Sunday, April 12, 2020

BIG BREAKING : बोकारो में फिर मिले 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज, झारखंड में कुल संख्या हुई 19




संक्रमण को लेकर बोकारो से रविवार देर शाम एक बड़ी खबर आ रही है. बोकारो में आज 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई है. इन दो मरीजों के पॉजिटिव पाये जाने के बाज अब झारखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 19 हो गयी है. स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने इसकी पुष्टि की है.
इसके बाद अब झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 19 हो गयी है. नये पॉजिटिव संक्रमण में बोकारो से 2 और रांची, हजारीबाग व कोडरमा जिला के एक-एक मरीज शामिल हैं. झराखंड के कोडरमा जिले से यह कोरोना का पहला मामला सामने आया है. 
मालूम हो कि इससे पहले भी बोकारो में शुक्रवार की देर रात एक कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है. इससे पूर्व भी गुरुवार को बोकारो में चार और रांची में पांच नए मामलों की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया था. इनमें से एक मरीज की बोकारो में मौत भी हो गई थी. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है.
कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर झारखंड सरकार चिंतित है और हर जरूरी कदम उठा रही है. जांच में तेजी लाने के उद्देश्ये से सरकार रांची के इटकी में और धनबाद के पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में दो नई प्रयोगशालाएं स्थापित की है. साथ ही केंद्र सरकार से भी जरूरी उपकरण और दवाईयों की मांग की है. 
पहला केस : झारखंड में पहला केस 31 मार्च को राजधानी के हिंदपीढ़ी से सामने आया था. जहां 22 साल की मलेशियाई महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी. महिला तबलीगी जमात में शामिल होकर हिंदपीढ़ी में रह रही थी. पुलिस को मिली सूचना के बाद उसे क्वारंटाइन में भेज कर जांच कराई गई थी, जिसमें उसके पॉजिटिव होने की बात सामने आयी थी. जिसके बाद संक्रमित महिला को रिम्स  के आइसोलेशन वार्ड में इलाज के लिए भर्ती किया गया.
दूसरा केस : राज्य  में दूसरा कोरोना पॉजिटिव का मामला 2 अप्रैल को आया था. वह हजारीबाग के विष्णुगढ़ का रहनेवाला था और कुछ दिन पहले ही बंगाल के आसनसोल से विष्णुवगढ़ लौटा था.
 तीसरा केस : राज्यह में तीसरा कोरोना केस 5 अप्रैल को बोकारो से सामने आया था. वह महिला अपने परिवार के साथ बांग्लादेश से लौटी थी. जांच के बाद उसमें कोरोना की पुष्टि हुई थी. जिसके बाद पूरे परिवार को क्वाहरंटाइन में रखा गया था. वो महिला तबलीगी जमात में शामिल हुई थी.
 चौथा केस : राज्यो में चौथे कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि 6 अप्रैल को हुई थी. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी से एक 54 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उनकी कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है. वह डायलिसिस की मरीज थी और बरियातू के नेफ्रॉन क्लीननिक में डायलिसिस कराती थी. सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने नेफ्रॉन क्लीीनिक के 36 लोगों को क्वाकरंटाइन में रखा.
 वहीं नौ अप्रैल को राज्यव में एक साथ कोरोना पॉजिटिव के नौ मामले सामने आये. जिसमें रांची के हिंदपीढ़ी के पांच और बोकारो से 4 मरीज सामने आये. इनमें से बोकारो के एक कोरोना पॉजिटिव बुर्जुग मरीज की मौत हो गई।

BIG BREAKING : बोकारो में फिर मिले 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज, झारखंड में कुल संख्या हुई 19




