Saturday, December 1, 2018

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश का 94 की आयु में निधन

अमेरिका के कद्दावर नेता और पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश का शुक्रवार को निधन हो गया. उनकी उम्र 94 वर्ष थी. उनके बेटे एवं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने बुश के निधन की घोषणा करते हुए उन्हें एक अच्छे व्यक्ति और सर्वश्रेष्ठ पिता बताया. बुश की पत्नी बारबरा बुश का इसी साल अप्रैल में निधन हुआ था. दोनों का वैवाहिक बंधन करीब 73 वर्ष का रहा.

अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति बुश विदेश नीति के अच्छे जानकार थे. वर्ष 1989 में सोवियत संघ के विघटन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी. इसके करीब दो वर्ष बाद उन्होंने इराक के शक्तिशाली नेता सद्दाम हुसैन को पराजित करने के लिए एक अभूतपूर्व गठबंधन भी बनाया. सीआईए के पूर्व प्रमुख रहे बुश केवल एक कार्यकाल के लिए ही सत्ता में रहे.


अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश

देश की कमजोर अर्थव्यवस्था के चलते वर्ष 1992 के चुनाव में उन्हें डेमोक्रेट उम्मीदवार बिल क्लिंटन से मात खानी पड़ी. राजनीतिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय आम सहमति के पक्षधर रहे बुश की विचारधारा मौजूदा रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बिल्कुल विपरीत थी. 2016 के चुनाव में बुश ने ट्रंप को अपना मत तक नहीं दिया. निधन के समय तक बुश अमेरिका के सबसे उम्रदराज जीवित राष्ट्रपति थे.

बराक ओबामा ने बुश के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका ने जॉर्ज हर्बर्ट वॉककर बुश के रूप में एक देशभक्त और विनम्र सेवक खो दिया है. मैं आज जहां बहुत गमगीन हूं वहीं मेरा दिल उनके प्रति आभार से भरा है.'' जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने एक बयान में कहा था, ‘‘जेब, नील, मार्विन, डोरो और मैं यह घोषणा करते हुए काफी दुखी हैं कि 94 वर्ष के सराहनीय जीवन के बाद हमारे प्रिय पिता का निधन हो गया.'' जॉर्ज डब्ल्यू बुश के प्रवक्ता ने उनका यह बयान ट्विटर पर जारी किया. जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश का जन्म 12 जून 1924 को मैसचुसेट्स के मिल्टन में हुआ था.

लातेहार:उग्रवादियों ने धावा बोल स्टेशन परिसर में की फायरिंग कर आग लगाया ; दस गार्डो को बंधक बना की लूटपाट

दिलीप मल्टीपल ၊                           बालूमाथ(लातेहार) ၊ बालूमाथ थानांतर्गत बारियातु प्रखंड के अमरवाडीह ,फुलब्सिया रेलवे कोल साइडिंग स्टेशन में बीती रात्रि दहशत फैला कर लेवी वसूली करने के मकसद से शुक्रवार देर रात्रि एक बजे के आसपास आठ से दस की संख्या में हथियार से लैस उग्रवादियों ने धावा बोलकर स्टेशन परिसर में फायरिंग की ।एवं दस गार्डो को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट भी किया ।एवं उनके मोबाइल,पैसा एवं जरूरी कागज़ात भी लूट लिया ।फिर सभी गार्डो को एक कमरे में बंद कर दिया ।

 स्टेशन परिसर में खड़ी तीन मोटसाइकिल में आग लगा दिया ।आग लगने की वजह से स्टेशन परिसर भी जल गया ।वही कमरे में बंद गार्डो ने उग्रवादियों के भागने के बाद आगजनी की वजह से दम घुटने पर कमरे का शीशा तोड़कर अपनी जान बचाई ।वही उग्रवादियों ने घटना स्थल पर पर्चा भी छोड़ा हैं ।जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

आज के दौर में सस्ती नहीं है , एक 'पत्रकार' की जान,जनाब!

एक और साल अपने अंत की ओर है। इस ख़त्म होते साल में कई घटनाएं महत्वपूर्ण और दुखद रहीं। लेकिन इस जाते हुए साल में उन लोगों की बात करना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है जिनके कारण हम दुनिया की खबरें जान पाते हैं। “पत्रकार”।  

                                                            वर्त्तमान में हम लगातार अपने देश में नक्सलियों या माओवादियों द्वारा पत्रकारों की हत्या के बारे सुनते रहते हैं। लेकिन सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के देशों में कई पत्रकार अपनी जान अपने काम के दौरान खो देते हैं। कई पत्रकारों के मौत का तो हमें पता भी नहीं चलता। साल 2013 में दुनिया भर में सत्तर पत्रकार रिपोर्टिंग के दौरान मारे गए। जिनमें सबसे असुरक्षित क्षेत्र मध्य पूर्व साबित हुआ। “कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नालिस्ट” संस्था के अनुसार अकेले सीरिया में 29 पत्रकार मारे गए ,इसके अलावा इराक में फिर शुरू हुए सांप्रदायिक हमलों में 10 पत्रकारों ने अपनी जान गँवाई। मिस्र की क्रांति के दौरान भी छ: पत्रकार अनजानी मौत का निशाना बने। संस्था की ओर से बताया गया है कि पिछले साल 74 पत्रकार मारे गए थे। लेकिन इस ऐसे 25 और पत्रकारों को अभी इनमे शामिल नहीं किया गया और ये जांच की रही है की, क्या ये रिपोर्टिंग के दौरान ही मारे गए थे या नहीं।

फिलीपींस, भारत ,पाकिस्तान ,ब्राज़ील बंगलादेश ये ऐसे देश सामने आये हैं जिन्हे पत्रकारों के लिए संवेदनशील बताया गया है। ये फेहरिस्त और भी लम्बी है। लेकिन यहाँ इस बात पर ग़ौर किया जाना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि किसी भी देश की सरकार की तरफ से इस मामले में अब तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है और न ही ऐसे कोई उपाए किये गए हैं, जिससे पत्रकार सुरक्षित महसूस कर सकें। अफ़ग़ानिस्तान ,पाकिस्तान और कश्मीर, यहाँ कई विदेशी पत्रकारों की हत्या 90 के दशक में की गयी। और समय के साथ साथ इन घटनायों का दायरा बढ़ता ही गया। भारत में भी और विश्व में भी। भारत के नक्सल प्रभावित राज्यों से अभी कुछ ही दिन पहले खबर आयी थी कि वहाँ के पत्रकारों ने नक्सलियों की किसी भी खबर का बहिष्कार कर दिया है। इसे एक हल के रूप में देखा जा सकता है ? नहीं। और इसके अलावा कुछ महीने पहले एक भारतीय पत्रकार पाकिस्तान गए। जहाँ उन्हें धमकियाँ और चेतावनी मिली कि “वापस चले जाओ” उन्हें बहुत ही हड़बड़ी में बिना काम किये वापस आना पड़ा। सुरक्षा की गारंटी के बिना कोई भी ऐसा ही करेगा। और पाकिस्तान वैसे भी तालिबान की वजह से बदनाम है।

      भारत में पत्रकारों की हत्या :                        पंजाब के बख्शी तीर्थ सिंह , गुजरात के दिनेश पाठक , नई दिल्ली की शिवानी भटनागर व इरफान हुसैन ,मणिपुर के एमए लाल रूहलू व थौन जोअम ब्रजमणि सिंह ,  झारखण्ड के अधीर राय , तमिलनाडु के वी सेल्वा राज , हरियाणा के राम चन्द्रा प्रजापति ,उत्तर प्रदेश के राजेश वर्मा , संजय पाठक ,हेमंत यादव , करुण मिश्रा व जोगेन्द्र सिंह,मध्य प्रदेश के साई रेड्डी व संदीप कोठारी  ,उड़ीसा के तरूण कुमार आचार्य , आंध्र प्रदेश के वीएन शंकर , बिहार के राजदेव रंजन , कर्नाटक की गौरी लंकेश, झारखण्ड के चंदन तिवारी.....၊             ख़ैर एक पाकिस्तानी पत्रकार का भी थोड़ा सा ज़िक्र कर दूं। जिन्हें देश के एक प्रधानमंत्री ने उनके चैनल से ही निकलवा दिया था। वजह थी उनके भ्रष्टाचार का बहंडाफोड़ करना। इसके अलावा जब उन नेता की कुर्सी गयी और दुसरे नेता के आने पर उन्होंने दोबारा चैनल में काम करना शुरू किया तब हालात ये आ गए की उनके चैनल पर हमला करवा दिया गया और 2013 में तालिबान ने उनकी कार में बम रखवा दिया। खुशकिस्मती से वे बच गए। वे पत्रकार हैं जियो चैनल के ”हामिद मीर” । हर कोई उन जैसा नसीब वाला नहीं होता इसी का अंजाम है कि हमने कई भारतीय और विदेशी पत्रकार बीतते साल में खोये। सवाल उठता है कि आखिर किसी सरकार ने अपने देश देश में इनकी सुध क्यों नहीं ली और क्या भविष्य में किसी सकारात्मतक की उम्मीद की जा सकती है। ज़ाहिर है इस सवाल का जवाब यूँ ही नहीं मिल सकता।       

                                                                         होना तो यह चाहिए कि इस पर भी “यूनाइटेड नेशन” में एक क़ानून बनना चाहिए ,एक संधि होनी चाहिए और प्रत्येक देश को ऐसी किसी भी घटना के लिए जवाबदेह होना चाहिए, क्योंकि पत्रकार की जान आज के दौर में सस्ती नहीं है, .....सस्ती नहीं है ,जनाब !.!

