Friday, May 31, 2019

इस्राईली राजनीतिक और मीडिया गलियारों का दावा - मिसाइल ग़ज़्ज़ा पट्टी से फ़ायर किया गया और तेल अबीब के ऊपर से गुजर बस्ती पर गिरा

इस्राईली नेताओं और मीडिया में इस समय सबसे गर्म मुद्दा है ग़ज़्ज़ा पट्टी से मिशमिरत के इलाक़े पर फ़ायर किया जाने वाला मिसाइल। इस्राईली राजनैतिक और मीडिया गलियारों का दावा है कि यह मिसाइल ग़ज़्ज़ा पट्टी से फ़ायर किया गया और तेल अबीब के ऊपर से गुज़रता हुआ मिशमिरित बस्ती पर गिरा।

तेल अबीब के उत्तर में स्थित मिशमिरित नाम की बस्ती में 1 हज़ार से कुछ अधिक लोग रहते हैं। इस मिसाइल हमले में छह इस्राईली घायल हुए मगर उनकी चोटें मामूली हैं।

ग़ज़्ज़ा स्थित फ़िलिस्तीनी संगठनों में से किसी ने अब तक इस मिसाइल हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। कुछ ही दिन पहले गज़्ज़ा से दो मिसाइल फ़ायर किए जाने का भी इस्राईल ने दावा किया था। यह दोनों मिसाइल भी तेल अबीब के पास गिरे थे जिसके जवाब में इस्राईल ने ग़ज़्ज़ा पट्टी में हमास और जेहादे इस्लामी संगठनों के 100 ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इस हमले की भी ज़िम्मेदारी किसी भी फ़िलिस्तीनी संगठन ने नहीं ली थी।

सवाल यह है कि यदि ग़ज़्ज़ा पट्टी से यह मिसाइल हमले हो रहे हैं तो हमला करने वाले फ़िलिस्तीनी संगठन इन हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार क्यों नहीं कर रहे हैं? कुछ टीकाकार कहते हैं कि फ़िलिस्तीनी संगठनों ने इसलिए ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की क्योंकि उन्होंने यह हमला किया ही नहीं है बल्कि हमले के इस ड्रामे के पीछे ख़ुद बिनयामिन नेतनयाहू की सरकार का हाथ है। अपनी अमरीका यात्रा को संक्षिप करके तत्काल इस्राईल वापस लौटने का एलान करने वाले नेतनयाहू को आगामी 9 अप्रैल के संसदीय चुनावों में प्रतिद्वंद्वियों से भारी टक्कर मिल रही है और उनके  लिए चुनाव जीत पाना कठिन हो गया है। चुनाव हारने के साथ ही नेतनयाहू के लिए यह ख़तरा भी है कि वह पूर्व प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट की तरह जेल जा सकते हैं क्योंकि उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और सत्ता में न रहने की स्थिति में भ्रष्टाचार की जांच शक्तिशाली रूप से आगे बढ़ेगी अतः नेतनयाहू के लिए अपनी गरदन बचा पाना कठिन हो जाएगा।

नेतनयाहू इस्राईल के भीतर यह धारणा फैला रहे हैं कि वह अमरीका की ट्रम्प सरकार की मदद से वह इस्राईल के लिए कुछ भी करवा सकते हैं जिसमें हमास और जेहादे इस्लामी के ख़तरों का मुक़ाबला भी शामिल है जबकि यदि इस्राईल की सत्ता किसी और के हाथ में जाती है तो उसके इस्राईल के सामने यह ख़तरे और भी गंभीर हो जाएंगे।

