Monday, November 18, 2019

औरंगाबाद के समाहरणालय प्रांगण में नि:शुल्क मधुमेह जांच सह चिकित्सा शिविर का आयोजन


दिनेश कु पंडित। 
  गया।  बिहार के औरंगाबाद समाहरणालय के प्रांगण में जिला स्वास्थ्य  समिति औरंगाबाद के तत्वधान में निशुल्क मधुमेह जांच सह चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया । जिसमें  काफी संख्या में मधुमेह एवं ब्लड प्रेशर के मरीजों ने डॉक्टरों से परामर्श लेकर इलाज कराया ।मरीजों के लिए  जिला  स्वास्थ्य समिति दवा का भी प्रबंध करते हुए वितरण किया । शिविर में डॉक्टर, महिला चिकित्सक, एवं एन एम महिला के सहयोग से मरीजों को सहायता एवं परामर्श देते दिखे तथा दवा का भी उचित सलाह देते  वितरण किया ।कार्यक्रम के प्रारंभ जिला पदाधिकारी औरंगाबाद राहुल रंजन महिवाल ने किया ।जिसमें समाहरणालय के पदाधिकारी कर्मचारी मौजूद दिखे। 
 जिला पदाधिकारी राहुल रंजन महिवाल ने औरंगाबादवासियों से अपील करते हुए उक्त शिविर में  भाग  लेकर नि:शुल्क मधुमेह जांच सह चिकित्सा परामर्श शिविर में भाग लेने की अपील किया है।ऐसे तो बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार ने मरीजों एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अथक प्रयास किया गया है जिसके लेकर औरंगाबाद वासियों ने कार्य के प्रति स्वास्थ विभाग को सराहते हुए सराहनीय कार्य बताया । औरंगाबाद कैसा लगा आपको कैसा लगा शिविर में भाग लिया गया ।मधुमेह एवं ब्लड प्रेशर से पीड़ित समाहरणालय में  पदस्थापित विजय कुमार   (जिला पदाधिकारी के डाक शाखा ) एवं  न्यू निर्माण पत्रिका के उप संपादक जयंत कुमार वर्मा ने कहा कि जिला पदाधिकारी औरंगाबाद द्वारा समाहरणालय के प्रांगण में निशुल्क मधुमेह जांच सह चिकित्सा परामर्श शिविर लगाकर मरीजों का डॉक्टरों द्वारा इलाज कराना सराहनीय कदम है ।इस कार्य के लिए श्री वर्मा ने जिला पदाधिकारी को धन्यवाद देते हुए  कार्य की सराहना की ।

झारखण्ड:भाजपा अपने दम पर 65 + विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करेगी -रघुवर दास


●भाजपा अपने दम पर 65 + विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करेगी...रघुवर दास

रघुवर दास ने पूर्वी जमशेदपुर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद संवाददाताओं को संबोधित किया
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सरकार की प्राथमिकता विकास और सुशासन, यही हमारा लक्ष्य
★5 वर्ष में हुए विकास से बिचौलिए परेशान, कमजोर सरकार चाहते हैं बनाना
....रघुवर दास

न्यूज़ डेस्क। जमशेदपुर।

सरकार की प्राथमिकता विकास और सुशासन है। विगत 5 वर्ष से इस लक्ष्य को लेकर हम चले, जिसे गति मिली है। आने वाले दिनों में भी हमारा लक्ष्य विकास और सुशासन रहेगा। शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान दिया जाएगा। विकास की राजनीति भारतीय जनता पार्टी करती है। भाजपा में जात- पात व संप्रदाय की राजनीति करने की संस्कृति नहीं है। हमें इस तरह का संस्कार प्राप्त नहीं हुआ है। वैसे भी अब जातिवाद व संप्रदायवाद की राजनीति नहीं चलेगी। क्योंकि लोग जागरूक हो गए हैं। उन्हें विकास की राजनीति से सरोकार है। *भाजपा अपने काम के बल पर, अपनी नीतियों के बल पर, अपनी योजनाओं के बल पर और राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के बल पर झारखंड में झारखंड के 65 से भी आधी विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करेगी।* विगत 5 साल से बिचौलियों व दलालों कि राज्य में नहीं चली। इसलिए वे बौखलाए हुए हैं और वे चाहते हैं कि झारखंड में एक कमजोर सरकार का निर्माण हो। ताकि उनकी लूट की संस्कृति पुनः कायम हो सके। *लेकिन झारखण्ड की प्रबुद्ध जनता। अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए। झारखंड में एक बार फिर मजबूत सरकार का निर्माण करेगी ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है।* ये बातें रघुवर दास ने पूर्वी जमशेदपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद संवाददाताओं से कही।