Friday, November 30, 2018

बोकारो: पंचायत राज उपचुनाव नावाडीह हेतु आज दो ने भरा पर्चा

बोकारो ၊ पंचायती राज उप चुनाव के तहत नावाडीह प्रखंड अंतर्गत एकमात्र गोनियटो पंचायत के लिए नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन दो प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया।  पर्चा दाखिल करने वालों में  गणेश सोरेन तथा रेवतलाल मांझी ने निर्वाची पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी नावाडीह के कार्यालय में अपना अपना पर्चा दाखिल किया। कार्यालय से बाहर निकलते ही उक्त दोनो प्रत्याशियों के समर्थकों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया।  एक अन्य उम्मीदवार राम कुमार मरांडी ने पिछले दिन ही अपना पर्चा दाखिल किया था। इस प्रकार अब गोनियाटो पंचायत से मुखिया पद के लिए कुल तीन उम्मीदवार हो गये। जबकि पोखरिया पंचायत के वार्ड सं.09के वार्ड सदस्य पद के लिए एकमात्र इन्दिया देवी ने पर्चा दाखिल किया है। 

निर्वाची पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी अंगारनाथ स्वर्णकार को पर्चा समर्पित करते गणेश सोरेन व रेवतलाल मांझी

आहरडीह पंचायत के वार्ड सं.07 के वार्ड सदस्य पद के लिए  एकमात्र प्रत्याशी मीना देवी ने पर्चा दाखिल किया।

वहीं भालमारा पंचायत के वार्ड सं.03, काछो पंचायत के वार्ड सं.01तथा गोनियटो पंचायत के वार्ड सं.02 के लिए वार्ड सदस्य पद के लिए किसी उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नही किया।

प्रियंका चोपड़ा के हाथों में आज सजेगी निक जोनास के नाम की मेहंदी, शादी के लिए जोधपुर पहुंचे

 

नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) मंगेतर और अमेरिकन सिंगर निक जोनास (Nick Jonas) के साथ जोधपुर पहुंच चुकी हैं. आज रात प्रियंका के हाथों में निक जोनास के नाम की मेंहदी सजेगी. मेहंदी के बाद प्रियंका-निक अपने रिश्तेदारों के साथ संगीत सेरेमनी एन्जॉय करेंगे. प्रियंका और निक (NickYanka Wedding) अपने करीबियों और रिश्तेदारों के साथ गुरुवार सुबह मुंबई से रवाना हुए और अब जोधपुर पहुंच चुके हैं. आज रात जोधपुर से उम्मेद भवन पैलेस में प्रियंका की मेहंदी और संगीत सेरेमनी का आयोजन होगा.

जोधपुर रवाना होने से पहले प्रियंका और निक मुंबई एयरपोर्ट पर मीडिया से रूबरू हुए. प्रियंका की बहन और एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं. निक जोनस के दोनों भाई और भाभी भी यहां देखे गए.

लातेहार: आयुष्मान भारत योजना से गरीबों का नहीं हो रहा भला : अयुब खान


सांसद आदर्श ग्राम के आदिम जनजाति से ईलाज हेतु प्राईवेट हॉस्पिटल ने 1500 सौ रूपया लिया  

लातेहार - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) का लाभ चंदवा क्षेत्र के गांवों के गरीबों व आदिम जनजातियों को नहीं मिल पा रहा है, गावों के भ्रमण के दौरान ऐसे अनेकों मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे में आदर्श ग्राम चटुआग मे एक मामला सामने आया ၊ जब इसकी सूचना माकपा नेता अयुब खान को मिली तो वे अपने साथियों के साथ आदिम जनजाति परहैया जाति के बिनोद परहैया की 6 वर्षीय पुत्री छोटी कुमारी, जिसका हाथ गिरने से फ्रेक्चर हो गया था, को देखने उसके घर पहुंच गए ၊ परिजनों और रामकुमार परहैया, बिफई परहै़या, सुरेश परहैया, मॉ मुनीका परहिन ने उन्हें बताया कि चंदवा के एक प्राईवेट हॉस्पिटल में उसे दिखाया, वहां चिकित्सकों ने कच्चा पलास्टर कर 1500 रूपया ले लिया ၊माकपा नेता ने कहा कि इसके पास ग्रीन कार्ड भी है, जबकि आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत  ईलाज मे गरीबों का एक भी पैसा खर्च नहीं होने, गरीबों के लिए राहत और कल्याणकारी योजना बताया जा रहा था ၊ कहा कि  आयुष्मान भारत योजना और योजनाओं की तरह गांवों में फ्लॉपऔर जुमला साबित हो रही है, जबकि इस योजना को दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त स्वास्थ्य बीमा योजना बताया गया है ၊ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास जी का संकल्प है कि देश और झारखण्ड का कोई गरीब परिवार पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न रहे , इसी सोच के तहत देशभर में गरीबों का 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कराया गया ၊

श्री खान ने कहा कि झारखण्ड के कुल 68 लाख परिवारों में से 57 लाख गरीब परिवार समेत पूरे देश में 50 करोड़ से भी अधिक लोगों को इस योजना का फायदा मिलने की बात कही गई थी जो धरातल पर नहीं दिख रही है ၊ दूसरी ओर सूत्रों का मानना है कि सरकार द्वारा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इस योजना का लाभ दी जा रही है ၊

धनबाद: पूर्व डिप्टी मेयर रंजय सिंह हत्याकांड में हर्ष सिंह समेत पाँच ने किया सरेंडर

धनबाद ၊ रंजय सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे हर्ष सिंह ने सरेंडर कर दिया है। उनके साथ राजू खान लोदना, भुटाली सिंह बरवाअड्डा, विनय यादव झरिया व लक्ष्मण भूली ने भी सरेंडर किया है हर्ष ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया है। हर्ष सिंह पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह का भाई है। बता दें कि 29 जनवरी 2017 को रंजय सिंह की दिन दहाड़े सरायढेला में रघुकुल के सामने गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। 

पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह के भाई हर्ष के सीजेएम कोर्ट में सरेंडर करते समय सैकड़ों समर्थक उनके साथ मौजूद थे। परिसर में पहुंचते ही वह दौड़कर सीजेएम कोर्ट के अंदर चले गए,आइओ निरंजन तिवारी ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह असफल रहे. बताया जा रहा है कि समर्थकों के विरोध के कारण हर्ष ने दौड़कर कोर्ट में प्रवेश किया। डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह और कांग्रेस नेता अभिषेक सिंह भी वकीलों के साथ कोर्ट पहुंचे၊इधर सीजेएम राजीव रंजन के कोर्ट ने हर्ष सिंह का जमानत रद्द कर दिया है और उसे जेल भेजने की तैयारी चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता समर श्रीवास्तव ने कोर्ट में दलील दी कि अब तक एक भी गवाह पुलिस नहीं ला पायी है।

गिरिडीह: अवयस्क बालिका की मांग में सिंदूर डाल कर ले गया अपने घर

गिरिडीह: स्कूली नाबालिग छात्रा के मांग में जबरन सिंदूर डालने का मामला सामने आया है. आरोपी युवक ने नाबालिग का रास्ता रोककर हाथ पकड़ा और माथे में सिंदूर डाल दिया. यह घटना देवरी थाना क्षेत्र के कोशोगोंदोदिघी पंचायत के एक गांव की है. पीड़िता चतरो के विद्यालय में नौवीं कक्षा की छात्रा है.

बताया जा रहा है कि  पीड़िता की मां कपड़ा धोने के लिए गांव में ही पास के एक तालाब में गई हुई थी. इसी बीच वह लड़की मां को कपड़ा पहुंचा कर वापस लौट रही थी. तभी आरोपी युवक ने उसका रास्ता रोक लिया और हाथ पकड़कर मांग में सिंदूर डाल दिया. इतना ही नहीं सिंदूर डालने के बाद आरोपी युवक उस नाबालिग को अपने घर ले गया.

