Saturday, July 27, 2019

*मुंबई : महालक्ष्मी एक्सप्रेस से यात्रियों को बचाने का ऑपरेशन पूरा, अमित शाह ने की तारीफ




मुंबई में भारी बारिश के चलते ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है. बदलापुर और वांगनी के बीच महालक्ष्मी एक्सप्रेस ट्रैक पर पानी भरने की वजह से फंस गई. ट्रेन में लगभग 700 यात्री मौजूद थे, जिन्हें एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और सिटी पुलिस की टीमों ने यात्रियों को खाने-पीने की सामग्री वितरित की है. रेस्क्यू किए गए यात्रियों में 9 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं. जिनकी वजह से महिला डॉक्टर्स समेत 37 डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस को भी मौके पर पहुंचाया गया है.
बता दें कि महाराष्ट्र में बारिश के कारण 13 रेलगाड़ियों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है जबकि 2 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.
भारी बारिश में फंसी महालक्ष्मी एक्सप्रेस से 700 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने पर गृहमंत्री अमित शाह ने एनडीआरएफ, इंडियन नेवी, भारतीय वायुसेना, रेलवे और राज्य प्रशासन की तारीफ की. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, हम इस ऑपरेशन को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं. शानदार कोशिशों के लिए रेस्क्यू टीम को बधाई.

Friday, July 26, 2019

झारखण्ड की ग्राम सभा ने इज्‍जत की कीमत लगाई एक लाख,सामूहिक दुष्‍कर्म का मामला रफा-दफा करने का फरमान



बड़ी खबर...

खूँटी- एक विवाहिता से सामूहिक दुष्‍कर्म के मामले में ग्राम सभा ने शर्मनाक फरमान सुनाया है। पीडि़ता को एक लाख रुपये लेकर केस वापस करने को कहा गया है।यहां केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के संसदीय क्षेत्र खूंटी के कुरुंगा गांव में एक महिला से सामूहिक दुष्‍कर्म के बाद ग्राम पंचायत ने एक लाख रुपये उसकी अस्‍मत का मुआवजा तय किया है। बताया गया कि पत्थलगड़ी प्रभावित कुरुंगा गांव में सामू‍हिक दुष्‍कर्म करने के बाद महिला ने ग्राम सभा में इसकी शिकायत की थी। इस क्रम में ग्राम सभा ने दुष्‍कर्म के आरोपियों से एक लाख रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने का फरमान सुनाया है। इस मामले में शुक्रवार को खूंटी के एसपी के समक्ष मुकदमा वापसी का आवेदन दिया गया है।

शहीदों का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत- एसपी, पलामू




आज सदर प्रखंड के पोल पोल में पूर्व सैनिकों एवं राष्ट्र प्रेमी भक्तों द्वारा कारगिल विजय दिवस समारोह का भव्य आयोजन कारगिल शहीद स्मारक पार्क में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पोल पोल पंचायत की मुखिया श्रीमती प्रमिला देवी एवं संचालन पूर्व सैनिक बृजेश कुमार शुक्ला ने किया। धन्यवाद ज्ञापन पूर्व सैनिक विजयानन्द पाठक ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरक्षी अधीक्षक पलामू श्री अजय लिंडा जी ने विधिवत शहीदों को माल्यार्पण कर एवं पुष्पांजलि कर किया।सर्वप्रथम कार्यक्रम में शहीद की वीरांगना श्रीमती पुष्पम देवी को पोल पोल मुखिया द्वारा शॉल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। शहीद युगम्बर दिक्षित के परिजन एवं पुलिस अधीक्षक पलामू को समाजसेवी रविंद्र सिंह के द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शाल से सम्मानित किया। कार्यक्रम में आरक्षी उपाधीक्षक श्री सुरजीत कुमार एवं शाहिद मनु अखौरी के के पिता कर्नल संजय अखौरी को पुष्प गुच्छ देकर एवं शाल देकर समाज सेवी धनंजय सोनी द्वारा सम्मानित किया गया।

