Saturday, April 18, 2020

एक आईपीएस अधिकारी के पिता रिटायर्ड डीडीसी का मिला कोरोना पॉजिटिव


#न्यूज़ डेस्क।रांची के एक आईपीएस अधिकारी के पिता रिटायर्ड डीडीसी को कोरोना पॉजिटिव मिला।तीन दिन पहले एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था।दिल्ली में ही केस कन्फर्म हुआ है।बताया जा रहा है कि उनका अपार्टमेंट बरियातू जोड़ा तालाब में है।जो सूचना मिल रही है आपर्टमेंट को सील किया जा रहा है।वहीं जिस अस्पताल में इलाज चल रहा था, उसको भी सील किया जाएगा।शहर के तीन बड़े अस्पतालों में इलाज की सूचना है।
जानकारी अनुसार, बरियातू थाना क्षेत्र के जोड़ा तालाब स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले एक अधिकारी के पिता कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।मिली जानकारी के अनुसार,अधिकारी के पिता को तीन दिन पहले राँची से एयर एंबुलेंस के द्वारा दिल्ली ले जाया गया जहां पर शनिवार को वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद राँची जिला प्रशासन की टीम के द्वारा एक निजी हॉस्पिटल और जोड़ा तालाब स्थित एक अपार्टमेंट को सील किया जा रहा है।

कोरोना से डरें, घर मे रहें

हिंदपीढ़ी के बाद बरियातू में संक्रमण का खतरा।ब्रेन हेमरेज के बाद आईपीएस अधिकारी के पिता को तीन अलग अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया था। 16 अप्रैल को एयर एम्बुलेंस से मेदांता गुड़गांव भेजा गया था। वहीं कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई।

रांची के हिंदपीढ़ी में मिला त्रिनिदाद निवासी एक और कोरोना पॉजिटिव, राज्य में कुल संख्या हुई 33

*BIG BREAKING:*

रांची के हिंदपीढ़ी में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव, राज्य में कुल संख्या हुई 33
त्रिनिदाद का  है रहने वाला संक्रमित युवक


#रांची। पॉजिटिव नया मरीज तबलीगी जमात से जुड़ा हुआ है। और राँची के खेलगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती है। पहली जांच में उसकी रिपोर्ट निगेविट आयी थी, लेकिन दूसरी जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित शख्स त्रिनिदाद एंड टोबैगो का रहने वाला है,और 33 साल का है। ये उन्हीं 17 विदेशियों में शामिल हैं, जिन्हें हिंदपीढ़ी इलाके के एक मस्जिद से निकालकर खेलगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में भेजा गया था। इन्हीं में से एक मलेशियाई महिला राज्य का पहला कोरोना मरीज है।

Thursday, April 16, 2020

गिरिडीह:बगोदर के भाकपा माले विधायक को हुआ बुखार, हो गए होम क्वारंटाइन




अशोक कुमार।बगोदर विधान सभा क्षेत्र के सीपीआई (एमएल) विधायक विनोद कुमार सिंह ने गुरुवार को खुद अस्वस्थ होने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। बताया गया कि विधायक को बुखार है। सिविल सर्जन अवधेश कुमार सिन्हा ने भी कहा कि विधायक के बीमार पड़ने की सूचना मिली है। शुक्रवार को उनकी जांच की जाएगी। फिलहाल वे होम क्वारंटाइन पर चले गए हैं।
फेस बुक वाल पर विधायक ने लिखा कि साथियों, मैं थोड़ा अस्वस्थ महसूस कर रहा हूं। अत: अगली सूचना तक कृपया हमसे मिलने घर न आएं। मैं भी बाहर नहीं निकल पाऊंगा। मोबाइल जिम्मेवार साथी उठाते रहेंगे। उनसे बात होती रहेगी। कोई अति आवश्यक स्थिति हो तो मुझे एसएमएस करें। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि ग्राम-पंचायत के आधार पर बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों का शहर के आधार पर विस्तृत विवरण तैयार रखें। ताकि उन्हें डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जा सके।
विधायक के साथ रहने वाले माले नेता संदीप जयसवाल ने कहा कि विधायक लगातार जनता को मदद पहुंचाते रहे हैं। थकान के कारण उन्हें बुखार हो गया है। उनके चाहने वालों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

Tuesday, April 14, 2020

मुंबई के बांद्रा में हजारों लोग रोड पर निकले, घर जाने की कर रहे थे मांग



✒✒✒✒✒
KAMLESH.#मुंबई: कोरोना वायरस के कारण लगातार देश में खतरा बढ़ रहा है. इसी बीच मुंबई से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसमें खुलेआम देखा जा रहा है कि लोगों ने लॉकडाउन का उल्लंघन किया. करीब तीन हजार मजदूर बांद्रा सेंट्रल पर इकट्ठा हो गए. इन सभी मजदूरों की मांग थी कि उन्हें उनके गांव जाने की इजाजत दी जाए.

