Saturday, November 2, 2019

विष्णुगढ़ में श्री सूर्य देव की उपासना का महापर्व छठ पूजा पूर्ण श्रद्धा तथा भक्ति के साथ मनायी जा रही


विष्णुगढ़(हजारीबाग) ।
विष्णुगढ़ में श्री सूर्य देव की उपासना का महापर्व छठ पूजा पूर्ण श्रद्धा तथा भक्ति के साथ मनायी जा रही है।छठ पूजन के तृतीय दिवस पर शनिवार को छठ घाटों और जलाशयों में छठवर्तियों ने अस्तचलगामी भगवान भाष्कार को अर्घ्य दिया।
उधर ग्रामीण युवा संगठन समिति द्वारा विष्णुगढ़ के छठ घाटों की इस बार विशेष साफ-सफाई पर ध्यान दी गयी थी। जिसे लेकर ग्रमीण युवा संगठन समिति के पदाधिकारियों ने समिति के सदस्यों के साथ वहां की कमेटी एवं स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हो रहे काम की सराहना की। साथ ही घाटों में साफ सफाई एवं सड़कों की मरम्मती को लेकर जोर-शोर से लगे कार्यकर्ताओ का हौसला अफजाई किया।ज्ञात हो कि छठ महापर्व के उपलक्ष पर आने वाले छठव्रतियों को कोई कठिनाई ना हो इसके लिए कई संगठनों ने अपने-अपने तरीकों से छठ घाटों पर सुविधा देने की व्यवस्था की है।
मौके पर  विष्णुगढ़ प्रखंड मुखिया संजय कसेरा, अजय कुमार,प्रभाकर कुमार,अरविंद विश्वकर्मा, राजू रवानी,अशोक पांडेय,ओंकारनाथ शर्मा, आशुतोष राणा,अनूप कसेरा  ,परवीन कुमार,कैलाश कुमार संचालन समिति सदस्य व ग्रमीण कार्यकर्ता          आदि लोग मौजूद थे। साथ मे कई प्रशासनिक  पदाधिकारी भी मौजूद थे।*

चुनाव आयोग ने जामताड़ा डीसी को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर एफआइआर दर्ज करने का दिया आदेश


सांसद निशिकांत दुबे विवादित भाषण प्रकरण: चुनाव आयोग ने जामताड़ा डीसी को सांसद पर एफआइआर दर्ज करने का दिया आदेश

विगत 23 अक्तूबर को जामताड़ा में आयोजित एक जनसभा में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दिव्यांगों के बारे में आपत्तिजनक बात कहे जाने पर एफआइआर दर्ज कराया जाएगा। इस संबंध में चुनाव आयोग ने जामताड़ा डीसी को सांसद निशिकांत पर एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया है। ज्ञात हो कि सांसद ने अपने विवादित भाषण में यह कहा था कि 'भाजपा किसी भी लंगड़ा, लुल्हा, काना, डकैत को टिकट देती है तो आप रघुवर दास और नरेंद्र मोदी पर भरोसा रखकर उन्हें वोट देकर जिताने का काम करें।' सांसद के इस आपत्तिजनक भाषण के बाद झारखंड दिव्यांग मंच के बैनर तले झारखंड के कई इलाकों में सांसद का विरोध और पुतला दहन किया गया था। इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से भी की गई थी। जिसके बाद चुनाव आयोग ने सांसद पर एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। वहीं जामताड़ा डीसी ने कहा है कि उन्हें चुनाव आयोग का आदेश प्राप्त हो गया है। इस आदेश पर विधिसम्मत कार्यवाई करने के लिए एसडीओ को निदेशित कर दिया गया है।
बहरहाल, नि:शक्त व्यक्ति अधिकार एक्ट 2016 के तहत निशक्तजनों से भेदभाव करने की स्थिति में छह महीने से लेकर दो साल तक की कैद और 10 हजार रूपये से लेकर पांच लाख रूपये तक के जुर्माने की सजा सुनाई।

पटना:अथमलगोला में स्नान के क्रम में डूबा युवक,एनडीआरएफ कर रही तलाश




बाढ़। अथमलगोला थाना अंतर्गत जमालपुर निवासी हीरा मिस्री का बीस वर्षीय पुत्र शशि कुमार अपने परिजनों के साथ स्नान करने हेतु उक्त पुल घाट पर पहुंचा था।जहां स्नान करने के क्रम में वह डूब गया। घाट पर उपस्थित स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर से तलाश करते हुए इस घटना की सूचना तत्काल प्रशासन को दी। घटना की सूचना मिलते ही वरीय उपसमाहर्ता सह प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित अनुराग, अंचलाधिकारी पंकज कुमार और थानाध्यक्ष उत्तम कुमार के निर्देश पर स्थानीय गोताखोरों ने  काफी देर तक प्रयास किया। लेकिन सफलता नही मिली।तत्पश्चात अधिकारियों ने एनडीआरएफ की टीम को बुलवाया। हालांकि देर शाम तक कड़ी मशक्कत के बाबजूद इस टीम को भी सफलता नही मिल पाई है।अंततः तलाशी अभियान रोकना पड़ गया।घटनास्थल पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिजनों को सांत्वना देते डटे रहे।इधर डूबे हुए युवक के परिजनों के आंसू थमने का नाम नही ले रहे है।उक्त युवक के चाचा अनिल शर्मा ने बताया कि शशी स्वभाव से मिलनसार था।महापर्व के समय मे ही विपत्ति का ऐसा पहाड़ टूटा है।जिससे पूरा परिवार तो मर्माहत है ही गावँ में भी मातम सा छा गया है।

