Tuesday, November 20, 2018

झारखण्ड राज्य में हैं 50,000 से ज्यादा रानी मिस्त्री; आजीविका मिशन का संचालन


*रांची*

20/11/2018

झारखण्ड राज्य में है 50,000  से ज्यादा रानी मिस्त्री

आजीविका मिशन के सहयोग से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने गाँव में ही रहकर  स्वछता अभियान में बहुमूल्य योगदान दे रही है|

*• झारखण्ड राज्य में रानी मिस्त्री पेश कर  रही है शौचालय निर्माण की अनूठी मिसाल*

*• रानी मिस्त्री बहनों में है गजब का उत्साह, दे रही है पुरुष प्रधान मिस्त्री को टक्कर*

ये कहानी है सीता देवी उर्फ सीता कच्छप की

सीता देवी उर्फ सीता कच्छप ने अपनी स्वंय सहायता समूह की दीदियों के साथ मिलकर अपने गांव नगडी में करीब 190 शौचालय का निर्माण कराया है* रानी मिस्त्री, नगड़ी ग्राम प्रखंड कांके राँची से है। विश्व शौचालय दिवस 2018 के अवसर पर विशेष रूप से पेयजल एवम स्वच्छता मंत्रालय भरत सरकार द्वारा इन्हें दिल्ली बुलाया गया एवम  पैनल डिस्कशन में भाग लेने का अवसर प्रदान किया गया।

जिनमे पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर, यूनिसेफ इंडिया के निकोलस ऑस्बेर्ट,एवम रांची की *रानी मिस्त्री सीता कच्छप* ने   विशेष चर्चा में शिरकत की|

कार्य्रकम में रांची जिले के अनुभवों को उन्होंने साझा करते हुए बताया कि कैसे पहले सिर्फ निर्माण को पुरूषों का काम समझा जाता था, और लाइवलीहुड मिशन, स्वच्छ भारत मिशन रांची और यूनिसेफ की टीम की हौसला अफजाई से उनके समुदाय में परिवर्तन आया है। उन्होंने बताया की  वो महिला समूह SHG से जुडी है जहां उन्हें  स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी दी गयी थी,  रानी मिस्त्रियो से जुड़ने से पूर्व विभाग में  मिस्त्री की समस्या हो रही थी।  सीता कच्छप ने चर्चा में बताया कि  3 दिन के प्रशिक्षण के बाद वे लोग शौचालय निर्माण के लिए तैयार हो गए थे। सभी रानी मिस्त्री मिलकर 198 शौचालय बनाये। प्रारम्भ में घर वाले और गांव वाले विरोध किये की निर्माण का काम पुरूष का है महिलायें नही कर पाएंगी। पर आज हमलोग ने जो शौचालय बनाया है वो  पुरुष मिस्त्री से भी सुंदर है। सीता ने अपने गाँव नगड़ी आकर उनके बनाए शौचालय को देखने का निमंत्रण  पैनल में बैठे अतिथिगण को दिया  और कहा कि आप सभी  मेरे गाँव आये और  हमलोगों के कार्य को देखे।


 अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले  वे महिला लेवर का कार्य करती थी तो 200 मजदूरी मिलता था आज मिस्त्री के रूप में 400 मजदूरी मिलता है। उसी काम के बदौलत  वे आज  दिल्ली आकर पैनल  के बीच बोल पा रही हूँ।

सचिव पेयजल एवं स्वछता मंत्रालय भारत सरकार ने कहा कि हमने झारखंड जाकर रानी मिस्त्री का कार्य देखा है, बहुत ही सुंदर शौचालय का निर्माण इनलोगों ने किया है। सीता  की ही तरह अन्य महिला रानी मिस्त्री भी  अब अन्य निर्माण कार्य भी बखुबी कर सकते हैं।

पैनल में सीता के साथ सचिव पेयजल एवमं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार, जल एवमं स्वच्छता प्रमुख यूनिसेफ दिल्ली तथा जल एवम स्वच्छता प्रमुख बिल  एवं मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन थे।

अंत मे सभी ने कहा कि हमें सीखने के तौर पर झारखंड जाना चाहिए।

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