घर पहुंचने पर युवक की मां ने युवती को घर में प्रवेश करने नहीं दिया और जाति सूचक शब्द बोलकर गाली-गलौज करने लगी. इसके बाद युवक ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर कहा कि आज तुम अपने घर चले जाओ, चार दिन बाद मैं तुम्हें अपने साथ ले जाउंगा. इस मामले को लेकर थाना प्रभारी उत्तम कुमार उपाध्याय को आवेदन  मिला है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

साईबर क्राइम:जो लोग कुछ वर्ष पहले बीपीएल कार्ड धारक थे, अब 50 लाख से अधिक की संपत्ति के मालिक बन चुके

 झारखंड का जामताड़ा साइबर अपराध के गढ़ के रूप में कुख्यात है। जामताड़ा के करीब 90 साइबर अपराधियों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने 50 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। झारखंड पुलिस ने सभी साइबर अपराधियों की संपत्ति जब्त कराने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही जामताड़ा अब ईडी (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट, प्रवर्तन निदेशालय) के रडार पर आ गया है।

बताते हैं कि सीआइडी एसपी डॉ. जया राय ने साइबर अपराधियों की संपत्ति की जब जांच शुरू की तो वे भी चौंक गईं। जो लोग कुछ वर्ष पहले बीपीएल कार्ड धारक थे, अब 50 लाख से अधिक की संपत्ति के मालिक बन चुके थे। इसी बीपीएल कार्ड को आधार बनाकर पुलिस साइबर अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। इनकी संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय के माध्यम से जब्त कराई जाएगी। देश के करीब 14 राज्यों के लोगों से फोन कॉल और ऑनलाइन मार्केटिंग के तहत ठगी कर चुके करीब 90 ठगों को पुलिस ने निशाने पर ले लिया है। हर शातिर 50 लाख से अधिक की संपत्ति का मालिक है। इनकी संपत्ति का खाका तैयार हो रहा है। अब तक दस-दस मामले प्रवर्तन निदेशालय व आयकर विभाग को भेजे गए हैं। इससे यह तय हो गया है कि आने वाले समय में 50 करोड़ की अवैध संपत्ति देर-सबेर ईडी जब्त करेगा।

एसपी डॉ. जया राय के प्रस्ताव पर ईडी ने सितंबर में नारायणपुर के प्रदीप मंडल व युगल मंडल के घर में दबिश दी। उनकी संपत्ति व आय स्त्रोत की जांच की। इनका आलीशान मकान और घर में सुख सुविधाएं देख ईडी के अधिकारी भी भौचक थे। इनकी संपत्ति जब्त करने की दिशा में कार्रवाई शुरू हो गई है। अन्य ठगों का ब्योरा पुलिस तैयार कर रही है। 20 और अपराधियों के खिलाफ ईडी को भेजने के लिए प्रस्ताव बन गया है। हर माह पांच-दस अपराधियों पर कार्रवाई का प्रस्ताव पुलिस ईडी व आयकर को भेजेगी।

जामताड़ा के नारायणपुर व करमाटांड़ थाना के विभिन्न इलाकों में रहने वाले इन साइबर अपराधियों ने छह वर्षों में यूपी, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, अंडमान निकोबार तक के लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाई है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2013 से यहां इस अपराध की शुरुआत हुई। छह साल में देश के विभिन्न हिस्सों से आई पुलिस ने 110 अपराधियों को गिरफ्तार किया। आज पूरे देश में जामताड़ा के साइबर अपराधी छा गए है।

जामताड़ा के साइबर अपराधी इतने शातिर हैं कि आपकी गोपनीय जानकारी मिनटों में आपसे ही फोन कॉल कर निकाल लेते हैं। इसके लिए ये बकायदा प्रशिक्षण लेते हैं। इनके पास खाताधारकों की सूची रहती है। वे खाताधारक को फोन करते हैं। अपना परिचय कभी बैंक शाखा अधिकारी तो कभी मुख्यालय के अधिकारी का देकर सीधे कहते हैं कि अब आपका एटीएम काम नहीं करेगा। तुरंत अपना पासवर्ड और कार्ड में अंकित नंबर बताएं। कई और प्रकार से भी बरगलाते हैं। बातचीत में खनक के साथ ऐसा विश्वास कि खाताधारक खुद ही सारी जानकारी दे देते हैं। फिर शुरू होता है इनका मायाजाल और खाताधारक के खाते से रुपये मिनटों में उड़ जाते हैं।

50 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति बना चुके 90 ठगों को चिन्हित किया है। 10-10 अपराधियों का पूरा ब्योरा ईडी और आइटी को भेजा है। दो पर ईडी की कार्रवाई हो गई है। अन्य अपराधियों की संपत्ति जब्ती का भी प्रस्ताव भेजा जा रहा है। पूर्व में बीपीएल परिवार में जिनका नाम अंकित था और अब उनके पास अकूत संपदा है ऐसे अपराधियों की संपत्ति जब्त करेंगे।

-डॉ. जया राय, एसपी, सीआइडी।

Thursday, November 29, 2018

EVELYN SHARMA TURNS INTO A SOCIAL ENTREPRENEUR FOR WOMEN INFLUENCERS

EVELYN SHARMA TURNS INTO A SOCIAL ENTREPRENEUR FOR WOMEN INFLUENCERS

The ‘Yaariyan’ actress Evelyn Sharma speaks about her views on the #metoo movement that has currently hit Bollywood’s shores, she speaks about how she is currently focusing on giving women in the entertainment industry a safe backing by turning into a social entrepreneur with her new venture, her very own image development company which caters to women influencers.

Sharma, who started her career as an international model in 2008 and debuted in her first Bollywood film in 2012, says: “I’ve been in this industry for a long time and have experienced a lot of disrespectful behavior towards women. I left the talent agency that managed me in the start of my film career because of that reason and since then hired and trained my own team. It’s a common thing to say that a girl (or boy) needs a godfather to make it in the industry, but I would like to differ. I think it needs talent, good management, and a big portion of courage to stick to your own beliefs. I never had a godfather, however I make a great living off the kind of projects I choose and get to work with amazing people.

 There will always be trolls trying to stand in your way, but that’s no reason to give up! The whole world will tell you what path to take, how to look, and whom to fraternize with - but who are you and what are your dreams? I’ve discovered being true to yourself is where real happiness awaits you and had the honor to encourage others by sharing my story of overcoming struggles with identity at various events, like the US President’s National Prayer Breakfast in Washington D.C.”

Witnessing all the change this movement is bringing, she came across an idea of how she could better the situation by helping women influencers and celebrities, that’s when her idea was born. She decided to build a strong team of professionals for herself and for her friends in the industry to help them grow and release her full potential. She believes that we are all in the process of growing and realizing our own potential, in her words, we are all a “Work in Progress”, and need a slight push to reach our full potential. Her new venture WIP Creatives that she talks about is a boutique agency that provides a kind of service that no one else offers: career coaching, image development, and content creation – all in one. She says, “Right now we are catering only to a handful of select women, but are planning to expand further in 2019. It’s been extremely fulfilling to start this new venture besides all the other things I do!”


The bubbly comedy actress known for her charming personality and philanthropic efforts has also been running her own fashion based charity foundation ‘Seams For Dreams’ successfully for the past three years. She is most popular for her films like ‘Yeh Jawaani Hai Deewani’, ‘Main Tera Hero’, and ‘Ishqedarriyaan’, and was recently seen in ‘Jack & Dil’ opposite Amit Sadh and will be seen in the much awaited magum opus ‘Saaho’ starring Prabhas!

धनबाद: 'सांसद तथा विधायक पर लगे महिला उत्पीड़न के आरोप पर सरकार मौन क्यो' -सीता राणा

धनबाद । आज दिनांक 29/11/2018 को धनबाद जिला महिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सीता राणा ने भुली ई ब्लाक में चौपाल का आयोजन किया। मौके पर जिलाध्यक्ष सीता राणा ने कहा कि कांग्रेस के विचारधारा से ही विकास सम्भव है। आज भाजपा सरकार कांग्रेस के योजनाओं का उद्घाटन कर वाहवाही लूटने का काम कर रही है। भाजपा सरकार व्यापम और राफेल विमान घोटाला में लिप्त है। भाजपा सरकार में महिलाओं से लेकर दूधमुही बच्ची तक सुरक्षित नहीं है। भाजपा योजनाओं के मामले में पूरी तरह से विफल रही है। सीता राणा ने कहा कि धनबाद में भाजपा विधायक और एक भाजपा सांसद पर महिला उत्पीड़न का आरोप लगा मगर भाजपा सरकार मौन साधे हुए है।

मौके पर मुस्कान खातुन, सोनी कौर, हुस्ना बानो, जुली सिंह, सावित्री देवी, गीता सिंह, खैरू निशा, सावित्री कोडा, मिना प्रजापति, अजमेरी खातुन, कुसमी देवी आदि मौजूद थी।

Mumbai:Twinkle Khanna Inaugurates Breaking Barriers, a unique art show for NGOs Khelshala and Passages (breast cancer awareness) at Jehangir Art Gallery

 Twinkle Khanna Inaugurates Breaking Barriers, a unique art show for NGOs Khelshala (sports charity) and Passages (breast cancer awareness)  at Jehangir Art Gallery 

Image Caption: Seen in the image with Tarana Khubchandani, Director of Gallery Art and Soul and Passages 


Passages, Khelshala and Gallery Art and Soul joined hands for a unique art show of horse shaped sculptures wherein India's leading artists came together to create these beautiful sculptures. Twinkle Khanna inaugurated the same.  All funds raised via the show were donated to the 2 NGOs.