Friday, November 1, 2019

छठ व्रतियों के बीच केला और नारियल का दान


संजय विजित्वर (हाजीपुर)। हाजीपुर रेलवे जंक्शन परिसर स्थित शिव मंदिर पर छठ व्रतियों के लिए खरना के दिन केला और नारियल का दान हाजीपुर रेलवे जंक्शन परिसर स्थित गाड़ी पड़ाव के संवेदक बासकित राय और उनके सहयोगियों के द्वारा किया गया। दानशीलता का यह परिचय देने में जीआरपी  थानाध्यक्ष सिंहेश कुमार सिंह ,मुन्ना जी, अशोक बाबा, बाबू भाई ,आमोद पांडे ,रामू जी ,इंजीनियर संजीत विटाली राय तथा अन्य सहयोगियों के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बासकित राय ने बताया कि दान करने से मां प्रसन्न होती हैं और उनके मन में दान शीलता की भावना गत कई वर्षों से है और यह पहला मौका नहीं है जब केला और नारियल का दान किया जा रहा है विगत दस वर्षों से दान किया जा रहा है और साल में ऐसे कई अवसर हैं जैसे सावन मास में कावड़ियों के लिए भंडारा , अष्टयाम के अवसर पर भंडारा,दुर्गा पूजा के अवसर पर भंडारा किया जाता है। इस कार्य में कई लोग उनको सहयोग करते हैं। दूसरी ओर जीआरपी थानाध्यक्ष सिंहेश कुमार सिंह ने भी हाजीपुर रेलवे जंक्शन पर गाड़ी के यात्रियों के बीच केला और नारियल का दान किया जिसमें बासकित राय और उनके सहयोगी ने सहयोग किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि  पुलिस वालों के दिल में भी दानशीलता की भावना होती है और ड्यूटी के क्रम में यह पुनीत भावना जगी है  तो इसी का एक परिचय छठव्रतियों के लिए इस दान के रूप में किया जा रहा है।

झारखंड में विधान सभा चुनाव हेतु अधिसूचना जारी;24 जिलों के 81विस क्षेत्रों के 2.265 करोड़ मतदाता देंगे वोट


BREAKING UPDATE

झारखंड में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू

झारखंड में 9 सीट SC, 28 सीट ST के लिए रिज़र्व

 2.265 करोड़ मतदाता झारखंड में कर सकेंगे मतदान

 चुनाव आयोग की ओर से सुदीप जैन झारखण्ड चुनाव का काम देखेंगे

 मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड में 67 विधानसभा क्षेत्र नक्सल प्रभावित है। नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने हैं।चुनाव आयोग ने शुक्रवार कोझारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच 5चरणों में मतदान होगा। नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे। पिछली बार भीराज्य में पांच चरण में मतदान हुआ था। 81 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को खत्म हो रहा है। राज्य में अभी भाजपा और आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) की गठबंधन सरकार है। रघुवर दास मुख्यमंत्री हैं। बहुमत के लिए 41 का आंकड़ा जरूरी है। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 37 और आजसू को 5 सीटें मिली थीं। बाद में झारखंड विकास मोर्चा के 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए। अभी भाजपा के पास 43 विधायक हैं।

पहला चरण
सीटें: 13
नोटिफिकेशनः 6 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 13 नवंबर
स्क्रूटनी: 14 नवंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 16 नवंबर
मतदान की तारीख: 30 नवंबर
दूसरा चरण
सीटें: 20
नोटिफिकेशनः 11 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 18 नवंबर
स्क्रूटनी: 19 नवंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 21 नवंबर
मतदान की तारीख: 7 दिसंबर

तीसरा चरण
सीटें: 17
नोटिफिकेशनः 16 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 25 नवंबर
स्क्रूटनी: 26 नवंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 28 नवंबर
मतदान की तारीख: 12 दिसंबर


चौथा चरण
सीटें: 15
नोटिफिकेशनः 22 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 29 नवंबर
स्क्रूटनी: 30 नवंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 2 दिसंबर
मतदान की तारीख: 16 दिसंबर


पांचवां चरण
सीटें: 16
नोटिफिकेशनः 26 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 3 दिसंबर
स्क्रूटनी: 4 दिसंबर
नाम वापसी आखिरी तारीख: 6 दिसंबर
मतदान की तारीख: 20 दिसंबर

भाजपा के खिलाफ झामुमो का महागठबंधन
भाजपा-आजसू के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाला महागठबंधन चुनाव लड़ेगा। झामुमो 43 से 45, कांग्रेस 25 से 27, राजद और लेफ्ट 5-5 सीटों पर चुनाव लड़ सकता है। झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) इस महागठबंधन से अभी बाहर है। इसकी वजह यह है कि झाविमो नेता बाबूलाल मरांडी किसी भी कीमत पर झामुमो नेता हेमंत सोरेन को महागठबंधन का नेता मानने को तैयार नहीं हैं। मरांडी अपनी पार्टी के लिए कम से कम 22 सीटें चाहते थे। लेकिन झामुमो और कांग्रेस उन्हें 10 से 12 सीटें देने को ही तैयार थी। इसके चलते झाविमो ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है।

झारखंड विधानसभा चुनाव में 2,26,17,612 मतदाता राज्य के 81 विधायक चुनेंगे। राज्य में कुल 1,18,16,098 पुरुष वोटर हैं। वहीं, महिला मतदाताओं की संख्या 1,08,01,274 है। 240 मतदाता थर्ड जेंडर के हैं। जनवरी-2019 में जारी मतदाता सूची के अनुसार राज्य में जहां कुल वोटर 2,19,81,172 थे, वहीं आठ माह में यह संख्या 6 लाख 36 हजार बढ़ी है।

स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आचार संहिता कहते है


●स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आचार संहिता कहते है....*
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रांची । स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है। चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आदर्श आचार संहिता कहते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उन नियमों का पालन करना प्रशासन, प्रत्याशी एवम राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज चुनाव घोषणा के उपरांत आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है एवम चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक लागू  रहेगी। 
*●आचार संहिता के नियम....*
 चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कई नियम भी लागू हो जाते हैं। इनकी अवहेलना कोई भी राजनीतिक दल या राजनेता नहीं कर सकता। 
 सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फायदा पहुंचाने वाले काम के लिए नहीं होगा।
 सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जायेगा।
 किसी भी तरह की सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास आदि नहीं होगा.
 किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले आर0ओ0 से अनुमति लेनी होगी।
 किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे।
 धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाएगा।
 मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि।
 किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें।
 किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें।
 राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएँ आहत होती हों।
*राजनीतिक सभा....*
 सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए।
 दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहॉँ निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है।
 सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें।
 सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें।
●जुलूस....
 जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को दें।
 जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो।
 राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात कर लें।
आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई
चुनाव आचार संहिता के नियम सख्ती से लागू होते हैं. अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके लिए सजा का प्रावधान भी है। चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। 
सरकार के कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार के नहीं, चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं। आदर्श आचार संहिता के लागू होने के पश्चात भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री या मंत्री अब न तो कोई घोषणा कर सकेंगे, न शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होगा, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुँचता हो। राजनीतिक दलों के आचरण और कार्यकलाप पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों की नजर होगी।

