Tuesday, February 1, 2022

केंद्रीय बजट 2022-23 एक नजर...

केंद्रीय बजट 2022-23 एक नजर 👇👇


सस्ते होंगे ये सामान
अगर बात बजट में सस्ते और महंगे सामान की करें तो विदेश से आने वाली मशीनरी सस्ती होगी और खेती के उपकरण भी सस्ते होंगे. कपड़े और चमड़े का सामान सस्ता होगा. 

हीरों के जेवर होंगे सस्ते
हीरों के जेवरात पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई और छातों पर इंपोर्ट ड्यूटी 20 फीसदी बढ़ाई गई है. इस तरह हीरे के जेवर सस्ते होंगे और विदेश से आने वाले छातों पर भी ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे.

विपक्ष बनाएगा इनकम टैक्स में राहत न मिलने को मुद्दा
विपक्ष कॉरपोरेट टैक्स और सरचार्ज में कटौती और इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं करने के विषय को मुद्दा बनाएगी. कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम 3.30 - 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

आम आदमी को राहत नहीं, इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया
आम आदमी को इस बजट में इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है और इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका साफ अर्थ है कि टैक्स के रूप में जाने वाली पूंजी पर कोई बचत नहीं मिलेगी.

 जनवरी में GST कलेक्शन रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचा
वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि जनवरी में जीएसटी कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर आया है. आर्थिक गतिविधियों में तेजी से जीएसटी कलेक्शन में महामारी के बावजूद अच्छा उछाल देखा गया है. 

एमएसएमई क्रेडिट पिछले 12 महीनों में सबसे तेजी से बढ़ा
अधिल शेट्टी, सीईओ, BankBazaar.com ने कहा ECLGS महामारी में MSMEs के लिए एक वरदान रहा है. इसकी समय सीमा बढ़ाने और आवंटन में वृद्धि एक अच्छा कदम है. अन्य क्षेत्रों की तुलना में एमएसएमई क्रेडिट पिछले 12 महीनों में सबसे तेजी से बढ़ा है.

क्रिप्टोकरेंसी से आय पर 30 फीसदी का टैक्स
वर्चुअल डिजिटल ऐसेट से आमदनी पर 30 फीसदी का टैक्स लगेगा. इसका साफ अर्थ है कि क्रिप्टोकरेंसी भी इसके दायरे में आ जाएगी और क्रिप्टोकरेंसी से आय पर 30 फीसदी का टैक्स लगेगा. 

बजट में फिनटेक और डिजिटलीकरण पर स्पष्ट जोर
अधिल शेट्टी, सीईओ, BankBazaar.com ने कहा है कि बजट में फिनटेक और डिजिटलीकरण पर स्पष्ट जोर नजर आ रहा है. डिजिटलीकरण, फिनटेक और लेनदेन की लागत कम करने पर स्पष्ट जोर है. एटीएम, नेटबैंकिंग, भुगतान एप के माध्यम से डाक बचत को अंतःप्रचालनीय बनाने से वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण लोगों को सुविधा मिलेगी. रुपे और यूपीआई के जरिए एमडीआर शुल्क में सब्सिडी देने का फैसला सकारात्मक कदम है.

 वित्त मंत्री
वित्त मंत्र निर्मला सीतारमण टैक्स से जुड़े एलान कर रही हैं और उन्होंने कहा है कि आईटीआर में गड़बड़ी को सुधार करने के लिए 2 साल का समय मिलेगा.

वित्त मंत्री के बजट भाषण की बड़ी बातें

वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन पॉलिसी को लाया जाएगा.

राज्यों को 1 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

महिलाओं के लिए पोषण 2.0 योजना की शुरुआत होगी.

60 किलोमीटर लंबे 8 रोपवे का निर्माण किया जाएगा. 

5जी स्पेक्ट्रम के लिए ब्रॉडबैंड का आवंटन जल्द किया जाएगा. 

शेयर बाजार में उछाल
शेयर बाजार में बजट के दौरान अच्छा उछाल देखा जा रहा है और सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा ऊपर चला गया है. 

ब्लॉक चेन तकनीक पर आधारित होगी डिजिटल करेंसी
वित्त मंत्री ने बताया कि आरबीआई की डिजिटल करेंसी ब्लॉक चेन तकनीक पर आधारित होगी. डिजिटल करेंसी को मजबूत करने के लिए ढांचा बढ़ाया जाएगा. 

RBI साल 2022 में डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगा
RBI साल 2022 में डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगा और इसके जरिए डिजिटल करेंसी का देश में आधिकारिक लॉन्च होगा. 


सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए बजट में जोर- वित्त मंत्री
सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए इस बजट मे 19,500 करोड़ रुपये का आवंटन बढ़ाया गया है और देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नए चार्जिंग स्टेशन्स लगाए जाएंगे. देश में सौर ऊर्जा के लिए सोलर पैनल आधारित बिजली प्रोजेक्ट्स के विकास पर जोर दिया जाएगा. 


