Saturday, March 9, 2019

DD Jharkhand बना सेटेलाइट चैनल,पीएम के ट्वीट के साथ डीडी फ्री डिस पर प्रसारण शुरु

सूचना एवं प्रसारण सचिव अमित खरे ने बताया एतिहासिक क्षण

पूरे देश में देखा जा सकेगा डीडी झारखंड

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज झारखंड की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा कर दिया है।  डीडी झारखंड आज से सेटेलाइट चैनल हो गया है। यह अब डीडी फ्री डिस पर उपलब्ध होगा। जिसे देश में कहीं से भी देखा जा सकता है। सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री अमित खरे की अध्यक्षता में इंपवार्ड कमेटी ने डीडी झारखंड सहित 11 क्षेत्रीय चैनलों को डीडी फ्री डिस पर दिखाने का फैसला लिया । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड सहित ग्यारह राज्यों के क्षेत्रीय चैनलों के पहली बार सेटेलाइट पर दिखाने की औपचारिक घोषणा ट्विटर के माध्यम से की। उन्होंने इन राज्यों के लोगों को बधाई दी और क्षेत्रीय चैनलो के देशव्यापी उपस्थित सुनिश्चित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री अमित खरे ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि झारखंड सहित अन्य  क्षेत्रीय चैनलो को सेटेलाइट चैनल बनाने की योजना को अमलीजामा पहनाने का व्यापक असर देखने को मिलेगा। इन चैनलों की पहुंच संपूर्ण भारत में होगी। राज्य से बाहर रहने वाले लोग भी अपनी भाषा बोली और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आसानी से देख सकेंगे। इन रिजनल चैनलो के फ्री डिस पर नहीं होने से स्थानीय लोगों में निराशा थी। जिसे अब खत्म कर दिया गया है। अब दूसरे प्रदेश में बैठे लोग भी डीडी झारखंड सहित अन्य क्षेत्रीय चैनलों के गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम निर्बाध रुप से देख सकेंगे। इससे क्षेत्रीय चैनलो की दर्शक संख्या में इजाफा होगा और प्रसारण क्वालिटी में भी सुधार होगा।

 वर्तमान में दूरदर्शन के 24 चैनल चौबीस घंटे प्रसारण करते हैं। वहीं राज्यों के मुख्यालय से प्रसारित  15 चैनल टेरेस्ट्रियल एनालॉग से करीब 5 घंटे कार्यक्रम प्रसारित करते हैं। इनमें डीडी झारखंड  भी शामिल था। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सहमति के बाद झारखंड देश के प्रमुख राज्यों में शामिल हो गया है, जहां  भारत के लोक सेवा प्रसारक का क्षेत्रीय सेटेलाइट चैनल उपलब्ध हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ट्वीट के साथ ही चैनल का सेटेलाइट पर प्रसारण आरंभ हो गया।

गौरतलब है कि डीडी झारखंड वर्तमान में छह घंटे का कार्यक्रम बनाता है। जिनमें करेंट अफेयर्स, कला संस्कृति और प्रादेशिक समाचार के कार्यक्रम शामिल हैं। राज्य की जनजातीय समाज और उनकी संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम दिखाने वाला झारखंड का एक मात्र चैनल है। पिछले महीने सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री अमित खरे ने रांची, डाल्टनगंज, गोड्डा, हजारीबाग में प्रसार भारती की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए राशि आवंटित करने का फैसला लिया था। अमित खरे के सचिव बनने के बाद से ही झारखंड में दूरदर्शन और आकाशवाणी के कार्यक्रम में सुधार और बेहतर प्रसारण क्वालिटी को लेकर लगातार काम चल रहा है। जिससे राज्य की जनता को फायदा हो रहा है।

दहेज मुक्त झारखंड सेवा संस्था ने दहेज उन्मूलन को लेकर निकाला जुलूस

राजेश मेहता की रिपोर्ट ၊                                कोडरमा ၊ दहेज मुक्त झारखंड सेवा संस्था एवं एस  एन  आदर्श उच्च विद्यालय  कपिलो  पंचायत चिरूवा संघ ने दहेज उन्मूलन को लेकर जुलुस निकाला ၊ संघ के संस्थापक जितेंद्र यादव, मोतीलाल एस पंडित, सहयोगी गिरधारी यादव, दौलत प्रसाद वर्मा,रोहित सोनी एवं एसएनटी आदर्श उच्च विद्यालय कपिलो के प्रधानाध्यापक दीपचंद महतो, विद्यालय के राजदेव यादव एवं सहयोगी शिक्षा जलेश्वर महतो, परमेश्वर महतो, रामजी पांडे,नरेश शर्मा, सुनील कुमार, महतो महेंद्र शर्मा, मनोज यादव,  नेखलाल  कुमार, अली कांत अली एवं विद्यालय के सभी बच्चों के लेकर जुलूस निकाला गया ၊ 