हज कमेटी ने नियुक्त किया जिला स्तरीय खादिमूल हुज्जाज की सूची



 राँची । झारखंड हज कमेटी के चेयरमैन जनाब रिजवान खान ने आज पूरे झारखंड के जिला स्तरीय खादिमूल हुज्जाज की सूची जारी की है । जिनका दायित्व होगा कि वह अपने-अपने जिला में वर्ष 2020 में जाने वाले लोगों को मदद करें और उनकी परेशानियों को आसान कराने में अपना योगदान दें । ताकि लोग आराम से अपने कार्यो को निपटा सके। 
 बताया कि यह कार्य में लगाए गए लोगों को निशुल्क सेवा देना है इसके लिए किसी तरह के कोई वेतन इत्यादि नहीं है यह सवाब जारिया कार्य है।
 हज कमेटी के चेयरमैन रिजवान खान साहब की यह पहल बहुत बेहतरीन है और अल्लाह से दुआ है कि रिजवान खान साहब को उनके नेक मकसद को कामयाब करें और हमें उम्मीद है कि वर्ष 2020 और उसके आगे भी लोगों को उनके द्वारा राज्य सरकार के द्वारा ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

Thursday, October 31, 2019

पत्रकारों, वकीलों और व्हाट्सएप सॉफ्टवेयर का उपयोग करने वाले लोगों पर निशाना साधने के लिए....

पत्रकारों, वकीलों और व्हाट्सएप सॉफ्टवेयर का उपयोग करने वाले लोगों पर निशाना साधने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए विपक्ष ने ताजा गोला बारूद दिया है।

 व्हाट्सएप स्पायवेयर के कम से कम दो पीड़ित खुले में बाहर आए हैं ताकि यह पुष्टि की जा सके कि वे कथित स्नूपिंग के संबंध में फेसबुक के स्वामित्व वाले चैटिंग ऐप के साथ संचार में थे।

 मानवाधिकार कार्यकर्ता बेला भाटिया और निहाल सिंह राठौड़ - भीमा कोरेगांव मामले से जुड़े एक वकील - ने व्हाट्सएप द्वारा अलर्ट प्राप्त करने की पुष्टि की है कि उनके फोन दो सप्ताह की अवधि के लिए मई 2019 तक अत्याधुनिक निगरानी में थे।

 स्क्रॉल.इन के अनुसार, 10 कार्यकर्ताओं ने व्हाट्सएप से संदेश प्राप्त करने की पुष्टि की और उन्हें अवैध जासूसी के बारे में बताया।  अन्य आठ हैं जगदलपुर लीगल एड ग्रुप की शालिनी गेरा, दलित अधिकार कार्यकर्ता डिग्री प्रसाद चौहान, अकादमिक आनंद तेलतुम्बडे, छत्तीसगढ़ के शुभ्रांशु चौधरी, दिल्ली से पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स के आशीष गुप्ता, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर सरोज गिरि, पत्रकार सिदांत सिब्बल।  और स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा।

 व्हाट्सएप के भारत में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के निगरानी के लक्ष्य होने के बाद यह आया है।  अवैध जासूसी के शिकार लोग इजरायली स्पाइवेयर, पेगासस का उपयोग करते हुए अज्ञात संस्थाओं द्वारा जासूसी करने वालों में से थे, जो एक इज़राइली कंपनी द्वारा बनाया गया एक सॉफ्टवेयर है।

 व्हाट्सएप ने कहा कि वह NSO ग्रुप, इजरायली सर्विलांस फर्म पर मुकदमा कर रहा था, जो कथित तौर पर प्रौद्योगिकी के पीछे है जिसने अनाम संस्थाओं की जासूसों को लगभग 1,400 उपयोगकर्ताओं के फोन में हैक करने में मदद की।

 ये उपयोगकर्ता चार महाद्वीपों में फैले हुए हैं और इनमें राजनयिक, राजनीतिक असंतुष्ट, पत्रकार और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं।

13 लाख निजी विद्यालय के शिक्षकों पर लटकी तलवार


एनसीटीई द्वारा NIOS से किए गए डीएलएड कोर्स को सरकारी शिक्षक नौकरी में अमान्य कर दिए जाने से देशभर के 13 लाख निजी विद्यालय के शिक्षकों पर तलवार लटक गई है । दरअसल सरकार ने निजी विद्यालय के शिक्षकों त किए जाने के चलते राष्ट्रीय मुक्त विश्व विद्यालयीन संस्थान यानी NIOS ( किली से डीएलएड पाठ्यक्रम कराया , जिसका रिजल्ट हाल ही में जारी हुआ है । लेकिन निजी विद्यालय के शिक्षकों ने सरकारी शिक्षक की नौकरी की चाह में इस कोर्स में गहरी दिलचस्पी दिखाई । प्रदेश में गत माह संपन्न हुईवर्ग 2 कीशिक्षक पात्रता परीक्षा में भी NIOS को डिग्री के आधार पर हजारों ऐसे शिक्षकों ने परीक्षा भी दे दी है । अब उन्हें सरकारी नियुक्ति का इंतजार है । लेकिन एनसीटीई ने हाल ही में कह दिया है कि नीओस से डीएलएड सरकारी शिक्षक नौकरी में अमान्य है । और इसी के साथ भूचाल आ गया है और मामला केंद्रीय कैबिनेट व प्रधानमंत्री तक पहुंच गया है । प्राप्त जानकारी के अनुसर प्रदेश में करीब 3 लाख जवकि देशभर में 13 लाख निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने नीओस से डीएलएड किया है । एनसीटीई के फैसले अब अभ्यर्थियों में चिंता व्याप्त हो गई दरअसल निजी विद्यालय के शिक्षकों ने नौकरी की आस में NIOS से डीएलाड किया कि उन्हें सरकारी भर्ती में इसकी मान्यता मिलेगी । लेकिन गत दिनों एनसीटीई ने इस पाठ्यक्रम को सरकारी शिक्षक नौकरी के लिए अमान्य कर दिया नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग( एनआईओएस ) की ओर से आयोजित विशेष डीएलएड को बतौर शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्यता न देने का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गया बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट प्रधानमंत्री ने इस मामले पर चिंता और मानव संसाधन विकास मंत्री पोखरियल निशंक को इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया । प्रधानमंत्री से निर्देश मिलने बाद निशंक ने अधिकारियों से इस बारे सभी पक्षसामने लाने को कहा है । राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षण संस्थान ( एनसीटीई एचआरडी मंत्री को मन्यता न देने फैसले के पीछे अतिरिक्त महाधिवक्ता की राय को आधार बताया है । वहीं एनआईओएस चेयरमैन प्रोफेसर सीबी शर्मा ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है । मालूम हो कि NIOS माध्यम से 15 महीने के डीएलएड कार्यक्रमको निजी विद्यालय के शिक्षकों लिए आयोजित किया गया था अप्रशिक्षित थे और शिक्ष के अधिकार कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा था। साथ ही सरकारी नौकरी में लाभ को देखते हुए उहोंने एनआईओएस से यह कोर्स किया था इस पाठ्यक्रमको लेकर संसद में कनून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई । कोर्स करने के बाद जब बिहार में निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकारने एनर मांगी कि शिक्षक भर्ती के लिए क्या नीओससे डीएलएड डिग्री योग्य है , तब एनसीटीई ने इस अमान्य बना दिया । अब यही स्थिति प्रदेश में भी उत्पन्न हो रही है , क्योंकि इस डिग्री के आधार पर गत माह हुईवर्ग दो शिक्षक की परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है ।