शुरुआत में तो पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की. लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर लोगों को तितर-बितर किया. जानकारी के मुताबिक इस भीड़ में कामगार मजदूर थे. जिनका कहना था कि उनके पास खाने-पीने की कोई सुविधा नहीं. एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि कई लोगों की मांग थी कि उन्हें उनके गांव भेजा जाए.

जिसके बाद राशन का ट्रक लाकर 400-500 लोगों को राशन भी बांटा गया. वहीं कई लोगों को यह भी कहा गया कि अगर उनके पास रहने की व्यवस्था न हो तो वह शेल्टर होम में रह सकते हैं. लेकिन कुछ लोग थे जो लगातार बस अपने घर जाने की जिद पर अड़े थे. जिसके कारण उन्हें तितर बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया.

अफवाहों से इकट्ठा हुए लोग

लोगों को उम्मीद थी कि 14 अप्रैल के बाद लॉक डाउन खत्म हो जाएगा. लेकिन हालतों को देखते हुए लॉक डाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. जानकारी के मुताबिक यह भीड़ सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह के कारण इकट्ठा हुई थी.

Sunday, April 12, 2020

BIG BREAKING : बोकारो में फिर मिले 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज, झारखंड में कुल संख्या हुई 19




संक्रमण को लेकर बोकारो से रविवार देर शाम एक बड़ी खबर आ रही है. बोकारो में आज 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई है. इन दो मरीजों के पॉजिटिव पाये जाने के बाज अब झारखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 19 हो गयी है. स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने इसकी पुष्टि की है.
इसके बाद अब झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 19 हो गयी है. नये पॉजिटिव संक्रमण में बोकारो से 2 और रांची, हजारीबाग व कोडरमा जिला के एक-एक मरीज शामिल हैं. झराखंड के कोडरमा जिले से यह कोरोना का पहला मामला सामने आया है. 
मालूम हो कि इससे पहले भी बोकारो में शुक्रवार की देर रात एक कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है. इससे पूर्व भी गुरुवार को बोकारो में चार और रांची में पांच नए मामलों की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया था. इनमें से एक मरीज की बोकारो में मौत भी हो गई थी. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है.
कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर झारखंड सरकार चिंतित है और हर जरूरी कदम उठा रही है. जांच में तेजी लाने के उद्देश्ये से सरकार रांची के इटकी में और धनबाद के पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में दो नई प्रयोगशालाएं स्थापित की है. साथ ही केंद्र सरकार से भी जरूरी उपकरण और दवाईयों की मांग की है. 
पहला केस : झारखंड में पहला केस 31 मार्च को राजधानी के हिंदपीढ़ी से सामने आया था. जहां 22 साल की मलेशियाई महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी. महिला तबलीगी जमात में शामिल होकर हिंदपीढ़ी में रह रही थी. पुलिस को मिली सूचना के बाद उसे क्वारंटाइन में भेज कर जांच कराई गई थी, जिसमें उसके पॉजिटिव होने की बात सामने आयी थी. जिसके बाद संक्रमित महिला को रिम्स  के आइसोलेशन वार्ड में इलाज के लिए भर्ती किया गया.
दूसरा केस : राज्य  में दूसरा कोरोना पॉजिटिव का मामला 2 अप्रैल को आया था. वह हजारीबाग के विष्णुगढ़ का रहनेवाला था और कुछ दिन पहले ही बंगाल के आसनसोल से विष्णुवगढ़ लौटा था.
 तीसरा केस : राज्यह में तीसरा कोरोना केस 5 अप्रैल को बोकारो से सामने आया था. वह महिला अपने परिवार के साथ बांग्लादेश से लौटी थी. जांच के बाद उसमें कोरोना की पुष्टि हुई थी. जिसके बाद पूरे परिवार को क्वाहरंटाइन में रखा गया था. वो महिला तबलीगी जमात में शामिल हुई थी.
 चौथा केस : राज्यो में चौथे कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि 6 अप्रैल को हुई थी. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी से एक 54 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उनकी कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है. वह डायलिसिस की मरीज थी और बरियातू के नेफ्रॉन क्लीननिक में डायलिसिस कराती थी. सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने नेफ्रॉन क्लीीनिक के 36 लोगों को क्वाकरंटाइन में रखा.
 वहीं नौ अप्रैल को राज्यव में एक साथ कोरोना पॉजिटिव के नौ मामले सामने आये. जिसमें रांची के हिंदपीढ़ी के पांच और बोकारो से 4 मरीज सामने आये. इनमें से बोकारो के एक कोरोना पॉजिटिव बुर्जुग मरीज की मौत हो गई।

