Saturday, January 19, 2019

केन्द्र सरकार के ख़िलाफ़ तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में आज रैली

केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के कथित कुशासन के ख़िलाफ़ संयुक्त लड़ाई का संकल्प लेने और आम चुनाव से पहले विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के लिए आज कोलकाता में एक रैली होने वाली है जिसमें 20 से ज़्यादा विपक्षी दलों के शामिल होने की संभावना है।


पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस इस संयुक्त विपक्षी रैली का आयोजन कर रही है।


तृणमूल कॉन्ग्रेस की निगाहें इस समय दिल्ली की ओर हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एंव तृणमूल कॉन्ग्रेस प्रमुख ममता बैनर्जी ने कहा है कि यह रैली लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए उनके अनुसार मृत्युनाद की मुनादी होगी।


तृणमूल कॉन्ग्रेस को उम्मीद है कि इस रैली से ममता बैनर्जी ऐसी नेता के रूप में उभर कर सामने आएंगी जो अन्य दलों को साथ लेकर चल सकती हैं और आम चुनावों में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दे सकती हैं। ममता बैनर्जी ने ही सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर बुलाया है और उनका मानना है कि लोकसभा चुनावों में क्षेत्रीय पार्टियां निर्णायक कारक सिद्ध होंगी।


इस रैली में कॉन्ग्रेस पार्टी की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मलिक अर्जुन खड़गे शामिल होंगे। 

अमरीका अफगानी आतंकियों को ईरान, चीन और सीरिया पर दबाव के हथकंडे के रूप में प्रयोग कर रहा -जनरल अहमद रज़ा

इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के शोध केन्द्र के प्रमुख जनरल अहमद रज़ा पूरदस्तान का कहना है कि सात हज़ार दाइश के आतंकी सऊदी अरब और संयुक्त इमारात के पैसे से अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद हैं और अमरीका इनको ईरान, चीन और सीरिया पर दबाव के हथकंडे के रूप में प्रयोग कर रहा है।


जनरल अहमद रज़ा पूरदस्तान ने  कहा कि अमरीका ने ईरान से मुक़ाबले के लिए दाइश का गठन किया। उन्होंने कहा कि अमरीका ने आतंकवादी गुट दाइश को इराक़ में ईरान की सीमाओं की ओर हांक दिया किन्तु ईरानी सेना की डेड लाइन देश की सीमाओं की रक्षा है और जिसने भी सीमाओं के भीतर घुसपैठ का प्रयास किया उसका शिकार कर लिया जाएगा।


इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के शोध केन्द्र के प्रमुख ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान आतंकवादी गुट दाइश पर पैनी नज़र रखे हुए है और ईरानी सेना को पता है कि दाइश के आतंकी कहां मौजूद हैं।


उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेनाओं का मुख्य काम, सीमावर्ती छावनियों में दुश्मनों की समस्त गतिविधियों पर पूरी नज़र रखना है। उन्होंने कहा कि भूमध्य सागर में अमरीकी हवाई जहाज़ों और उसकी नौकाओं के रास्तों की पहचान हो गयी है और देश की सशस्त्र सेनाएं कभी भी निश्चेत नहीं रहेंगी।

Friday, January 18, 2019

आलिया भट्ट अपनी माँ की फिल्म 'नो फादर्स इन कश्मीर' के समर्थन में आगे आयीं, सोशल मीडिया के ज़रिए सीबीएफसी से मनचाहा प्रमाण पत्र देने की गुहार लगायी!

ऑस्कर नॉमिनेटेड डायरेक्टर अश्विन कुमार की फ़िल्म 'नो फादर्स इन कश्मीर' के लिए बहुत सारी जानी-मानी हस्तियाँ अपना समर्थन दे रही हैं। फिल्म निर्माताओं, अभिनेताओं और शशि थरूर, स्वरा भास्कर समेत अन्य हस्तियों की ओर से सोशल मीडिया पर समर्थन किए जाने के बाद, अब अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है और अपनी माँ की फिल्म के लिए सीबीएफसी से गुहार लगाकर उसके लिए अपना समर्थन ज़ाहिर कर रही हैं। उसने ट्वीट किया- मैं माँ की फ़िल्म का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी।

@nofathers_movie

 #nofathersinkashmir!! 

@Soni_Razdan @ashvinkumar

 & team worked super hard for this honest teens love story in Kashmir. Really hope the CBFC would #lifttheban. It’s a film about empathy & compassion..let’s give love a chance


'नो फ़ादर्स इन कश्मीर' जुलाई में आवेदन करने और अक्टूबर में पहली बार दिखाए जाने के बाद तक़रीबन पिछले 6 महीने से सेंसर में अटकी रही है। सीबीएफसी और चोटी की संस्था एफसीएटी दोनों ने मामले की सुनवाई की, और फिल्म को ए प्रमाणपत्र देने पर सहमत हुईं। यह फ़िल्म अपने-अपने लापता पिताओं की तलाश करते दो 16 साल के बच्चों की प्रेम कहानी है जो कश्मीर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म के निर्माताओं और समर्थकों के अनुसार फ़िल्म में कोई भी आपत्तिजनक चीज़ नहीं है और इसीलिए इसे ग़लत ए प्रमाण पत्र दिए जाने पर सवाल उठाए जा रहे है और बहस की जा रही है।