बोकारो: 'हिन्दु समाज के धैर्य की परीक्षा न ले सरकार' : स्वामी दिव्यानंद जी महराज

                श्री प्रसाद सोनी, सभा स्थल बोकारो से ၊

 बोकारो । बोकारो के नावाडीह स्थित बिनोद बिहारी महतो स्टेडियम में विश्व हिंदू परिषद तथा बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में आज गुरुवार को धर्म सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद, मार्ग दर्शक मंडल, प्रदेश संत प्रमुख डा.स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने कहा कि अब हिन्दू समाज के धैर्य की परीक्षा और अधिक न ले सरकार, हर हाल मे रामनवमी तक अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ हो जाना चाहिए, हम सभी देशवासी संविधान और उच्चतम न्यायालय का सम्मान करते हैं। महराज जी ने आगे कहा कि  लेकिन यह मामला धर्म और आस्था से जुडा हुआ है, ऐसे गंभीर मामले को और अधिक दिन तक टाला नही जाना चाहिए।  

               संत श्री सीता राम शरणजी महाराज ने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार अध्यादेश जारी कर या कोई अन्य विकल्प निकाल कर एक वर्ष के अंदर अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरु कराये। साध्वी लाडली शरण ने कहा कि प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं, ये तो सनातन सत्य है कि प्रभु श्री राम जी का जन्म अयोध्या में हुआ था, फिर राम मंदिर अयोध्या में नहीं बनेगा तो कहाँ  बनेगा। साध्वी जी ने कहा कि झारखण्ड ही नही सम्पूर्ण भारत  और दुनिया भर के हिन्दू  जाग गये हैं । कहा कि  एक दिन सारे लोग अयोध्या कूच करेंगे तो प्रयाग राज में होने वाला महाकुंभ सा दृश्य अयोध्या में ही दिखने लगेगा। तब ऐसी स्थिति में मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने से कोई रोक नही सकेगा, न ही किसी के रोकने से रूकेगा ।

 जिला अध्यक्ष दीपक ठाकुर की अध्यक्षता व उपाध्यक्ष विश्वनाथ महतो के संचालन में संपन्न सभा को  वीरेंद्र विमल, क्षेत्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। सभा में डुमरी विधायक जगरनाथ महतो, पूर्व मंत्री लालचंद महतो, छत्रुराम महतो, प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष रणविजय सिंह, मुखिया सुरेश कुमार महतो, देवानंद महतो, गौरी शंकर महतो, सांसद प्रतिनिधि दशरथ महतो, तारकेश्वर महतो, लोकेश्वर महतो, मोतीलाल महतो, हरि प्रसाद महतो, रीतलाल महतो, पूर्व प्रमुख मोहन महतो, बसंत राय, पंकज शर्मा, छत्रबली पंडित सहित अनेक गणमान्य धर्मप्रेमी मौजूद थे। इससे पूर्व क्षेत्र के विभिन्न गाँवों से झंडा, बैनर आदि के साथ जुलूस में प्रत्येक आयु वर्ग के महिला, पुरुष " जय श्री राम ,जय हनुमान, कसम सभी हम खाते हैं ,मंदिर वहीं बनायेंगे"आदि नारा लगाते हुए सभा स्थल तक पहुँचे।

          स्वामी दिव्यानंद जी महराज के साथ हमारे प्रतिनिधि श्री प्रसाद सोनी 

गया: अब खुलेआम पोस्टर चिपका कर नक्सली बनाने की Vacancy

गया ၊ 

बिहार में नक्सलियों ने अब अपने संगठन को मजबूत करने के लिए नया तरीका इजाद किया है। अब नक्सली ओपन वैंकेसी निकाल कर अपने संगठन को मजबूत करना चाहते हैं। जिसके लिए गया में नक्सलियों द्वारा खुलेआम पोस्टर चस्पा कर नक्सली बनने के लिए वैकेंसी निकाली गयी है। बता दें कि नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले गया के बांके बाजार थाना क्षेत्र के गुरिया बाजार में नक्सली संगठन पीएलजीए ने बड़े पैमाने पर बैनर व पोस्टर लगाया गया है।      

                                     पोस्टर में नक्सलियों ने लिखा है कि पीएलजीए का 18वीं वर्षगांठ 2 दिसंबर से लेकर 8 दिसंबर तक पूरे जोश के साथ मनाया जाएगा।                          वहीँ पोस्टर में नक्सलियों ने क्षेत्र के युवक-युवतियों को पीएलजीए में भर्ती होने का आह्वान किया है। जिसके लिए उन्हें 2 दिसंबर से लेकर 2 जनवरी तक आवेदन करना होगा। लिखा है कि  कोई भी युवा इसके लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो उन्हें अपना आवेदन फॉर्म स्कूल और सामुदायिक भवन के बाहर लगे आवेदन पेटी में जमा करना होगा।                यह पोस्टर बिहार-झारखण्ड स्पेशल एरिया मिलिटरी कमीशन भाकपा माओवादी के तरफ से जारी किया है ၊

Courtesy: street buz

Mumbai:Good work done by RPF Karjat apprehending a person during mobile theft from train

RPF Alerts :~Good work done by RPF Karjat apprehending a person during mobile theft from train.

Mumbai:  On 28.11.18  at 06.10 hrs on duty const shri P.S.Tridake observed a suspected person left down from arriving tno 12940 dn jaypur to pune at PF1.  KJT. While time some passengers of the train calling chor, chor and alert const. Tirdake immediately apprehended to suspected person with 05 mobile at PF1 Kjt stn. Same time some passengers of the train came to near apprehended person and they two their mobile after identification  snatched from person due to their mobiles. After that said const brought to apprehended person with 03 mobile in RPF thana KJT. On duty Asi shri Y.K.Mishra inquired the matter and apprehended person disclosed his name Abraz Ajiz Shekh age 24 years R/O Bety colony Surat. After written formalities same person with 03 mobile value Rs 26000/-  handed over to GRP/KJT for legal action. GRP/Kjt registered the case Acr no. 136/18 U/S 379 IPC on 28.11.18 and case investigating by SI Shri Pedh Nekar GRP/Kjt.

      (  IPF )

औरंगाबाद:ओबरा स्वर्णकार व्यवसायी संघ के सदस्यों व पदाधिकारियों ने की SSVASS के राष्ट्रीय अध्यक्षा से मुलाकात

                 श्री प्रसाद सोनी ၊

औरंगाबाद जिले के ओबरा स्वर्ण व्यवसायी संघ के सदस्यों एवं पदाधिकारीगण ने SSVASS के राष्ट्रीय अध्यक्षा किरण वर्मा जी एवं SSVASS के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अरुण वर्मा जी  से वाराणसी के ज्वेलरी एक्जीबिशन में मुलाकात की । राष्ट्रीय अध्यक्षा ने कहा कि स्वर्णकार समाज की एकजुटता पर बल देने का समय आ गया है । हमें स्वर्णकार  समाज के सुख दुख में  हर पल साथी बन कर काम करना होगा । मुलाकात के दौरान ओबरा स्वर्णकार व्यवसायी संघ के मीडिया प्रभारी आकाश सोनी,अमित जी,सुधीर जी,अंकुर जी,चंदन जी,रोहित, भरत जी,धनंजय,राजा सोनी एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे । संघ के यह सदस्यगण बिहार के औरंगाबाद जिले के ओबरा से आभूषण प्रर्दशनी में भाग लेने वाराणसी पहुँचे ၊ इस अवसर उन्होंने स्वर्णकार व्यवसायी संघ की अध्यक्षा महोदया से एक औपचारिक भेंट की ၊ जिसमें संघ के विस्तार एवं विकास पर विशेष परिचर्चा हुई ၊

धनबाद: जिला महिला कांग्रेस के कार्यकारिणी समिति की बैठक का आयोजन

धनबाद । धनबाद जिला महिला कांग्रेस कमिटि द्वारा भूली के एम पी आई हॉल में एक दिवसीय कार्यकारणी समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमे जिला पदाधिकारी, प्रखंड, वार्ड, पंचायत, थाना अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित हुए।कार्यक्रम की शुरुआत अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव सह झारखंड प्रभारी आदरणीय नेटा डिसूजा जी व झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष आदरणीय गुंजन सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में नेटा डिसूजा व गुंजन सिंह को शॉल ओढ़ाकर व 21 किलो का माला पहनाकर स्वागत किया गया। 

कार्यक्रम से पूर्व नेटा डिसूजा व गुंजन सिंह का भव्य स्वागत किया गया व बाबा साहेब भीमराव  अम्बेडकर के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। मौके पर बतौर मुख्यातिथि नेटा डिसूजा ने कहा कि झारखंड की पहचान यहां की संस्कृति, जल, जंगल और जमीन और खनिज संपदा से है मगर राजनीतिक शाजिस के तहत भाजपा सरकार संस्कृति को नष्ट कर रही और मूल लोगों की जमीनें पूंजीपति घरानों को रेवड़ी की तरह बांट रही है। यह तभी रुकेगा और झारखंड के वास्तविक विकास होगा जब गलत मानसिकता रखने वाली भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल कर कांग्रेस की जनहित वाली सरकार यहां बनेगी। 