BIG BREAKING : बोकारो में फिर मिले 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज, झारखंड में कुल संख्या हुई 19




संक्रमण को लेकर बोकारो से रविवार देर शाम एक बड़ी खबर आ रही है. बोकारो में आज 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई है. इन दो मरीजों के पॉजिटिव पाये जाने के बाज अब झारखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 19 हो गयी है. स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने इसकी पुष्टि की है.
इसके बाद अब झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 19 हो गयी है. नये पॉजिटिव संक्रमण में बोकारो से 2 और रांची, हजारीबाग व कोडरमा जिला के एक-एक मरीज शामिल हैं. झराखंड के कोडरमा जिले से यह कोरोना का पहला मामला सामने आया है. 
मालूम हो कि इससे पहले भी बोकारो में शुक्रवार की देर रात एक कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है. इससे पूर्व भी गुरुवार को बोकारो में चार और रांची में पांच नए मामलों की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया था. इनमें से एक मरीज की बोकारो में मौत भी हो गई थी. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है.
कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर झारखंड सरकार चिंतित है और हर जरूरी कदम उठा रही है. जांच में तेजी लाने के उद्देश्ये से सरकार रांची के इटकी में और धनबाद के पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में दो नई प्रयोगशालाएं स्थापित की है. साथ ही केंद्र सरकार से भी जरूरी उपकरण और दवाईयों की मांग की है. 
पहला केस : झारखंड में पहला केस 31 मार्च को राजधानी के हिंदपीढ़ी से सामने आया था. जहां 22 साल की मलेशियाई महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी. महिला तबलीगी जमात में शामिल होकर हिंदपीढ़ी में रह रही थी. पुलिस को मिली सूचना के बाद उसे क्वारंटाइन में भेज कर जांच कराई गई थी, जिसमें उसके पॉजिटिव होने की बात सामने आयी थी. जिसके बाद संक्रमित महिला को रिम्स  के आइसोलेशन वार्ड में इलाज के लिए भर्ती किया गया.
दूसरा केस : राज्य  में दूसरा कोरोना पॉजिटिव का मामला 2 अप्रैल को आया था. वह हजारीबाग के विष्णुगढ़ का रहनेवाला था और कुछ दिन पहले ही बंगाल के आसनसोल से विष्णुवगढ़ लौटा था.
 तीसरा केस : राज्यह में तीसरा कोरोना केस 5 अप्रैल को बोकारो से सामने आया था. वह महिला अपने परिवार के साथ बांग्लादेश से लौटी थी. जांच के बाद उसमें कोरोना की पुष्टि हुई थी. जिसके बाद पूरे परिवार को क्वाहरंटाइन में रखा गया था. वो महिला तबलीगी जमात में शामिल हुई थी.
 चौथा केस : राज्यो में चौथे कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि 6 अप्रैल को हुई थी. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी से एक 54 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उनकी कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है. वह डायलिसिस की मरीज थी और बरियातू के नेफ्रॉन क्लीननिक में डायलिसिस कराती थी. सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने नेफ्रॉन क्लीीनिक के 36 लोगों को क्वाकरंटाइन में रखा.
 वहीं नौ अप्रैल को राज्यव में एक साथ कोरोना पॉजिटिव के नौ मामले सामने आये. जिसमें रांची के हिंदपीढ़ी के पांच और बोकारो से 4 मरीज सामने आये. इनमें से बोकारो के एक कोरोना पॉजिटिव बुर्जुग मरीज की मौत हो गई।

हजारीबाग:लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए पुलिस ने रचा स्वांग यमराज का


*हज़ारीबाग़*--
*लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए* लोहसिंगना ने थाना ने नया हथकंडा अपनाया
हजारीबाग लोहसिगना थाना की पुलिस द्वारा लॉक डाउन को सफल बनाने को लेकर नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। रविवार को एक सिपाही को यमराज का रूप देकर शहर के कई जगह पर लोगों को जागरूक करने का काम किया गया। बताया जा रहा है कि आप हजारीबाग को जनता को ताकत से नहीं, बल्कि उन्हें यमराज का भय दिखाकर समझाने का काम कर रहै है। वही रोहित पवार ने बताया कि हजारीबाग की जनता को हर तरह से समझाया गया, पर मानने को तैयार नहीं है। वही यमराज का रूप देकर लोहसिंगना थाना क्षेत्र के कल्लू चौक के पास आने जाने वाले लोगों को यमराज का भय दिखाकर समझाया जा रहा है, कि वे लॉक डाउन का अनुपालन करें तथा अपने घरों में ही रहें।