वहीं टीकाकारों का एक बड़ा तबक़ा यह मानता है कि मिसाइल हमले फ़िलिस्तीनी संगठनों ने किए हैं और उन्होंने इस हमले में तेल अबीब को पार करके मिशमिरित को निशाना बनाकर यह संदेश दे दिया है कि इस्राईल का कोई भी इलाक़ा सुरक्षित नहीं है। नेतनयाहू सरकार ने अमरीकी सरकार से यह एलान करवा दिया कि सीरिया का गोलान हाइट्स का इलाक़ा इस्राईल की भूमि है साथ ही ट्रम्प सरकार ने तेल अबीब से अमरीकी दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित कर दिया मगर नए नए इलाक़ों को हड़पने में व्यस्त इस्राईली सरकार अपनी राजधानी तेल अबीब को भी सुरक्षित रख पाने में अक्षम है।

कुछ महीने पहले फ़िलिस्तीनी संगठनों से इस्रईल का टकराव हुआ था तो 48 घंटे के भीतर नेतनयाहू को मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़त्ताह अस्सीसी की मदद लेकर संघर्ष विराम करने पर मजबूर होना पड़ा था क्योंकि दसियों लाख की संख्या में इस्राईलियों को भूमिगत शरण स्थलों में कई कई दिनों तक रखना नेतनयाहू के लिए बहुत महंगा सौदा पड़ा सकता था। इसलिए कि यह वह इस्राईली हैं जो अलग अलग देशों से पलायन करके अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में लाकर बसाए गए हैं यदि उन्हें अपनी सुरक्षा ख़तरे में नज़र आएगी तो उनकी घर वापसी की प्रक्रिया और भी तेज़ हो जाएगी जो पहले से ही जारी है।

फ़िलिस्तीनी संगठनों ने हालिया समय में इस्राईल के क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में बसे फ़िलिस्तीनियों को सक्रिय किया है और इन फ़िलिस्तीनियों ने बड़े साहस का परिचय देते हुए इस्राईलियों पर ज़ोरदार हमले किए हैं। हालिया उदाहरण बहादुर फ़िलिस्तीनी शहीद अबू लैला का है। 18 साल के इस युवा ने चाक़ू से इस्राईली सैनिक पर हमला किया उसकी बंदूक़ छीनी और ज़ायोनियों सैनिकों पर फ़ायरिंग कर दी हमले में कम से कम चार ज़ायोनी हताहत हो गए। बाद में इस्राईली सैनिकों ने एक झड़प में अबू लैला को शहीद कर दिया। गज़्ज़ा पट्टी से होने वाले मिसाइल हमलों से अबू लैला जैसे फ़िलिस्तीनी जियालों के हौसले और भी बढ़ेंगे। शों से पलायन करके इस्

इसका साफ़ मतलब यह है कि सीरिया के इलाक़े गोलान हाइट्स और पवित्र नगर बैतुल मुक़द्दस को हड़पने की कोशिश में नेतनयाहू के लिए तेल अबीब और हैफ़ा को संभाल पाना कठिन हो गया है।

15वें पीएम के रूप में श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने शपथ ली, मंत्रि‍मंडल में 24 राज्‍य मंत्री भी शामिल हैं

            (पीएम मोदी के ट्वीट से साभार)

नई दिल्ली :- राष्‍ट्रपति भवन में गुरुवार शाम 6 हजार मेहमानों की उपस्‍थ‍िति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार पद और गोपनीयता की शपथ ली. दूसरे नंबर पर राजनाथ सिंह ने कैबि‍नेट के तौर पर मंत्री पद की शपथ ली. बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने तीसरे नंबर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली. अब तक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर काम करते आ रहे आमित शाह को पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है

चौथे नंबर पर नितिन गडकरी ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली. इसके बाद शपथ लेने वाले केब‍िनेट मंत्री इस प्रकार रहे.  मंत्रिपरिषद में नौ राज्य मंत्रियों ने :स्वतंत्र प्रभार: के रूप में शपथ ली. सरकार में पहली बार शामिल होने वालों में जयशंकर के अलावा प्रह्लाद जोशी, अर्जुन मुंडा और रमेश पोखरियाल निशंक शामिल हैं. मोदी मंत्रि‍मंडल में 24 केंद्रीय और 24 राज्‍य मंत्रि‍यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. 9 स्‍वतंत्र प्रभार मंत्रि‍यों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली.