इसके लिए महिला कांग्रेस की सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ईमानदारीपूर्ण अपने कर्तव्य का पालन करना होगा। महिला कांग्रेस जमीन पर कार्य करे और जनता के बीच जाकर उसके दुःख सुख का भागीदार बने और झारखंड की मुख्यधारा की राजनीति में अपनी अहम भूमिका निभाएंगी तभी हालात बदलेगी। महिला कार्यकर्ता मेरी मिता, प्रियदर्शनी, शक्ति एप, लीगल सेल, रिसर्च सेल, सोशल मीडिया से जुड़ कर काम करें । और भाजपा के नोटबन्दी, उज्जवला, शौचालय योजना की विफलता और राफेल, व्यापम जैसे घोटाला को जनता की बीच ले जाएं।

प्रदेश अध्यक्ष गुंजन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की जनता को गुमराह किया जा रहा है। सरकारी योजनाएं महज गुमराह करने के लिए है यू पी ए की सरकार में जो योजनाएं चलाई गई उसी का नाम बदल भाजपा सरकार विकास का ढोल पीट रही है। गरीबों, बेरोजगारों, महिलाओं के लिए सरकार कुछ कर नही पाई है। महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तक नही बनाया गया, महिला हिंसा की घटनाएं जितनी भाजपा सरकार में हुई हैं उतनी पहले कभी नही हुआ। भाजपा सरकार की नाकामी और घोटालों की पोल महिला कांग्रेस चौपाल कार्यक्रम के तहत शहर के सभी चौक चौराहे पर कार्यक्रम आयोजित कर भाजपा की नाकामियों से जनता को अवगत कराया जा रहा है। महिलाएं संगठीत हों और अपनी भूमिका सक्रिय राजनीति में दिखाएं तभी आपके जिला और राज्य की तश्वीर बदलेगी। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए धनबाद जिला महिला कांग्रेस कमिटि की जिलाध्यक्ष सीता राणा ने कहा कि कांग्रेस के जनहित के विचारधारा से ही धनबाद और देश की हालत सुधरेगी। पूंजीपतियों को लाभ देने के लिए भाजपा सरकार यहां की संपदा को लूटा रही है। आज किसी भी शहर कस्बा में महिलाएं लडकिया अपने आप को सुरक्षित महसूस नही करती। रोजगार के अवसर को खत्म कर दिया गया है। अपराधियों को संरक्षण प्रदान कर रही है। योजनाओं के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। विकास किसी गरीब और कमजोर के घर कहीं दिखता नही है। भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में चूर हो कभी महिलाओं की आवाज़ तो कभी शिक्षकों की आवाज़ को लाठी के बल पर दबाने का काम कर रही है। दमनकारी नीति से लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। धनबाद और झारखंड के हालात को रहने और जीने के काबिल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी को सत्ता में लाना होगा और इसके लिए महिला कांग्रेस अपनी अहम भूमिका सक्रिय राजनीति में निभाएगी और जनता के बीच जाकर कांग्रेस के विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने और भाजपा सरकार की नाकामियों व घोटालो से अवगत कराने का काम करेगी। महिला कांग्रेस को मजबूत करने के लिए हर बूथ स्तर पर 20 महिलाओं की समिति बनाकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन सविता देवी व धन्यवाद ज्ञापन सोनी खातुन ने किया।

मौके पर देविका सिंह, संगीता तिवारी, रेहाना खातुन, बबिता शर्मा, नीलम चौधरी, कलावती देवी, दुलारी देवी, सोनी कौर, शाहिना बानो, नंदिनी देवी, बेबी खातुन, अनिता सिन्हा, साबो देवी, सविता देवी, सरोजनी मुर्मू, दिलीप कौर, खेरू निशा, मीना देवी, सावित्री कोडा, अनिता कुमारी,  लक्ष्मी देवी, गीता सिंह, हुस्ना बानो, देवी झा, रूबी खातुन, निशा सिंह, जोहरा खातुन उर्फ मुस्कान खातुन, बबिता सरोज, रानी कंडेला, रीता सिंह, उषा सिंह, शीला रजवार, जुली सिंह, सीता कुमारी, पमिया देवी, बसंती देवी, अजमेरी खातुन, मालती देवी, उमा देवी, कुसमी देवी, बिंदु देवी, कुंती देवी, मुन्नी देवी, सविता देवी, मोती देवी, पिंकी देवी आदि मौजूद थी।

Wednesday, November 28, 2018

आंध्र प्रदेश: विधान सभा उम्मीदवार ट्रांसजेंडा चंद्रमुखी गायब ,अपहरण की आशंका

हैदराबाद। विधानसभा चुनाव लड़ रही ट्रांसजेंडर उम्मीमीदवार चंद्रमुखी मुव्वल अपने घर से लापता हो गई हैं। वह तेलंगाना घोषमहल सीट से बहुजन लेफ्ट फ्रंट की उम्मीदवार हैं। यहां उनका मुकाबला पूर्व मंत्री मुकेश गौड़, टीआरएस नेता प्रेम सिंह राठौर और भाजपा नेता टी राजा सिंह से है।

चंद्रमुखी के समर्थकों ने हैदराबाद के बंजाराहिल थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। तेलंगाना में सात दिसंबर को मतदान होना है। किन्नरों के संगठन ने कहा है कि मंगलवार को दिनभर चंद्रमुखी का पता नहीं चला। हमें उनकी अपहरण किए जाने की आशंका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोमवार को चंद्रमुखी प्रचार के बाद अपनी मां से मिली थी। इसके बाद मंगलवार सुबह आठ बजे से उनका फोन बंद है।

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चंडीगढ़ : प्रदेश में बनाए जा रहे 29 पुलिस स्टेशन - डीजीपी, हरियाणा


चंडीगढ़ -- हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), श्री बी0 एस0 सन्धू ने कहा कि हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा प्रदेश के विभिन्न स्थानों व पुलिस लाइनों में 114 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से 29 पुलिस थानों के साथ-साथ पुलिसबल के लिए अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है।

  डीजीपी ने कहा कि इन पुलिस स्टेशनों के निर्माण से पुलिस कर्मियों को बेहतर कार्यस्थल के साथ-साथ आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा सकेंगी जिससे राज्य पुलिस के जवान अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन और अधिक बेहतर ढंग से कर सकेंगेे। तीन महिला थानों सहित इन पुलिस स्टेशनों का निर्माण आम जनता को सुविधाएं देने व राज्य पुलिसबल को और बेहतर कार्य करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

  उन्होंने कहा कि 62 करोड 52 लाख रुपये की लागत से इन पुलिस स्टेशनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि निगम द्वारा हॉस्टल और बैरकों के निर्माण कार्य पर 51 करोड 82 लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है।


  पुलिस स्टेशनों के बारे में जानकारी देते हुए श्री सन्धू ने कहा कि भिवानी, दादरी और पलवल में महिला पुलिस स्टेशनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा, सिटी पुलिस स्टेशन पलवल, सीआईए पुलिस स्टेशन पलवल और भिवानी, पुलिस स्टेशन बराडा (अंबाला), सेक्टर-65, गुरुग्राम, पटौदी, झज्जर, सिटी नरवाना, सिविल लाइंस सेक्टर-7 जींद, पिनंगवान (नुंह), सेक्टर -20 पंचकूला की पहली मंजिल और सेक्टर -5 पंचकूला पुलिस थाने की अतिरिक्त मंजिल सहित पुलिस थानों का कार्य विभिन्न स्तरों पर प्रगति पर है। इसी प्रकार, भूपानी (फरीदाबाद), सूरजकुंड, रोहरी (रेवाडी), सेक्टर-27, सुशांत लोक (गुरुग्राम) डीएलएफ फेज-3, गुरुग्राम, ऐलनाबाद और सिविल लाइंस, सेक्टर-19, सिरसा के पुलिस थानो को कार्य निविदा प्रक्रिया में है जिसके जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।


  उन्होंने कहा कि इसी प्रकार जींद, रेवाडी, भिवानी और पुलिस परिसर मधुबन सहित पुलिस लाइनों में होस्टल व बैरकों का निर्माण किया जा रहा है। पुलिस के बुनियादी ढांचे के उन्नयन से आमजन के सक्रिय सहयोग के साथ प्रदेश की जनता और संपत्ति की सुरक्षा को सुनिश्चित करनेे में मदद मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस देशभर में सबसे बेहतर पुलिस बल के रुप में उभर कर सामने आई है।

बोकारो : अवैध कोयला उत्खनन के दौरान धंसी खदान , कई लोगों के दबने की आशंका

बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत ऊपरघाट के पलामू पंचायत के रसबेड़वा जंगल में रविवार की रात अवैध कोयला उत्खनन के दौरान सुरंग धंसने से 12 लोगों के दबने की सूचना है.            चर्चा है कि अवैध उत्खनन में शामिल लोग घटनास्थल से दो शव लेकर भाग गये.      जानकारी के अनुसार सुरंग में 20-25 ग्रामीण कोयला काटने घुसे थे.    इसी दौरान रात लगभग 11 बजे सुरंग अचानक धंस गयी और 12 लोग दब गये. इसमें अधिकतर लोग तुपकाडीह और चलकरी के रहने वाले हैं. 

