Saturday, July 20, 2019

गिरिडीह: डुमरी प्रमुख के कार्यालय में बिजली नहीं ,मुख्य द्वार पर बैठकर किए कार्य


गिरिडीह : जब अधिकारी ही अधिकारी की बात नहीं सुनेंगे, तो बेबस व असहाय जनता को कौन भाव देगा ၊ अब इसे आपसी मतभेद कहें अथवा पदाधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा , यह फैसला करेगी स्थानीय जनता ၊ किंतु इस घटना से जनसामान्य के मनोभाव पर पृथक प्रभाव पड़ेंगे ၊                        
शनिवार 20 जुलाई को हुआ कुछ यूँ कि अपने कार्यालीय कक्ष में बिजली की मांग को लेकर डुमरी प्रमुख यशोदा देवी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठकर अपने कार्यों का निष्पादन किया। इस बाबत डुमरी प्रमुख ने कहा कि कार्यालीय कक्ष में बिजली नहीं रहने से अपने समस्याओं को लेकर आने वाले फरियादियों को उमस भरी गरमी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से बीडीओ को अवगत कराया गया परंतु बीडीओ का कहना था कि संवेदक से बात कीजिए। इधर कार्यालय के मुख्य द्वार पर कार्य के निष्पादन की जानकारी मिलने पर सीओ रवि भूषण प्रसाद प्रमुख ने उन्हें अपने कक्ष में जाने की अपील की ၊ किंतु प्रमुख ने न बिजली कनेक्शन होने के बाद ही कार्यालय में बैठ कर ही कार्य निष्पादन करने की बात कही।

कांग्रेस की कद्दावर नेता दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का 81 वर्ष की उम्र में निधन





नई दिल्ली (न्यूज डेस्क): दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया है। वे सात दिनों से बीमार चल रही थीं। वे दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रही हैं। उनका 81 वर्ष की उम्र में निधन हुआ है। दिल्ली कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। वे दिल्ली प्रदेश की लगातार तीन बार 1998 से लेकर 2013 तक मुख्यमंत्री रहीं।
कांग्रेस की कद्दावर नेता रहीं शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से मास्टर्स ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की। शीला दीक्षित साल 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद भी रहीं। बतौर सांसद वह लोकसभा की एस्टिमेट्स कमिटी की हिस्सा भी रहीं। शीला दीक्षित को दिल्ली का चेहरा बदलने का श्रेय दिया जाता है, उनके कार्यकाल में दिल्ली में विभिन्न विकास कार्य हुए।
दिल्ली में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद केरल की राज्यपाल भी रहीं। इसके अलावा कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी पेश किया था। शीला को हमेशा से गांधी-नेहरू परिवार का करीबी माना जाता था। शीला दीक्षित को समन्वयवादी राजनीति और विकास का चेहरा माना जाता रहा है। दिल्ली में मेट्रो के नेटवर्क का विस्तार हो या फिर बारापूला जैसे बड़े रोड नेटवर्क उन्हीं की देन माना जाता हैं।

गिरिडीह में झारखंड विकास मोर्चा प्रखंड स्तरीय सदस्यता अभियान हुई तेज



 
Reported by: Bharat Mandal.                            गिरिडीह ၊ जिले के  गाण्डेय स्थित गॉधीनगर में झाविमो की एक बैठक प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र मिश्र की अध्यक्षता में हुई. बैठक का मुख्य विषय सदस्यता अभियान चलाने पर विचार विमर्श था. साथ ही सुविधा के लिए प्रखंड को तीन मंडल में विभक्त किया गया. जिसमें गाण्डेय में दस पंचायत, अहिल्यापुर एवं तारामंडल में आठ आठ पंचायत रखा गया है. गाण्डेय के सदस्यता प्रभारी  तेजो ऱविदास एवं उसमान अंसारी, अहिल्यापुर मंडल में लक्ष्मण चौधरी एवं द्वारीका मालाकार, ताराटॉड मंडल में सुरेश मंडल एवं मुफ्ती अख्तर को सदस्यता प्रभारी मनोनीत किया गया. बैठक में मुख्य रूप से केन्द्रीय सदस्य दिलीप वर्मा, जिला के सदस्यता प्रभारी सुमन सिन्हा, बुद्धजिवी प्रकोष्ट के जिलाध्यक्ष गुजा हाजरा  राजेश जायसवाल, मनोज मोर्या, ओमप्रकाश मंडल,  मनोज सिंह, अवधेश राय, उसमान अंसारी, प्रदीप तुरी, संचित गुप्ता, प्रदीप स्वर्णकार, जयप्रकाश सिंह, संजय रवानी, असलम आरिफ, सुरेश स्वर्णकार, मो0 मजीद, आनंद टुडू, चौहान लोरेन,  मुख्य रूप से उपस्थित थे.

बिहार के जमुई में अवैध शराब बेचने का विरोध करने पर पत्नी की हत्या कर शव को गायब कर दिया


जमुई। नगर थाना के शास्त्री कालोनी में शराब बेचने का विरोध करने पर पत्नी की हत्या कर शव गायब कर देने का मामला प्रकाश में आया है। इस बाबत मृतका के भाई झारखंड के गिरीडीह जिला अंतर्गत निमियाघाट थाना क्षेत्र के इसरी बाजार अंतर्गत प्रोफेसर कॉलोनी निवासी टिकु वर्णवाल ने स्थानीय थाने में केस दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है।

आवेदन में टिकु ने कहा है कि उसकी बहन सोनी देवी उर्फ अर्चना बर्णवाल  की शादी दस साल पूर्व जमुई जिला के मलयपुर निवासी विजय वर्णवाल के पुत्र रंजीत वर्णवाल के साथ धनबाद कोर्ट में हुई थी। वर्तमान में उसकी बहन पति रंजीत व पुत्र आयुष राज तथा पुत्री माही के साथ जमुई स्थित शास्त्री कालोनी में रह रही थी। परिवार में सबकुछ ठीक ठाक चल रहा था। शराबबंदी के बाद रंजीत अवैध शराब कारोबार से जुड़ गया। जिसमें वह जेल भी गया था। इस अवैध कारोबार  का विरोध पत्नी सोनी द्वारा किए जाने पर रंजीत अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। इसी बीच 16 जुलाई को सोनी के मौसेरे भाई बिट्टू वर्णवाल ने टिंकू को पति द्वारा सोनी की हत्या कर शव गायब कर देने की सूचना दी। साथ ही दोनों बच्चों के भी गायब होने की बात बताई गई। टिंकू ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि साक्ष्य छुपाने के लिए रंजीत ने दोनों बच्चों को भी मार दिया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष राजेश शरण ने बताया कि मृतका के भाई द्वारा आवेदन दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। इस हत्याकांड के उजागर होने के बाद पुलिस ने पति को हिरासत मे लेकर पूछताछ शुरू कर दी है ၊ जबकि मृतका के दोनों बच्चों को आरोपित पति के गया निवासी एक सम्बन्धी के घर से जमुई लाया गया ၊ जमुई एसपी ने तहलका लाइव को बताया कि कांड क़ा अनुषंधान जारी है ၊