रांची : झारखंड की बेटियों को दिल्ली में बेचने वाले रवींद्र राठी को 14 साल की जेल




पत्नी भी करती थी सहयोग
रांची : झारखंड की बेटियों को दिल्ली में बेचनेवाले मानव तस्कर रवींद्र* राठी उर्फ आकाश राठी को एजेसी एसके पांडे की अदालत ने 14 साल सश्रम जेल की सजा सुनायी है. रवींद्र राठी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.  
जुर्माना नहीं देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. अदालत ने की राशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने का निर्देश दिया है. हरियाणा निवासी रवींद्र राठी को 20 जुलाई को आइपीसी की धारा 370 (मानव तस्करी) के आरोप में दोषी करार दिया गया था. अभियोजन की अोर से मामले की पैरवी करने वाले एपीपी एके राय ने कहा कि धुर्वा तुपुदाना में राठी के खिलाफ नाबालिग पीड़िता के पिता ने 28 मई 2013 को मामला दर्ज कराया था. राठी ने 17 वर्षीय किशोरी को दिल्ली में ले जाकर बेच दिया था.  
*वह गुडविल प्लेसमेंट सर्विस निहाल विहार नागलोई नयी दिल्ली का संचालक* था. प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये झारखंड की लड़कियों को अवैध तरीके से दिल्ली ले जाकर बेच दिया जाता था. अनुसंधान के क्रम में पता चला कि राठी पहले भी कई लड़कियों को दिल्ली ले जाकर बेच चुका था. वह लड़कियों को उनके काम के पैसे भी नहीं देता था अौर घरवालों से भी बात नहीं करने देता था. मानव तस्करी के इस अपराध में उसकी पत्नी मेरी फुलकेरिया तिरू भी सहयोगी है. वह फिलहाल फरार चल रही है. अभियोजन की अोर से मामले में नौ गवाही करायी गयी थी. 
30 को एक और मामले में होगी गवाही : रवींद्र राठी के खिलाफ रांची में तीन विभिन्न मामले दर्ज हैं. दो अौर मामले में ट्रायल जारी है. 30 जुलाई को एक अौर मामले में उसके खिलाफ गवाही दर्ज होगी.  
कारा प्रशासन पर प्रताड़ित करने का लगाया आरोप : राठी ने गुरुवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार प्रशासन पर प्रताड़ित करने से संबंधित आवेदन अदालत में सौंपा है. इसमें उसने कहा है कि उसे कारा प्रशासन की अोर से प्रताड़ित किया जा रहा है. अदालत ने मामले में कारा प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है.
रांची : सिल्ली से मानव तस्करी की शिकार हुई नाबालिग गाजियाबाद में मिली
रांची : सिल्ली से मानव तस्करी की शिकार हुई नाबालिग को गाजियाबाद रेल पुलिस ने बरामद कर लिया है. लेकिन मामले में नाबालिग के पिता ने जब मानव तस्करी के संदेह में इसकी शिकायत सिल्ली थाना में की, तब पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की. सिल्ली पुलिस ने नाबालिग के लापता होने का सनहा दर्ज कर मामले को छोड़ दिया. इधर, नाबालिग के गाजियाबाद में मिलने की सूचना पर उसके परिजन दिल्ली पहुंच चुके हैं. 
*वे अपनी बच्ची को वापस पाने के लिए इधर-उधर भटक* रहे हैं. जानकारी के अनुसार नौ जुलाई को सिल्ली थाना क्षेत्र के बसंतपुर निवासी एक नाबालिग लापता हो गयी थी. जब वह शाम तक घर नहीं लौटी, तब परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की. 10 जुलाई को नाबालिग की बड़ी बहन के पास एक मोबाइल नंबर से फोन आया. 
*फोन करने वाले ने उससे* कहा कि नाबालिग 15 साल बाद घर आयेगी, क्योंकि नाबालिग को गाजियाबाद रेल पुलिस ने पकड़ लिया है. इस बात की जानकारी मिलने के बाद नाबालिग के परिजन जीआरपी मुरी पहुंचे.  
*तब उन्हें पता चला कि नाबालिग को गाजियाबाद* रेल पुलिस ने गाजियाबाद प्लेटफॉर्म से 11 जुलाई को बरामद किया था. बरामद करने के बाद गाजियाबाद रेल पुलिस ने खुद को नाबालिग का भाई बताने वाले दिलीप किंडो नामक व्यक्ति को नाबालिग को सौंपा था. दिलीप किंडो ने नाबालिग को वापस सौंपने के लिए उसके परिजनों को दिल्ली बुलाया था. नाबालिग के परिजन जब दिल्ली पहुंचे, तब दिलीप किंडो नाबालिग को सौंपने के लिए परिजन को इधर-उधर भटका रहा है।

गिरिडीह में बाइक सवार अपराधियों ने करीब एक लाख नगद लूटे


BHARAT MANDAL,

गिरिडीह ၊ अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के क्षेत्र के पर्वत पुर लिप्टस मोड़ के पास  आरोहण फाइनेंशियल कंपनी के स्टाफ से बाईक सवार दो अज्ञात लुटेरों ने दिन दहाड़े बंदूक की नोंक पर लगभग 92200/- रुपये लुट लिया। 
इधर फाइनेंशियल कंपनी के युवक ने कहा कि गिरिडीह आफिस के लिए बाईक से निकला था कि पीछे से दो बाईक में सवार दो युवक हेलमेट पहने हुए ओवरटेक कर उसे रोक दिया ၊ साथ ही पीछे से एक युवक तुरंत उतर कर स्टाफ के सामने हवाई फायरिंग कर उसके सिर पर गन को सटा दिया और रुपये से भरा बैग ले कर भाग गया।
सूचना पर अहिल्यापुर पुलिस घटना स्थल पहूंचे व छानबीन में जुट गयी। सूचना के कुछ देर बाद गिरिडीह एसडीपीओ जीतवाहन उरांव भी घटना स्थल पहुंचे व गहनता से छानबीन में जुटे। आस पास में भी जांच की जा रही है ।