सबका साथ सबका विकास:

रघुवर दास ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र के साथ कार्य करती है। राज्य में आदिवासियों व गरीबों के कल्याण के लिए कई योजनाएं प्रारंभ की गई। जिसका सुखद परिणाम लाभुकों को प्राप्त भी हुआ है। अब आदिवासियों व गरीबों को वोट बैंक के रूप में कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता। उनमें जागृति आई है और वे विकास चाहते हैं। भ्रम फैलाकर राजनीति अब कोई नहीं कर सकता।

आंदोलनकारियों को भी नहीं दिया सम्मान, संस्कृति की नहीं की परवाह

*रघुवर दास ने कहा कि आदिवासियों, गरीबों के नाम पर राज करने वाली झारखंड नामधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलनकारियों का सम्मान नहीं दिया।* वर्तमान सरकार ने करीब 2000 आंदोलनकारियों को सम्मान देते हुए उन्हें सम्मान राशि दे रही है। आदिवासी संस्कृति की बात करने वाली इस पार्टी ने कभी भी इनकी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर ध्यान नहीं दिया। विगत 5 साल में आदिवासी संस्कृति, भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन पर कई कार्य हुए हैं।

*राजस्थान के बीकानेर में बस व ट्रक की टक्कर में 10 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा लोग घायल

न्यूज़ डेस्क ।

राजस्थान के बीकानेर जिले में एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। खबरों के मुताबिक, नेशनल हाईवे-11 पर श्रीडूंगरगढ़ के पास एक यात्री बस और ट्रक के बीच भिड़ंत हो गई। जिसमें करीब 10 लोगों की मौत खबर है। जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।

खबरों के मुताबिक, इस हादसे के बाद कई यात्री बुरी तरह से बस में फंस गए। फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। भीषण हादसे की वजह से कई सवारियों ने तो मौके पर ही दम तोड़ दिया।

वहीं हादसे के बाद बस के आग पकड़ लेने से भी राहत और बचाव कार्यों में कुछ देर लगी, जिससे लोगों को बचाया नहीं जा सका। हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

इससे पहले 11 नवंबर को बीकानेर जिले के देशनोक कस्बे के पास एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया था कि यह हादसा उस समय हुआ जब एक मिनी बस सामने से आ रही जीप से जा टकराई। भीषण टक्कर में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक ने अस्तपाल में दम तोड़ दिया।

आजसू ने आरक्षण को 73 प्रतिशत तक बढ़ाने का किया वादा एससी 14, एसटी 32 व ओबीसी को 27 प्रतिशत


आजसू पार्टी ने अपने केंद्रीय कार्यालय में चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। संकल्प पत्र के  नाम से जारी मैनिफेस्टो में पार्टी ने कई बड़े वादे किये हैं।

आजसू ने आबादी के हिसाब से आरक्षण को 73 प्रतिशत तक बढ़ाने का वादा किया है जिसमें एससी को 14 प्रतिशत, एसटी को 32 प्रतिशत और ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण की बात कही गयी है।

पार्टी ने हर स्नातक पास को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रतिमाह 2100 रुपये देने की बात कही है।

संकल्प पत्र जारी करने के दौरान आजसू प्रवक्ता देवशरण भगत ने कहा कि आजसू ने पिछली खंडित और पूर्ण बहुमत की सरकारों को दोनों को देखा है। हमने इस दौरान जो महसूस किया है कि उसको ध्यान में रखते हुए यह संकल्प पत्र जारी किया है। आजसू ने सशक्त गांव से सशक्त झारखंड के निर्माण की बात कही है।

शाकाहार होने तथा चिकित्सीय गुण होने के बावजूद साधकों हेतु प्याज-लहसुन वर्जित क्यों है!