Friday, July 19, 2019

बगोदर के गोपालडीह में विधायक नागेन्द्र महतो ने किया ट्रांसफार्मर का उद्घघाटन

 


(गिरिडीह) ၊  बगोदर प्रखंड के बेको पूर्वी पंचायत अंतर्गत गोपालडीह में गुरूवार को विधायक नागेन्द्र महतो ने 100 केवी के विद्युत ट्रांरांसफर्मर का विधिवत नारियल फोड़कर व फीता काट कर उद्धघाटन किया।  इस अवसर पर पर्याप्त मात्रा में निर्बाध रूप से विद्युतापूर्ति की आश लिए उपस्थित ग्रामीणों ने विधायक श्री महतो  के प्रति खुशी जाहिर किया ।विधायक ने कहा राज्य और केन्द्र में भाजपा की सरकार के बनने के बाद लोगों को परेशानी नही होती हैं,  जल्द ही समस्या का समाधान हो जाता है ၊ इससे पूर्व वाली सरकार में ऑफीस और दफ्तर के चक्कर लगाते लगाते लोग परेशान हो जाते थे၊ साथ ही ट्रंसफार्मर के लिए महीनों गिरिडीह का चक्कर लगाने के बाद भी सम्भव नही हो पाता था ၊ लेकिन  झारखंड सरकार के मुखिया  रघुवर दास के दुरुस्त व्यवस्था की वजह से आज ट्रंसफार्मर जलने के 2 दिनों में ही  लोगों को उपलब्ध हो जाता है।  ऐसे में ग्रामीण जनता काफी खुश है।मौके पर दशरथ महतो मुखिया टेकलाल चौधरी दौलत महतो प्रयाग महतो राजेश कुमार सुरेन्द्र विश्वकर्मा रामेश्वर महतो मिहिर महतो महिलायें समेत काफी संख्या में ग्रमीण उपस्थित थे ।

फोटो:-ट्रांसफार्मर उद्घघाटन में शामिल विधायक नागेन्द्र महतो  व ग्रमीण 

Thursday, July 18, 2019

रांची : बकरी बाज़ार मैदान को चिल्ड्रेन पार्क बनाने की मांग की 'आप' ने, व्यवसायियों से अवैध वसूली की भी शिकायत की




रांची ၊ आम आदमी पार्टी ने नगर निगम द्वारा बकरी बाज़ार मैदान में मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने के निर्णय को रद्द करने की मांग के साथ मेयर को सौंपा ज्ञापन तथा माँग की गई कि उस मैदान को बच्चों के खेल के मैदान-पार्क के रूप में विकसित किया जाए । साथ ही निगम कर्मचारियों द्वारा अपर बाज़ार हाट एवं आस पास के दुकानदारों को धमकी और उनसे अवैध वसूली को लेकर भी की गई शिकायत ।
 
आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह के नेतृत्व में नगर निगम द्वारा बकरी बाज़ार मैदान में मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने के निर्णय को रद्द करने की मांग को लेकर मेयर को ज्ञापन सौंपा गया तथा माँग की  कि उस मैदान को बच्चों के खेल के मैदान-पार्क के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही पार्टी ने निगम कर्मचारियों द्वारा अपर बाज़ार हाट एवं आस पास के दुकानदारों को धमकी और उनसे अवैध वसूली को लेकर भी  शिकायत की।
 
आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह ने कहा कि अपर बाज़ार राँची शहर का सबसे भीड़-भाड़ वाला इलाका है। जहाँ राँची और आसपास क्षेत्र के कई इलाके से लोग हज़ारों की तादाद में खरीदारी करने आते हैं। इस इलाके में घंटों जाम, रोज़ की दिनचर्या का हिस्सा से हो गया है। कई बार तो इस इलाके में पैदल चलने का जगह भी नहीं होता। प्रदूषण और गन्दगी की समस्या भी इस क्षेत्र में इतना अधिक है कि सांस लेने के लिए साफ हवा भी दूभर है। इस पूरे इलाके में बच्चों के खेलने का मैदान और बुज़ुर्गों के टहलने का पार्क भी नहीं है।इस निर्णय से इस क्षेत्र में जाम की समस्या और प्रदूषण दोनों और भी बढ़ेगा। साथ हीं उक्त मैदान में एक दुर्गा पूजा मण्डप भी है, जहाँ दशकों से दुर्गा पूजा का आयोजन होता आ रहा है जिसके साथ राँची के लाखों धर्मावलम्बियों की आस्था भी जुड़ी है।  ऐसी स्थिति में  इतने भारी जाम और प्रदूषण युक्त अपर बाज़ार के बीचों -बीच बकरी बाज़ार मैदान  में मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने का निर्णय बहुत घातक साबित होगा।
 कहा कि इतना ही नहीं, अपर बाजार में हाट तथा आसपास की दुकानों से सिर्फ दुकानदारों का ही नहीं बल्कि इससे जुड़े हजारों कर्मचारियों और अन्य लोगों का जीवन यापन होता है, परन्तु शिकायत मिली है कि नगर निगम के कतिपय कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर इनका भयादोहन करके इन्हें उजाड़ने की धमकी दी जाती है और वसूली की जाती है।
 
 उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी नगर निगम के इस निर्णय का घोर विरोध करती है तथा निम्नलिखित माँग करती है:
 
1. बकरी बाज़ार मैदान (दुर्गा पूजा मण्डप) में मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने के निर्णय को तत्काल रद्द किया जाए।
 
2. उक्त मैदान को बच्चों  के खेल के लिए मैदान तथा बुजुर्गों के टहलने के लिए पार्क एवं गाड़ियों के लिए पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया जाए
 
3. दुर्गा पूजा मण्डप के साथ कोई छेड़छाड़ ना हो, वहाँ दशकों से चल रहे दुर्गा पूजा का निर्बाध आयोजन सुनिश्चित हो तथा लाखों हिंदुओं की भावना के साथ खिलवाड़ ना हो।  
 
4.  अपर बाजार में हाट तथा आसपास की दुकानों से नगर निगम के कतिपय कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर भयादोहन , धमकी और वसूली तत्काल रोका जाए तथा व्यवसायियों को यह भरोसा दिया जाए कि उनकी दुकानों और व्यवसाय पर कोई खतरा उत्पन्न नहीं किया जाएगा।
 
प्रतिनिधि मंडल में अंजन वर्मा, परवेज अख्तर, अमन कुमार , उदित कुमार तथा राजेश कुमार शामिल रहे।

बिहार:सोशल मीडिया में वायरल हो रही मृत बच्चे की तस्वीर का सच क्या है!!


