Monday, August 31, 2020

30 साल कार्य कर चुके अक्षम सरकारी कर्मी किए जाएंगे रिटायर

 सरकार ने केंद्र सरकार के उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के काम की समीक्षा करने का निर्देश दिया है जो सरकारी सेवा में 30 साल से ज़्यादा काम कर चुके हैं. कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक़ ये एक सतत प्रक्रिया जिसे फिर से अमल में लाने को कहा गया है.


कार्मिक मंत्रालय ने जारी किया सर्कुलर
कार्मिक मंत्रालय ने 28 अगस्त को अभी मंत्रालयों और विभागों को एक सर्कुलर जारी किया है. इस सर्कुलर में सरकार के उस नियम का हवाला दिया गया है जिसमें लोकहित में सरकार किसी कर्मचारी को समय से पहले ( Premature) रिटायर कर सकती है. रिटायर करने का आधार अक्षमता और भ्रष्ट आचरण को बनाया गया है. सर्कुलर में ऐसे सभी कर्मचारियों के काम की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है जो सरकारी सेवा में अपने 30 साल पूरे कर चुके हैं. इसके अलावा उन सरकारी कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है जिनकी उम्र 55 वर्ष या उससे ज़्यादा हो चुकी है.

Saturday, August 29, 2020

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MAH) ने अनलॉक 4 की गाइडलाइन जारी की



गृह मंत्रालय ने  आज नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। 1 सितंबर 2020 से लागू होने वाले अनलॉक 4 में, गतिविधियों के फिर से खोलने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। आज जारी किए गए नए दिशानिर्देश, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त फीडबैक और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के साथ व्यापक विचार-विमर्श पर आधारित हैं।



*अनलॉक -4 की खास बातें*



– 30 सितंबर तक बंद रहेंगे स्कूल और कॉलेज


– 7 सितंबर से मेट्रो सेवा शुरू करने की इजाज़त


– 100 लोगों की राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, खेलकूद और मनोरंजक सभाएं करने की अनुमति


– ओपन एयर थियेटर यानी सर्कस आदि शुरू हो सकेंगे


– 21 सितंबर से 9वीं से 12 कक्षा के बच्चे चाहें तो अध्यापक से दिशानिर्देश लेने के लिए स्कूल जा सकेंगे


– मास्टर डिग्री और पीएचडी के छात्र प्रयोगशालाओं में जा सकेंगे


21 सितंबर से शादी और अंतिम संस्कार में 100 लोग शामिल हो सकेंगे



सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क आदि बंद रहेंगे


– राज्य सरकारें अपनी तरफ से किसी तरह का लॉकडाउन नहीं घोषित कर पाएंगी। केंद्र सरकार की अनुमति जरूरी होगी।



किसी राज्य के अंदर या दूसरे राज्य से आने जाने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।


*नए दिशानिर्देशों की मुख्य विशेषताएं*


MHA के परामर्श से, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MOHUA) / रेल मंत्रालय (MOR) द्वारा श्रेणीबद्ध तरीके से 7 सितंबर 2020 से मेट्रो रेल को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। इस संबंध में, MOHUA द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी।



सामाजिक / शैक्षणिक / खेल / मनोरंजन / सांस्कृतिक / धार्मिक / राजनीतिक कार्यों और अन्य सभाओं में 21 सितंबर 2020 से 100 व्यक्तियों की छत के साथ अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इस तरह के सीमित समारोहों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क पहनने के साथ आयोजित किया जा सकता है, सामाजिक गड़बड़ी, थर्मल स्कैनिंग और हाथ धोने या सैनिटाइज़र के लिए प्रावधान।



21 सितंबर 2020 से ओपन एयर थिएटरों को खोलने की अनुमति होगी।



राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ व्यापक परामर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि 30 सितंबर 2020 तक छात्रों और नियमित कक्षा गतिविधि के लिए स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। ऑनलाइन / दूरस्थ शिक्षा की अनुमति दी जाएगी और जारी रहेगी प्रोत्साहित रहो। हालाँकि, निम्नलिखित अनुमति दी जाएगी केवल २१ सितंबर २०२० से प्रभावी होने पर, कंटेनर जोन के बाहर के क्षेत्रों में, जिसके लिए SOP स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) द्वारा जारी किया जाएगा:



राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में 50% तक शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को ऑनलाइन शिक्षण / टेली काउंसलिंग और संबंधित कार्य के लिए एक समय में स्कूलों में बुलाया जा सकता है।



कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए, स्वैच्छिक आधार पर, केवल कंटेनर जोन से बाहर के क्षेत्रों में अपने स्कूलों का दौरा करने की अनुमति दी जा सकती है। यह उनके माता-पिता / अभिभावकों की लिखित सहमति के अधीन होगा।
राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम या राज्य कौशल विकास मिशनों या भारत सरकार या राज्य सरकारों के अन्य मंत्रालयों के साथ पंजीकृत लघु प्रशिक्षण केंद्रों में कौशल या उद्यमिता प्रशिक्षण की अनुमति दी जाएगी।



राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD), भारतीय उद्यमिता संस्थान (IIE) और उनके प्रशिक्षण प्रदाताओं को भी अनुमति दी जाएगी।



उच्च शिक्षा संस्थानों में केवल अनुसंधान विद्वानों (पीएचडी) और तकनीकी और व्यावसायिक कार्यक्रमों के स्नातकोत्तर छात्रों के लिए प्रयोगशाला / प्रायोगिक कार्यों की आवश्यकता होती है। उच्च शिक्षा विभाग (डीएचई) द्वारा एमएचए के परामर्श से, स्थिति के आकलन के आधार पर, और राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में सीओवीआईडी ​​-19 की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी जाएगी।



*निम्नलिखित गतिविधियों को छोड़कर, सभी गतिविधियों को नियंत्रण क्षेत्र के बाहर अनुमति दी जाएगी:*


(i) सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर (ओपन एयर थिएटर को छोड़कर) और इसी तरह के स्थान।
(ii) MHA द्वारा अनुमति के अलावा यात्रियों की अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा।

30 सितंबर, 2020 तक कंटेनर जोन में लॉकडाउन को सख्ती से लागू किया जाएगा।

ट्रांसमिशन जोन की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ने के उद्देश्य से MoHFW के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखने के बाद जिला स्तर पर सूक्ष्म स्तर पर कंटेनर जोन का सीमांकन किया जाएगा। इन रोकथाम क्षेत्रों में सख्त रोकथाम उपायों को लागू किया जाएगा और केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।
नियंत्रण क्षेत्र के भीतर, सख्त परिधि नियंत्रण बनाए रखा जाएगा और केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।

ये कंटेनर ज़ोन संबंधित जिला कलेक्टरों की वेबसाइट पर और राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अधिसूचित किए जाएंगे और जानकारी भी MOHFW के साथ साझा की जाएगी।

राज्यों को कंटेनर ज़ोन के बाहर किसी भी स्थानीय लॉकडाउन को लागू करने के लिए नहीं
राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश सरकारें केंद्र सरकार के पूर्व परामर्श के बिना, किसी भी स्थानीय लॉकडाउन (राज्य / जिला / उप-विभाग / शहर / गाँव स्तर) को, ज़ोन के बाहर नहीं लगाएंगी।
अंतर-राज्य और अंतर-राज्य आंदोलन पर कोई प्रतिबंध नहीं

व्यक्तियों और वस्तुओं के अंतर-राज्य और अंतर-राज्य आंदोलन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस तरह के आंदोलनों के लिए अलग से अनुमति / अनुमोदन / ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी।

Tuesday, August 25, 2020

धनबाद की सास-बहू ने बना डाला गुरु-चेला मोबाइल ऐप, शिक्षित बेरोजगार को मिल रहे रोजगार




