Monday, January 13, 2020
Sunday, January 12, 2020
झारखंड के गिरिडीह में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के समर्थन में निकली तिरंगा यात्रा पर उपद्रवियों ने किया पथराव,पुलिस ने की लाठी चार्ज व छोड़े आंसू गैस के गोले
#गिरिडीह । झारखंड के गिरिडीह में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के समर्थन में निकली तिरंगा यात्रा पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। इस कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए उपद्रवियों पर लाठी चार्ज किया। बीजेपी और इससे जुड़े संगठन पूरे राज्य में सीएए-एनआरसी के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। स्थिति बिगड़ता देख मौके पर डीसी और एसपी भी पहुंच गए हैं।प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने एहतियान तिरंगा यात्रा को कालीबाड़ी चौक से टावर चौक के बीच ही रोक रखा था। लेकिन भीड़ आगे बढ़ने की जिद पर अड़ गई थी। वहां पर मौजूद अधिकारी लगातार दोनों तरफ से भीड़ को रोकने की कोशिश कर रहे थी। वहीं तिरंगा यात्रा में शामिल लोग जमकर नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस स्थिति को संभालने का हर संभव प्रयास कर रही थी।फिलवक्त पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दी गई है।
Saturday, January 11, 2020
गिरिडीहः हर्बल केमिकल के नाम पर 80 लाख की ठगी के एक अन्र्तराष्ट्रीय और हाईप्रोफाईल मामले का खुलासा
इसके बाद जब शेष 23 लाख का भुगतान करने की बात होने पर निर्मल झुनझूनवाला को शक हुआ। इस बीच झुनझूनवाला ने मामले की जानकारी एसपी सुरेन्द्र झा को दिया। झुनझूनवाला से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद एसपी झा के निर्देश पर एसआईटी स्पेशल जांच टीम का गठन किया गया। टीम में शामिल डीएसपी संदीप सुमन समदर्शी और साइबर पुलिस निरीक्षक सुमन मंडल के नेत्तृव में छह सदस्यी पुलिस टीम पहले मुंबई पहुंची, हालांकि मुंबई के एनएम थाना से कोई सुराग हाथ तो नहीं लगा। लेकिन मुुंबई के इसी थाना क्षेत्र से गिरोह से कनेक्शन रखने वाले एक संदिग्ध से पूछताछ करने पर पुलिस को जानकारी मिली, कि माउगो हेनरी महाराष्ट्र के पुणे में है। लिहाजा, एसआईटी टीम संदिग्ध के बताएं स्थान में पुणे छापेमारी कर हेनरी को दबोचने में सफलता पायी।
प्रतिमाओं के स्थापना को ले भाकपा माले व भाजपा कार्यकर्ता युद्धस्तर पर जुटे,हुए आमने सामने
अशोक कु यादव । #बगोदर/गिरिडीह। बगोदर बस पडाव मे प्रतिमा स्थापित करने को लेकर भाजपा और माले के कार्यकर्ता शुक्रवार को युद्ध स्तर पर काम करते नजर आये।एक तरफ भाकपा माले ने तीन दिन पूर्व अपने दिवंगत नेता शहीद महेन्द्र सिंह की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर कार्य शुरू किया था।जिसके बाद बगोदर प्रशासन द्वारा कार्यस्थल पर निषेधाज्ञा लागू करने के बावजूद भी कार्य को जारी रखा। वहीं बगोदर प्रशासन मौन रही।जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने को ले गुरूवार को बस पड़ाव मे भूमि पूजन कर कार्य प्रारंभ कर दिये।
जिसके दूसरे दिन शुक्रवार को जोर शोर से भाजपा कार्यकर्ताओ को कार्य करते देखा गया।वहीं भाजपा के पूर्व सांसद नागेन्द्र महतो रांची से अपने पैतृक आवास खेतको आने के दौरान बस पडाव मे प्रतिमा स्थापना हेतु कार्य स्थल को देखने पहुंचे।जिसके बाद कार्यकर्ताओं से मिलकर बातचीत किये।वहीं भाजपा की ओर से कार्यस्थल पर दुर्गेश कुमार शत्रुधन मंडल जितेन्द्र सिंह शशि कुमार विक्की कुमार अर्जुन पासवान शंकर पटेल अशोक सोनी समेत काफी संख्या कार्य करते दिखे।
फोटो:-1 बस पडाव मे भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थल का निर्माण करते
2 भाकपा माले के द्वारा अपने दिवंगत नेता शहीद महेन्द्र सिंह प्रतिमा स्थापित करने को लेकर कार्य करते
सीएए लागू हुआ: पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न सहने वाले अल्पसंख्यकों के लिए प्रभावी
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 आज लागू हो गया है, आज एक सरकारी गजट अधिसूचना में कहा गया है। इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों शरणार्थियों को सांत्वना मिलेगी।
गजट नोटिफिकेशन में कहा गया है, “नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (2019 का 47) की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अभ्यास में, केंद्र सरकार ने जनवरी, 2020 के 10 वें दिन नियुक्त किया , जिस तारीख को उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। ”
