Tuesday, March 24, 2020

सीमेंट लदे ट्रक को पुलिस ने लॉक डाउन के दौरान पकड़ा,चालक को किया गिरफतार

गिरिडीह। लॉक डाउन के दौरान एक ट्रक द्वारा सीमेंट की बोरियां ले जाने के क्रम में गिरिडीह के पास जमा पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना शहर के बोलो चौक की है जहां ट्रक संख्या jh02 एक्स 97 61 के चालक अग्रज कुमार साव उम्र 25 वर्ष पिता सरयू प्रसाद साव ग्राम लेदा थाना मुफस्सिल जिला गिरिडीह, जा रहा था कि पुलिस ने उसे रोक लिया। बता दे कि लॉक डाउन के अंतर्गत स्थानीय समाचार पत्र, टीवी चैनल ,एवं अन्य स्रोतों से सर्वसाधारण को जानकारी दी गई थी कि पूर्णतः वाहनों का परिचालन आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बंद रहेगा। साथ ही घरों से नहीं निकलने की अपील की गई थी। थाना प्रभारी ने प्राथमिकी में कहा है कि जानकारी होने के बावजूद भी ट्रक चालक ने जानबूझकर इसकी अवहेलना की। जो कि भादवि की धारा 188,269 व 270 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। जिस कारण ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।

Monday, March 23, 2020

आज तक के पत्रकार की कार्यालय जाने के क्रम में देश की राजधानी में पुलिसकर्मी द्वारा बेरहमी से पिटाई का एबीपीएस एस ने किया प्रतिकार


(आज तक के चर्चित पत्रकार नवीन कुमार को दिल्ली पुलिस ने दिनदहाड़े बेरहमी से पीटा है। ऐसा तब हुआ जब वह ड्यूटी पर अपने दफ़्तर जा रहे थे। नवीन ने इस पूरी घटना का ब्योरा अपने फ़ेसबुक पोस्ट पर एक पत्र के ज़रिए दिया है। पेश है उनका पूरा खत-संपादक)

प्यारे साथियों,

इस तरह से यह पत्र लिखना बहुत अजीब सा लग रहा है। लेकिन लगता है कि इस तरह से शायद मेरा दुख, मेरा क्षोभ और वह अपमान जिसकी आग मुझे ख़ाक कर देना चाहती है उससे कुछ हद तक राहत मिल जाए। एक बार को लगा न बताऊं। यह कहना कि पुलिस ने आपको सड़क पर पीटा है कितना बुरा एहसास है। लेकिन इसे बताना जरूरी भी लगता है ताकि आप समझ सकें कि आपके साथ क्या कुछ घट सकता है। वह भी देश की राजधानी में।

कोरोना से लड़ाई में मेरे सैकड़ों पत्रकार साथी बिना किसी बहाने के भरसक काम पर जुटे हुए हैं। मैं भी इसमें शामिल हूं। आज दोपहर डेढ़ बजे की बात है। मैं वसंतकुंज से नोएडा फिल्म सिटी अपने दफ्तर के लिए निकला था। सफदरजंग इन्क्लेव से होते हुए ग्रीन पार्क की तरफ मुड़ना था। वहीं पर एक तिराहा है जहां से एक रास्ता एम्स ट्रॉमा सेंटर की तरफ जाता है। भारी बैरिकेडिंग थी। पुलिस जांच कर रही थी। भारी जाम लगा हुआ था। मेरी बारी आने पर एक पुलिसवाला मेरी कार के पास आता है। मैंने नाम देखा ग्यारसी लाल यादव। दिल्ली पुलिस। मैंने अपना कार्ड दिखाया और कहा कि मैं पत्रकार हूं और दफ्तर जा रहा हूं। मेरी भी ड्यूटी है। उसने सबसे पहले मेरी कार से चाबी निकाल ली। और आई कार्ड लेकर आगे बढ़ गया। आगे का संवाद शब्दश: इस तरह था।

