Tuesday, November 9, 2021

16 नवंबर से 28 दिसंबर तक 'आपके अधिकार - आपकी सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का आयोजन




झारखंड राज्य स्थापना दिवस को लेकर आज समाहरणालय के सभागार में डीडीसी श्री दशरथ चंद्र दास की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

झारखंड स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर शहर के प्रमुख चौक चौराहों व सर्किट हाउस से लेकर लुबी सर्कुलर रोड पर आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की जाएगी। बैंक मोड़ स्थित बिरसा मुंडा चौक पर स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।

डीडीसी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 16 नवंबर से 28 दिसंबर तक जिले में *आपके अधिकार - आपकी सरकार आपके द्वार* कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रतिदिन चार से पांच पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

शिविर में नागरिकों को राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत नया राशन कार्ड स्वीकृत करने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। अयोग्य राशन कार्ड धारियों को अपना कार्ड सरेंडर करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। राशन कार्ड में त्रुटि का सुधार और डीलर के विरुद्ध शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।

साथ ही पेंशन के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच कर उसकी स्वीकृति करके लाभान्वित को स्वीकृति पत्र उपलब्ध कराया जाएगा तथा पेंशन प्राप्त करने में आ रही समस्या का निराकरण किया जाएगा। झारखंड लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए प्राथमिकता के आधार पर जॉब कार्ड बनाना, मनरेगा के तहत नए जॉब कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त करना, मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संख्या में योजनाएं स्वीकृत करना, हड़िया बिक्री में संलग्न महिलाओं की पहचान कर उन्हें फुलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत वैकल्पिक रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि शिविर में धोती साड़ी और कंबल का वितरण किया जाएगा। असंगठित श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर निबंधन, लंबित दाखिल खारिज वादों तथा भू-मापी के लंबित मामलों का निष्पादन, निर्विवादित मामलों में लगान रसीद निर्गत करना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना एवं रोजगार सृजन योजना के आवेदन सृजित किए जाएंगे। 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि से जन उपयोगी योजनाओं की स्वीकृति, कृषि ऋण माफी तथा किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त करना, ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, कोविड वैक्सीनेशन की सुविधा सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपने-अपने विभागों की तैयारियां शुरू करने को कहा।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री दशरथ चंद्र दास, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर डॉ कुमार ताराचंद, निदेशक डीआरडीए श्री मुमताज अली, डीएफओ श्री विमल लकड़ा, निदेशक एनईपी श्रीमती इंदू रानी, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री ओम प्रकाश यादव, जिला योजना पदाधिकारी श्री महेश भगत, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री भोगेंद्र ठाकुर, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री सुशांत मुखर्जी, सिविल सर्जन डॉ एसके कांत, श्रम अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार, डीएसडब्ल्यूओ श्रीमती स्नेह कश्यप, डीपीआरओ ईशा खंडेलवाल सहित सभी विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

गिरिडीह में उसरी नदी में डूब जाने से 4 बच्चों की हुई मौत





गिरिडीह।

 गिरिडीह शहरी इलाके से दो किलोमीटर दूर मंगरोडीह गांव में मंगलवार को हुई दर्दनाक घटना में एक साथ दो परिवार के चार बच्चांे की मौत उसरी नदी में डूबने से हो गई। चारों बच्चे आपस में एक ही गोतिया के बताए जा रहे है। घटना मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे की है। जब खरना पूजा के लिए गांव की महिलाएं नदी स्नान और प्रसाद लाने गांव से आधा किलोमीटर दूर उसरी नदी गई हुई थी। इस दौरान महिलाओं के साथ गांव के मदन सिंह की 10 साल की बेटी सुहाना कुमारी, टिंकू सिंह की बेटी सोनाक्षी कुमारी, श्याम सिंह की नतिनी दीक्षा कुमारी और महेश सिंह का 12 साल का बेटा मुन्ना कुमार भी नहाने गया हुआ था। नहाने के कर्म में पांचों बच्चे नदी के गहरे पानी में चले गए।