गिरीडीह के बेंगाबाद छठ घाट में लगी है गंदगी का अम्बार,ग्रामीणों ने की सफाई व ब्रेकेटींग की मांग

 
 


गिरीडीह । बेंगाबाद के मशहूर मन्डा आहर तालाब जहाँ  छठ पर्व में छठव्रतियों व श्रद्धालुओ का जनसमूह उमड़ता है, वर्षो से लोगो का इस तालाब से आस्था और विश्वास जुड़ा हुआ है ।वहाँ इस वर्ष छठव्रतियों पर गिर सकती है गाज ।गंदगी के अलावे मरम्मती के दौरान काफी गहरा खुदाई हो जाने से छठव्रतियों को अर्घ देने में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। वही बड़ी घटना से इनकार भी नही किया जा सकता है ।

स्वच्छता ओर ब्रेकेटिंग की व्यवस्था नही हुई तो स्थानीय ग्रामीण करेंगे जनप्रतिनिधियो का कड़ा विरोध ।
घाट किनारे गंदगी के अम्बार तो आम बात है शोच भी इतने पड़े है कि लोगो को खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा है ।

स्थानीय सबंधित विभाग जनप्रतिनिधियो में उदासीन रवैये के कारण आस्था विस्वास के पावन पर्व में श्रद्धालुओ के साथ सौतेला ब्यवहार से लोगो मे भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है ।

इधर समाजिक कार्यकर्ता कृष्णा पांडे हेमलाल पांडे वार्ड सदस्य मनोज साव आदि ने अविलम्ब स्वच्छता और ब्रेकेटिंग की ब्यवस्था की मांग की है ।

ट्रेन में अंडा उबाल रहे थे यात्री, सिलेंडर फटते ही 3 बोगियां खाक




पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हुआ. यहां कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस में सिलेंडर में धमाका होने की वजह से तीन बोगियां जल गईं. इस हादसे में 60 लोगों से अधिक की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं. बताया जा रहा है कि ट्रेन में कुछ लोग अंडा उबाल रहे थे, तभी सिलेंडर में आग लग गई और ये बड़ा हादसा हुआ.

पाकिस्तानी अखबार Dawn ने वहां के रेल मंत्री शेख राशिद के हवाले से लिखा है कि रेल में कुछ यात्री नाश्ता बना रहे थे, इसी वक्त सिलेंडर में धमाका हो गया. इसी वजह से आग फैलती गई और लोग झुलस गए. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, कुछ लोग ट्रेन में अंडे उबाल रहे थे, तभी आग लगी और फैलती गई.

पाकिस्तानी रेल मंत्री शेख राशिद ने कहा कि जिन तीन बोगियों में आग लगी है, दो  इकॉनोमी क्लास की थीं. जबकि तीसरी बोगी बिजनेस क्लास की थी. सोशल मीडिया पर इस हादसे की कुछ तस्वीरें और वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं...
बता दें कि ये ट्रेन कराची से रावलपिंडी जा रही थी. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सुबह की नमाज़ पढ़ने के बाद यात्री नाश्ता बना रहे थे और तभी सिलेंडर में धमाका हुआ. लगातार दो सिलेंडरों में धमाका हुआ, यही कारण है कि तीन बोगियों में आग फैलती चली गई.

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, तीन बोगियों में करीब 200 से अधिक लोग सवार थे. जो एक जलसे में हिस्सा लेने जा रहा थे. जिन लोगों की हादसे में मौत हुई है, उनमें अधिकतर पुरुष शामिल हैं.

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह चौहान का निधन,देश भर के पत्रकारों में शोक की लहर


