Sunday, October 13, 2019

अंतत: हिटलरशाही के आगे जंग हार गये भारती के बेबस पिता,नही सुनी गयी उनकी फरियाद

 
  • पीएम कौशल विकास योजना के तहत धनबाद से चेन्नई भेजी गई युवती की मौत,                                           *झारखण्ड पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत तक नही ली                                                       *शनिवार को हुआ शव का अंतिम संस्कार                  गिरीडीह । जिले के निमिया घाट थाना क्षेत्र में मानवीय असंवेदनशीलता उस वक्त झलक पड़ी जब मृत युवती भारती के बेबस पिता के आशुओं के कतरे ढलक पड़े । अधिकारियों की अज्ञानता और संवेदनहीनता के कारण एक पिता अपनी पुत्री को न्याय नहीं दिला सका और अंततः उसने थक-हार कर अपनी पुत्री के शव का अंतिम संस्कार करने में ही भलाई समझा।शनिवार को भारी मन से अपनी पुत्री का अंतिम संस्कार कर दिया।अपनी मृत पुत्री के शव को दुबारा पोस्टमार्टम के लिए अधिकारियों के दर दर भटकता पिता ने अंत में हार मानकर पुत्री के शव का आज बुझे हुये मन से दियाअग्नि ।मामला डुमरी प्रखंड के लोहेडीह निवासी मनोज साव की पुत्री भारती कुमारी की चैन्नई में हुई संदेहास्पद मौत के बाद लोहेडीह पहुंचा भारती के शव के रिपोस्टमार्टम का है।                                  शनिवार को
 प्रदेश के पूर्व मंत्री लालचंद महतो खबर सुन कर लोहेडीह पहुंचे और घटना की जानकारी मृतका के परिजनों से ली।मृतका के परिजनों से मिली जानकारी के बाद श्री महतो ने इस संबंध में मौके पर से ही एक-एक कर जिला और अनुमंडल के पुलिस पदाधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकरियों से फोन पर बात की।कई अधिकारी नियमों के तहत रि-पोस्टमार्टम की बात कही, तो किसी ने इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर की।पूर्व मंत्री की जब री-पोस्टमार्टम को लेकर सिविल सर्जन से बात हुई तो उन्होने बताया कि बिना थाना में रिर्पोटिंग हुये वे रि-पोस्टमार्टम नहीं करवा सकते।ज्ञात हो कि मौत की सूचना के बाद मौत को संदेहास्पद मानते हुए भारती के परिजनों ने लिखित
शिकायत लेकर निमियाघाट थाना गये थे । परंतु पुलिस ने परिजनों को यह कह कर लौटा दिया था कि मामला यहां का नहीं है सो वे चेन्नई जाकर वहां की थाना में लिखित शिकायत करें।शुक्रवार को जब भारती का शव गांव पहुंचा था तब भी परिजणों ने निमियाघाट पुलिस से यह मांग की । पर पुलिस का वही जबाब था।ज्ञात हो कि गत शुक्रवार की शाम भारती कुमारी का शव चेन्नई से उसके घर लोहेडीह पहुंचा था।अपनी पुत्री की मौत की खबर के बाद से ही परिजन इसे संदेहास्पद मान रहे थे।शव पहुंचने के बाद गांव वाले और परिजन शव की रि-पोस्टमार्टम की मांग करने करते हुए शव लेकर आया एम्बुलेंस और जेएसएलपीएस के बीपीएम को गांव वालों ने घेर लिया।
सूचना पर एसडीएम प्रेमलता मुर्मू मौके पर पहुंची और उपायुक्त से बात कर परिजनों को उसी दिन देर शाम ही शव के साथ रि-पोस्टमार्टम कराने के लिए गिरिडीह भेज दिया गया। बताया जाता है कि लोहेडीह निवासी मनोज साव अपनी पुत्री का रि-पोस्टमार्टम कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से आरजू मिन्नत करता रहा। परंतु नियमों का हवाला देकर शव का रिपोस्टमार्टम नहीं किया गया। अंत में हारकर मृतका का पिता अपनी पुत्री के शव को आज करीब दो बजे घर ले आया।जिस समय शव गांव आया, उस समय पूर्व मंत्री श्री महतो वहीं थे। उन्होने जब मनोज साव से रि-पोस्टमार्टम कराने के संबंध में पूछा तो कहा कि वे अब कुछ नहीं चाहते है, हार गये है।आज जब भारती का शव गिरिडीह से बिना रि-पोस्टमार्टम हुए गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों में निमियाघाट पुलिस और प्रशासन के प्रति असंतोष देखा गया।मामले की जानकारी लेने लोहेडीह गांव पहुंचे पूर्व मंत्री ने कहा कि यह जिला प्रशासन की नाकामी और लापरवाही है।मृतका के परिजनों को जो न्याय मिलना चाहिए था। वह पदाधिकारियों की अज्ञानता और लापरवाही के कारण नहीं मिल सका।
निमियाघाट थाना प्रभारी ने लिखित शिकायत नहीं लेकर कानून की अवहेलना की है।अनुमंडल और प्रखंड के प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों ने मृतका के परिजनों और गांव वालों को दिग्भ्रमित करने का काम किया है,इन लोगों ने मृतका और उसके परिजनों को मिलने वाले न्याय से वंचित किया है। इसलिए इस मामले में दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ जांच कर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।                                उन्होने कौशल विकास योजना के तहत लड़कियों को राज्य से बाहर भेजने और उन लड़कियों से घर वालों से बात नहीं करने देने के मामले की भी जांच की मांग की।इस संबंध में पूछे जाने पर मृतका के पिता मनोज साव ने कहा कि वह अपनी पुत्री के शव का री-पोस्टमार्टम नहीं करवा पाया।हारकर वह आज गिरिडीह से अपनी पुत्री के शव को घर ले आया।इस मौके पर चिन्तामनी महतो,साधु महतो, रूपलाल महतो,जीवलाल महतो,मुन्ना मंडल,टेकलाल महतो,नागेश्वर महतो,नारायण महतो,सुरेन्द्र गुप्ता आदि उपस्थित थे।

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