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Thursday, March 21, 2024

सरकारी अस्पताल में बंध्याकरण कराने पहुंची शोभा की स्थिति बिगड़ी, रिम्स में जिंदगी और मौत से लड़ रही है



गिरिडीह।

कहते हैं कि अयोग्य चिकित्सकों के कारण समाज के गरीब तबके ही अधिकतर शिकार होते हैं।ये कथित डॉक्टर अर्थिकोपार्जन की लालसा में मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करते कहे जाता हैं।लेकिन जब सरकारी अस्पताल की स्थिति इतनी बद्तर हो जाएगी कि ऑपरेशन में किसी मरीज के इंटेस्टाइन जो मानव शरीर
के प्राकृतिक संरचना का मनुष्य के जीवंत रहने के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा है,उसे ही काट दिया जाए तो सहज ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मरीज की क्या हालत हो रही होगी।जी हां,ऐसा हुआ है और ये बिल्कुल सत्य है।मामला झारखंड के गिरिडीह जिले की है।

सरकार रेफरल अस्पताल डुमरी के एक चिकित्सक की लापरवाही के कारण अस्पताल में बंध्याकरण का आपरेशन कराने गई एक महिला रिम्स अस्पताल में  जिदंगी और मौत से जूझ रही है।

महिला की बिगड़ती हालत को देखकर बुधवार को महिला के ससुराल और मायके वाले डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से इलाज के आस लगाए बैठे हैं। सूचना पर सूबे के पूर्व मंत्री लालचंद महतो डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूरी घटना की जानकारी लेते हुए अस्पताल प्रबंधक से मुआवजे को मांग करते हुए महिला का समुचित इलाज करवाने की बात कही। 

बताया जाता है कि 16 फरवरी को प्रखंड के चैनपुर पंचायत के भेलावाटुगरी  निवासी दुरलचंद महतो की पत्नी शोभा कुमारी गांव की सहिया बुधेश्वरी देवी के साथ बंध्याकरण का ऑपरेशन करवाने डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक आशीष कुमार ने किया। ऑपरेशन के बाद महिला अपने घर चली गई। लेकिन दो दिन के बाद महिला का पेट फूलने लगा। जिसे देख महिला के परिजन महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे। तब चिकित्सको की इस बात की जानकारी हुई कि ऑपरेशन के क्रम में महिला की लैट्रिन की नाली और पेशाब की नाली कट गए हैं। इस समय चिकित्सको ने महिला का सम्पूर्ण इलाज के करवाने की बात कहते हुए महिला को धनबाद के एसएनएम एमसीएच रेफर कर दिया।महिला की स्थिति बिगड़ती देखकर धनबाद से उसे रिम्स रेफर कर दिया गया। 

जहां महिला जिंदगी और मौत से लड़ रही है। महिला के परिवार की स्थिति दयनीय होने के कारण महिला के परिवार वाले बुधवार को डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगते हुए महिला के समुचित इलाज की मांग करने लगे। इसके बाद अस्पताल पहुंचे पूर्व मंत्री श्री महतो ने भी डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगते हुए कहा कि विगत एक माह पूर्व अस्पताल के सर्जन के द्वारा बाध्यकरण कर दौरान महिला का पेशाब और लेट्रिन का नस काट दिया गया था। जिस कारण आज महिला अपने जीवन और मौत की लड़ाई से रोज रुबरु हो रही है। उसकी स्थिति दयनीय बन गई है। 


पूर्व ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक प्रभारी राजेश महतो से बात कर महिला का समुचित उपचार करवाने की मांग करते हुए उसके बच्चो का इंसुरेस करवाने सहित बच्चे के खान पान में होने वाले खर्च को वहन दोषी डॉक्टर को उठाने की मांग की।पूर्व मंत्री ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सक प्रभारी ने स्वीकारा कि ऑपरेशन के दौरान गलती हुई है। जिसके लिए हम सभी महिला का इलाज करवाने के लिए कुछ सहयोग राशि देंगे। इसके अलावा सरकारी प्रवधान के तहत जो भी मुआवजा होगा उसे महिला को दिलाया जायेगा। इन सभी बातों के बाद महिला के परिजन और नेता अस्पताल से चले गए। 

बताया जाता है कि महिला के तीन छोटे छोटे बच्चे हैं और उसका पति मजदूरी का काम करता है। परिवार वालो का कहना था कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वो पीड़िता का इलाज करवाने में सक्षम नहीं है, डॉक्टर ने गलती के बाद कहा था कि इलाज के दौरान होने वाले खर्च को वहन किया जाएगा। लेकिन आज तक डॉक्टरों ने किसी तरह का खर्च नही दिया। आज पीड़िता रिम्स में  मौत की सैया पर पड़ी है, महिला का पेट पूरी तरह से खुल गया है, अब महिला के बच्चे और परिवार इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधक की ओर आस लगाए हुए हैं।

Monday, August 28, 2023

रांची पुलिस ने 14 झपटटेबाजों को पकड़ कर जेल भेजा



रांची।राजधानी रांची में झपट्टेबाज हर दिन अपना आतंक मचा रहे हैं. अब झपट्टेबाज विदेशी पिस्टल लेकर शहर में घूम रहे हैं. एक गिरोह बना कर शहर में महिलाओं के गले की चैन,मोबाईल और अन्य समान को छीन कर फरार हो रहे है.ऐसे में कई शिकायत पुलिस के पास आ रही थी. इसे देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक साथ 14 झपट्टेबाज को दबोच कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो विदेशी पिस्टल,एक देशी कट्टा, छिंतई का आठ मोबाईल समेत कई समान बरामद हुआ है. इस कांड का खुलासा रांची एसएसपी कौशल किशोर ने प्रेस वार्ता कर किया.* *एसएसपी कौशल किशोर ने बताया कि गुरुवार को सदर थाना क्षेत्र में एक पांच हजार रुपये और मोबाईल की छींतई का मामला दर्ज कराया गया है. इस मामले के अनुसंधान के दौरान पुलिस को सूचना मिली की कोंकर क्षेत्र में एक बॉउन्ड्री के अंदर बैठ कर कुछ अपराधी किसी वारदात की योजना बना रहे है. जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की. जिसके बाद छः अपराधियों को चोरी की मोटर साइकिल और लोडेड पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में अपराधियों के निशानदेही पर पांच बाइक और दो मोटर साइकिल बरामद किया गया. बाद में अपराधियों से चोरी के बाद बाइक और मोबाईल दूसरे जगह पहुंचाने वाले पांच लोगों की गिरफ़्तारी हुई.* *इसके अलावा PHED पहाड़ के पास से सूचना मिली की कुछ अपराधी हथियार लेकर घूम रहे है. सूचना के बाद पुलिस टीम गठित कर छापेमारी की गई. इस छापेमारी में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. अपराधियों के पास से लोडेड पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया है. गिरफ्तार अपराधियों में अम्बर कुमार, नीरज कुमार, सन्नी कुमार, शंकर राम, साहिल सिंह, सौरभ कुमार, सबबीर कुरैसी, सदब कुरैसी, रोहित कुमार, अमित कुमार, मनीष कुमार, राजा वर्मा, सन्नी कुमार और सूरज गुप्ता शामिल है.* *गिरफ्तार सन्नी पासवान पर बरियातू, सदर और लालपुर थाना में चार, अम्बर कुमार पर सदर, अरगोड़ा, लालपुर थाना में पांच, सौरभ कुमार पर लालपुर और ओरमाँझी थाना में दो, साहिल सिंह सदर थाना में चार, सबबीर कुरैसी नामकुम में एक, सूरज कुमार सदर थाना दो, राजा वर्मा सदर, नामकुम, खेलगाँव, लालपुर थाना में चार, नीरज कुमार तीन बार बाल गृह भेजा गया. गिरफ्तार 14 में से आठ अपराधियों का पुराना अपराध का इतिहास है.*

Saturday, January 14, 2023

मंत्री द्वारा पचास लाख खर्च कर दोमुहानी में आरती घाट बनाना अनुचित : सुधीर कुमार पप्पू




झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री एवं जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित विधायक बन्ना गुप्ता ने शिक्षा, स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देकर सुनारी दोमुहानी में आरती घाट और पर्यटन केंद्र बनाने के नाम पर 50 लाख का आवंटन किया है जो अनुचित है। जमशेदपुर कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने उक्त बातें कही है।उन्होंने कहा कि सोनारी, कदमा और मानगो क्षेत्र में दर्जनों स्कूल जर्जर स्थिति में है, वैसे सरकारी स्कूल में बच्चों को बुनियादी सुविधा का अभाव है शौचालय नहीं है एवं कोविड-19 के दौरान मध्यम परिवार के द्वारा अपने बच्चों का स्कूल फीस नहीं जमा करने पर परीक्षा से वंचित करना एवं नामांकन रद्द करने पर जनप्रतिनिधि के द्वारा चुप्पी साधना ,कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा का अभाव है।कहा कि परंतु मंत्री ने वहां ध्यान नहीं देकर पाखंड के नाम पर ₹50लाख  आवंटित कर दिया यह समझ से परे हैं एवं सोनारी दोमुहानी तट पर टाटा स्टील के द्वारा सौंदर्यीकरण के नाम पर अतिक्रमण करने से मकर संक्रांति टुसू मेला का भव्य आयोजन ना होना। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील उस खाली स्थान को कब्जा करने के लिए पर्यटन स्थल बनाने का काम कर रही है, वह भी सरकारी फंड से इसका विरोध होना चाहिए।

Saturday, October 8, 2022

पति ने पत्नी के अवैध संबंध की संदेह में अबोध 4 वर्षीया पुत्री को जिंदा जला दिया



झारखण्ड में जैसे युवतियों,महिलाओं और बच्चियों को जलाकर हत्या कर दिए जाने का ट्रेंड निकल पड़ा है।रोजाना इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।जो अत्यंत चिंता की बात है।

अब लोहरदगा में एक शराबी सनकी पिता ने अपनी बेटी को जिंदा जलाया है। इस घटना में बच्ची 80 फीसदी तक जल गयी है। गंभीर हालत में राँची के रिम्स में उसका इलाज किया जा रहा है। ये घटना लोहरदगा जिले के किस्को थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव कोचा बरनाग की है।हाल के दिनों में दुमका में दो-दो पेट्रोल कांड हो चुके हैं। अभी इसकी तपिश ठंडी भी नहीं हुई थी कि लोहरदगा में अग्निकांड ने इंसान के वहशीपन को उजागर करके रख दिया है।सनकी पिता ने अपनी बेटी को जिंदा इसलिए जला दिया क्योंकि उस हैवान को शक था कि उसकी बीवी का किसी से अवैध संबंध है।

जानकारी के अनुसार,पप्पू तुरी को शक था कि उसकी पत्नी का किसी के साथ अवैध संबंध है। शुक्रवार की रात पप्पू तुरी शराब के नशे में धुत होकर अपने घर आया। इसके बाद वह अपनी पत्नी से इसी बात को लेकर झगड़ा करने लगा।उसने अपनी पत्नी को चाकू दिखाकर जान से मारने की कोशिश की।जान बचाने के लिए उसकी पत्नी को घर से भागना पड़ा।इसी बीच पप्पू तुरी ने अपनी चार साल की बेटी को घर के कमरे में बंद कर आग लगा दी।जिसकी वजह से बच्ची 80 प्रतिशत तक जल गई है।ग्रामीणों की सहायता से तत्काल बच्ची को इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल लाया गया।जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसको बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया है।अपनी 4 साल की बेटी को आग के हवाले करने के बाद आरोपी पिता फरार हो गया है।सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सदर अस्पताल पहुंचकर बच्ची के परिजनों का बयान दर्ज किया है. पुलिस पूरे मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

Sunday, October 2, 2022

झारखंड के जमशेदपुर में गरीब तबके के लोगों को नहीं मिलता है, भोग का प्रसाद: सुधीर कुमार पप्पू


जमशेदपुर।

एक ओर जहां देशभर में दुर्गा पूजा की धूम मची है। झारखंड में भी शक्तिदायिनी माता दुर्गा के पूजनोत्सव मनाए जा रहे हैं।वहीं इस्पात नगरी जमशेदपुर शहर में भी सैकड़ों की संख्या में दुर्गा पूजा पंडाल हैं। परंतु अधिकतर पंडालों में गरीब तबके के लोगो को भोग का प्रसाद नहीँ मिल पाता है। शहर के जाने-माने अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने दुर्गा पूजा समिति के लोगों से आग्रह किया है कि छोटा दोना में ही भोग का प्रसाद गरीब और वंचितों को भी दिया जाए। उन्होंने बयान जारी कर कहा है कि दुर्गा पूजा के वक्त शहर में सड़क दुर्घटनाएं होती है घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने के लिए हर चौक चौराहों पर जिला प्रशासन एंबुलेंस की व्यवस्था करें, ताकि घायलों को समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि जहां भीड़भाड़ पूजा पंडाल में लगती है वहां सड़क को जाम मुक्त करने के लिए पूजा पंडाल कमेटी की मदद से जिला प्रशासन और पुलिस को जाम मुक्त व्यवस्था करनी चाहिए। रविवार को सप्तमी पूजा के दिन से सभी पूजा पंडालों में मेला और घूमने वालों की संख्या काफी बढ़ जाएगी इस को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस को जवानों को शांतिपूर्ण ढंग से भीड़ को हटाना चाहिए ताकि लोगों में आक्रोश भी नहीं फैले। उम्मीद है जिला पुलिस और जिला प्रशासन साथ ही सभी पूजा समिति के लोग शांतिपूर्ण व्यवस्था में एक दूसरे का सहयोग करेंगे।

Saturday, October 1, 2022

एक ऐसा मंदिर जहां महिलाएं नही कर सकती हैं पूजा...



बोकारो।

झारखंड के बोकारो जिले में एक ऐसा देवी मंदिर है, जहां महिलाओ का प्रवेश वर्जित किया गया है। शारदीय नवरात्र मे जहां एक ओर देश भर में नारीशक्ति की पूजा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर महिलाओ का पूजा के लिए प्रवेश वर्जित किया जाना एक अनबुझ पहेली बनी हुई है। इस संबंध में महिला श्रद्धालु ने बताया है कि दूर से भी जो मन्नत मांगते है वो पू lरा तो हो जाता है,लेकिन मंदिर में घुसकर पूजा करने की इच्छा होती है। लेकिन जो मान्यताएं हैं और जो घटनायें पूर्व मे घट चुकी हैं, उसके कारण डर लगता है। क्योंकि इस मंदिर मे पहले जो महिला घुसी थी, वहां अब पूजा नही होती है। भगवान ने सपने मे पुजारी को स्थान परिवर्तन करने को कहा और कहा कि यहां महिलाएं प्रवेश न करे। तब से बगल मे ही एक और मंदिर का निर्माण हुआ और वहीं पूजा अर्चना होने लगी है। माँ को सिन्दूर बहुत पसन्द है इसलिए सिन्दूर से माँ पूरी तरह से ढकी हुई रहती है।