घटना के बाद स्थानीय पुलिस घटना स्थल पहुंच कर जांच पड़ताल की. पुलिस ने कुछ बताने से इंकार किया है.                                             घटना की जानकारी नहीं : इंस्पेक्टर            इस संबंध में पूछे जाने पर बेरमो सर्किल इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है. अगर क्षेत्र में ऐसी घटना घटी है तो कार्रवाई की जायेगी. वहीं गांधीनगर थाना प्रभारी आरबी सिंह का कहना है कि घटना इस थाना क्षेत्र की नहीं है.


गिरिडीह:स्मृति शेष आजसू केन्द्रीय महासचिव दामोदर प्रसाद महतो को दी श्रद्धांजलि

:स्मृति शेष आजसू केन्द्रीय महासचिव दामोदर प्रसाद महतो को

श्रद्धांजलि देने हेतु मंगलवार को उनके पैतृक आवास परसाटांड़ में एक

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।श्रद्धांजलि सभा में आजसू के

साथ साथ विभिन्न दलों के नेता,कार्यकर्ता,समर्थक व शुभचिंतक 

शामिल हुए । श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने वालों में स्थानीय विधायकजगरनाथ महतो, टुंडी विधायक राजकिशोर महतो गांडेय विधायक,जयप्रकाश वर्मा पूर्व विधायक उमाकांत रजक आजसू गिरिडीह जिलाध्यक्ष गुड्डु यादव, आजसू महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वायलट कच्छप ,रांची जिप उपाध्यक्ष पार्वती देवी, आजसू नेता जिवाधन महतो ,बीस सूत्री अध्यक्ष लालमोहन महतो झामुमो नेता कैलाश चौधरी, डेगलाल महतो,राजकुमार पांडेय,निरंजन महतो आजसू केन्द्रीय महासचिव संतोष महतो सचिव बैजनाथ महतो,लंबोदर महतो जिला परिषद टिकैट महतो छात्र संघ से रंधीर वर्मा,पिन्टू कुमार,महेश वर्मा जिला अध्यक्ष गुड्डू यादव जिला सचिव अनुप पांडेय,मुन्ना महतो,संतोष महतो,मोनू कुमार,योगेन्द्र महतो,बासुदेव महतो आजसू प्रखण्ड अध्यक्ष काशी महतो,छक्कन महतो,रामप्रसाद महतो,पप्पू महतो एसबीएमसी प्रतापपुर के संचालक प्रमोद बरनवाल,रूस्तम अंसारी,जयकांत महतो,अजीत माथुर,राजकमल महतो,दुलारचन्द महतो,झारखंडी यादव डुमरी संत कुमार बंका,जितेन्द्र महतो,सुबोध सिन्हा,सुरेन्द्र कुमार टाईगर फोर्स नेता महावीर सिंह पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनोज मंडल आदि शामिल हुए।

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Tuesday, November 27, 2018

गिरिडीह : संविधान दिवस पर डुमरी के कई संस्थानों में कार्यक्रम हुए

गिरिडीह :  विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में सोमवार को संविधान दिवस मनाया गया। इस दौरान संस्थानों से जुड़े सदस्यों ने संविधान में उल्लेखित प्रस्तावना को पढ़ उसका अनुसरण करने का शपथ लिया।

 आईके जायसवाल उच्च विद्यालय प्रांगण में संविधान दिवस का आयोजन किया गया ,जिसमें विद्यार्थियों,शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं उपस्थित जनों ने संविधान के मूल पवित्र उद्देश्यों को अक्षुण बनाने का संकल्प लिया साथ ही निहित उद्देश्यों पर चर्चा की गई। उपस्थित जनों से विद्यालय संस्थापक इन्द्रजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि हमें सभी को संविधान के मूल उद्देश्यों की रक्षा करनी है। कारण कि लोग संविधान के साथ छेड़छाड़ और खिलवाड़ करने में लगे हैं,ऐसे समाज विरोधी व राष्ट्र विरोधी तत्वों का डटकर मुकाबला कर संविधान के निर्देशों को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी होगी।मौके पर राजेन्द्र प्रसाद, सुषमा कुमारी,शारदा कुमारी,मीरा बरनंवाल आदि उपस्थित थे।पीएनडी जैन उच्च विद्यालय में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं को संविधान बनाने के उद्देश्यों एवं देश की व्यवस्था की संचालन में योगदान पर विस्तृत जानकारी दी।इस दौरान छात्र छात्राओं के बीच संविधान से संबंधित प्रश्न प्रतियोगिता आयोजित की गई। बालक एवं बालिका वर्ग में आहुत प्रतियोगिता में बालिका वर्ग की ईशिका,रिया, अंजली,साक्षी,रानी व प्रज्ञा की टीम ने बालक वर्ग के सूरज,संतोष, अनिष व विशाल की टीम को 15-5 अंकों से पराजित किया। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय शिक्षक कृष्ण कुमार सिंह,प्रमोद यादव,श्याम सिंह,भैयालाल जैन,देवेश कुमार,विवेक जैन,मिथिलेश कुमार,रूपलाल मंडल,दयानंद कुमार,आकाश जैन,विनय जैन,एतवारी महतो आदि की भूमिका सराहनीय रही। वहीं स्वयंसेवी संस्था जनप्रकाश फाउण्डेशन के कार्यालय में भी संविधान दिवस मनाया गया।इस दौरान संस्था सचिव वेदप्रकाश पाठक,रूपलाल महतो,जुगनू महतो,खगेश्वर महतो,कैलाश, अलखनाथ चौधरी,महेन्द्र मंडल आदि उपस्थित थे। प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय डुमरी में आयोजित संविधान दिवस पर शिक्षकों व छात्राओं ने एक जागरूकता रैली निकाली जो आसपास क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान स्कूल के वरीय शिक्षक रवीन्द्र प्रसाद ने संविधान की जानकारी दी। मौके पर प्राचार्य अरूण कुमार सिंह शिक्षक अवधेश कुमार शिक्षिका अमृता सिंह,सुनैना रानी आदेशपाल सौरभ नंदी,दिनेश यादव उपस्थित थे। वहीं डीएवी सेन्ट्रल स्कूल, इसरीबाजार में आयोजित संविधान दिवसपर विद्यालय प्राचार्या रिया तिवारी ने बच्चों को संविधान की जानकारी दी।


पेड न्यूज: अब निशाने पर है 'पेड न्यूज' का बढ़ता चलन, खोखली होती मानसिकता

वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य जयशंकर गुप्त पेड न्यूज़ के कांसेप्ट के बारे में बताते हैं, "शायद 1998-99 की बात है, तब अजीत जोगी कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हुआ करते थे, एक दिन एक प्रेस कांफ्रेंस के बाद उन्होंने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि इस बार मध्य प्रदेश (मौजूदा छत्तीसगढ़) के उम्मीदवार ने ज़्यादा पैसे मांगे हैं, वजह पूछने पर बताया कि अख़बार वालों ने कहा कवरेज कराने के लिए पैकेज लेना होगा. अख़बार वालों ने विपक्षी उम्मीदवार से भी पैसे मांगे हैं."

1998-99 में उस वक्त जिस अख़बार का जिक्र अजीत जोगी के सामने हुआ था वह तेजी से उभरता हुआ समूह था जो अपना विस्तार करने में जुटा हुआ था.

इस अख़बार के पेड न्यूज़ के पैकेज में केवल ये शामिल था कि रोज़ाना उम्मीदवार ने किन-किन इलाकों का दौरा किया है और अख़बार में उसकी तस्वीर सहित बस यही जानकारी छपेगी.

तबसे लेकर पेड न्यूज़ का दख़ल लगातार बढ़ता ही गया है.

राज्यसभा के मौजूदा उपसभापति और दशकों तक प्रभात ख़बर के चीफ़ एडिटर की भूमिका निभा चुके हरिवंश कहते हैं, "पत्रकारिता में पेड न्यूज़ का चलन पहले भी था लेकिन उदारीकरण के बाद जिस तरह सबकुछ बाज़ार की शक्तियों के हवाले होता गया है, उसका असर अख़बारों और बाद में टीवी चैनलों पर भी पड़ा. मुनाफ़ा कमाने का दबाव बढ़ता गया."

ये दबाव कितना अधिक होता है, इस बारे में बीते 12 सालों से विभिन्न अख़बार समूहों में लीडरशिप की भूमिका निभा रहे और इंडिया न्यूज़ समूह के चीफ़ एडिटर अजय कुमार शुक्ल बताते हैं, "मीडिया घरानों पर भी रेवेन्यू जेनरेट करने का दबाव रहता है और जब रेवेन्यू में हिस्सेदारी लेने वालों की संख्या बढ़ रही हो तो ये दबाव और भी बढ़ जाता है, तो पेड सप्लीमेंट या चैनलों पर पेड स्लॉट तो रखने पड़ते हैं. लेकिन मेरी अपनी कोशिश ये होती है कि पॉलिटिकल ख़बरों को इससे बचाया जाए."