 रांची।अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवम् वरिष्ठ पत्रकार योगेन्द्र सिंह चौहान का गुरुवार को अहमदाबाद में निधन हो गया । राष्ट्रव्यापी पत्रकार संगठन अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ शीर्ष पत्रकार जिग्नेश कलवाड़ीया ने इसे पत्रकार  जगत और एबीपीएसएस  के लिए बड़ी क्षति बताया है।उन्होने कहा कि पत्रकारिता तथा पत्रकारों के प्रति देश भर में उत्पन्न असुरक्षा की स्थिति को लेकर वे हमेशा संघर्षशील रहे।वहीं संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राकेश सिंह परिहार ने कहा कि वे एक जमीनी पत्रकार थे तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में समाजिक मुद्दों से सदा जद्दो जहद करते रहे, ईश्वर इस पवित्र आत्मा को शांति प्रदान करे।
 एबीपीएसएस के सैय्यद खालिद कैश ने कहा कि चौहान साहब ने अपनी जिंदा दिली से कई बार अपनी बीमारियो यहाँ तक कि हृदय घात तक को चकमा देकर पत्रकार हित का नारा बुलंद किया। ABPSS संगठन के सबसे जांबाज सेनापति के आकस्मिक निधन से सम्पूर्ण संगठन को अपूर्णीय क्षति पहुंची है।
 एबीपीएसएस झारखण्ड  के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश तिवारी ने कहा कि चौहान भैया में गजब की इच्छाशक्ति व साहस था,उप्र के राष्ट्रीय सम्मेलन में उनसे हुई भेंट आजीवन स्मरण रहेगा,जब उन्होनें देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति में कलमकारों के कर्तव्यों व भूमिका पर कई बेबाक राय प्रकट कर सभी पत्रकारों में साहस का संचार कर दिया,वे एक साहसी व स्वाभिमानी पत्रकार थे।साथ ही झारखण्ड इकाई के श्री प्रसाद सोनी,
 प्रीतम पांडेय,दिलीप विश्वकर्मा,शंकर मंडल,राजेन्द्र प्रसाद,बैजनाथ महतो,शमशेर आलम,अंकित सिन्हा,अजीत मिश्रा,मनीष सिंह,कृष्ण कु यादव,दीपक राज आदि ने भी शोक संवेदना व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि प्रकट की।

Wednesday, October 30, 2019

भारत, यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि मंडल ने कश्मीर का दौरा किया

 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय संघ के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात में कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने और उसे प्रायोजित करने वालों के ख़िलाफ़ तत्काल कार्यवाही की आवश्यकता है।
सोमवार को होने वाली इस मुलाक़ात में नरेन्द्र मोदी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि आतंकवाद को तनिक भी सहन करने की नीति होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने इस मुलाक़ात के बाद जम्मू-कश्मीर का दौरा भी किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि सांसदों का देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा उपयोगी होगा और जम्मू कश्मीर की यात्रा से उन्हें जम्मू, कश्मीर और लद्दाख क्षेत्रों की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता की बेहतर समझ हो सकेगी।
भारत के प्रधानमंत्री ने यह उम्मीद भी जतायी कि इससे उन्हें क्षेत्र के विकास और शासन की प्राथमिकताओं के बारे में स्पष्ट दृष्टिकोण मिल सकेगा।
उन्होंने व्यापार करने में सुगमता संबंधी रैंकिंग में सुधार का भी उल्लेख किया जो 2014 में 142 थी और अब 63 हो गयी है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विशाल आकार, जनसांख्यिकी और विविधता वाले देश के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वैश्विक लक्ष्य से पांच साल पहले अर्थात 2025 तक भारत टीबी ख़त्म कर देगा। (AK)

Tuesday, October 29, 2019

शिवसेना-बीजेपी में और बढ़ी तकरार, बैठक हुई रद्द; संजय राउत बोले- बैठक का कोई मतलब नहीं


मुंबई। महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है जबकि बीजेपी और उसके सहयोगी दल शिवसेना में तकरार और बढ़ती जा रही है। मंगलवार को संध्या चार बजे की बैठक शिवसेना और बीजेपी के बीच नहीं हो पाई।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा- बीजेपी और शिवसेना के बीच आज चार बजे की बैठक सूचीबद्ध थी। लेकिन, अगर खुद मुख्यमंत्री कहते हैं कि 50-50 के फॉर्मूले पर कोई चर्चा नहीं हुई तो फिर क्या बात होगी? किस आधार पर उनसे हम बात करेंगे? इसलिए, उद्धव जी ने आज की बैठक रद्द कर दी है।उन्होनें चालीस वर्षों से प्रकाशित पत्र सामना का भी हवाला दिया ।

अमेरिकी सेना ने बगदादी के विकल्प कर्दाश को भी उतारा मौत के घाट


गौरतलब है कि बगदादी के मारे जाने की खबरों के बाद यह जानकारी भी सामने आई थी कि आइएस ने अब अब्दुल्लाह कार्दश को अपना सरगना चुन लिया।
अपने उद्भव के बाद कुछ ही समय में समूची दुनिया में खौफ और बर्बरता का पर्याय बन चुके संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया यानी आइएसआइएस के सरगना अबू-बकर अल-बगदादी के मारे जाने की खबर को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी घटना के रूप में दर्ज किया जाएगा। यों इससे पहले भी कई बार उसके मारे जाने की खबरें आईं, लेकिन कुछ समय बाद वे निराधार साबित हुईं थी।
इधर,अब से कुछ घन्टे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्विटर पर एक बयान साझा कर कहा है कि बगदादी के विकल्प कार्दश को भी समाप्त कर दिया गया है।

अबू बक्र-अल बगदादी को भी ओसामा बीन लादेन की तरह समुद्र में दफना दिया गया


 अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख ने कहा कि इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बक्र-अल बगदादी का अंतिम संस्कार अमेरिका के सशस्त्र संघर्ष कानून के अनुरूप किया गया है ।   इससे पहले अलकायदा सरगना ओसामा बिन-लादेन को इसी तरह समुद्र में दफनाया गया।ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल मार्क मिले ने पत्रकारों से कहा, 'बगदादी के शव को फोरेंसिक डीएनए जांच के लिए एक सुरक्षित केंद्र ले जाया गया था ताकि उसकी पहचान की पुष्टि की जा सके और उसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया. यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसे उचित तरीके से किया गया.'
जनरल मिले ने एक सवाल के जवाब में बताया कि अमेरिकी बलों को घटनास्थल (बगदादी जहां मारा गया) से आईएसआईएस से जुड़ी और भविष्य की उनकी योजनाओं से संबंधी सामग्री भी मिली.                                 ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख ने कहा, 'वहां से कुछ सामान भी मिला है. पूरी जांच होने तक मैं उसके बारे में अधिक जानकारी नहीं देना चाहूंगा....'