देश के अंदर विपक्षी दलों और कई सांप्रदायिक ताकतों द्वारा इस अधिनियम की आलोचना की गई थी। देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए और राष्ट्र विरोधी तत्वों ने विरोध के नाम पर हिंसा फैलाई। दर्जनों लोगों की जान चली गई और करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो गई।
विपक्ष ने भारतीय मुस्लिम समुदाय में यह डर फैला दिया कि अधिनियम उनके खिलाफ था। धार्मिक उत्पीड़न से भाग रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय, सांप्रदायिक ताकतों के साथ विरोधी हाथ में कथा को मोड़ने की कोशिश की। सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी कि सीएए किसी भी भारतीय मुसलमानों के खिलाफ नहीं था, हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
हालाँकि, सरकार के विरोध के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और भाजपा ने विपक्ष द्वारा चलाए जा रहे फर्जीवाड़े का विरोध करना शुरू कर दिया। हिंसक विरोध प्रदर्शनों में पुलिस की बहादुरी ने हिंसा को शांत करने और सामान्य स्थिति लाने में भी मदद की।
नागरिकता संशोधन अधिनियम पिछले महीने संसद द्वारा पारित किया गया था और यह पाकिस्तान, अफगानिस्तान, और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न से भागने वाले हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी समुदायों के उन शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करता है जिन्होंने 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश किया था। ।
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 आज लागू हो गया है, आज एक सरकारी गजट अधिसूचना में कहा गया है। इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों शरणार्थियों को सांत्वना मिलेगी।
गजट नोटिफिकेशन में कहा गया है, “नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (2019 का 47) की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अभ्यास में, केंद्र सरकार ने जनवरी, 2020 के 10 वें दिन नियुक्त किया , जिस तारीख को उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। ”
देश के अंदर विपक्षी दलों और कई सांप्रदायिक ताकतों द्वारा इस अधिनियम की आलोचना की गई थी। देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए और राष्ट्र विरोधी तत्वों ने विरोध के नाम पर हिंसा फैलाई। दर्जनों लोगों की जान चली गई और करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो गई।
विपक्ष ने भारतीय मुस्लिम समुदाय में यह डर फैला दिया कि अधिनियम उनके खिलाफ था। धार्मिक उत्पीड़न से भाग रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय, सांप्रदायिक ताकतों के साथ विरोधी हाथ में कथा को मोड़ने की कोशिश की। सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी कि सीएए किसी भी भारतीय मुसलमानों के खिलाफ नहीं था, हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
हालाँकि, सरकार के विरोध के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और भाजपा ने विपक्ष द्वारा चलाए जा रहे फर्जीवाड़े का विरोध करना शुरू कर दिया। हिंसक विरोध प्रदर्शनों में पुलिस की बहादुरी ने हिंसा को शांत करने और सामान्य स्थिति लाने में भी मदद की।
नागरिकता संशोधन अधिनियम पिछले महीने संसद द्वारा पारित किया गया था और यह पाकिस्तान, अफगानिस्तान, और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न से भागने वाले हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी समुदायों के उन शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करता है जिन्होंने 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश किया था। ।
Friday, January 10, 2020
बेंगलुरु की चर्चित पत्रकार गौरी लंकेश व तीन सामाजिक कार्यकर्ता के हत्याकांड का आरोपी धनबाद में गिरफ़्तार
#धनबाद । बेंगलुरु की चर्चित पत्रकार गौरी लंकेश व तीन सामाजिक कार्यकर्ता के हत्याकांड का आरोपी कतरास के राजगढ़िया मार्केट स्थित जनरल दुकान से हुआ गिरफ्तार। बंगलुरु एसआईटी की टीम ने मोबाइल लोकेशन को ट्रेस करते हुए पहुँची उक्त स्थान पर ,पकड़ गया आरोपी भगत मुहल्ले में एक साल से नाम बदलकर रह रहा था जिस मकान में रहता था वह मकान सनातन संस्था के प्रदीप खेमका का है और वह उन्ही के यहाँ केयर टेकर का करता था काम पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार उर्फ ऋषिकेश व खेमका से घण्टों थाने में किया पूछताछ।
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