वहीं श्री वर्मा ने कहा कि  बेटी नहीं तो बहू कहां से लाएंगे ,सभी अपने अपने सोच बदल देंगे तो दहेज ही खत्म हो जाएगी ၊ जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह उपस्थित हुए और बच्चों को दहेज मुक्त के बारे में प्रेरणा दी और सभी बच्चे एवं बच्चियां ध्यान पूर्वक सुने और बोले देश प्रथा को हमेशा के लिए सभी मिलकर खत्म करने का आज संकल्प लेते हैं ၊

 एस एन टी आदर्श उच्च विद्यालय के अध्यापक क कपिलो के गणमान्य लोग तथा आदर्श विद्यालय के सभी बच्चों के द्वारा में दहेज प्रथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से नारे को लेकर रैली निकाली गई ၊

साथ ही राज्य और देश को दहेज प्रथा से मुक्त हो  और हजारों बच्चे बच्चियां और दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित हुए सभी बच्चों के जुबान पर एक ही नारा दहेज मुक्त हो झारखंड हमारा ၊

कोलकाता में एसटीएफ ने 1000 किग्रा पोटेशियम नाइट्रेट से भरा ट्रक पकड़ा,चुनाव में प्रयोग की सम्भावना

कोलकाता ၊ चितपुर इलाके में एसटीएफ ने भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किया है।कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बीटी रोड पर ताला पुल के पास एक माल वाहन को रोका और उसमें रखे 27 बैग जब्त किए, जिनमें करीब 1,000 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट था।1000 किलो पोटैशियम नाइट्रेट जब्त आईपीएस अधिकारी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार तड़के कार्रवाई की. इस दौरान स्पेशल टास्क फोर्स ने एक हजार किलो पोटैशियम नाइट्रेट के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एसटीएफ ने वाहन चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार कर लिया गया है।मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इतनी भारी मात्रा में पोटैशियम नाइट्रेट क्यों ले जाया जा रहा था. लेकिन आम चुनाव से ठीक पहले विस्फोटक पदार्थ की इतनी बड़ी खेप का मिलना गंभीर मसला है. एसटीएफ जांच कर रही है कि कहीं इनका इस्तेमाल चुनाव के दौरान तो नहीं किया जाना था?

अहले सुबह इनोवा और ट्रक की टक्कर में एक ही परिवार के 10 की मौत

अनीश,रामगढ़ ।

रामगढ़. कुजू थाना क्षेत्र के पैंकी एनएच-33 पर शनिवार की सुबह करीब साढ़े 4 बजे सड़क हादसे में एक ही परिवार के 10 लाेगों की मौत हो गई। सभी आरा (बिहार) से बच्चे का मुंडन कर इनोवा कार से अपने हटिया (रांची) स्थित आवास पर आ रहे थे। दुर्घटना इनोवा कार और ट्रक के आमने-सामने की टक्कर की वजह से हुआ। हादसे के बाद ट्रक को मौके पर ही छोड़ ड्राइवर भाग निकला। दुर्घटना में दोनों ही गाड़िया एक-दूसरे में घुस गई थी। इस वजह से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला गया।

मृतकों की पहचान सत्यनारायण सिंह (73), इनका बेटा अजीत कुमार सिंह (28), सत्यनारायण सिंह के दामाद मंटू कुमार सिंह (32), मंटू की पत्नी सरोज सिंह (30), सत्यनारायण सिंह के दूसरे दामाद सुबोध कुमार सिंह, इनकी पत्नी रिंकू, मंटू की बेटी कली कुमारी (13), बेटा रौनक कुमार (4), सुबोध की बेटी रूही कुमारी(7), इनोवा ड्राइवर अंचल पांडेय (33) के रूप में की गई। मंटू कुमार सिंह के चार वर्षीय पुत्र रौनक का आरा में मुंडन था। यहीं से सभी लोग इनोवा में सवार होकर वापस रांची आ रहे थे कि रास्ते में यह हादसा हो गया।

मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इनोवा जब पैंकी एनएच-33 पटना-रांची मार्ग पर चल रही थी तो गलती से वो दूसरे रोड पर चली गई। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और यह घटना हुई। इनोवा सवार सभी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर जुटे लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी और शवों को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ। फिलहाल शवों को रामगढ़ के सदर अस्पताल में रखा गया है, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी रांची भेजा जाएगा।

झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर कार्यक्रम का आयोजन

रांची। रांची कांग्रेस पार्टी कार्यालय के सभागार में झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय गुंजन सिंह ने किया। कार्यक्रम में महिलाओं को अधिकार दिलाने और जागरूक करने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष गुंजन सिंह ने धनबाद जिला अध्यक्ष सीता राणा, गुमला जिलाध्यक्ष और रांची नगर जिलाध्यक्ष को माला पहनाकर सम्मानित किया गया।

 धनबाद जिलाध्यक्ष सीता राणा ने कहा कि आज महिलाएं किसी से कम नहीं हैं और विकास के हर क्षेत्र में सहभागिता निभा रही हैं। जनप्रतिनिधि के क्षेत्र में 50 फीसदी आरक्षण लिए बगैर महिलाओं का संघर्ष नही रुकेगा। आज महिला उत्पीड़न की संख्या बढ़ी है जो चिंता का विषय है। 