एनएच 2 सिक्स लेनिंग हेतु रैयतों के मुआवजे की मांग व पुलिस लाठी चार्ज के खिलाफ ग्रामीण आंदोलन पर उतारू



गिरिडीह: जीटी रोड सिक्स लेनिंग चौड़ीकरण कार्य के लिए अधिग्रहित भूमि का बिना मुआवजा भुगतान किए और सूचना दिए बिना प्रशासन के शह पर निर्माण कार्य करवा रही कंपनी द्वारा रैयतों की जमीन लेने व घरों को तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है।गुरूवार को इस मामले को लेकर कुलगो शिवमंदिर परिसर में प्रभावित रैयतों और ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बीस सूत्री डुमरी प्रखंड उपाध्यक्ष कृष्णकांत शर्मा ने की। बैठक में बुधवार को कंपनी और प्रशासन द्वारा बगैर किसी पूर्व सूचना के कुछ रैयतों के घरों को तोड़ने और इसका विरोध कर रहे रैयतों और ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किये जाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया साथ ही प्रशासन से जमीन की वर्तमान स्थिति के आधार पर मुआवजा देने और कंपनी द्वारा बुधवार को की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई में हुई नुकसान की क्षतिपूर्ति घर वालों को देने की मांग की गई।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रोड निर्माण कार्य में लगी कंपनी पुलिस और प्रशासन का भय दिखा कर बगैर मुआवजा दिये रैयतों की जमीन ले रही और घरों को तोड़ रही है।जीटी रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन का मुआवजा देने में जिला भू-अर्जन विभाग मनमानी कर रही है।कुलगों में इसके पूर्व आवासीय दर पर मुआवजा दिया जा रहा था लेकिन विभाग अचानक अपने निर्णय को उलट कर कृषि दर पर मुआवजा देना शुरू कर दिया।इससे रैयतों में आक्रोश होना स्वाभाविक है। कहा कि बुधवार को रैयत अपना हक मांग रहे थे परंतु प्रशासन ने लाठी का भय दिखाकर मुंह बंद कर दिया। बुधवार को बिना सूचना के घर तोड़ देने से उन घर वालों के समक्ष सर छुपाने की समस्या उत्पन्न हो गई है।साथ ही घर में रखे सामान बर्बाद हो गये। बैठक में आये गुलाम रसूल ने बताया कि कल की हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई में घर में रखा सामान,अनाज, करीब 50 किलो मुर्गा सहित लगभग तीन लाख की क्षति हुई है।इजहार अंसारी ने बताया कि सूचना दिये बगैर अचानक घर तोड़े जाने से उसके घर में रखा दो साइकिल, बर्तन, अनाज,बक्सा,उसमें रखा कपड़ा,आलमीरा और खटिया बर्बाद हो गया।पीडित इस संबंध में अनुमंडल कार्यालय में आवेदन देकर क्षतिग्रस्त सामानों और मकान का मुआवजा देने की मांग की है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर कहा गया है कि यदि भू-अर्जन विभाग जमीन का आवासीय दर पर मुआवजा दिए बगैर जमीन को अधिग्रहित करने का प्रयास करेती है तो वे फिर से सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होगे जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।मौके पर आजसू पार्टी के जिला उपाध्यक्ष छक्कन महतो, मुखिया जयकांत महतो,रूस्तम अंसारी,कपिलदेव पाण्डेय,अजय ठाकुर, राधेश्याम ठाकुर,जगदीश पाण्डेय,महेन्द्र प्रसाद भगत,मोती ठाकुर,गणेश साव, अर्जुन ठाकुर अदिसदर्जनों लोग उपस्थित थे।

Wednesday, July 24, 2019

बिहार के बाद अब असम में दिमागी बुखार से आक्रांत 110 बच्चों की हुई मौत


गुवाहाटी: बाढ़ पीड़ित असम में जापानी दिमागी बुखार का प्रकोप भी गहराता जा रहा है। अब तक दिमागी बुखार से मरने वालों की संख्या 110 हो गई है। लाखों लोग राहत शिविरों में किसी तरह समय बिता रहे हैं। बाढ़ पीड़ित लोगों को दिमागी बुखार की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

पिछले तीन दिनों में दिमागी बुखार के कारण ग्वालपाड़ा में तीन, सोनितपुर में दो तथा बारपेटा, धुबरी, बोंगईगांव व कोकराझार में एक-एक की मौत हुई है। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा मंगलवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले तीन दिनों में ही नौ लोग इस बुखार का शिकार हो गए हैं। भीषण बाढ़ के कारण असम में लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। बुलेटिन के अनुसार, इस महीने की शुरुआत से अब तक 477 लोगों में दिमागी बुखार की पुष्टि हुई है ၊