24 कैबिनेट मंत्री 

राजनाथ सि‍ह

अम‍ित शाह

नित‍िन गडकरी

सदानंद गौड़ा

निर्मला सीतारमन

रामविलास  पासवान

नरेंद्र सिंह तोमर

रवि‍शंकर प्रसाद

हरसिमरत कौर

थावरचंद गहलोत

एस जयशंकर

रमेश पोखरि‍याल

अर्जुन मुंडा

स्‍मृति ईरानी

डॉ. हर्षवर्धन

प्रकाश जावडेकर

पीयूष गोयल

धर्मेंद्र प्रधान

मुख्‍तार अब्‍बास नकवी

प्रह्लाद जोशी

महेंद्रनाथ पांडेय

अरविंद सावंत

ग‍रिरि सिंह

गजेंद्र सिंह शेखावत

*9 राज्‍यमंत्री स्‍वतंत्र प्रभार*

संतोष गंगवार

राव इंद्रजीत सिंह

श्रीपद नाइक

डॉ. जितेंद्र सिंह

किरन रि‍जि‍जू

प्रह्लाद पटेल

आरके सिंह

हरदीप सिंह पुरी

मनसुख मंडावि‍या

*24 सांसद बने राज्‍यमंत्री*

फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते

अश्‍वि‍नी चौबे

अर्जुन राम मेघवाल

वीके सिंह

कृष्‍णपाल गुर्जर

दादा साहेब दानवे

जी किशन रेड्डी

पुरुषोत्‍तम रुपाला

रामदास आठवले

साध्‍वी नि‍रंजन ज्‍योति

बाबुल सुप्र‍ियो

संजीव बालियान

संजय धोत्रे

अनुराग ठाकुर

सुरेश अंगाड़ी

नित्‍यानंद राय

सांसद रतनलाल कटारिया

वी मुरलीधरन

रेणुका सिंह

सोमप्रकाश

रामेश्‍वर तेली

प्रताप चंद सारंगी

कैलाश चौधरी

देबाश्री चौधरी

जेडीयू सरकार में शामिल नहीं हुई. राजनाथ, रामविलास, गडकरी और निर्मला इससे पहले की मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं. इससे पहले, राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई. मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं. वह इससे पहले 2014 से 2019 तक प्रधानमंत्री थे.

Thursday, May 30, 2019

रांची में तेल चोर गिरोह का भंडाफोड़,स्टेशन के समीप रॉयल रेज़िडेंसी से 7 गिरफ्तार

राँची ၊ आज गुप्त सूचना पर स्टेशन रोड में होटल रॉयल रेसीडेंसी से तेल चोर गिरोह को एटीएस,स्पेशल ब्रांच की टीम और चुटिया थाना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया।जांच में पता चला यह सभी शातिर तेल चोर है।ये सभी खुंटी में पाइप लाइन से तेल चोरी करने के लिए जुटा था।उससे पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

 इनकी हुई गिरफ्तारी

लीलाधर सिंह (56), नांगलोई, नेहाल विहार दिल्ली। 

अतुल शर्मा (31), दरिया कॉलोनी, रणहौला दिल्ली

रमेश कुमार यादव (44), होलांबी कला, मेट्रो विहार फेज 2, दिल्ली

कास चौधरी (37), निलौठी मोड़, नांगलोई, दिल्ली

राधेश्याम (30), होलांबी कला, मेट्रो विहार फेज टू दिल्ली

विपिन कुमार (26), दारोगा लॉज, दीघा पटना, बिहार

रोहित कुमार (25), दाउदपुर, शाहपुर, पटना बिहार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता पीएम नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी

 दिल्ली में शपथग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है और इसमें शामिल होने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी न्योता भेजा गया है.