महिलाएं 100 फुट दूर से ही मां दुर्गा की पूजा करती है। इतनी ही दूरी पर अगरबत्ती जलाकर एक सीमांकन किया हुआ है जहां से महिलाओ को एक कदम भी आगे नही जाना है। महिलाएं और लड़कियां श्रद्धालुओं के प्रसाद व अन्य पूजन सामग्री पुजारी आकर उस सीमांकन से ले जाते है। ऐसा नहीं है कि इन महिलाओं को अछूत मानकर या पुरूष वर्चस्व के कारण मंदिर के बाहर दूर से पूजा करना पड़ता है, बल्कि इसके पीछे 100 वर्ष पुरानी मान्यता और महिलाओं में अनहोनी होने का भय व्याप्त बताया जाता है। जिस कारण ही महिलाएं दूर से मां दुर्गा की उपासना व पूजा अर्चना करती हैं। मान्यता है कि जब कभी भी कोई महिला मंदिर के अंदर जा कर पूजा करती हैं, तो किसी अनहोनी का शिकार हो जाती हैं। गांव की सैंकडो महिलाएं इसकी गवाह हैं और महिलाओ के साथ साथ पूजारी भी कहते है कि एक बार एक महिला ने मंदिर के अंन्दर घुसकर पूजा करने की कोशिश की और बलि दिये हुए बकरे का प्रसाद रूपी मांस खाया, तो वह पागल हो गई। जिसके बाद पूजारी को देवी मंगलचन्डी का सपना आया कि आज के बाद से महिला मेरे मंदिर मे न आये, साथ ही जिस मंदिर में महिला गई थी उसका स्थान परिवर्तन किया जाय और नया स्थान मे मुझे स्थापित किया जाय। तब से आज तक मंदिर में न तो महिलाएं घुसकर पूजा अर्चना करती है और न ही चढाये हुए बकरे का मांस खाती है। यहां बलि चढ़ाये बकरे के सिर को जमीन मे गाड़ दिया जाता है और सीमांकित किए गये क्षेत्र में ही श्रद्धालु बकरे का भोज भात खा लेते है। साथ ही जिस पुरानी मंदिर मे महिला घुसी थी उसी के पास एक नये मंदिर


 का निर्माण किया गया और वहीं पूजा अर्चना होने लगी।  
यह मंदिर बोकारो जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर कसमार प्रखंड के टांगटोना पंचायत के कुसमाटाड़ गांव में स्थित है।

Sunday, September 25, 2022

डोमचांच में सार्वजनिक जमीन पर कब्जा कर किया रास्ता बंद, एसपी से गुहार



राजेश कु मेहता।

डोमचांच/कोडरमा।
रिंकी देवी उम्र 35 वर्ष पति राकेश कुमार, डोमचांच नगर पंचायत के वार्ड नंबर सात के निवासी है जो
पुलिस अधीक्षक कोडरमा को एक आवेदन देकर इंसाफ की गुहार लगाई है। आवेदन मे लिखा कि मैं  21 सितम्बर दिन बुधवार को पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे निलेश कुमार, पवन कुमार, उम्र 36 वर्ष, पिता किशुन सुण्डी तथा किशुन सुण्डी, उम्र 70 वर्ष, पिता स्व सुण्डी, साजिश कर कुछ अपराधी लोगों को बुलाकर जिसमें रंजीत गोस्वामी, उम्र - 34 वर्ष, पिता विनोद गोस्वामी, ग्राम लेंगरापीपर, डोमचांच, मयंक वर्णवाल उम्र 28 वर्ष, पिता जुगल वर्णवाल, ग्राम गिरीडीह रोड, डोमचांच, संदीप कुमार उम्र 27 वर्ष, पिता देवानंद राम, ग्राम गोहारी रोड, डोमचांच पहुंचे। जिन्होंने कमर में रखें हथियार से लैश होकर व अन्य करीब 20 लोग जिसको वह नहीं पहचानती जो कि घर के समीप पहुंच कर उसके द्वारा दैनिक उपयोग में लाये जाने वाले रास्ते को दिवार देकर बंद करने लगा। इसके पूर्व हरे रंग का एक बड़ा पर्दा लगा दिया क्योंकि मारपीट का विडियो फुटेज बगल मकान में लगे कैमरे में ना आ सकें।पीड़िता द्वारा विरोध किये जाने पर निलेश कुमार व पवन कुमार द्वारा उसके सीने पर धक्का देकर उसे गिरा दिया और विरोध करने पर गंदी गंदी गाली देते हुए मारपीट करने लगा व धमकी देने लगा। पुनः इस घटना के पश्चात् लगभग 11 बजे रात को दहशत फैलाने के उद्देश्य से करीब 7 से 8 लोग गाली गलौज कर रहे थे और बलात्कार करने की धमकी देने लगे।  
पीड़िता ने एसपी से अनुरोध किया है कि उसके पति व ससुर बिमारी से ग्रसित होकर बेड़ पर पड़े रहते हैं, ऐसे में वहीअसहाय सी महसूस करती हूँ। मेरे रास्ते को खुलवाते हुए भविष्य में किसी अनहोनी से बचाने हेतु आवश्यक कार्यवाई की जाने की कृपा की जाय। और जाच कर करवाई कि जाय। मिली जानकारी के अनुसार युक्त रास्ता को लेकर कई बार पहले भी विवाद हो चुकी है जिसको लेकर एक पंचायती भी कुछ वर्ष पहले हो चुका है।

झारखंड सरकार पंचायती राज विभाग द्वारा 3 दिवसीय प्रशिक्षण हेतु मुंबई पहुंचे





झारखंड सरकार पंचायती राज विभाग द्वारा झारखंड प्रदेश से 8 सदस्य नवनिर्वाचित पंचायत जन प्रतिनिधि मंडल को तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए महाराष्ट्र के पुणे भेजा गया। इसकी सूचना शिव शंकर प्रसाद जिला पंचायत राज पदाधिकारी गिरिडीह (District panchayat Raj officer) ने संस्था झारखंडी एकता संघ (मुंबई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असलम अंसारी को फोन करके दिए। झारखंडी एकता संघ के एक प्रतिनिधिमंडल दिनांक 23/09/2022 को राष्ट्रीय अध्यक्ष असलम अंसारी के नेतृत्व में दिनेश यादव, वकील अंसारी, फारूक अंसारी और वीरेंद्र पंडित झारखंड प्रदेश से प्रशिक्षण शिविर पुणे में आए पंचायत जनप्रतिनिधियों से एक शिष्टाचार मुलाकात कर झारखंडी एकता संघ मुंबई/झारखंड की ओर से झारखंड प्रवासी मज़दूरों के जनहित में किये गए कार्यो, प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्यों में हो रही समस्याओं, झारखंड प्रदेश के मजदूरों की लगातार हो रही पलायन एवं दूसरे राज्यों में प्रवासी मजदूरों की लगातार मृत्यु होने की घटना से झारखंड प्रदेश से महाराष्ट्र पुणे आए जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। इस पर झारखंड पंचायत जनप्रतिनिधियों ने प्रवासी मजदूर के हितों में कार्य कर रही संस्था झारखंडी एकता संघ मुंबई के कार्यों की तारीफ करते हुए प्रवासी मजदूरों से संबंधित सभी समस्याओं को झारखंड के पदाधिकारियों एवं सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिए। और संस्था को हर संभव मदद एवं झारखंड प्रदेश में पंचायत स्तरीय जागरूकता अभियान एवं सभी श्रमिकों का निबंधन कार्यों में सहयोग करने का भरोसा दिलाया। झारखंड प्रदेश में बहुत जल्द सरकारी पदाधिकारियों एवं संस्था झारखंडी एकता संघ मुंबई के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। झारखंड प्रदेश से महाराष्ट्र पुणे आए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में जनप्रतिनिधियों  में परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता देवी (जिला बोकारो), प्रमुख श्री रामू बैठा (प्रखंड बिरनी, जिला गिरिडीह), मुखिया श्रीमती स्वेता बाखला (ग्राम पंचायत बीरबांकी, प्रखंड अबकी, जिला खूंटी), मुखिया श्रीमती मंजू सुरीन (ग्राम पंचायत खटखुरा, प्रखंड रनिया, जिला खूंटी), मुखिया श्री धीरेन्द्र मंडल (ग्राम पंचायत रेम्बा, प्रखंड जमुआ, जिला गिरिडीह), मुखिया श्री सीताराम वर्मा (ग्राम पंचायत गोरो, प्रखंड जमुआ जिला गिरिडीह) शामिल हैं।

Saturday, September 24, 2022

दुर्गा पूजा को लेकर विधि व्यवस्था व सुरक्षा व्यवस्था हेतु उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक



दशहरा पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण एवं आपसी भाईचारा के साथ मनायें:- उपायुक्त...