बिहार:
बुधवार को मुजफ्फपुर से मां और 4 बच्चे की बाढ़ के पानी में डूबने की खबर आई थी। जिसके बाद से सोशल मीडिया में मृत बच्चे की तस्वीर वायरल हो रही थी और सरकार को इस घटना के लिए कोसा जा रहा था। लेकिन जब चैनल  इस खबर की पड़ताल की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। दरअसल 3 बच्चों की मौत बाढ़ के पानी में डूबने से नहीं हुई। उनकी जान घरेलू विवाद की वजह से गई है। जानकारी के अनुसार घर में सास-बहू का झगड़ा हुआ था। जिसके बाद गुस्से में बहू अपने 4 बच्चों के साथ पानी में डूबकर आत्महत्या  करने गयी थी। उसके पीछे-पीछे सास भी दौड़ी, लेकिन तब तक महिला अपने बच्चे के साथ पानी के पास पहुंच चुकी थी। फिर सास ने जब उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन नहीं बचा पाई औऱ तेज धार में बह गए। इससे बच्चे मौत हो गयी। घटना मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखण्ड के शीतलपट्टी गांव की है। बता दें कि बच्चे की मौत की घटना को बाढ़ के पानी में डूबने से जोड़ा गया था। इससे दुनिया भर में सरकार की किरकिरी हुई। लेकिन, अब जो सच सामने लेकर आया है,वह है यह ၊

Wednesday, July 17, 2019

देवघर: बेलपत्रों से बाबा बैद्यनाथ दरबार में लगी विल्व प्रदर्शनी

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देवघर : सावन के महीने में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में विल्व प्रदर्शन लगाने की परंपरा है। सावन माह के पहले और प्रत्येक सोमवार को विल्व प्रदर्शनी लगाई जाती है। खास बात यह कि त्रिकुटी पहाड़ के दुर्लभ बेलपत्रों से बाबा दरबार में लगने वाली विल्व प्रदर्शनी देखकर श्रद्धालु मुग्ध हो जाते हैं। परंपरा के मुताबिक सावन माह के पहले दिन बुधवार को बाबा मंदिर में आकर्षक विल्वपत्र प्रदर्शनी लगाई गई। बताते चलें कि वर्षो पूर्व विल्व प्रदर्शनी लगाने की परंपरा बमबम बाबा ब्रह्माचारी ने शुरू की थी, जिसका निर्वहन अनवरत जारी है। मंदिर प्रांगण में लगी प्रदर्शनी में राजाराम विल्वपत्र समाज ने राम मंदिर में, पंडित मनोकामना राधेश्याम विल्वपत्र समाज एवं राधेश्याम विल्वपत्र मंदिर समाज ने आनंद भैरव मंदिर में प्रदर्शनी लगाई है। जबकि बरनैल समाज ने तारा मंदिर, जरनैल समाज ने काली मंदिर, बमबम बाबा ब्रह्मचारी समाज, शांति अखाड़ा विल्वपत्र समाज एवं बमबम बाबा मशानी समाज लक्ष्मीनारायण मंदिर में आकर्षक प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी को देखने के लिए इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। 

6 महीने बाद देशभर के 90% अखबार होंगे बंद, लाखों अखबार कर्मी होंगे बेरोजगार




डीएवीपी के खिलाफ कोर्ट जायेगा ‘अखबार बचाओ मंच’, पहले राजनीतिक दलों से मांगों फिर अखबारों से मांगना हिसाब! अस्तित्व बचाने की आखिरी कोशिश में ‘अखबार बचाओ मंच’ न्यायालय की शरण में जायेगा। मंच ये तर्क रखेगा कि जब राजनीतिक दल अपने चंदे का हिसाब और टैक्स नहीं देते तो फिर अखबारों पर एक-एक पैसे का हिसाब और नये-नये टैक्स क्यों थोपे जा रहे हैं।

दरअसल दो-तीन महीने बाद पूरे देश के अखबारों का नवीनीकरण होना है। जिसके लिये डीएवीपी द्वारा एक-एक कागज और पाई-पाई का हिसाब मांग लेने से देश के 95%अखबार नवीनीकरण नहीं करा पायेंगे। अखबार बचाओ मंच का कहना है कि अखबारों से संबधित सरकार की पालिसी के खिलाफ डीएवीपी मनमाने ढंग से अखबारों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। सरकार की विज्ञापन नीति के हिसाब से एक करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले अखबारों को बैलेंस शीट देना अनिवार्य है। जबकि डीएवीपी ने बीस लाख के ऊपर के टर्नओवर वाले अखबारों के लिए बैलेंस शीट अनिवार्य कर दी है।

पूरा मामला जानिए :-
शायद ही कोइ ऐसा व्यवसाय होगा जिसमे कोई manipulation न होता हो , उसी तरह नियमों और कानूनों को देखते हुए देश के 99% मान्यता प्राप्त अखबारों को भी प्रसार संख्या में manipulation करना पड़ता है। बड़े-बड़े ब्रांड अखबार भी बीस हजार कापी को दो लाख प्रसार बताने पर मजबूर है। इस झूठ की मंडी की जिम्मेदार सरकार की गलत नीतियां भी हैं। यदि कोई अपने अखबार का वास्तविक दो हजार के अंदर का प्रसार बताता है तो उसे डीएवीपी से विज्ञापन की सरकारी दरें नहीं मिलती। और यदि दो हजार से पंद्रह हजार तक के प्रसार का दावा करता है तो उसे लघु समाचार की श्रेणी में रखा जाता है। लघु श्रेणी की विज्ञापन दर इतनी कम होती हैं कि इन दरों से कम संसाधनों वाला अखबार भी अपना बेसिक खर्च भी नहीं निकाल सकता है। यूपी सहित देश के बहुत सारे राज्यों में कम प्रसार वाले अखबारों के पत्रकारों को राज्य मुख्यालय की मान्यता भी नहीं मिलती। शायद राज्य सरकारों का मानना है कि कम प्रसार वाले अखबारों में राज्य मुख्यालय यानी प्रदेश स्तर की खबरें नहीं छपतीं हैं। सरकारों की इन गलत नीतियों के कारण भी प्रकाशक अपना प्रसार बढ़ा कर प्रस्तुत करता है।

