Saturday, March 30, 2019

असलहे के साथ दो युवक गिरफ्तार , रामगढ़ में हुए लूटकांड में थी तलाश

दो युवक हथियार सहित गया 

गया जेल


रामगढ़ में लूट कांड को अंजाम देने वाला तो अपराधी शहर से फरार


तीन हथियार बरामद पुलिस कर रही है पूछताछ

हजारीबाग सदर पुलिस ने शुक्रवार को 4:00 बजे सुबह में 2 अपराधी को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है जिसके पास से तीन घातक हथियार भी बरामद किया गया है इसकी जानकारी सदर थाना में प्रेस वार्ता में सदर डीएसपी ने बताया कि पकड़े गए अपराधी  सोनू कुरैसी उर्फ इमरोज कुरैशी उर्फ सोनू चेगडी नसीम कुरैशी जमा मस्जिद दानिश मलिक उर्फ जांजी और पिता मोमिन शाम शमसामुल  को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तार किया है ၊ पकड़े गए आरोपी के पास से एक देसी कट्टा, दो सिक्सर  सहित 20 गोली, दो मैगजीन जब्त किया है ၊ डीएसपी ने बताया कि रामगढ़ में हुई लूटपाट की घटना में इनका नाम आया है, जिसको लेकर हजारीबाग एवं रामगढ़ की पुलिस को उनकी तलाश थी ၊ जैसे ही लूट कांड में इनके नाम आने की जानकारी मिली सदर पुलिस सक्रिय होकर जमा मस्जिद के पास पहुँची ၊  जब पुलिस को जानकारी मिली इस उक्त दोनों युवक के साथ कुछ और लोग शहर में सारे आम हथियार लहरा रहे थे ၊ पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए दोनों युवक को 3:00 बजे सुबह की गुपचुप तरीके से झंडा चौक से पचमढ़ी चौक तक के इलाके को सील कर दिया तभी 4:00 बजे भोर में तीन अपराधी मोहल्ले में हथियार चमकाते हुए ठगने की कोशिश किया और दोनो अपराधियों को पुलिस ने पकड़ लिया ၊ जबकि एक फरार हो गया जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है ၊ डीएसपी ने बताया कि और भी हथियार होने की संभावना है, अभी जांच चल रही है ၊उसके हथियार हासिल करने का सुराग अगले अपराधी योजना और उनके गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकाने की खोज की जा रही है ၊

Mumbai Crime: A Woman and 3 men held in minor's gangrape at Malad


Mumbai.

The accused were identified as Rahul More, 18, Mohammed Salim Shaikh, 27, and Vijay Gaikwad, 30. They are drivers and labourers

The Kurar police on Thursday arrested a woman and three men in connection with the gangrape of a 13-year-old girl on Tuesday. One of the accused, Yogesh Shirsath, 19, and a minor, had earlier been caught by the police, who suspected that four of the six accused were minors. However, they found that there was only one minor, who was a friend of the girl.

Police said the woman, 20, had lured the survivor on the pretext of giving her a taste of ganja, to the Lahugarh Damunagar jungle near the national park, where the other five accused including the minor boy were having a party. Police said the girl got intoxicated with the ganja, after which they raped her in turns.

The accused were identified as Rahul More, 18, Mohammed Salim Shaikh, 27, and Vijay Gaikwad, 30. They are drivers and labourers. The police did not reveal the name of the woman, who works as a maid. All are residents of Kandivli. Sources said the girl knew the accused. The five accused were produced before the Dindoshi Sessions Court and remanded in police custody till April 4, a police officer said.

The minor accused has been sent to a correction home. The incident was reported to Samtanagar police by the survivor's parents on Wednesday night, after which they lodged the FIR and caught the two accused, including the minor, who is around 15-year-old. They transferred the case and handed the accused to the Kurar police.