आमतौर पर आपने सास-बहू के झगड़े के किस्से ही सुने होंगे लेकिन कुछ सास-बहू ऐसी भी होती हैं जो लोगों के लिए नजीर पेश करती हैं. झारखंड से सास-बहू की ऐसी जोड़ी सामने आई है जिनमें आपसी प्रेम तो है ही, इनके बीच की कैमिस्ट्री भी गजब है. उन्होंने कोरोना काल में समय का सही इस्तेमाल करते हुए एक ऐसे ऐप का निर्माण किया, जो न सिर्फ इनके लिए बल्कि दर्जनों पढ़े-लिखे बेरोजगार व्यक्तियों के लिए वरदान साबित हो रहा है.

ये मामला देश की कोयला राजधानी धनबाद का है. जहां की रहने वाली 70 वर्षीय मनोरमा सिंह और 32 साल की उनकी बहू स्वाति कुमारी ने मिलकर एक ऐप बनाया है जिसका नाम है 'गुरु-चेला' ऐप. इस ऐप को अपने मोबाइल फोन के प्लेस्टोर से भी बड़ी ही आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है.
दरअसल, इन दोनों ने मिलकर कोरोना काल में लोगों को रोजगार देने की सोची. इसके बाद इन्होंने दो महीने पहले एक ऐप बनाया जो शिक्षक-छात्रों को एक-दूसरे से मिलाता है. दोनों ऐप पर रजिस्टर कर सकते हैं. आवश्यकता अनुसार शिक्षक ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लासेज लेने के लिए हाजिर हो जाते हैं. इससे स्कूली शिक्षा से लेकर इंजीनियरिंग, यूपीएससी, गीत, संगीत, योग, चित्रकला आदि के शिक्षक आसानी से मिल जाते हैं
इस ऐप से लोगों को मिलने वाले फायदे का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कुछ दिनों में ही इस ऐप के जरिए 40 लोगों को रोजगार भी मिल चुका है. 110 छात्र इस ऐप की बदौलत मार्गदर्शन पा रहे हैं. शिक्षित बेरोजगार आज इस ऐप के जरिए आठ हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक की कमाई कर रहे हैं.
ऐप से आईआईटी, आईएसएम, बीआइटी सिंदरी, बीएड कर चुके छात्र भी जुड़े हैं. छात्रों की काउंसलिंग के लिए सीआइएमएफआर (सेंटल माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च) के रिटायर्ड विज्ञानी डॉ. केके शर्मा भी जुड़े हैं जिससे घर बैठे ही अभिभावकों के लिए शिक्षकों की तलाश आसान हो गई है. बच्चों को भी आसानी से शिक्षक मिल रहे हैं.
इन सास-बहू का मानना है कि शिक्षितों की बेरोजगारी और बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत की खबरें परेशान करती थीं इसलिए यह ऐप बनाया है. इससे वर्ष के अंत तक 250 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है. इसमें किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जा रहा है. इस ऐप के निर्माण के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 10वीं पास सास मनोरमा सिंह और स्नातक, बीएड बहू स्वाति ने दो महीने पहले फोन के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को एक-दूसरे से जोड़ना शुरू किया था.
दिल्ली विवि से कंम्प्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे मनोरमा के नाती वत्सल सिंह को यह प्रयास अच्छा लगा. उन्होंने एक प्लेटफार्म बनाने का सुझाव दिया. उसने कहा कि ऐप बनाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सकता है. बस मनोरमा और स्वाति ने वत्सल के सहयोग से ऐप बना लिया. ऐप को सास-बहू ने खुद से संचालित करना शुरू किया. इस ऐप में गौतम बुद्ध की ध्यानमग्न मुद्रा में तस्वीर लगी हुई है. डाउनलोड करने के बाद रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसमें दो विकल्प आते हैं एक गुरु और दूसरा चेला यानी छात्र. गुरु का रजिस्ट्रेशन होने पर छात्रों की जानकारी, मोबाइल नंबर, लोकेशन मिलेगी. चेला का रजिस्ट्रेशन होने पर विषय के शिक्षकों की जानकारी मिलेगी.