रक्षा में अनुसंधान या रिसर्च के लिए 25 फीसदी बजट बढ़ा- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने एलान किया है कि सरकार की ओर से रक्षा में अनुसंधान या रिसर्च के लिए 25 फीसदी बजट एलोकेशन बढ़ाया जाएगा. इस बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए काफी ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि सीमाओं पर अतिरिक्त परिस्थितियां हैं.

3 करोड़ परिवारों तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचेगा.

सरकारी खरीद पेपरलेस होगी.

2022 में 5G सर्विस शुरू होगी- वित्त मंत्री

साल 2022 में 5G सर्विस शुरू की जाएगी और गांवों में ब्रॉडबैंड सर्विस मुहैया कराने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जाएगा. टेलीकॉम सेक्टर में नौकरी के नए अवसर तलाशे जाएंगे. 

इस साल से मिलेंगे ई-पासपोर्ट- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने एलान किया है कि इस साल से देश में ई-पासपोर्ट मिलने लगेंगे और उनमें चिप लगी होंगी. ई-पासपोर्ट के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा और वहां पर नई तकनीक आधारित पासपोर्ट सेवाओं को मुहैया कराने के लिए एलोकेशन किया जाएगा. 
 
साल 2022-23 में 80 लाख नए घरों का निर्माण होगा- वित्त मंत्री

साल 2022-23 में 80 लाख नए घरों का निर्माण होगा और इसके तहत 48,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाएगी. नए घरों के लिए शहरी क्षेत्रों में ज्यादा राशि आवंटित की जाएगी और ग्रामीण इलाकों के लिए आधुनिक घरों का निर्माण किया जाएगा. 


बजट की अब तक की बड़ी बातें संक्षिप्त में

केन-बेतवा प्रोजेक्ट के लिए 14,00 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. 

400 वंदे भारत ट्रेनों का उत्पादन अगले 3 साल में किया जाएगा.

पीपीपी मॉडल के जरिए रेलवे के गुड्स सेक्टर का विस्तार होगा. 

750 नई ई-लैब्स बनाई जाएंगी और इनके जरिए टेस्टिंग पर जोर होगा.

इस साल से चिप लगे पासपोर्ट आ जाएंगे.

निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर देने के लिए SEZ की जगह नया कानून लाया जाएगा.

2 लाख आंगनबाड़ी को अपग्रेड किया जाएगा.

महिलाओं के लिए 3 नई योजनाओं को शुरू किया जा रहा है.

2022 में 5G सर्विस शुरू होगी- वित्त मंत्री

साल 2022 में 5G सर्विस शुरू की जाएगी और गांवों में ब्रॉडबैंड सर्विस मुहैया कराने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जाएगा. टेलीकॉम सेक्टर में नौकरी के नए अवसर तलाशे जाएंगे. 


इस साल से मिलेंगे ई-पासपोर्ट- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने एलान किया है कि इस साल से देश में ई-पासपोर्ट मिलने लगेंगे और उनमें चिप लगी होंगी. ई-पासपोर्ट के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा और वहां पर नई तकनीक आधारित पासपोर्ट सेवाओं को मुहैया कराने के लिए एलोकेशन किया जाएगा. 


पोस्ट ऑफिस में भी अब ऑनलाइन ट्रांसफर संभव- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

पोस्ट ऑफिस में भी अब ऑनलाइन ट्रांसफर हो सकेगा और डाकघर कोर बैंकिंग सेवा के तहत आएंगे. 75 जिलों में डिजिटल बैंकिंग की शुरुआत की जाएगी. 2022 से डाकघरों में डिजिटल बैंकिंग पर कामकाज किया जाएगा. डाकघरों में ATM की सुविधा होगी. 


साल 2022-23 में 80 लाख नए घरों का निर्माण होगा- वित्त मंत्री

साल 2022-23 में 80 लाख नए घरों का निर्माण होगा और इसके तहत 48,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाएगी. नए घरों के लिए शहरी क्षेत्रों में ज्यादा राशि आवंटित की जाएगी और ग्रामीण इलाकों के लिए आधुनिक घरों का निर्माण किया जाएगा. 


बजट की अब तक की बड़ी बातें संक्षिप्त में

केन-बेतवा प्रोजेक्ट के लिए 14,00 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. 

400 वंदे भारत ट्रेनों का उत्पादन अगले 3 साल में किया जाएगा.

पीपीपी मॉडल के जरिए रेलवे के गुड्स सेक्टर का विस्तार होगा. 

750 नई ई-लैब्स बनाई जाएंगी और इनके जरिए टेस्टिंग पर जोर होगा.

इस साल से चिप लगे पासपोर्ट आ जाएंगे.


शिक्षा के क्षेत्र में वित्त मंत्री के एलान
शिक्षा के क्षेत्र की बात की जाए तो डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाई जाएंगी और स्कूलों में हर क्लास में टीवी लगाया जाएगा. युवा शक्ति को स्किल इंडिया मिशन के जरिए और स्किल्ड वर्कर बनाने पर सरकारी योजनाओं के तहत काम किया जाएगा. लोगों के लिए आजीविका के साधन बढ़ाए जा सकें इसके लिए सरकारी प्रोजेक्ट्स की संख्या बढ़ाई जाएगी. 