पहले प्रेमजाल में फंसाया फिर मुंबई ले जाकर बेच दिया, भागकर युवती मुंबई से रांची पहुँची

झारखंड के बोकारो की रहने वाली युवती को उसने पहले प्यार के जाल में फंसाया। शादी की और फिर हसीन सपने दिखाते हुए उसे मायानगरी मुंबई ले गया। वहां पत्नी को किसी व्यक्ति के हाथों बेच दिया। नौ महीने तक युवती से दुष्कर्म होता रहा। इस दौरान उसे बंधक बनाकर रखा गया। उसे प्रताडि़त किया जाता रहा। बड़ी मुश्किल से उसने हिम्मत जुटाई और मुंबई से भागकर रांची पहुंची है। यहां उसने पुलिस को अपनी आपबीती बताते हुए सारी जानकारी दी।


युवती का पति मुश्ताक अंसारी जिस पर उसे बेचने का आरोप लगा है गिरिडीह का रहनेवाला है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पहले रांची स्थित महिला थाना, उसके बाद युवती को कांके स्थित नारी निकेतन में रखवाया गया है। शुक्रवार को कोतवाली थाना स्थित एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) थाने में मामला दर्ज किया गया है।

झांसा देकर मुंबई ले गया : युवती ने पुलिस को बताया कि उसे प्यार के जाल में फांसकर गिरिडीह के निमियाघाट निवासी मुश्ताक अंसारी (45) ने भगाकर शादी रचा ली। मुश्ताक पहले से शादीशुदा था। शादी के बाद वह घर ले गया। कुछ ही समय बाद उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। फिर दोबारा उसे अपने साथ रखने का झांसा दिया और सीधे मुंबई ले गया। इसके बाद वहां किसी व्यक्ति को बेच दिया।

एक कमरे में उसे बंधक बनाकर रखा गया। हर दिन शराब के नशे में उसके साथ दुष्कर्म किया जाता रहा। करीब नौ महीने तक बंधक बनी रही। एक दिन बंधक रखने वाला व्यक्ति जब नशे में धुत था तो तड़के तीन बजे खिड़की तोड़कर भाग निकली। वह किसी तरह रांची पहुंची। पहले हटिया जीआरपी पहुंची और आपबीती सुनाई। फिर वहां से महिला थाना भेजा गया। इधर एएचटीयू थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल ने बताया कि पूरा मामला गिरिडीह के निमियाघाट थाने से जुड़ा है। युवती के आवेदन पर जीरो एफआइआर कर निमियाघाट थाने भेज दिया गया है। 

 ऑटो चालकों ने  भी भरमाया :                             युवती ने बताया कि जब बंधक बने व्यक्ति के पास से भागी तो ऑटो चालक ने गलत निगाह डाली। जब युवती को समझ आ गया, तो बोली कि मैं पुलिस को कॉल कर चुकी हूं। इसलिए मुझे रेलवे स्टेशन ही पहुंचाओ। इसके बाद स्टेशन पहुंची। वह ट्रेन पर बैठी तो चेन्नई पहुंच गई। वहां किसी जीआरपी थाना पहुंची और पूरी बात बताई, तो उसे रांची के लिए ट्रेन में बैठा दिया गया।

निमियाघाट पुलिस को दे चुकी थी सूचना :         युवती का कहना था कि उसने खुद को बेचे जाने की जानकारी गिरिडीह के निमियाघाट थानेदार को दी थी। निमियाघाट के थानेदार का नाम वह नहीं जानती।

बीजेपी के खिलाफ 100 फिल्ममेकर्स का सेव डेमोक्रेसी कैंपेन, स्टेटमेंट में लिखा BJP को वापस न आने दें

पूरा देश इन दिनों लोकसभा चुनाव के रंग में डूबा हुआ है. ऐसे में जहां कई सितारे अलग अलग पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं वहीं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े करीब 100 लोगों ने वोटर्स से इ चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देने अपील की है ၊लोकसभा चुनाव से ठीक पहले करीब 100 फिल्म मेकर्स ने बयान जारी कर लोगों से अपील की है कि लोकतंत्र बचाने के लिए बीजेपी को सत्ता से दूर रखें. जिन लोगों ने ये स्टेटमेंट जारी किया है, उसमें डाक्यूमेंट्री मेकर आनंद पटवर्धन, नेशनल अवॉर्ड विनर वेटरी मारन जिन्होंने हाल ही में धनुष की फिल्म ‘वड़ा चेन्नई’ का डायरेक्शन किया था. इसके अलावा देवाशीष मखीजा, पुष्पेंद्र सिंह, सनल कुमार ससीधरन और कबीर सिंह चौधरी जैसे कई नाम शामिल हैं.

