Monday, November 13, 2023

ये कैसी दिवाली भाय.....

.                 *आज की हकीकत* 
         *🪔दीपावली🪔 की दुविधा*
सुबह से संदेश तो बहुत आये, लेकिन मेहमान कोई नहीं आया। सोचता हूँ ड्राइंग रूम से सोफा हटा दूं या ड्राइंग रूम का कांसेप्ट बदलकर वहां स्टडी रूम बना दूं। दो दिन से व्हाट्स एप और एफ बी के मेसेंजर पर मेसेज खोलते, स्क्रॉल करते और फिर जवाब के लिए टाइप करते करते दाहिने हाथ के अंगूठे में दर्द होने लगा है। संदेश आते जा रहे हैं। बधाईयों का तांता है। लेकिन मेहमान नदारद हैं।

*ये है आज के दौर की 🪔दीपावली...🪔*

मित्रों, घर के आसपास के पड़ोसियों को अगर छोड़ दें, तो त्यौहार पर मिलने जुलने का रिवाज़ खत्म हो चला है। पैसे वाले दोस्त और अमीर किस्म के रिश्तेदार मिठाई या गिफ्ट तो भिजवाते है, लेकिन घर पर बेल ड्राईवर बजाता है। वो खुद नही आते।

दरअसल घर अब घर नहीं रहा। ऑफिस के वर्क स्टेशन की तरह घर एक स्लीप स्टेशन है। हर दिन का एक रिटायरिंग बेस। आराम करिए, फ्रेश हो जाईये। घर अब सिर्फ घरवालों का है। घर का समाज से कोई संपर्क नहीं है। मेट्रो युग में समाज और घर के बीच तार शायद टूट चुके हैं। हमे स्वीकार करना होगा कि ये बचपन वाला घर अब नहीं रहा। अब घर और समाज के बीच में एक बड़ा फासला सा है।

वैसे भी शादी अब मेरिज हाल में होती है। बर्थडे मैक डोनाल्ड या पिज़्ज़ा हट में मनाया जाता है। बीमारी में नर्सिंग होम में खैरियत पूछी जाती है और अंतिम आयोजन के लिए सीधे लोग घाट पहुँच जाते हैं।

सच तो ये है कि जब से डेबिट कार्ड और एटीएम आ गये है तब से मेहमान क्या ...चोर भी घर नहीं आते।

मैं सोचता हूँ कि चोर आया तो क्या ले जायेगा... फ्रिज, सोफा, पलंग, लैप टॉप, टीवी...!! कितने में बेचेगा इन्हें चोर? अरे री-सेल तो olx ने चौपट कर दी है। चोर को बचेगा क्या? वैसे भी अब कैश तो एटीएम में है इसीलिए होम डेलिवरी वाला भी पिज़ा के साथ डेबिट मशीन साथ लाता है।

सच तो ये है कि अब सवाल सिर्फ घर के आर्किटेक्ट को लेकर ही बचा है।

जी हाँ... क्या घर के नक़्शे से ड्राइंग रूम का कांसेप्ट खत्म कर देना चाहिये?

अगली 🪔दीपावली🪔 जरा इस सवाल पर गौर करियेगा। नहीं तो एक दोस्त के घर हो आइयेगा...  शायद आपके घर भी कोई आने लगेगा।

*✍️✍️🪔शुभ दीपावली🪔🙏🙏🙏*

Sunday, November 12, 2023

दीपावली विशेष: आज के दिन सभी चाहते हैं कि लक्ष्मी जी को प्रसन्न करें...

दीपावली स्पेशल
दीपावली में हर व्यक्ति चाहता है की लक्ष्मी उस पर प्रसन्न हो लक्ष्मी देवी को प्रसन्न करने और दीवाली पर धन पाने के कुछ उपाय आप सभी के लिए:

(1)- दीपावली पूजन में 11 कोड़ियां, 21 कमलगट्टा, 25 ग्राम पीली सरसों लक्ष्मीजी को चढ़ाएं (एक प्लेट में रखकर अर्पण करें)। अगले दिन तीनों चीजें लाल या पीले कपड़े में बांधकर तिजौरी में या जहां पैसा रखते हों वहां, रख दें।

(2)- दीपावली के दिन अशोक वृक्ष की जड़ का पूजन करने से घर में धन-संपत्ति की वृद्धि होती है।

(3)- दीपावली के दिन पानी का नया घड़ा लाकर पानी भरकर रसोई में कपड़े से ढंककर रखने से घर में बरक्कत और खुशहाली बनी रहती है।

(4)- दीपावली के पूजन के बाद शंख और डमरू बजाने से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहता है ।

(5)- दीपावली के दिन पति-पत्नी सुबह लक्ष्मी-नारायण विष्णु मंदिर जाएं और एक साथ लक्ष्मी-नारायणजी को वस्त्र अर्पण करने से कभी भी धन की कमी नहीं रहेगी। संतान दिन दूनी, रात चौगुनी तरक्की करेगी।

(6)- दीपावली के दिन इमली के पेड़ की छोटी टहनी लाकर अपनी तिजेरी या धन रखने के स्थान पर रखने से धन में दिनोंदिन वृद्धि होती है।

(7)- दीपावली के दिन काली हल्दी को सिंदूर और धूप दीप से पूजन करने के बाद 2 चाँदी के सिक्कों के साथ लाल कपड़े में लपेटकर धन स्थान पर रखने से आर्थिक समस्याएं कभी नहीं रहतीं।

(08)- दीपावली के अगले दिन गाय के गोबर का दीपक बनाकर उसमें पुराने गुड़ की एक डेली और मीठा तेल डालकर दीपक जलाकर घर के मुख्य द्वार के बीचोंबीच रख दें। इससे घर में सुख-समृद्धि दिनों दिन बढ़ती रहेगी।

(09)- दीपावली के दिन नया झाड़ू खरीदकर लाएं। पूजा से पहले उससे पूजा स्थान की सफाई कर उसे छुपाकर एक तरफ रख दें। अगले दिन से उसका उपयोग करें, इससे दरिद्रता का नाश होगा और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहेगा।

(10)- दीपावली के दिन एक चाँदी की बाँसुरी राधा-कृष्णजी के मंदिर में चढ़ाने के बाद 43 दिन लगातार भगवान श्रीकृष्णजी के कोई भी मंत्र का जाप करें। गाय को चारा खिलाएं और संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। निश्चय ही भगवान श्रीकृष्णजी की कृपा से आपको संतान प्राप्ति अवश्य ही होगी।