सरकार महिला उत्पीड़न के आरोपियों को संरक्षण देकर न्याय का गला घोंट रही है। महिलाएं सभी क्षेत्र में अपनी भूमिका साबित कर रही हैं और जागरूक होकर अन्याय के खिलाफ एकजुटता के साथ संघर्ष कर रही है। कार्यक्रम में प्रियदर्शनी योजना के अध्यक्ष हेमा जी ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में सोनी खातुन, अंजू शर्मा, शिल्पी देवी, सविता देवी, हुस्ना बानो, कुसमी देवी आदि उपस्थित थी।

महिलाओं से सम्बंधित सवाल, समस्या और समाधान को लेकर मंथन करने की जरूरत है

धनबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च महिलाओं से सम्बंधित सवाल, समस्या और समाधान को लेकर मंथन करने की जरूरत पर बल देता है। आज पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं पर बात तो करती है पर महिलाओं को उनका अधिकार देने से डरती भी है क्यों ? ये सवाल मथता है कि जिस आधी आबादी को लेकर हम काम कर रहे वही उपेक्षित कैसे रह जाता है। जागरूकता की कमी, शिक्षा का अभाव, परंपरा के नाम पर बंधन, पुरुषों की मानसिकता, संवैधानिक अधिकार का उपयोग न होना और भी बहुत कुछ जिसके वजह से मजिलाएँ आज हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद भी अपनी अलग पहचान के लिए जद्दोजहद कर रही है। 

महिला अधिकार को लेकर विधानसभा व लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण को लेकर आवाज उठाई मगर भाजपा सरकार ने महिलाओं के इस मांग को अनसुना कर गई। हाल के तीन चार साल में लगातार महिलाओं पर यौन उत्पीड़न की घटना बढ़ी और जिस तरह से भाजपा की केंद्र और भाजपा की  राज्य सरकारों ने अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया उससे न्याय की उम्मीद नही जगती। खैर, सरकार अपना काम करती है। हमें अपना काम करते रहना चाहिए महिलाओं को लेकर उनके अधिकार और उनको न्याय दिलाने को लेकर, जागरूक करने को लेकर।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस  पर रांची में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने जाने के क्रम में धनबाद जिला महिला कांग्रेस कमिटि की जिलाध्यक्ष सीता राणा ने कही। साथ मे सोनी खातुन, शिल्पी देवी, सविता देवी, अंजू शर्मा, कुसमी देवी आदि मौजूद थी।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो।


भाजपा और आजसू गठबंधन के तहत लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। गिरिडीह सीट आजसू को देने पर सहमति बनी है, हालांकि आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने हजारीबाग सीट पर भी दावेदारी जताई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो की शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया। इसमें झारखंड के लोकसभा प्रभारी मंगल पांडेय भी मौजूद थे। प्रदेश नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।


इधर, विपक्षी महागठबंधन को लेकर पिछले कई माह से कवायद जारी है। सीट शेयरिंग को लेकर मामला हर बार फंसता गया। इस बीच भाजपा आलाकमान ने आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो को बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया। वहां गठबंधन पर तत्काल फैसला ले लिया गया। बताया जाता है कि भाजपा 13 सीटों पर और आजसू एक सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटें दी जाएंगी।


Friday, March 8, 2019

विश्व महिला दिवस पर आएं, महिलाओं को उनके सम्मान व अधिकार वापस देने हेतु लें प्रण!

हर साल हम 8 मार्च को विश्व की प्रत्ये‍क महिला के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं। लेकिन महिला दिवस मनाए जाने का इतिहास हर कोई नहीं जानता। जानिए महिला दिवस को इतिहास के झरोखों से - 

8 मार्च को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्पूर्ण विश्व की महिलाएं देश, जात-पात, भाषा, राजनीतिक, सांस्कृतिक भेदभाव से परे एकजुट होकर इस दिन को मनाती हैं। साथ ही पुरुष वर्ग भी इस दिन को महिलाओं के सम्मान में समर्पित करता है।

   दरअसल इतिहास के अनुसार समानाधिकार की यह लड़ाई आम महिलाओं द्वारा शुरू की गई थी। प्राचीन ग्रीस में लीसिसट्राटा नाम की एक महिला ने फ्रेंच क्रांति के दौरान युद्ध समाप्ति की मांग रखते हुए इस आंदोलन की शुरूआत की, फारसी महिलाओं के एक समूह ने वरसेल्स में इस दिन एक मोर्चा निकाला, इस मोर्चे का उद्देश्य युद्ध की वजह से महिलाओं पर बढ़ते हुए अत्याचार को रोकना था ၊
सन 1909 में सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका द्वारा पहली बार पूरे अमेरिका में 28 फरवरी को महिला दिवस मनाया गया। सन 1910 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल द्वारा कोपनहेगन में महिला दिवस की स्थापना हुई और 1911 में ऑस्ट्रि‍या, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में लाखों महिलाओं द्वारा रैली निकाली गई। मताधिकार, सरकारी कार्यकारिणी में जगह, नौकरी में भेदभाव को खत्म करने जैसी कई मुद्दों की मांग को लेकर इस का आयोजन किया गया था। 1913-14 प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, रूसी महिलाओं द्वारा पहली बार शांति की स्थापना के लिए फरवरी माह के अंतिम रविवार को महिला दिवस मनाया गया। 

