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Sunday, January 15, 2023

दिल्ली व हिमाचल में न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री पहुंचने के आसार



दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अगले सप्ताह शीतलहर चलने और न्यूनतम तापमान के गिरकर करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को यह जानकारी दी. मौसम विभाग ने बताया राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सापेक्षिक आर्द्रता 88 से 57 प्रतिशत के बीच रही.

मौसम विभाग कार्यालय ने रविवार को दिल्ली में हल्के कोहरे का अनुमान जताया है, जबकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 17 और सात डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की संभावना है.आईएमडी ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में 16 जनवरी और 18 जनवरी के बीच शीतलहर चलेगी. आयानगर और रिज इलाके में मंगलवार और बुधवार को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है.

Tuesday, November 24, 2020

Blood Donation Camp organised in Memory of late Surjit Singh Chunagra in Collaboration of Saanjh Global Foundation & Raman Academy



Blood donation camp in memory of late Surjit Singh Chunagra Kabaddi coach in collaboration with Saanjh Global Foundation and Raman Academy Patran Done. A team from Life Line Blood Bank, Patiala collected blood donated by more than 60 voluntary blood donors to collect the blood presided over by Master Gurdhian Singh. Mr. Harpal Singh Cheema, Leader of Opposition in the Assembly and MLA of Halqa Dirba specially attended the camp and encouraged the blood donors and appreciated the entrepreneurial efforts of Saanjh Global Foundation and Raman Academy. 


While people are facing problems in all kinds of activities, anemia is a major problem in emergency cases in the hospital due to which many lives are lost due to lack of blood. 


At present the organization of blood donation camps by the NGOs is a very commendable initiative from which the society needs to be guided so that the problems of the people can be alleviated and at the same time the youth should come forward to donate blood. On this occasion the blood donors in the blood donation camp were honored with certificates. 


Speaking on the occasion Saanjh Global Foundation leader Gurpiar Singh Diugarh said that the organization was carrying out various social welfare activities in Patran area under the chairmanship of Ravinder Singh Canada and today's blood donation camp was organized by renowned Kabaddi coach Surjit Singh Chunagra. This camp has been organized in the memory of Mr. Raman and in view of the shortage of blood in the blood bank in which with the special support of Mr. Raman Sharma, MD of Raman Academy, today in this camp young boys and girls shed more blood. Harbans Singh Bange, Swaran Shutrana, Madan Lal, Tapinder Singh Sohi, Amaninder Singh Virdi, Mahinga Singh Brar, Surjit Singh Fauji, Davinder Singh Baras etc. were specially present on the occasion.

Monday, October 26, 2020

केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और अन्य सभी नागरिकों के लिए एक उत्कृष्ट परामर्श योजना शुरू






केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और अन्य सभी नागरिकों के लिए एक उत्कृष्ट परामर्श योजना शुरू की है।
बुजुर्ग लोग, विशेष रूप से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, आदि वाले लोग ओपीडी के लिए अस्पताल नहीं जाते हैं। वे सिर दर्द, शारीरिक दर्द जैसी छोटी बीमारियों के लिए घर पर इलाज चाहते हैं, और अस्पताल जाने के लिए तैयार नहीं हैं।

अब आप नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से Google Chrome पर परामर्श और उपचार का उपयोग कर सकते हैं। ध्यान दें:

1. रोगी पंजीकरण का चयन करें।

2. अपना मोबाइल नंबर टाइप करें। पंजीकरण के लिए मोबाइल पर ओटीपी टाइप करें।

3. मरीज का विवरण और जिला दर्ज करें। अब, आप ऑनलाइन डॉक्टर से जुड़ेंगे। उसके बाद, आप वीडियो के माध्यम से अपनी किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं। डॉक्टर दवा ऑनलाइन लिखेंगे। आप इसे मेडिकल फार्मेसी की दुकान में दिखा कर दवा ले सकते हैं।

यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त है।
                                      
आप इस सेवा का उपयोग हर दिन सुबह 10.00 बजे से दोपहर 3.00 बजे तक कर सकते हैं, जिसमें रविवार भी शामिल है।

कृपया इसे अपनी संपर्क सूची में वरिष्ठ नागरिकों को भेजें।

यह केंद्र सरकार की वेबसाइट है:

Wednesday, March 11, 2020

कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दे ज्योतिरादित्य सिंधिया हुए भाजपा में शामिल




नई दिल्ली।कांग्रेस से इस्तीफा दिए ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में वे पार्टी में शामिल हुए। इस मौके पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मैं जेपी नड्डा जी, पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे अपने परिवार में जगह दी।

उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में ऐसी 2 चीजे हुई, जिससे मेरा जीवन बदल गया। एक, 30 सितंबर 2001 का दिन, जब मैंने अपने पिता को खो दिया और दूसरा, 10 मार्च 2020 का दिन, जब मैंने अपने जीवन के लिए एक नया रास्ता चुनने का फैसला किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब वह पार्टी नहीं रही जो पहले थी। सिंधिया ने कहा कि आज मध्य प्रदेश में ट्रांसफर माफिया का उद्योग चल रहा है, राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मुझे एक नया मंच देने का मौका दिया है।

सिंधिया ने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि कांग्रेस द्वारा सार्वजनिक सेवा का उद्देश्य पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, पार्टी की वर्तमान स्थिति यह इंगित करती है कि यह वैसा नहीं है जैसा वह हुआ करती थी।