(11)- दीपावली पर गणेश-लक्ष्मीजी की मूर्ति खरीदते समय यह अवश्य ही देखें कि गणेशजी की सूड़ गणेशजी की दांयी भुजा की ओर जरूर मुड़ी हो। इनकी पूजा दीपावली में करने से घर में रिद्धि-सिद्धि धनसंपदा में बढ़ोत्तरी, संतान की प्रतिष्ठा दिनोंदिन बढ़ती है।

(12)- भाईदूज के एक दिन एक मुट्ठी साबुत बासमती चावल बहते हुए पानी में महालक्ष्मीजी का स्मरण करते हुए छोड़ने से धन्य-धान्य में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होती है।

(13)- आंवले के फल में, गाय के गोबर में, शंख में, कमल में, सफेद वस्त्रों में लक्ष्मीजी का वास होता है इनका हमेशा ही प्रयोग करें। आंवला घर में या गल्ले में अवश्य ही रखें।

(14)- दीपावली के दिन हनुमान मंदिर में लाल पताका चढ़ाने से घर-परिवार की उन्नति के साथ ख्याति धन संपदा बढ़ाती है।

Sunday, October 29, 2023

इजरायल और हमास के बीच युद्ध रुकना भारत के हित में भी

केरल में हमास के समर्थन में रैली हुई,इस रैली में बुलडोजर हिन्दुत्व और रंगभेदी यहूदीवाद को उखाड़ फेंकने के नारे लगे 

 दुनिया के किसी भी हिस्से में जब मुस्लिम समुदाय को लेकर घटना होती है तो उसका सीधा असर भारत पर पड़ता है। इसका मुख्य कारण यह है कि दुनिया के किसी भी मुस्लिम देश से ज्यादा आबादी भारत में रहने वाले मुसलमानों की है। भारत में करीब 25 करोड़ मुसलमान होने का अनुमान है। 

यही वजह है कि पिछले 25 दिनों से इजरायल और कट्टरपंथी संगठन हमास के बीच जो हिंसक युद्ध चल रहा है उसका असर भी भारत पर है। भारत के आंतरिक हालातों को देखते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अक्टूबर को ही इजरायल के पड़ोसी मुस्लिम देश मिश्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सीसी से फोन पर बात कर युद्ध को रुकवाने की पहल की। पीएम मोदी पहले भी फिलिस्तीन की संप्रभुता का समर्थन कर चुके हैं। यह बात अलग है कि 28 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में इजरायल को लेकर जो प्रस्ताव रखा उसमें भारत ने वोटिंग में भाग नहीं लिया। भारत अपनी विदेश नीति के तहत इजरायल और हमास के बीच युद्ध को समाप्त करवाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन इधर भारत में इस युद्ध को लेकर माहौल लगातार गर्म हो रहा है। 


मुस्लिम बाहुल्य केरल में 28 अक्टूबर को ही जमाए-ए-इस्लामी की यूथ विंग सोलिडैरिटी मूवमेंट की ओर से एक रैली निकाली गई। इस रैली को हमास के नेता खालिद मशाल ने वर्चुअल संबोधित किया। हमास नेता ने इजरायल की जमकर निंदा की, लेकिन इस रैली में बुलडोजर हिंदुत्व और रंगभेदी यहूदीवाद को उखाड़ फेंकने के नारे भी लगे। सवाल उठता है कि जो युद्ध विदेशी धरती पर लड़ा जा रहा है, उसमें भारत की धरती पर हिंदुत्व को निशाने पर क्यों लिया जा रहा है? जब दुनिया भर के मुसलमान यह मानते हैं कि भारत में मुसलमान सम्मान और शांति के साथ रहता है, तब केरल की रैली में गैर जिम्मेदाराना नारे क्यों लग रहे हैं? मौजूदा समय में केरल में वामपंथी दलों के गठबंधन वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीफी) की सरकार है, जिसका नेतृत्व पिनराई विजयन कर रहे हैं। जब हमास के समर्थन में हुई रैली में ऐसे नारे लग रहे हैं तब विजयन सरकार पर भी सवाल खड़े होते हैं।

 गंभीर बात यह है कि इस रैली को लेकर अभी तक भी विजयन सरकार की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई गई है। वाममोर्चे की सरकार में जो दल शामिल हैं, वे इंडिया गठबंधन के सदस्य भी हैं। एक तरफ इंडिया गठबंधन बनाकर देश को मजबूत करने के दावे किए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ इसी गठबंधन से जुड़े दल की सरकार के शासन में हिंदुत्व को निशाना बनाया जा रहा है। केरल में हुई रैली पर कांग्रेस की चुप्पी भी आश्चर्यजनक है। यूएन की महासभा में भारत के वोट न देने पर कांग्रेस मोदी सरकार की आलोचना तो कर रही है, लेकिन केरल में हुई रैली पर चुप है। जो रैली केरल में हुई वैसी रेलिया देश के अन्य क्षेत्रों में भी हो सकती है। देश की अनेक मस्जिदों में हमास के समर्थन में तकरीर हो रही है। 

 गाजा पट्टी पर मानवीय मूल्यों की रक्षा हो इस पर कोई एतराज नहीं है लेकिन जिस तरह इजरायल के 1500 नागरिकों को बेरहमी से मार दिया गया, उस कृत्य की भी निंदा होनी चाहिए। पूर्व में हुए समझौते में 74 किलोमीटर लंबी पट्टी फिलीस्तीन को इसलिए दी गई ताकि शांति बनी रहे। लेकिन इस भूभाग का उपयोग कट्टरपंथियों ने इजरायल को सबक सिखाने के लिए किया। आज गाजा पट्टी में उन लोगों का कब्जा है, जो इजरायल से लड़ने की ताकत रखते हैं। भारत न केवल युद्ध विराम का प्रयास कर रहा है बल्कि गाजा में फंसे लोगों को राहत सामग्री भी भिजवा रहा है। केरल में भले ही कुछ लोग रैली निकाल कर हिंदुत्व पर हमला करे, लेकिन पीएम मोदी का प्रयास है कि युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करवाया जाए। -S.P.MITTAL 

Thursday, October 19, 2023

और कभी पेशाब रुक जाए तो क्या करें*

          

यह एक प्रसिद्ध एलोपैथी चिकित्सक 70 वर्षीय ईएनटी विशेषज्ञ का अनुभव है।  
आइए सुनते हैं अनुठा अनुभव..👉   

एक सुबह वे अचानक उठे।  उन्हें मुत्रत्याग करने की जरूरत थी, लेकिन वे कर नहीं सके (कुछ लोगों को बाद की उम्र में कभी-कभी यह समस्या होती है)। उन्होंने बार-बार कोशिश की, लेकिन लगातार कोशिश नाकाम रही। तब उन्होंने महसूस किया कि एक समस्या खड़ी हो गयी है।