● सभी अनुमंडल पदाधिकारी/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी/थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत शांति समिति की बैठक करना सुनिश्चित करें: उपायुक्त...
● असमाजिक तत्वों और सोशल नेटवर्किंग साइट्स यथा फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि पर विशेष निगरानी रखेंगे। साथ ही सोशल मीडिया के एडमिन के साथ बैठक करेंगे:- उपायुक्त...
● अवैध शराब कारोबारी/दुकानों की सूचना इकट्ठा कर उसपर उचित कारवाई करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शराब दुकान सुबह 10:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक ही संचालित हो:- उपायुक्त...
● प्रतिनियुक्त पदाधिकारी, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, पुलिस बल मुस्तैद रहेंगे:- पुलिस अधीक्षक.. ● अफवाह/असमाजिक तत्वों तथा अशांति फैलाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखते हुए जिला प्रशासन को ससमय सूचित करें:- पुलिस अधीक्षक...
● संवेदनशील स्थानों पर नजर रखेंगे और संवेदनशील स्थानों पर नियमित पेट्रोलिंग करना सुनिश्चित करेंगे:- पुलिस अधीक्षक... गिरिडीह।
आज समाहरणालय सभागार कक्ष में आगामी दशहरा पर्व/दुर्गा पूजा के निमित्त विधि व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए जिले के वरीय पदाधिकारियों/पुलिस पदाधिकारियों/दंडाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि दशहरा पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण एवं आपसी भाईचारा के साथ मनाया जाए एवं अफवाह तथा अशांति फैलाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखते हुए जिला प्रशासन को स-समय सूचना दें। बैठक के दौरान उपायुक्त, श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने जिलेवासियों को दुर्गा पूजा सरकार की गाइडलाइन के आधार पर शांतिपूर्ण एवं आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों/प्रखंड विकास पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों से उनके अनुमंडल/प्रखंड व थाना अंतर्गत दुर्गापूजा के लेकर की गई तैयारियों एवं व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत पूजा समितियों के साथ शांति समिति की बैठक करें। समितियों को सरकार की गाइडलाइन से अवगत कराएं। सभी पूजा पंडालों का निरीक्षण करें। जितने भी तालाब है उन सभी की साफ-सफाई सुनिश्चित कराएं। त्योहार के दौरान विधि व्यवस्था सहित विद्युत, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई इत्यादि को दुरुस्त करने को संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। शहर के आसपास के जिन क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत की आवश्यकता है उन्हें मरम्मत कराने को संबंधित अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिया। शोभा यात्रा में रूट चार्ट का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावे मुर्ति विसर्जन में भी निर्धारित समय का विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी से बारी-बारी दशहरा पर्व के मद्देनजर तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। पुजा के दौरान ट्रैफिक कन्ट्रोल की दिशा में भी चर्चा की गई। आग की रोकथाम एवं बचाव हेतु सभी पण्डालों मे फायर एक्सीटीन्गुइशर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। शहर के झुले/लटकते हुए सभी बिजली के तार को दुरूस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही मानसरोवर तालाब की साफ सफाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांती इस वर्ष भी सभी सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में दुर्गा पूजा मनाये। कोई ऐसी गलती न हो, जिससे की प्रशासन को कानूनी कार्रवाई करनी पड़े। पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों/प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा थाना प्रभारियों से पुजा समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर कार्यों की जिम्मेवारी तय करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने आवागमन की सुगमता को देखते हुए प्रतिमा के ऊंचाई पर ध्यान देने की बात कही। साथ ही पुजा पण्डाल में संचालित होने वाले साउण्ड सिस्टम के ऑपरेट की सूची भी संबंधित थाना को देने की बात कही। थाना प्रभारी को सभी साउण्ड सिस्टम के प्रतिनिधियों से बैठक कर सुप्रीम कोर्ट के गाईडलाईन का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करवाने का निर्देश दिया। विधि-व्यवस्था संधारण की दिशा में समिति के वोलेन्टीयर की तैनाती पूरी तर्त्पता के साथ सुनिश्चित करवाने की बात कही। उन्होने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना मिलने पर डायल 100 या स्थानीय प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। कन्ट्रोल रूम, विडियोग्राफी, ड्रोन एवं सीसी टीवी कैमरा से निगरानी की जाएगी। ट्रैफिक कन्ट्रोल के लिए ट्रैफिक पुलिस की प्रतिनियुक्ति होगी। ट्रैफिक कन्ट्रोल हेतु वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। रावण दहन के दिन रूट डायभट करने की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर संवेदनशील स्थानों पर नियमित पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया। साथ ही जो व्यक्ति 307, 153, 302 केसेस में शामिल है, उनपर 107 की कारवाई करना सुनिश्चित करेंगे। अवैध शराब और अवैध पशु का ट्रांसपोर्टेशन होने पर कड़ी कारवाई करें। बैठक के दौरान उपरोक्त के अलावा एएसपी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए, उप नगर आयुक्त, नगर निगम, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, गिरिडीह जिला, जिला नजारत उप समाहर्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी थाना प्रभारी, गिरिडीह जिला, कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल व अन्य संबंधित अधिकारी एवम पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

Sunday, February 6, 2022

झारखंड: नींव की खुदाई में निकले तीर-धनुष, 1857 की क्रांति से जुड़े हो सकते हैं यह हथियार




रांची।
झारखंड के लोहरदगा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां पर घर बनाने के लिए नींव की...* झारखंड के लोहरदगा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां पर घर बनाने के लिए नींव की खुदाई की गई तो जमीन से तीर, धनुष, गदा निकले. इनमें तीरों की संख्या सबसे ज्यादा बताई जा रही है. इन शस्त्रों को देखकर ऐसा लग रहा है कि प्राचीन काल में इन्हें यहां पर छुपाया गया होगा. जैसे ही इस घटना की सूचना गांव में फैली मौके पर भारी संख्या में लोग इन शस्त्रों को देखने के लिए इकट्ठा हो गए. ब्राह्मणडीहा करंज टोली गांव में रहने वाला सुमंत टाना भगत नाम का शख्स घर बनाने के लिए जेसीबी से नींव की खुदाई करा रहा था. इस दौरान उसे जमीन के अलग-अलग हिस्सों से तीर, धनुष, गदा मिले. बताया जा रहा है कि शुरू में कुछ सामान कुछ समझ नहीं आया और गांव के लोग कुछ सामान उठाकर ले गए. जब ज्यादा संख्या में हथियार मिलने शुरू हुए तो घर के मालिक ने इन्हें इकट्ठा करना शुरू कर दिया. इनमें करीब दो दर्जन तीर हैं, इसके अलावा कुल्हाड़ी. हंसुए जैसा हथियार भी है. अज्ञात धातु के कलात्मक बर्तन के टुकड़े भी मिले अज्ञात धातु के कलात्मक बर्तन के टुकड़े हैं. काफी चीजों में जंग लग चुका है पर कुछ की स्थिति अच्छी है. संभावना जताई जा रही है कि इस जमीन में और भी पुरातात्विक महत्व के अवशेष हो सकते हैं. रांची यूनिवर्सिटी के इतिहास के प्राध्यापक डॉक्टर कंजीव लोचन ने बताया कि इन चीजों का ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व है. इनके अध्ययन से लोहरदगा और झारखंड के प्राचीन इतिहास से संबंधित नई जानकारी मिल सकती है. किसी भी औजार में छेद नहीं दिख रहा, यह इनके बहुत पुराना होने का लक्षण है. 1857 की क्रांति से जुड़े हथियार एक ही पैटर्न के कई पात्र मिले हैं, ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह रसोई के अवशेष न होकर किसी लुहार की दुकान के अवशेष हो सकते हैं. अगारिया जनजाति का काम हो सकता है. लोहरदगा कई आंदोलन और सशस्त्र क्रांति की भूमि रहा है. 1831 के लरका आंदोलन, 1857 की क्रांति सहित कई सशस्त्र आंदोलन यहां हुए हैं. इस दौरान हुए युद्धों का इतिहास में जिक्र मिलता है. हथियारों के इन प्राचीन अवशेषों को उन्हीं आंदोलनों से जोड़कर देखा जा रहा है. 10 साल पहले खुदाई के दौरान मिले थे अवशेष स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 10 साल पहले इस स्थान पर सड़क बन रही थी. तब भी जमीन की खुदाई में इस तरह के हथियार और अन्य अवशेष मिले थे. लेकिन उस समय इनकी ज्यादा चर्चा नहीं हुई थी और ग्रामीणों ने ही उन्हें इधर-उधर कर दिया था इस बार अवशेषों ने लोगों की उत्सुकता को बढ़ाया है. इन अवशेषों की पुरातात्विक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह इतिहास के किस दौर और घटना से जुड़े हुए हैं.