जनरल मिले ने बताया कि अमेरिकी बलों ने बगदादी के दो साथियों को भी पकड़ा है. उन्होंने कहा, 'दो पुरुषों को पकड़ा गया है जो अभी हिरासत में हैं.'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अमेरिका के विशेष बलों के हमले में बगदादी के मारे जाने की घोषणा की थी. बताया गया था कि उत्तरपश्चिमी सीरिया में अमेरिका के स्वान दस्ते ने एक तरफ से बंद सुरंग में आईएस सरगना का पीछा किया और जब उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा तो उसने आत्मघाती जैकेट में विस्फोट करके खुद को और तीन अन्य को उड़ा लिया था.

Monday, October 28, 2019

दीपावली की रात हत्यारों नें पति पत्नी और पुत्री की गोलियाँ बरसाकर की निर्ममतापूर्वक हत्या,बाद में हथियार लहराते चले गये


बेगूसराय । सिंघौल ओपी थाना क्षेत्र के मचहा गांव में रविवार की रात लगभग 10:30 बजे में चार से पाँच की संख्या में हथियार के साथ आये अपराधियों ने एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करके आराम से हथियार लहड़ाते हुए चलते बने। तीनों मृतको की पहचान मचहा गांव निवासी अशोक सिंह के 40 वर्षीय पुत्र कुणाल सिंह तथा मृतक की पत्नी 35 वर्षीया कंचन देवी और उनकी पुत्री 17 वर्षीया इंटर की छात्रा सोनम कुमारी के रूप में हुई ।घटना की सूचना मिलते ही मचहा गांव समेत आसपास के गांव में सनसनी फैल गई ।दीवाली का पर्व मना रहे लोगों में मातमी सन्नाटा पसर गया ।घटना के बाद मचहा गांव के ग्रामीण कुछ भी बताना नहीं चाह रहे थे। सूचना मिलते ही देर रात्रि में एसपी आकाश कुमार ,सदर डीएसपी राजन सिन्हा ,मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजविन्दु प्रसाद ,नगर थाना अध्यक्ष अमरेंद्र झा और सिधौल ओपी अध्यक्ष मनीष कुमार सशस्त्र पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी और डीएसपी ने मिलकर घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के बड़े पुत्र शिवम और छोटे पुत्र सत्यम के अलावे अन्य ग्रामीणों से घटना के संबंध में गहण पूछताछ की, तथा शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर देर रात्रि में बेगूसराय सदर अस्पताल पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया ।पुलिस के द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह रात्रि में छापेमारी की गई ।लेकिन कोई सफलता पुलिस को हाथ नहीं लगी ।घटनास्थल पर से पुलिस ने मृतकों के पास से 16 गोली का खोखा बरामद किया है।

बग़दादी का शव और ट्रम्प का खेल!


  न्यूज़ डेस्क।
अमरीका के राष्ट्रपति ने कहा है कि आतंकी संगठन दाइश का सरग़ना अबू बक्र अलबग़दादी मारा गया है।
डोनल्ड ट्रम्प ने वाइट हाउस में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि अलबग़दादी अपने कई साथियों के साथ मारा गया है और उसने विस्फोटक जैकेट का धमाका करके अपना अंत किया। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस कार्यवाही के एक भाग पर नज़र रखी थी। ट्रम्प ने कहा कि इस कार्यवाही में एक भी अमरीकी सैनिक नहीं मारा गया। उन्होंने कहा कि अलबग़दादी ने एक सुरंग से फ़रार होते समय विस्फोटक जैकेट का धमाका किया जिसमें वह और उसके तीन बच्चे मारे गए। इससे कुछ घंटे पहले उन्होंने एक ट्वीट करके कहा था कि अभी अभी एक बहुत बड़ी घटना हुई है।
 
बेहतर होगा कि हम आजसे लगभग आठ साल पहले की एक घटना पर नज़र डालें। पहली मई सन 2011 को ग्रीनविच समय के अनुसार पांच बजे शाम को अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के आदेश पर आतंकी संगठन अलक़ाएदा का सरग़ना उसामा बिन लादेन, अमरीकी सैनिकों के हाथों पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अपने गुप्त ठिकाने में मारा गया। बराक ओबामा ने उसी दिन वाइट हाउस में ऐलान किया कि बिन लादेन को अमरीकी सेना ने मार गिराया है। बिन लादेन को नाइन इलेवन की घटना के बाद से ही तलाश किया जा रहा था। ओबामा ने कहा था कि कई महीने से उसामा बिन लादेन के बारे में सूचनाए इकट्ठा की जा रही थीं और अप्रैल में उसके गुप्त ठिकाने के बारे में हम ठोस सूचना मिल गई जिसके बाद अमरीकी सैनिकों ने पाकिस्तान में घुस कर कार्यवाही की और उसामा बिन लादेन को मार गिराया। उसका शव इस समय हमारे पास है।
 
इस समय भी अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अबू बक्र अलबग़दादी के एक विशेष अभियान में मारे जाने की सूचना दी है। अब जो सबसे अहम सवाल सामने आता है वह यह है कि क्योंकि संसार के दो सबसे बड़े आतंकी, आठ साल के अंतराल से अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक एक साले पहले और वह भी अमरीकी कमांडोज़ के हाथों मारे गए हैं? जिस समय बिन लादेन मारा गया था, उस समय अमरीका में कराए गए सर्वेक्षणों में बराक ओबामा की हालत पतली थी और उनका चुनाव जीतना मुश्किल दिखाई दे रहा था। उन्होंने बिन लादेन की हत्या को अपने एक बड़े कारनामे के तौर पर अमरीकी जनमत में पेश किया और वर्ष 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में कामयाब हो गए! उन्होंने बिन लादेन की मौत को अमरीका की सुरक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया था।
 
अब सन 2019 ख़त्म होने के क़रीब है। अमरीका में जो सर्वेक्षण कराए गए हैं उनके परिणामों से यही इशारा मिलता है कि अगले चुनाव में ट्रम्प का जीतना मुश्किल है। अब ट्रम्प भी कुछ दिनों के बाद से ही अबू बक्र अलबग़दादी की मौत और कई टुकड़ों में बंट चुके उसके शव के चित्र जारी करके इसे अमरीका की सुरक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करेंगे।
 