एक डॉक्टर होने के नाते, वे ऐसी शारीरिक समस्याओं से अछूते नहीं थे; उनका निचला पेट भारी हो गया। बैठना या खड़े़ रहना दुस्वार होने लगा, तल-पेट में दबाव बढ़ने लगा ।

तब उन्होंने एक जाने-माने यूरोलॉजिस्ट को फोन पर बुलाया और स्थिति के बारे में बताया।  मूत्र-रोग विशेषज्ञ ने उत्तर दिया: "मैं इस समय एक बाहरी क्षेत्र के अस्पताल में हूँ, और आपके क्षेत्र के क्लिनिक में दो घंटे में पहुँच पाऊँगा। क्या आप इतने लंबे समय तक इसका सामना कर सकते हैं?"
उन्होंने उत्तर दिया: "मैं कोशिश करूँगा।"
उसी समय, उन्हें बचपन की एक अन्य एलोपैथिक महिला-डॉक्टर का ध्यान आया। बड़ी मुश्किल से उन्होंने अपनी दोस्त-डाक्टर को स्थिति के बारे में बताया।
उस सहेली ने उत्तर दिया:-  *"ओह, आपका मूत्राशय भर गया है। और कोशिश करने पर भी आप मुत्रत्याग कर नहीं पा रहे... चिंता न करें। जैसा मैं बता रही हूं, वैसा ही करें। आप इस समस्या से छुटकारा पा जाएंगे।"*  
और उसने निर्देश दिया:- 
"सीधे खड़े हो जाइये, और जोर से बार-बार कूदिये। कूदते समय दोनों हाथों को ऊपर यूॅं उठाए रखें, मानो आप किसी पेड़ से आम तोड़ रहे हों। ऐसा 10 से 15 बार करें।"
बूढ़े डॉक्टर ने सोचा: "क्या? सचमुच मैं इस स्थिति में कूद पाऊंगा? इलाज थोड़ा संदिग्ध लग रहा था। फिर भी डॉक्टर ने कोशिश की... 
3 से 4 बार छलांग लगाने पर ही उन्हें पेशाब की तलब लगी और उन्हें राहत मिल गयी।  
 उन्होंने इतनी सरल विधि से समस्या को हल करने के लिए अपनी मित्र डॉक्टर को सहर्ष धन्यवाद दिया। 
अन्यथा, उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ता, मूत्राशय की जाॅंच, इंजेक्शन, एंटीबायोटिक्स आदि के साथ साथ कैथेटर डालना होता... उनके और करीबी लोगों के लिए मानसिक तनाव के साथ लाखों का बिल भी होता।
 
कृपया वरिष्ठ नागरिकों के साथ साझा करें। इस असहनीय अनुभव वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह एक बहुत ही सरल उपाय है.... 

सभी *वरिष्ठ नागरिक* (55 से ऊपर की उम्र के) कृपया अवश्य पढ़ें, हो सकता है आपके लिए फायदेमंद हो .. 
           
*आप जानते हैं कि मन चाहे कितना ही जोशीला हो पर साठ की उम्र पार होने पर यदि आप अपनेआप को फुर्तीला और ताकतवर समझते हों तो यह गलत है।  वास्तव में ढलती उम्र के साथ शरीर उतना ताकतवर और फुर्तीला नहीं रह जाता।*

आपका शरीर ढलान पर होता है, जिससे ‘हड्डियां व जोड़ कमजोर होते हैं, पर *कभी-कभी मन भ्रम बनाए रखता है कि ‘ये काम तो मैं चुटकी में कर लूँगा’।*  पर बहुत जल्दी सच्चाई सामने आ जाती है मगर एक नुकसान के साथ।

सीनियर सिटिजन होने पर जिन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए, ऐसी कुछ टिप्स दे रहा हूं। 

 -- *धोखा तभी होता है जब मन सोचता है कि ‘कर लूंगा’ और शरीर करने से ‘चूक’ जाता है।  परिणाम एक एक्सीडेंट और शारीरिक क्षति!*
ये क्षति फ्रैक्चर से लेकर ‘हेड इंज्यूरी’ तक हो सकती है।  यानी कभी-कभी जानलेवा भी हो जाती है।

-- *इसलिए जिन्हें भी हमेशा हड़बड़ी में काम करने की आदत हो, बेहतर होगा कि वे अपनी आदतें बदल डालें।*

*भ्रम न पालें, सावधानी बरतें क्योंकि अब आप पहले की तरह फुर्तीले नहीं रहे।*

छोटी सी चूक कभी बड़े नुक़सान का कारण बन जाती है।

-- *सुबह नींद खुलते ही तुरंत बिस्तर छोड़ खड़े न हों, क्योंकि आँखें तो खुल जाती हैं मगर शरीर व नसों का रक्त प्रवाह पूर्ण चेतन्य अवस्था में नहीं हो पाता ।*

अतः पहले बिस्तर पर कुछ मिनट बैठे रहें और पूरी तरह चैतन्य हो लें।  कोशिश करें कि बैठे-बैठे ही स्लीपर/चप्पलें पैर में डाल लें और खड़े होने पर मेज या किसी सहारे को पकड़कर ही खड़े हों। अक्सर यही समय होता है डगमगाकर गिर जाने का।

-- गिरने की सबसे ज्यादा घटनाएं बाथरुम/वॉशरुम या टॉयलेट में ही होती हैं।  आप चाहे अकेले हों, पति/पत्नी के साथ या संयुक्त परिवार में रहते हों लेकिन बाथरुम में अकेले ही होते हैं।

-- *यदि आप घर में अकेले रहते हों, तो और अधिक सावधानी बरतें क्योंकि गिरने पर यदि उठ न सके तो दरवाजा तोड़कर ही आप तक सहायता पहुँच सकेगी, वह भी तब जब आप पड़ोसी तक समय से सूचना पहुँचाने में सफल हो सकेंगे।*
— *याद रखें बाथरुम में भी मोबाइल साथ हो ताकि वक्त जरुरत काम आ सके।*

-- देशी शौचालय के बजाय हमेशा यूरोपियन कमोड वाले शौचालय का ही इस्तेमाल करें।  यदि न हो तो समय रहते बदलवा लें, इसकी तो जरुरत पड़नी ही है, अभी नहीं तो कुछ समय बाद।

संभव हो तो कमोड के पास एक हैंडिल लगवा लें।  कमजोरी की स्थिति में इसे पकड़ कर उठने के लिए ये जरूरी हो जाता है।

बाजार में प्लास्टिक के वेक्यूम हैंडिल भी मिलते हैं, जो टॉइल जैसी चिकनी सतह पर चिपक जाते हैं, पर *इन्हें हर बार इस्तेमाल से पहले खींचकर जरूर जांच-परख लें।*