संक्रमण को लेकर बोकारो से रविवार देर शाम एक बड़ी खबर आ रही है. बोकारो में आज 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई है. इन दो मरीजों के पॉजिटिव पाये जाने के बाज अब झारखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 19 हो गयी है. स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने इसकी पुष्टि की है.
इसके बाद अब झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 19 हो गयी है. नये पॉजिटिव संक्रमण में बोकारो से 2 और रांची, हजारीबाग व कोडरमा जिला के एक-एक मरीज शामिल हैं. झराखंड के कोडरमा जिले से यह कोरोना का पहला मामला सामने आया है. 
मालूम हो कि इससे पहले भी बोकारो में शुक्रवार की देर रात एक कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है. इससे पूर्व भी गुरुवार को बोकारो में चार और रांची में पांच नए मामलों की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया था. इनमें से एक मरीज की बोकारो में मौत भी हो गई थी. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है.
कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर झारखंड सरकार चिंतित है और हर जरूरी कदम उठा रही है. जांच में तेजी लाने के उद्देश्ये से सरकार रांची के इटकी में और धनबाद के पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में दो नई प्रयोगशालाएं स्थापित की है. साथ ही केंद्र सरकार से भी जरूरी उपकरण और दवाईयों की मांग की है. 
पहला केस : झारखंड में पहला केस 31 मार्च को राजधानी के हिंदपीढ़ी से सामने आया था. जहां 22 साल की मलेशियाई महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी. महिला तबलीगी जमात में शामिल होकर हिंदपीढ़ी में रह रही थी. पुलिस को मिली सूचना के बाद उसे क्वारंटाइन में भेज कर जांच कराई गई थी, जिसमें उसके पॉजिटिव होने की बात सामने आयी थी. जिसके बाद संक्रमित महिला को रिम्स  के आइसोलेशन वार्ड में इलाज के लिए भर्ती किया गया.
दूसरा केस : राज्य  में दूसरा कोरोना पॉजिटिव का मामला 2 अप्रैल को आया था. वह हजारीबाग के विष्णुगढ़ का रहनेवाला था और कुछ दिन पहले ही बंगाल के आसनसोल से विष्णुवगढ़ लौटा था.
 तीसरा केस : राज्यह में तीसरा कोरोना केस 5 अप्रैल को बोकारो से सामने आया था. वह महिला अपने परिवार के साथ बांग्लादेश से लौटी थी. जांच के बाद उसमें कोरोना की पुष्टि हुई थी. जिसके बाद पूरे परिवार को क्वाहरंटाइन में रखा गया था. वो महिला तबलीगी जमात में शामिल हुई थी.
 चौथा केस : राज्यो में चौथे कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि 6 अप्रैल को हुई थी. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी से एक 54 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उनकी कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है. वह डायलिसिस की मरीज थी और बरियातू के नेफ्रॉन क्लीननिक में डायलिसिस कराती थी. सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने नेफ्रॉन क्लीीनिक के 36 लोगों को क्वाकरंटाइन में रखा.
 वहीं नौ अप्रैल को राज्यव में एक साथ कोरोना पॉजिटिव के नौ मामले सामने आये. जिसमें रांची के हिंदपीढ़ी के पांच और बोकारो से 4 मरीज सामने आये. इनमें से बोकारो के एक कोरोना पॉजिटिव बुर्जुग मरीज की मौत हो गई।

हजारीबाग:लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए पुलिस ने रचा स्वांग यमराज का


*हज़ारीबाग़*--
*लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए* लोहसिंगना ने थाना ने नया हथकंडा अपनाया
हजारीबाग लोहसिगना थाना की पुलिस द्वारा लॉक डाउन को सफल बनाने को लेकर नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। रविवार को एक सिपाही को यमराज का रूप देकर शहर के कई जगह पर लोगों को जागरूक करने का काम किया गया। बताया जा रहा है कि आप हजारीबाग को जनता को ताकत से नहीं, बल्कि उन्हें यमराज का भय दिखाकर समझाने का काम कर रहै है। वही रोहित पवार ने बताया कि हजारीबाग की जनता को हर तरह से समझाया गया, पर मानने को तैयार नहीं है। वही यमराज का रूप देकर लोहसिंगना थाना क्षेत्र के कल्लू चौक के पास आने जाने वाले लोगों को यमराज का भय दिखाकर समझाया जा रहा है, कि वे लॉक डाउन का अनुपालन करें तथा अपने घरों में ही रहें।