सिंधिया ने कहा कि मन आज दुखी भी है और व्यथित भी। कांग्रेस जैसी पार्टी पहले थी वो आज नहीं रही, उसके तीन मुख्य बिंदु हैं। एक- वास्तविकता से इनकार करना, दूसरा- नई विचारधारा और तीसरा- नेतृत्व को मान्यता नहीं मिलना।

उन्होंने कहा कि 2018 में जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में आई तो एक सपना था, लेकिन वो बिखर चुका है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में रहकर जनसेवा नहीं की जा सकती।

Friday, January 17, 2020

Monday, November 18, 2019

*राजस्थान के बीकानेर में बस व ट्रक की टक्कर में 10 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा लोग घायल

न्यूज़ डेस्क ।

राजस्थान के बीकानेर जिले में एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। खबरों के मुताबिक, नेशनल हाईवे-11 पर श्रीडूंगरगढ़ के पास एक यात्री बस और ट्रक के बीच भिड़ंत हो गई। जिसमें करीब 10 लोगों की मौत खबर है। जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।

खबरों के मुताबिक, इस हादसे के बाद कई यात्री बुरी तरह से बस में फंस गए। फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। भीषण हादसे की वजह से कई सवारियों ने तो मौके पर ही दम तोड़ दिया।

वहीं हादसे के बाद बस के आग पकड़ लेने से भी राहत और बचाव कार्यों में कुछ देर लगी, जिससे लोगों को बचाया नहीं जा सका। हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

इससे पहले 11 नवंबर को बीकानेर जिले के देशनोक कस्बे के पास एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया था कि यह हादसा उस समय हुआ जब एक मिनी बस सामने से आ रही जीप से जा टकराई। भीषण टक्कर में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक ने अस्तपाल में दम तोड़ दिया।

Sunday, November 17, 2019

लोक जनशक्ति पार्टी की कमांड मिलने के बाद चिराग ने की एनडीए से यह मांग


नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी की कमान संभालने के बाद चिराग पासवान कुछ नया करने का प्रयास कर रहे हैं. चिराग का पूरा ध्यान इस बात पर लगा है कि पार्टी को कैसे नए तबके के बीच मजबूत बनाया जाए यही वजह है कि चिराग अब युवा और महिला वोटरों को फोकस कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में चिराग पासवान ने आज थ्री प्वाइंट एजेंडा पर फोकस किया है. चिराग पासवान ने एनडीए में कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाए जाने की मांग भी पीएम मोदी से की है साथ ही साथ एनडीए का संयोजक बनाने की भी अपील की है.
चिराग ने की है यह मांग:
चिराग ने बैठक में राष्ट्रीय युवा आयोग का गठन, महिला आरक्षण बिल और इंडियन जूडिशल सर्विस के गठन का मामला उठाया है. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि इस सभी विषयों पर सदन में गंभीरता के साथ चर्चा होनी चाहिए. अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार चिराग बैठक में शामिल हुए.
बता दें कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आज रणनीति को लेकर केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत विपक्ष के कई बड़े नेता बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला को हिरासत में रखने का मुद्दा भी उठा।

Sunday, November 3, 2019

हरियाणा के पानीपत से शुरु हो रेवाड़ी में दम तोड़ रही है पीएम मोदी की बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान


रेवाडी ब्रेकिंग
जगदीश यादव ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हरियाणा के पानीपत से शुरू होकर हरियाणा के रेवाडी में दम तोड़ रही है।

हरियाणा सी बी एस ई टॉपर बेटी  जो कुछ माह पहले गैंग रेप का शिकार हुई थी।
यह बेटी पढ़ना चाहती है और अपने ढंग से जीना चाहती है,और अपने साथ बीते उस कल को भूलना  चाहती है।

सच तो यह है समाज का एक हिस्सा ना तो इस बेटी को आगे बढ़ने दे रहा है और ना ही पढ़ने दे रहा है।
ताजा उदाहरण  इस बेटी को पुलिस सुरक्षा मिली हुई है। लेकिन   कालेज प्रबंधन द्वारा एग्जाम देते समय सामूहिक रूप से इस बेटी को बेईज्जत ओर अपमानित किया गया।
जिसके चलते यह बेटी अपना एग्जाम भी नही दे पाई।

शिकायत के बाद रेवाडी जिला उपायुक्त द्वारा एक टीम का गठन कर जांच करवाई गई।

जिसमे कॉलेज स्टाफ ओर  बाहरी तत्वों को दोषी पाया गया है।

पीड़ित बेटी सहित परिजनों का आरोपहै कि  सोची समझी साजिश के तहत करवाया गया पेपर केंसिल।

जांच कमेटी ने भी माना दो प्रोफेसर ओर एक महिला प्रोफेसर ने इस बेटी को एग्जाम में वंचित रखने में निभाई अहम भूमिका।

जांच कमेटी ने सभी आरोपियों पर आरोप सिद्ध कर आरोपी करार दे दिया है। 

कालेज प्रबंधन द्वारा अपमानित करने के बाद देश की इस होनहार बेटी को पढ़ाई छोड़ने को कर दिया है मजबूर।

पीड़ित परिवार ने रेवाडी जिला प्रशासन पर लगाये गंभीर आरोप

जांच के बहाने पिछले पांच महीनों से अधिकारी लगवा रहे है,अपने दफ्तरों के चक्कर।

पुलिस द्वारा दी गई सुरक्षा पर भी उठाए सवाल।

नारनौल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन मामला  होने के बावजूद भी पुलिस की ओर से  नही मिल पा रही है उचित सुरक्षा।