-- *हमेशा आवश्यक ऊँचे स्टूल पर बैठकर ही नहायें।*

बाथरुम के फर्श पर रबर की मैट जरूर बिछाकर रखें ताकि आप फिसलन से बच सकें।

-- *गीले हाथों से टाइल्स लगी दीवार का सहारा कभी न लें, हाथ फिसलते ही आप ‘डिस-बैलेंस’ होकर गिर सकते हैं।*

-- बाथरुम के ठीक बाहर सूती मैट भी रखें जो गीले तलवों से पानी सोख ले।  कुछ सेकेण्ड उस पर खड़े रहें फिर फर्श पर पैर रखें वो भी सावधानी से। 

-- *अंडरगारमेंट हों या कपड़े, अपने चेंजरूम या बेडरूम में ही पहनें।  अंडरवियर, पाजामा या पैंट खडे़-खडे़ कभी नहीं पहनें।*

हमेशा दीवार का सहारा लेकर या बैठकर ही उनके पायचों में पैर डालें, फिर खड़े होकर पहनें, वर्ना दुर्घटना घट सकती है।

*कभी-कभी स्मार्टनेस की बड़ी कीमत चुकानी पड़ जाती है।

-- अपनी दैनिक जरुरत की चीजों को नियत जगह पर ही रखने की आदत डाल लें, जिससे उन्हें आसानी से उठाया या तलाशा जा सके।

*भूलने की आदत हो, तो आवश्यक चीजों की लिस्ट मेज या दीवार पर लगा लें, घर से निकलते समय एक निगाह उस पर डाल लें, आसानी रहेगी।*

-- जो दवाएं रोजाना लेनी हों, उनको प्लास्टिक के प्लॉनर में रखें जिससे जुड़ी हुई डिब्बियों में हफ्ते भर की दवाएँ दिन-वार के साथ रखी जाती हैं।

*अक्सर भ्रम हो जाता है कि दवाएं ले ली हैं या भूल गये।प्लॉनर में से दवा खाने में चूक नहीं होगी।*

-- *सीढ़ियों से चढ़ते उतरते समय, सक्षम होने पर भी, हमेशा रेलिंग का सहारा लें, खासकर ऑटोमैटिक सीढ़ियों पर।*

ध्यान रहे अब आपका शरीर आपके मन का *ओबिडियेंट सरवेन्ट* नहीं रहा।

— बढ़ती आयु में कोई भी ऐसा कार्य जो आप सदैव करते रहे हैं, उसको बन्द नहीं करना चाहिए। 

कम से कम अपने से सम्बन्धित अपने कार्य स्वयं ही करें।

— *नित्य प्रातःकाल घर से बाहर निकलने, पार्क में जाने की आदत न छोड़ें, छोटी मोटी एक्सरसाइज भी करते रहें। नहीं तो आप योग व व्यायाम से दूर होते जाएंगे और शरीर के अंगों की सक्रियता और लचीला पन कम होता जाएगा।  हर मौसम में कुछ योग-प्राणायाम अवश्य करते रहें।*

— *अपना पानी, भोजन, दवाई इत्यादि स्वयं लें जिससे शरीर में सक्रियता बनी रहे।*

बहुत आवश्यक होने पर ही दूसरों की सहायता लेनी चाहिए। 

— *घर में छोटे बच्चे हों तो उनके साथ अधिक समय बिताएं, लेकिन उनको अधिक टोका-टाकी न करें। 

-- *ध्यान रखें कि अब आपको सब के साथ एडजस्ट करना है न कि सब को आपसे।*

-- इस एडजस्ट होने के लिए चाहे, बड़ा परिवार हो,  छोटा परिवार हो या कि पत्नी/पति हो, मित्र हो, पड़ोसी या समाज।

*एक मूल मंत्र सदैव उपयोग करें।*    
    
1. *नोन* अर्थात नमक।  भोजन के प्रति स्वाद पर नियंत्रण रखें।   

2. *मौन*  कम से कम एवं आवश्यकता पर ही बोलें।   

3. *कौन* (मसलन कौन आया  कौन गया, कौन कहां है, कौन क्या कर रहा है) अपनी दखलंदाजी कम कर दें।                 

*नोन, मौन, कौन* के मूल मंत्र को जीवन में उतारते ही *वृद्धावस्था* प्रभु का वरदान बन जाएगी जिसको बहुत कम लोग ही उपभोग कर पाते हैं। 

*कृपया इस संवाद को अपने घर, रिश्तेदारों, आसपड़ोस के वरिष्ठ सदस्यों को भी अवश्य प्रेषित करें।*🌹❤️              

(2) ❤‍🩹 मैं डॉ ० महेश चन्द्र  , हृदय रोग विशेषज्ञ पीलीभीत
मै यह कह रहा हूँ कि इस भीषण ठंड में जिनकी आयु 30 वर्ष से अधिक है, उन्हें रात में 10 बजे सोने के बाद से जब भी बिस्तर से उठे, तब आप  एकदम से ना उठे। क्योँकि ठंड के कारण शरीर का ब्लड गाढ़ा हो जाता है तो वह धीरे धीरे कार्य करने के कारण पूरी तरह हार्ट में नहीं पहुँच पाता और शरीर छूट जाता है। इसी कारण से शर्दी के महीनों में 30 वर्ष से ऊपर के लोगों की ह्रदयगति रुकने से दुर्घटनाए अत्यधिक होती पाई गई हैं, इसलिए हमें सावधानी अत्यधिक बरतने की आवश्यकता है। यही सुझाव में भी देता हु।*

*साढ़े तीन मिनिट:  मेरी  सलाह!*

       डॉ. एस के अग्रवाल 
          जनरल फिजीशियन 
      
   *जिन्हें सुबह या रात में सोते समय  पेशाब करने जाना पड़ता हैं उनके लिए विशेष सूचना!!*

        हर एक व्यक्ति को इसी साढ़े तीन मिनिट में सावधानी बरतनी चाहिए।

*यह इतना महत्व पूर्ण क्यों है?*
        यही साढ़े तीन मिनिट अकस्माक होने वाली मौतों की संख्या कम कर सकते हैं।

        जब जब ऐसी घटना हुई हैं, परिणाम स्वरूप तंदुरुस्त व्यक्ति भी रात में ही मृत पाया गया हैं।

        ऐसे लोगों के बारे में हम कहते हैं, कि कल ही हमने इनसे बात की थी। ऐसा अचानक क्या हुआ? यह कैसे मर गया?