कॉन्स्टेबल ग्यारसी लाल यादव – माधर&^%$, धौंस दिखाता है। चल नीचे उतर। इधर आ।

मैं पीछे पीछे भागा। उसने दिल्ली पुलिस के दूसरे सिपाही को चाबी दी। मेरा फोन और वॉलेट दोनों बगल की सीट पर रखे थे। मैंने कहा आप ऐसा नहीं कर सकते। अपने अधिकारी से बात कराइए।

कॉन्स्टेबल ग्यारसी लाल यादव – मैं ही अधिकारी हूं माधर^%$।

मैंने कहा आप इस तरह से बात नहीं कर सकते। तब तक उसने एक वैन में धकेल दिया था। मैंने कहा मोबाइल और वॉलेट दीजिए। तब तक दो इंस्पेक्टर समेत कई लोग वहां पहुंच चुके थे। एक का नाम शिवकुमार था, दूसरे का शायद विजय, तीसरे का ईश्वर सिंह, चौथे का बच्चा सिंह।

मैंने कहा आप इस तरह नहीं कर सकते। आप मेरा फोन और वॉलेट दीजिए।

तब तक इंस्पेक्टर शिवकुमार ने कहा ऐसे नहीं मानेगा मारो हरामी को। और गिरफ्तार करो।

इतना कहना था कि तीनों पुलिस वालों ने कार में ही पीटना शुरु कर दिया। ग्यारसी लाल यादव ने मेरा मुंह बंद कर दिया था ताकि मैं चिल्ला न सकूं। मैं आतंकित था।

आस पास के जिन गाड़ियों की चेकिंग चल रही थी वो जुटने लगे तो पुलिस ने पीटना बंद कर दिया। मैं दहशत के मारे कांप रहा था। मैंने अपना फोन मांगा। तो उन्होंने मुझे वैन से ही जोर से धक्का दे दिया। मैं सड़क पर गिर पड़ा। एक आदमी ने मेरा फोन लाकर दिया। मैंने तुरंत दफ्तर में फोन करके इसके बारे में बताया।

मैंने सिर्फ इतना पूछा कि आप लोग किस थाने में तैनात हैं। इंस्पेक्टर शिव कुमार ने छूटते ही कहा तुम्हारे बाप के थाने में। ग्यारसी लाल यादव ने कहा हो गया या और दूं। उन्हीं के बीच से एक आदमी चिल्लाया सफदरजंग थाने में हैं बता देना अपने बाप को।

कार में बैठा तो लगा जैसे किसी ने बदन से सारा खून निचोड़ लिया हो। मेरा दिमाग सुन्न था। आंखों के आगे कुछ नजर नहीं आ रहा था। समझ नहीं पा रहा था कि इतने आंसू कहां से आए।

मुझे पता है कि जिस व्यवस्था में हम सब जीते हैं वहां इस तरह की घटनाओं का कोई वजूद नहीं। मुझे यह भी पता है कि चौराहे पर किसी को पीट देना पुलिस की आचार संहिता में कानून व्यवस्था बनाए रखना का एक अनुशासन है। और मुझे यह भी पता है कि इस शिकायत का कोई अर्थ नहीं।

फिर भी मैं इसे इसलिए लिख रहा हूं ताकि यह दर्ज हो सके कि हमारे बोलने, हमारे लिखने और हम जिस माहौल में जी रहे हैं उसमें कितना अंतर है। हमारी भावनाएं कितने दोयम दर्जे की हैं। हमारे राष्ट्रवादी अनुशासन का बोध कितना झूठा, कितना मनगढ़ंत और कितना बनावटी है।

यह सब कुछ जब मैं लिख रहा हूं तो मेरे हाथ कांप रहे हैं। मेरा लहू थक्के की तरह जमा हुआ है। मेरी पलकें पहाड़ की तरह भारी हैं और लगता है जैसे अपनी चमड़ी को काटकर धो डालूं नहीं तो ये पिघल जाएगी। अपने आप से घिन्न सी आ रही है।

