैं और यहां के लोगों को शिक्षा, रोजगार या किसी भी अन्य समस्या के समाधान के लिए कोडरमा से लेकर रांची और पटना की दूरी तय करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में आजसू की सरकार बनेगी तभी सतगावां और इन जैसे ग्रामीण इलाकों का विकास होगा। प्रखंड में रविवार को आजसू प्रत्याशी श्रीमती शालिनी गुप्ता का तूफानी दौरा हुआ जो दोनैया, कोठियार, पचाने, नन्दुडीह, रजघट्टी के रास्ते माधोपुर, धरमपुर,मीरगंज, पचौरी, मोदीडीह, कानिकेन्द समेत दर्जनों गांवों का दौरा किया। साथ में दर्जनों मोटरसाइकिल झंडे बैनर के साथ काफिला चल रहा था। जनता के अपार समर्थन से उम्मीदवार शालिनी गुप्ता भी गदगद दिखी। लोगो का बेशुमार प्यार से कार्यकर्ताओं में भी काफी खुशी का माहौल था। शालिनि गुप्ता ने कहा कि सुदूरवर्ती ग्रामीण और जंगली क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाने वाले पारा शिक्षकों पर सरकार लाठी बरसाती है और आंगनबाड़ी बहनों पर किस तरह से अत्याचार हुआ है किसी से छिपा हुआ नही है।
उन्होंने सभी से अपील किया कि इस बार एक एक वोट केला छाप पर बटन दबाना है और आजसू को जिताना है, जिससे झारखण्ड में गांव की सरकार बने और आपका सपना साकार हो। मौके पर जिला परिषद सदस्य भुनेश्वर राम, प्रिंस कुमार, बिक्कु पांडेय, विकास कुमार, सुधीर राणा, उज्ज्वल कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं समर्थक जनसम्पर्क में शामिल थे।

सावधान! चुनाव के समय सोशल मीडिया पर ये सब करना पड़ सकता है भारी...


सावधान! चुनाव के समय सोशल मीडिया पर ये सब करना पड़ सकता है भारी...
न्यूज़ डेस्क। हाल ही में एक खबर आई थी कि फेसबुक ने हज़ारों पेज और प्रोफाइल डिलीट की थीं. इनमें से 700 पेज कांग्रेस के थे जो किसी न किसी तरह से सोशल मीडिया का मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ते पाए गए थे. इस लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया कंपनियों ने बेहद संजीदगी से फेक न्यूज रोकने और अनैतिक तरीकों से इलेक्शन की पोस्ट शेयर करने के खिलाफ काम कर रही हैं. इसमें धारा 126 (RP ACT) का भी जिक्र है और सोशल मीडिया कंपनियां ये भी ध्यान रखेंगी कि किसी भी संसद क्षेत्र में जहां वोटिंग होनी हो वहां 48 घंटे पहले तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी भी प्रत्याशी द्वारा सीधे प्रचार के लिए न किया जाए.
जहां विधान सभा चुनाव 2019 में घोषणा पत्र में सोशल मीडिया अकाउंट्स का लेखा जोखा और सभी चुनावी विज्ञापनों को चुनाव आयोग द्वारा सत्यापित करने की बात जगजाहिर है। वहीं जिस चीज़ को लोग नजरअंदाज कर रहे हैं वो ये कि इस बार आचार संहिता सोशल मीडिया पर भी लागू है. सोशल मीडिया खासतौर पर फेसबुक और वॉट्सएप पर चुनाव के दौरान ध्यान रखना जरूरी है. अगर ऐसा नहीं किया गया तो आपका अकाउंट बैन हो सकता है. पर क्या ध्यान रखने की जरूरत है?
1. फेसबुक पर ऐसा प्रचार मुश्किल में डाल सकता है-
फेसबुक पर अपने पसंदीदा नेता या पार्टी को लेकर पोस्ट शेयर करना आम बात है और ऐसा करना कोई गैरकानूनी नहीं है, लेकिन एक से ज्यादा पेज का इस्तेमाल कर फेसबुक के जरिए किसी पार्टी का प्रचार करना गलत है. फेसबुक ने जिन पेज को हटाया था उनमें से अधिकतर किसी एक इंसान द्वारा चलाए जा रहे थे और साथ ही साथ ये पॉलिटिकल एड्स भी बहुत ज्यादा दे रहे थे. कोड ऑफ कंडक्ट में राजनीतिक विज्ञापनों को लेकर भी बात की गई है कि इनकी डिटेल्स इलेक्शन कमीशन को दी जाएगी.
2. किसी धर्म, जाति, व्यक्ति को लेकर की गई आपत्तीजनक टिप्पणी से रहें दूर-
ये सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए है. फेसबुक, वॉट्सएप, ट्विटर आदि कहीं पर भी अगर नफरत फैलाने या सांप्रदाइक भाषण, कमेंट, मीम शेयर करने की बात सामने आई तो किसी यूजर का अकाउंट सस्पेंड हो सकता है. यहां वीडियो, फोटो, टेक्स्ट मैसेज आदि शेयर करना भी भारी पड़ सकता है. एक बार हो सकता है कोई बच जाए, लेकिन बार-बार नहीं बच पाएगा. लगातार अगर ऐसा हो रहा है तो वॉट्सएप से नंबर भी ब्लॉक हो सकता है.