Monday, January 31, 2022

बड़ी खबर: झारखंड में आपदा प्रबंधन की बैठक के बाद मिली बड़ी छूट,खुल रहे सभी कक्षाओं के स्कूल्स


झारखण्ड में लॉकडाउन में सरकार ने बड़ी राहत दे दी है।कोरोना संक्रमण के घटते मामले को लेकर 31 जनवरी सोमवार को आपदा प्रबंधन प्राधिकार की अहम बैठक हुई।इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की है। इसमें आपदा और स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद थे।बैठक में अहम फैसला लिया गया कि 17 जिले में स्कूलों के तमाम क्लास में पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी। कक्षा 1 से लेकर ऊपर के सारे क्लास चलेंगे।लेकिन 7 जिलों में पाबंदी स्कूलों में रहेगी। इन सात जिले में जमशेदपुर,सरायकेला-खरसावां,बोकारो,राँची,सिमडेगा,चतरा,देवघर जिले में कक्षा 9 से ऊपर के क्लास चलेंगे।सारे कॉलेजों को संचालित करने का आदेश दे दिया गया है।इसके अलावा सारे जिम को खोल दिये गये है।वहीं स्टेडियम में खेल तो होंगे,लेकिन दर्शकों के जाने की इजाजत नहीं होगी।रात 8 बजे के बाद की बंदिशें बरकरार रखी गयी है और रात 8 बजे के बाद बंदिशें हटाने पर अगले बैठक में निर्णय होगी। कोरोना के संक्रमण के घटते डर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।वहीं विवाह समारोह में 100 लोगो को पहले इजाजत थी,जिसको बढ़ाकर 200 लोग तय कर दिया गया है रेस्टोरेंट जैसे चल रहे थे, वैसे ही चलेंगे। जबकि स्कूल -कॉलेज हो या कोई भी जगहकोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जायेगी।•

इसके साथ ही सरकारी और निजी दफतरों में 50 प्रतिशत संख्याबल के साथ ही ऑफिस खोलने का आदेश जारी हुआ था. राज्य सरकार के द्वारा जारी वर्तमान पाबंदियां 31 जनवरी तक के लिए ही लागु थी. लेकिन कोरोना के मामलों में कमी और संक्रमण के खतरे को कम होता देख आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक कर कई तरह की पाबंदियों से राहत दी गयी है।

इन पाबंदियों से मिली राहत

-सभी कॉलेजों को खोलने का आदेश दिया गया है.

-17 जिलों में कक्षा 1 से कक्षा 12वीं तक खुलेंगी, 7 जिलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं खुलेंगी.

-राँची में कक्षा 9वीं से 12वीं तक ही ऑफलाइन माध्यम से खुलेंगी स्कूल.

-राँची, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, सिमडेगा, चतरा, देवघर, सरायकेला में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं खुलेंगी.

Saturday, November 13, 2021

टेस्टी मछली नहीं बनाया तो पति ने उतारा मौत के घाट,नाबालिग पुत्र ने पिता व घरवालों पर लगाया आरोप



गिरिडीह.

पति-पत्नी के बीच खाने को लेकर विवाद की ख़बरें आती रहती है. कई बार खाना अच्छी नहीं बनने पर भी पति को खाने की तारीफ करनी पड़ती है, तो वहीं कई बार ये विवाद मारपीट का रूप ले लेती है. एक ऐसा ही मामला गिरिडीह के बिरनी थाना से आई है. 


बिरनी थाना क्षेत्र के बलगो गांव में पति-पत्नी के बीच ऐसे ही विवाद के बाद महिला का शव संदिग्ध स्थिति में बरामद किया गया है. यह मामला शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है. मामले का संज्ञान लेते हुए बिरनी पुलिस के द्वारा घटनास्थल पर पहुंच शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. सूत्रों के अनुसार यह विवाद शुक्रवार रात की है. शुक्रवार रात मछली बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ. इस विवाद के महिला का शव संदिग्ध स्थिति में उसके कमरे में लटका मिला. महिला का नाम रिंकी देवी बताया जा रहा है. मामले में महिला के बेटे आदित्य मंडल ने अपने पिता पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके पिता ने उसकी मां को पीट-पीटकर मार डाला और फिर फांसी के फंदे पर शव को लटका दिया. आदित्य का कहना है कि शव को फंदे से लटकाने के बाद उसके पिता ने खुद ही शोर मचाना शुरू कर दिया कि रिंकी ने फांसी लगा ली है. उसका शोर सुन कर घरवाले वहां पहुंचे शव फंदे से नीचे उतारा. जिसके बाद डॉक्टर को बुलाने की बात कहकर सभी घरवाले घर से भाग खड़े हुए.

Friday, November 12, 2021

पढ़ाई छाेड़ गेम खेल रहे बेटे काे डांटते हुए माँ ने छीनी माेबाइल;गुस्से में घर से निकला,2 दिनों बाद तालाब में तैरता मिला शव





रांची।

राँची के खेलगांव थाना क्षेत्र के खटंगा में एक माँ ने अपने बेटे से माेबाइल छीनकर पढ़ने की बात कहते हुए फटकार लगाई ताे वह गुस्से में घर से निकलकर चला गया। 2 दिनों बाद पुलिस ने गुरूवार काे पास के ही खटंगा तालाब से उस छात्र का शव बरामद की। मृतक छात्र का नाम कृतिक गुप्ता है और वह आर्मी पब्लिक स्कूल के 12वीं का छात्र था। कृतिक पिछले एक वर्षाें से माेबाइल पर गेम खेलने का इतना आदि हाे चुका था कि पढ़ाई करना लगभग पूरी तरह से छाेड़ ही दिया था। माता-पिता के मना करने के बाद भी वह लगातार माेबाइल पर गेम खेलता रहता था। माता-पिता के अलावा परिवार के अन्य सदस्याें ने भी उसे कई बार समक्षाने का प्रयास किया था लेकिन इसके बाद वह किसी को कुछ सुनने काे तैयार नहीं था। गेम खेलने में वह इस कदर खुद काे व्यस्त रहता था कि नास्ता और खाना भी समय पर करना भूल जाता था। ऑफलाईन क्लास चालू हाेने के बाद भी वह स्कूल नहीं जाता था। सप्ताह में एक या दाे दिन ही वह स्कूल जाता था। ऐसे में शिक्षक भी उसके पिता रामकिशाेर गुप्ता काे क्लास नहीं करने की जानकारी दे चुके थे। मंगलवार काे पिता रामकिशाेर गुप्ता ने स्कूल जाने के लिए सुबह में जगाया। लेकिन कृतिक चुपके से दूसरे कमरे में चला गया और दिनभर माेबाइल पर गेम खेलता रहा। घर के लाेगाें काे लगा कि वह स्कूल चला गया है। हालांकि दाेपहर में जब मां की नजर उस पर पड़ी ताे उसने गुस्से में उसे फटकार लगाते हुए माेबाइल छीन ली। इसके बाद मंगलवार की शाम 5:30 बजे नाराज हाेकर वह घर से निकलकर चला गया था। पुलिस ने गुरूवार की दाेपहर 1:30 बजे घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित खटंगा तालाब से छात्र का शव बरामद किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि छात्र ने गुस्से में तालाब में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी है। 