बिहार के जमुई में एक युवक की आक्रोशित भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी


न्यूज डेस्क ၊ 
बिहार में इन दिनों अचानक भीड़ का कहर बढ़ गया है. भीड़ द्वारा लगातार हत्याएं और सरेआम पिटाई करने के मामले सामने आ रहे हैं. आज बुधवार को ही एक के बाद एक कई मामले सामने आये हैं. सुपौल, औरंगाबाद के बाद अब ताजा मामला जमुई का है. जमुई में आज बुधवार की शाम एक युवक को आक्रोशित भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला. जिस युवक की हत्या की गयी, वह भी एक अन्य शख्स को गोली मारकर भाग रहा था. इसी दौरान भीड़ जमा हो गई और गोली मारकर भाग रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी.                          मृतक का नाम अमर सिंह जबकि गोली लगने से घायल व्यक्ति का नाम बबलू यादव बताया जा रहा है, जिसके पैर में गोली लगी है. जमुई की घटना चन्द्रदीप थानाक्षेत्र स्थित अलीगंज बाजार की है. इसके बारे में जानकारी मिली है कि मृतक का आपराधिक इतिहास था. इसके दो चाचा की भी हत्या हुई थी. उन दोनों पर भी हत्या-लूट-अपहरण जैसे मुकदमे दर्ज थे.

झारखंड के जामताड़ा व दुमका जिले में वज्रपात से आठ लाेगाे की माैत हाे गई


जामताड़ा : झारखंड के जामताड़ा व दुमका जिले वज्रपात से आठ लाेगाे की माैत हाे गई. जामताड़ा ज्ला अंतर्गत कुसमा पहाडी गांव मे बुधवार को हुई तेज बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से 6 लोगों की मौत हो गई।मिली जनकारी के अनुसार पाँच जामताड़ा थाना क्षेत्र के कुसमा पहाडी गांव निवासी रूपलाल हेम्ब्रम,इंद्रसेन हेम्ब्रम, संजय हेम्ब्रम, सुनील हेम्ब्रम, परिमल मरांडी व एक बिंदापाथर थाना निवासी कायना बाउरी नदी मे स्नान करने गए थे कि अचानक ठनके की चपेट मे आने से उनकी माैत हाे गई. वहीं दूसरी घटना दुमका जिले के सरैयाहाट के ओराबारी मे ठनका गिरने से दो कि मौत हो गयी. मृतक कि पहचान कर्णपुरा गांव के शशि यादव (50)व सुनीता कुमारी (11)वर्ष के रुप मे हुई है, जबकि 8 वर्षीय रूचि कुमारी घायल बताई जा रही है. ये सभी एक खेत मे धान रोपने का काम कर रहे थे।

Tuesday, July 23, 2019

धनबाद की धरती हुई फिर खून से लाल, अपराधियों ने जमीन कारोबारी को गोलियों से भूना




धनबाद : धनबाद के कार्मिक नगर की धरती मंगलवार को खून से लाल हो गयी. यहां अपराधियों ने एक व्यक्ति को गोलियों से भून डाला, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, बाइक सवार दो अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया और फरार हो गये. मृतक की पहचान जमीन कारोबारी समीर मंडल के रूप में की गयी. वह सुदामडीह पाथरडीह का निवासी था. अपराधियों ने समीर को चार गोलिया मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. घटना सरायढेला थाना के डीपीएस स्कूल के समीप की है.

इधर घटना की सूचना पर डीएसपी सहित पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में कर पीएमसीएच भेज दिया. पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

Mumbai Crime: Gold loan fraud busted, 6 arrested for duping banks



The Mumbai crime branch on Sunday arrested six people for allegedly duping a bank of Rs 30.9 lakh by mortgaging fake gold ornaments for loans. The accused, according to the police, have cheated close to 30 branches of different banks in the city by availing gold loans worth over Rs 2 crore.

The scam came to light when Kotak Mahindra Bank held an auction in March to recover the loan given to the accused. Siddhanath Jewellers purchased three pendants at the auction and paid Rs 1,64,996 for about 40 gms of gold, Sunil Bajare, Senior Inspector, Property Cell, told mid-day. The jeweller later discovered that the ornaments had only 23 grams of gold, he added. The firm contacted other bidders and learnt that even they have received fake ornaments, which amounted to Rs 29,34,996.



