Wednesday, March 20, 2019

A total of 128 people died in 42 plane crashes

A total of 128 people died in 42 plane crashes and accidents that occurred in Russia in 2018, the Interstate Aviation Committee (IAC) said in a report published on Wednesday.

In 2017, 51 people died in 39 accidents.

Three-quarters of all accidents in 2018 were blamed on human error.

The IAC previously named 2016 as a record-setting year with 63 accidents in Russia and 11 other post-Soviet countries.

जरा सम्भल कर मनाएं होली, की महिलाओं से छेड़छाड़ तो जाना पड़ सकता है जेल

होली का त्योहार रंग और उल्लास से भरा होता है. इस त्योहार पर लोग जमकर होली खेलते हैं. एक दूसरे को रंगों से सराबोर कर देते हैं. लेकिन इस त्योहार के जोश में आप जाने अनजाने कानूनी पचड़े में भी पड़ सकते हैं. क्योंकि होली पर अक्सर महिलाएं भी खूब रंग खेलती हैं. ऐसे में यदि कोई पुरुष उनके साथ जोर जबरदस्ती करे. या उनको आपत्तिजनक तरीके से छूने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. 

दरअसल, भारतीय दंड सहिंता यानी IPC महिलाओं को विशेष सुरक्षा प्रदान करता है. इसलिए त्योहार पर भी उनके साथ कोई जोर जबरदस्ती करना किसी को भी महंगा पड़ सकता है. महिलाओें के साथ-साथ बच्चों के साथ भी जोर जबरदस्ती या छेड़छाड़ या उत्पीड़न के मामले में भी सख्त कार्रवाई हो सकती है. पुलिस महिलाओं के साथ होने वाले ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ धारा 354 के तहत मुकदमा दर्ज करती है. आइए पहले जानते हैं आईपीसी की धारा 354 के बारे में.

क्या है IPC की धारा 354

भारतीय दंड संहिता की धारा 354 का इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जाता है. जहां स्त्री की मर्यादा और मान सम्मान को क्षति पहुंचाने के लिए उनके साथ जोर जबरदस्ती की जाए. उनको गलत नीयत से छुआ जाए. या उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाए या फिर बुरी नीयत से हमला किया जाए. गलत मंशा के साथ महिलाओं से किया गया बर्ताव भी इसी धारा के दायरे में आता है.

क्या होती है सजा

भारतीय दंड संहिता के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की मर्यादा को भंग करने के लिए उस पर हमला या जोर जबरदस्ती करता है, तो उस पर आईपीसी की धारा 354 लगाई जाती है. जिसके तहत आरोपी पर दोष सिद्ध हो जाने पर दो साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है.


क्या होता है पॉक्सो एक्ट?

बच्चों के साथ जोर जबरदस्ती या छेड़छाड़ या उत्पीड़न के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है. ये शब्द अंग्रेजी से आता है. इसका पूर्णकालिक मतलब होता है प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 यानी लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012. इस एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है.

यह एक्ट बच्चों को सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है. पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एफ, 6, 7, 8 और 17, किसी शैक्षिक संस्थान में बाल यौन उत्पीड़न से सबंधित है. अगर किसी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई होती है, तो आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाता है. इस एक्ट के तहत धरे गए आरोपी को जमानत भी नहीं मिलती है. इस एक्ट में पीड़ित बच्ची या बच्चे के प्रोटेक्शन का भी प्रावधान हैं.

क्या है भारतीय दंड संहिता

भारतीय दण्ड संहिता यानी Indian Penal Code, IPC भारत में यहां के किसी भी नागरिक द्वारा किये गये कुछ अपराधों की परिभाषा औ दण्ड का प्राविधान करती है. लेकिन यह जम्मू एवं कश्मीर और भारत की सेना पर लागू नहीं होती है. जम्मू एवं कश्मीर में इसके स्थान पर रणबीर दंड संहिता (RPC) लागू होती है.