यह सब साझा करने का मकसद आपकी सांत्वना हासिल करना नहीं। सिर्फ इतना है कि आप इस भयावह दौर को महसूस कर सकें। जब हमारी नागरिकता का गौरव बोध किसी कॉन्स्टेबल, किसी एसआई के जूते के नीचे चौराहे पर कुचल दी जाने वाली चीज है।

मैं शब्दों में इसे बयान नहीं कर सकता कि यह कितना अपमानजनक, कितना डरावना और कितना तकलीफदेह है। ऐसा लगता है जैसे यह सदमा किसी चट्टान की तरह मेरे सीने पर बैठ गया है और मेरी जान ले लेगा। और यह लिखना आसान नहीं था।

आपका साथी

नवीन

दूसरे राज्यों से आ रहे यात्रियों की स्थिति अत्यंत दयनीय,हैदराबाद से आ रहे फंसे धनबाद में


(सांकेतिकटीी)

धनबाद:कोयलांचल धनबाद में लगातार दूसरे राज्यों से लोग कोरोना के भय से पहुंच रहे हैं. वैसे लोग जो खासकर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के लिए गए थे वहां पर फैक्ट्रियां बंद होने की वजह से झारखंड वापस आ रहे हैं. ऐसा ही एक नजारा आज जिले के रणधीर वर्मा चौक पर देखने को मिला जो बमुश्किल से धनबाद तक पहुंच पाने में सफल हुए. लोगों को हजारीबाग के बरही अपने घर पहुंचना है.

आपको बता दें कि झारखंड के हजारीबाग के बरही के वैसे मजदूर जो हैदराबाद में काम कर रहे थे लेकिन वहां पर फैक्ट्रियां बंद होने की वजह से वे लोग किसी तरह हावड़ा तक पहुंचने में सफल हो पाए.हावड़ा पहुंचने के बाद वहां से एक मालवाहक गाड़ी रिजर्व कर 10 मजदूर झारखंड के लिए निकले लेकिन आज रणधीर वर्मा चौक पर पुलिस ने जांच के लिए उन्हें रोक लिया और उनकी जांच की गई. हालांकि जांच में कोई भी संदिग्ध सामने नहीं आए लेकिन उन्होंने जो अपनी दास्तान बताइए वह काफी दर्द भरी थी.

उन्होंने कहा कि वे लोग लगभग 4 दिनों से खाने के लिए तरस गए हैं. ट्रेनों में भी खाने को नहीं मिल रहा था और हावड़ा के बाद झारखंड के धनबाद पहुंचने तक भी उन्हें रास्ते में कहीं खाने-पीने की सामान नहीं मिल पाई है. अंत में जांच के बाद उन सभी मजदूरों को हजारीबाग के बरही जाने के लिए छोड़ दिया गया.

बगोदर में जनता कर्फ्यू को लेकर लोगों में दिखा उत्साह, घरो में रहें कैद,किया लॉक डाउन का स्वागत