       इसका मुख्य कारण यह है कि रात मे जब भी हम मूत्र विसर्जन के लिए जाते हैं, तब अचनाक या ताबड़तोब उठते हैं, परिणाम स्वरूप मस्तिष्क तक रक्त नही पहुंचता है।

       यह साढ़े तीन मिनिट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

      मध्य रात्रि जब हम पेशाब करने उठते है तो हमारा ईसीजी का पैटर्न बदल सकता है। इसका कारण यह है, कि अचानक खड़े होने पर मस्तिष्क को रक्त नहीं पहुच पाता और हमारे ह्रदय की क्रिया बंद हो जाती है।

   साढ़े तीन मिनिट का प्रयास एक उत्तम उपाय है।

1. *नींद से उठते समय आधा मिनिट गद्दे पर लेटे हुए रहिए।*

2. *अगले आधा मिनिट गद्दे पर बैठिये।*

3. *अगले अढाई मिनिट पैर को गद्दे के नीचे झूलते छोड़िये।*

   साढ़े तीन मिनिट के बाद आपका मस्तिष्क बिना खून का नहीं रहेगा और ह्रदय की क्रिया भी बंद नहीं होगी! इससे अचानक होने वाली मौतें भी कम होंगी।

     आपके प्रियजनों को लाभ हो अतएव सजग करने हेतु अवश्य प्रसारित करे।
                 
           

  
       
🙏निवेदन एवं आग्रह 🙏

   आपको सिर्फ अपनो में 10 लोगो को ये मैसेज फॉरवर्ड करना है और वो 10 लोग भी दूसरे 10 लोगों को फॉरवर्ड करें ।ni
बस आपको तो एक कड़ी जोड़नी है देखते ही देखते सिर्फ आठ steps में पूरा देश जुड़ जायेगा। —

अच्छा लगे तो कृपया सभी मित्र के साथ शेयर करें --🫀👍

Saturday, September 23, 2023

काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-2023’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण 

Published from Blogger Prime Android App

प्रधानमंत्री ने जनपद वाराणसी में 1115.37 करोड़ रु0 की लागत से उ0प्र0 के 16 अटल आवासीय विद्यालयों का लोकार्पण किया

15 अक्टूबर से 05 नवम्बर, 2023 तक आयोजित होने वाले ‘काशी सांसद 
खेलकूद प्रतियोगिताओं’ हेतु पोर्टल तथा क्यू-आर कोड का उद्घाटन किया 

बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से काशी का सम्मान 
आज नित नई-नई ऊँचाइयों को छू रहा : प्रधानमंत्री 

काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव आयोजन का यह पहला साल,
आने वाले वर्षों में यह महोत्सव काशी की एक अलग पहचान बनने वाला 

सांसद खेल प्रतियोगिता या सांसद सांस्कृतिक महोत्सव, यह काशी में नई परंपराओं की शुरुआत, अब यहां काशी सांसद ज्ञान प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा

आजकल टूरिस्ट गाइड का भी एक बहुत बड़ा रोजगार बन रहा, 
अब काशी सांसद टूरिस्ट गाइड कम्पटीशन भी आयोजित की जाएगी

बनारस की शैक्षणिक सफलता का सबसे बड़ा आधार इसका सर्वसमावेशी 
स्वभाव, इसी भावना को केन्द्र में रखकर यहाँ से अटल आवासीय 
विद्यालयों का शुभारम्भ किया गया

अटल आवासीय विद्यालय हमारे श्रमिक, मजदूरी करने वाले लोगों, समाज के सबसे कमजोर वर्ग के बेटे-बेटियों तथा जिन लोगों की कोरोना में दुःखद 
मृत्यु हो गई, उनके बच्चों  के लिए किया गया काम, इससे 
उनको अच्छी आधुनिकतम शिक्षा तथा संस्कार मिलेंगे 

आज जिन अटल आवासीय विद्यालयों का लोकार्पण हुआ, उन पर करीब 1100 
करोड़ रु0 खर्च किए गए, अगले 10 साल में इन स्कूलों से उ0प्र0 और काशी की आन-बान-शान निखरने वाली 

केंद्र सरकार द्वारा अटल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर जनजातीय समाज के बच्चों के लिए एकलव्य आवासीय स्कूल बनाए गए 

भारत सरकार ने देश के हजारों स्कूलों को 
आधुनिक बनाने के लिए ‘पीएम-श्री’ अभियान शुरू किया 

प्रधानमंत्री जी ने नए भारत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने के साथ ही, भारत की 140 करोड़ की आबादी की आशाओं और आकांक्षाओं को नई उड़ान दी : मुख्यमंत्री
 
Published from Blogger Prime Android App
प्रधानमंत्री जी ने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए 
श्रमिकों के बच्चों को अटल आवासीय विद्यालय की सौगात दी

अटल आवासीय विद्यालय अभिनव सोच के साथ शिक्षा के क्षेत्र में 
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने के माध्यम बनेंगे

विगत साढ़े नौ वर्षों में दुनिया ने भारत 
को एक नई ताकत के रूप में उभरते हुए देखा
 
प्रधानमंत्री जी ने काशी के गंजारी में इण्टरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का 
शिलान्यास किया, यह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा 
उ0प्र0 में बनाया जा रहा पहला स्टेडियम 

प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालयों का पहला सत्र प्रारंभ हो चुका, इन विद्यालयों में बालक और बालिकाओं की स्पोर्ट्स गतिविधियों, स्किल डेवलपमेंट और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कार्य योजना को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया गया 
 
काशी में संगीत की अलग-अलग विधाओं का जन्म हुआ, इन संस्कृति कर्मियों को सम्मानित करने का अभिनव कार्यक्रम पहली बार हुआ, लगभग 40,000 
से अधिक कलाकारों ने अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लिया 
Published from Blogger Prime Android App
लखनऊ : 23 सितम्बर, 2023