अंग्रेजों की देन है IPC:

भारतीय दण्ड संहिता यानी आईपीसी सन् 1862 में ब्रिटिश काल के दौरान लागू हुई थी. इसके बाद समय-समय पर इसमें संशोधन होते रहे. विशेषकर भारत के स्वतन्त्र होने के बाद इसमें बड़ा बदलाव किया गया. पाकिस्तान और बांग्लादेश ने भी भारतीय दण्ड संहिता को ही अपनाया. लगभग इसी रूप में यह विधान तत्कालीन ब्रिटिश सत्ता के अधीन आने वाले बर्मा, श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापुर, ब्रुनेई आदि में भी लागू कर दिया गया था.


महेश भट्ट ने लॉंच किया 'नो फादर्स इन कश्मीर' का ट्रेलर, घाटी में लोगों की वास्तविकताओं पर अनिवार्य सवाल उठाता है ट्रेलर!

सभी को लगता है कि वे कश्मीर को जानते हैं। दो किशोर सब कुछ बदलने वाले हैं, ट्रेलर में इन्हीं बातों को मनोरंजक दृश्यों के जरिए प्रस्तुत किया गया है। नो फादर्स इन कश्मीर, ऑस्कर के लिए नामांकित फिल्म निर्माता और दो बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता लेखक और निर्देशक, अश्विन कुमार द्वारा निर्देशित सार्वभौमिक मानवीय भावनाओं के बारे में सच्चाई, करुणा और सहानुभूति की लड़ाई का एक अनूठा मिश्रण है।

उन्होंने कहा, “विश्व भर में भारत में युवाओं की आबादी सबसे ज्यादा है और यह फिल्म उनके लिए ही है। यदि शेष भारत के युवा कश्मीर की जटिलताओं को समझना शुरू कर सकें, तो वे कश्मीर के लोगों के साथ सहानुभूति रख सकते हैं। कि सच सुनने के लिए साहस चाहिए, लेकिन ऐसा करने से सहानुभूति भी पैदा होती है।”

हालांकि फिल्म के लिए एफसीएटी द्वारा यूए प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश के बावजूद अभी तक सीबीएफसी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाना बाकी है, जबकि आगामी 5 अप्रैल को फिल्म का रिलीज प्रस्तावित है।


कार्यक्रम में उपस्थित सबसे तेज और मुखर निर्देशकों में से एक श्री महेश भट्ट ने कहा, "यह एक चौंका देने वाली, दिल टूटने वाली फिल्म है। अश्विन के पास सारे अंधेरे को सामने लाने की हिम्मत है, जो हमारे लिए काफी रोशनी लेकर आता है। नफरत के इन अंधेरे समय में, यहां कश्मीर की खून से लथपथ घाटी की एक प्रेम कहानी है, जिसमें आशा पैदा करने का साहस है।”


फिल्म की मुख्य कलाकार सोनी राजदान ने कहा, “मेरा कश्मीर के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव है, क्योंकि मैं आधी कश्मीरी हूं। उन्होंने कहा कि जब अश्विन ने पहली बार मुझे पटकथा भेजी और मैंने इस पटकथा को पढ़ा तो मुझे यह बहुत दिलचस्प लगी, क्योंकि यहां एक फिल्म थी जो वास्तविकता को दिखा रही थी। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर कई फिल्में बनी हैं, लेकिन यह नाटक, प्रेम कहानियों और अन्य चीजों से प्रभावित नहीं है। यह वास्तव में घाटी की स्थिति का प्रतिनिधित्व करती है और यही कारण है कि मैं इस फिल्म के प्रति आकर्षित हुई।“


फिल्म के जरिए फिल्मकार अश्विन कुमार ने अपने अभिनय की शुरुआत की है। इनके साथ ही इसमें अभिनेता अंशुमान झा, सोनी राजदान और कुलभूषण खरबंदा भी हैं। अश्विन ने कार्यकारी निर्माता वरुण वेसुना के साथ फिल्म का लेखन और निर्माण भी किया है।


ट्रेलर देखें 

जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में पुलिस हिरासत में निजी स्कूल के शिक्षक की मौत के बाद तनाव

पुलवामा ज़िले के अवंतिपुरा इलाके में पुलिस हिरासत में एक टीचर की मौत के बाद घाटी में एक बार फिर तनाव पैदा हो गया है.

मृत शिक्षक के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने रिज़वान पंडित को उनके घर से हिरासत में लिया था.

