
डुमरी(गिरिडीह) :अपने मांगों के समर्थन में 15 नवम्बर को रांची में विरोध प्रदर्शन
कर रहे पारा शिक्षकों व शिक्षिकाओं पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज
के विरोध व गिरफ्तार शिक्षकों की बिना शर्त रिहाई की मांग को ले 20 नवंबर को झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर प्रखण्ड के सभी पारा शिक्षक व शिक्षिकाओं ने जेल भरो आन्दोलन
कार्यक्रम के तहत अपनी गिरफ्तारी दी।सभी शिक्षकों को अनुमंडल कार्यालय परिसर में बनाए गए कैंप जेल में रखा गया जिसे बाद में रिहा
कर दिया गया।

शिक्षकों के समर्थन में स्थानीय विधायक जगरनाथ महतो
भी कार्यक्रम में शामिल होकर पारा शिक्षकों की मांगों को जायजा बता
मांगे माने जाने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत रहने की अपील
की।इसके पूर्व प्रखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों से आए पारा शिक्षक केबी उच्च
स्कूल के मैदान में इकट्ठा हुए जहां से जुलूस के शक्ल में सरकार विरोधी व अपने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए डुमरी थाना पहुंचे और पुलिस से अपनी गिरफ्तारी की अपील की जहां पुलिस ने ऐसे कार्यक्रम में सीधी गिरफ्तारी पर असमर्थता जाहिर करते हुए अनुमण्डल जाने की सलाह दी।उसके बाद सभी पारा शिक्षक नारेबाजी करते हुए अनुमण्डल परिसर पहुंच अपनी गिरफ्तारी दी। इधर कार्यक्रम में शामिल रहे शिक्षकों के द्वारा 'जेल का ताला टूटेगा गिरफ्तार पारा शिक्षक छूटेगा, छत्तीसगढिया मुख्यमंत्री वापस जाओ,गिरफ्तार पारा शिक्षकों को अविलंब रिहा करो,रघुबर दास की तानाशाही नहीं चलेगी,रघुबर दास मुर्दाबाद,एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिंदाबाद' आदि सरीखे नारे लगाए जा रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीलचंद महतो ने किया जबकि जुलूस का नेतृत्व मोर्चा के प्रखंड सचिव बालेश्वर महतो,डीलचन्द महतो, थानेश्वर महतो व सहदेव यादव ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान निरंजन महतो,जानकी महतो,मुरलीधर महतो, बिनोद महतो,शमीम इकबाल,बंसत महतो,दीपनारायण यादव,गुलाब मंडल,पप्पू मंडल,गीता महतो,अनिता देवी,बसंती कुमारी,राजेश कुमार, बैजनाथ महतो,अनुराधा साहा,अरुण आजाद,कोकिल साव,राजू ठाकुर, नरेश कुमार,सुरेश रजक,राजकुमार पांडेय,सुनिल पांडेय,सुनिल निराला, दुलारचंद पंडित,मुकेश मंडल,प्रदीप रजक,अनवर अंसारी,सुरेन्द्र पांडेय, संजय पटेल,जयलाल मिर्धा,मुनीचन्द महतो,जयनारायण महतो,कुंजलाल महतो,दिनेश्वर रविदास,संजीत कुमार,प्रमोद अग्रवाल,आभा मिश्रा, सुभाष मुर्मू आदि उपस्थित थे।जेल भरो आंदोलन कार्यक्रम में शामिल होने वाले पारा शिक्षकों व शिक्षिकाओं की संख्या ५६० रही।