किसानों के जीवन की बेहतरी के लिए सरकार प्रतिबद्ध- वित्त मंत्री
किसानों के खाते में MSP के जरिए 2.37 करोड़ रुपये सरकार ने भेजे हैं और आर्गेनिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन दिया जाएगा. सरकार की ओर से रसायन और कीटनाशक मुक्त खेती का प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. 


किसानों को डिजिटल सेवाएं दी जाएंगी- वित्त मंत्री ने कहा
वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को डिजिटल सेवाएं दी जाएंगी और भारत में गरीबी मिटाने के लक्ष्य पर पुरजोर रूप से कार्य किया जाएगा. ड्रोन के जरिए कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देंगे. 100 गति शक्ति कार्गो टर्मिनट बनाए जाएंगे. 


सिंचाई-पेयजल को बढ़ाने पर जोर- वित्त मंत्री

25 हजार किलोमीटर के नेशनल हाईवे के विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा. देश में 5 बड़ी नदियों को जोड़ने के लिए जल संसाधन विकास मंत्रालय की भी मदद से कार्य किया जाएगा. देश में सिंचाई और पेयजल के लिए योजनाओं पर काम किया जा रहा है और गंगा किनारे बसे किसानों को मदद दी जाएगी.


आर्थिक विकास दर 9 फीसदी से ज्यादा रहेगी-वित्त मंत्री
वित्त वर्ष 2021-22 में देश की आर्थिक विकास दर 9.2 फीसदी रहने का अनुमान है और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार के प्रयासों का नतीजा देखने को मिल रहा है. देश में 25 हजार किलोमीटर का हाईवे विकसित होगा. देश की 5 बड़ी नदियों को जोड़ने की योजना है.

LIC का आईपीओ जल्दवित्त मंत्री

निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि एलआईसी का आईपीओ जल्द आएगा और इसके लिए जरूरी कार्यवाही का काम सुचारू रूप से चल रहा है. देश में आईटी और प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया जाएगा.

अगले 3 सालों में नई वंदे भारत ट्रेनों को लाया जाएगा
वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में 25 हजार किलोमीटर का हाईवे तैयार किया जाएगा. अगले 3 सालोमें 400 नई वंदे भारत ट्रेनों को लाया जाएगा. देश में 60 लाख नई नौकरियों का प्रबंध किया जाएगा. सरकार के पास 30 लाख अतिरिक्त नौकरी देने की क्षमता है.

Monday, January 31, 2022

बड़ी खबर: झारखंड में आपदा प्रबंधन की बैठक के बाद मिली बड़ी छूट,खुल रहे सभी कक्षाओं के स्कूल्स


झारखण्ड में लॉकडाउन में सरकार ने बड़ी राहत दे दी है।कोरोना संक्रमण के घटते मामले को लेकर 31 जनवरी सोमवार को आपदा प्रबंधन प्राधिकार की अहम बैठक हुई।इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की है। इसमें आपदा और स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद थे।बैठक में अहम फैसला लिया गया कि 17 जिले में स्कूलों के तमाम क्लास में पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी। कक्षा 1 से लेकर ऊपर के सारे क्लास चलेंगे।लेकिन 7 जिलों में पाबंदी स्कूलों में रहेगी। इन सात जिले में जमशेदपुर,सरायकेला-खरसावां,बोकारो,राँची,सिमडेगा,चतरा,देवघर जिले में कक्षा 9 से ऊपर के क्लास चलेंगे।सारे कॉलेजों को संचालित करने का आदेश दे दिया गया है।इसके अलावा सारे जिम को खोल दिये गये है।वहीं स्टेडियम में खेल तो होंगे,लेकिन दर्शकों के जाने की इजाजत नहीं होगी।रात 8 बजे के बाद की बंदिशें बरकरार रखी गयी है और रात 8 बजे के बाद बंदिशें हटाने पर अगले बैठक में निर्णय होगी। कोरोना के संक्रमण के घटते डर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।वहीं विवाह समारोह में 100 लोगो को पहले इजाजत थी,जिसको बढ़ाकर 200 लोग तय कर दिया गया है रेस्टोरेंट जैसे चल रहे थे, वैसे ही चलेंगे। जबकि स्कूल -कॉलेज हो या कोई भी जगहकोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जायेगी।•

इसके साथ ही सरकारी और निजी दफतरों में 50 प्रतिशत संख्याबल के साथ ही ऑफिस खोलने का आदेश जारी हुआ था. राज्य सरकार के द्वारा जारी वर्तमान पाबंदियां 31 जनवरी तक के लिए ही लागु थी. लेकिन कोरोना के मामलों में कमी और संक्रमण के खतरे को कम होता देख आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक कर कई तरह की पाबंदियों से राहत दी गयी है।

इन पाबंदियों से मिली राहत

-सभी कॉलेजों को खोलने का आदेश दिया गया है.

-17 जिलों में कक्षा 1 से कक्षा 12वीं तक खुलेंगी, 7 जिलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं खुलेंगी.

