Tuesday, July 27, 2021

झारखंड में विधानसभा-लोकसभा की सीटों का नए सिरे से परिसीमन, इंटरनेट व मीडिया में Viral News की क्या है सच्चाई!!

झारखण्ड विस का नए सिरे से परिसीमन हो गया है। नए परिसीमन के आधार पर ही झारखंड विधानसभा चुनाव-2024 होगा। यह खबर पिछले कई दिनों से इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों-फेसबुक और वाट्सएप आदि पर वायरल है। इसके बाद से लोग सच्चाई जानना चाह रहे हैं। यह खबर किसी भी परंपरागत मीडिया से जेनरेट नहीं हुई है। यही कारण है कि लोग जानना चाह रहे हैं कि सच क्या है ? विधानसभा की सीटों के साथ ही झारखंड में लोकसभा की 14 सीटों के परिसीमन की भी बात की जा रही है। वाट्सएप पर परिसीमन से संबंधित अधिसूचना भी प्रसारित की जा रही है। हालांकि यह अधिसूचना पुरानी है। साल 2007 की अधिसूचना है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है ? *अधिसूचना के अनुसार झारखंड में घट जाएगी ST के लिए आरक्षित सीटें* भारत परिसीमन आयोग, निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली से जारी अधिसूचना के अनुसार झारखंड में विधानसभा के लिए 81 सीटें होंगी। यहां पहले से 81 विधानसभा सीटें हैं। परिसीमन के बाद सीटों की संख्या में कोई परिवर्तन नहीं होगा। परिवर्तन विधानसभा की भौगोलिक स्थिति और आरक्षित श्रेणी में होगा। फिलहाल झारखंड में अनुसूचित जनजाति ( ST) के लिए 28 सीटें हैं। इसी तरह अनुसूचित जाति (SC) के लिए 8 सीटें आरक्षित हैं। नए परिसीमन के अनुसार एसटी की सीटें घटकर 22 और एससी की सीटें बढ़कर 10 हो जाएंगी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिलहाल साबिगंज जिले के बरहेट से विधायक हैं। परिसीमन के बाद सीट का नाम बदलकर बरहड़वा कर दिया गया है। साथ ही यह सीट एसटी के लिए न होकर सामान्य होगी।     होल्ड पर है झारखंड में परिसीमन वायरल खबर आधा सच और आधा फसाना है। दरअसल, झारखंड विधानसभा की सीटों और यहां की लोकसभा की सीटों का परिसीमन होल्ड पर है। साल 2007 में देश भर में विधानसभा और लोकसभा की सीटों का परिसीमन हुआ। यह परिसीमन 2009 के लोकसभा चुनाव से देशभर में लागू हो गया। तब झारखंड में भी लागू होना था। लेकिन यहां के आदिवासी ( ST) विधायकों ने विरोध किया। विरोध का कारण यह था कि परिसीमन प्रस्ताव लागू होने के बाद झारखंड विधानसभा में ST की  सीटें घट जाएंगी। जब परिसीमन रिपोर्ट लागू हो रहा था उस समय मधु कोड़ा झारखंड के मुख्यमंत्री थे। मधु कोड़ा सरकार कांग्रेस और झामुमो के समर्थन से चल रही थी। केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। सोनिया गांधी यूपी सरकार की अध्यक्ष थीं। मधु कोड़ा के नेतृत्व में झारखंड के आदिवासी नेताओं और विधायकों ने सोनियां गांधी और मनमोहन सिंह से मुलाकात की। झारखंड में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट लागू न करने के लिए जोर दिया गया। नतीजतन, झारखंड में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं हुई। जबकि पूरे देश में लागू हो गई। झारखंड विधानसभा सीटों का परिसीमन अब भी होल्ड पर है। कभी भी लागू हो सकता है।  *पुरानी खबर इंटरनेट मीडिया पर वायरल* झारखंड विधानसभा की सीटों के परिसीमन की जो रिपोर्ट इंटरनेट मीडिया पर वायरल है, वह 13-14 साल पुरानी है। फिलहाल इस रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं है। वायरल खबर को देखकर किसी भी विधानसभा क्षेत्र के विधायकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

Monday, July 26, 2021

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के अधिवेशन में विभिन्न प्रदेशों के पत्रकारों का लगेगा जमघट



।।डेस्क न्यूज।

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ द्वारा कोरोना काल के दौरान देश,समाज के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल कर चौथे स्तम्भ को मजबूत करने का कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित करने का अहम् निर्णय लिया है। आगामी 8 अगस्त को अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा बिलासपुर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है|



अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा ने कहा कि सभी पत्रकार मित्रो को यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपके द्वारा कोरोना काल में देश व समाज के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल कर चौथे स्तम्भ को मजबूत करने का कार्य किया गया है। पत्रकारों के इस सराहनीय कार्य को देखते हुए अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ ने उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।आगामी 8 अगस्त को सुबह 11 बजे से 2 बजे तक झूलेलाल मंगल भवन, नया बस स्टैण्ड, थोक फल सब्जी मार्केट, तिफरा, बिलासपुर में कोरोना वॉरियर्स पत्रकार सम्मान का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर पत्रकार सुरक्षा कानून छत्तीसगढ़ में लागू किए जाने की मांग पर परिचर्चा में आप भी अपनी बातो को रख सकते है|