इस दौरान महिलाएं वापस तो लौट गई। लेकिन नदी में डूबे बच्चो की कोई जानकारी परिजनों को नही मिल पाई। इस दौरान नदी से लौटे एक बच्चे ने घटना की जानकारी गांव वालों को दी। जिसके बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। जिसे जानकारी मिली वही नदी की ओर दौड़ पड़ा। नदी तट पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद पहले दो बच्चों को गहरे पानी से निकाला और शहर के नर्सिंग होम ले गए। जहां दोनांे को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं नदी में डुबे ओर दो बच्चे को भी बाहर निकाला गया। तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार गांव के ही श्याम सिंह की नतिनी दीक्षा भी पर्व मानने नाना घर आई हुई थी।


घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर एसडीपीओ अनिल सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार उसरी नदी तट पर जिस स्थान पर घटना हुई। वहां ग्रामीणों द्वार पूजा और अर्घ्य देने के लिए घाट भी तैयार किया जा रहा था।

पूर्ण श्रद्धा आस्था विश्वास शुद्धता व पवित्रता से सराबोर है महापर्व छठ पूजा,छठी मईया की जय





रांची।

मुख्यतः बिहार राज्य से प्रारंभ हुआ सूर्योपासना का यह महापर्व छठ पूजा अब सम्पूर्ण भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मनाया जाने लगा है। झारखण्ड के सभी चौबीस जिलों में यह पर्व पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
जहां बीते साल संक्रमण के दौर में इस पर्व को घरों में ही मनाने की अपील की गई थी।इस वर्ष महामारी में कमी देख यह पर्व मनाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी स्वाभाविक ही है।
 देश देशान्तर में सनातन धर्म संस्कृति के विस्तार के साथ ही साथ छठी मईया की जय जयकार चहुंओर होने लगी है।इस महापर्व के प्रति आस्था,शुद्धता,पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

 दिवाली के छठवें दिन कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को छठ पूजा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से चार दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य व उदयीमान सूर्य को अर्घ्य प्रमुख हैं।
छठ पूजा के लिए मान्यता है कि जो भी पति-पत्नी पूरे श्रद्धा भाव से छठ माता का पूजन करते हैं उनका स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है और निःसंतान दम्पत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है।  


इस साल छठ पूजा और इसका क्या महत्व है:

छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देव को समर्पित पर्व है। यह चार दिनों तक चलता है जिसमें इसका आरम्भ नहाय खाय से होता है। इस साल यह पर्व 8 नवंबर, सोमवार से आरंभ हुआ है।

नहाय खाय से छठ पूजा का प्रारंभ- 08 नवंबर 2021, सोमवार

खरना- 09 नवंबर 2021,मंगलवार

छठ पूजा संध्या अर्घ्य -10 नंवबर 2021, बुधवार

छठ पूजा समापन- 11 नवंबर 2021, गुरुवार, उगते हुए सूर्य को अर्घ्य

नहाय खाय
छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय के रूप में जाना जाता है। इस दिन पूरा परिवार एक पारंपरिक भोजन तैयार करता है और दोपहर में इसे भोग के रूप में परोसता है, इस तैयार भोजन को परिवार के सभी लोग मिल जुलकर ग्रहण करते हैं।

छठ पूजा का महत्व

छठ माता का व्रत सूर्य देव, ऊषा , प्रकृति, जल और वायु को समर्पित होता है। मान्यतानुसार इस व्रत को श्रद्धा और विश्वास से करने से निःसंतान दम्पत्तियों को भी संतान सुख की प्राप्ति होती है। बताया जाता है कि छठ व्रत अपने संतान की रक्षा और उनके उज्जवल भविष्य और जीवन में खुशहाली लाने के लिए किया जाता है। इस व्रत को श्रद्धा पूर्वक करने से संतान सुख में वृद्धि के साथ उसे प्रत्येक क्षेत्र में सफलता भी मिलती है। इस प्रकार छठ माता का व्रत भक्तों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।


