Congress Manifesto 2019 for Lok Sabha Elections 2019: कांग्रेस का घोषणा पत्र के खास मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने पंज के 5 उंगलियो का जिक्र करते हुए कहा कि यह मेनिफेस्टों में ये 5 बड़ी बाते शामिल हैं।
कांग्रेस का घोषणा पत्र आज (2 अप्रैल) को जारी किया गया। इस खास मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एके एंटनी, राजीव गौड़ा सहित पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टों को ‘जन आवाज’ नाम दिया है। राहुल ने घोषणा पत्र जारी करने से पहले और उसके बारे में कुछ भी कहने से पहले मेनिफेस्टो का फोटो दिखाया जिसपर लिखा था- हम निभाएंगे।
एक बात पर ध्यान दें कि किसी भी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र की कोई भी कानूनी वैधता नहीं है, सिर्फ फोरमल्टी करने की प्रक्रिया हैं। मैनिफेस्टों में पांच बड़े आइडिया: राहुल गांधी ने पंज के 5 उंगलियो का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे मेनिफेस्टों में 5 बड़ी बाते हैं। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि गरीबो के खाते में 15 लाख रुपए डाले जाएंगे जो किसी के भी अकाउंट में नहीं आया। हमने उनका झूठ पकड़ा और इस पर सही काम करते हुए हर साल 72 हजार रुपए दिए जाने का आइडिया निकाला।
न्याय योजना- न्याय योजना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि 15 लाख रुपए गरीबों के खाते में जाएंगे। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हो पाया है। ऐसे में पीएम मोदी और उनकी सरकार ने झूठ कहे हैं सिर्फ। लेकिन कांग्रेस सभी के साथ न्याय करेगी। न्याय योजना में जरुरतमंदों के खाते में 12 हजार रुपए हर महीने जाया करेंगे। यानी साल के 72 हजार रुपए। इस योजना पर राहुल गांधी ने नारा दिया कि गरीबी पर वार हर साल 72 हजार।
रोजगार- दूसरे मुद्दे का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार रोजगार का झूठा दावा करती है। लेकिन हम रोजगार देंगे। राहुल ने कहा कि 22 लाख सरकारी नौकरियं का वादा कांग्रेस ने किया है। इसके साथ ही 10 लाख लोगों को ग्राम पंचायतों में रोजगार का वादा भी किया गया।
शिक्षा पर 6 फीसदी- राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जीडीपी का 6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। गौरतलब है कि वक्त वक्त पर भाजपा पर इस बात को लेकर आरोप लगते रहते हैं कि शिक्षा के बजट पर सरकार कोई रुख नहीं रखती है। किसानों के लिए राहत: राहुल गांधी ने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि डिफॉल्ट होने पर किसानों पर आपराधिक मामले दायर नहीं किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि अगर किसान कर्ज़ न दे पाए तो वो आपराधिक मामला नहीं बल्कि उसे सिविल अफेंस माना जाएगा।