 
यूरोप भर में भी युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन हुए। 1917 तक विश्व युद्ध में रूस के 2 लाख से ज्यादा सैनिक मारे गए, रूसी महिलाओं ने फिर रोटी और शांति के लिए इस दिन हड़ताल की। हालांकि राजनेता इस आंदोलन के खिलाफ थे, फिर भी महिलाओं ने एक नहीं सुनी और अपना आंदोलन जारी रखा और इसके फलस्वरूप रूस के जार को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी साथ हीसरकार को महिलाओं को वोट देने के अधिकार की घोषणा भी करनी पड़ी। 
 
महिला दिवस अब लगभग सभी विकसित, विकासशील देशों में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं को उनकी क्षमता, सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक तरक्की दिलाने व उन महिलाओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए अथक प्रयास किए। 
संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र संघ ने महिलाओं के समानाधिकार को बढ़ावा और सुरक्षा देने के लिए विश्वभर में कुछ नीतियां, कार्यक्रम और मापदण्ड निर्धारित किए हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार किसी भी समाज में उपजी सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक समस्याओं का निराकरण महिलाओं की साझेदारी के बिना नहीं पाया जा सकता। 
 
भारत में भी महिला दिवस व्यापक रूप से मनाया जाने लगा है। पूरे देश में इस दिन महिलाओं को समाज में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है और समारोह आयोजित किए जाते हैं। महिलाओं के लिए काम कर रहे कई संस्थानों द्वारा जैसे अवेक, सेवा, अस्मिता, स्त्रीजन्म, जगह-जगह महिलाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाए जाते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। समाज, राजनीति, संगीत, फिल्म, साहित्य, शिक्षा क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। कई संस्थाओं द्वारा गरीब महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
 
भारत में महिलाओं को शिक्षा, वोट देने का अधिकार और मौलिक अधिकार प्राप्त है। धीरे-धीरे परिस्थितियां बदल रही हैं। भारत में आज महिला आर्मी, एयर फोर्स, पुलिस, आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा जैसे क्षेत्र में पुरूषों के कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं। माता-पिता अब बेटे-बेटियों में कोई फर्क नहीं समझते हैं। लेकिन यह सोच समाज के कुछ ही वर्ग तक सीमित है। 
 
सही मायने में महिला दिवस तब ही सार्थक होगा जब विश्व भर में महिलाओं को मानसिक व शारीरिक रूप से संपूर्ण आजादी मिलेगी, जहां उन्हें कोई प्रताड़ित नहीं करेगा, जहां उन्हें दहेज के लालच में जिंदा नहीं जलाया जाएगा, जहां कन्या भ्रूण हत्या नहीं की जाएगी, जहां बलात्कार नहीं किया जाएगा, जहां उसे बेचा नहीं जाएगा। 
 
समाज के हर महत्वपूर्ण फैसलों में उनके नजरिए को महत्वपूर्ण समझा जाएगा। तात्पर्य यह है कि उन्हें भी पुरूष के समान एक इंसान समझा जाएगा। जहां वह सिर उठा कर अपने महिला होने पर गर्व करे, न कि पश्चाताप, कि काश मैं एक लड़का होती।

Thursday, March 7, 2019

जैक की मैट्रिक 2019 बोर्ड परीक्षा में बड़े कदाचार का मामला , केन्द्राधीक्षक समेत दो निलम्बित