छठ पूजा की कथा

प्राचीन कथा के अनुसार प्रियंवद नाम का एक राजा था और उनकी पत्नी मालिनी थीं। शादी के कई सालों बाद भी जब प्रियंवद को संतान की प्राप्ति नहीं हुई तब वह बहुत दुखी रहने लगे। उन्होंने संतान प्राप्ति के लिए महर्षि कश्यप से विचार-विमर्श कर यज्ञ करवाने का निश्चय किया। तब यज्ञ की आहुति की खीर महर्षि कश्यप ने राजा प्रियंवद की पत्नी को दी और उसी के प्रभाव से उन्हें संतान के रूप में पुत्र की प्राप्ति हुई, लेकिन वह पुत्र मरा हुआ पैदा हुआ। पुत्र वियोग में जब राजा ने अपने प्राण त्यागने का निश्चय किया तो ब्रह्मा जी की मानस पुत्री देवसेना वहां पर प्रकट हुई और उन्हें पुत्र को जीवित करने के लिए छठ व्रत करने को कहा। इस व्रत के प्रभाव से राजा प्रियंवद का पुत्र जीवित हो गया। तब से छठ पूजा बड़े ही धूमधाम से पूर्ण अस्थापूर्वक निष्ठा के साथ पूरे देश में मनाई जाती है।

इस प्रकार छठ पूजा का हिंदुओं में विशेष महत्व है और इन चार दिनों में छठ माता की पूजा विधि विधान से की जानी चाहिए।

8वीं की छात्रा ने ड्राइवर से भागकर की शादी, ससुराल पहुंची तो 8 बच्चों का निकला बाप



 गोड्डा.



8वीं क्लास की छात्रा को पड़ोस में रह रहे एक ड्राइवर से प्यार हो गया। प्यार भी इस कदर हुआ कि बिना घरवालों को बताये बिना गोड्डा के देवदाड़ की रहने वाली तरबानो खातून ने करमाटांड़ बरमुंडी के रहने वाले मुस्तकिम से जनवरी 2021 में कोर्ट मैरिज भी कर लिया। जब वह ससुराल पहुंची, तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। लड़का पहले से ही शादीशुदा था और 8 बच्चों का बाप था। तरबानो ने बताया कि स्कूल आने-जाने के दौरान ही साल भर पहले उसकी मुलाकात गोड्डा में मुस्तकिम से हुई थी। 

पंचायत में ₹50,000 देकर हुआ था तलाक 

ससुराल में बात-बात पर ही झगड़े होते थे। तीन महीने बाद बात तलाक तक पहुंच गई। । इस बात को ले दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। ₹50,000 देने की बात पर दोनों पक्षों में रजामंदी हो गई। लेकिन लड़की के पिता को पैसा नहीं मिले और फिर भी वे अपनी बेटी को अपने घर ले गए। उन्होने कहा जिंदगी तो बेकार हो ही गई, अब झगड़े का क्या फायदा।


तरबानों को प्रताड़ित करने ससुराल वालों ने कोई कसर नही छोड़ी। तरबानों का कहना है कि उसे मारा-पीटा, सिर मुंडवा दिए। दिन-रात कभी भी करेंट लगा देते, ताकि किसी तरह तड़प कर वह मर जाए। चीखती-चिल्लाती तो लोग करेंट हटा देते। तरबानो की आंखों की पुतली के बाल तक नोंच डाले। प्रताड़ना से वह इस कदर परेशान हो गई कि मौका पाकर सोमवार की सुबह दोबारा से घर से भाग निकली। किसी तरह करमाटांड़ बाजार पहुंची और यहां मौजूद कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ गई। पूछताछ के दौरान उसने सब कुछ बताया। 

