Saturday, August 1, 2020

वाराणसी:जल संकट से जूझ रही महिलाओं व स्थानीय नागरिकों ने सपा पार्षद के नेतृत्व में हाथों में खाली बाल्टी लेकर किया प्रदर्शन





वाराणसी।आज नरिया , भोगावीर , रश्मि नगर , पाण्डेयमहाल , रोहित नगर , में पानी न आने की शिकायत पर समाजवादी पार्टी पार्षद दल नेता कमल पटेल और पूर्व पार्षद वरुण सिंह के नेतृत्व में महिलाओं व स्थानीय नागरिकों ने हाथों में खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया । पार्षद कमल पटेल ने कहा कि सुन्दरपुर के कई मुहल्ले जलसंकट के दौर से गुजर रहे हैं लेकिन जलकल सोया रहता है । पूर्व पार्षद वरुण सिंह ने कहा आज बकरीद के दिन भी मुस्लिम बस्तियों में जलसंकट है तो अन्य मुहल्ले में भी पानी के लिए हाहाकार है , " बिन जल सब सुना है अब बिन पानी ही जीना है " । जलकल महाप्रबंधक को सूचना दी गई है उनके द्वारा भदैनी पम्प में कुछ खराबी की बात बताई गई है । जल्द निस्तारण की बात कही गई है । स्थानीय महिलाओं में हसीना , रशिदन , रुखसाना , सलमा , संगीता चौरसिया , शांति देवी , अनिशा बेगम ने बताया हम महिलाओं को घर के जरूरत वाले कामों के लिए पानी की बहुत जरूरत होती है अब आज सुबह 7 बजे से पानी न आने से की वजह से सब काम रुका पड़ा है ।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से  कमल पटेल , वरुण सिंह , गौरव श्रीवास्तव , संजय यादव , दिनेश पटेल , जितेन्द्र पटेल , अनीस , बाबू सोनकर , अनिशा बेगम , संगीता चौरसिया , रुखसाना बेगम मौजूद रहे ।

Friday, July 31, 2020

झांझ गांव के चौकीदार की मौत होने के बाद जाँच के लिए जांच शिविर लगाकर ली गई स्वाब


कृष्ण कु गुप्ता।
बिरनी/गिरिडीह।
बिरनी प्रखंड अंतर्गत बरहमसिया पंचायत के झांझ गाँव में कुल 100 लोगों की कोरोना जाँच हेतु स्वाब मेडिकल टीम द्वारा लिया गया । बताते चलें कि उक्त गॉंव के ही फागु राय(चौकीदार) की मौत 23.07.2020 को संदिग्ध हालत में हो गयी थी।लोग इनके मौत के बाद भय तथा आंशकित हो गए । सूचना पाकर स्थानीय मुखिया प्रेमचन्द प्रसाद कुशवाहा के द्वारा सेनिटाइज करवाया गया तथा मेडिकल टीम द्वारा झांझ गाँव के 100 लोगों का स्वाब जांच के लिए लिया।
मौके पर उपस्थित स्थानीय मुखिया प्रेमचन्द प्रसाद कुशवाहा द्वारा लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग,अनावश्यक घर से बाहर न निकलने ,साबुन से बार -बार हाथ धोने,मास्क तथा सेनिटाइजर का नियमित प्रयोग करनें,गर्म पानी पीने ,काढा का सेवन करने समेत कई अहम जानकारियाँ दी गयी । मेडिकल टीम के अलावा सहिया साथी गुणवंती वर्मा आदि मौजूद थी ।

Thursday, July 30, 2020

अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने श्री प्रसाद सोनी को पुनः झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया





 हजारीबाग के श्री प्रसाद स्वर्णकार को भारतीय स्वर्णकार समाज का पुनः झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।समाज के प्रति उनके निष्ठा लगन ईमानदारी एवं संस्थान के प्रति विश्वास की अभिव्यक्ति को देखते हुए तथा केंद्रीय कार्यकारिणी की सहमति से संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र कुमार राजपूत ने उन्हें झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया है।प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये जाने पर।स्व्वर्णका समाज के केंद्रीय मीडिया प्रभारी गौतम बर्मन हजारीबाग जिला अध्यक्ष मिथिलेश,अवधेश बर्मन, प्रखंड उपाध्यक्ष चमन प्रसाद स्वर्णकार,प्रदीप प्रसाद बर्मन, मंटू सोनी ,भोला सोनी समेत समाज के कई लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही कहा है कि श्री प्रसाद जी को पुनः झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने से संगठन में एक नई ऊर्जा का संचार होगा।

Wednesday, July 29, 2020

नई शिक्षा नीति: स्कूली शिक्षा में 10+2 खत्म, 5+3+3+4 की नई व्यवस्था होगी लागू




नई श‍िक्षा नीति को मोदी कैबिनेट ने बुधवार को मंजूरी दे दी. ये श‍िक्षा जगत में पूरी तरह से बदलाव लाने के लिए लाई गई है.
NEP: स्कूली शिक्षा में 10+2 खत्म, 5+3+3+4 की नई व्यवस्था होगी लागू

केंद्र की मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है. नई शिक्षा नीति में 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, इसे समझें.

अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है. इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे. फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा.

इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12). इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं.

नई श‍िक्षा नीति के कुछ खास प्वाइंट्स

-शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी जागरूक करने पर जोर.

-प्रत्येक छात्र की क्षमताओं को बढ़ावा देना प्राथमिकता होगी.

-वैचारिक समझ पर जोर होगा, रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच को बढ़ावा मिलेगा.

-छात्रों के लिए कला और विज्ञान के बीच कोई कठिनाई, अलगाव नहीं होगा.

-नैतिकता, संवैधानिक मूल्य पाठ्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होंंगी.

नई शिक्षा नीति के कुछ अन्य महत्वपूर्ण पहलू

-2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को मल्टी सब्जेक्ट इंस्टिट्यूशन बनाना होगा जिसमें 3000 से अधिक छात्र होंगे.

-2030 तक हर जिले में या उसके पास कम से कम एक बड़ा मल्टी सब्जेक्ट हाई इंस्टिट्यूशन होगा.


-संस्थानों का पाठ्यक्रम ऐसा होगा कि सार्वजनिक संस्थानों के विकास पर उसमें जोर दिया जाए.

-संस्थानों के पास ओपन डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने का विकल्प होगा.

-उच्चा शिक्षा के लिए बनाए गए सभी तरह के डीम्ड और संबंधित विश्वविद्यालय को सिर्फ अब विश्वविद्यालय के रूप में ही जाना जाएगा.

-मानव के बौद्धिक, सामाजिक, शारीरिक, भावनात्मक और नैतिक सभी क्षमताओं को एकीकृत तौर पर विकसित करने का लक्ष्य.

नई शिक्षा नीति में संगीत, दर्शन, कला, नृत्य, रंगमंच, उच्च संस्थानों की शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होंगे. स्नातक की डिग्री 3 या 4 साल की अवधि की होगी. एकेडमी बैंक ऑफ क्रेडिट बनेगी, छात्रों के परफॉर्मेंस का डिजिटल रिकॉर्ड इकट्ठा किया जाएगा. 2050 तक स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50 फीसदी शिक्षार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा में शामिल होना होगा. गुणवत्ता योग्यता अनुसंधान के लिए एक नया राष्ट्रीय शोध संस्थान बनेगा, इसका संबंध देश के सारे विश्वविद्यालय से होगा.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...