वज्रपात के कारण दो की मौत , कई रेलकर्मी हुए घायल

   
गिरिडीह:सोमवार को जिले के  पारसनाथ स्थित पीडब्ल्यूआई के सेक्शन इंजीनियर जावेद कमर जो चौधरी बांध के निकट रेलवे लाइन में काम करवा रहे थे ၊ अचानक बारिश होने के कारण अपने अधीनस्थ कार्य कर रहे रेलवे कर्मियों के साथ एक पेड़ के नीचे बारिश से बचने के लिए गए ၊ इसी दौरान अचानक वज्रपात की घटना हुई ၊जिसमें सेक्शन इंजीनियर सहित मौजूद रेलवेकर्मी वज्रपात के प्रभावित होकर गिर पड़े। वहीं वज्रपात से सोमवारी पूजा करने जा रही एक लड़की की मौत निमियाघाट थाना क्षेत्र में हो गई ၊ उधर चौधरीबांध हॉल्ट स्टेशन में  ग्रामीणों द्वारा इस घटना की जानकारी चौधरीबांध रेलवे स्टेशन को दी गई तत्पश्चात रेलवे कर्मचारियों ने अपनी तत्परता दिखाते पारसनाथ स्टेशन प्रबंधक को घटना की जानकारी देते हुए घायलों को धनबाद रेलवे अस्पताल   ले जाया गया परंतु तब तक जावेद कमर की मौत  हो चुकी थी।घटना में घायल  रेल कर्मियों का इलाज रेलवे अस्पताल में ही चल रहा है।सभी घायल  खतरे से बाहर बताया जा रहे हैं।पारसनाथ रेलवे प्रबंधक बी दुबे ने बताया कि  सभी मजदूर जो वज्रपात के लाइटिंग से  मूर्छित हुए थे खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज चल रहा है।बताया गया की मृतक जावेद के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।उन्होंने बताया मृतक मृतक जावेद बिहार के नवादा के रहने वाले थे तथा 2006 में रेलवे की नौकरी ज्वाइन कर 2016 से बतौर सेक्शन इंजीनियर पारसनाथ पीडब्ल्यू आई के अंतर्गत कार्यरत थे।

Monday, July 22, 2019

प्रेमी युगल हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, भाई ही निकला बहन का कातिल




रामगढ़:-
बासल थाना क्षेत्र में प्रेमी युगल हत्याकांड का खुलासा रामगढ़ पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने खुलासा किया कि युवती के भाई ने ही अपने फुफरे भाई और 2 दोस्तों के साथ मिलकर दोनों की हत्या की है। इसके बाद आरोपियों ने शव को जलाने की भी कोशिश की।
रामगढ़ एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि मृतका के भाई श्याम उरांव को अपनी बहन अनीता कुमारी का प्रेम प्रसंग राजकुमार बेतिया से पसंद नहीं था। इसको लेकर कई बार वो अपनी बहन और राजकुमार को धमकी भी दे चुका था। हालांकि प्रेमी युगलों ने उसकी बात को अनदेखा किया। इसके बाद श्याम ने साजिश के तहत फोन कर बहन और उसके प्रेमी को घाघरा हटूआ टूंगरी पहाड़ी पर बुलाया और वहां अपने फुफेरे भाई अंजन उराव और दोस्त मनोज प्रजापति व अमित कुमार लिंडा के सहयोग से लोहे की रॉड से दोनों की हत्या कर दी।
गौरतलब है कि 17 जून 2019 को देर रात सालगो और भंडारा से भागे प्रेमी युगल राजकुमार बेदिया और अनिता कुमारी की बासल थाना में गुमशुदगी दर्ज की गई। इसके बाद 23 जून को पुलिस को सूचना मिली कि घाघरा हतुवा टुंगरी पहाड़ी पर एक लड़का और एक लड़की का शव पड़ा है। पुलिस शिनाख्त में पता चला कि दोनों शव प्रेमी युगल के ही हैं। पुलिस ने पहले श्याम को पकड़ा और उसकी निशानदेही पर इस वारदात में शामिल श्याम के फुफेरे भाई अंजन उरांव, मनोज प्रजापति और अमित कुमार लिंडा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया। पुलिस की छापेमारी दल में एसडीपीओ पतरातू प्रकाश चंद्र महतो, बासल ओपी प्रभारी राजे कुमारी कुजूर व अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे।

गिरिडीह में झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने शहरी क्षेत्र में एक भव्य रैली निकाली


गिरिडीह में झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से सोमवार को शहरी क्षेत्र में एक भव्य रैली निकाली गई, और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गयी। बताया गया कि निजी विद्यालयों को मान्यता हेतु शर्तों में संशोधन करने को ले म यह विरोध प्रदर्शन किया गया था ၊ शिक्षा, अधिकार, नियमावली में संशोधन कर निजी विद्यालयों की मान्यता हेतु 25 जून 2019 को जारी अधिसूचना में जिन शर्तों को निर्धारित किया गया है, वह अत्यंत ही कठोर हैं।
जिसे छोटे निजी विद्यालयों द्वारा पूरा कर पाना असंभव है। ऐसी स्थिति में सरकार अगर नियमों में बदलाव नहीं करती है, तो पूरे राज्य में लगभग 95% विद्यालय बंद हो जाएंगे। जिससे लाखों शिक्षक बेरोजगार होंगे, और लाखों लाख बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। यहा इस कार्यक्रम की अगुवाई राम रंजन सिंह, दिनेश साहू, समेत हजारो की संख्या में शिक्षकों ने रैली में भाग लिया ၊ तमाम लोग समाहरणालय पहुंचे जहां एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल राज्यपाल के नाम उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा।