राजेश मेहता ၊                                                          कोडरमा। मैट्रिक की परीक्षा में हो रहे कदाचार का बड़ा मामला उजागर हुआ है। परीक्षार्थी केंद्रों पर मोबाइल भी लेकर जा रहे हैं। गुरूवार को लगभग 12 बजे दिन डीसी भुवनेश प्रताप सिंह ने जिला मुख्यालय स्थित राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय कोडरमा में बनाये गये। परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया तो वहां कमरा संख्या 9 में तलाशी के दौरान एक परीक्षार्थी राहुल चैधरी के पाकेट से मोबाइल बरामद किया गया। वहीं कमरा संख्या 22 में परीक्षार्थी धीरज कुमार के पास से चिट बरामद किया गया। मामले की गम्भीरता को देखते हुए डीसी के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से मो. एसएम वसीम परवेज को केंद्राधीक्षक के पद से बर्खास्त करते हुए उनकी जगह पर सहायक शिक्षक उदय कुमार को केंद्राधीक्षक बनाया गया है। वहीं कमरा संख्या 9 में प्रतिनियुक्त वीक्षक निरूपमा सिंह तथा कमरा संख्या 22 में प्रतिनियुक्त वीक्षक अंशु अविनाश को वीक्षण कार्य से बर्खास्त कर दिया गया है। निरूपमा सिंह +2 उच्च विद्यालय जयनगर में अंग्रेजी की सहायक शिक्षिका और अंशु अविनाश मध्य विद्यालय लरियाडीह के सहायक शिक्षक हैं। दोनों को निलम्बित करते हुए विभागीय कार्यवाही के अधीन किया गया है, वहीं श्रीमती निरूपमा सिंह का निलम्बन अवधि में मुख्यालय जिला शिक्षा अधीक्षक कोडरमा कार्यालय और अंशु अविनाश का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कोडरमा कार्यालय बनाया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक शिवनारायण साह ने विभागीय आदेश भी निकाला है जिसकी सूचना जैक के साथ ही उपायुक्त और अन्य वरीय अधिकारियों को दी गयी है। इसके साथ ही उक्त दोनों परीक्षार्थियों को परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया है।

बगोदर विधायक ने किया 3 करोड70 लाख से बनने वाली पुल का शिलान्यास

अशोक कुमार की रिपोर्ट ၊                                बगोदर / गिरिडीह : -मुख्यमंत्री ग्रामसेतू योजना के अन्तर्गत बगोदर प्रखण्ड के जरमुने पुर्वी पंचायत के हरिजन टोला तथा बरांय पंचायत के नौवाडीह यमूनिया नदी में बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो ने तीन करोड सत्तर लाख की लागत से बनने वाली पुल का विधिवत शिल्या न्यास वृस्पतिवार को नारियल फोड कर किया ၊ वहीं बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो ने लोगों को सबोधित करते हुए कहा कि मैं इस क्षेत्र का विधायक नही बल्कि मैं जनता का सेवक हूँ, और मैंने पिछलेेे विधानसभा के चुनाव में क्षेत्र भ्रमण करने के दौरान यह वचन दिया था कि मुझे जनता एक बार सेवा करने का मौके देगी तो मैं इस नदी पर पुल का निर्माण अश्व करूगाँ जिसका मैं अपना वचन पुरा किया और आज वो सौभग्य दिन का अवसर मिला ၊ बता दे की इस जगह पुल का निर्माण होन से कई गाँवों कें लोगों का लाभ मिलेगा तथा दो पंचायत दो प्रखण्ड के साथ दो जिला के सीमावर्ति इलाके को जोडेगा मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप साव दुर्गेश कुमार, शंकर पटेल, सुधीर सिंह बंटी कुमार प्रयाग मण्डल जितेन्द्र महतो सुखदेव राणा रामजी गुप्ता मौजूद थे ၊

Blast at Jammu bus stand, several injured rushed to hospital

*Blast at Jammu bus stand, injured rushed to hospital*


JB  Singh 

Jammu : March 07

An explosion has taken place near Jammu bus stand. The area has been cordoned off, and assessment is currently underway. 

News agency ANI reported that there are some injuries in the incident and the injured have been rushed to a hospital. Times Now channel reported that five people have been injured in the blast. The blast is likely to have taken place inside a bus. 

Early visuals from the blast site also showed damaged vehicles.

क्या यही प्यार है! 'मिली बेरूखी तो कर दी प्रेमिका की गला रेत कर हत्या',झारखण्ड में बढ़ते हिंसक वारदात

राँची-  :         हमारे देश भारत का आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है -झारखण्ड ၊ कहते हैं कि  वन्य क्षेत्र व पहाड़ियों में निवास करने वाले लोग स्वभाव से सीधे साये होते हैं ၊ किंतु छोटानागपुर प्रक्षेत्र की संस्कृति में वर्तमान दौर में पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव इस कदर रच बस गया है कि इंसानियत भी शर्मसार हो जाती है ၊ कुछ इसी तरह की एक घटना राजधानी के निकट ओरमांझी  में घटी है ၊    प्रियंका साहू की गला रेतकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी का नाम पवन कुमार है, जो प्रियंका साहू का पूर्व प्रेमी बताया जा रहा है.  पुलिस ने कल मीडिया को बताया कि गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार ने पुलिस को बताया कि प्रियंका काफी दिनों से उसे नजर.अंदाज कर रही थी और दूसरे लड़के के साथ रिश्ते में थी. इससे पवन और प्रियंका के बीच हमेशा लड़ाई होती रहती थी. इसी दौरान मंगलवार को मौका पाकर उसने प्रियंका के घर में घुसकर धारदार हथियार से रेतकर उसकी हत्या कर दी. गौरतलब है कि मंगलवार की शाम ओरमांझी थाना क्षेत्र के ओरमांझी शिव मंदिर के पास रहनेवाले शिव नारायण साहू की 26 वर्षीय पुत्री प्रियंका साहू की धारदार हथियार से गर्दन रेतकर हत्या कर दी गयी थी.