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज जनपद वाराणसी के सिगरा स्थित रूद्राक्ष कन्वेन्शन सेण्टर में 1115.37 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश के 16 अटल आवासीय विद्यालयों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने ‘काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-2023’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण भी किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री जी ने ‘काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव’ के अन्तर्गत विजेताओं को पुरस्कृत किया। प्रधानमंत्री जी ने 15 अक्टूबर से 05 नवम्बर, 2023 तक आयोजित होने वाले ‘काशी सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं’ हेतु पोर्टल तथा क्यू-आर कोड का बटन दबाकर उद्घाटन किया।  
प्रधानमंत्री जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से काशी का सम्मान आज नित नई-नई ऊँचाइयों को छू रहा है। जी-20 समिट के जरिए भारत ने पूरी दुनिया में अपना झण्डा गाड़ा है, उसमें काशी की चर्चा विशेष है। काशी की सेवा, काशी का स्वाद,  काशी की संस्कृति और काशी के संगीत, जी-20 के सभी मेहमान अपनी यादों में समेटते हुए साथ लेकर गए हैं। जी-20 की अद्भुत सफलता महादेव के आशीर्वाद से ही सम्भव हुई है। बाबा की कृपा से काशी अब विकास के ऐसे आयाम गढ़ रही है, जो अभूतपूर्व हैं। दुनिया में काशी का नाम बढ़ता चला जा रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आज ही उन्होंने बनारस के लिए अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया है। उन्हें उत्तर प्रदेश के 16 अटल आवासीय विद्यालयों के लोकार्पण का अवसर भी मिला है। प्रधानमंत्री जी ने इन आयोजनों के लिए उत्तर प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में उन्होंने जिस काशी की कल्पना की थी, विकास और विरासत का वो सपना अब धीरे-धीरे साकार हो रहा है। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के माध्यम से इस क्षेत्र की, इस धरती की, इतनी प्रतिभाओं से सीधा जुड़ने का अवसर मिला। यह इस आयोजन का पहला साल है। इसमें करीब 40 हजार कलाकारों ने हिस्सा लिया, और लाखों दर्शक प्रत्यक्ष रूप में इसका आनन्द लेने के लिए आए। आने वाले वर्षों में यह सांस्कृतिक महोत्सव काशी की एक अलग पहचान बनने वाला है। देश दुनिया के पर्यटकों के लिए काशी आकर्षण का एक नया केंद्र भी बनेगा। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि काशी और संस्कृति एक ही ऊर्जा के दो नाम हैं। आप उनको अलग नहीं कर सकते। काशी को देश की सांस्कृतिक राजधानी होने का गौरव प्राप्त है। काशी की गली-गली में गीत गूँजते हैं। यह स्वाभाविक है, क्योंकि यह नटराज की अपनी नगरी है। सारी नृत्य कलाएं नटराज के ताण्डव से ही प्रकट हुई हैं। सारे स्वर महादेव के डमरू से उत्पन्न हुये हैं। सारी विधाओं ने बाबा विश्वनाथ के विचारों से जन्म लिया है। इन्हीं कलाओं और विधाओं को भरत मुनि जैसे आदि आचार्यों ने व्यवस्थित और विकसित किया। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि काशी मतलब ‘सात वार- नौ त्यौहार’। काशी में कोई भी उत्सव गीत-संगीत के बिना पूरा नहीं हो सकता। चाहे घर की बैठकी हो या बजड़े पर बुढवा मंगल, भरत मिलाप हो या नाग नथैया, संकटमोचन का संगीत समारोह हो या देव-दीपावली पर यहाँ सब कुछ सुरों में समाया हुआ है। काशी में शास्त्रीय संगीत की गौरवशाली परंपरा है। उतने ही अद्भुत यहाँ के लोकगीत भी हैं। यहाँ तबला भी है, शहनाई और सितार भी है, सारंगी के सुर भी हैं, वीणा का वादन भी है। ख्याल, ठुमरी, दादरा, चैती और कजरी जैसी कितनी ही विधाओं को बनारस ने सदियों से सहेजकर रखा है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवारों तथा गुरू-शिष्य परम्पराओं ने भारत की इस मधुर आत्मा को जीवित बनाए रखा। बनारस का तेलिया घराना, पियरी घराना, रामापुरा-कबीरचौरा मोहल्ले के संगीतज्ञ, यह विरासत अपने आपमें बहुत समृद्ध रही है। बनारस के ऐसे कितने ही कलाकार हैं, जिन्होंने पूरे विश्व में अपनी छाप छोड़ी है। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आज यहां काशी सांसद खेल प्रतियोगिता के पोर्टल को भी लॉन्च किया गया है। सांसद खेल प्रतियोगिता या सांसद सांस्कृतिक महोत्सव, यह काशी में नई परंपराओं की शुरुआत है। अब यहां काशी सांसद ज्ञान प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि काशी के इतिहास, यहां की समृद्ध विरासत, यहां के त्योहार, यहां के खान-पान के प्रति जागरूकता और बढ़े। सांसद ज्ञान प्रतियोगिता भी बनारस के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग स्तर पर आयोजित की जाएगी।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि काशी का हर व्यक्ति, हर परिवार काशी का ब्राण्ड एम्बेसडर है। साथ ही, यह भी जरूरी है कि सभी लोग काशी के बारे में अपनी जानकारी को अच्छी तरह बता पाएं। किसी भी टूरिस्ट प्लेस अथवा यात्रा धाम पर आज के युग में उत्तम गाइड बहुत आवश्यक होते हैं। गाइड प्रतिभावान और जानकारियों के सम्बन्ध में परफैक्ट होना चाहिए। यह ताकत काशी में होनी चाहिए। और आजकल टूरिस्ट गाइड का भी एक बहुत बड़ा रोजगार बन रहा है। जो टूरिस्ट आता है वो सब चीजों को समझना चाहता है। वह टूरिस्ट गाइड को पैसे भी देना चाहता है। अब यहां काशी सांसद टूरिस्ट गाइड की कम्पटीशन भी आयोजित की जाएगी। आप गाइड बनकर आइये, लोगों को जगह के विषय में समझाइये और इनाम पाइए। उसके कारण लोगों को पता चलेगा कि इस शहर में गाइड का एक कल्चर बन रहा है। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि वे चाहते हैं कि उनकी काशी का पूरी दुनिया में डंका बजना चाहिए। पूरी दुनिया में अगर कोई कहीं गाइड की बात करे तो काशी के गाइड्स का नाम सबसे सम्मान से लिया जाए। उन्होंने सभी काशी वासियों से अपील की कि आप अभी से तैयारी कीजिए और बढ़-चढ़कर हिस्सा लीजिए।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि बनारस सदियों से शिक्षा का भी एक बड़ा केन्द्र रहा है। बनारस की शैक्षणिक सफलता का सबसे बड़ा आधार इसका सर्वसमावेशी स्वभाव है। देश और दुनिया के कोने-कोने से आकर लोग यहाँ पढ़ाई करते हैं। आज भी दुनिया के अनेक देशों से लोग यहाँ संस्कृत सीखने और ज्ञान लेने आते हैं। आज हमने इसी भावना को केन्द्र में रखकर यहाँ से अटल आवासीय विद्यालयों का शुभारम्भ किया है। आज जिन अटल आवासीय विद्यालयों का लोकार्पण हुआ है उन पर करीब 1100 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह भव्य स्कूल हमारे श्रमिक, हमारे यहां मजदूरी करने वाले लोगों और समाज के सबसे कमजोर वर्ग के बेटे-बेटियों के लिए किया गया काम है। इससे उनको अच्छी आधुनिकतम शिक्षा तथा संस्कार मिलेंगे। जिन लोगों की कोरोना में दुःखद मृत्यु हो गई, उनके बच्चों को भी इन आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क पढ़ाया जाएगा। इन स्कूलों में कोर्स के साथ-साथ संगीत, कला, क्राफ्ट, कम्प्यूटर और स्पोर्ट्स के लिए भी शिक्षक होंगे। गरीब के बच्चे भी अब अच्छी से अच्छी पढ़ाई तथा सर्वांगीण शिक्षा का सपना पूरा कर पाएंगे। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अटल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर जनजातीय समाज के बच्चों के लिए एकलव्य आवासीय स्कूल बनाए गए हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के जरिए हमने शिक्षा व्यवस्था की पुरानी सोच को भी बदला है। अब हमारे विद्यालय आधुनिक बन रहे हैं। क्लासेस स्मार्ट हो रही हैं। भारत सरकार ने देश के हजारों स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए ‘पी0एम0-श्री’ अभियान भी शुरू किया है। इस अभियान के तहत देश के हजारों स्कूलों को मॉडर्न टेक्नोल़ॉजी से लैस किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि निर्माण श्रमिक एक गांव से दूसरे गांव जाकर काम करते हैं। उनके बच्चों की पढ़ाई छूट जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उनके द्वारा ऐसे बच्चों के प्रति जतायी गयी चिन्ता को अपने मन में रखा और जब यह बच्चे तैयार होंगे तो उन बच्चों के परिवारों को फिर मजदूरी करने की नौबत ही नहीं रहेगी। इन बच्चों में स्पार्क है, सामर्थ्य है। उन्हें विश्वास है कि अगले 10 साल में इन स्कूलों से उत्तर प्रदेश और काशी की आन-बान-शान निखरने वाली है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपनी काशी में प्रदेशवासियों तथा काशीवासियों की ओर से प्रधानमंत्री जी का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रधानमन्त्री जी ने नए भारत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने के साथ ही, भारत की 140 करोड़ की आबादी की आशाओं और आकांक्षाओं को नई उड़ान दी है। प्रधानमंत्री जी ने दुनिया की सबसे प्राचीन, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विख्यात अविनाशी काशी को नई पहचान दी है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री जी काशी आते हैं तो देश में कुछ नया करके आते हैं। इस बार प्रधानमंत्री जी का आगमन अनेक उपलब्धियों से भरा है। चन्द्रयान की अभूतपूर्व सफलता तथा जी-20 समूह की अध्यक्षता के माध्यम से विश्व ने वसुधैव कुटुंबकम् के भाव से भारत की शक्ति और सामर्थ्य को देखा है। अब आदित्य एल-1 का सफल प्रक्षेपण सूर्य के रहस्यों को जानने का माध्यम बनेगा। संसद के इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित होना भारत की मातृशक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत साढ़े नौ वर्षों में दुनिया ने भारत को एक नई ताकत के रूप में उभरते हुए देखा है। हम सभी भारतवासी सौभाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह सभी कार्य होते हुए देख रहे हैं। सभी देशवासी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व पर गौरव की अनुभूति करते हैं। समाज के हर तबके के विकास के लिए बनाई गई कार्ययोजना को प्रभावी रूप से लागू करना, यह प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व क्षमता में हम सभी सीखते हैं और उससे नई प्रेरणा और प्रकाश प्राप्त करते हैं। अभिनव योजनाओं को बनाना और उसे प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना यह एक अद्भुत कला है। प्रधानमंत्री जी की नेतृत्व क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी ने काशी के गंजारी में इण्टरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया है। यह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा उत्तर प्रदेश में बनाया जा रहा पहला स्टेडियम है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने पर काशी और पूर्वी उत्तर प्रदेश की बहनों द्वारा प्रधानमंत्री जी के अभिनन्दन का कार्यक्रम आज सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री जी ने भागीदारी की थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए श्रमिकों के बच्चों को  अटल आवासीय विद्यालय की सौगात दी है। उन बच्चों के साथ संवाद और इन विद्यालयों के लोकार्पण के साथ ही, संस्कृति कर्मियों के सम्मान का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों के प्रोत्साहन तथा संस्कृति कर्मियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव, यह अपने आप में एक अभिनव पहल है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काशी में संगीत की अलग-अलग विधाओं का जन्म हुआ है। इन संस्कृति कर्मियों को सम्मानित करने का अभिनव कार्यक्रम पहली बार हुआ है। लगभग 40,000 से अधिक कलाकारों ने न्याय पंचायत, ब्लॉक, विश्वविद्यालय और जनपद स्तर पर आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लिया है। इनमें गायन, वादन, नृत्य और नाट्य श्रृंखलाएं शामिल थीं। यह लोक-गाथाओं के माध्यम से लोक परम्पराओं को पुनर्जीवित करने का अद्भुत प्रयास है। प्रधानमंत्री जी ने कलाकारों को एक नया मंच प्रदान किया है। यह कार्यक्रम अपनी परम्परा और संस्कृति को अक्षुण्य बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालयों का पहला सत्र प्रारंभ हो चुका है। इनमें से 16 पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं और शेष दो विद्यालय अगले दो माह में बनकर तैयार हो जाएंगे। जब उन्हें मुख्यमंत्री पद का दायित्व मिला था, तब  प्रधानमंत्री जी ने उनसे श्रमिकों के लिए किए जाने वाले कार्यों के बारे में पूछा था। प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से जुड़े हुए श्रमिकों के बच्चों के लिए इस प्रकार की परिकल्पना को साकार करने के लिए निर्देशित किया था। आज उसने मूर्त रूप लिया है। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। कोरोना कालखंड में जो बच्चे निराश्रित हुए और उन्होंने अपने अभिभावकों को खाया था, पहले सत्र में ऐसे 1400 बच्चों को इन अटल आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन विद्यालयों में बालक और बालिकाओं की स्पोर्ट्स गतिविधियों, स्किल डेवलपमेंट और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कार्य योजना को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। इन विद्यालयों के शिक्षकों और फैकल्टी के विशेष प्रशिक्षण के कार्यक्रम लखनऊ में पहले ही सम्पन्न हो चुके हैं। प्रधानमंत्री जी के द्वारा अटल आवासीय विद्यालयों के उद्घाटन के साथ ही, यह सभी विद्यालय कल से  नए सत्र में आगे बढ़ना प्रारम्भ कर देंगे। अटल आवासीय विद्यालय अभिनव सोच के साथ शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने के माध्यम बनेंगे।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चन्द्र यादव, श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री श्री मनोहर लाल मन्नू कोरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा ‘काशी सांसद सांस्कृतिक कार्यक्रम’ के प्रतिभागी उपस्थित थे। 
ज्ञातव्य है कि जनपद वाराणसी में अटल आवसीय विद्यालय में 80 विद्यार्थियों का एडमिशन कर लिया गया है। अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत गरीब मजदूरों के 06 से 14 साल की उम्र के बच्चों को राज्य सरकार की तरफ से प्राथमिक, जूनियर हाई स्कूल और माध्यमिक स्कूल की गुणवत्तापरक शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जाएगी। जनपद वाराणसी के करसड़ा में 66.54 करोड़ रुपए की लागत से 12.25 एकड़ में बने अटल आवासीय विद्यालय में कक्षाएं शुरू हुई है। विद्यालय में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों में 40 छात्र और 40 छात्राएं हैं। इन विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और रहने-खाने की सुविधा निःशुल्क होगी। सरकार की तरफ से बच्चों को खेलकूद एवं मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्कूल ड्रेस, पढ़ाई के लिए किताबें एवं सामग्री आदि से सम्बन्धित सभी प्रकार के व्यय का वहन उत्तर प्रदेश सरकार  द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि गरीब निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अटल आवासीय विद्यालय योजना शुरू की गई है। जिनमें बच्चों को निःशुल्क आवास, वस्त्र, भोजन एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यह आवासीय विद्यालय होगा, जहां बच्चों को कैंपस में रहने की सुविधा होगी। 
---------