भिलाईःअर्पण स्कूल में मंदबुद्धि बच्चों का मासिक स्वास्थ्य परीक्षण की गई


न्यूज डेस्क ၊
 
श्री सत्य साई विद्या ज्योति भिलाई व 
होम्योपैथी मेडिकल एसोसिएशन ब्रांच छ.ग.शाखा के सयुंक्त तत्वावधान व्दारा अर्पण स्कूल के 30 मंदबुद्धि बच्चों का सोमवार 22 जुलाई 2019 को सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक और शारीरिक प्रत्याशा जलशीर्ष, आत्मकेंद्रित, मानसिक अपरिपक्व बच्चे, मिर्गी, अंधापन, बहरापन, मूक विकास और भाषण विकार, सिज़ोफ्रेनिया सिंड्रोम, आनुवंशिक विकार, जन्मजात रोग और तंत्रिका संबंधी रोगो का ईलाज किया गया व निशुल्क दवाई का वितरण भी किया गया।।
होम्योपैथी मेडिकल एसोसिएशन ब्रांच छ.ग.शाखा से डॉ कमल मानिकपुरी, डा.गिरीश केशवानी, व्दारा  मानसिक रूप से अपरिपक्व बच्चों का  स्वास्थ्य परीक्षण किया गया ၊
श्री सत्य साई विद्या ज्योति भिलाई से श्री पी.श्रीकांत नायडू, श्री व्ही. सत्यदीप नायडू, श्री बी.शेखर नायडू ने अपना योगदान दिया ၊

श्री सत्य साई विद्या ज्योति के तहत गोद लिए स्कूल अर्पण स्कूल मे मानसिक रूप से विकलांग बच्चों की पहचान देने व उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें जीवन जीने का दर्जा देने के लिए सिलाई कढाई का  प्रशिक्षण अर्पण स्कूल व्दारा दिया जाता हैं ၊
 वे सुई काम और सादा सिलाई, हेमिंग, बटन फिक्सिंग, हुक और आंख बनाने आदि भी सीखते हैं।

अभी भी चेत जाएँ,भारतीय समाज मे बेटा-बेटी मे असन्तुलन की गम्भीर स्थिति उत्पन्न हो रही है


भारतीय समाज में बेटा-बेटी में फर्क करने की मानसिकता में बदलाव लाने और लड़कियों की दशा और दिशा सुधारने के लिए पिछले कुछ वर्षों से सरकारी स्तर पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए जाने के बावजूद हाल ही में ‘नीति आयोग’ की जो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। ‘हैल्दी स्टेट्स एंड प्रोग्रेसिव इंडिया’ (स्वस्थ राज्य और प्रगतिशील भारत) नामक इस रिपोर्ट के अनुसार देश के 21 बड़े राज्यों में से 17 में लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है।

जन्म के समय लिंगानुपात मामले में 10 या उससे अधिक अंकों की गिरावट वाले राज्यों में प्रधानमंत्री के गृह राज्य ‘गुजरात’ की हालत सबसे खराब है, जहां लिंगानुपात 53 अंकों की गिरावट के साथ 907 से घटकर महज 854 रह गया है। कन्या भ्रूण हत्या के लिए पहले से ही बदनाम हरियाणा लिंगानुपात मामले में 35 अंकों की गिरावट के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि राजस्थान में 32, उत्तराखण्ड 27, महाराष्ट्र 18, हिमाचल प्रदेश 14, छत्तीसगढ़ 12 और कर्नाटक में 11 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।

हालांकि पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार में लिंगानुपात में क्रमश: 19, 10 व 9 अंकों का सुधार हुआ है, जो आशाजनक तो है किन्तु यह स्थिति भी ऐसी नहीं है, जिसे लेकर हम ज्यादा उत्साहित हो सकें क्योंकि लिंगानुपात में मामूली सुधार के बावजूद इन राज्यों की स्थिति भी इस मामले में कोई बहुत बेहतर नहीं है। नीति आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश में अभी भी प्रति 1000 पुरूषों पर महिलाओं की संख्या मात्र 879 है जबकि बिहार में यह संख्या 916 है।

वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा शुरू से ही ‘कन्या भ्रूण हत्या’ को निरूत्साहित करने के लिए जिस तरह की योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाता रहा है, उसके बावजूद लिंगानुपात के बिगड़ते संतुलन की इस तरह की रिपोर्ट सामने आना वाकई हमारे लिए गंभीर चुनौती है।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘लाडली बेटी योजना’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ सरीखी सरकारी योजनाओं के अलावा विशेष रूप से मीडिया द्वारा चलाया गया कैंपेन ‘सेल्फी विद डॉटर’ नारी सशक्तिकरण की दिशा में बहुत अच्छे प्रयास किए गए किन्तु हालिया रिपोर्ट को देखें तो इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के परिणाम आशाजनक नहीं रहे।