 घटना की कहानी, पीड़ित पिता की जुबानी

 पीड़ित पिता रामकिशाेर गुप्ता ने बताया कि कृतिक के पिछले कुछ दिनाें से लगातार क्लास में अनुपस्थित रहने के बाद मंगलवार की सुबह 5:26 बजे उसके क्लास टीचर ने माेबाइल पर मैसेज भेजकर ऑफलाईन क्लास चलने की बात कहते हुए बच्चे काे स्कूल भेजने की बात कही। इसके बाद वे कृतिक काे जगाते हुए स्कूल जाने के लिए तैयार हाेने की बात कही। स्कूल के लिए तैयार हाेने जाने की बात कहकर वह घर के दूसरे कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर माेबाइल में गेम खेलने लगा। हालांकि किसी की नजर उसपर नहीं पड़ी। दाेपहर लगभग 2 बजे जब कृतिक की मां उस कमरे में पहुंची ताे देखा कि वह माेबाइल में गेम खेल रहा है। इसके बाद वह गुस्सा हाेते हुए स्कूल नहीं जाने से नाराज हाेकर उसे फटकार लगाई और माेबाइल छीन लिया। माेबाइल छीन लिए जाने के थाेड़ी देर बाद ही कृतिक गुस्से में घर से बिना चप्पल पहने हुए ही बाहर निकलकर चला गया। घर वालाें काे ऐसा लगा कि वह थाेड़ी देर बाद गुस्सा शांत हाेते ही वापस घर लाैट आएगा। हालांकि काफी देर तक वह वापस घर नहीं लाैटा। इसके बाद खाेजबीन शुरू की गई। काफी खाेजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चला ताे थाने में लिखित शिकायत की गई। इसी दाैरान गुरुवार की दाेपहर 1:30 बजे ग्रामीणाें ने खटंगा तालाब में पानी के उपर तैरता हुआ शव देखा। लाेगाें ने घटना की जानकारी पुलिस काे दी। सूचना मिलते ही पुलिस माैके पर पहुंची और शव काे बाहर निकालकर उन्हें जानकारी दी। माैके पर जाकर वे देखे ताे पता चला कि उनके बेटे का ही शव है।

 मैट्रिक में 70 प्रतिशत नंबर से हुआ था उतीर्ण, लाॅक डाउन में माेबाइल पर खेलने लगा था गेम

 पीड़ित पिता ने बताया कि कृतिक वर्ष 2019 में आर्मी स्कूल से ही मैट्रिक का परीक्षा पास किया था। 10वीं कक्षा तक वह पढ़ने में काफी अच्छा था। मैट्रिक में उसे 70 प्रतिशत नंबर मिला था। लाॅक डाउन में उसे माेबाइल का आदत पड़ गया था। लाॅक डाउन के बाद से वह बिना माेबाइल किसी भी समय रहता ही नहीं था। माेबाइल के चक्कर में उसने पढ़ाई ताे दूर खाना तक समय पर बंद कर दिया था। ऑफलाईन क्लास हाेने के बाद भी वह स्कूल जाना पसंद नहीं करता था। समय के साथ-साथ उसका आदत खराब हाेता गया। काफी देर तक माेबाइल इस्तेमाल करता देख मां ने डांटी ताे अचानक वह घर से निकलकर चला गया जिसके बाद हादसा हुआ। 

 आर्मी से 7 वर्ष पहले रिटायर्ड हुए थे पीड़ित पिता, 2 भाईयाें में छाेटा था मृतक

 पीड़ित पिता रामकिशाेर गुप्ता वर्ष 2014 में आर्मी से रिटायर्ड हुए थे। नाैकरी से रिटायर्ड हाेने के बाद वे अपने परिवार और बच्चाें के साथ खेलगांव के खटंगा में घर बनाकर रहने लगे थे। रामकिशाेर गुप्ता मूल रूप से बुंडू थाना क्षेत्र के कांची के रहने वाले हैं। मृतक कृतिक गुप्ता दाे भाईयाें में छाेटा था। बड़ा भाई हार्दिक गुप्ता भी पढ़ाई कर रहा है और प्रतियाेगी परीक्षाओ का तैयारी करता है।

Wednesday, November 10, 2021

झारखंड की जेलों के भीतर भी गूंज रहे हैं छठ के गीत, 80 से ज्यादा कैदी कर रहे हैं छठ व्रत


 रांची। 

झारखंड में जेलों की चाहरदीवारी के भीतर भी छठ के गीत गूंज रहे हैं। राज्य की अलग-अलग जेलों में इस वर्ष 80 से ज्यादा कैदी छठ व्रत कर रहे हैं। जेलों में प्रशासन ने इन सभी के लिए फल-फूल, प्रसाद, सूप-दौरी, नये वस्त्र पूजन सामग्री का इंतजाम किया है।सूर्य देवता को अघ्र्य देने के लिए जेलों के अंदर ही अस्थायी तालाब या कृत्रिम जलाशय बनवाये गये हैं। छठ पर तीन दिनों का निर्जला उपवास करनेवाले बंदियों में एक दर्जन ऐसे हैं, जो हत्या जैसे अपराधों के लिए सजा काट रहे हैं। छोटे-बड़े अपराधों के चलते जेल पहुंचे कैदी अपने गुनाहों के लिए छठ माता से क्षमा मांगेंगे। झारखंड की सबसे पुरानी ऐतिहासिक हजारीबाग स्थित जयप्रकाश केंद्रीय कारागार के अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने बताया कि इस वर्ष 34 कैदी छठ व्रत कर रहे हैं। इनमें महिला पुरुष दोनों हैं। मंगलवार को पूरे दिन उपवास के बाद व्रती शाम में खरना करेंगे। खरना प्रसाद के लिए खीर-रोटी बनायी जा रही है। बुधवार को जेल में ही बने तालाब पर शाम का अघ्र्य गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अघ्र्य दिया जायेगा। छठ घाट पर विशेष सजावट भी की गयी है। विशेष प्रसाद ठेकुआ बनाने में व्रतियों के साथ-साथ कई अन्य कैदी सहयोग कर रहे हैं। पिछले साल यहां 26 कैदियों ने छठ पर उपवास किया था। इस बार 34 कैदियों ने छठ व्रत के लिए आवेदन किया। जेल प्रशासन ने सभी को मंजूरी देते हुए उनके लिए सभी जरूरी व्यवस्था उपलब्ध करायी है। सोमवार को नहाय-खाय के साथ ही चाहरदीवारी के भीतर छठ गीत गूंजने लगे थे। जेल अधीक्षक के अनुसार, व्रत को लेकर सामान्य कैदी भी उत्साहित हैं वे इसके लिए हर तरह की व्यवस्था में हाथ बंटा रहे हैं। पलामू स्थित मेदिनीनगर सेंट्रल जेल में भी 20 कैदी छठ व्रत पर उपासना में जुटे हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं, जो नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं जेल लाये जाने के पहले पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड हुआ करते थे। यहां भी अघ्र्य के लिए टंकी बनायी गयी है। जेल प्रशासन के सहयोग से साफ-सफाई से सजावट तक की व्यवस्था कैदियों ने ही की है। इसी तरह रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में कुल 10 कैदी व्रत कर रहे हैं। जेलर हामिद अख्तर ने बताया कि इनमें 9 महिलाएं एक पुरुष है। जमशेदपुर स्थित घाघीडीह सेंट्रल जेल में आधा दर्जन कैदी धनबाद मंडल कारा में सात कैदी छठ की उपासना में जुटे हैं। धनबाद मंडल कारा केछठ व्रतियों में चार पुरुष तीन महिलाएं हैं। दुमका, कोडरमा सहित राज्य की अन्य कई जेलों में व्रत करनेवाले कैदियों के लिए जेल प्रशासन की तरफ से जरूरी व्यवस्थाएं की गयी हैं।

Tuesday, November 9, 2021

16 नवंबर से 28 दिसंबर तक 'आपके अधिकार - आपकी सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का आयोजन




झारखंड राज्य स्थापना दिवस को लेकर आज समाहरणालय के सभागार में डीडीसी श्री दशरथ चंद्र दास की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