-राँची में कक्षा 9वीं से 12वीं तक ही ऑफलाइन माध्यम से खुलेंगी स्कूल.

-राँची, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, सिमडेगा, चतरा, देवघर, सरायकेला में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं खुलेंगी.

Sunday, January 30, 2022

बारिश की पूर्व सूचना देता है कानपुर का जगन्नाथ मंदिर




क्या आप कल्पना कर सकते हैं किसी ऐसे भवन की जिसकी छत चिलचिलाती धूप में टपकने लगे बारिश की शुरुआत होते ही जिसकी छत से पानी टपकना बंद हो जाए।
ये घटना है तो हैरान कर देने वाली लेकिन सच है उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कहे जाने वाले कानपुर जनपद के भीतरगांव विकास खंड से ठीक तीन किलोमीटर की दूरी पर एक गांव है बेहटा।
यहीं पर है धूप में छत से पानी की बूंदों के टपकने और बारिश में छत के रिसाव के बंद होने का रहस्य।

 यह घटनाक्रम किसी आम ईमारत या भवन में नहीं बल्कि यह होता है भगवान जगन्नाथ के अति प्राचीन मंदिर में
छत टपकने से हो जाती है बारिश की आहट -

ग्रामीण बताते हैं कि बारिश होने के छह-सात दिन पहले मंदिर की छत से पानी की बूंदे टपकने लगती हैं इतना ही नहीं जिस आकार की बूंदे टपकती हैं उसी आधार पर बारिश होती है
अब तो लोग मंदिर की छत टपकने के संदेश को समझकर जमीनों को जोतने के लिए निकल पड़ते हैं हैरानी में डालने वाली बात यह भी है कि जैसे ही बारिश शुरु होती है छत अंदर से पूरी तरह सूख जाती है।

वैज्ञानिक भी नहीं जान पाए रहस्य -
मंदिर की प्राचीनता व छत टपकने के रहस्य के बारे में मंदिर के पुजारी बताते हैं कि पुरातत्व विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक कई दफा आए लेकिन इसके रहस्य को नहीं जान पाए हैं अभी तक बस इतना पता चल पाया है कि मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य 11वीं सदी में किया गया था।

मंदिर की बनावट बौद्ध मठ की तरह है। इसकी दिवारें 14 फीट मोटी हैं जिससे इसके सम्राट अशोक के शासन काल में बनाए जाने के अनुमान लगाए जा रहे हैं वहीं मंदिर के बाहर मोर का निशान व चक्र बने होने से चक्रवर्ती सम्राट हर्षवर्धन के कार्यकाल में बने होने के कयास भी लगाए जाते हैं लेकिन इसके निर्माण का ठीक-ठीक अनुमान अभी नहीं लग पाया है
भगवान जगन्नाथ का यह मंदिर अति प्राचीन है मंदिर में भगवान जगन्नाथ  बलदाऊ व सुभद्रा की काले चिकने पत्थरों की मूर्तियां विराजमान हैं प्रांगण में सूर्यदेव और पद्मनाभम की मूर्तियां भी हैं जगन्नाथ पुरी की तरह यहां भी स्थानीय लोगों द्वारा भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाती है लोगों की आस्था मंदिर के साथ गहरे से जुड़ी है लोग दर्शन करने के लिए आते रहते हैं ।

Monday, December 27, 2021

नगदी 300 करोड़ रुपए तक पहुंची;एक साथ नोटों की चार गड्डियां गिनने वाली मशीन मंगाई, 100 किलो सोना चांदी भी



नगदी 300 करोड़ रुपए तक पहुंची। एक साथ नोटों की चार गड्डियां गिनने वाली मशीन मनाई, 100 किलो सोना चांदी भी 