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हत्या के आरोपी पवन कुमार और मृतका प्रियंका साहू पूर्व में एक ही स्कूल में पढ़ाते थे और इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम प्रसंग का मामला चलने लगा था. प्रियंका साहू ओरमांझी के एक स्कूल में टीचर थी. मंगलवार की शाम पांच बजे वह स्कूल से घर आयी थी. घर पर वह अकेली थी. प्रियंका की मां बगल में नवनिर्मित मकान देखने गयी थी, वहीं पिता और भाई ओरमांझी बाजार गये थे. इसी दौरान प्रियंका साहू की गला रेतकर हत्या कर दी गयी थी. रात के तकरीबन आठ बजे प्रियंका की बहन, जो पास के ही एक शोरूम में अकाउंटेंट का काम करती है, उसने घर लौटने पर प्रियंका को अपने कमरे में खून से लथपथ पड़ा देखा. उसने चिल्लाकर आस-पास के लोगों को बुलाया और आनन-फानन में प्रियंका को पास के अस्पताल में ले जाया गया. ज्यादा खून निकल जाने के चलते रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी।

Tuesday, March 5, 2019

जैक 12 कक्षा के फिजीक्स का प्रश्नपत्र लिंक करने के दो आरोपी गिरफ्तार

अशोक कुमार की रिपोर्ट ၊

बगोदर/गिरिडीह:-बगोदर पुुलिस ने मंगलवार को इंटर का फिजीक्स पेपर लीक करने के आरोप बगोदर उच्च विद्यालय के पियुन सरिया थाना क्षेत्र के कपिलो निवासी  अजय कुमार यादव तथा बगोदर मे एक कोचिंग संचालक इसी थाना क्षेत्र के जरमूने पाण्डेयडीह निवासी अभिषेक कौशल को गिरफ्तार किया है। जबकि एक परीक्षार्थी को भी पुछ ताछ के लिए लाया गया है। 

फोटो:- प्रश्न पत्र ऑउट करने वाले गिरफ्तार आरोपी

 वहीं इस मामले को लेेकर बगोदर सरिया एसडीपीओ बिनोद कुमार महतो ने बताया कि  गिरफ्तार अजय यादव ने पुछ-ताछ मे गलती स्वीकार किया है कि अभिषेक कौशल के कहने पर 2 मार्च शनिवार को फिजीक्स का प्रश्नपत्र का  फोटो खीचकर ऑउट किये थे।उन्होंने यह भी बताया कि अभिषेक कौशल ने अपने एक दोस्त परीक्षार्थी को मदद करने के लिए ही पियुन को दो हजार रूपये का प्रभोलन देकर परीक्षा से आधा घंटा पहले प्रश्नपत्र ऑउट कराया था ।यह प्रश्न पत्र हजारीबाग के एक कोचिंग संचालक सुभाष यादव के पास प्रश्नपत्र हल के लिए भेज दिया गया जिसके के बाद एक मेंटल वाट्सअप ग्रुप कोडरमा में वायरल हो गया । वही इसे लेकर कोडरमा में एक मामला दर्ज हुआ है ।दोनों गिरफ्तार को कोडरमा पुलिस को सौप दिया जायगा।

 फोटोः जानकारी देते एसडीपीओ बिनोद कुमार महतो व थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह                                        वहीं एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले कुछ अन्य लोगों की संलिप्ता की बात आयी है ।इसमें शामिल लोगों पर जांच कर करवायी की जायगी।बताया जाता है कि हजारीबाग पुलिस ने कोचिंग संचालक सुभाष यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है ।


      

भारत बंद का रहा आंशिक असर,दो घंटे तक रहा कई जगह परिचालन ठप्प

   भरत मंडल ၊                                            गिरिडीह : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ आज कई समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आये.  दलित, पिछड़ों और आदिवासियों समेत आज भारत बंद में कई सामाजिक संगठन ने भी भाग लिया। इसके अलावा कुछ राजनीतिक दलों ने भी इस भारत बंद को समर्थन किया है। भारत बंद के मुख्य मुद्दे 13 प्वाइंट रोस्टर की जगह 200 प्वाइंट रोस्टर और गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण है। इसके अलावा आदिवासियों की जमीन और देशभर में खाली पड़े 24 लाख से ज्यादा पदों की मांग को लेकर भी ये बंद बुलाया गया है। ऐसे में भारत बंद का गिरिडीह जिले में आंशिक असर देखने को मिला। तोड़फोड़ की आशंका से ग्रामीण इलाकों से शहर आने वाली गाड़ियां बंद रहीं। वहीं लंबी दूरी के वाहनों का चक्का भी जाम रहा। हालांकि बंद का असर सरिया, बगोदर और राजधनवार में देखने को मिला। यहाँ बंद समर्थक सुबह से ही सड़क पर उतरकर सड़क जाम कर दिया जिससे करीब दो घंटे तक परिचालन प्रभावित रहा. इधर भारत बंद के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन ने मुकम्मल तैयारी की थी. जगह_जगह पर पुलिस के जवान तैनात किये गए थे. कही से भी किसी प्रकार का अप्रिय घटना की सुचना नहीं है.