*प्याज़ खाना क्यों मना!?!*

 यह शल्ककंदीय सब्जी है, जिसके कन्द सब्जी के रूप में उपयोग किए जाते हैं। कन्द तीखा होता है। यह तीखापन एक वाष्पशील तेल एलाइल प्रोपाइल डाय सल्फाइड कारण होता है। प्याज का उपयोग सब्जी, मसाले, सलाद तथा अचार तैयार करने के लिए किया जाता है। कन्द में आयरन, कैल्शियम, तथा विटामिन ‘सी’ पाया जाता है। कन्द तीखा, तेज, बलवर्धक, कामोत्तेजक, स्वादवर्धक, क्षुधावर्धक तथा महिलाओं में रक्त वर्धक होता है।   शाकाहार होने तथा चिकित्सीय गुण होने के बावजूद साधकों हेतु प्याज-लहसुन वर्जित क्यों है, इस पर विभिन्न समय में विस्तृत शोध के कुछ बिंदु निम्न हैं!....

*1)मलूक पीठाधीश्वर संत श्री राजेन्द्र दास जी बताते हैं कि एक बार प्याज़-लहसुन  खाने का प्रभाव देह में 27 दिनों तक रहता है,और उस दौरान व्यक्ति यदि मर जाये तो नरकगामी होता है!ऐसा शास्त्रों में लिखा है!*

*2) प्याज़ का सेवन करने से 55 मर्म-स्थानों में चर्बी जमा हो जाती है, जिसके फलस्वरूप शरीर की सूक्ष्म संवेदनाएं नष्ट हो जाती हैं!*

3) भगवान के भोग में, नवरात्रि आदि व्रत-उपवास में ,तीर्थ यात्रा में ,श्राद्ध के भोजन में और विशेष पर्वों पर प्याज़-लहसुन युक्त भोजन बनाना निषिद्ध है, जिससे समझ में आ जाना चाहिए कि प्याज-लहसुन दूषित वस्तुएं हैं! 

4)कुछ देर प्याज़ को बगल में दबाकर बैठने से बुखार चढ़ जाता है! प्याज काटते समय ही आंखों में आंसू आ जाते हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि शरीर के भीतर जाकर यह कितनी अधिक हलचल उत्पन्न करता होगा!?!

*5) हवाई-जहाज चलाने वाले पायलटों को जहाज चलाने के 72 घंटे पूर्व तक प्याज़ का सेवन ना करने का परामर्श दिया जाता है, क्योंकि प्याज़ खाने से तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता(Reflexive ability) प्रभावित होती है!*

6) हिन्दू धर्मशास्त्रों में प्याज़ को "पलांडू" कहा गया है! *याज्ञवल्क्य संहिता के अनुसार प्याज एवं गोमांस दोनों के ही खाने का प्रायश्चित है--- चंद्रायण व्रत! (इसीलिए श्री जटिया बाबा प्याज़ को गो मांस तुल्य बताते थे!)*

*7) ब्रह्मा जी जब सृष्टि कर रहे थे, तो दो राक्षस उसमें बाधा उत्पन्न कर रहे थे! उनके शरीर क्रमशः मल और मूत्र के बने हुए थे! ब्रह्मा जी ने उन्हें मारा तो उनके शरीर की बोटियां पृथ्वी पर जहां-जहां गिरीं, वहां प्याज़ और लहसुन के पेड़ उग आए! लैबोरेट्री में टेस्ट करने पर भी प्याज़ और लहसुन में क्रमशः गंधक और यूरिया प्रचुर मात्रा में मिलता है, जो क्रमशः मल मूत्र में पाया जाता है!*