इतनी धन दौलत के मालिक पीयूष जैन को काकादेव पुलिस थाने के फर्श पर सोना पड़ा

आखिर गुटखा कारोबारियों के नाम उजागर क्यों नहीं हो रहे हैं। 

उत्तर प्रदेश के कानपुर और कन्नौज के बहुचर्चित इत्र कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों से अब तक 300 करोड़ रुपए नगद बरामद किए जा चुके हैं। नोटों का मिलना लगातार जारी है। इसलिए अब आयकर विभाग और जीएसटी   इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने एक साथ नोटों की चार गड्डियां गिनने वाली मशीन मंगाई है। पहले एक समय में एक गड्डी की कितनी हो रही थी। इसमें समय अधिक लग रहा था। अब मशीन में चार गड्डियां एक साथ डाली जाती है। यही वजह है कि अब नगदी का आंकड़ा 300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। जानकारों के अनुसार 100 किलो सोना चांदी भी मिला है। चांदी तो बोरियों में भरी मिली है। गंभीर बात यह है कि नगदी और सोना-चांदी मिलने का सिलसिला जारी है। यह पहला अवसर है, जब किसी एक कारोबारी के ठिकानों से 300 करोड़ रुपए की नगद राशि मिली है। जीएसटी इंटेलिजेंस ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन को 26 दिसंबर को ही गिरफ्तार कर लिया था। इतनी धन दौलत के मालिक पीयूष जैन ने 26 दिसंबर की रात कानपुर के काकादेव पुलिस स्टेशन के फर्श पर गुजारी। पुलिस ने जैन को लॉकअप में रखने के बजाए थाने के इंस्पेक्टर के कक्ष में सुलाया। जमीन पर बिछाने के लिए एक दरी और ओढ़ने के लिए चद्दर दिया गया। पुलिस कर्मियों को भी इस बात पर आश्चर्य हो रहा था कि जो पीयूष जैन अपने घर में सोने चांदी के पलंग और नोटों की गड्डियों पर सोता रहा, उसे आज पुलिस थाने के फर्श पर सोना पड़ रहा है। 
गुटखा कारोबारियों की भूमिका:
जानकार सूत्रों के अनुसार पीयूष जैन किसी भी प्रकार से इत्र बनाने का काम नहीं करता है। जैन निर्माताओं से इत्र खरीदकर उत्तर प्रदेश के गुटखा कारोबारियों को सप्लाई करता है। पीयूष जैन की भूमिका गुटखा कारोबारियों और इत्र निर्माताओं के बीच दलाल की है। लेकिन निर्माताओं और गुटखा कारोबारियों का भरोसा पीयूष जैन पर है। गुटखा बनाने में इत्र के फ्रेग्रेंस की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। सुगंध से ही यह पता चलता है कि गुटखा रजनीगंधा का है या पान पराग का। पीयूष जैन शिखर गुटखा को भी उसके ग्राहकों के मिजाज के अनुरूप फ्रेग्रेंस की सप्लाई करता है। चूंकि कन्नौज में इत्र का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है और कानपुर में देश के मशहूर गुटखा कंपनियों की फैक्ट्रियां हैं, इसलिए पीयूष जैन के ठिकाने कन्नौज और कानपुर में हैं। जीएसटी इंटेलीजेंस के अधिकारी भी मानते हैं कि इतनी नगदी और सोना-चांदी अकेले पीयूष जैन की नहीं हो सकती। इसके पीछे गुटखा कारोबारियों की भूमिका है। हो सकता है कि बरामद नगदी के मालिक गुटखा कारोबारी भी हों। यहां यह उल्लेखनीय है कि गत 20 दिसंबर को जीएसटी इंटेलिजेंस की गुजरात शाखा ने एक मशहूर गुटखे के दो ट्रक अहमदाबाद में जब्त किए थे। तब यह मामला जीएसटी चोरी का था। लेकिन बाद में पीयूष जैन की भूमिका सामने आई तो  इंटेलिजेंट  ने सबसे पहले जैन के कन्नौज स्थित आवास पर जांच पड़ताल की। यह जांच पड़ताल 23 दिसंबर को शुरू हुई थी और 27 दिसंबर तक जैन के ठिकानों से नगदी मिलने का सिलसिला जारी है। अब इंटेलिजेंट के अधिकारी पीयूष जैन को रिमांड पर लेकर आगे की जांच पड़ताल करेंगे। 
S.P.MITTAL (27-12-2021)

Wednesday, December 1, 2021

अचानक जोरदार आवाज के साथ हुई मस्जिद जमींदोज ,लोगों में आक्रोश




धनबाद।
बीसीसीएल के सिजुआ एरिया 5 के अंतर्गत 22 12 बस्ती स्थित एक मस्जिद आज शाम 6:30 बजे के आसपास जमींदोज हो गया. गनीमत यही रही कि मस्जिद में 15 मिनट पहले लोग नमाज अदा कर निकले ही थे कि अचानक जोरदार आवाज के साथ मस्जिद जमींदोज हो गई . मस्जिद के जमींदोज होने से कोई हताहत नहीं हुआ है. जमींदोज होते ही आसपास के ग्रामीण मस्जिद के पास इकट्ठा हो गए एवं आउटसोर्सिंग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोग आउटसोर्सिंग बंद कराने निकल पड़े इस जोगता थाना प्रभारी चंदन कुमार की मुलाकात ग्रामीणों से हो गई जहां ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेसी नेता अशोक लाल ने जोगता थाना प्रभारी से बातचीत की. जोगता प्रभारी ने ग्रामीणों को आउटसोर्सिंग नहीं बंद कराने की अपील की . मस्जिद जमींदोज होने के बाद ग्रामीणों में भयंकर रोष देखा जा रहा है। प्रबंधन और प्रशासन ने समय रहते अगर कोई इंतजाम नहीं किया तो यहां कभी भी स्थिति विस्फोटक होने की बताई जा रही है.