अब ये झूठ देश के करीब 95% अखबारों को ले डूबेगा। और देश के लाखों अखबार कर्मी और पत्रकार बेरोजगार हो जायेंगे। यानी सरकारी नीतियों और प्रकाशकों के टकराव की इस चक्की में आम अखबार कर्मी/पत्रकार पिस जायेंगे।
क्योंकि अब बताये गये प्रसार के हिसाब से करोड़ों की राशि के कागज की खरीद और अन्य प्रोडक्शन कास्ट का हिसाब दिये बिना डीएवीपी अखबारों का नवीनीकरण नहीं करेगा। अखबारी कागज पर जीएसटी होने के कारण अब तीन का तेरह बताना संभव नहीं है।

यही कारण है कि अखबारी कागज पर से जीएसटी हटाने की मांग को लेकर प्रकाशकों, अखबार कर्मियों और पत्रकारों ने खूब संघर्ष किया। सरकार के नुमाइंदों को दर्जनों बार ज्ञापन दिये। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक धरना-प्रदर्शन किये। वित्त मंत्री से लेकर पीएमओ और जीएसटी कौंसिल से लेकर विपक्षी नेता राहुल गांधी तक फरियाद की। फिर भी हासिल कुछ नहीं हुआ।

डीएवीपी ने अखबारों की नयी मान्यता के आवेदन पत्र में अखबारों से एक एक पैसे का पक्का हिसाब मांगा है। यानी कागज की जीएसटी से लेकर बैंक स्टेटमेंट मांग कर ये स्पष्ट कर दिया है कि तीन महीने बाद नवीनीकरण के लिए देशभर के सभी अखबारों से ऐसे ही हिसाब मांगा जायेगा। और इस तरह का हिसाब देशभर के 95%अखबार नहीं दे सकेंगे।

इस संकट से लड़ने के लिए पत्रकार संगठन एक बार फिर सक्रिय हो गये हैं। इन संगठनों का मानना है कि अखबार बंद होने से प्रकाशक तो हंसी-खुशी अखबार बंद करके किसी दूसरे धंधे में आ जायेंगे लेकिन देश के लाखों अखबार कर्मी/पत्रकारों के पास रोजगार का दूसरा विकल्प नहीं होगा।

इस बार पत्रकार संगठन सरकार से पहले तो ये मांग करेंगे कि अखबारों के कम और वास्तविक प्रसार को सरकारी विज्ञापनों की इतनी दरें मिल जायें कि कम संसाधनों का बेसिक खर्च निकल आये। दूसरी महत्वपूर्ण मांग ये होगी कि कम प्रसार वाले अखबारों के पत्रकारों की राज्य मुख्यालय की प्रेस मान्यता बरकरार रहे।
 
दस लाख से कम कुल वार्षिक विज्ञापन पाने वालों से डीएवीपी आय-व्यय का हिसाब ना मांगे। कम संसाधनों, कम आमदनी और कम विज्ञापन पाने वाले इन अखबारों को जीएसटी से मुक्त किया जाये। अखबारों को इन संकटों से बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहा पत्रकार संगठनों का साझा मंच ‘अखबार बचाओ मंच’ का कहना है कि यदि ये मांगे भी पूरी नहीं हुयीं तो न्यायालय का सहारा लेना पड़ेगा।

मंच का सबसे मजबूत तर्क होगा कि जब राजनीतिक दल चंदे का हिसाब देने के लिए विवश नहीं हैं तो कम संसाधन और बहुत ही कम सरकारी विज्ञापन पाने वाले देश के अधिकांश अखबार एक-एक पैसे का हिसाब देने के लिए विवश क्यों किए जा रहे हैं।

कार्पोरेट के अखबार करोड़ों रुपये की लागत लगाकर अखबारों में घाटे सह भी सकते हैं। क्योंकि वो अपने मुख्य व्यापार से अरबों रूपये का मुनाफा कमाते है। इनके मुख्य व्यापारों में सरकारों के सहयोग की जरूरत पड़ती है। सरकारों को समाचार पत्रों में सरकारों के गुड वर्क को ज्यादा उजागर करने और खामियों को छिपाने की गरज रहती है। इन कारणों से देश की जनता कार्पोरेट के ब्रांड अखबारों से विश्वसनीयता खोती जा रहे है। पाठक सच पढ़ना चाहता है। उसका रूझान छोटे-छोटे अखबारों की तरफ बढ़ रहा है। लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कार्पोरेट और पेड न्यूज की बेड़ियों में ना जकड़ जाये इसलिए पाठक चार पन्ने के छोटे अखबार में चार सच्ची खबरें पढ़ना चाहता है। जिस तरह राजनीतिक दलों की नीतियों से प्रभावित होकर लोग गुप्त दान करते हैं ऐसे ही छोटे अखबारों को अभी अब लोग दान स्वरुप टुकड़ों – टुकड़ों में कागज देने लगे हैं। जब राजनीतिक दलों के चंदे का हिसाब नहीं तो छोटे अखबारों का हिसाब क्यों?