हमारा देश इस वक्त कई चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे वक्त में हम सब को साथ मिलकर काम करने की जरुरत है. आप सब जानते हैं कि 2014 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद चीजें बदलने लगीं. देश को धर्म के नाम पर बांटा जाने लगा. बीजेपी और उसके सहयोगी चुनाव में किए वादे को पूरा नहीं कर पाए.  मॉब लिचिंग और गाय के नाम हत्या देश में होने लगी. 

स्टेमेंट के अंत में लिखा है कि हम आप सभी से अपील करते हैं कि इस अपनी शक्ति का इस्तेमाल करें और हानिकारक शासन को दोबारा सत्ता में आने से रोकें. आप अपने जनादेश का इस्तेमाल ऐसी सरकार बनाने में करें जो देश के संविधान को बचाने का काम करे. जो आपके अभिव्यक्ति के आजादी की रक्षा करे.



पत्नी को गुजारा भत्ता देने पर कोर्ट में बोला पति- राहुल गांधी देंगे तो दूंगा

मध्यप्रदेश के इंदौर में पारिवारिक  अदालत में एक ऐसा मामला आया जिसने सभी को मुस्कुराने की वजह दे दी। यहां एक पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है। 12 मार्च को अदालत ने इंदौर के सुखलिया के रहने वाले आनंद शर्मा को अपनी पत्नी दीपमाला को हर महीने साढ़े चार हजार रुपये भरण-पोषण के लिए देने का आदेश दिया था लेकिन वह अपनी पत्नी को रकम नहीं दे रहे थे।

इस मामले पर जब  अदालत में सुनवाई हुई तो शर्मा ने कहा कि वह बेरोजगार हैं। वह प्रतिमाह पत्नी को भरण-पोषण का खर्च नहीं दे सकते हैं। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने अपने घोषणापत्र में यह एलान किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में यदि उनकी सरकार बनी तो वह बेरोजगारों के खाते में हर महीने छह हजार रुपये देंगे।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं अपने पूरे होशोहवास में यह लिखकर देता हूं कि राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जो भी राशि मुझे मिलेगी उसमें से प्रतिमाह साढ़े चार हजार रुपये पत्नी को दे दूंगा। यदि अदालत चाहे तो वह बेरोजगारी भत्ते की राशि में से पत्नी के भरण-पोषण की रकम सीधे उसके खाते में जमा करने का आदेश दे सकती है।'

अदालत ने शर्मा के बयान को अपने रिकॉर्ड में ले लिया है। इसपर 29 अप्रैल को बहस होगी। अदालत ने 12 मार्च को हुई सुनवाई में शर्मा को आदेश दिया था कि वह पत्नी के भरण-पोषण के लिए हर महीने तीन हजार रुपये और 12 साल की बेटी आर्या के लिए डेढ़ हजार रुपये दें।

प्रधान न्यायाधीश के सामने आवेदन देते हुए आनंद ने कहा कि उनका इरादा न्यायालय की अवमानना करना नहीं है लेकिन बेरोजगार होने की वजह से वह भरण-पोषण की राशि देने में असमर्थ हैं। आनंद और दीपमाला की शादी साल 2006 में हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों में विवाद शुरू हो गया था। जिस कारण पत्नी ने उनपर मामला दर्ज किया हुआ है।✍🏽

शत्रुघ्न सिन्हा बिहार की पटना साहिब सीट का 10 साल तक प्रतिनिधित्व कर चुके हैं

अभिनेता से नेता बने एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा इन दिनों अपनी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में छाये हुए हैं। खबरों की मानें तो वह जल्द ही कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन कर सकते हैं। बीजेपी के बागी नेताओं की लिस्ट में रहे शत्रुघ्न सिन्हा बिहार की पटना साहिब सीट का 10 साल तक प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 


कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन करने से पहले एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी को छोड़ने पर अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने ट्विटर पर बीजेपी के खिलाफ ट्वीट करते हुए लिखा- 'बीजेपी से निकलना उनके लिए सबसे ज्यादा दुख भरा था, लेकिन मेरे प्रिय दोस्त लालू यादव के आकर्षक और गतिशील नेतृत्व में उम्मीद है कि सब कुछ अच्छी दिशा में होगा,वहीं नेहरू गांधी परिवार से नेता के बारे में भी सबसे ज्यादा बात की ... राष्ट्र निर्माण करने वालों का सच्चा परिवार ...'