Ashok Kumar.बगोदर/गिरिडीह। कोरोना से बचाव हेतु आमजनो में जागरूकता करने के उद्देश्य से यशस्वीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर एक दिन का जनता कर्फ़्यू को लोगों ने जोरदार समर्थन किया၊ इधर बगोदर बाजार के व्यापारिक प्रतिष्ठानों सेलेकर फुटकर दुकानों सहित गली कूचों की खोमचा दुकानें तक सभी पूरी तरह बंद दिखे तथा लोग अपने अपने घरों में कैद रहे । बाहर पुरी तरह से विरान शांत लग रहा था
वहीं दूसरी ओर पूरी तरह से लोग सजग एवं सतर्क के साथ मास्क का प्रयोग कर रहे हैं၊ घनी अबादी वालेक्षेत्रो में पूरी तरह कर्फ्यू नजर आया सड़कों से वाहन गायब दिखे तथा गलियां एवं सड़कें सुनसान दिखी । अती व्यस्त एवं घनी आबादी वाले क्षेत्र पूरी तरह सुनसान दिखे । संकरी गलियों में बसी घनी आबादी वाले क्षेत्रों की लोगों में बिना किसी सखती के पूरी तरहां सन्नाटा पसरा हुआ था, तथा एक बच्चा तक इन संकरी गलियों में नजर नहीं आया।
जबकी आम दिनों में इन क्षेत्रो से निकलना मुश्किल होता था၊ बता दे की जनता कर्फ्यू के दौरान जैसे ही बजे की कहीं ताली तो कहीं थाली तो कहीं सुन्दर सुन्दर घण्टी की आवाज से चाहे वाह एक छोटा गाँव का टोला हैं, या बाजार सभी अपने अपने घरो के बाहर बजाते नजर आयें၊ वहीं बगोदर प्रशासन के द्वारा भी ठिक पाँच बजे ताली ओर थाली बजाते नजर आयें၊

Saturday, March 21, 2020

डरे नहीं, सभी मिलकर करें कोरोना वायरस का सामना -राहुल कुमार सिन्हा,उपायुक्त,गिरिडीह



डरे नहीं, सभी मिलकर करें कोरोना वायरस का सामना- उपायुक्त....

स्वच्छता के साथ सावधानी एवं सतर्कता का रखें ख्याल- उपायुक्त
गिरिडीह।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दिनांक 19.03.2020 को देश के नाम संदेश एवं गृह सचिव, भारत सरकार से प्राप्त निर्देश के आलोक में उपायुक्त के द्वारा सभी जिलावासियों से अपील करते हुए कहा है कि वे इस रविवार अर्थात 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक जनता कफ्र्यू का पालन करें और सभी अपने घरों के अंदर हीं रहने की कोशिश करें। साथ हीं दूसरों को भी ऐसा करने हेतु प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनता कफ्र्यू वास्तव में केयर फाॅर यू है, जो कि कोरोना वायरस के प्रसार पर रोकथाम लगाने हेतु आम जनता के द्वारा लोगों के हित के लिए हीं है। इसलिए हम सभी को चाहिए कि हम स्वेच्छा से इसका पालन करें एवं बिना किसी अत्यंत आवश्यक कार्य के अपने घरों से बाहर निकलने से परहेज करें।


इसके अलावे उपायुक्त द्वारा कहा गया कि बहुत से ऐसे साहसी लोग है जो कि केविड 19 नामक इस महामारी से दिन-रात लड़ रहे हैं और कोरोना वायरस से खतरे के बीच दूसरों की निःस्वार्थ सेवा कर रहें हैं। जैसे- चिकित्सक, मेडिकल कर्मी, सुरक्षा कर्मी, सरकारी सेवक, मीडिया कर्मी, एयर लाइन स्टाफ, बस, ट्रेन आॅटो ड्राईवर आदि। वैसे सभी लोग जो आम लोगों के जरूरत के समानों को हाॅम डिलिवरी के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचा रहें है। ऐसे में कोरोना वायरस के खतरे के बीच दूसरों की सेवा करने वाले इन लोगों के मनोबल वृद्धि हेतु एवं देश के प्रति इनके निःस्वार्थ सेवा-भाव के लिए इनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु माननीय प्रधानमंत्री जी के संदेशानुसार आम लोगों से अपील है कि सभी लोग 22 मार्च के शाम 5 बजे अपने घरों के बालकनी अथवा दरवाजे के समीप खड़े होकर 5 मिनट तक ताली बजाकर अथवा घंटी बजाकर करतल ध्वनि के साथ उनका आभार व्यक्त करें।