कथित रूप से बीजेपी ने उन लोगों के परिजनों को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है जो पश्चिम बंगाल में कथित रूप से राजनीतिक हिंसा में मारे गए.

बीजेपी ने दावा किया है कि राजनीतिक हिंसा में उसके 54 कार्यकर्ता मारे गए. ममता बनर्जी ने इसका खंडन किया है.

ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि शपथ ग्रहण समारोह लोकतंत्र के उत्सव मनाने वाला महत्वपूर्ण मौक़ा होता है, न कि किसी राजनीतिक दल द्वारा इसकी गरिमा घटाने वाला

अपने बयान को ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है, "बधाई, नए प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी जी. मेरी योजना संवैधानिक न्योते को स्वीकार करने और शपथ ग्रहण समारोह में जाने की थी. हालांकि अंतिम क्षण में मैं देख रही हूं कि मीडिया में ऐसी ख़बरें आ रही हैं जिसमें कहा जा रहा है कि बीजेपी दावा कर रही है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा में 54 लोग मारे गए हैं. ये पूरी तरह झूठ है."

Monday, May 27, 2019

पूरे परिवार को डायन के नाम पड़ताडित और मारपीट के आरोप में 14 गिरफ्तार


सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के कृष्णापुर गांव की है, जहां गुरुवार को डायन के नाम पर नौ पुरुषों की घर से निकालकर पिटाई की गई। सामूहिक रूप से उनका जबरन मुंडन भी कर दिया गया ၊ इतना ही नहीं सात महिलाओं के नाखून भी काट दिए गए।वहीं पीड़ितो के द्वारा थाने में शिकायत करने पर दोबारा पिटाई करने की धमकी भी दिया गया। कृष्णापुर गांव के महतो टोला में खौफ का मंजर है। पीड़ित परिवार घर से निकलने से डर रहे है। पीड़िता सुशीला महतो ने मामले ने सोमवार को राजनगर थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया जा रहा है रविवार देर रात जब मामले की सूचना थाना में पहुंचा तो पुलिस तत्परता दिखाते हुए गांव पहुंची।पुलिस के गांव में पहुंचते ही भगदड़ मच गया और सभी आरोपित रात को गांव से  फरार हो गए । पुलिस ने छापेमारी करके 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।जिसमे ग्राम प्रधान ,मुखिया,वार्ड पार्षद भी शामिल है।पीड़ित परिवार की ओर से मामला दर्ज आगे कार्यवाही कर रही है पुलिस।पीड़ित परिवार को गांव में सुरक्षा मुहैया कराया गया है।थाना प्रभारी के अनुसार पीड़ित परिवार को डरने की जरूरत नहीं है।पुलिस पीड़ित के साथ है।

Sunday, May 26, 2019

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन,दो कैदी रिहा हुए



पलामू:पलामू जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में रविवार को केंद्रीय कारा मेदिनीनगर में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रफुल्ल कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर जेल अदालत में दोष स्वीकारोक्ति ब्यान के आधार पर व सजा की अवधि पूर्ण करने पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत से दो कैदी को रिहा किया गया। रिहा किए गए कैदियों में टीमल रजक व फिरोज खा शामिल हैं। इस मौके पर न्यायिकदंडाधिकारी अमित गुप्ता, मनोज कुमार, कारा अधीक्षक प्रवीण कुमार ,अधिवक्ता अंजूम प्रवीण,इंदु भगत, संतोष कुमार पांडेयआदि लोग उपस्थित थे।मौके पर  जागरूकता शिविर में  संबोधित करते हुए प्राधिकार के सचिव  प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने को वचनबद्ध है। उन्होंने डालसा द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी बंदी न्याय से वंचित नहीं रहेगा। बंदियो के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत उनकी पारिवारिक स्थिति की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से लोगों को  सुलभ न्याय देने की व्यवस्था की गई है ।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...