मुंबई हमले का मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद गिरफ्तार, भेजा गया जेल

   
  आतंकी हाफिज सईद को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया है. पंजाब की काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने हाफिज सईद को लाहौर से गिरफ्तार किया. वह लाहौर से गुजरांवाला जा रहा था. गिरफ्तारी के बाद हाफिज सईद को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. इस दौरान हाफिद सईद ने कहा कि मैं अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा. इससे पहले सोमवार को लाहौर की आतंकवाद निरोधी अदालत (ATC) ने मुंबई आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के प्रमुख आतंकी सरगना हाफिज सईद और तीन अन्य को जमानत दे दी थी. डॉन न्यूज के मुताबिक, यह फैसला मदरसे की भूमि को अवैध कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने के एक मामले में लिया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, सईद के अलावा हाफिज मसूद, आमेर हमजा और मलिक जफर को 31 अगस्त तक 50,000 पाकिस्तानी रुपये के मुचलके पर अंतरिम जमानत दी गई. सुनवाई के दौरान, आरोपी के कानूनी वकील ने अदालत से जमानत की याचिका स्वीकार करने का आग्रह करते हुए कहा कि जमात-उद-दावा भूमि के किसी भी टुकड़े का अवैध रूप से उपयोग नहीं कर रहा है. इस बीच, लाहौर हाई कोर्ट (एलएचसी) ने संघीय सरकार, पंजाब सरकार और काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) को सईद और उसके सात सहयोगियों की ओर से दायर याचिका के बारे में नोटिस जारी किया, जिसमें सीटीडी ने एक मामले में चुनौती भी दी थी।

Tuesday, July 16, 2019

6 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद दरिंदे ने उसको ईट से मारने की कोशिश की

 

दिल्ली ၊
देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर जनकपुरी C-1 के पास फुटपाथ पर सोने वाली मासूम बच्ची के साथ कल देर रात दुष्कर्म जैसी घटना उजागर होते ही यहां के लोगों के दिलों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना हुआ है । फुटपाथ पर सोने वाली  महिला की रात बारह बजे के करीब जब नींद खुली,तो उसने अपने पास सो रही छह साल की बच्ची को गायब पाया । गरीब महिला ने तुरंत अपने पति और टैक्सी स्टैंड पर सो रहे लोगों को उठाया । महिला की चीख पुकार सुनकर वहा आसपास के लोग इकट्ठा हो गए,और गायब बच्ची को नाले के पास इधर-उधर खोजना  शुरू किया । टैक्सी-ड्राइवर ने पास ही बने शौचालय के पीछे गंदगी वाली जगह पर एक शख्स द्वारा बच्ची को हवस का शिकार बनाने के बाद जान से मारने की कोशिश करते देखा । शोर मचाने पर सभी लोगों ने बड़ी मुस्तैदी से दरिंदे-आरोपी को पकड़ते हुए पुलिस को सूचित कर दिया । मासूम पीड़ित के पास से खून से सना ईट का टुकड़ा भी मिला, जिससे दरिंदे ने बच्ची को जान से मारने के लिए उसके सिर पर कई वार किए थे । मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया । खून से लथपथ मासूम को आनन-फानन में दीनदयाल-अस्पताल में भर्ती करवाया गया । मासूम-पीड़ित  बच्ची की अति-गंभीर स्थिति के चलते डॉक्टरों ने रात मे ही बच्ची को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर कर दिया, यहां पर मासूम बच्ची की हालत अति नाजुक व चिंताजनक बनी हुई है । आपको बता दें अभी थोड़े दिन पहले द्वारका में मासूम के साथ हुए दुष्कर्म की भागीदार निर्भया के बाद, इस घटना को देखते हुए अभी भी नई मासूम निर्भया का जन्म जारी है ।मासूम के मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है । पीड़ित-बच्ची की मां फुटपाथ पर ही रहती है ।और पिता बेलदारी का काम करता है । मासूम के मां-बाप सहित आक्रोशित-लोगों ने आरोपित-दरिंदों को सलाखों के पीछे ना रखते हुए सरेआम जिंदा-चौराहे पर फांसी पर लटका देने की मांग करते हुए कहा आखिर सरकार मासूम संरक्षण के लिए कोई उचित और ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है । थाना-पुलिस द्वारा मीडिया को आरोपित के बारे में बताने मे हिचकिचाना, इन जैसे कुकर्मियों के चेहरे को समाज के सामने उजागर ना करना ही, इस तरह की दरिंदगी भरी घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी का मुख्य कारण होने से,अब दिल्ली भी दरिंदगी का घर बन चुकी है ।

Monday, July 15, 2019

उत्‍तर प्रदेश, बिहार और असम में 33 लाख से ज्‍यादा लोग बाढ़ की चपेट में


देश के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं। उत्‍तर प्रदेश, बिहार और असम में 33 लाख से ज्‍यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। उत्‍तर प्रदेश में कई जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। असम के 33 में से 25 जिलों में बाढ़ की वजह से करीब 15 लाख लोग प्रभावित हैं। बिहार में बाढ़ से अब तक 29 लोगों की मौत हुई है और आठ जिले प्रभावित हैं।सरकारी अनुमान के मुताबिक, राज्‍य में लगभग 18 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अब तक 65 लोगों की मौत हो गई है जबकि 24 से ज्यादा लोग लापता हैं। 

अब आप ऑफिस में नहीं चला पाएंगे Facebook-WhatsApp!


 अब आप ऑफिस में नहीं चला पाएंगे Facebook-WhatsApp! सोशल मीडिया को लेकर सरकार का कड़ा निर्देश जारी

गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के लिये पहली बार सोशल मीडिया पॉलिसी जारी है..
 डेटा सिक्यॉरिटी और हैकिंग की खबरें बढ़ती जा रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पहली बार सोशल मीडिया पॉलिसी जारी की है. तो अगर आप भी सरकारी दफ्तर में काम  करते हैं और अपने ऑफिस में फेसबुक, वॉट्सऐप चलाते हैं तो ये खबर आपके लिए है.नई पॉलिसी के तहत अब सरकारी कर्मचारी अपने ऑफिस के कंप्यूटर, लैपटॉप मोबाइल या फिर किसी दूसरे डिवाइस पर फेसबुक, वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. मंत्रालय का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है.

