15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस समारोह के दौरान पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज, मुकदमा अौर बर्खास्तगी के विरोध में तथा मीडियाकर्मियों पर लाठी चार्ज की घटना की न्यायिक जांच कराने, दोषी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और झारखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी ने मोराबादी स्थित गाँधी प्रतिमा के समक्ष एकदिवसीय उपवास रखा अौर धरणा दिया।
मौके पर पार्टी के प्रदेश संयाेजक श्री जयशंकर चौधरा ने कहा कि अमर शहीद बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि और झारखंड राज्य की स्थापना दिवस के दिन राज्य के पारा शिक्षकों के आंदोलन पर पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक दमन, लाठीचार्ज, अश्रुगैस फायरिंग किया जाना राज्य की रघुवर सरकार का तानाशाही होने का परिचायक है। ये सरकार जन आंदोलनों-शिक्षक-कर्मचारियों के आंदोलनों और कई तरह के न्यायपूर्ण मांगो को लेकर आंदोलनरत संगठनों को लाठी गोली से दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि एक कमजोर, डरपोक, अलोकप्रिय , जनविरोधी सरकार ही ऐसा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनहीन हो गयी है इसलिए संवाद के बजाय संगीनों के साये में शासन चला रही है,यह घोर अलोकतांत्रिक कदम है।कहा कि यह कॉर्पोरेटों की सरकार है,पारा शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज करना अौर उनको बर्खास्त करना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है तथा रघुवर सरकार के निकम्मेपन अौर तानाशाही का जीता जागता उदाहारण है। कहा यह सरकार कहती है कि उनके पास शिक्षकों को द़ेने के लिए पैसे नहीं है किन्तु झुठी अौर भ्रष्ट सरकार बाहर के कलाकारों से नाच गाना करवाने के लिए कई करोड़ देती है अौर यह झारखंड की माटी अौर यहाँ के कलाकारों का अपमान है।
पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि पारा शिक्षकों अौर घटना क़ो कवर कर रहे मीडिया के साथियों पर लाठीचार्ज करवाना नाकाम रघुवर सरकार कि कायरतापूर्ण व घिन्नौनी हरकत है। पारा शिक्षकों की न्यायोचित माँगों को पुरा करने की जगह उन पर लाठीचार्ज करवाना रघुवर सरकार की असंवेनशीलता का परिचायक है।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्री पवन पांडे ने कहा कि रघुवर सरकार ने हक व विरोध की आवाज को दबाने के लिए डंडे व पुलिस को अपना हथियार बना लिया है। अपना हक व अधिकार माँग रहे पारा शिक्षकों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण व शर्मनाक है।
आम आदमी पार्टी ने निम्नलिखित माँग की है:*-
◆ पारा शिक्षकों का स्थायीकरण किया जाये।
◆ सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार समान कार्य के लिए पारा शिक्षकों को समान वेतन दिया जाये।
◆ जिस पुलिस अफसर के आदेश से लाठीचार्ज किया गया उसे अविलंब बर्खास्त किया जाये एवं उस पर मुकदमा किया जाये।
◆ मीडिया के साथियों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उन्हें बर्खास्त किया जाये एवं उन पर मुकदमा दर्ज किया जाये।
◆झारखंड में पत्रकार सुरक्षा कानुन लागु किया जाये।
◆ पारा शिक्षकों कि बर्खास्तगी को रद्द किया जाये एवं उन्हे बिना किसी शर्त ने वापस लिया जाये।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह, हरदयाल यादव, अविनाश नारायण, आलोक शरण, यास्मिन लाल, संचारी सेन,जाबिर हुसैन, पियूष झा, मनोज चौरसिया, राहूल कुमार, पुनम कुमारी, रवि टोप्पो, कृष्ण किशोर, संतोष विश्वकर्मा,अश्विनी कुमार, अनिर्बान सरकार, नवीन प्रभाकर, अमन साहू, विकास पाठक, अंजन वर्मा, सोमा लिंडा, राशिद जामिल व अन्य उपस्थित रहे।
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