*8) एक अन्य कथा के अनुसार,भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार द्वारा राहूकेतू का सिर काटे जाने पर उसके कटे सिर से अमृत की कुछ बूंदे ज़मीन पर गिर गईं थीं,जिनसे प्याज़ और लहसुन उपजे! चूंकि यह दोनों सब्जियां अमृत की बूंदों से उपजी हैं, इसलिए यह रोगों और रोगाणुओं को नष्ट करने में अमृत समान होती हैं,पर क्योंकि यह राक्षस के मुख से होकर गिरी हैं, इसलिए इनमें तेज गंध है और ये अपवित्र हैं, जिन्हें कभी भी भगवान के भोग में इस्तमाल नहीं किया जाता! कहा जाता है कि जो भी प्याज और लहसुन खाता है उनका शरीर राक्षसों के शरीर की भांति मजबूत हो जाता है, लेकिन साथ ही उनकी बुद्धि और सोच-विचार राक्षसों की तरह दूषित भी हो जाते हैं!*

*9)इनके राजसिक तामसिक गुणों के कारण आयुर्वेद में भी प्याज़-लहसुन खाने की मनाही है! 👉प्राचीन मिस्र के पुरोहित प्याज़-लहसुन नहीं खाते थे!  चीन में रहने वाले बौद्ध धर्म के अनुयायी भी प्याज़-लहसुन खाना पसंद नहीं करते!* 

*वैष्णव और जैन पूरी तरह से प्याज और लहसुन का परहेज करते हैं ।*

         
बताते हैं कि इतने प्रमाण होते हुए भी केवल जीभ के स्वार्थ हेतु प्याज़-लहसुन खाते रहेंगे,तो जड़ बुद्धि कहलाएंगे! इसलिए इनका तुरंत परित्याग करने में ही भलाई है!



Sunday, November 17, 2019

लोक जनशक्ति पार्टी की कमांड मिलने के बाद चिराग ने की एनडीए से यह मांग


नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी की कमान संभालने के बाद चिराग पासवान कुछ नया करने का प्रयास कर रहे हैं. चिराग का पूरा ध्यान इस बात पर लगा है कि पार्टी को कैसे नए तबके के बीच मजबूत बनाया जाए यही वजह है कि चिराग अब युवा और महिला वोटरों को फोकस कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में चिराग पासवान ने आज थ्री प्वाइंट एजेंडा पर फोकस किया है. चिराग पासवान ने एनडीए में कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाए जाने की मांग भी पीएम मोदी से की है साथ ही साथ एनडीए का संयोजक बनाने की भी अपील की है.
चिराग ने की है यह मांग:
चिराग ने बैठक में राष्ट्रीय युवा आयोग का गठन, महिला आरक्षण बिल और इंडियन जूडिशल सर्विस के गठन का मामला उठाया है. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि इस सभी विषयों पर सदन में गंभीरता के साथ चर्चा होनी चाहिए. अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार चिराग बैठक में शामिल हुए.
बता दें कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आज रणनीति को लेकर केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत विपक्ष के कई बड़े नेता बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला को हिरासत में रखने का मुद्दा भी उठा।

किशनगंज पुलिस टीम व नेतृत्वकर्ता एसपी कुमार आशिष को पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण ), बिहार ने पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दे किया सम्मानित