पीड़ित परिवार डर के साये में जीने को मजबूर।

इस परिवार की दर्द भरी कहानी जानने के बाद महसूस होता है। 
कि सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है।

उक्त युवती ने मिडियाकर्मियों के सामने अपना दर्द बयां कर आगे पढ़ाई करने की इच्छा व्यक्त की है,लेकिन पूरा महकमा इसमे आड़े आ रहा है ।

Thursday, October 31, 2019

13 लाख निजी विद्यालय के शिक्षकों पर लटकी तलवार


एनसीटीई द्वारा NIOS से किए गए डीएलएड कोर्स को सरकारी शिक्षक नौकरी में अमान्य कर दिए जाने से देशभर के 13 लाख निजी विद्यालय के शिक्षकों पर तलवार लटक गई है । दरअसल सरकार ने निजी विद्यालय के शिक्षकों त किए जाने के चलते राष्ट्रीय मुक्त विश्व विद्यालयीन संस्थान यानी NIOS ( किली से डीएलएड पाठ्यक्रम कराया , जिसका रिजल्ट हाल ही में जारी हुआ है । लेकिन निजी विद्यालय के शिक्षकों ने सरकारी शिक्षक की नौकरी की चाह में इस कोर्स में गहरी दिलचस्पी दिखाई । प्रदेश में गत माह संपन्न हुईवर्ग 2 कीशिक्षक पात्रता परीक्षा में भी NIOS को डिग्री के आधार पर हजारों ऐसे शिक्षकों ने परीक्षा भी दे दी है । अब उन्हें सरकारी नियुक्ति का इंतजार है । लेकिन एनसीटीई ने हाल ही में कह दिया है कि नीओस से डीएलएड सरकारी शिक्षक नौकरी में अमान्य है । और इसी के साथ भूचाल आ गया है और मामला केंद्रीय कैबिनेट व प्रधानमंत्री तक पहुंच गया है । प्राप्त जानकारी के अनुसर प्रदेश में करीब 3 लाख जवकि देशभर में 13 लाख निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने नीओस से डीएलएड किया है । एनसीटीई के फैसले अब अभ्यर्थियों में चिंता व्याप्त हो गई दरअसल निजी विद्यालय के शिक्षकों ने नौकरी की आस में NIOS से डीएलाड किया कि उन्हें सरकारी भर्ती में इसकी मान्यता मिलेगी । लेकिन गत दिनों एनसीटीई ने इस पाठ्यक्रम को सरकारी शिक्षक नौकरी के लिए अमान्य कर दिया नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग( एनआईओएस ) की ओर से आयोजित विशेष डीएलएड को बतौर शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्यता न देने का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गया बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट प्रधानमंत्री ने इस मामले पर चिंता और मानव संसाधन विकास मंत्री पोखरियल निशंक को इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया । प्रधानमंत्री से निर्देश मिलने बाद निशंक ने अधिकारियों से इस बारे सभी पक्षसामने लाने को कहा है । राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षण संस्थान ( एनसीटीई एचआरडी मंत्री को मन्यता न देने फैसले के पीछे अतिरिक्त महाधिवक्ता की राय को आधार बताया है । वहीं एनआईओएस चेयरमैन प्रोफेसर सीबी शर्मा ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है । मालूम हो कि NIOS माध्यम से 15 महीने के डीएलएड कार्यक्रमको निजी विद्यालय के शिक्षकों लिए आयोजित किया गया था अप्रशिक्षित थे और शिक्ष के अधिकार कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा था। साथ ही सरकारी नौकरी में लाभ को देखते हुए उहोंने एनआईओएस से यह कोर्स किया था इस पाठ्यक्रमको लेकर संसद में कनून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई । कोर्स करने के बाद जब बिहार में निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकारने एनर मांगी कि शिक्षक भर्ती के लिए क्या नीओससे डीएलएड डिग्री योग्य है , तब एनसीटीई ने इस अमान्य बना दिया । अब यही स्थिति प्रदेश में भी उत्पन्न हो रही है , क्योंकि इस डिग्री के आधार पर गत माह हुईवर्ग दो शिक्षक की परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है ।

Friday, October 25, 2019

धनतेरस के मौके पर सोना खरीदने जा रहे हैं,तो हो जाएं सावधान!जान लें यह


नई दिल्ली। धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. ऐसे में आप भी अगर ज्वेलरी खरीदने की तैयारी कर रहे तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि सरकार ने एक अक्टूबर को सोने की ज्वैलरी से जुड़े नियमों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. अब इसका असर देश के ज्वेलरी सेक्टर पर भी होगा. आपको बता दें कि अक्टूबर महीने की शुरुआत में उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान  ने बताया था कि वाणिज्य मंत्रालय ने सोने की ज्वेलरी के लिए बीआईएस हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है. अब विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को सूचित करने के बाद इसे लागू किया जा सकता है.

एचडीएफसी सिक्युरिटीज के अनुसार, सोने की कीमत में बुधवार को 177 रुपये की तेजी आई है। इस तेजी से राष्ट्रीय राजधानी में 10 ग्राम सोने की कीमत 38,932 रुपये हो गई है। 

2-3 महीने में लागू हो सकता है नया नियम- सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तय प्रक्रिया के तहत अगले 2-3 महीने में ये नियम लागू हो जाएंगे. डब्ल्यूटीओ की ओर से तय किए नियमों के तहत, इस मामले में पहले उसको सूचित करना होगा. इस प्रक्रिया में लगभग दो महीने का समय लग सकता है.
💢 मौजूदा समय में सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग करना स्वैच्छिक है. हालांकि इस नियम के लागू हो जाने के बाद सभी ज्वैलर्स को इन्हें बेचने से पहले हॉलमार्किंग लेना अनिवार्य हो जाएगा.