कर्तव्यहीनता के विरूद्ध देवघर एसपी की कड़ी कार्यवाई, 67 पुलिसकर्मी सस्पेंड




देवघर ၊ जिला के एसपी नरेंद्र कुमार सिंह ने पुलिस महकमे में बड़ी कार्यवाई करते हुए 67 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में 10 पुलिस अधिकारी और 57 पुलिस के जवानों का नाम शामिल है। देवघर एसपी के अनुसार, अपने कर्तव्य का पालन नही करने के कारण इन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबित हुए पुलिसकर्मी श्रावणी मेला में सुरक्षा और विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए जगह जगह तैनात थे। देवघर एसपी के अनुसार, निलंबित सभी पुलिसकर्मी जांच के दौरान ड्यूटी से गायब पाए गए थे। विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला जैसे महत्वपूर्ण ड्यूटी से अनुपस्थित रहना इन पुलिसकर्मियों की स्वेच्छाचारिता, मनमानेपन, आदेश का उल्लंघन, कर्तव्यहीनता और एक अयोग्य पुलिसकर्मी होने का द्योतक है, इसकी वजह से इन्हें निलंबित किया गया है।
बहरहाल देवघर एसपी की इस कार्यवाई से पुलिस महकमें में हड़कंप मची है।


प्रतिबंधित मांस के संदेह में जीटी रोड पर वाहन में तोड़ फोड़; पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने हेतु 5 हवाई फायरिंग किये,चार लोगों को लिया हिरासत में

 


 गिरिडीह ၊ जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के जीटी रोड बेको मुर्गीया टोंगरी के पास रविवार की शाम एक कंटेनर मे प्रतिबंधित मांस होने की संदेह पर लोगों ने  कंटेनर रोक कर चालक व उपचालक से पूछताछ किया।चूंकि कंटेनर से बहुत दुर्गंध आ रही थी। जिससे लोगों मे भारी आक्रोश उत्पन्न हो गया ।कंटेनर मे तोड़ फोड़ कर चालक व उपचालक के साथ मारपीट करने लगे और कारवाई की मांग को लेकर जीटी रोड जाम कर दिया गया।                                                                      घटना की सूचना मिलते ही बगोदर थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे तथा जीटी रोड जाम कर रहे लोगों को हटाने का प्रयास किया। परन्तु वे लोग तत्काल कारवाई की मांग को लेकर डटे रहे तब पुलिस ने बलपूर्वक जाम हटाने का प्रयास किया । जाम में शामिल लोगों व पुलिस प्रशासन मे नोकझोंक होने लगी और देखते ही देखते एक ओर से पथराव होने लगा।पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए पांच राउड हवाई फायरिंग भी की। तब स्थिति सामान्य हुआ। साथ ही मौके पर चार लोगों को हिरासत मे ले लिया । घटना को लेकर बताया जाता है कि कंटेनर मे प्रतिबंधित मांस होने के शक मे निमियाघाट से ही बाइक से कुछ लोग पीछा करते हुए मुर्गीया टोंगरी के पास पहुँच कंटेनर वाहन को रोक दिया और जीटी रोड को जाम कर दिया। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गयी। वहीं बगोदर पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर कंटेनर के उपचालक  मोहम्मद कदीम को हिरासत मे ले लिया।जबकि चालक फरार हो गया ၊ वहीं बगोदर थाना प्रभारी श्री सिंह ने बताया कि कंटेनर मे जानवर की हड्डिडियां लदी थी। जिसका पेपर भी कंटेनर से बरामद किया गया । उन्होंने कहा कि पुलिस ने आत्म रक्षार्थ  पांच राउड हवाई फायरिंग की। मौके से चार उपद्रवी गणेश महतो, देवराडीह, जितेन्द्र साव, बेको, जितेन्द्र महतो, हेसला तथा जितेन्द्र महतो, दामा को गिरफ्तार कर लिया । वहीं ग्रामीणो के पथराव से चार पुलिसकर्मी समेत एक चौकीदार भी चोटील हो गए । मौके पर डुमरी एसडीपीओ नीरज सिंह, पुलिस निरीक्षक आरएन चौधरी, बीडीओ रवीन्द्र कुमार, सीओ एके ओझा समेत काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे।

Sunday, July 14, 2019

सीसीएल के गायब सिक्युरिटी इन्सपेक्टर जेपी सिंह के मृत शरीर की जली हुई हड्डियां मिली, दो अपराधी धराये




 गिरिडीह ၊  पन्द्रह दिन पूर्व  गायब सीसीएल गिरिडीह के सुरक्षा प्रभारी के मृत शरीर के जले हुए हड्डियों के टुकड़े कोलियरी क्षेत्र के बंद खदान से बरामद की  गयी ၊ साथ ही इस कांड में बीते पन्द्रह दिनों से गायब सिक्युरिटी इन्सपेक्टर जय प्रकाश सिंह उर्फ भोला सिंह की खोजबीन का पटाक्षेप हुआ ၊                                                                गौरतलब है कि मृत सुरक्षा पदाधिकारी की मोटरसाइकिल पिछले दिनों पानी भरे गहरे चानक से खोज कर निकाली गयी थी ၊ इस जघन्य हत्याकांड का खुलाशा करते हुए संवाददाता सम्मेलन में बताया गया कि घटना के दिन से ही जिले के सदर , मुफ्फसिल ,तारा टांड,अहिल्यापुर आदि थानों के थाना प्रभारियों सहित कई अन्य पुलिसकर्मियों की एक एसआईटी टीम पुलिस कप्तान सुरेन्द्र झा के निर्देशन तथा उनके नेतृत्व में गठित की गयी थी ၊  टीम ने गायब सुरक्षा अधिकारी की खोज करने के साथ ही साथ अपराधियों की टोह लगाने में अन्य राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार आदि में तलाशी अभियान चला रखा था ၊
 घटना को ले असमंजस की स्थिति थी , खोजी कुत्ते सहित कोलकाता से गोताखोरों को भी मंगाया गया था ၊
 गौरतलब हो कि सुरक्षा अधिकारी की खोज में एनडीआरएफ ,सीसीएल प्रबन्धन व जिला प्रशासन के साथ मिल चानक तथा खंता में चौबीसो घंटे  लगी हुई थी ၊
 गिरफ्तार अपराधकर्मी पप्पु मरीक(28) पिता हुरौ मरीक मुकाम ग्राम अकदाेनी कला , थाना मुफ्फसिल,गिरिडीह तथा सोहेल शेख(20) पिता आजाद शेख , मुकाम चुड़ी मोहल्ला , थाना नगर गिरिडीह को गिरफ्तार किया गया ၊
बताया गया कि  दोनों अपराधियों ने मिलकर सुरक्षा अधिकारी की ताबड़तोड़ चाकू घोंपकर हत्या करने तथा मोटर साइकिल को गहरे चानक में डालकर छुपाने तथा शव को खंते में डालने की बात स्वीकार की है  ၊

लायंस क्लब ऑफ इसरी-डुमरी में नि:शुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन


  डुमरी(गिरिडीह) : लायंस क्लब ऑफ  इसरी-डुमरी सभागार में रविवार को नि:शुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया।हाइटेक हॉस्पिटल गोविंदपुर द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर का उद्घाटन हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरो
व स्पाइन रोग विशेषज्ञ डॉ.लिंगराज त्रिपाठी, क्लब के अध्यक्ष ला.रामकिशोर
शरण,अशोक गुप्ता,भीमसेन सिंह,बलदेव सेठ,गोपाल बरनवाल,शंकर सोनी व
मनोज अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।शिविर में मिरगी,
कमर दर्द,सिर दर्द,लकवा,माइग्रेन,उच्च रक्तचाप एवं ब्रेन ट्यूमर से संबंधित 64
मरीजों ने अपना स्वास्थ्य जांच कराया।स्वास्थ्य जांच हॉस्पिटल में चिकित्सक
डॉ.शक्ति कुमार,डॉ.प्रदीप गुप्ता, स्वास्थ्य कर्मी शशिकांत चौधरी व साबिर ने किया।शिविर की सफलता में लायंस क्लब के आनंद प्रकाश,उमेश उजाला,
अक्षय सिन्हा,पवन गुप्ता,संतोष गुप्ता,अमित कुमार आदि की भूमिका सराहनीय रही।

'रेडियो गार्देज’ के पत्रकार नादिर शाह की हत्या: अफगान पुलिस





काबुल। अफगान पुलिस ने कहा है कि एक रेडियो पत्रकार की पूर्वी पक्तिया प्रांत में हत्या कर दी गई। ‘रेडियो गार्देज’ में समाचार वाचक नादिर शाह की शनिवार को हत्या कर दी गई। पुलिस प्रमुख मोहम्मद होस्मान जाहनबाज ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या निजी कारणों से हुई है अथवा हत्या के तार उनके पेशे से जुड़े हैं ၊

ट्रोल होते ही बदले साक्षी के सुर, बोलीं- पापा मुझे माफ कर दो, मां प्लीज दवा खा लो




मां की सेहत के बारे में जानकर साक्षी ने हाथ जोड़ कर निवेदव किया कि प्लीज मां दवाई खा लो और जल्दी ठीक हो जाओ!
उत्तर प्रदेश के  बरेली से बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी ने मीडिया  के जरिए अपने पिता से कहा कि मुझे माफ कर दो मुझसे गलती हो गई. मां की सेहत के बारे में जानकर साक्षी ने हाथ जोड़ कर निवेदव किया कि प्लीज मां दवाई खा लो और जल्दी ठीक हो जाओ. साक्षी की खबर मीडिया में आने के बाद उनके पिता ने कहा था कि साक्षी की मां सदमे में हैं और वो दवाई नहीं खा रही
 'तुम्हारे जैसी बेटी किसी की नहीं होने चाहिए'
समाज के एक वर्ग का मानना है कि साक्षी को मीडिया के पास नहीं जाना चाहिए था. साक्षी ने भी कहा कि उसे रिश्तेदारों के मैसेज आ रहे है कि तुम्हारे जैसी बेटी किसी की नहीं होने चाहिए. साक्षी ने माना कि ऐसे मैसेज की वजह से वो परेशान है. साथ ही साक्षी को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल भी किया जा रहा है ၊ उधर 

देशभर में पत्रकारों के लिए लागू होने जा रही है नई नियमावली,प्रेस कार्ड जारी करने से लेकर पंजीकरण और शैक्षणिक योग्यता का होगा निर्धारण




नई दिल्ली ၊पत्रकारिता जगत में असामाजिक तत्वों के प्रवेश से  केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा समाचार पत्रों के पंजीकरण, समाचार पत्र/पत्रिका व टीवी चैनल तथा न्यूज एजेंसी द्वारा जारी प्रेस कार्ड के लिए नया नियमावली तैयार किया जा रहा है तथा मौजूदा नियमावाली में संशोधन किए जाने पर गंभीरता से मंथन चल रहा है।                                                                                                    मिली जानकारी के अनुसार, देशभर में बढ़ रहे अखबारी आंकड़े और पत्रकारों की बढ़ रही संख्यां से पाठकों की जागरूकता में वृद्धि हुई है। वहीं कुछ ऐसे चेहरों ने भी पत्रकारिता जगत में दस्तक दे दी है, जिसके कारण पत्रकारिता पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गए है।

पत्रकारिता क्षेत्र में होगी शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य
बता दें कि समाचार पत्र, पत्रिका के पंजीकरण के बाद प्रकाशक व संपादक एक-दो अंक प्रकाशित कर अनगिनत लोगों को प्रेस कार्ड जारी कर देते है, जिनका पत्रकारिता से कोई लेना देना नहीं होता। ऐसे चेहरों की बदौलत पत्रकारिता पर जरूर उंगलियां उठती है।
हर गावं शहर मे कुछ तथाकथित पत्रकार या समाचार पत्र मालिको ने कुछ लोगो को पैसे लेकर प्रेस कार्ड जारी कर रखे है जो पुलिस एवं टोलटेक्स नाको पर धोंस जमाते हैं. एेसे तथाकथित पत्रकारो से असली पत्रकार भी परेशान हो रहे है । पुलिस, प्रशासन एवं टोलटेक्स नाके वाले असली नकली मे फर्क नही कर पाते है। अब इस नियम के लागू होने पर तथाकथित फर्जी पत्रकारो से पुलिस प्रशासन पुछताछ कर उन सरगनाओ तक पहुचं सकेगी जिन्होने पैसे लेकर प्रेसकार्ड जारी कर रखे हैं।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय समाचार पत्र, पत्रिका के पंजीकरण के लिए आवेदक की शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता में डिग्री की शर्त को अनिवार्य करने जा रहा है।
समाचार पत्रों का प्रकाशन बंद कर सकती है केंद्र सरकार
दैनिक समाचार पत्रों, न्यूज एजेंसियों व टीवी चैनल के रिपोर्टर के लिए संबंधित जिला मैजिस्ट्रेट की स्वीकृति उसकी पुलिस वैरीफिकेशन होने उपरांत ही जिला सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रेस कार्ड तथा प्रैस स्टीकर जारी किए जाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अन्य समाचार पत्र, पत्रिकाओं के प्रकाशक व संपादक का प्रैस कार्ड सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किया जाएगा। सरकारी तंत्र द्वारा जारी प्रेस कार्ड व प्रेस स्टीकर ही मान्य होंगे।केंद्र सरकार द्वारा उन समाचार पत्र व पत्रिकाओं का प्रकाशन बंद किया जा सकता है जिन्होंने पिछले तीन वर्ष से अपनी वार्षिक रिपोर्ट जमा नहीं करवाई।
प्रेस कार्ड बेचने वालों पर दर्ज होगा अपराधिक मामला
चर्चा तो यह भी है कि किसी भी क्षेत्र से अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने वाला दैनिक समाचार पत्र, न्यूज चैनल, न्यूज एजेंसीज को प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए जिला मैजिस्ट्रेट को आवेदन करना होगा, जो जिला सूचना व संपर्क अधिकारी जाँचो उपरांत स्वीकृति प्रदान करेंगे।
जिला सूचना व संपर्क अधिकारी अपनी रिपोर्ट में दर्शाएंगे कि अमूक दैनिक समाचार पत्र, न्यूज चैनल, न्यूज एजेंसीज को इस क्षेत्र से प्रतिनिधि की जरूरत है।
संशोधित नियमावाली के चलते प्रैस कार्ड की खरीद-फरोख्त तथा प्रेस लिखे वाहनों पर सरकारी तंत्र की नजर रहेगी। तथ्य पाए जाने उपरांत अपराधिक मामला कार्ड धारक, कार्ड जारी करने वाले हस्ताक्षर तथा प्रैस लिखे वाहन के मालिक पर दर्ज होगा। जाहिर है केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इस संभावित योजना पर अमल होने से पत्रकारिता का मानचित्र बदल जाएगा।