शत्रुघ्न सिन्हा के फैंस और समर्थक उनके इस ट्वीट पर लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर बॉलीवुड अभिनेता और बीजेपी के शत्रु बन चुके शत्रुघ्न सिन्हा अब कांग्रेस का दामन थामने वाले हैं। लंबे समय से भाजपा के स्टार प्रचारक और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रह चुके शत्रुघ्न का काफी समय से राजद-कांग्रेस से दोस्ताना बढ़ता दिख रहा था।


 भाजपा के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का कांग्रेस में शामिल होना फिलहाल टल गया है। वह गुरुवार को कांग्रेस में शामिल होने वाले थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। खबर आ रही है कि वह 6 अप्रैल को कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। वहीं, तमाम कयासों के बीच हाल ही में सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की।


 मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो शत्रुघ्न सिन्हा इस बार महागठबंधन से भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा में शत्रुघ्न सिन्हा लालकृष्ण आडवाणी के करीबी माने जाते रहे। शत्रुघ्न सिन्हा का राजनीतिक सफर साल 1992 में शुरू हुआ। जब वह नई दिल्ली सीट से कांग्रेस के राजेश खन्ना के खिलाफ खड़े हुए। हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा चुनाव हार गए लेकिन पार्टी में उनकी जगह समय के साथ खास होती चली गई।


शत्रुघ्न सिन्हा 1996-2008 तक दो बार राज्यसभा सांसद रहे। अटल जी की सरकार ने 2003 में जब मंत्रिमंडल विस्तार किया तो शत्रुघ्न सिन्हा को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और जहाजरानी मंत्री बनाया। साल 2009 में पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा ने पहली बार चुनाव जीता। साल 2014 में भी शत्रुघ्न सिन्हा ने 55 फीसद वोट पाकर जीत दर्ज तो की लेकिन मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से वह भाजपा से नाराज हो गए और तब से लेकर आज तक नाराज शत्रुघ्न सिन्हा पार्टी के खिलाफ लगातार बयानबाजी करते रहे हैं।

उइगर मुस्लिमों पर चीन का दोहरा रवैया, अखबार ने कहा - लीबिया बनने से रोकने को यह अभियान जरूरी

चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ हो रहे अन्याय पर बीजिंग का दोमुंहा रवैया सामने आया है। चीन सरकार ने जहां उइगर मुस्लिमों के साथ भेदभावपूर्ण नीति से संबंधित रिपोर्ट को नकारा है, वहीं दूसरी ओर उसके सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने इस नीति को जरूरी करार देते हुए सफाई पेश की है। 


 चीन के इस दोहरे रवैये से साफ है कि इस कम्युनिस्ट देश में मुस्लिमों के खिलाफ जबर्दस्त अभियान चलाया जा रहा है। चीनी सरकार ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र की उस रिपोर्ट को नकार दिया, जिसमें कहा गया है कि चीन में करीब 10 लाख उइगर मुस्लिमों को शिविरों में कैद कर के रखा गया है और उनको विचारधारा बदलने का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। 


एक चीनी अधिकारी ने जिनीवा में इस आरोप पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति को जवाब में कहा, चीन के झिंजियांग प्रांत में सुरक्षा उपायों के तहत कुछ कदम उठाए गए हैं, लेकिन किसी भी विशेष जाति को लक्षित या किसी की धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया गया है। चीन के यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट के निदेशक मा यूकिंग ने कहा,  झिंजियांग के रहने वाले सभी लोगों को समान स्वतंत्रता और अधिकार हैं।


यह कदम बेहद जरूरी: ग्लोबल टाइम्स

ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ दबाव की नीति का समर्थन किया और लिखा, झिंझियांग प्रांत को चीन का सीरिया या चीन का लीबिया बनाने से रोकने के लिए यह अभियान बेहद जरूरी है। संपादकीय के मुताबिक, यह शांति और समृद्धि के पुनर्निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। 


संपादकीय में उन घटनाओं का जिक्र है, जिनके पीछे उिइगर व कजाख मुस्लिमों का हाथ होने की आशंका जताई गई है। संपादकीय में मुस्लिमों के लिए अलगाववादी और कट्टरपंथी शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। 

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...