💢आपको बता दें कि सोने की हॉलमार्किंग का मतलब उसकी शुद्धता का प्रमाण है और मौजूदा समय में इसे स्वैच्छिक आधार पर लागू किया गया है. WTO की ओर से मंजूरी मिलने के बाद इसे अनिवार्य बनाया जाएगा
नए नियम से क्या होगा- वाणिज्य मंत्रालय ने सोने के गहनों की हॉलमार्किंग अनिवार्य करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. लेकिन, वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) में नियम नोटिफाई करने के बाद ही यह लागू होगा
ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) द्वारा हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी पर यह निशान होता है. इससे यह पता चलता है कि लाइसेंसधारक लैब में सोने की शुद्धता की जांच की गई है.

>> बीआईएस की वेबसाइट के मुताबिक यह देश में एकमात्र एजेंसी है जिसे सोने के गहनों की हॉलमार्किंग के लिए सरकार से मंजूरी प्राप्त है.

>> कई ज्वेलर्स बीआईएस की सेवा लेने की बजाय खुद हॉलमार्किंग करते हैं इसलिए खरीदारी से पहले यह जान लेना चाहिए कि ज्वेलरी बीआईएस हॉलमार्किंग है या नहीं.

>> मौजूदा समय में देश भर में लगभग 800 हॉलमार्किंग केंद्र हैं और सिर्फ 40 प्रतिशत आभूषणों की हॉलमार्किग की जाती है.

>> भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है, जो मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है. भारत प्रति वर्ष 700-800 टन सोने का आयात करता है.

Wednesday, September 25, 2019

Ranitidine नामक दवा से कैन्सर होने का खतरा,अमेरिकाके बाद भारत में भी प्रतिबंध

 नई दिल्ली. अगर आप भी एसिडिटी (Acidity Medicine) को दूर करने के लिए फेमस दवा रेनिटिडाइन (Ranitidine) का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको ध्यान देने की जरूरत है. ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने मंगलवार को एंटी-एसिडिटी दवा Ranitidine पर सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है. ड्रग कंट्रोलर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रेनिटिडाइन (Ranitidine) दवा में कई ऐसे केमिकल पाए गए हैं, जिससे कैंसर होने का खतरा हो सकता है. आपको बता दें कि रेनिटिडाइन दवा का इस्तेमाल सिर्फ एसिडिटी में ही नहीं होता, बल्कि कई दूसरी बीमारियों के इलाज में जैसे आंत में होने वाला अल्सर, गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स बीमार, इसोफैगिटिस में किया जाता है. यह दवा मार्केट में अलग-अलग फॉर्मूलेशन में टैबलेट और इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध              >> भारत में इस दवाई का उत्पादन करने वाली कंपनियों को तुरंत प्रभाव से इस दवा का उत्पादन रोकने के लिए कहा गया.

>> ड्रग कंट्रोलर के निर्देशों के तहत डॉक्टरों को यह सलाह जारी की गई है कि वे यह दवाई मरीजों को लेने की सलाह ना दें.
 >> अमेरिका की एफडीए ने सबसे पहले इस दवाई में कैंसर के कारकों पता लगाया था और इस संबंध में अलर्ट जारी किया था.

Tuesday, September 24, 2019

भूकंप से PoK में भारी तबाही, 19 की मौत-300 घायल, दिल्ली तक महसूस हुए झटके


नई दिल्ली ।

पीओके में आज शाम 4 बजकर 35 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.8 दर्ज की गई है. इतनी तेज जलजले से पूरा उत्तर भारत भी कांप उठा. पीओके के जाटलान इलाके में भूकंप का केंद्र बताया जा रहा है, जो कि मीरपुर के करीब है. शुरुआती खबरों के मुताबिक पीओके में भूकंप से भारी तबाही मची हुई है. 55 लोगों की मौत और 300 लोगों के घायल होने की खबर है. वहां सड़कें बीच से फट गई हैं. गाड़ियां पलट गईं.


जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि भूकंप से फिलहाल राज्य में किसी नुकसान की खबर नहीं है. दिल्ली-एनसीआर में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप के बाद लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने-अपने दफ्तर और घरों से बाहर निकल गए. दिल्ली के साथ-साथ कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. लोग भूकंप से बुरी तरह से डरे हुए हैं. 


जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि भूकंप से फिलहाल राज्य में किसी नुकसान की खबर नहीं है. दिल्ली-एनसीआर में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप के बाद लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने-अपने दफ्तर और घरों से बाहर निकल गए. दिल्ली के साथ-साथ कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. लोग भूकंप से बुरी तरह से डरे हुए हैं. 
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 नापी गई है, इसका केंद्र पीओके के जाटलान के पास बताया जा रहा है. यह जगह लाहौर से करीब से 173 किलोमीटर दूर था. भूकंप के झटके हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश की अलग-अलग जगहों पर भी महसूस किया गया है.


भूकंप के झटके  पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़, गुरदासपुर में भी महसूस किए गए हैं. वहीं भूकंप के झटके हरियाणा गुरुग्राम में भी महसूस किए गए हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और मेरठ में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.




शुरुआती खबरों के मुताबिक भूकंप से जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. भूकंप का केंद्र PoK का जाटलान इलाका बताया जा रहा है. यह इलाका सटे होने के चलते जम्मू-कश्मीर में भूकंप का असर ज्यादा महसूस किया गया है.