सच्चाई यह है कि अमरीकी अधिकारियों द्वारा वाइट हाउस के पैदा किए हुए आतंकियों को हथकंडे के रूप में प्रयोग करना कोई नई बात नहीं है । लेकिन 2012 और 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से एक साल पहले बिन लादेन और अलबग़दादी के प्रयोग की तारीख़ ख़त्म होना, इस कहानी को रोचक बना देता है। अब देखना यह है कि ट्रम्प अलबग़दादी की लाश से कितना फ़ायदा उठा पाते हैं? (HN)

Sunday, October 27, 2019

गिरीडीह के पारसनाथ स्टेशन के निकट मिली एक व्यक्ति की लाश


रिपोर्ट:  युगल किशोर।  निमियाघाट।      निमियाघाट  थाना अंतर्गत पारसनाथ रेलवे स्टेशन से  निमियाघाट स्टेशन के बीच रोशना टुंडा के रेलवे फाटक से 500 मीटर की दूरी पर डाउन रेलवे लाइन के ट्रैक में पोल संख्या 313/20 -21 के मध्य एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया। पूछने पर रेलवे कर्मचारी के टीमैन निर्मल गोप ने बताया कि रविवार को सुबह जब 6:30 बजे रेलवे लाइन से गुजर रहा था तभी देखा कि एक व्यक्ति की लाश डाउन रेलवे लाइन पर पड़ी है ।जिसके बाद निमियाघाट रेलवे स्टेशन   मास्टर को  सूचित  किया। जिसके बाद गोमो के आरपीएफ, जो निमियाघाट स्टेशन पर कार्यरत है, आरपीएफ के पुलिस जवान एस. आर. पाठक  को सूचना दी गयी। सूचना मिलते ही घटना स्थल पर  पहुंचे।जिसके बाद गोमो जीआरपी को सूचना दिया गया। जीआरपी ने कहा कि घटनास्थल उनके क्षेत्र से बाहर है ।
जीआरपी ने कहा कि मामला नजदीकी थाना का है । जिसके बाद निमियाघाट थाना प्रभारी ने एएसआई धनंजय कुमार को भेज कर लाश को अपने कब्जे में लेकर निमियाघाट थाना लाया।जिसके बाद निमियाघाट  प्रभारी ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया ।

दीपावली:दीपों का त्योहार प्रकाश पर्व पर करें श्री गणेश व लक्ष्मी जी का पूजन



दीपावली निश्चित तौर पर भारत में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा हिंदू त्यौहार है। दीपावली को मनाया जाता है ‘दीप, जिसका मतलब है रोशनी’ और ‘वली जिसका मतलब है पंक्ति’, अर्थात रोशनी की एक पंक्ति। दीपावली का त्यौहार चार दिनों के समारोहों से चिह्नित होता है, जो अपनी प्रतिभा के साथ हमारी धरती को रोशन करता है और हर किसी को अपनी खुशी के साथ प्रभावित करता है।
दीवाली या लोकप्रिय रूप से दीपावली के नाम से जाना जाने वाला यह त्योहार भारत में सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। दीवाली दुनिया भर में रोशनी का एक भारतीय त्योहार, चमकदार प्रदर्शन, प्रार्थना और उत्सवपूर्ण त्योहार है।
दीपावली हर भारतीय परिवार में मनाया जाता है। दीवाली का जश्न एक सप्ताह के लिए मनाया जाता है, प्रत्येक दिन अलग-अलग समारोह होते हैं।
चार दिन की दीवाली के उत्सव को विभिन्न परंपराओं से चिह्नित किया गया है, लेकिन जीवन का उत्सव, उत्साह, आनंद और भलाई स्थिर रहती है। दीवाली को इसके आध्यात्मिक महत्व के लिए मनाया जाता है, जो अंधेरे पर रोशनी की विजय का प्रतीक है, बुराई पर अच्छाई की जीत, अज्ञानता पर ज्ञान और निराशा की उम्मीद है।

 27 अक्टूबर 2019

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त = 19:14 से 20:27
अवधि = 1 घंटे 12 मिनट
प्रदोष काल = 17:59 से 20:27
वृषभ काल = 19:14 से 21:18

दिवाली कैलेंडर सूची

दीपावली पहला दिन

द्वादशी

गोवत्स द्वादशी,वसु बरस

23
अक्तूबर, 2019
(बुधवार)
द्वादशी

दीपावली दूसरा दिन

त्रयोदशी

धनतेरस,धन्वन्तरि त्रयोदशी,यम दीपम

24
अक्तूबर, 2019
(गुरुवार)
त्रयोदशी

दीपावली तीसरा दिन

चतुर्दशी

काली चौदस,नरक चतुर्दशी,हनुमान पूजा,तमिल दीपावली

25
अक्तूबर, 2019
(शुक्रवार)
चतुर्दशी

दीपावली चौथा दिन

अमावस्या

दिवाली,लक्ष्मी पूजा,केदार गौरी व्रत,चोपड़ा पूजा,शारदा पूजा,दिवाली स्नान,दिवाली देवपूजा,द्युता क्रीड़ा,गोवर्धन पूजा,अन्नकूट,बलि प्रतिपदा

26
अक्तूबर, 2019
(शनिवार)
अमावस्या

दीपावली पांचवां दिन

प्रतिपदा

गुजरती नया साल,भैया दूज,भौ बीज,यम द्वितिया

27
अक्तूबर, 2019
(रविवार)
प्रतिपदा

दिवाली का अर्थ क्या है?

भारत में दीपावली निश्चित रूप से सबसे बड़े हिंदू त्यौहार के रूप में मनाया जाता है । दीपावली दो शब्दों 'दीप' जिसका अर्थ है प्रकाश और 'अवली' जिसका अर्थ है पंक्ति का संयोजन है यानी, रोशनी की एक पंक्ति। दीपावली का त्योहार उत्सव के पांच दिनों के द्वारा चिह्नित किया जाता है जो आसपास के वातावरण और परिवेश को उत्साह, उत्सव, प्रतिभा, खुशी, बहुतायत और खुशी के साथ भरता है।

दिवाली कब है?

हिंदू महीने कार्तिक में वर्ष की सबसे अंधेरी रात दिवाली का मुख्य त्यौहार मनाया जाता है। यह त्यौहार कार्तिक अमावस्या पर आता है, यानी कि कार्तिक के महीने में नई चंद्रमा की रात पर।

दिवाली क्यों मनाई जाती है?