Wednesday, November 24, 2021

अब तो अपने क्रिप्टो कॉइंस को जानें: सार्वजनिक(PUBLIC) बनाम निजी(PRIVATE)क्रिप्टोकरेंसी





हालांकि इनमें से कई क्रिप्टो कोइंस विभिन्न तरीकों से एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं, लेकिन ये सभी समान नहीं हैं। 
गोपनीयता के संबंध में, वे आम तौर पर दो मुख्य श्रेणियों में आते हैं: 

PUBLIC (सार्वजनिक) और PRIVATE (निजी)। 

सार्वजनिक सिक्के गुमनामी की डिग्री प्रदान करते हैं लेकिन अन्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अन्य लोग गोपनीयता को सबसे पहले रखते हैं।

गुमनामी बनाम गोपनीयता

विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी के विवरण में जाने से पहले, आइए विचार करें कि ब्लॉकचेन दुनिया में गुमनामी और गोपनीयता(security) कैसे काम करती है।


सभी ब्लॉकचेन-आधारित क्रिप्टोकरेंसी उपयोगकर्ताओं के लिए कुछ हद तक गुमनामी की पेशकश करते हैं क्योंकि वे उपयोगकर्ताओं को छद्म नामों के तहत काम करने की अनुमति देते हैं। हालांकि, गुमनामी और छद्म नाम गोपनीयता के समान नहीं हैं। बिटकॉइन लेनदेन का पता लगाया जा सकता है, जैसा कि कई अन्य सिक्कों और टोकन के लिए हो सकता है जिन्हें गोपनीयता को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया था। पते को जोड़ा जा सकता है और लेनदेन की मात्रा का भी पता लगाया जा सकता है। यदि कोई किसी पते से जुड़ी वास्तविक पहचान प्रकट कर सकता है, तो गोपनीयता पूरी तरह से विघटित हो जाती है।


दरअसल, सार्वजनिक ब्लॉकचेन की प्रकृति ही लेनदेन को ट्रेस करने योग्य बनाती है। एक खुले ब्लॉकचेन पर होने वाले सभी लेन-देन को कोई भी व्यक्ति देख सकता है जिसकी ब्लॉकचेन तक पहुंच है। जिस डिग्री से उनका पता लगाया जा सकता है वह प्रोजेक्ट टीम द्वारा नियोजित क्रिप्टोग्राफी पर निर्भर करता है। गोपनीयता पर ध्यान केंद्रित नहीं करने वाले सार्वजनिक सिक्के लिंक करने योग्य और ट्रेस करने योग्य होते हैं, जबकि गोपनीयता के सिक्के एक या दोनों विशेषताओं को तोड़ने के लिए कई तरह की चुपके रणनीति का उपयोग करते हैं।

सार्वजनिक सिक्के और उपयोगिता टोकन

सच्ची गोपनीयता उन्नत क्रिप्टोग्राफी के साथ आती है और यही कारण है कि आज उपयोग में आने वाली अधिकांश क्रिप्टोकरेंसी बुनियादी गुमनामी, या बल्कि छद्म नाम से परे कोई गोपनीयता सुविधाएँ प्रदान नहीं करती हैं। वे सार्वजनिक रूप से खुश हैं, इस अर्थ में कि उनके ब्लॉकचेन पर ट्रेस करने योग्य और लिंक करने योग्य लेनदेन उत्पाद को प्रभावित नहीं करते हैं, केवल संभवतः अंतिम उपयोगकर्ता।

लोकप्रिय सार्वजनिक क्रिप्टोकरेंसी और टोकन में शामिल हैं:

बिटकॉइन: क्रिप्टोकुरेंसी जो मानचित्र पर क्रिप्टोकुरेंसी डालता है। जबकि बिटकॉइन गुमनामी प्रदान करता है, यह सच्ची गोपनीयता के रास्ते में बहुत कुछ प्रदान नहीं करता है। लेन-देन लिंक करने योग्य और डिज़ाइन द्वारा पता लगाने योग्य होते हैं।
लिटकोइन : लिटकोइन को कुछ बिटकॉइन उपयोगकर्ताओं को अस्वीकार्य रूप से धीमी गति के प्रतिक्रिया के रूप में बनाया गया था
लेनदेन की गति और भंडारण की समस्याएं। बिटकॉइन की तुलना में, लिटकोइन लेनदेन दरों और भंडारण दक्षता में काफी सुधार प्रदान करता है। हालांकि, लिटकोइन किसी भी प्रमुख गोपनीयता सुविधाओं की पेशकश नहीं करता है जो बिटकॉइन में उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि गोपनीयता एक डिज़ाइन लक्ष्य नहीं है।
एथेरियम: एथेरियम की कल्पना वित्तीय लेनदेन से परे क्षेत्रों में ब्लॉकचेन के उपयोग का विस्तार करने के लिए की गई थी। ईथर शायद इस समय बिटकॉइन का सबसे लोकप्रिय विकल्प है, लेकिन यह इस समय कोई विशेष गोपनीयता सुविधाएँ प्रदान नहीं करता है।
रिपल: एक्सआरपी एक टोकन है जिसे रिपल एक्सचेंज पर उपयोग के लिए विकसित किया गया है, जो अन्य क्रिप्टोकरेंसी का भी समर्थन करता है। रिपल को पूर्व निर्धारित किया गया था और फिर एक्सआरपी को पदोन्नति के लिए दिया गया था, और क्योंकि रिपल को ब्लॉकचैन पर हमलों के खिलाफ लचीलापन प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, एक्सआरपी अधिक लोकप्रिय हो सकता है क्योंकि बिटकॉइन हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है। हालाँकि, हैकिंग के प्रतिरोध के अलावा, XRP कोई विशेष गोपनीयता सुविधाएँ प्रदान नहीं करता है।
निजी क्रिप्टोकरेंसी