इससे पहले 2005 में भी जम्मू-कश्मीर में ऐसा ही तेज भूकंप आया था. उसमें कश्मीर में काफी नुकसान हुआ था. उस समय 7.6 स्केल का भूकंप आया था, जिसमें काफी लोगों की मौत हुई थी.

Thursday, August 22, 2019

जिस CBI हेड क्वार्टर का उद्धाटन किये थे वहीं लाये ग़ए पूर्व गृह मंत्री पी चिदम्बरम


 पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई ने बुधवार (21 अगस्त) देर रात उनके जोरबाग स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद चिदंबरम को उसी सीबीआई हेडक्वॉर्टर में ले जाया गया, जिसके उद्घाटन समारोह में वह बतौर केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। गौरतलब है कि 2011 में चिदंबरम कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री थे और पीएम मनमोहन सिंह के साथ सीबीआई हेडक्वॉर्टर का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
 ANI ने जारी किया पुराना वीडियो: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया। एएनआई का दावा है कि चिदंबरम से रात 12:30 बजे तक पूछताछ की गई। इस दौरान उन्हें सीबीआई के उसी हेडक्वॉर्टर में रखा गया, 2011 में हुए जिसके उद्घाटन समारोह में वह बतौर केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। बता दें कि सीबीआई के इस हेडक्वॉर्टर का उद्घाटन 30 जून, 2011 को हुआ था।
                                                    कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाया आरोप: चिदंबरम की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस सरकार में लोकतंत्र खत्म हो गया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ”मोदी सरकार शर्मनाक ढंग से सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग कर रही है। यह भारत की हर टीवी स्क्रीन पर दिख रहा है। यह शर्म का विषय है कि भाजपा के हाथों में लोकतंत्र खत्म हो गया है।”

Sunday, August 11, 2019

जयपुर राजघराने ने किया दावा भगवान राम के वंशज होने का




शीर्ष अदालत में अयोध्या मामले की सुनवाई चल रही है। नौ अगस्त को सुनवाई के दौरान अदालत ने रामलला के वकील से पूछा कि क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में कही हैं? इस पर वकील का कहना था कि हमें इस बात की जानकारी नहीं है। इस बात की लेकर जयपुर की राजकुमारी और राजसमंद की सांसद दीया कुमारी ने दावा किया कि उनका परिवार भगवान राम के बेटे कुश का वंशज है।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि हां भगवान राम के वंशज पूरी दुनिया में है। हमारा परिवार भी उनके पुत्र कुश का वंशज है। इससे पहले एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में जयपुर की पूर्व रानी पद्मिनी देवी ने भी अपने परिवार को भगवान राम का वंशज बताया था। उन्होंने कहा कि उनका परिवार भगवान राम के पुत्र कुश के परिवार से संबद्ध है। उन्होंने कहा कि जयपुर के पूर्व राजा और उनके पति भवानी सिंह कुश की 309वीं पीढ़ी के थे।

पूर्व राजकुमारी द्वारा इस बात का सबूत भी पेश किया। उन्होंने एक पत्रावली दिखाई, जिसमें भगवान राम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रम से लिखा हुआ है। इसी पत्रावली में 289वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा हुआ है। जयपुर राजघराने की पूर्व राजमाता पद्मिनी देवी ने कहा कि राम मंदिर पर जल्द समाधान हो। चूंकि अदालत ने पूछा है कि भगवान राम के वंशज कहां हैं? इसलिए हम सामने आए हैं कि हां! हम उनके वंशज हैं। दस्तावेज सिटी पैलेस के पोथीखाने में हैं,हम नहीं चाहते कि वंश का मुद्दा बाधा पैदा करे।

 

Friday, August 2, 2019

दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी, कुछ दिन खाने से ही शरीर में दिखेगा जबरदस्त चमत्कार


ककोड़ा
(कंटोला/काटवल)

दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी 

कुछ दिन खाने से ही शरीर में दिखेगा जबरदस्त चमत्कार

आजकल के दौर में जंक फूड का इतना क्रेज बढ़ चुका है कि, लोग अपने शरीर को जरूरी ताकत देनी वाली सब्जी, दाल का सेवन कम ही करते हैं। लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि, कुछ सब्जियाँ होती हैं, जिन्हें कुछ दिन खाने पर ही इसका फायदा मिलने लग जाता है। 
ऐसी ही एक सब्जी है, खक्सी/कंटोला/काटवल ၊ 
यह दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी है। 
इसे औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी में इतनी ताकत होती है कि, महज कुछ दिन के सेवन से ही आपका शरीर तंदुरुस्त बन जाता है या यूँ कहें कि, फौलादी बन जाता है। कंटोला को ककोड़े, काटवल और मीठा करेला नाम से भी जाना जाता है। 
अगर आप भी अपनी रोजाना डाइट में इसे शामिल करते हैं तो दूसरे तत्वों और फाइबर की कमी को भी यह पूरी करती है। ककोड़े यानी मीठा करेला को सेहतमंद माना जाता है। आयुर्वेद में भी इसे सबसे ताकतवर सब्जी के रूप में माना गया है।

यह सब्जी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन से भरपूर होती है। इसे रोज खाने से आपका शरीर ताकतवर बनता है। इसके लिए कहा जाता है कि इसमें *मीट से 50 गुना ज्यादा ताकत और प्रोटीन होता है।* 
कंटोल में मौजूद फाइटोकेमिकल्स स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में काफी मदद करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सब्जी है। यह शरीर को साफ रखने में भी काफी सहायक है।  