कोडरमा : दस बाइक के साथ चार चोर गिरफ्तार ,सात हजार में बेचते थे बाइक




कोडरमा :कोडरमा पुलिस ने बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ,चोरी के दस बाइक के साथ चार अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई है ।पकड़े गए अभियुक्त झारखण्ड के कोडरमा और बिहार राज्य के नवादा में बाइक चोरी की घटना को अंजाम देते थे ।कोडरमा पुलिस के गिरफ्त में आये चार अपराधियों में से तीन कोडरमा जिले के सतगांवा थाना और एक नवादा जिले के अकबरपुर का है ।गिरफ़्तार अपराधियों में सतगांवा थाना क्षेत्र के मरचोई निवासी सौरभ कुमार उर्फ तान सिंह पिता अशोक सिंह ,हरिशंकर कुमार उर्फ बहादुर पिता पंकज कुमार ,बासोडीह सतगांवा के चंदन कुमार पिता उमेश यादव और बिहार राज्य के नवादा जिले के अकबरपुर सिरकट्ठा निवासी सुधीर राजवंशी उर्फ सुदल राजवंशी पिता सहदेव राजवंशी के नाम शामिल है । पूरे मामले की जानकारी देते एसपी एम तामील वाणन ने कहा कि कोडरमा पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को थाना प्रभारी राम नारायण ठाकुर दल बल के साथ कोडरमा और नवादा जिला के सीमावर्ती क्षेत्र मेघातरी चेकनाका के समीप वाहन जांच कर रहे थे ,इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो लोग नवादा से कोडरमा की ओर आ रहा था ,मगर पुलिस को देखते ही फरार होने का प्रयास करने लगे ,हालांकि पुलिस ने ततपरता दिखाते हुए दोनो को पकड़ लिया,पूछताछ में जानकारी मिली कि वे दोनों नालंदा जिला से बाइक चोरी कर ला रहे थे ,पूछताछ में यह भी पता चला कि पकड़े गए दोनो लोग बाइक चोरी करने तथा चोरी के बाइक को अपने साथियों के सहयोग से बेचने का कार्य करते है। दोनो के निशानदेही पर हरि शंकर कुमार उर्फ बहादुर और सुधीर राजवंशी को गिरफ्तार किया गया ၊ साथ ही उनके घरों से अलग अलग क्षेत्रों में किये गए चोरी के दस बाइक बरामद किए गए ।एसपी ने बताया कि बरामद दस बाइक में से 9 बाइक सतगांवा से जबकि एक बाइक अकबरपुर से बरामद किया गया ।उन्होंने बताया कि पकड़े गए सौरभ कुमार, नवादा और डोमचांच थाना के चार्जशीटेड है। अपराधियों से पूछे जाने पर पता चला कि कोडरमा व्यवहार न्यायलय ,जे जे कालेज और झुमरीतिलैया आदि जगहों पर बाइक चोरी की घटना को अंजाम देता था और अपने सहयोगियों से चोरी के बाइक को सतगांवा के धर्मेंद्र की मदद से उसे बेचने का काम करता था ।उन्होंने बताया कि बरामद बाइक के इंजन और चेचिस नम्बर की जांच की जा रही है ,उसके बाद ही पता चलेगा कि उक्त बाइक किसकी है।
पकड़े गए सभी अपराधियों को जेल भेज दिया गया है ।प्रेस वार्ता में एसपी के अलावे एएसपी अजय पाल ,एसडीपीओ राजेन्द्र प्रसाद ,थाना प्रभारी राम नारायण ठाकुर, एस आई शाहनवाज खान आदि मौजूद थे ।

ये मोटरसाइकिल हुए बरामद 
बाइक चोर गिरोह से बरामद बाइक में JH12A 6944,JH01P 2996,JH010 9290, JH 12B 5546,JH12C 7055,JH12D 1163,JH 10L 6285,DL35AT 6648,JH02V 3430 और JH12G 5854 शामिल है

आईटीआई का छात्र निकला  बाइक चोर
 
एसपी ने बताया कि पकड़े गए बाइक चोरों में से तीन पूरी तरह शिक्षित है ।हरिशंकर कुमार उर्फ बहादुर कोडरमा के आईटीआई इलेट्रॉनिक्स  प्रथम सेमेस्टर का छात्र है जबकि उमेश यादव बीए पार्ट थर्ड और सौरभ कुमार पार्ट वन का छात्र है ।

छापामारी दल में शामिल पदाधिकारी एवं आरक्षी कर्मी में राम नारायण ठाकुर- थाना प्रभारी कोडरमा, सोनी प्रताप- थाना प्रभारी सतगामा, जनार्दन सिंह, शाहनवाज खान कोडरमा, किशोर कुमार घोष सतगामा, कुणाल कुमार तकनीकी कोषांग पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हवलदार महेंद्र भगत, पिंटू कुमार गुप्ता, वीर बहादुर रावत, जितेंद्र उराव कश्यप आदि शामिल थे।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...