26 वर्षीय रिज़वान पंडित की मौत की ख़बर आने के बाद घाटी में कई जगह सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ है जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं.

पुलिस ने इस घटना पर एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि "मिलिटेंसी एक मामले की पड़ताल के क्रम में एक संदिग्ध व्यक्ति रिज़वान पंडित को अंवतिपुरा में हिरासत में लिया गया, इस व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है. इस मामले में नियमों के अनुरुप मजिस्ट्रेट से जांच कराई जा रही है."

रिज़वान के भाई ज़ुल्करनैन ने एक स्थानीय अख़बार को बताया है कि उनके भाई एक निजी स्कूल के प्रिसिंपल थे.

उन पर छह महीने पहले पब्लिक सेफ़्टी ऐक्ट (पीएसए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. ज़ुल्करनैन का कहना है कि अदालत उस मामले को खारिज कर दिया था.

उनके भाई ने अख़बार को यह भी बताया कि "मेरे भाई जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता थे लेकिन यह कोई गुनाह तो नहीं है."


हिंसा-रक्तपात से दूर ये है पुलवामा की असली कहानी

ग़ौरतलब है कि पुलवामा में हुए हमले के बाद सरकार ने जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगा दिया है.

रिज़वान की मौत के बाद कई अलगाववादी संगठनों ने बुधवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है. कश्मीर की सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस घटना की निंदा की है और समयबद्ध तरीके से मामले की जांच कराने की मांग की है.

हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के चेयरमैन मीर वाइज़ मौलवी उमर फ़ारुक़ ने ट्वीट करके इसे 'बर्बर हत्या' करार दिया है.

राज्य के मानवाधिकार आयोग ने मामले को उठाते हुए कहा है कि रिज़वान की मौत की पूरी रिपोर्ट पेश की जाए.

पवित्र क़ुरआन से आरंभ हुआ न्यूज़ीलैंड संसद का नया सत्र

 न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों पर हुए आतंकी हमले और उसमे शहीद होने वाले 50 नमाज़ियों को न्यूज़ीलैंड की संसद ने कुछ अलग ही अंदाज़ में श्रद्धांजलि दी ।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, न्यूज़ीलैंड की संसद ने क्राइस्टचर्च की मस्जिदों में हुए आतंकी हमले और उसमे शहीद होने वाले नमाज़ियों को बिल्कुल अलग ही अंदाज़ में श्रद्धांजिल दी है। जहां न्यूज़ीलैंड की संसद ने अपने सत्र की शुरुआत पवित्र क़ुरआन की तिलावत से की वहीं इस देश की प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का आरंभ अस्सलामो अलैकुम से किया।

ख़बरों के अनुसार न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने संसद सत्र के आरंभ में क़ुरआन की तिलावत के बाद देश की संसद को संबोधित करते हुए सबसे पहले सलाम किया और कहा कि क्राइस्टचर्च की मस्जिदों पर हमला करने वाले आतंकियों के ख़िलाफ़ क़ानून के तहत बहुत ही जल्द और बहुत ही सख़्त कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि मस्जिद पर हमला करने वाले आतंकी, अपराधी और चरमपंथी हैं। न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री ने कहा कि हम इस प्रयास में हैं कि इस आतंकी हमले की तह तक जाएं और ऐसी विचारधारा को अपने देश से जड़ से समाप्त करें। उन्होंने कहा आतंकियों के ख़िलाफ़ होने वाली कार्यवाही तक देश हाई अलर्ट पर है।

इस बीच प्राप्त समाचारों के मुताबिक़, न्यूज़ीलैंड के शहर क्राइस्टचर्च की मस्जिदों पर हमला करने वाले आतंकी ब्रेंटन टैरेंट के परिवार वालों ने न्यूज़ीलैंड वासियों से माफ़ी मांगी है। टैरेंट के परिवार वालों ने एक बयान जारी करके कहा है कि, टैरेंट द्वारा अंजाम दिए घिनौने कार्य से हम सब बहुत दुखी हैं। आतंकी टैरेंट के चाचा ने कहा कि क्राइस्टचर्च में जो घटना हुई है उसको देखना और सुनना दोनों हमारे लिए कोई भयानक सपने से कम नहीं है। उन्होंने मस्जिद में शहीद होने वाले नमाज़ियों के परिजनों से कहा है कि हम आप सब से कुछ कहने योग नहीं हैं। हमारा पूरा परिवार इस दुखद घटना के लिए आप सबसे माफ़ी मांगता है और आप सबके दुख में बराबर का भागीदार है।