कंटोला आमतौर पर मॉनसून के मौसम में भारतीय बाजारों में देखा जाता है। 
इसमें कई स्वास्थ्य लाभ है जिसकी वजह से इसकी खेती दुनियाभर में शुरू हो गई है। इसकी मुख्य रूप से भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में खेती की जाती है। 

 वजन घटाने में सक्षम 
कंटोला में प्रोटीन और आयरन भरपूर होता है जबकि कैलोरी कम मात्रा में होती है। यदि 100 ग्राम कंटोला की सब्जी का सेवन करते हैं तो 17 कैलोरी प्राप्त होती है। जिससे वजन घटाने वाले लोगों के लिए यह बेहतर विकल्प है।

 कैंसर से बचाए कंटोला में में मौजूद *ल्युटेन जैसे केरोटोनोइडस* विभिन्न नेत्र रोग, हृदय रोग और यहाँ तक कि, कैंसर की रोकथाम में भी सहायक है।

पाचन क्रिया होगी दुरुस्त
अगर आप इसकी सब्जी नहीं खाना चाहते तो अचार बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेद में कई रोगों के इलाज के लिए इसे औषधि के रूप में प्रयोग करते हैं। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 हाई ब्लड प्रेशर होगा दूर
कंटोला में मौजूद *मोमोरडीसिन तत्व और फाइबर की अधिक मात्रा* शरीर के लिए रामबाण हैं. *मोमोरेडीसिन तत्व एंटीऑक्सीडेंट, एंटीडायबिटीज और एंटीस्टे्रस की तरह काम करता है* और वजन और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।

 एंटी एलर्जिक 
कंटोल में *एंटी-एलर्जन और एनाल्जेसिक सर्दी खांसी से राहत प्रदान करने और इस रोकन में काफी सहायक है।*
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Tuesday, July 30, 2019

बड़ी जीत, राज्यसभा में भी पास हुआ तीन तलाक बिल





राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास हो गया है. राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 99 वोट पड़े वहीं इस बिल के विपक्ष में 84 वोट पड़े ၊राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास हो गया है. राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 99 वोट पड़े वहीं इस बिल के विपक्ष में 84 वोट पड़े. चर्चा के बाद बिल को सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्‍ताव पर वोटिंग कराई गई. अब किसी भी तरीके से तलाक देना अपराध है. बिल में 3 साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है.




राज्‍यसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के बाद बिल को सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्‍ताव पर वोटिंग हुई. सदन में पर्ची के माध्‍यम से वोटिंग कराई गई. कई सांसदों ने बिल को कमेटी के पास भेजने की मांग की थी. लेकिन वोटिंग में सेलेक्ट कमेटी को भेजने का प्रस्ताव खारिज हो गया. सेलेक्ट कमेटी को बिल भेजने के प्रस्ताव के पक्ष में 84 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 100 वोट पड़े

Saturday, July 20, 2019

कांग्रेस की कद्दावर नेता दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का 81 वर्ष की उम्र में निधन





नई दिल्ली (न्यूज डेस्क): दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया है। वे सात दिनों से बीमार चल रही थीं। वे दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रही हैं। उनका 81 वर्ष की उम्र में निधन हुआ है। दिल्ली कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। वे दिल्ली प्रदेश की लगातार तीन बार 1998 से लेकर 2013 तक मुख्यमंत्री रहीं।
कांग्रेस की कद्दावर नेता रहीं शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से मास्टर्स ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की। शीला दीक्षित साल 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद भी रहीं। बतौर सांसद वह लोकसभा की एस्टिमेट्स कमिटी की हिस्सा भी रहीं। शीला दीक्षित को दिल्ली का चेहरा बदलने का श्रेय दिया जाता है, उनके कार्यकाल में दिल्ली में विभिन्न विकास कार्य हुए।
दिल्ली में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद केरल की राज्यपाल भी रहीं। इसके अलावा कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी पेश किया था। शीला को हमेशा से गांधी-नेहरू परिवार का करीबी माना जाता था। शीला दीक्षित को समन्वयवादी राजनीति और विकास का चेहरा माना जाता रहा है। दिल्ली में मेट्रो के नेटवर्क का विस्तार हो या फिर बारापूला जैसे बड़े रोड नेटवर्क उन्हीं की देन माना जाता हैं।

Wednesday, July 17, 2019

6 महीने बाद देशभर के 90% अखबार होंगे बंद, लाखों अखबार कर्मी होंगे बेरोजगार




डीएवीपी के खिलाफ कोर्ट जायेगा ‘अखबार बचाओ मंच’, पहले राजनीतिक दलों से मांगों फिर अखबारों से मांगना हिसाब! अस्तित्व बचाने की आखिरी कोशिश में ‘अखबार बचाओ मंच’ न्यायालय की शरण में जायेगा। मंच ये तर्क रखेगा कि जब राजनीतिक दल अपने चंदे का हिसाब और टैक्स नहीं देते तो फिर अखबारों पर एक-एक पैसे का हिसाब और नये-नये टैक्स क्यों थोपे जा रहे हैं।