ऐसे में यह गंभीर सवाल उठ खड़ा जाता है कि आखिर हमारे प्रयासों में कहां कमी रह गई?दरअसल हम आज भले ही 21वीं सदी में जी रहे हैं किन्तु हमारी रूढ़िवादी मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया है। लिंग परीक्षण को लेकर देश में कड़े कानूनों के बावजूद आज भी अधिकांश लोग बेटे की ख्वाहिश के चलते लिंग परीक्षण का सहारा ले रहे हैं, जिससे कन्या भ्रूण हत्याएं जारी हैं या फिर बेटे की चाह में ज्यादा बच्चों को जन्म दे रहे हैं, जिससे अनचाही लड़कियों की संख्या बढ़ रही है।

इकोनॉमिक सर्वे 2017-18 की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में इस दौरान 2.1 करोड़ अनचाही लड़कियों का जन्म हुआ है। एक अन्य रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ है कि पिछले कई वर्षों से प्रतिवर्ष देश में 3 से 7 लाख कन्या भ्रूण नष्ट कर दिए जाते रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश में महिलाओं की संख्या पुरूषों की तुलना में करीब पांच करोड़ कम है।

विड़म्बना ही है कि नारी को या तो जन्म लेने से पहले ही कन्या भ्रूण हत्या के रूप में समाप्त करने के प्रयास होते हैं या फिर उसे दहेज की बलिवेदी पर जिंदा जला डालने की कुत्सित कोशिशें।

यह अजीब विड़म्बना है कि एक ओर जहां हिन्दुओं में लड़की को ‘घर की लक्ष्मी’ अथवा ‘देवी’, वहीं मुस्लिमों में बेटियों को ‘नेमत’ माना गया है, उसके बाद भी लड़कियों के साथ जिस तरह का दोयम व्यवहार किया जा रहा है, वह न केवल हमारी खोखली और विकलांग सामाजिक मानसिकता का परिचायक है, वहीं हमारी कथित आधुनिकता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाने के लिए पर्याप्त है।

आधुनिक युग में भी हमारी विकलांग मानसिकता का अनुमान इस उदाहरण से सहजता से लगाया जा सकता है। हाल ही में राजस्थान के करौली जिले में एक 83 वर्षीय बुजुर्ग सुखराम बैरवा ने अपनी पत्नी की सहमति से अपने से 53 वर्ष छोटी युवती रमेशी बैरवा से सिर्फ इसलिए शादी की ताकि उसे पुत्र की प्राप्ति हो सके क्योंकि उसे अपनी पहली पत्नी से पुत्र प्राप्त नहीं हुआ था।

हालांकि पहले माना जाता था कि लिंगानुपात के बढ़ते असंतुलन का बड़ा कारण समाज में अशिक्षा और अंधविश्वास है और इसी कारण लड़के-लड़कियों में भेदभाव किया जाता रहा है किन्तु आज शिक्षित समाज में भी इस समस्या का निदान होने के बजाय यह समस्या नासूर की भांति फैल रही है बल्कि जिस प्रकार हालिया रिपोर्ट में देखा गया है कि देश के न्यूनतम साक्षर राज्य बिहार में लिंगानुपात की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है और शिक्षित राज्यों में हालत बिगड़ी है, यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

देश में जहां वर्ष 1950 में लैंगिक अनुपात 970 के करीब था, वह वर्ष 2011 की जनगणना में 939 रह गया था। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने भी लैंगिक अनुपात में आई गिरावट को लेकर चिंता जताते हुए इसका कारण जानना चाहा था। एक सरकारी अध्ययन में तो यह भी सामने आया है कि अगर यही हालात रहे तो वर्ष 2031 तक प्रति 1000 लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या सिर्फ 898 रह जाएगी।

लिंगानुपात के बढ़ते असंतुलन के खतरनाक परिणामों का आभास इसी से हो जाता है कि आज कुछ जगहों पर लोग बेटों की शादी के लिए दूसरे राज्यों से गरीब परिवारों की लड़कियों को खरीदकर लाने लगे हैं। ‘कन्या भ्रूण हत्या’ के लिए बदनाम हरियाणा जैसे राज्य में तो ‘मोलकी’ नामक यह प्रथा कुछ ज्यादा ही प्रचलित हो रही है।

दूसरी ओर लड़कों के विवाह के लिए लड़कियों के अपहरण की घटनाएं भी जिस तेजी से बढ़ रही हैं, उससे हमारा सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह छिन्न-भिन्न हो रहा है। हाल ही में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की 2016 की एक रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर हुआ है कि देशभर में कुल 66225 लड़कियों का अपहरण हुआ, जिनमें से 33855 लड़कियों का अपहरण सिर्फ शादी के लिए ही किया गया।