इधर पत्रकार संगठन एबीपीएसएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश कलावाडिया ने कहा है कि अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति देश का सबसे बड़ा पत्रकार संगठन हैं, जिसने सबसे पहले "पत्रकार सुरक्षा कानून" की मांग रखी और इसके लिए पूरे देशमें अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते हमारे इस अभियान में थोड़ी रुकावट पैदा हो गई थी, लेकिन अब देश में स्थिति सामान्य हो रही हैं, यह देखते हुए हमे फिर अपने मकसद को कामयाब बनाने के लिए जी जान से जुटना होगा। इसी उद्देश्य से हम 8 अगस्त को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एकत्र हो रहे हैं।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बिलासपुर की इस बैठक में देश के 22 राज्यों के पत्रकार शामिल हो सकते हैं। श्री कलावाडिया ने आगे कहा कि हमे हर एक राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को आगे रखकर अभियान को आगे बढ़ाना है। देश के हर राज्य में हमे प्रदेश से तहसिल स्तर तक संगठन की नींव रखनी होगी, तभी जाकर हम अपने मकसद में कामयाब होंगे। कहा कि हमे पूरा विश्वास है कि पूरे देश के पत्रकार साथियों हमारे इस महा अभियान में शामिल होकर लोकतंत्र को बचाने एवं पत्रकारिता को जिंदा रखने की हमारी मुहिम में पुरजोर साथ देंगे। इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए ही हमने अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति _ABPSS के  वॉट्स ऐप ग्रुप बनाए हैं। कहा कि मैं चाहता हूं कि इस ग्रुप में सिर्फ पत्रकारिता और हमारी मुहिम एवं संघठन की ही बात रखी जाय। न्यूज और बाकी के फालतू मेसेज एबीपीएसएस के किसी भी ग्रुप में न हो। ग्रुप एडमिन नियमो के अधीन ही ग्रुप चलाए। पत्रकार सुरक्षा कानून लाने के लिए हमे अनुशासनबद्ध संगठन चाहिए। जो मित्र ग्रुप नियमो का पालन कर सकते हैं वो ही ग्रुप में रहे अन्यथा ग्रुप छोड़ दें। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बहुत जल्द हम सभी राज्यों का दौरा करेंगे और एकदूसरे से मिलेंगे। 


            

युवा संगठन इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत सरिया रोड स्थित शहीद महेंद्र सिंह भवन मे कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र व राज्य  सरकार से पांच सूत्री मांग की गई। कार्यक्रम में शामिल बगोदर विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि कोविड-19 का देश के नागरिकों ने एकजुट होकर मुकाबला किया। इस मुसीबत की घड़ी में एक दूसरे का हाथ थामा, जबकि  सरकारों ने अपने हाथ खींच लिए थे। सरकार की आपराधिक लापरवाही के कारण वायरस से, फंगस से, आक्सीजन, अस्पताल या दवा के अभाव में हमने लाखों लोगों को खो दिया। ऐसे भी बहुतों की जाने गईं  जिन्हें कोविड के अलावा कोई जानलेवा बीमारी थी। उन्हें अस्पतालों में जगह न मिल पाई। इतनी बड़ी तबाही के बाद भी इन सरकारों की कोई दिलचस्पी हॉस्पिटलों के हालात बेहतर करने में नहीं दिख रही है।  इनौस के राष्ट्रीय सचिव संदीप जायसवाल ने कहा कि देश के लाखों परिवार अपनों को बचाने के दौरान प्राइवेट हॉस्पिटलों द्वारा लूट लिए गए जिसके कारण लाखों-लाख लोग कर्ज में डूब गए।  कोविड की इस दूसरी लहर में भी करोड़ों लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। रोजगार के लिए वर्षों से धक्के खा रहेम। तेनुघाट ओपी कांड संख्या 52/2021 के पीड़ित को इंसाफ दिलाने के लिए दहेज मुक्त झारखंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विजय प्रसाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अभियुक्त नसरुद्दीन अंसारी, उसका पुत्र मोहम्मद अली, दामाद सफीक अंसारी, बेटी अंजुम परवीन एवं अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जल्द ही झारखंड का दौरा करेंगे और राज्य के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मुलाकात  करेंगे।उन्होंने कहा कि दहेज़ लोभी अभियुक्तों को कड़ी सजा दिलाने के लिए संस्था का शत प्रतिशत प्रयास जारी रखेंगे।साथ ही घाटो स्थित टाटा कोलियरी में कार्यरत दोषी लड़का मोहम्मद अली को नौकरी से निष्कासित कराने के लिए संस्था के पदाधिकारी टाटा माइन्स के वरीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि नसरुद्दीन अंसारी और मोहम्मद अली जैसे दहेज लोभी व्यक्ति समाज के लिए कलंक हैं,इसीलिए ऐसे लोगों को समाज से बहिष्कार करना चाहिए और भविष्य में ऐसे लोगों के साथ शादी ब्याह करने से बचना चाहिए। शराफत का चोला ओढ़कर दहेज मांगने जैसा घृणित कार्य करने वाले नसरुद्दीन अंसारी को सा

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...