न्यूज़ डेस्क । लखनऊ। उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न प्रदेशों के पत्रकारों, छायाकारों व मीडिया कर्मियों पर हो रहे जानलेवा हमले की घटनाओं को रोकने में नाकाम सरकारों के खिलाफ देश भर के पत्रकारों के लामबंद होने का वक्त आ गया है। उक्त उदगार अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश कलवाडिया ने लखनऊ में आयोजित समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि तमाम पत्रकार संगठन पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने के एबीपीएसएस के महाअभियान में आगे बढ़कर सहयोग करें। ताकि पत्रकारों के माध्यम से देश की जनता को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार उपलब्ध कराने में वाधक असामाजिक तत्वों को मुंहतोड़ जबाब दिया जा सके।
शुक्रवार को सम्पन्न बैठक में देश भर में पत्रकारों पर हो रहे हमले तथा उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने में नाकाम सरकारों की तन्द्रा तोड़ने के लिए आंदोलनों के जरिये पत्रकारों को जगाने का एक स्वर से संकल्प ब्यक्त किया गया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यवर जिग्नेश कलवाडिया की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में यह तय किया गया कि गुजरात तथा छतीसगढ़ की तर्ज पर उत्तर प्रदेश, बिहार , मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा , दिल्ली , झारखंड, पंजाब तथा उत्तराखंड में एक माह के भीतर राज्य कार्यकारिणी का गठन अनिवार्य रूप से कर लिया जाएगा। इन प्रदेशों में प्रदेश अध्यक्षों के अलावा एक -एक संयोजक तथा एक -एक कार्यकारी अध्यक्षों का मनोनयन किया जाएगा।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक चार माह के उपरांत राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अलग अलग प्रदेशों में आयोजित कर संगठन के क्रिया कलापों पर चर्चा की जाएगी तथा आय व्यय के विवरण का लेखा जोखा लिया जाएगा।
बैठक में उपस्थित तीनों राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को प्रति सप्ताह संगठन व पत्रकारों की वर्तमान गतिविधियों व हालात पर प्रेस विज्ञप्ति जारी करने होंगे जो देश भर के प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक व वेब पोर्टल आदि प्रकाशित व प्रसारित करेंगें। जिन प्रदेशों में संगठन अपना आकार ले चुका है उन प्रदेशों के पदाधिकारियों को सदस्यता फार्म उपलब्ध कराया गया तथा उन्हें तत्काल बैंक खाता संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया।
प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा पूर्व में जारी किए गए परिचय पत्र मनोनयन पत्र को अवैध करार देते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की अनुशासन समिति का गठन किया गया। राष्ट्रीय संरक्षक श्री शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में गठित अनुशासन समिति में योगेन्द्र सिंह चौहान, जगदीश यादव, मनोज कुमार सिंह , सर्वेश तिवारी तथा बीरबल शर्मा बतौर सदस्य नामित किये गए।
समीक्षा समिति का गठन
राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश कलवाडिया की अध्यक्षता में एक समीक्षा समिति भी गठित की गई जिसमें राष्ट्रीय संगठन महासचिव राकेश सिंह परिहार, संगठन महासचिव महफूज खान , राष्ट्रीय महासचिव रत्नाकर त्रिपाठी व राष्ट्रीय महासचिव खालिद कैस सदस्य मनोनीत किये गए।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि अपने निजी वाहनों पर प्रेस अथवा पत्रकार का स्टीकर लगाकर चलने से पत्रकारों को पुलिस नही रोक सकती। और यदि किसी प्रदेश में पुलिस ऐसा करती है तो संगठन के सक्षम पदाधिकारी इसकी लिखित शिकायत जिला कलेक्टर से करेंगे।
देश भर से शामिल हुए पदाधिकारी
दो सत्रों में देर रात तक चली बैठक में कर्नाटक से अमन खान, हरियाणा से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगदीश यादव, दिनेश स्वामी तथा पवन कुमार राजस्थान से राष्ट्रीय प्रवक्ता शेख रईस और विवेक मेघवाल तथा गुजरात से जीतू भाई लखकरिया, जमाल भाई और मेघराज तथा छतीसगढ़ से राष्ट्रीय सरंक्षक शंकर पाण्डेय ,राष्ट्रीय महासचिव राकेश प्रताप सिंह परिहार ,छतीसगगढ़ प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा तथा महाराष्ट्र से राष्ट्रीय महासचिव महफूज खान , रमेश भाई साहू जी तथा उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय महासचिव रत्नाकर त्रिपाठी ,प्रमेन्द्र सिंह ,पुष्पेंद्र शेखर, मुरली मनोहर सरोज तथा मध्य प्रदेश से मो जमील खान तथा बिहार राज्य से राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार सिंह आदि सदस्य शामिल हुए।

