कितना होता है दबाव

आप चाहे जिस भी स्तर का अख़बार या चैनल चला रहे हों, राजस्व जुटाने की चिंता सबको होती है.

इस बारे में आईबीएन18 समूह के संस्थापक संपादक और वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई बताते हैं, "दबाव तो होता है, कई बार मुश्किल स्थिति होती है, जब हमलोगों ने आईबीएन शुरू किया था तो अंग्रेज़ी-हिंदी में तो ऐसी स्थिति मेरे सामने नहीं आई थी लेकिन आईबीएन-लोकमत मराठी चैनल को लेकर ये स्थिति आ गई थी कि पेड स्लॉट नहीं करेंगे तो चलेगा कैसे. लेकिन मैं अड़ा था कि अगर पैसा लेकर कार्यक्रम करना हुआ तो उसका डिस्क्लोज़र भी दिखाई देना चाहिए."

दैनिक भास्कर और नई दुनिया अख़बार में जनरल मैनेजर रहे मनोज त्रिवेदी बताते हैं, "चुनाव के वक्त एक तरह से अख़बार समूह के लिए रेवेन्यू बढ़ाने का मौक़ा होता है. तो वे इस तरह की रणनीति अपनाते हैं जिससे नेताओं से कमाई हो सके."

"इसके लिए कई तरह के विकल्प भी रखने होते हैं और रकम जुटाने को लेकर लचीला रुख़ होता है, जिसके पॉकेट से जितना पैसा निकल सकता है, उतना पैसा निकालने की जुगत होती है, जैसे मुंह देखकर चंदन लगाया जाता है, बस वैसे ही काम होता है."

सरकार ने पेड न्यूज को ले इन 52 अखबारों को डीएवीपी की चाबूक लगा दो माह तक विज्ञापन सूची से बाहर रखने का सख्त आदेश जारी किया. वे हैं:

  कितनी सच्चाई है?

क्या अब मीडिया के ज़रिये साज़िशें भी कराई जा सकती हैं:

चुनाव के दिनों में पेड न्यूज़ का स्वरूप कैसा हो सकता है, इस बारे में परंजॉय गुहा ठाकुरता बताते हैं, "हम तो जब रिपोर्ट तैयार कर रहे थे तब ये देखकर अचरज में पड़ गए थे कि एक अख़बार ने एक ही पन्ने पर एक ही जैसे अंदाज़ में एक क्षेत्र की दो ख़बरें छापी थीं, एक ख़बर में एक उम्मीदवार को जिताया जा रहा था, और दूसरी ख़बर में दूसरे उम्मीदवार को जिताया जा रहा था. बताइए ये कैसे हो सकता है?"

प्रबंधन क्या - क्या करता है ?

ये ख़बरों की दुनिया में किस तरह व्याप्त है, इसका अंदाज़ा कुछ उदाहरणों से लगाया जा सकता है.

एक तेलुगू अख़बार के संपादक के मुताबिक़ उनका अख़बार प्रबंधन हर चुनाव से पहले रेट कार्ड के हिसाब से पेड न्यूज़ के ऑफ़र उम्मीदवारों के सामने रखता रहा है.

एक मेट्रो शहर से चलने वाले एक टीवी चैनल ने अपने यहां की प्रोग्रामिंग चौबीस घंटे में ऐसे बना ली कि पहले आधे घंटे में एक सीट से एक उम्मीदवार जीत रहा होता था और दूसरे आधे घंटे में उसी सीट से दूसरे उम्मीदवार का पलड़ा मज़बूत बताया जाता था.

एक मराठी चैनल ने चुनाव से ठीक दो दिन पहले इस तरह की व्यवस्था कर दी कि शिवसेना से संबंधित कोई ख़बर टीवी चैनल पर दिखी ही नहीं.

झारखंड से प्रकाशित एक दैनिक में विपक्षी उम्मीदवार के समर्थन में प्रमुख नेताओं का जमावड़ा हुआ तो ये तय माना जा रहा था कि ये ख़बर पहले पन्ने पर जगह पाएगी, राज्य सरकार का प्रसार विभाग तत्काल हरकत में आया और उसने अख़बार के पहले दो पन्नों का 'जैकेट विज्ञापन' जारी कर दिया, और लोगों को विपक्षी उम्मीदवार की स्थिति का अंदाज़ा तीसरे पन्ने पर जाकर हुआ.

हरिवंश बताते हैं, "पेड न्यूज़ का तंत्र इतना संगठित रूप ले चुका है कि 2009 में प्रभाष जोशी, कुलदीप नैयर, बीजी वर्गीज, अजीत भट्टाचार्य जी ने पेड न्यूज़ पर एक जांच रिपोर्ट तैयार की थी, मैं भी शामिल था, वह रिपोर्ट सार्वजनिक ही नहीं हो पाई."

पटना के वरिष्ठ पत्रकार और मौर्या टीवी के संपादक रहे नवेंदू पेड न्यूज़ के चलन पर कहते हैं, "वह जमाना था जब कोई रिपोर्टर किसी फायदे के लिए कोई ख़बर लिख देता था, लेकिन पत्रकारिता में सबसे पहले रिपोर्टरों को संपादकों ने ख़त्म किया, फिर ख़बरें संपादक स्तर पर मैनेज होने लगीं, लेकिन जल्दी ही मालिकों और प्रोमोटरों ने संपादक नाम की संस्था को ख़त्म कर दिया. तो पेड न्यूज़ के ज़्यादा बड़े मामले अब मालिकों के स्तर पर ही हो जाते हैं."

इंडिया न्यूज़ में चीफ़ एडिटर अजय शुक्ल बताते हैं, "रेवेन्यू बनाने के लिए तरकीबें तो निकाली जाती हैं, इससे प्रबंधन का फ़ायदा भी होता है लेकिन इससे हमारी पत्रकारिता का नुकसान हो रहा है, आम लोगों के बीच हमारी साख प्रभावित हो रही है."

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मीडिया की जो बीमारी पत्रकारों के रास्ते अब प्रबंधन का हिस्सा बन चुकी है, उस पर अंकुश कैसे लगाया जाए.

इस बारे में कई वर्षों तक अखबार समूह में जनरल मैनेजर रहे मनोज त्रिवेदी कहते हैं, "पेड न्यूज़ को काफ़ी हद तक इंस्टीट्यूशनल बना दिया गया है, जनता को खुद ही फर्क करना होगा कि कौन सा न्यूज़ है और कौन सा पेड न्यूज़."

राजदीप सरदेसाई कहते हैं, "जिस तरह से 2009-10 में पेड न्यूज़ के ख़िलाफ़ आवाज़ उठी थी, वैसी कोशिश अब नहीं दिखाई देती है, ये चिंताजनक तस्वीर है."

हरिवंश के मुताबिक ज़्यादा से ज़्यादा मुनाफ़ा कमाना अंतिम लक्ष्य है और इसमें कोई एक ज़्यादा दोषी है दूसरा कम, ऐसा नहीं है, सब शामिल हैं.

हरिवंश कहते हैं, "आप अगर लोकसभा और राज्य सभा की रिकॉर्डिंग उठाकर देख लें तो ना जाने कितने नेताओं ने कितने मौक़ों पर पेड न्यूज़ से पीड़ित होने की बात कही है, दोहराई है. लेकिन अंकुश नहीं लग पाया है."

कैसे रुकेगा ये चलन?

मौजूदा व्यवस्था में पेड न्यूज़, ख़ासकर चुनाव के दिनों में छपने वाले पेड न्यूज़ की शिकायत आप चुनाव आयोग और भारतीय प्रेस परिषद से कर सकते हैं, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की शिकायत चुनाव आयोग से नेशनल ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी (एनबीएसए) से करने का प्रावधान है.

लेकिन ये देखने में आया है कि यहां शिकायतों पर कार्रवाई करने में लंबा वक्त लगता है और कई मामलों में इसे साबित करना भी मुमकिन नहीं होता है.

ऐसे में इस पर रोक लगाने की कोशिशों की हवा निकल जाती है.

पेड न्यूज़ की वजहों पर मौजूदा केंद्र सरकार में स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता वाली पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन इंफ़ॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी ने एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी.


'फ़ेक न्यूज़' के ख़िलाफ़ क्या है तैयारी

इस रिपोर्ट में उन तमाम पहलुओं का ज़िक्र है, जिसके चलते पेड न्यूज़ की बीमारी का चलन बढ़ रहा है.

इसके मुताबिक मीडिया में काँट्रैक्ट सिस्टम की नौकरियों और पत्रकारों का कम वेतनमान भी पेड न्यूज़ को बढ़ावा दे रहा है, साथ ही मीडिया कंपनियों के स्वामित्व के बदलते स्वरूप का असर भी हो रहा है.