Saturday, August 22, 2020

हजारीबाग:विष्णुगढ़ प्रखंड के देवी मंडप में गणेश चतुर्थी के मौके पर गणेशोत्सव शुरू



श्री प्रसाद सोनी।
हजारीबाग।विष्णुगढ़ प्रखंड में आज से गणेशोत्सव का त्यौहार मनाया जा रहा है। भगवान गणपति के मूर्ति को मंदिर में विराजमान करके डीएमटी समिति के लोगों द्वारा भगवान गणेश की पूजा पान, सुपारी, लड्डू, सिंदूर, दूर्वा आदि सामग्री के साथ की गयी। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को अत्यंत ही पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी का नाम किसी भी कार्य के लिए पहले पूज्य है। इसलिए इन्हें 'प्रथमपूज्य' भी कहते हैं। वह गणों के स्वामी हैं, इस वजह से उनका एक नाम गणपति भी है। इसके अलावा हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहते हैं। मान्यता है कि भाद्रपद की चतुर्थी को गणेश जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन गणेश चतुर्थी त्योहार मनाया जाता है।
बताते चलें कि गणपति पूजा समिति देवी मंडप विष्णुगढ़ समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया कि इस बार गणपति उत्सव धूमधाम से मेले के रूप में नहीं मनाया जाएगा। बल्कि यह त्यौहार सादगी के साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मनाया जाएगा। मौके पर डीएमटी क्लब के अध्यक्ष शंकर कुमार कसेरा,उपाध्यक्ष शेखर सुमन, पिंकू कुमार कसेरा, अनिल कसेरा,सचिव नीतीश कुमार,
कोषाध्यक्ष संदीप कुमार कसेरा,
मीडिया प्रभारी नीरज कुमार बर्मन ,बहादुर प्रसाद कसेरा,संतोष रजक, सुबोध कसेरा ,शुभम कुमार, राहुल कुमार, बुधन यादव, सुनील कसेरा एवं विभिन्न ग्रामीण लोग मौजूद थे।

Friday, August 21, 2020

गया:मोबाइल चोरी का आरोप लगा चार नाबालिग बच्चों का किया सिर मुंडन




दिनेश कुमार पंडित।
गया।
जिले में बाराचट्टी थाना क्षेत्र के महज चंद मीटर की दूरी पर स्थित तेतरिया गांव में मोबाइल चोरी के आरोप में चार नाबालिग बच्चों को फिर मुंडन किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है ।वहीं उक्त चारों आरोपियों से पांच -पॉच हजार जुर्माना के रूप में भी वसूले भी गए है। हालांकि इस मामले में स्थानीय थाना में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है ।घटना के संबंध में बताया गया है कि बीते बुधवार को गांव के रहने वाले ग्रामीण श्रवण कुमार का मोबाइल स्मार्टफोन की चोरी हो गई थी।इस दौरान उक्त मोबाइल की खोजबीन शुरू हुई तो इसी क्रम में गांव के ही 4 लोगों का नाम सामने आया जो उक्त चोरी का मोबाइल सरवॉ बाजार के एक दुकान में बेचने हेतु गया था। मोबाइल बेचे जाने की सूचना पर ग्रामीणों ने उक्त चारों नाबालिगों को दबोच लिया और दंड स्वरूप उसका सिर मुंडन कर दिया।साथ ही सभी आरोपियों से पांच -पॉच हजार जुर्माना के रूप में भी वसूले गए है ।ताज्जुब तो इस बात का है कि गांव के सटे बाराचट्टी थाना भी है लेकिन इसकी भनक तक उसे नहीं लग पाई।

Thursday, August 20, 2020

चेकिंग के दौरान एसएसपी ने मांगा विद्युतकर्मी से आईडी कार्ड तो बिजलीकर्मचारी ने शहर की लाइट कटवाकर दी अपनी पहचान