ऊपर वर्णित परियोजनाओं के साथ, लेनदेन विवरण छुपाकर डिफ़ॉल्ट रूप से निजी होने के लिए डिज़ाइन किए गए लोकप्रिय टोकन हैं। ये क्रिप्टोकरेंसी अभी भी इस अर्थ में सार्वजनिक हैं कि उनके पास सार्वजनिक खुले बहीखाते हैं, लेकिन अंतिम उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता की रक्षा के लिए लेनदेन की जानकारी अलग-अलग डिग्री में अस्पष्ट है। यह बताना भी महत्वपूर्ण है कि गोपनीयता और गोपनीयता में अंतर होता है। हर इंसान को निजता का अधिकार है और उस अधिकार के लिए लड़ने का मतलब यह नहीं है कि आपके पास छिपाने के लिए कुछ है।

लोकप्रिय निजी क्रिप्टोकरेंसी में शामिल हैं:

मोनेरो : मोनेरो दो विशेषताओं के माध्यम से हर समय गोपनीयता प्रदान करता है: रिंग सिग्नेचर और रिंग कॉन्फिडेंशियल ट्रांजैक्शन (रिंगसीटी। रिंग सिग्नेचर लेनदेन में शामिल पार्टियों का पता लगाना मुश्किल बनाते हैं क्योंकि ट्रांजेक्शन सिग्नेचर लोगों के एक बड़े समूह द्वारा साझा किए जाते हैं; परिणामस्वरूप, विशिष्ट उपयोगकर्ताओं को लेन-देन के साथ जोड़ना बहुत मुश्किल है। रिंगसीटी (जो तकनीकी रूप से बोल रहा है, वास्तव में एक विशेष प्रकार का रिंग सिग्नेचर है, एक विशिष्ट विशेषता के बजाय लेनदेन की मात्रा को अस्पष्ट करके अतिरिक्त गोपनीयता प्रदान करता है।
पार्टिकल : पार्ट पार्टिकल द्वारा अपने गोपनीयता प्लेटफॉर्म और विकेन्द्रीकृत मार्केटप्लेस पर उपयोग के लिए बनाया गया एक टोकन है (जो कई लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का भी समर्थन करता है। पार्टिकल अत्यंत मजबूत गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए एक उपयोगिता टोकन है। बिटकॉइन के नवीनतम संस्करण पर निर्मित, पार्टिकल प्रोटोकॉल को बढ़ाता है। गोपनीय लेनदेन के साथ (सीटी और रिंगसीटी। मोनेरो की तरह, लेन-देन अप्राप्य हैं और राशियां अनलिंक करने योग्य हैं। हालांकि, मोनेरो के विपरीत, पार्टिकल उपयोगकर्ता को गोपनीयता नियंत्रण वापस देता है। पार्ट टोकन गोपनीयता सुरक्षा की कई परतें प्रदान करता है क्योंकि यह जनता के बीच निर्बाध रूप से स्विच कर सकता है। और निजी जबकि मालिक का नियंत्रण कभी नहीं छोड़ते और कभी भी गोपनीयता के अपने अधिकार से समझौता नहीं करते।
डैश: उभरने वाली पहली गोपनीयता-केंद्रित क्रिप्टोकरेंसी में से एक, डैश (पूर्व में डार्ककोइन सिक्का मिश्रण नामक तकनीक के माध्यम से लेनदेन को रोकने का प्रयास करता है। सिक्का मिश्रण एक तृतीय-पक्ष तकनीक है जिसे वैकल्पिक रूप से बिटकॉइन सहित सार्वजनिक क्रिप्टोकरेंसी के साथ उपयोग किया जा सकता है। कुछ गोपनीयता जोड़ें, लेकिन डैश डिफ़ॉल्ट रूप से मिश्रण को शामिल करता है। गोपनीयता के दृष्टिकोण से डैश की प्रमुख आलोचना यह है कि यह "मास्टरनोड्स" पर निर्भर करता है, जो कि उन्नत क्रिप्टोग्राफी नहीं है, बल्कि तृतीय-पक्ष मिक्सर है। यदि आप मास्टर्नोड ऑपरेटरों पर भरोसा नहीं करते हैं या कई केंद्रीय सर्वर रहते हैं, डैश की गोपनीयता में आत्मविश्वास महसूस करना मुश्किल है।
Zcash : Zcash की गोपनीयता रणनीति है
है, लेन-देन इतिहास - सिक्कों का जब भी कोई लेन-देन होता है। मोनेरो और पार्टिकल की तरह, लेन-देन के इतिहास को अस्पष्ट करके, Zcash लेनदेन का पता लगाना असंभव बना देता है। ZEC अपने सिक्कों को निजी बनाने के लिए zk-SNARKs नामक एक उन्नत क्रिप्टोग्राफ़िक तकनीक का उपयोग करता है। और पार्टिकल की तरह, ज़कैश मुद्रा से परे अपनी गोपनीयता के लिए उपयोग विकसित कर रहा है।
हालांकि क्रिप्टोकाउंक्शंस अक्सर लोकप्रिय कल्पना में गोपनीयता के साथ जुड़े होते हैं, वास्तव में, अधिकांश क्रिप्टोकाउंक्शंस केवल छद्म नाम के बुनियादी स्तर प्रदान करते हैं। अनिवार्य रूप से, बिटकॉइन जैसे क्रिप्टो-कॉइन उसी स्तर की गोपनीयता प्रदान करते हैं जो आपको मिलती है यदि आप किसी स्टोर में नकदी का उपयोग करके कुछ खरीदते हैं जहां कोई आपको नहीं पहचानता है। इस परिदृश्य में, आपके लेन-देन गुमनाम हैं, लेकिन लेन-देन की मात्रा का आसानी से पता लगाया जा सकता है। और अगर कोई आपकी पहचान निर्धारित करने में सक्षम है, तो सारी गोपनीयता जल्दी से लुप्त हो जाती है।
हालाँकि, कुछ मुट्ठी भर क्रिप्टोकरेंसी, जैसे कि पार्टिकल, एक अलग श्रेणी में आते हैं। सच्ची गोपनीयता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है न कि केवल गुमनामी प्रदान करने के लिए, उनमें विशेष सुविधाएँ शामिल हैं जो उपयोगकर्ताओं की पहचान का पता लगाना और कुछ सिक्कों के लिए, लेनदेन की मात्रा को प्रभावी रूप से असंभव बनाती हैं। जबकि इनमें से कुछ निजी क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेड-ऑफ (जैसे डैश के मामले में मास्टर्नोड्स) हैं जो उन्हें गोपनीयता के दृष्टिकोण से कम आकर्षक बनाते हैं, अन्य पूरी तरह से विकेन्द्रीकृत तरीके से गोपनीयता प्राप्त करते हैं।
(Tahaleka live doesn't take responsibility of the market speculation.Beware in investment on your own risks.)