फिर होने लगी बातचीत 
तरबानो ने थाने मे बताया कि मुस्तकिम अंसारी फिर से 7 महीने के बाद उसके साथ फिर बातचीत करने लगा। एक दिन वह अपनी बाइक लेकर आया और अपने साथ अच्छी तरह रखने का झांसा देकर फिर से अपने घर ले आया। उसकी सौतन और पति उसे प्रताड़ित लगे । इस संबंध में थाना प्रभारी रोशन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है।
लड़की को थाना लाया गया है। लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिक दर्ज की जाएगी। लड़की के पिता को भी इत्तला कर दिया गया है। मामले के किसी भी दोषी को बख्सा नहीं जाएगा। पीड़िता के पिता के यहां पहुंचते ही पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर देगी।

Monday, November 8, 2021

119 Padma Awards presented by President Ram Nath Kovind this year





119 Padma Awards  presented by President Ram Nath Kovind this year

The list comprises 7 Padma Vibhushan, 10 Padma Bhushan and 102 Padma Shri Awards. 29 of the awardees are women, 16 Posthumous awardees and 1 transgender awardee. 





 


  


आस्था के महापर्व छठ में कुमारधुबी के बच्चों ने किया अनोखा पहल, लोगों ने की सराहना




धनबाद।

धनबाद के कुमारधुबी बाघाकुड़ी के बच्चों ने छठ महापर्व पर  एक अनोखी पहल करते हुए अपने अपने गुल्लक में जमा की गई राशि से कद्दू खरीदकर छठ व्रतधारियों के बीच कद्दू का वितरण किया। 
जिसे देखकर लोगों ने इस पवित्र कार्य की काफी सराहना की। बच्चों ने बताया कि उन्हें अचानक मन मे ख्याल आया कि छठ महापर्व में कुछ किया जाय। वे अपने-अपने गुल्लक को तोड़कर छ: हजार रुपये निकाले। जिससे उनलोगों ने बाजार से 2 क्विंटल कद्दू खरीद कर छठ व्रतधारियों के बीच वितरण किया।इस अवसर पर बच्चों में अमन गुप्ता, गोपी य इरफान अहमद खान, बबली वर्मा, अजय सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

बैंक मैनेजर ने ही जुए में उड़ा दिए ग्राहकों के 1 करोड़, इस तरह पकड़ी गई चोरी





शिमला.

हिमाचल प्रदेश  में बैंक फ्राड का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां धोखाधड़ी करने वाला आरोपी कोई और नहीं बल्कि खुद बैंक का मैनेजर था. जो ग्राहकों के खाते से पैसे निकालकर आनलाइन जुआ खेलता था. कुल्लू के एक बैंक की दोहरानाला शाखा के मैनेजर पर हेराफेरी का आरोप लगा है. मैनेजर जुए में जीतने पर उपभोक्ता के खाते में उतनी रकम जमा करा देता था, जितनी उसने निकाली होती थी.  

ऐसे खातों पर रहती थी नजर:

मॉडस ऑपरेंडी यानी इस बैंक मैनेजर के अपराध करने के तरीके की बात करें तो ये बैंक अधिकारी उन ग्राहकों के खातों को निशाना बनाता था. जो बैंक में साल में दो-चार बार ही आते थे या फिर जिन्होंने बैंक से एसएमएस अलर्ट  की सुविधा नहीं ले रखी थी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी साल अभी तक बैंक में 35.75 लाख के गबन की बात सामने आ चुकी है.

एक करोड़ से ज्यादा का खेल:

आरोपी मैनेजर ने इस तरह करीब एक करोड़ रुपये का गड़बड़झाला किया है. बैंक फ्रॉड मामले की जांच बैंक की एक टीम कर रही है. फिलहाल आरोपी मैनेजर को सस्पेंड कर दिया गया है. इस घपले की बात सामने आने के बाद बाकी खाता धारक भी अपनी पासबुक अपडेट करवाने बैंक पहुंच रहे हैं.कहा जा रहा है कि घपले की कुल रकम का पता तब चल पाएगा जब सभी उपभोक्ताओं की पासबुक अपडेट हो जाएगी.

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...