डीजिटल तकनीक आने से सोशल मीडिया का फैलाव हुआ है। यह बात एसोसिएशन आफ स्माल एण्ड मीडियम न्यूज पेपर आँफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष के डी चंदोला ने राज्य सूचना केन्द्र, हजरतगंज लखनऊ में आयोजित विशाल बैठक में कही ၊ उन्होंने यह भी कहा कि लघु समाचारपत्र आवाज बुलंद कर सकते हैं, लेकिन कोई छोटे समाचारपत्र की आवाज को दबा नही सकते हैं।
पीसीआई सदस्य व जनसामना के संपादक श्याम सिंह पवार ने कहा कि लघु वर्ग व मध्यम वर्ग की संस्थाये अपनी बात कहने में झिझक महसूस करते हैं। हम सब छोटे समाचारपत्र के संपादक व रिपोर्टर जरूर है, लेकिन अधिकार सबको एक समान मिले है। बड़ी मीडिया संस्थाओं पर राजनीतिक व सरकारें दबाव बना लेती है, लेकिन हम छोटे समाचारपत्रों पर किसी भी प्रकार का दबाव नही होता है। आप अपने अखबार के मालिक खुद होते हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार उमा मिश्रा ने कहा कि हम सबको मिलकर काम करना है। एकता में शक्ति होती है, हमारा अखबार छोटा जरूर है, लेकिन हम आम जनता की समस्या को सरकारें तक पहुंचा कर हल निकालने का प्रयास कर सकते हैं।
राष्ट्रीय कोहिनूर समाचारपत्र के संपादक मदन गोपाल शर्मा ने कहा कि संगठन को चाहिए कि सरकारी विज्ञापन को छोटे समाचारपत्रों को भी मिलना चाहिए। विगत 30 वर्ष से
पत्रकारों को 2500 किमी तक की यात्रा फी में मिलती है। संगठन को इसे बढ़ाने की बात सरकार से करनी चाहिए। इस बैठक में रिपोर्टर को न्यूज एकत्र करने से न रोकने, छोटे समाचारपत्रों को सम्मान, संगठन को बढ़ाने पर चर्चा की गई। मंच का संचालन स्वैच्छिक दुनिया के संपादक डां राजीव मिश्रा ने किया। इस विशाल बैठक में प्रमुख रूप से समय संचार के संपादक राम सुख यादव, अलर्ट टीम समाचारपत्र के संपादक के के साहू, संरक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, फोटोग्राफर आमिर सोलकी, राष्ट्रीय कोहिनूर के संपादक मदन गोपाल शर्मा, दिनेश शर्मा, शादाब खान, दिनेश शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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