पटना में महिला ने दिया चार बच्चे को जन्म, लॉक डाउन में दिखा अजब करिश्मा



रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित।
#पटना।बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में एक महिला ने चार बच्चों जन्म देकर कोरोना वाइरस संक्रमण के दौरान लोग एवं लोक डाउन से बंद घर में गजब दिखाया अपना करिश्मा। जहाँ
एक तरफ पूरा विश्व कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से तंग है।वहीं दूसरी ओर राजधानी पटना से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. दरअसल पटना में कुदरत का करिश्मा देखने को मिला है। लॉक डाउन में एक महिला ने जुड़वा नहीं बल्कि दो जोड़ा बच्चे को जन्म दिया है। ऐसा केस सामने आने के बाद ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर भी हैरान हैं।डॉक्टर ने कहा कि करीब 20 साल की प्रैक्टिस में पहली बार ऐसा मैंने देखा है। इससे पहले एक महिला का ऑपरेशन किया था, जिसने उसने तीन बच्चों को जन्म दिया था।

कुदरत के इस अजीब करिश्मे की घटना पटना के फुलवारीशरीफ इलाके की है।जहां समनपुरा के शकूर काॅलाेनी स्थित शफा नर्सिंग हाेम में छपरा की रहनेवाली महिला ने एक नर्सिंग होम में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। बच्चों के वजन एक किलो से डेढ़ किलो के बीच है। इनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल है।सभी नवजात और महिला पूरी तरह स्वस्थ हैं।उसका पति सउदी अरब में रहता है। एक तरफ कोरोना खौफ तो दूसरी तरफ इस संकट की घड़ी में भी कुदरत अपना करिश्मा देखने को मिली है।
नर्सिंग होम की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नुजहत रहमान और उनकी टीम ने महिला का ऑपरेशन किया और एक-एक कर सभी बच्चों को सकुशल गर्भाशय से निकाला।डॉक्टर रहमान ने बताया कि दो दिन पहले ही ये महिला मेरे नर्सिंग होम में आई थी। पहले से मुझे इसकी हिस्ट्री नहीं पता थी क्योंकि यह मेरे इलाज में नहीं थी। मैंने इसका पूरा चेकअप किया और फिर इसे भर्ती कराया गया।इसके बाद जब लगा कि ऑपरेशन कर बच्चों को निकालना होगा तो मैंने इन्हें बताया और फिर इस तरह एक साथ चार बच्चों का जन्म हुआ।

लॉकडाउन में पति-पत्नी घर में खेल रहे थे लूडो, बेईमानी के झगड़े पर दोनों पहुंचे थाने



उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में लॉकडाउन के दौरान एक अजीब मामला सामने आया। घर में टाइम पास के लिए पति-पत्नी लूडो खेल रहे थे, इसीबीच पत्नी ने पति पर बेईमानी का आरोप लगा दिया। दोनों के बीच इतना झगड़ा हुआ कि मामला थाने पहुंचा गया। हालांकि पुलिस ने दोनों को समझाकर वापस घर भेज दिया।

जानकारी के मुताबिक, मेरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में लॉकडाउन के दौरान पति पत्नी लूडो खेल रहे थे। दोनों की शादी पांच महीने पहले ही हुई है।युवक किसान है। लाॅक डाउन होने के कारण इस समय वह खेत पर नहीं जा रहा है। घर में ही रह रहा है। शुक्रवार शाम को घर में पत्नी के साथ लूडो खेल रहा था। लूडो खेलते-खेलते किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि पत्नी ने पति पर बेईमानी का आरोप लगाया। इसके बाद हंगामा शुरू हुआ। मामूली सी बात पर शुरू हुए झगड़े ने विवाद का रूप ले लिया। विवाद काफी बढ़ गया।


इसी बीच पत्नी ने 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस भी तुरंत पहुंच गई। वहां से दोनों को थाने ले आई। पूछताछ में पता चला कि इन दोनों के बीच मारपीट नहीं हुई है केवल झगड़ा हुआ है। सिपाहियों ने दोनों को किसी तरह से समझाया और वापस घर भेज दिया। थानाध्यक्ष आरके रावत ने बताया कि दोनों को समझा दिया गया है। दोनों एक साथ रहने के लिए राजी हो गए हैं। मामला केवल लूडो के खेलने के विवाद का था। अब समझौता हो गया। इस पर इन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