शशि कांत झा । किशनगंज (बिहार) । हमेशा सुर्खियों में रहने वाली किशनगंज पुलिस टीम एवं इसके सफल नेतृत्वकर्ता एस पी कुमार आशिष को आज आलोक राज ,पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण ) ,  बिहार (पटना ) ने नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर विख्यात मेला सोनपूर में  सम्मानित किया ।जिसमें किशनगंज के अपर लोक अभियोजक सुरेन बाबू भी सम्मिलित थे ।    विदित हो कि 04 फरवरी '19 की भयानक रात, जहाँ जिले के दिघलबैंक प्रखंड में  पथरघट्टी गांव के एक सुनसान घर से एक युवती को निकाल कर सात राक्षसों ने बाप के सामने हीं सामूहिक रुप में उसकी इज्जत को तार तार कर दिया था तथा उक्त घटना को लेकर पूरे बिहार में हायतौबा मच चुकी थी ।सूचना मिलते ही किशनगंज के एसपी कुमार आशिष ने घटनास्थल का दौरा कर सभी दुष्कर्मियों को शिघ्रातिशिघ्र गिरफ्तार करने का आदेश दिया। 
साथ ही एकएसआईटी टीम का गठन कर दुष्कर्मियों पर शिकंजा कस दिया ।फलतः एक मुख्य आरोपी को छोड़कर सभी छः को टीम ने पांच दिनों के अन्दर जमीन खोदकर गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य आरोपी पुलिस दबिस से डरकर माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया ।एसपी कुमार आशिष का निर्देशन और मनोबल ऊंचा रखने बाली किशनगंज पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर इसे त्वरित न्यायालय में भेज कर न्याय की अपील कर डाली। फलस्वरूप अपर लोक अभियोजक सुरेन प्र.साह की दलील और प्रस्तुत साक्ष्यों के सामने दुष्कर्मियों की एक ना चली और महज आठ माह के अंदर सभी सातों को माननीय न्यायालय ने पचास हजार रु.जुर्माना सहित उम्रकैद की सजा सुना दी। इसके बाद किशनगंज पुलिस की चहुओर जयजयकार शुरु हो गई ।आम नागरिक तत्तकालीन कोढो़बाड़ी थानाध्यक्ष सरोज कुमार को फूल मालाओं से लादकर पुलिस अधीक्षक तक आ पहुंचे थे ।इस घटना के बाद पिड़िता और उसके पिता के दिल को ठंढक मिली, तो दूसरी ओर कमर कस कर मैदान में उतरे एसपी और उनके द्वारा गठित एस आई टी के सदस्यों का भी मनोबल काफी ऊंचा हुआ ।बताते चलें कि कुमार आशिष ने एस पी किशनगंज के रुप अपने योगदान के बाद ,बीते अपने कार्यकाल को संजोकर यादगार बना दिया ।जहाँ कई जघन्य डकैती ,हत्या के कांडों पर से पर्दा हंटाकर अपराधियों को सलाखों के पीछे ढकेला तो वहीं अपराध नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक कर अपने साथ कर लेने में महत्त्वपूर्ण भूमिका भी निभाते आ रहे हैं ।अपराध नियंत्रण ,विधि  व्यवस्था  संधारण ,नशीले पदार्थों सहित बहुचर्चित मवेशी तस्करियों पर भी सफलता पूर्वक नकेल कस दी ।एस एस बी ,बंगाल ,एवं नेपाल पुलिस से समन्वय स्थापित कर अपराध और अपराधियों को बाहर का रास्ता दिखाने में सफल प्रयास भी किया ।जिसको लेकर आज का दिन अपर पुलिस महानिदेशक ,अपराध अनुसंधान बिहार ,पटना से प्राप्त पुरस्कार और प्रशस्तिपत्र ,किशनगंज पुलिस के लिए यादगार सावित हो गया ।जिसमें पुरस्कृत पदाधिकारियों में किशनगंज एस पी कुमार आशिष ,पुलिस सेवा से शिक्षा सेवा को धारण करने बाले तेजतर्रार किशनगंज एस डी पी ओ ,डा. अखिलेश कुमार ,पुलिस निरीक्षक इरशाद आलम ,मनीष कुमार एवं रंजन कुमार सहित पुअनि सरोज कुमार ,रामदहिन मोची ,पुष्पलता कुमारी ,महिला आरक्षी रुपाली ,रचना ,आभा कुमारी सहित अमरेश रमन ,रंजन कुमार ,पिंटू कुमार ,सुमित कुमार और प्रमोद कुमार शामिल थे ।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...