दरअसल दो-तीन महीने बाद पूरे देश के अखबारों का नवीनीकरण होना है। जिसके लिये डीएवीपी द्वारा एक-एक कागज और पाई-पाई का हिसाब मांग लेने से देश के 95%अखबार नवीनीकरण नहीं करा पायेंगे। अखबार बचाओ मंच का कहना है कि अखबारों से संबधित सरकार की पालिसी के खिलाफ डीएवीपी मनमाने ढंग से अखबारों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। सरकार की विज्ञापन नीति के हिसाब से एक करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले अखबारों को बैलेंस शीट देना अनिवार्य है। जबकि डीएवीपी ने बीस लाख के ऊपर के टर्नओवर वाले अखबारों के लिए बैलेंस शीट अनिवार्य कर दी है।

पूरा मामला जानिए :-
शायद ही कोइ ऐसा व्यवसाय होगा जिसमे कोई manipulation न होता हो , उसी तरह नियमों और कानूनों को देखते हुए देश के 99% मान्यता प्राप्त अखबारों को भी प्रसार संख्या में manipulation करना पड़ता है। बड़े-बड़े ब्रांड अखबार भी बीस हजार कापी को दो लाख प्रसार बताने पर मजबूर है। इस झूठ की मंडी की जिम्मेदार सरकार की गलत नीतियां भी हैं। यदि कोई अपने अखबार का वास्तविक दो हजार के अंदर का प्रसार बताता है तो उसे डीएवीपी से विज्ञापन की सरकारी दरें नहीं मिलती। और यदि दो हजार से पंद्रह हजार तक के प्रसार का दावा करता है तो उसे लघु समाचार की श्रेणी में रखा जाता है। लघु श्रेणी की विज्ञापन दर इतनी कम होती हैं कि इन दरों से कम संसाधनों वाला अखबार भी अपना बेसिक खर्च भी नहीं निकाल सकता है। यूपी सहित देश के बहुत सारे राज्यों में कम प्रसार वाले अखबारों के पत्रकारों को राज्य मुख्यालय की मान्यता भी नहीं मिलती। शायद राज्य सरकारों का मानना है कि कम प्रसार वाले अखबारों में राज्य मुख्यालय यानी प्रदेश स्तर की खबरें नहीं छपतीं हैं। सरकारों की इन गलत नीतियों के कारण भी प्रकाशक अपना प्रसार बढ़ा कर प्रस्तुत करता है।

अब ये झूठ देश के करीब 95% अखबारों को ले डूबेगा। और देश के लाखों अखबार कर्मी और पत्रकार बेरोजगार हो जायेंगे। यानी सरकारी नीतियों और प्रकाशकों के टकराव की इस चक्की में आम अखबार कर्मी/पत्रकार पिस जायेंगे।
क्योंकि अब बताये गये प्रसार के हिसाब से करोड़ों की राशि के कागज की खरीद और अन्य प्रोडक्शन कास्ट का हिसाब दिये बिना डीएवीपी अखबारों का नवीनीकरण नहीं करेगा। अखबारी कागज पर जीएसटी होने के कारण अब तीन का तेरह बताना संभव नहीं है।

यही कारण है कि अखबारी कागज पर से जीएसटी हटाने की मांग को लेकर प्रकाशकों, अखबार कर्मियों और पत्रकारों ने खूब संघर्ष किया। सरकार के नुमाइंदों को दर्जनों बार ज्ञापन दिये। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक धरना-प्रदर्शन किये। वित्त मंत्री से लेकर पीएमओ और जीएसटी कौंसिल से लेकर विपक्षी नेता राहुल गांधी तक फरियाद की। फिर भी हासिल कुछ नहीं हुआ।

डीएवीपी ने अखबारों की नयी मान्यता के आवेदन पत्र में अखबारों से एक एक पैसे का पक्का हिसाब मांगा है। यानी कागज की जीएसटी से लेकर बैंक स्टेटमेंट मांग कर ये स्पष्ट कर दिया है कि तीन महीने बाद नवीनीकरण के लिए देशभर के सभी अखबारों से ऐसे ही हिसाब मांगा जायेगा। और इस तरह का हिसाब देशभर के 95%अखबार नहीं दे सकेंगे।

इस संकट से लड़ने के लिए पत्रकार संगठन एक बार फिर सक्रिय हो गये हैं। इन संगठनों का मानना है कि अखबार बंद होने से प्रकाशक तो हंसी-खुशी अखबार बंद करके किसी दूसरे धंधे में आ जायेंगे लेकिन देश के लाखों अखबार कर्मी/पत्रकारों के पास रोजगार का दूसरा विकल्प नहीं होगा।

इस बार पत्रकार संगठन सरकार से पहले तो ये मांग करेंगे कि अखबारों के कम और वास्तविक प्रसार को सरकारी विज्ञापनों की इतनी दरें मिल जायें कि कम संसाधनों का बेसिक खर्च निकल आये। दूसरी महत्वपूर्ण मांग ये होगी कि कम प्रसार वाले अखबारों के पत्रकारों की राज्य मुख्यालय की प्रेस मान्यता बरकरार रहे।
 
दस लाख से कम कुल वार्षिक विज्ञापन पाने वालों से डीएवीपी आय-व्यय का हिसाब ना मांगे। कम संसाधनों, कम आमदनी और कम विज्ञापन पाने वाले इन अखबारों को जीएसटी से मुक्त किया जाये। अखबारों को इन संकटों से बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहा पत्रकार संगठनों का साझा मंच ‘अखबार बचाओ मंच’ का कहना है कि यदि ये मांगे भी पूरी नहीं हुयीं तो न्यायालय का सहारा लेना पड़ेगा।

