*भिवानी से कोसली स्टेशन पहुंची रेलवे अधिकारियों की टीम...
*निरीक्षण कर कोसली रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का लिया जायज़ा...
*महज़ खानापूर्ति कर वापस लौटी अधिकारियों की टीम...
*स्टेशन पर लगी पीने के पानी की टंकी में मिली मरी हुई छिपकली...
*अधिकारियों ने नकारते हुए कहा, ऐसी कोई बात नही सब ठीक है...
*तस्वीरें देखकर आप भी कहेंगे, मत पीना इस स्टेशन का पानी...
*पानी पीने से हो सकती है यात्रियों की तबियत ख़राब...
*अधिकारियों को नही है यात्रियों की जान की परवाह...
रेल यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना भारतीय रेल का कर्तव्य है। स्टेशन परिसर में यात्रियों के खानपान, शौचालय व बैठने का उचित प्रबंध करना रेल विभाग की प्राथमिकता रहती है। जिसको लेकर रेल विभाग द्वारा अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्तियां भी की गई है। आज बीकानेर व भिवानी से रेलवे के आलाधिकारी व रेल बोर्ड कमेटी पीएसी मेंबर कोसली रेलवे स्टेशन पहुंचे। अधिकारियों ने स्टेशन पर पहुंचकर निरीक्षण करने के उपरांत स्टेशन अधीक्षक व स्टाफ़ सदस्यों की बैठक भी ली जिसमें सब कुछ दुरुस्त पाया गया। लेकिन मीडिया के कैमरे ने स्टेशन की कुछ उन तस्वीरों को कैद कर लिया जिसको अधिकारियों द्वारा अनदेखा कर, निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई थी। कोसली स्टेशन पर रेल यात्रियों के लिए बनी पीने के पानी की टँकीयों में जब मरी हुई छिपकली मिली, तो अधकारियों से सवाल करने पर भी उसे अनदेखा कर दिया गया। इस बात से आप सहज ही अंदाजा लगा सकते है कि यात्रियों के स्वास्थ्य की इन रेल अधिकारियों को कितनी चिंता है। भारतीय रेल यातायात का सबसे सुगम और सस्ता साधन है। इसलिए इसमें हर वर्ग के लोग सफ़र कर अपने गंतव्य तक पहुंचते है। लेकिन यहां सवाल यह खड़ा होता है कि जब जिन अधिकारियों को यह सब देखने का जिम्मा सौंपा गया है और वही इसको अनदेखा कर दें तो ....,यात्रियों के स्वास्थ्य एवं प्राण का क्या होगा!