उल्लेखनीय है कि न्यूज़ीलैंड की मस्जिदों पर आतंकवादी हमला करने वाला आतंकी ब्रेंटन टैरेंट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का समर्थक है और उसने आतंकी हमले से पहले ट्रम्प की जमकर तारीफ़ की है। ज्ञात रहे कि शुक्रवार को न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में दो मस्जिदों पर एक आतंकवादी ने अंधाधुंध फ़ायरिंग करके हमला किया था जिसमें 50 लोग शहीद हुए और 50 के क़रीब घायल हुए हैं।

LS Elections2019:डुमरी विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की समीक्षात्मक बैठक

डुमरी:आसन्न लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों को ले डुमरी विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की एक समीक्षात्मक बैठक मंगलवार को डुमरी अनुमंडल कार्यालय सभागार में उपायुक्त गिरिडीह राजेश पाठक एवं उपायुक्त बोकारो शैलेश चौरसिया संयुक्त अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठकमें उपस्थित डुमरी,नावाडीह एवं चन्द्रपुरा प्रखंड के सभीसेक्टर मजिस्ट्रेटों से कलस्टरों में व्याप्त सुविधाओं एवं मतदान केंद्रों की स्थिति की जानकारी ली गई।प्रतिनियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेटों को बताया गया कि आपकी जिमेदारी चुनाव में महत्त्वपूर्ण है।मतदान केंद्र तक पोलिंग पार्टी को पहुचाना एवं मतदान के दौरान मतदाताओं की सुविधाओं की व्यवस्था की जिम्मेदारी सेक्टर मजिस्ट्रेट पर होगी।बताया गया कि सेक्टर मजिस्ट्रेटों पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा।लगभग दो घंटे तक चली समीक्षात्मक बैठक में मतदान एवं उसके तैयारियों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई ၊ साथ ही कई दिशानिर्देश दिए गए।

                                                           बैठक में डीडीसी, गिरिडीह, मुकुन्द दास, एसपी गिरिडीह सुरेन्द्र झा, एसपी, बोकारो, पी मुरूगन, एएसपी अभियान, गिरिडीह दीपक कुमार, डुमरी एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह,डुमरी बीडीओ सोमनाथ बंकिरा, सीओ डुमरी रवि भूषण प्रसाद, इंस्पेक्टर डुमरी दिनेश सिंह, बीडीओ चन्द्रपुरा, सीओ नावाडीह आदि उपस्थित थे।

दुमका के काठीकुंड में भारी मात्रा में विस्फोटक व नक्सली साहित्य बरामद,बड़ी घटना की थी फिराक

दुमका

लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को लैंडमाइंस से उड़ा देने की एक बड़ी साजिश को झटका लगा है। सीमा सशस्त्र बल और झारखण्ड आर्म्ड पुलिस ने मंगलवार को नक्सलियों की इस साजिश को नाकाम कर दिया है। नक्सलियों द्वारा दुमका के काठीकुंड थाना क्षेत्र के धूमरपहाड़ के जंगल में जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए करीब चार हजार मीटर कॉर्डेक्स एक्सप्लोसिव वायर को एसएसबी और पुलिस ने जब्त कर लिया है। मौके से 85 नक्सली साहित्य भी बरामद किए गए है। एसपी वाई एस रमेश ने कहा कि कॉर्डेक्स एक्सप्लोसिव वायर का इस्तेमाल आईडी (कैन बम) को विस्फोट करने में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में कॉर्डेक्स एक्सप्लोसिव वायर का मिलना, कही न कही नक्सलियों की बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। नक्सली लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ी क्षति पहुँचाने की फिराक में है लेकिन एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों की साजिश को लगातार नाकाम किया जा रहा है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...