हालांकि, सभी कहानियां और इतिहास बुराई पर अच्छाई की विजय के समान सत्य की ओर इशारा करते हैं, लेकिन हर कहानी एक अद्वितीय सार और अपने स्वयं के संदेश से जुड़ी है।
दिवाली की शुरुआत प्राचीन भारत में हुई थी। दिवाली का इतिहास कई किंवदंतियों से जुड़ा हुआ है जो हिंदू धार्मिक ग्रंथों, आमतौर पर पुराणों में वर्णित हैं।
दिवाली को रोशनी का त्यौहार माना जाता है। यह हमारे भीतर शक्ति, ज्ञान और गुणों के दीपक को प्रकाश देने के दिन के रूप में सम्मानित किया जाता है। इस जीवंत त्यौहार के पांच दिनों में से प्रत्येक हमें कुछ सिखाता है और हर एक दिन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
यह व्यापक रूप से माना जाता है कि दीवाली वह दिन है जब समृद्धि की हिंदू देवी, माता लक्ष्मी पृथ्वी पर अवतरित होती हैं और लोगों को खुशी और धन के साथ आशीर्वाद देती है। इसलिए इस शुभ अवसर पर उनका स्वागत करने के लिए नए कपड़े, रंगीन सजावट और रोशनी का सुंदर प्रदर्शन किया जाता है।  क्या हम पटाखों के बिना दिवाली मना सकते हैं?

दीवाली एक चमकदार उत्सव महिमा का जश्न मनाने और उसका आनंद लेने का समय है। पटाखे और आतिशबाजी इस उत्सव का एक अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे। लेकिन, धीरे-धीरे लोग पर्यावरण की चिंता के बारे में अधिक जागरूक हो रहे हैं, तो पटाखों का उपयोग काफी कम हो गया है।
न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है बल्कि पटाखों का शोर भी जानवरों, पालतू जानवरों, शिशुओं, छोटे बच्चों, वृद्ध लोगों और अस्थमा रोगियों के लिए अत्यधिक परेशानी का कारण बनता है
तो, यह एक और सभी के लिए कुछ अच्छा करने का समय है। वायु प्रदूषण और शोर प्रदूषण करने की बजाय, लोगों को दीवाली को पारिस्थितिक अनुकूल तरीके से मनाने के लिए प्रोत्साहित करें।
इको-फ्रेंडली पटाखों का उपयोग करें जो विशेष रूप से पुनर्नवीनीकरण सामग्री या कागज से बने होते हैं। ये पटाखे इतना प्रदूषण नहीं करते हैं और इन पर्यावरण-अनुकूल पटाखों के फटने से उत्पादित शोर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमाओं के भीतर भी होता है।                                 
दिवाली पर कौन सी मिठाइयां खायी जाएं?

दिवाली का त्यौहार कुछ मुंह में पानी लाने वाली मिठाइयों के बिना अधूरी है जो अवसर की मिठास को बढाती हैं । दिवाली की पूर्व संध्या पर किए गए कुछ पारंपरिक व्यवहारों में  शाक, गुजीया, बरफी, पिन्नी, मावे की कचोरी, गाजर का हलवा , लेगियाम, चिरोती, पुराण पोली, रसबली और अनारसा शामिल हैं।

वास्तव में यह हैं डुमरी विधान सभा के सच्चे सुल्तान!





डुमरी(गिरिडीह)। जी हाँ,ये है डुमरी स्थित बालेडीह ग्राम के सुलतान दाढ़ी ।जहाँ एक ओर देश भर में धन धान्य तथा शुद्धता व स्वच्छता माता लक्ष्मी के पूजन और हर्ष का पर्व दीपावली मनाने में हम सभी व्यस्त हैं। चहुँओर खुशियों की धूम मची है।वहीं सुल्तान एक गरीब व असहाय परिवार के अश्रुपूर्ण नेत्रों से आँशू पोछ्ने में लगे हैं। झारखंड विकास मोर्चा के इस नेता ने राजनीति के गलियारे से हट कर डुमरी विधान सभा के अमरा पंचायत के अंतर्गत पारगो तिलैया के चोपा मांझी की अचानक हुई मौत की खबर सुन सीधे पहुँच गये उनके घर । 


मृतक मांझी गुजरात के किसी टावर लाइन कम्पनी में काम करता था ।वहीं  अचानक उसकी तबियत खराब हो गई । वहां के साथी उसे लेकर गांव  पहुंंचा आए। उसकी  तबियत बेहद खराब हो गया थी । घर से चिकित्सा  हेतु    अस्पताल ले जाने के क्रम में उसने दम तोड़ दिया।वही अस्पताल  पहूंचने के  बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।
उसके चार पुत्री एवं 5 वर्ष का एक पुत्र है
।खबर मिलने पर सुलतान ने पहुँच कर परिजनों को सांत्वना ही नहीं दी।बल्कि बिना किसी याचना के उन्हें तत्काल दस हज़ार रूपये की नगद आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उनके ग्राम बालेडीह पहुँचे हमारे रिपोर्टर को उन्होनें बताया कि परिजनों के घर में एक दाना अन्न नहीं था,और उपर से दरवाजे पर एकमात्र कमाऊ सदस्य की लाश पड़ी थी ।यह जानकर सुल्तान सहम गये।तुरन्त एक माह का खाद्यान्न की व्यवस्था की गयी।
 
वहीं उस गरीब परिवार के घर कोई भी अन्य अधिकारी अथवा समाजसेवी नहीं पहुँचे।
आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे ही हैं,सुलतान दाढ़ी । बीते 15 वर्षों सबकी नि:स्वार्थ मदद करते आ रहे हैं 
चाहे वो किसी भी धर्म या जाति के हों। आगामी विधानसभा चुनाव को ले उन्होनें बातचीत के क्रम में बताया कि दल उनके लिए कोई मायने नही रखती,यदि आवश्यक हुआ तो वे निर्दलीय ही डुमरी विधान सभा से चुनाव लडेंगे । कहा कि उन्होनें झारखण्ड के प्रथम मुख्य मंत्री रहे झारखण्ड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबू  लाल मरांडी में आस्था व्यक्त कर हाल ही में पार्टी का दामन  थामा है,उनके नेतृत्व में ही झारखण्ड का सच्चा विकास हो सकेगा ।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...