इस रिपोर्ट में ये माना गया है कि सरकारी विज्ञापनों के ज़रिए सरकारें मीडिया हाउसेज़ पर दबाव बनाती रहती हैं.

इस रिपोर्ट में प्रेस काउंसिल जैसी संस्थाओं को प्रभावी बनाने से लेकर नियामक संस्था बनाने तक की बात कही गई है.

लेकिन मुख्यधारा की मीडिया में बीते तीन दशकों से ज़्यादा से ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने का ज़ोर बढ़ा है.

ऐसे में किसी नैतिकता और आदर्श की बात को बहुत ज़्यादा अहमियत नहीं रह जाती है.

वैसे अख़बारों में जगह बेचने का कॉन्सेप्ट भारत के सबसे बड़े अख़बार समूह ने इससे पहले शुरू कर दिया था जिसमें वो अपने लोकल सप्लीमेंट में मैरिज एनिवर्सरी, बर्थडे पार्टी, मुंडन और शादी जैसी चीज़ों को छापने के लिए पैसे लेने लगे थे.

लेकिन ये घोषित तौर पर पेड सप्लीमेंट माने जाने लगे थे और ये वो पन्ने थे जिनमें समाचार नहीं छपते थे.

लेकिन एंटरटेंनमेंट लोकल सप्लीमेंट में जगह बेचने का कांसेप्ट समय के साथ बदले हुए अंदाज़ में आजकल किस तरह फैल गया है, इस बारे में टाइम्स ऑफ़ इंडिया समूह और एनडीटीवी ग्रुप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी रह चुके समीर कपूर बताते हैं, "मौजूदा समय में साफ़ नज़र आता है कि पूरा का पूरा चैनल या पूरा का पूरा अख़बार पेड जैसा बर्ताव कर रहे हैं. लगातार एकपक्षीय ख़बर आपको दिखाई देते हैं. किसी को सिर्फ तारीफ़ तारीफ़ दिख रही है तो किसी को केवल आलोचना ही आलोचना."

क़ानून से बदलेगी तस्वीर

परंजॉय गुहा ठाकुरता इस पर रोक लगने की संभावनाओं के बारे में कहते हैं, "देखिए लोगों में जागरुकता का स्तर बढ़ रहा है, निर्वाचन आयोग भी इसको लेकर तरह-तरह के प्रावधान कर रही है, तो लोगों को पता चल रहा है कि ये जो ख़बर है वो किसी ने पैसे देकर छपवाई हो सकती है."

हरिवंश पेड न्यूज़ के चलन पर रोक लगाने की किसी संभावना के बारे में कहते हैं, "मुश्किल तो है लेकिन नामुमकिन नहीं है, ऐसा करने के लिए ना केवल राजनीतिक दलों के नेतृत्व को सामने आना होगा बल्कि उन्हें मीडिया समूहों के मालिकों के साथ मिलकर बैठना होगा. इस बीमारी को दूर करने के लिए बात करनी होगी, सभी साझेदारों को समझना होगा कि इससे मीडिया की छवि का नुकसान हो रहा है."

अजीत जोगी ने तब पत्रकारों से ये भी बताया था कि उन्होंने उस उम्मीदवार से कहा था कि दोनों मिलकर बात कर लो और दोनों मिलकर किसी अख़बार को पैसे नहीं दो.

परंजॉय गुहा ठाकुरता कहते हैं, "अगर राजनीतिक दल के प्रतिनिधि मिलकर संसद के अंदर रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ पीपल्स एक्ट, 1954 में बदलाव करके पेड न्यूज़ को दंडनीय अपराध बना दें, तो ये स्थिति बदलेगी."

राजदीप सरदेसाई के मुताबिक 'क़ानून बनने से डर तो बढ़ेगा. निश्चित तौर पर.'

हालांकि पेड न्यूज़ पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे किसी क़ानून की सुगबुगाहट नहीं दिखाई दे रही है.

ऐसे समय में, अपने राजनीतिक करियर में पैसों के इस्तेमाल के चलते बदनाम हुए अजीत जोगी अब भले अपने परिवार और छत्तीसगढ़ तक सिमट गए हों लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने जो सलाह 1998-99 में तबके अपने उम्मीदवार को दी थी, वही पेड न्यूज़ के चलन को रोकने का एकमात्र कारगर उपाय दिखता है, वो सलाह थी- 'दोनों उम्मीदवार मिलकर आपस में बात कर लो और कोई भी किसी अख़बार वाले को पैसे मत दो.'

(श्रोत:बीबीसी)

गिरिडीह: कुरमी विकास मोर्चा के नये जिलाध्यक्ष निरंजन व राज्य प्रवक्ता बैजनाथ का जोरदार स्वागत

गिरिडीह:कुरमी विकास मोर्चा गिरिडीह इकाई द्वारा सोमवार को डाक बंगला परिसर में एक समारोह का आयोजन कर मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष निरंजन प्रसाद महतो एवं प्रदेश प्रवक्ता बैजनाथ

महतो का फूल माला पहना कर स्वागत किया गया।नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा व पक्षपात रहित करने एवं स्वजातीय संगठन को और धारदार बनाने की बात कही।                          साथ ही पारा शिक्षक आंदोलन का समर्थन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हक

व अधिकार के लिए संगठन हमेशा तत्पर रहेगा।स्वागत करने वालों में

मोर्चा के युवा विंग के जिलाध्यक्ष थानेश्वर महतो सचिव रामचन्द्र महतो,

डेगलाल महतो,बासुदेव महतो अधिवक्ता छत्रधारी महतो व विजय कुमार पंसस पंकज कुमार,नीलकंठ महतो,बैजनाथ अकेला आदि उपस्थित थे।

फोटो:@#$%^&*& नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत करते लोग

अब सस्ता मिलेगा गैस सिलेंडर, होंगे कुछ ऐसे बदलाव

नई दिल्ली: कुकिंग गैस की कीमतों में नियंत्रण करने का सरकार ने मन बना लिया है ၊ रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी की राशि खाते में जमा करने की व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला किया है. सरकार ने यह फैसला कई ग्राहकों को एकमुश्त राशि चुकाने में आ रही दिक्कतों को देखकर लिया है. अब उपभोक्ताओं को सब्सिडी की कीमत में ही गैस सिलिंडर मिलेगा और सब्सिडी की राशि का भुगतान सरकार ग्राहकों को करने  के बजाय सीधे पेट्रोलिम कंपनियों को करेगी.

जानकारी के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सब्सिडी देने के लिए जल्द नया तरीका अपनाने की तैयारी में है. इसके लिए गैस सब्सिडी का नया सॉफ्टवेर बनाया जा रहा है. इसके तहत गैस उपभोक्ताओं को सिलिंडर की सिर्फ सब्सिडी कीमत ही देनी होगी. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि डीबीटी के नए तरीके में गैस बुक होने के बाद उपभोक्ता के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए एक कोड भेजा जाएगा. गैस सिलिंडर आने पर उपभोक्ता को वह कोड दिखाना होगा. इसके बाद सरकार सब्सिडी की राशि सीधे कंपनी को भुगतान करेगी. ऐसे में उपभोक्ता को सिर्फ गैस सिलिंडर के सब्सिडी के दाम ही चुकाने होंगे.

दुनिया के 5 बड़े संगठनों ने अमरीका पर डाला दबाव कि यमन युद्ध में सऊदी गठबंधन की सैन्य सहायता त्वरित रोके, जिससे लाखों लोगों की जानें बचे

 दुनिया के 5 बड़े सहायता संगठनों ने अमरीका पर बल दिया है कि वह यमन युद्ध में सऊदी गठबंधन की सैन्य सहायता त्वरित रोक दे जिससे लाखों लोगों की जानें बच जाएंगी।

समाचार एजेन्सी एपी की रिपोर्ट के अनुसार इन्टरनेश्नल रेस्क्यू कमेटी, आक्सफ़ॅाम अमरीका, केयर यूएस, सेव चिल्ड्रेन और नार्वेजियन रिफ़्यूजी काउंसिल की ओर से यमन में सऊदी गठबंधन और यमन के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिए एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया।

बयान में कहा गया है कि यमन में यदि दोनों पक्षों की ओर से अपनी कार्यवाही को तुरंत बदला न गया तो एक करोड़ 40 लाख लोगों की जानें ख़तरे में होंगी।

बयान में कहा गया है कि दोनों ओर से अपनी प्रतिक्रियाओं और नीतियों से यमन की अर्थव्यवस्था की अनदेखी की गयी है जिसके कारण मंहगाई में निरंतर वृद्धि हो रही है और मुद्रा के मूल्य में भी कमी आई है।

सहायता संगठनों का कहना है कि भूख को यमन के नागरिकों के विरुद्ध हथियार के रूप में कदापि प्रयोग नहीं करना चाहिए।

सऊदी गठबंधन के घटक अमरीका से मांग करते हुए इन संगठनों का कहना था कि अमरीका, यमन में गृहयुद्ध को तुरंत समाप्त कराने के लिए विशेषकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात पर कूटनयिक दबाव द्वारा अपना प्रभाव प्रयोग करे।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...