झारखंड स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर शहर के प्रमुख चौक चौराहों व सर्किट हाउस से लेकर लुबी सर्कुलर रोड पर आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की जाएगी। बैंक मोड़ स्थित बिरसा मुंडा चौक पर स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।

डीडीसी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 16 नवंबर से 28 दिसंबर तक जिले में *आपके अधिकार - आपकी सरकार आपके द्वार* कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रतिदिन चार से पांच पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

शिविर में नागरिकों को राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत नया राशन कार्ड स्वीकृत करने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। अयोग्य राशन कार्ड धारियों को अपना कार्ड सरेंडर करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। राशन कार्ड में त्रुटि का सुधार और डीलर के विरुद्ध शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।

साथ ही पेंशन के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच कर उसकी स्वीकृति करके लाभान्वित को स्वीकृति पत्र उपलब्ध कराया जाएगा तथा पेंशन प्राप्त करने में आ रही समस्या का निराकरण किया जाएगा। झारखंड लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए प्राथमिकता के आधार पर जॉब कार्ड बनाना, मनरेगा के तहत नए जॉब कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त करना, मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संख्या में योजनाएं स्वीकृत करना, हड़िया बिक्री में संलग्न महिलाओं की पहचान कर उन्हें फुलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत वैकल्पिक रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि शिविर में धोती साड़ी और कंबल का वितरण किया जाएगा। असंगठित श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर निबंधन, लंबित दाखिल खारिज वादों तथा भू-मापी के लंबित मामलों का निष्पादन, निर्विवादित मामलों में लगान रसीद निर्गत करना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना एवं रोजगार सृजन योजना के आवेदन सृजित किए जाएंगे। 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि से जन उपयोगी योजनाओं की स्वीकृति, कृषि ऋण माफी तथा किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त करना, ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, कोविड वैक्सीनेशन की सुविधा सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपने-अपने विभागों की तैयारियां शुरू करने को कहा।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री दशरथ चंद्र दास, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर डॉ कुमार ताराचंद, निदेशक डीआरडीए श्री मुमताज अली, डीएफओ श्री विमल लकड़ा, निदेशक एनईपी श्रीमती इंदू रानी, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री ओम प्रकाश यादव, जिला योजना पदाधिकारी श्री महेश भगत, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री भोगेंद्र ठाकुर, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री सुशांत मुखर्जी, सिविल सर्जन डॉ एसके कांत, श्रम अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार, डीएसडब्ल्यूओ श्रीमती स्नेह कश्यप, डीपीआरओ ईशा खंडेलवाल सहित सभी विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

गिरिडीह में उसरी नदी में डूब जाने से 4 बच्चों की हुई मौत





गिरिडीह।

 गिरिडीह शहरी इलाके से दो किलोमीटर दूर मंगरोडीह गांव में मंगलवार को हुई दर्दनाक घटना में एक साथ दो परिवार के चार बच्चांे की मौत उसरी नदी में डूबने से हो गई। चारों बच्चे आपस में एक ही गोतिया के बताए जा रहे है। घटना मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे की है। जब खरना पूजा के लिए गांव की महिलाएं नदी स्नान और प्रसाद लाने गांव से आधा किलोमीटर दूर उसरी नदी गई हुई थी। इस दौरान महिलाओं के साथ गांव के मदन सिंह की 10 साल की बेटी सुहाना कुमारी, टिंकू सिंह की बेटी सोनाक्षी कुमारी, श्याम सिंह की नतिनी दीक्षा कुमारी और महेश सिंह का 12 साल का बेटा मुन्ना कुमार भी नहाने गया हुआ था। नहाने के कर्म में पांचों बच्चे नदी के गहरे पानी में चले गए।


इस दौरान महिलाएं वापस तो लौट गई। लेकिन नदी में डूबे बच्चो की कोई जानकारी परिजनों को नही मिल पाई। इस दौरान नदी से लौटे एक बच्चे ने घटना की जानकारी गांव वालों को दी। जिसके बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। जिसे जानकारी मिली वही नदी की ओर दौड़ पड़ा। नदी तट पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद पहले दो बच्चों को गहरे पानी से निकाला और शहर के नर्सिंग होम ले गए। जहां दोनांे को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं नदी में डुबे ओर दो बच्चे को भी बाहर निकाला गया। तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार गांव के ही श्याम सिंह की नतिनी दीक्षा भी पर्व मानने नाना घर आई हुई थी।


घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर एसडीपीओ अनिल सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार उसरी नदी तट पर जिस स्थान पर घटना हुई। वहां ग्रामीणों द्वार पूजा और अर्घ्य देने के लिए घाट भी तैयार किया जा रहा था।

पूर्ण श्रद्धा आस्था विश्वास शुद्धता व पवित्रता से सराबोर है महापर्व छठ पूजा,छठी मईया की जय





रांची।

मुख्यतः बिहार राज्य से प्रारंभ हुआ सूर्योपासना का यह महापर्व छठ पूजा अब सम्पूर्ण भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मनाया जाने लगा है। झारखण्ड के सभी चौबीस जिलों में यह पर्व पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
जहां बीते साल संक्रमण के दौर में इस पर्व को घरों में ही मनाने की अपील की गई थी।इस वर्ष महामारी में कमी देख यह पर्व मनाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी स्वाभाविक ही है।
 देश देशान्तर में सनातन धर्म संस्कृति के विस्तार के साथ ही साथ छठी मईया की जय जयकार चहुंओर होने लगी है।इस महापर्व के प्रति आस्था,शुद्धता,पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

 दिवाली के छठवें दिन कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को छठ पूजा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से चार दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य व उदयीमान सूर्य को अर्घ्य प्रमुख हैं।
छठ पूजा के लिए मान्यता है कि जो भी पति-पत्नी पूरे श्रद्धा भाव से छठ माता का पूजन करते हैं उनका स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है और निःसंतान दम्पत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है।  


इस साल छठ पूजा और इसका क्या महत्व है:

छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देव को समर्पित पर्व है। यह चार दिनों तक चलता है जिसमें इसका आरम्भ नहाय खाय से होता है। इस साल यह पर्व 8 नवंबर, सोमवार से आरंभ हुआ है।

नहाय खाय से छठ पूजा का प्रारंभ- 08 नवंबर 2021, सोमवार

खरना- 09 नवंबर 2021,मंगलवार

छठ पूजा संध्या अर्घ्य -10 नंवबर 2021, बुधवार

छठ पूजा समापन- 11 नवंबर 2021, गुरुवार, उगते हुए सूर्य को अर्घ्य

नहाय खाय
छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय के रूप में जाना जाता है। इस दिन पूरा परिवार एक पारंपरिक भोजन तैयार करता है और दोपहर में इसे भोग के रूप में परोसता है, इस तैयार भोजन को परिवार के सभी लोग मिल जुलकर ग्रहण करते हैं।

छठ पूजा का महत्व

छठ माता का व्रत सूर्य देव, ऊषा , प्रकृति, जल और वायु को समर्पित होता है। मान्यतानुसार इस व्रत को श्रद्धा और विश्वास से करने से निःसंतान दम्पत्तियों को भी संतान सुख की प्राप्ति होती है। बताया जाता है कि छठ व्रत अपने संतान की रक्षा और उनके उज्जवल भविष्य और जीवन में खुशहाली लाने के लिए किया जाता है। इस व्रत को श्रद्धा पूर्वक करने से संतान सुख में वृद्धि के साथ उसे प्रत्येक क्षेत्र में सफलता भी मिलती है। इस प्रकार छठ माता का व्रत भक्तों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।