नीति आयोग की रिपोर्ट में ‘पूर्व गभार्धान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994’ (पीसीपीएनडीटी) को लागू करने तथा लड़कियों के महत्व के बारे में प्रचार करने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया गया है और राज्यों से लिंग चयन कर गर्भपात की प्रवृत्ति पर कड़ाई से अंकुश लगाने का आग्रह किया गया है।

हालांकि यह सुखद बात है कि हमारे समाज के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है बल्कि कई क्षेत्रों में लड़कियां लड़कों से कहीं आगे हैं लेकिन लैंगिक असमानता को लेकर जब तक लोगों की मानसिकता में अपेक्षित बदलाव नहीं आता, हालात में सुधार की उम्मीद बेमानी होगी।

जहां तक लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की बात है तो नारी सशक्तिकरण और बेटियों को गरिमामयी जीवन देने के लिए सरकार द्वारा कई बेहतरीन योजनाएं तो चलाई जा रही हैं लेकिन यहां यह ध्यान रखना होगा कि कहीं ऐसा न हो कि विभिन्न सरकारी योजनाएं सरकारी फाइलों या विभिन्न मंचों पर सरकारी प्रतिनिधियों द्वारा फोटो खिंचवाने की प्रथा तक ही सीमित होकर रह जाएं। इसके लिए युद्धस्तर पर जनजागरण अभियान की भी महत्ती आवश्यकता है।

Sunday, July 21, 2019

रांची में चोरी डकैती के वारदात में चड्डी बनियान गिरोह की बात सामने आयी



रांची:लीजिए, रांचीवासियों के लिए एक हैरतअंगेेज खबर है ၊ राजधानी पुलिस के लिए चड्डी बनियान गिरोह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.इस गिरोह के द्वारा राजधानी रांची में एक के बाद एक बड़ी डकैती की घटना को अंजाम दिया जा रहा है.एक डकैती की घटना का खुला पुलिस कर नहीं पाती है, तब तक दूसरी घटना घटित हो जाती है.                                राजधानी रांची में हो रहे अधिकतर डकैती की घटनाओं के पीछे चड्डी बनियान गिरोह का हाथ सामने आया है.यह गिरोह काफी ही खूंखार माना जाता है और कई देश के कई राज्य में घूम-घूम कर डकैती की घटना को भी अंजाम देते रहते हैं.देशभर में खूंखार माना जाने वाला कच्छा बनियान गिरोह जो कि लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के लिए जाना जाता है. यह गिरोह रात के अंधेरे में चड्डी बनियान पहनकर अपने मुंह पर कपड़ा बांधकर लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं. उस दौरान उनके सामने जो भी आता है या तो उसको अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है या फिर घायल होना पड़ता है. यह गिरोह किसी भी घटना का अंजाम समूह में देते हैं.जिसमें कम से कम 8 से 10 अपराधी शामिल रहते है.
मिली जानकारी के अनुसार चोरी लूट और डकैती की घटना का अंजाम देने वाले चड्डी बनियान गिरोह के सदस्य दिन में भीख मांगने का काम करते हैं और सामान बेचने के बहाने घरों में रेकी करते हैं. 
रात में घरों में चोरी  की घटना को अंजाम देते है.यह गिरोह के लोग घर का ताला काटकर या फिर बाउंड्री को तड़प कर घर में प्रवेश करते हैं फिर सभी घरवालों को कब्जे में लेकर चोरी की घटना का अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते है.
(फ़ाइल फोटो👇)

कोयलांचल में गरीबो के मसीहा कामरेड ए के राय क निधन;कोल्फील्ड मे शोक की लहर


धनबाद.  
पूर्व सांसद एके राय का रविवार को निधन हो गया। वो काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें 8 जुलाई को केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनका इलाज चल रहा था। मजदूरों के नेता के रूप में विख्यात एके राय 84 साल के थे। 
धनबाद से तीन बार सांसद रहने के साथ ही एके राय सिंदरी विधानसभा क्षेत्र से भी तीन बार विधायक रहे थे। ज्ञात हो कि बुखार हाेने की स्थिति में एके राय को 8 जुलाई काे सेंट्रल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, तबीयत में सुधार नहीं हुआ। उनकी स्थिति बिगड़ती ही चली गई।


शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और समरेश सिंह उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने एके राय की तबीयत के संबंध में चिकित्सकाें से जानकारी ली थी। एके राय से मिलने वालाें में पूर्व विधायक आनंद महताे, हारू रजवार समेत कई अन्य लाेग शामिल थे।
 


मार्क्सवादी समन्वय समिति मासस के संस्थापक अरुण कुमार राय (एके राय) पहली बार 1977 में धनबाद से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़े और सांसद बने। उन्हें जनता पार्टी का समर्थन प्राप्त था और जेपी लहर का फायदा भी मिला। वे 1980 1989 के लोकसभा चुनावों में भी विजयी रहे थे।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...