3. फेक न्यूज से कर लीजिए तौबा-तौबा-
इन चुनावों में फेक न्यूज फैलाने वाले लोगों पर भी कड़ा शिकंजा है और सीधे उन पेज को सस्पेंड किया जा रहा है जो फेक न्यूज फैला रहे हैं. एडिट किया हुआ वीडियो, फोटो सब खास तौर पर देखा जा रहा है. वॉट्सएप हो या फेसबुक अगर कोई अकाउंट फेक न्यूज फैला रहा है तो उसे तुरंत ही सस्पेंड किया जाएगा.

4. स्पैम मैसेज भेजने से बचें-
स्पैम मैसेज तो वैसे भी फेसबुक, वॉट्सएप या किसी भी अन्य सोशल मीडिया साइट के लिए बैन होते हैं. वॉट्सएप के FAQ सेक्शन में साफ तौर पर लिखा है कि यूजर को स्पैम मैसेज भेजने से बचना चाहिए. किसी भी यूजर के अकाउंट से अगर बार-बार ऑटोमैटिक मैसेज जा रहे हैं तो ये शक के दायरे में आ जाता है.
वॉट्सएप पर लगातार किसी को अगर मैसेज भेजे जा रहे हैं तो शक के दायरे में आ सकता है.

ये बात इलेक्शन के समय कुछ ज्यादा ही ध्यान दी जा रही है. कंपनी ने न सिर्फ भारतीय सेंटर पर बल्कि अपने आधिकारिक ऑफिस (कैलिफोर्निया, सिंगापुर आदि) से भी भारतीय इलेक्शन पर नजर रखनी शुरू कर दी है इसकी जानकारी खुद फेसबुक ने दी थी. ऐसे में स्पैम मैसेज करने वाले अकाउंट अगर किसी राजनीतिक पार्टी के पक्ष में हैं तो ये खतरनाक स्थिति है.

5. किसी अन्य यूजर के कॉन्टैक्ट का इस्तेमाल न करें-
किसी अन्य यूजर की कॉन्टैक्स लिस्ट में अपने मैसेज भेजने की कोशिश न करें. इसका मतलब सिर्फ ये होगा कि कोई किसी अंजान व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है. दोस्त, रिश्तेदार, माता-पिता का फोन लेकर उनके कॉन्टैक्ट को मैसेज करना या राजनीतिक प्रचार करना सही नहीं है. और ये सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक करवाने के लिए भी काफी है. अगर किसी नंबर से बार-बार ऐसा हो रहा है तो उसकी जांच हो सकती है और ऐसे में न सिर्फ स्पैम मैसेज भेजने वाले का नंबर बल्कि वो नंबर जिससे भेजे जा रहे हैं उसे भी बैन किया जा सकता है.

6. ब्रॉडकास्ट मैसेज का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना है-
भले ही वॉट्सएप में सिर्फ 5 लोगों को मैसेज फॉर्वर्ड की सुविधा है, लेकिन ब्रॉडकास्ट में तो एक ही बार में कई कॉन्टैक्ट को मैसेज भेजा जा सकता है. किसी एक नंबर से कई लोगों को मैसेज करना गलत माना जा सकता है. अगर ये ब्रॉडकास्ट बार-बार हो रहे हैं तो उनकी जांच जरूर होगी और गलती से ये चुनाव प्रचार या फेक न्यूज जैसा कुछ हो गया तो यकीनन नंबर ब्लॉक हो जाएगा. साथ ही, ऐसे कॉन्टैक्ट की रिपोर्ट भी की जा सकती है जो बार-बार मैसेज भेजकर परेशान कर रहे हों, ऐसे में भी यूजर्स को दिक्कत हो सकती है.

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