छठ पूजा की कथा

प्राचीन कथा के अनुसार प्रियंवद नाम का एक राजा था और उनकी पत्नी मालिनी थीं। शादी के कई सालों बाद भी जब प्रियंवद को संतान की प्राप्ति नहीं हुई तब वह बहुत दुखी रहने लगे। उन्होंने संतान प्राप्ति के लिए महर्षि कश्यप से विचार-विमर्श कर यज्ञ करवाने का निश्चय किया। तब यज्ञ की आहुति की खीर महर्षि कश्यप ने राजा प्रियंवद की पत्नी को दी और उसी के प्रभाव से उन्हें संतान के रूप में पुत्र की प्राप्ति हुई, लेकिन वह पुत्र मरा हुआ पैदा हुआ। पुत्र वियोग में जब राजा ने अपने प्राण त्यागने का निश्चय किया तो ब्रह्मा जी की मानस पुत्री देवसेना वहां पर प्रकट हुई और उन्हें पुत्र को जीवित करने के लिए छठ व्रत करने को कहा। इस व्रत के प्रभाव से राजा प्रियंवद का पुत्र जीवित हो गया। तब से छठ पूजा बड़े ही धूमधाम से पूर्ण अस्थापूर्वक निष्ठा के साथ पूरे देश में मनाई जाती है।

इस प्रकार छठ पूजा का हिंदुओं में विशेष महत्व है और इन चार दिनों में छठ माता की पूजा विधि विधान से की जानी चाहिए।

8वीं की छात्रा ने ड्राइवर से भागकर की शादी, ससुराल पहुंची तो 8 बच्चों का निकला बाप



 गोड्डा.



8वीं क्लास की छात्रा को पड़ोस में रह रहे एक ड्राइवर से प्यार हो गया। प्यार भी इस कदर हुआ कि बिना घरवालों को बताये बिना गोड्डा के देवदाड़ की रहने वाली तरबानो खातून ने करमाटांड़ बरमुंडी के रहने वाले मुस्तकिम से जनवरी 2021 में कोर्ट मैरिज भी कर लिया। जब वह ससुराल पहुंची, तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। लड़का पहले से ही शादीशुदा था और 8 बच्चों का बाप था। तरबानो ने बताया कि स्कूल आने-जाने के दौरान ही साल भर पहले उसकी मुलाकात गोड्डा में मुस्तकिम से हुई थी। 

पंचायत में ₹50,000 देकर हुआ था तलाक 

ससुराल में बात-बात पर ही झगड़े होते थे। तीन महीने बाद बात तलाक तक पहुंच गई। । इस बात को ले दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। ₹50,000 देने की बात पर दोनों पक्षों में रजामंदी हो गई। लेकिन लड़की के पिता को पैसा नहीं मिले और फिर भी वे अपनी बेटी को अपने घर ले गए। उन्होने कहा जिंदगी तो बेकार हो ही गई, अब झगड़े का क्या फायदा।


तरबानों को प्रताड़ित करने ससुराल वालों ने कोई कसर नही छोड़ी। तरबानों का कहना है कि उसे मारा-पीटा, सिर मुंडवा दिए। दिन-रात कभी भी करेंट लगा देते, ताकि किसी तरह तड़प कर वह मर जाए। चीखती-चिल्लाती तो लोग करेंट हटा देते। तरबानो की आंखों की पुतली के बाल तक नोंच डाले। प्रताड़ना से वह इस कदर परेशान हो गई कि मौका पाकर सोमवार की सुबह दोबारा से घर से भाग निकली। किसी तरह करमाटांड़ बाजार पहुंची और यहां मौजूद कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ गई। पूछताछ के दौरान उसने सब कुछ बताया। 

फिर होने लगी बातचीत 
तरबानो ने थाने मे बताया कि मुस्तकिम अंसारी फिर से 7 महीने के बाद उसके साथ फिर बातचीत करने लगा। एक दिन वह अपनी बाइक लेकर आया और अपने साथ अच्छी तरह रखने का झांसा देकर फिर से अपने घर ले आया। उसकी सौतन और पति उसे प्रताड़ित लगे । इस संबंध में थाना प्रभारी रोशन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है।
लड़की को थाना लाया गया है। लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिक दर्ज की जाएगी। लड़की के पिता को भी इत्तला कर दिया गया है। मामले के किसी भी दोषी को बख्सा नहीं जाएगा। पीड़िता के पिता के यहां पहुंचते ही पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर देगी।

Monday, November 8, 2021

आस्था के महापर्व छठ में कुमारधुबी के बच्चों ने किया अनोखा पहल, लोगों ने की सराहना




धनबाद।

धनबाद के कुमारधुबी बाघाकुड़ी के बच्चों ने छठ महापर्व पर  एक अनोखी पहल करते हुए अपने अपने गुल्लक में जमा की गई राशि से कद्दू खरीदकर छठ व्रतधारियों के बीच कद्दू का वितरण किया। 
जिसे देखकर लोगों ने इस पवित्र कार्य की काफी सराहना की। बच्चों ने बताया कि उन्हें अचानक मन मे ख्याल आया कि छठ महापर्व में कुछ किया जाय। वे अपने-अपने गुल्लक को तोड़कर छ: हजार रुपये निकाले। जिससे उनलोगों ने बाजार से 2 क्विंटल कद्दू खरीद कर छठ व्रतधारियों के बीच वितरण किया।इस अवसर पर बच्चों में अमन गुप्ता, गोपी य इरफान अहमद खान, बबली वर्मा, अजय सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

Wednesday, September 1, 2021

देश की पहली महिला खनन इंजीनियर बनीं झारखंड की आकांक्षा




2018 में बीआईटी (सिंदरी) धनबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की

केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस उपलब्धि पर आकांक्षा को ट्वीट कर बधाई दी.कहा कि आकांक्षा कुमारी की यह उपलब्धि दूसरी महिलाओं को प्रेरित करेगीं

हजारीबाग:-

झारखंड के हजारीबाग के बड़कागांव की रहने वाली आकांक्षा कुमारी ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) में भूमिगत खदान की इंजीनियर (माइनिंग इंजीनियर) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है और वह भारतीय कोयला निगम में खदान में काम करने वाली पहली इंजीनियर बन गयी हैं. सीसीएल ने एक विज्ञप्ति में बताया कि सीसीएल के चार दशक के इतिहास में यह पहली बार है जब एक महिला माइनिंग इंजीनियर ने यहां कार्यभार ग्रहण किया है.आकांक्षा ने मंगलवार को नॉर्थ कर्णपुरा क्षेत्र की चूरी भूमिगत खदान में कार्यभार संभाला.mtg बयान में कहा गया कि आकांक्षा कोल इंडिया की दूसरी और भूमिगत खदान में योगदान देने वाली पहली महिला माइनिंग इंजीनियर हैं। उन्होंने अपने इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में भूमिगत खदान को चुनकर न सिर्फ इस भ्रांति को तोड़ा है कि खनन क्षेत्र सिर्फ पुरुषों के लिए है, बल्कि अपने जैसी और भी महत्‍वाकांक्षी छात्राओं को प्रेरित किया है। सीसीएल प्रबंधन ने बताया कि पहले माइनिंग में छात्राओं के लिए कोर्स नहीं होते थे। विज्ञप्ति में बताया गया है कि आकांक्षा ने अपनी स्‍कूली पढ़ाई नवोदय विद्यालय से की है। बचपन से ही उन्होंने अपने आस पास कोयला खनन की गतिविधियों को करीब से देखा है। इसके चलते खनन के प्रति उनकी रुचि शुरू से ही रही है। यही कारण है कि उन्होंने इंजीनियरिंग में माइनिंग शाखा का चुनाव किया। उन्होंने 2018 में बीआईटी (सिंदरी) धनबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। कोल इंडिया में अपना योगदान देने से पहले उन्‍होंने तीन वर्ष तक हिन्‍दुस्‍तान जिंक लिमिटेड की राजस्‍थान स्थित बल्‍लारिया खदान में काम किया। उनके पिता अशोक कुमार बड़कागांव के एक स्कूल में शिक्षक हैं और मां कुमारी मालती गृहिणी हैं। आकांक्षा को कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी, सीसीएल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पी एम प्रसाद, सभी निदेशकों एवं अन्य कर्मियों ने बधाई दी है। प्रसाद ने कहा कि आकांक्षा की इस उपलब्धि ने खनन क्षेत्र में महिलाओं के लिए असीम संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...