साथ हीं उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक फैलायें एवं दिनांक 22 मार्च, 2020 के शाम 5 बजे सभी शहरी स्थानीय निकाय, पंचायती राज संस्थाएं, अग्निशमन सेवाएं, पुलिस सेवा एवं सिविल डिफेन्स व अन्य औद्योगिक संस्थाएं सायरन बजाकर लोगों को इसकी सूचना देंगे। इसके अलावा उपायुक्त के द्वारा जिले के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी से अपील किया गया कि कोरोना वायरस से घबराए नहीं सभी मिलकर इसका सामना करें। कल होने वाले जनता कर्फ्यू का पालन करें एवं अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

किशनगंज:समाज सेवी संस्था राहत ने जिले में कोराना वायरस के विरुद्ध लड़ने का उठाया बीड़ा


शशि कांत झा।
किशनगंज/बिहार।जिले की बेहतरीन संस्था राहत ने केरोना वायरस से राहत के लिए ,इससे दो दो हाथ करने के लिए पूरे जिले में जागरूकता अभियान चलाकर इससे सावधान रहने के लिए लोगों को देगी जरुरी टिप्स । जागरूकता अभियान की शुरुआत किशनगंज के डी एम आदित्य प्रकाश ने आज हरी झंडी दिखा कर की ।जहाँ राहत की सचिव डा.फरजाना ने लोगों के नाम संदेश देकर इसे जिले में जन जन तक ले जाने के मुहिम की शुरुआत की ।
बताते चलें कि राहत संस्था ने इस जिले में चल रही जनोपयोगी योजनाओं के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में हमेशा से एक कदम आगे रही है ।जिसमें महिला ट्रेफिकिंग ,महिला सशक्तिकरण ,विभिन्न रोगों के पनपने से पहले इससे बचने की सावधानियां एवं जागरूकता से जुड़ी कई गतिविधियों में संस्था महत्वपूर्ण भूमिका में दिखती आ रही है ।जिससे प्रभावित होकर डा़ फरजाना को देश के अतिरिक्त विदेशों से भी आमंत्रित किया जाता रहा है ।जिसके लिए ये जिले के आलाधिकारियों सहित आमजनों और जनप्रतिनिधियों से हमेशा से पुरस्कृत होती रहीं हैं ।ऐसे में आज जब पूरा विश्व केरोना जैसे खतरनाक और जानलेवा वायरस से त्रस्त हो रहा है ।इन परिस्थितियों की परवाह किये वगैर एक महिला डा.फरजाना ने जागरूकता के लिए एक साहसी और नायाब कदम उठाया है ।जिसकी चर्चा अब जन जन में होने लगी है ।

ब्रेकिंग: केन्द्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कोरोना-वायरस के लिए जारी किया हेल्पलाइन

    *ब्रेकिंग न्यूज़*                                          *केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कोरोना-वायरस के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर:
+91-11-23978046*
न्यूज़ डेस्क।
राज्य हेल्पलाइन
आंध्र प्रदेश 0866-2410978
अरुणाचल प्रदेश 9436055743
असम 6913347770
बिहार 104
छत्तीसगढ़ 104
गोवा 104
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हिमाचल प्रदेश 104
झारखंड 104
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महाराष्ट्र 020-26127394
मणिपुर 3852411668
मेघालय 108
मिजोरम 102
नागालैंड 7005539653
ओडिशा 9439994859
पंजाब 104
राजस्थान 0141-2225624
सिक्किम 104
तमिलनाडु 044-29510500
तेलंगाना 104
त्रिपुरा 0381-2315879
उत्तराखंड 104
उत्तर प्रदेश 18001805145
पश्चिम बंगाल 3323412600

केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के हेल्पलाइन नंबर 
अंडमान और निकोबार द्वीप 03192-232102
चंडीगढ़ 9779558282
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव 104
दिल्ली 011-22307145
जम्मू और कश्मीर 01912520982, 0194-2440283
लद्दाख 01982256462
लक्षद्वीप 104
पुडुचेरी 104

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...