पटना में महिला ने दिया चार बच्चे को जन्म, लॉक डाउन में दिखा अजब करिश्मा



रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित।
#पटना।बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में एक महिला ने चार बच्चों जन्म देकर कोरोना वाइरस संक्रमण के दौरान लोग एवं लोक डाउन से बंद घर में गजब दिखाया अपना करिश्मा। जहाँ
एक तरफ पूरा विश्व कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से तंग है।वहीं दूसरी ओर राजधानी पटना से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. दरअसल पटना में कुदरत का करिश्मा देखने को मिला है। लॉक डाउन में एक महिला ने जुड़वा नहीं बल्कि दो जोड़ा बच्चे को जन्म दिया है। ऐसा केस सामने आने के बाद ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर भी हैरान हैं।डॉक्टर ने कहा कि करीब 20 साल की प्रैक्टिस में पहली बार ऐसा मैंने देखा है। इससे पहले एक महिला का ऑपरेशन किया था, जिसने उसने तीन बच्चों को जन्म दिया था।

कुदरत के इस अजीब करिश्मे की घटना पटना के फुलवारीशरीफ इलाके की है।जहां समनपुरा के शकूर काॅलाेनी स्थित शफा नर्सिंग हाेम में छपरा की रहनेवाली महिला ने एक नर्सिंग होम में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। बच्चों के वजन एक किलो से डेढ़ किलो के बीच है। इनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल है।सभी नवजात और महिला पूरी तरह स्वस्थ हैं।उसका पति सउदी अरब में रहता है। एक तरफ कोरोना खौफ तो दूसरी तरफ इस संकट की घड़ी में भी कुदरत अपना करिश्मा देखने को मिली है।
नर्सिंग होम की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नुजहत रहमान और उनकी टीम ने महिला का ऑपरेशन किया और एक-एक कर सभी बच्चों को सकुशल गर्भाशय से निकाला।डॉक्टर रहमान ने बताया कि दो दिन पहले ही ये महिला मेरे नर्सिंग होम में आई थी। पहले से मुझे इसकी हिस्ट्री नहीं पता थी क्योंकि यह मेरे इलाज में नहीं थी। मैंने इसका पूरा चेकअप किया और फिर इसे भर्ती कराया गया।इसके बाद जब लगा कि ऑपरेशन कर बच्चों को निकालना होगा तो मैंने इन्हें बताया और फिर इस तरह एक साथ चार बच्चों का जन्म हुआ।

लॉकडाउन में पति-पत्नी घर में खेल रहे थे लूडो, बेईमानी के झगड़े पर दोनों पहुंचे थाने



उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में लॉकडाउन के दौरान एक अजीब मामला सामने आया। घर में टाइम पास के लिए पति-पत्नी लूडो खेल रहे थे, इसीबीच पत्नी ने पति पर बेईमानी का आरोप लगा दिया। दोनों के बीच इतना झगड़ा हुआ कि मामला थाने पहुंचा गया। हालांकि पुलिस ने दोनों को समझाकर वापस घर भेज दिया।

जानकारी के मुताबिक, मेरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में लॉकडाउन के दौरान पति पत्नी लूडो खेल रहे थे। दोनों की शादी पांच महीने पहले ही हुई है।युवक किसान है। लाॅक डाउन होने के कारण इस समय वह खेत पर नहीं जा रहा है। घर में ही रह रहा है। शुक्रवार शाम को घर में पत्नी के साथ लूडो खेल रहा था। लूडो खेलते-खेलते किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि पत्नी ने पति पर बेईमानी का आरोप लगाया। इसके बाद हंगामा शुरू हुआ। मामूली सी बात पर शुरू हुए झगड़े ने विवाद का रूप ले लिया। विवाद काफी बढ़ गया।


इसी बीच पत्नी ने 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस भी तुरंत पहुंच गई। वहां से दोनों को थाने ले आई। पूछताछ में पता चला कि इन दोनों के बीच मारपीट नहीं हुई है केवल झगड़ा हुआ है। सिपाहियों ने दोनों को किसी तरह से समझाया और वापस घर भेज दिया। थानाध्यक्ष आरके रावत ने बताया कि दोनों को समझा दिया गया है। दोनों एक साथ रहने के लिए राजी हो गए हैं। मामला केवल लूडो के खेलने के विवाद का था। अब समझौता हो गया। इस पर इन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...