Monday, March 4, 2019

झारखंड का सबसे ऊंचा शिवलिंग; बड़ी महिमा है हरिहर धाम की

हरिहर धाम मंदिर, जिसे आमतौर पर झारखंड के गिरिडीह में स्थित हरिहर धाम के रूप में जाना जाता है . हरिहर धाम भारत के झारखंड राज्य के उत्तरी छोटानागपुर संभाग के गिरिडीह जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम  बगोदर में ग्रैंड ट्रंक रोड से 1 किमी की दूरी पर स्थित है।


गिरिडीह पहले हजारीबाग जिले का हिस्सा था, जो पूर्व अविभाजित बिहार राज्य का था। बाद में गिरिडीह को एक अलग जिला और झारखंड राज्य का हिस्सा बनाया गया।


65 फीट (20 मीटर) की ऊंचाई के साथ शिवलिंग दुनिया में सबसे ऊंचा है। मंदिर 25 एकड़ (10 हेक्टेयर) के क्षेत्र में फैला हुआ है और नदी से घिरा हुआ है। विशाल शिवलिंग का निर्माण पूरा करने में लगभग 30 साल लग गए। मंदिर एक प्रमुख पर्यटक स्थल है और हर साल श्रावण पूर्णिमा पर भगवान शिव की पूजा करने के लिए भक्तों द्वारा यहां जाया जाता है। श्रावण के पवित्र महीने में श्रावण पूर्णिमा की पूर्णिमा की रात होती है। यह त्योहारों और पवित्र अनुष्ठानों का महीना है। श्रावण के पवित्र महीने के उज्ज्वल आधे के पांचवें दिन, नाग पंचमी के रूप में लोकप्रिय एक नाग की पूजा करने का अनुष्ठान मनाया जाता है। अपने धार्मिक महत्व के कारण हरिहर धाम हिंदू धर्म के लोगों के लिए विवाह का एक लोकप्रिय स्थान है| यहां श्री हनुमान और राधा-कृष्णा जी का मंदिर है|


बगोदर में स्थित है हरिहर धाम। भगवान शिव की पूजा-अर्चना और अपने भव्य मंदिर को लेकर यह धाम काफी मशहूर है। यह धाम चट मंगनी पट ब्याह के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण शिवलिंग के रूप में किया गया है, जो विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जाता है। इसकी ऊंचाई 65 फीट है। 


हरिहर धाम के बारे में कहा जाता है कि यह एक ऐसा मंदिर है, जहां होने वाली हजारों शादियां हर दूसरे वर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देती हैं। मतलब इस मंदिर में *होने वाली शादियों का आंकड़ा अपने पिछले वर्ष से हर साल ज्यादा हो जाता है।


*इस मंदिर का निर्माण शिवलिंग के रूप में किया गया है। यह मंदिर परिसर नदी से घिरा हुआ है। इस बड़े शिवलिंग के निर्माण में 30 साल लगे थे*।

गिरिडीह-मधुपुर नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में हुआ भूमिपूजन व शिलान्यास , हुआ भव्य समारोह का आयोजन

महाशिवरात्रि के शुभअवसर पर पारसनाथ गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में हुआ भूमिपूजन व शिलान्यास , हुवा भव्य समारोह का आयोजन 

युगल किशोर  ၊ गिरिडीह :- महाशिवरात्रि के शुभअवसर पर पारसनाथ गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में भव्य समारोह का आयोजन करते हुऐ  भूमिपूजन व शिलान्यास  किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि गिरिडीह लोक सभा सांसद रबिन्द्र कुमार पाण्डेय, धनबाद रेलमंडल के डी आर एम , डुमरी बिधायक जगरनाथ महतो, गिरिडीह बिधायक निर्भय शाहाबादी सहित स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारीसहित दर्जनो जनप्रतिनिधि गण एवम सैकड़ो कि सँख्या में जनता जनार्दन उपस्थित थे ।


बता दे कि जैनियो के विश्व प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र पारसनाथ शिखर जी भाया गिरिडीह के रास्ते रेेेल मार्ग की थी मांग

बहुत अरसे से किया जा रहा था इस मांग को प्राथमिकता देते हैं केंद्र सरकार ने इस पर पहल शुरू , इस नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी जिसका आज भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया।


 अब लोगों को एक नई आशा की किरण जगी है क्योंकि पारसनाथ के तलहटी क्षेत्र में आज भी आवागमन का कोई पथ नही है , नई रेल लाइन बन जाने से सुदूर ग्रामीणों को काफी फायदा होगा साथ ही साथ देश के विभिन्न राज्यो से आने वाले जैन तीर्थ यात्रियों को सीधे तौर पर शिखर जी मधुबन जाने की रेल सुविधा शुगम हो जाएगी ।