वाराणसी। वाराणसी में पुलिस चेकिंग के दौरान ऐसा वाकया हुआ, जिसे देखकर न केवल वाराणसी के एसएसपी हैरान हो गए जबकि वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मी भी दंग रह गए. अब ये किस्सा हर शहरी की जुबां पर है. दरअसल मामला वाराणसी के लंका थाना इलाके का है. यहां वाराणसी के एसएसपी अमित पाठक फोर्स के साथ चेकिंग कर रहे थे. रात में करीब 2 बज रहे थे. तभी वहां से बिजली विभाग के कर्मचारी संजय सिंह बाइक से निकला. फोर्स ने रोककर पूछताछ की तो संजय सिंह ने बताया कि वो बिजली विभाग में कार्यरत हैं. फोर्स ने पहचान पत्र मांगा तो संजय सिंह नहीं दे सके। इसी बीच पुलिसकर्मी और संजय सिंह में बहस होने लगी. मामला वहां खड़े एसएसपी के पास पहुंचा तो एसएसपी ने भी आईडी कार्ड दिखाने की बात कही. इस बात से संजय सिंह इतना तैश खा गए कि उसने कहा कि मैं अपनी पहचान अभी साबित कर देता हूं. उसके बाद जो हुआ तो सभी हैरान रह गए. संजय सिंह ने करौंदी उपकेंद्र पर फोन किया और रात दो बजकर 13 मिनट पर बिजली कटवा दी. पूरा इलाका अंधेरे में और एसएसपी समेत पूरा फोर्स स्तब्ध। 4 मिनट तक पूरा इलाका अंधेरे में रहा. इसके बाद फोन करके 2:17 पर सप्लाई चालू करा दी। एसएसपी अमित पाठक ने इसकी शिकायत पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी से की. एमडी ने अधीनस्थ अधिकारियों से जांच का आदेश दिया. जांच में आरोपी सही पाए गए. पता चला कि संजय सिंह के कहने पर करौंदी उपकेंद्र पर तैनात रामलखन से बिजली कटवा दी, जबकि लॉगबुक पर न तो बिजली काटने और जोड़ने का समय दर्ज है बल्कि कारण भी लिखा नहीं मिला. यही नहीं, बिना ब्रेकडाउन लिए बिजली सप्लाई काटी और चालू की गई. जांच के बाद दोनों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। यही नहीं दोनों के खिलाफ लंका थाने में एफआईआर दर्ज की गई. अब बिजली विभाग के एमडी ने सख्त आदेश दिया है कि बगैर लॉगबुक में दर्ज किए कोई भी कर्मचारी अगर बिजली सप्लाई बाधित करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी नौकरी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

Wednesday, August 19, 2020

एमवी राव बने रहेंगे झारखंड के डीजीपी, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका




रांची, ।झारखंड के डीजीपी कमल नयन चौबे को पद से हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया है। आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में नियुक्‍त किए गए प्रभारी डीजीपी एमवी राव पद पर बने रहेंगे। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज कर दी। बता दें कि एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

इसमें उन्‍हाेंने कहा है कि एमवी राव की नियुक्ति को गलत बताया है और केएन चौबे को पद से हटाने काे भी नियम के विरुद्ध बताया है। केएन चौबे को 9 माह के अंदर ही राज्‍य सरकार ने पद से हटा दिया था, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार डीजीपी की नियुक्ति दो साल के लिए होती है।

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी, केंद्र सरकार और झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया था।

 डीजीपी की नियुक्ति पर सरकार अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत कर रही काम

इधर, प्रभारी डीजीपी नियुक्ति के मामले में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की आपत्ति पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि यूपीएससी के सवालों का जवाब दे दिया गया है। राज्य सरकार को अब यूपीएससी के जवाब का इंतजार है। राज्य सरकार अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत कार्य करती है। इसे ही केंद्र में रखकर नियमानुसार अधिकारियों और पदाधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग की जाती है। कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से मुखातिब थे।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...