Tuesday, January 26, 2021

महामारी के दौर में भूख से बिलबिलाते लोगों को जीवन देने का काम किया डॉ उवेष गुजराती ने

संयुक्त राष्ट्र के IOUNV INDIA के नेशनल सेक्रेटरी डॉ उवैस गुजराती (ओजस परिवार) ,रिजवान आंबलिया और उनकी टीम द्वारा अहमदाबाद के अलग अलग स्लम बस्तियों में कोरोना महामारी के इस दौर में लगी लॉक डाउन के कारण जिंदगी से जद्दोजहद करते मासूमों को खुले दिल से बिना किसी बाहरी मदद से दोनों हाथों मददगार साबित हो रहे हैं।

बताते हैं कि केंद्र सरकार ने अभी तक इस बात की कोई घोषणा नहीं की है कि भारत में फैले कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के कारण पहले से ही सामना कर रहे आर्थिक आपातकाल से निपटने की उसकी क्‍या योजना है।


ऐसी स्थिति में लोगों की तत्काल मदद करने के लिए नकदी से लेकर शहरी क्षेत्रों में प्रवासियों के लिए सामान देकर सहायता तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक उपायों के बारे में कुछ सुझाव हैं, जिन पर गौर किया जा सकता है।

ऐसे समय में डॉ उवेश एवं उनकी टीम ने अहमदाबाद की गलियों और बस्तियों में अपने प्राणों की चिंता किए बिना जाकर हर तरह की सहायता पहुंचाया।ना तो कोई बाहरी सहयोग और ना ही कोई चिंता।इस बात पर डॉ ऊवेश कहते हैं कि शायद ऊपरवाले ने इन्हे इंसानियत की हिफाज़त करने के लिए इस दुनिया में पैदा किया है।

चाहे खाने पीने के समान हों या फिर पहनने के कपड़े और तो और मिनरल वॉटर से लेकर मास्क तक मुहैय्या करना कोई छोटी बात नहीं है।मौसमी फल एवं ताज़ी सब्जियों के साथ भोजन देकर उन्होंने मनुष्य जाति की रक्षा करने का महती भूमिका निभाई है।

अहमदाबाद में बापूनगर एरिया, राखियालएरिया, अजित मीलचार रास्ता, सारंगपुर एरिया, जुहापुरा, सुंदरम नगर आदि स्थानों में ऐसा कोई नहीं जिसने इन्हे रात दिन सेवा करते नहीं देखा हो।

कोरोना वायरस रोग 2019 (कोविड-19) के प्रसार और इसके आगे के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए अनियोजित लॉकडाउन ने ऐसे लाखों लोगों के जीवन में एक आर्थिक तबाही मचा दी है जो अनौपचारिक क्षेत्र में काम करते हैं– इनमें न केवल दिहाड़ी मज़दूर हैं बल्कि अनियमित अर्थव्‍यवस्‍था में काम करने वाले मजदूर भी हैं।ऐसे लोगो के परिवार में भूख से बिलबिलाता बच्चा को कोई देख लें तो कलेजा मुंह को आ जाए।

भारत के कुल कार्यबल का 80% से अधिक हिस्‍सा अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत हैं, इसमें से एक तिहाई कैज़ुअल मजदूर हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा 19 मार्च को दिए गए संबोधन के 24 घंटों के भीतर महानगरों के रेलवे और बस स्टेशनों पर भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई. जो लोग कमा नहीं सकते, वे अपने घर जाना चाहते थे, जहां उन्हें कम से कम खाना और आश्रय तो मिलेगा।

वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक लॉकडाउन से उत्पन्न आर्थिक स्थिति उन लोगों को भी प्रभावित करेगी जो कोविड-19 से बच जाएंगे. इस स्थिति से निपटने के लिए तुरंत क्या किया जा सकता है।

बता दें कि वैश्विक स्तर पर डॉ युवेश की खाश पहचान बन चुकी है।जिसमें कई देशों ने इन्हे सामाजिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान हेतु प्रामाणिकता भी प्रदान की है।इनकी टीम में ज़किया बानू, सबानानाज़, रिजवान आंबलिया, बिलाल राजपूत आदि ने बेहतरीन तरीके से इनका हाथ बंटाया है।

नेशनल सेक्युरिटी एंड एन्टी-करप्शन प्रीवेंटिव की बोकारो कार्यालय का उद्घाटन किया प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री ने



बोकारो। नेशनल सेक्युरिटी एंड एन्टी-करप्शन प्रीवेंटिव ब्रिगेड बोकारो की बैठक जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में  सेक्टर 6 D आवास नं 2169 के कार्यालय में की गई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष पीएन तिवारी एवं महामंत्री संगीता तिवारी उपस्थित हो कार्यालय का उद्घाटन किया।


 इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री के झारखण्ड आगमन पर विधि ब्यवस्था तथा कार्यक्रम को सफल बनाने  चर्चा की गई। जिसमें निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री को बोकारो जिला में आगामी 8 मार्च 2021 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन बोकारो जिले में बुलाया जाएगा।


 बैठक में अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार और उपाध्यक्ष मंजू कुमारी गुप्ता के सहयोग से संतोष कुमार सुरेंद्र कुमार, सतगुरु प्रसाद, प्रत्यूष क्रिकेटर ,मरजीना खातून जुबैद अहमद, अंकुश साह, नंद किशोर कुमार, आनंद मोहन, सहित दस लोगों को सदस्यता दिलाई गई। इस बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष जय शर्मा, जिला उपाध्यक्ष अखिलेश प्रसाद, अशोक कुमार, अरविंद कुमार, सितेश समद, मंजू कुमारी गुप्ता, अनीता सिंह, सविता तिवारी, जितेंद्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

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