बता दें कि पारसनाथ वाया गिरिडीह नई रेल लाइन जो करीब नौ सौ करोड़ की लागत से बनने वाली यह रेल लाइन परियोजना  इस क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

Sunday, March 3, 2019

विश्वप्रसिद्ध औद्योगिक घराने टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नौशेरवान जी टाटा के जन्म दिवस पर विशेष

सर जमशेदजी टाटा (जन्म ३ मार्च,१८३९ - मृत्यु १९ मई,१९०४) वर्तमान में भारत के विश्वप्रसिद्ध औद्योगिक घराने टाटा समूह के संस्थापक थे।धोपावकर बंधू-भगिनी एवम परिवार अहमदनगर की ओर से जमशेदजी टाटा के महान कार्य को कोटि कोटि सादर प्रणाम।

जमशेदजी का जन्म सन १८३९ में गुजरात के एक छोटे से कस्बे नवसेरी में हुआ था।उनके पिता जी का नाम नुसीरवानजी था व उनकी माता जी का नाम जीवनबाई टाटा था । पारसी पादरियों के अपने खानदान में नुसीरवानजी पहले व्यवसायी थे । भाग्य उन्हें बंबई ले आया जहाँ उन्होने व्यवसाय ( धंधे ) में कदम रखा । जमशेदजी 14 साल की नाज़ुक उम्र में ही उनका साथ देने लगे । जमशेदजी ने एल्फिंस्टन कालेज (Elphinstone College) में प्रवेश लिया और अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने हीरा बाई दबू से विवाह कर लिया था । वे 1858 में स्नातक हुए और अपने पिता के व्यवसाय से पूरी तरह जुड़ गए।

'' उद्योग का आरम्भ '':- वह दौर बहुत कठिन था। अंग्रेज़ अत्यंत बर्बरता से 1857 की क्रान्ति को कुचलने में सफल हुए थे। जमशेदजी 29 साल की उमर तक अपने पिताजी के साथ ही काम करते रहे । 1868 में उन्होने 21000 रुपयों के साथ अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया । सबसे पहले उन्होने एक दिवालिया तेल कारखाना ख़रीदा और उसे एक रुई के कारखाने में तब्दील कर दिया और उसका नाम बदल कर रखा - एलेक्जेंडर मिल (Alexender Mill) ! दो साल बाद उन्होने इसे खासे मुनाफे के साथ बेच दिया । इस पैसे के साथ उन्होंने नागपुर में 1874 में एक रुई का कारखाना लगाया । महारानी विक्टोरिया ने उन्ही दिनों भारत की रानी का खिताब हासिल किया था और जमशेदजी ने भी वक़्त को समझते हुए कारखाने का नाम इम्प्रेस्स मिल(Empress Mill) (Empress का मतलब ‘महारानी’ ) रखा ।

''महान दूरदर्शी''::-जमशेदजी एक अलग ही व्यक्तित्व के मालिक थे । उन्होंने ना केवल कपड़ा बनाने के नए नए तरीक़े ही अपनाए बल्कि अपने कारखाने में काम करने वाले श्रमिकों का भी खूब ध्यान रखा। उनके भले के लिए जमशेदजी ने अनेक नई व बेहतर श्रम-नीतियाँ अपनाई। इस नज़र से भी वे अपने समय से कहीँ आगे थे । सफलता को कभी केवल अपनी जागीर नही समझा, बल्कि उनके लिए उनकी सफलता उन सब की थी जो उनके लिए काम करते थे। जमशेदजी के अनेक राष्ट्रवादी और क्रांतिकारी नेताओं से नजदीकी संबंध थे,इन में प्रमुख थे,दादाभाई नौरोजी और फिरोजशाह मेहता । जमशेदजी पर और उनकी सोच पर इनका काफी प्रभाव था। उनका मानना था कि आर्थिक स्वतंत्रता ही राजनीतिक स्वतंत्रता का आधार है। जमशेद जी के दिमाग में तीन बडे विचार थे -1)अपनी लोहा व स्टील कंपनी खोलना;2)एक जगत प्रसिद्ध अध्ययन केंद्र स्थापित करना;3)एक जलविद्युत परियोजना (Hydro-electric plant) लगाना । दुर्भाग्यवश उनके जीवन काल में तीनों में से कोई भी सपना पूरा ना हो सका । पर वे बीज तो बो ही चुके थे, एक ऐसा बीज जिसकी जड़ें उनकी आने वाली पीढ़ी ने अनेक देशों में फैलायीं । जो एक मात्र सपना वे पूरा होता देख सके वह था होटल ताज महल। यह दिसंबर 1903 में 4,21,00,000 रुपये के शाही खर्च से तैयार हुआ। इसमे भी उन्होने अपनी राष्ट्रवादी सोच को दिखाया था। उन दिनों स्थानीय भारतीयों को बेहतरीन यूरोपियन होटलों में घुसने नही दिया जाता था । ताजमहल होटल इस दमनकारी नीति का करारा जवाब था। 1904 में जर्मनी में उन्होने अपनी आख़िरी सांस ली ।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...