Saturday, April 11, 2020

लोगों से आवाहन है कि, पैनिक ना हो, किसी तरह की अफवाह न फैलाये, ना ही अफवाहों पर विश्वास करे - डीसी कोडरमा




कोडरमा// श्री रमेश घोलप, उपायुक्त, कोडरमा ने कहा कि कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती एक मरीज कोरोना पॉसिटिव पाया गया है। यह व्यक्ति गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड से है। मरीज को विशेष कोविड अस्पताल (होली फैमिली) में स्थानांतरित करते हुये इलाज शुरू कर दिया गया है। लोगों से आवाहन है की, पैनिक ना हो। किसी तरह की अफवाह न फैलाये ना ही अफवाहों पर विश्वास करे। घरों में रहे। जीवनावश्यक वस्तूओं को खरीदने का बहाना बनाकर हर दिन घर से बाहर न निकले।अपनी आदतों में परिवर्तन करते हुये दूध, सब्जी आदी के लिये 3-4 दिन में एकबार ही घर से बाहर निकले। सामाजिक अलगाव (social distancing) का पालन करे। दो व्यक्तियों में कम से कम 2 मीटर की दूरी रखे। घर में और घर से बाहर निकलते समय मास्क (घर में कपडे को 3-4 फ़ोल्ड करके बनाया हुआ भी कारगर होगा) जरूर पहने। किसी भी व्यक्ति को कोरोना के प्राथमिक लक्षण जैसे खाँसी, बुखार, साँस लेने मे तकलिफ आदी है तो जरूर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में संपर्क करे। सहिया, सेविका और सर्विलांस टीम के सदस्य आपके घर आकर जानकारी ले रहे है तो उनको सहयोग करे और सही जानकारी दे।प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। आम जनों से भी सतर्कता और सजगता अपेक्षित है।"
*-रमेश घोलप*
*उपायुक्त, कोडरमा।*

लोगों से आवाहन है की, पैनिक ना हो। किसी तरह की अफवाह न फैलाये ना ही अफवाहों पर विश्वास करे - डीसी कोडरमा




कोडरमा// श्री रमेश घोलप, उपायुक्त, कोडरमा ने  कहा कि कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती एक मरीज कोरोना पॉसिटिव पाया गया है। यह व्यक्ति गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड से है। मरीज को विशेष कोविड अस्पताल (होली फैमिली) में स्थानांतरित करते हुये इलाज शुरू कर दिया गया है। लोगों से आवाहन है की, पैनिक ना हो। किसी तरह की अफवाह न फैलाये ना ही अफवाहों पर विश्वास करे। घरों में रहे। जीवनावश्यक वस्तूओं को खरीदने का बहाना बनाकर हर दिन घर से बाहर न निकले।अपनी आदतों में परिवर्तन करते हुये दूध, सब्जी आदी के लिये 3-4 दिन में एकबार ही घर से बाहर निकले। सामाजिक अलगाव (social distancing) का पालन करे। दो व्यक्तियों में कम से कम 2 मीटर की दूरी रखे। घर में और घर से बाहर निकलते समय मास्क (घर में कपडे को 3-4 फ़ोल्ड करके बनाया हुआ भी कारगर होगा) जरूर पहने। किसी भी व्यक्ति को कोरोना के प्राथमिक लक्षण जैसे खाँसी, बुखार, साँस लेने मे तकलिफ आदी है तो जरूर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में संपर्क करे। सहिया, सेविका और सर्विलांस टीम के सदस्य आपके घर आकर जानकारी ले रहे है तो उनको सहयोग करे और सही जानकारी दे।प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। आम जनों से भी सतर्कता और सजगता अपेक्षित है।"
*-रमेश घोलप*
     *उपायुक्त, कोडरमा।*

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...