अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में धर्मगुरुओं की सभा पर आत्मघाती हमले में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं। इस धमाके में 80 से अधिक लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
धर्म गुरु काबुल के हवाई अड्डे के निकट स्थित एक हाल में पैग़म्बरे इस्लाम का जन्म दिन मनाने के लिए एकत्रित हुए थे।
यह काबुल में हालिया महीनों का सबसे बड़ा हमला था। अब तक किसी ने इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
जिस समय धमाका हुआ हाल में लगभग एक हज़ार लोग उपस्थित थे।
अधिकारियों का कहना है कि आत्मघाती हमलावर हाल में प्रवेश के बाद बिल्कुल बीच में पहुंच गया और फिर उसने ख़ुद को धमाके से उड़ा लिया। इस्लामिक स्कालर मुहम्मद हनीफ़ ने बताया कि धमाका कान फाड़ देने वाला था और हर कोई मदद के लिए पुकार रहा था।
अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने बुधवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।
अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र संघ के मिशन ने भी इस बम धमाके की आलोचना की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी आतंकी हमले को कायरतापूर्ण कार्यवाही बतया और पीड़ित परिवारों से हमदर्दी जताई।
हालांकि इस हमले की ज़िम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है लेकिन इस प्रकार के कई हमले दाइश की ओर से किए गए हैं। अगस्त महीने में काबुल में दो हमलों की ज़िम्मेदारी दाइश ने स्वीकार की थी।
हमले तो तालेबान की ओर से भी जारी हैं लेकिन तालेबान के हमले में अधिकतर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जाता है। तालेबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने मंगलवार को होने वाले हमले में तालेबान के लिप्त होने का खंडन किया है।
No comments:
Post a Comment