मंच का सबसे मजबूत तर्क होगा कि जब राजनीतिक दल चंदे का हिसाब देने के लिए विवश नहीं हैं तो कम संसाधन और बहुत ही कम सरकारी विज्ञापन पाने वाले देश के अधिकांश अखबार एक-एक पैसे का हिसाब देने के लिए विवश क्यों किए जा रहे हैं।

कार्पोरेट के अखबार करोड़ों रुपये की लागत लगाकर अखबारों में घाटे सह भी सकते हैं। क्योंकि वो अपने मुख्य व्यापार से अरबों रूपये का मुनाफा कमाते है। इनके मुख्य व्यापारों में सरकारों के सहयोग की जरूरत पड़ती है। सरकारों को समाचार पत्रों में सरकारों के गुड वर्क को ज्यादा उजागर करने और खामियों को छिपाने की गरज रहती है। इन कारणों से देश की जनता कार्पोरेट के ब्रांड अखबारों से विश्वसनीयता खोती जा रहे है। पाठक सच पढ़ना चाहता है। उसका रूझान छोटे-छोटे अखबारों की तरफ बढ़ रहा है। लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कार्पोरेट और पेड न्यूज की बेड़ियों में ना जकड़ जाये इसलिए पाठक चार पन्ने के छोटे अखबार में चार सच्ची खबरें पढ़ना चाहता है। जिस तरह राजनीतिक दलों की नीतियों से प्रभावित होकर लोग गुप्त दान करते हैं ऐसे ही छोटे अखबारों को अभी अब लोग दान स्वरुप टुकड़ों – टुकड़ों में कागज देने लगे हैं। जब राजनीतिक दलों के चंदे का हिसाब नहीं तो छोटे अखबारों का हिसाब क्यों?

Tuesday, July 16, 2019

6 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद दरिंदे ने उसको ईट से मारने की कोशिश की

 

दिल्ली ၊
देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर जनकपुरी C-1 के पास फुटपाथ पर सोने वाली मासूम बच्ची के साथ कल देर रात दुष्कर्म जैसी घटना उजागर होते ही यहां के लोगों के दिलों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना हुआ है । फुटपाथ पर सोने वाली  महिला की रात बारह बजे के करीब जब नींद खुली,तो उसने अपने पास सो रही छह साल की बच्ची को गायब पाया । गरीब महिला ने तुरंत अपने पति और टैक्सी स्टैंड पर सो रहे लोगों को उठाया । महिला की चीख पुकार सुनकर वहा आसपास के लोग इकट्ठा हो गए,और गायब बच्ची को नाले के पास इधर-उधर खोजना  शुरू किया । टैक्सी-ड्राइवर ने पास ही बने शौचालय के पीछे गंदगी वाली जगह पर एक शख्स द्वारा बच्ची को हवस का शिकार बनाने के बाद जान से मारने की कोशिश करते देखा । शोर मचाने पर सभी लोगों ने बड़ी मुस्तैदी से दरिंदे-आरोपी को पकड़ते हुए पुलिस को सूचित कर दिया । मासूम पीड़ित के पास से खून से सना ईट का टुकड़ा भी मिला, जिससे दरिंदे ने बच्ची को जान से मारने के लिए उसके सिर पर कई वार किए थे । मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया । खून से लथपथ मासूम को आनन-फानन में दीनदयाल-अस्पताल में भर्ती करवाया गया । मासूम-पीड़ित  बच्ची की अति-गंभीर स्थिति के चलते डॉक्टरों ने रात मे ही बच्ची को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर कर दिया, यहां पर मासूम बच्ची की हालत अति नाजुक व चिंताजनक बनी हुई है । आपको बता दें अभी थोड़े दिन पहले द्वारका में मासूम के साथ हुए दुष्कर्म की भागीदार निर्भया के बाद, इस घटना को देखते हुए अभी भी नई मासूम निर्भया का जन्म जारी है ।मासूम के मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है । पीड़ित-बच्ची की मां फुटपाथ पर ही रहती है ।और पिता बेलदारी का काम करता है । मासूम के मां-बाप सहित आक्रोशित-लोगों ने आरोपित-दरिंदों को सलाखों के पीछे ना रखते हुए सरेआम जिंदा-चौराहे पर फांसी पर लटका देने की मांग करते हुए कहा आखिर सरकार मासूम संरक्षण के लिए कोई उचित और ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है । थाना-पुलिस द्वारा मीडिया को आरोपित के बारे में बताने मे हिचकिचाना, इन जैसे कुकर्मियों के चेहरे को समाज के सामने उजागर ना करना ही, इस तरह की दरिंदगी भरी घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी का मुख्य कारण होने से,अब दिल्ली भी दरिंदगी का घर बन चुकी है ।

Monday, July 15, 2019

अब आप ऑफिस में नहीं चला पाएंगे Facebook-WhatsApp!


 अब आप ऑफिस में नहीं चला पाएंगे Facebook-WhatsApp! सोशल मीडिया को लेकर सरकार का कड़ा निर्देश जारी

गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के लिये पहली बार सोशल मीडिया पॉलिसी जारी है..
 डेटा सिक्यॉरिटी और हैकिंग की खबरें बढ़ती जा रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पहली बार सोशल मीडिया पॉलिसी जारी की है. तो अगर आप भी सरकारी दफ्तर में काम  करते हैं और अपने ऑफिस में फेसबुक, वॉट्सऐप चलाते हैं तो ये खबर आपके लिए है.नई पॉलिसी के तहत अब सरकारी कर्मचारी अपने ऑफिस के कंप्यूटर, लैपटॉप मोबाइल या फिर किसी दूसरे डिवाइस पर फेसबुक, वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. मंत्रालय का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...