Sunday, November 21, 2021

मैट्रिक और इंटर परीक्षा की तारीख़ का हुआ ऐलान, 1 से 14 फरवरी तक होंगी परीक्षाएं, यहां देखें डिटेल

*मैट्रिक और इंटर परीक्षा की तारीख़ का हुआ ऐलान, 1 से 14 फरवरी तक होंगी परीक्षाएं, यहां देखें डिटेल*

*पहली पाली 9:30 से शुरू होगी और दोपहर 12:45 बजे समाप्त होगी*


*पटना: मैट्रिक और इंटर की परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है*।


 
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर की परीक्षा मैट्रिक परीक्षा से पहले लेने का फैसला लिया है। इसके लिए परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया गया है।

केएन इंटर कॉलेज कुर्साकांटा के प्राचार्य प्रो. गोलोक नाथ झा ने बताया कि इंटर की वार्षिक परीक्षा एक फरवरी से 14 फरवरी तक होगी, जबकि मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से 24 फरवरी तक होगी।

वहीं इंटर 12 वीं का प्रैक्टिकल परीक्षाएं 10 जनवरी से 20 जनवरी तक होगी।


 
मैट्रिक और इंटर परीक्षा की तारीख़ का हुआ ऐलान, 1 से 14 फरवरी तक होंगी परीक्षाएं, यहां देखें डिटेल:

मैट्रिक का प्रैक्टिकल परीक्षाएं 20 से 22 जनवरी तक होगी। प्राचार्य ने बताया कि मैट्रिक व इंटर की परीक्षाएं दोनों पाली में होगी। पहली पाली 9:30 से शुरू होगी और दोपहर 12:45 बजे समाप्त होगी।

वहीं दूसरी पाली दोपहर 1:45 से शाम 5 बजे तक होगी। पेपर तीन घंटे की होगी।

विद्यार्थी को 15 मिनट का अतिरिक्त कुल ऑफ टाइम दिया जाएगा। कूल ऑफ टाइम के दौरान विद्यार्थी पेपर को पढ़कर विश्लेषण और उत्तर की योजना बना सकते हैं, लेकिन उत्तर लिखने की अनुमति नहीं होगी।

 
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2022 डेटशीट ( Bihar Board Matic Exam Date Sheet 2022 )

17 फरवरी – गणित
18 फरवरी – विज्ञान
19 फरवरी – सामाजिक विज्ञान
21 फरवरी – अंग्रेजी
22 फरवरी – मातृभाषा (हिन्दी, बांग्ला, उर्दू, मैथिली)
23 फरवरी – द्वितीय भारतीय भाषा (हिन्दी भाषियों के लिए संस्कृत, अरबी, फारसी, भोजपुरी में से कोई एक भाषा तथा अहिन्दी भाषियों के लिए राष्ट्रभाषा हिन्दी)
24 फरवरी – ऐच्छिक विषय (उच्च गणित, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, फारसी, संस्क-त, अरबी, मैथिली, ललित कला, गृह विज्ञान, नृत्य, संगीत). .

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...