Sunday, September 10, 2023

‘एक दशक में $10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनेगा भारत’: मोदी सरकार के कायल हुए ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष, कहा – सीखें दूसरे देश





*_जहाँ एक तरफ दिल्ली में G20 समिट का भव्य आयोजन हो रहा है, वहीं इसे लेकर ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने मोदी सरकार की खुल कर तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि G20 अध्यक्षता के दौरान भारत ने बहुत कुछ किया है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे भारत ने 140 करोड़ लोगों को डिजिटल आईडी देने का रिकॉर्ड कायम किया और लोगों को जबरदस्त डिजिटल कनेक्टिविटी मिली है। उन्होंने कहा कि इससे दूसरे देश भी प्रेरित हुए हैं।_*

*_WEF के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा कि इससे दुनिया के 350 करोड़ लोगों को डिजिटल रूप से जोड़ने का मौका मिलेगा, जो भारत की तरह कनेक्टेड नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भी नेतृत्व का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कैसे भारत एक लो-कार्बन इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि खास बात ये है कि विकास और रोजगार के क्षेत्रों में आगे बढ़ते हुए भारत ऐसा कर रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि भारत आज 8% विकास दर के साथ ग्रोथ के मामले में भी नेतृत्व कर रहा है।_*

*_‘विश्व आर्थिक मंच’ के अध्यक्ष ने दुनिया में विकास दर को उच्च स्तर पर ले जाने को एक बड़ी चुनौती करार दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे देश भारत से इस मामले में सीख सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को बुलबुला नहीं है कि फूट जाए, वो अगले एक दशक में भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनते हुए देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का घरेलू बाजार बहुत विशाल है और नए कंजम्प्शन पैटर्न के लिए भारत ज़्यादा तैयार है।_*

*_उन्होंने सेवाओं के एक्सपोर्ट के मामले में भी भारत को एक बड़ा देश करार दिया। ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा कि ये धीमे विकास का दशक चल रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से भारत का महत्व बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक भारत का है, और G3 (अमेरिका, चीन, भारत) पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि भारत को वो आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। साथ ही उन्होंने G20 देशों के बीच आपसी विश्वास में बढ़ोतरी पर भी बल दिया।।।_*

Monday, August 28, 2023

रांची पुलिस ने 14 झपटटेबाजों को पकड़ कर जेल भेजा



रांची।राजधानी रांची में झपट्टेबाज हर दिन अपना आतंक मचा रहे हैं. अब झपट्टेबाज विदेशी पिस्टल लेकर शहर में घूम रहे हैं. एक गिरोह बना कर शहर में महिलाओं के गले की चैन,मोबाईल और अन्य समान को छीन कर फरार हो रहे है.ऐसे में कई शिकायत पुलिस के पास आ रही थी. इसे देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक साथ 14 झपट्टेबाज को दबोच कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो विदेशी पिस्टल,एक देशी कट्टा, छिंतई का आठ मोबाईल समेत कई समान बरामद हुआ है. इस कांड का खुलासा रांची एसएसपी कौशल किशोर ने प्रेस वार्ता कर किया.* *एसएसपी कौशल किशोर ने बताया कि गुरुवार को सदर थाना क्षेत्र में एक पांच हजार रुपये और मोबाईल की छींतई का मामला दर्ज कराया गया है. इस मामले के अनुसंधान के दौरान पुलिस को सूचना मिली की कोंकर क्षेत्र में एक बॉउन्ड्री के अंदर बैठ कर कुछ अपराधी किसी वारदात की योजना बना रहे है. जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की. जिसके बाद छः अपराधियों को चोरी की मोटर साइकिल और लोडेड पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में अपराधियों के निशानदेही पर पांच बाइक और दो मोटर साइकिल बरामद किया गया. बाद में अपराधियों से चोरी के बाद बाइक और मोबाईल दूसरे जगह पहुंचाने वाले पांच लोगों की गिरफ़्तारी हुई.* *इसके अलावा PHED पहाड़ के पास से सूचना मिली की कुछ अपराधी हथियार लेकर घूम रहे है. सूचना के बाद पुलिस टीम गठित कर छापेमारी की गई. इस छापेमारी में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. अपराधियों के पास से लोडेड पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया है. गिरफ्तार अपराधियों में अम्बर कुमार, नीरज कुमार, सन्नी कुमार, शंकर राम, साहिल सिंह, सौरभ कुमार, सबबीर कुरैसी, सदब कुरैसी, रोहित कुमार, अमित कुमार, मनीष कुमार, राजा वर्मा, सन्नी कुमार और सूरज गुप्ता शामिल है.* *गिरफ्तार सन्नी पासवान पर बरियातू, सदर और लालपुर थाना में चार, अम्बर कुमार पर सदर, अरगोड़ा, लालपुर थाना में पांच, सौरभ कुमार पर लालपुर और ओरमाँझी थाना में दो, साहिल सिंह सदर थाना में चार, सबबीर कुरैसी नामकुम में एक, सूरज कुमार सदर थाना दो, राजा वर्मा सदर, नामकुम, खेलगाँव, लालपुर थाना में चार, नीरज कुमार तीन बार बाल गृह भेजा गया. गिरफ्तार 14 में से आठ अपराधियों का पुराना अपराध का इतिहास है.*

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...