जगदीश यादव ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हरियाणा के पानीपत से शुरू होकर हरियाणा के रेवाडी में दम तोड़ रही है।
हरियाणा सी बी एस ई टॉपर बेटी जो कुछ माह पहले गैंग रेप का शिकार हुई थी।
यह बेटी पढ़ना चाहती है और अपने ढंग से जीना चाहती है,और अपने साथ बीते उस कल को भूलना चाहती है।
सच तो यह है समाज का एक हिस्सा ना तो इस बेटी को आगे बढ़ने दे रहा है और ना ही पढ़ने दे रहा है।
ताजा उदाहरण इस बेटी को पुलिस सुरक्षा मिली हुई है। लेकिन कालेज प्रबंधन द्वारा एग्जाम देते समय सामूहिक रूप से इस बेटी को बेईज्जत ओर अपमानित किया गया।
जिसके चलते यह बेटी अपना एग्जाम भी नही दे पाई।
शिकायत के बाद रेवाडी जिला उपायुक्त द्वारा एक टीम का गठन कर जांच करवाई गई।
जिसमे कॉलेज स्टाफ ओर बाहरी तत्वों को दोषी पाया गया है।
पीड़ित बेटी सहित परिजनों का आरोपहै कि सोची समझी साजिश के तहत करवाया गया पेपर केंसिल।
जांच कमेटी ने भी माना दो प्रोफेसर ओर एक महिला प्रोफेसर ने इस बेटी को एग्जाम में वंचित रखने में निभाई अहम भूमिका।
जांच कमेटी ने सभी आरोपियों पर आरोप सिद्ध कर आरोपी करार दे दिया है।
कालेज प्रबंधन द्वारा अपमानित करने के बाद देश की इस होनहार बेटी को पढ़ाई छोड़ने को कर दिया है मजबूर।
पीड़ित परिवार ने रेवाडी जिला प्रशासन पर लगाये गंभीर आरोप।
जांच के बहाने पिछले पांच महीनों से अधिकारी लगवा रहे है,अपने दफ्तरों के चक्कर।
पुलिस द्वारा दी गई सुरक्षा पर भी उठाए सवाल।
नारनौल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन मामला होने के बावजूद भी पुलिस की ओर से नही मिल पा रही है उचित सुरक्षा।
पीड़ित परिवार डर के साये में जीने को मजबूर।
इस परिवार की दर्द भरी कहानी जानने के बाद महसूस होता है।
कि सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है।
उक्त युवती ने मिडियाकर्मियों के सामने अपना दर्द बयां कर आगे पढ़ाई करने की इच्छा व्यक्त की है,लेकिन पूरा महकमा इसमे आड़े आ रहा है ।

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