यह विवाद अभी भी चल रहा है और मसला अभी तक सुलझ नहीं पाया है, जिसके चलते फिल्म के निर्माता अधर में लटक गए हैं और उन्हें फ़िल्म को अपने हिसाब से रिलीज़ करने के लिए जल्दी कोई राहत नहीं मिल रही है। फिल्म में सोनी राजदान, अंशुमन झा और कुलभूषण खरबंदा हैं और सेंसर की दिक़्क़तों के कारण इसे अभी तक रिलीज़ होने की तारीख नहीं मिली है।

Thursday, January 17, 2019

डांस बार पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मुंबई में दुबारा खुल सकेंगे डांस बार


डांस बार को लेकर महाराष्ट्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुना दिया है। फैसले के मुताबिक मुंबई में दुबारा से डांस बार खुल केंगे। कोर्ट ने शर्तों के साथ डांस बार खोलने की इजाजत दे दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र की फणनवीस सरकार ने कहा था कि नया कानून संवैधानिक दायरे में आने के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियों और महिलाओं का शोषण भी रोकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के कानूनों में बदलाव के साथ इसकी मंजूरी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि डांसर को अलग से टिप नहीं दी जा सकती है और ना ही डांसर पर पैसे उछाले जा सकते हैं।कोर्ट ने अश्लील डांस की परिभाषा बरकरार रखी है।

कोर्ट ने बार डांसिग एरिया अलग रखने की शर्त खारिज कर दी है। इसके अलावा डांसिग एरिया में सीसीटीवी का नियम भी रद्द कर दिया है। एससी ने कहा कि मुंबई में रात 11.30 बजे तक ही खुले रह सकते हैं डांस बार और इनमें किसी भी हालत में अश्लीलता नहीं होनी चाहिए

गौरतलब है कि इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने राज्य सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अपनी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में कहा था कि समय के साथ अश्लीलता की परिभाषा भी बदल गई है और ऐसा लग रहा है कि मुंबई में मॉरल पुलिसिंग हो रही है।


कोर्ट ने कहा था कि जीविका कमाने का अधिकार हर सिकीस को है। आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदी को हटा दिया था जिसके बाद सरकार ने नए लाइसेंस देने के लिए नियाम और कड़े कर दिए थे। नए कानून के अनुसार, बार सिर्फ शाम 6:30 से रात 11:30 तक ही खुल सकते हैं और राज्य में ऐसे किसी भी बार या होटल में शराब नहीं परोसी जाएगी जहां लड़कियां डांस करती हैं।

Wednesday, January 16, 2019

गिरिडीह:8 साल से फरार अभियुक्त को पुलिस ने दबोचा,कई बार दे चुका चकमा


काण्ड संख्या 67/11 दफा 376 के मामले में फरार था नामजद अभियुक्त।                         गिरफ्तारी से पहले भी कई बार चकमा देकर फरार हो चुका है या अभियुक्त

गिरिडीह: कानून के हाथ सबसे लंबे होते हैं इस कहावत को चरितार्थ किया है पचम्बा थाना ने। इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला पचम्बा थाने में। बताया जा रहा है कि पचम्बा थाना अंतर्गत ग्राम हंडाडीह निवासी अभियुक्त दिनेश राणा पिछले 8 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।

बताते चलें कि अभियुक्त दिनेश राणा पर रेप का आरोप है और पुलिस को हर बार चुनौती देकर चकमा देकर फरार हो जाता था लेकिन इस बार खिचड़ी मेला के दौरान बराकर नदी के समीप गुप्त सूचना के आधार पर थाना प्रभारी पचम्बा शर्मा नन्द सिंह के सूझबूझ से टीम गठित कर उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।

खास सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि अभियुक्त के पकड़े जाने से पचम्बा थाना क्षेत्र में लोगों में जहां एक और खुशी है वहीं दूसरी ओर कुछ लोग उसे छुड़ाने में बचाने में लगे हुए हैं और तरह-तरह का बहाना बनाकर हथकंडे अपनाकर अभियुक्त को थाना से निकालने में लगे हुए हैं। 

क्या पीड़िता को 8 साल बाद भी इंसाफ मिल पाएगा या विगत दिनों दिल्ली में हुए निर्भया कांड की तरह इसके लिए भी लोगों को आंदोलन का रुख अख्तियार करना पड़ेगा। 

अब देखना यह है कि प्रशासन षडयंत्र का हिस्सा बनती है या कानून को सर्वोपरि मानते हुए अभियुक्त को जेल भेजती है।

Monday, January 14, 2019

अकेली लड़की को कार में बैठाया और जंगल मे ले जाकर किया बलात्‍कार

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में एक लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार की घटना सामने आई है। वारदात को एक एसयूवी कार सवार शख्स ने जंगल में अंजाम दिया। घटना शुक्रवार की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी फिलहाल फरार है। पुलिस ने बताया कि हजारीबाग में एक लड़की को अकेला देखकर एक व्यक्ति ने उसे अपनी एसयूवी में बैठा लिया और हजारीबाग-बगोदर रोड पर ताटी झरिया इलाके में जंगल में ले जाकर उससे बलात्कार किया।

पुलिस ने आगे बताया कि यह घटना उस वक्त हुई जब पड़ोस के गिरिडीह जिले में राज धनवर से एक लड़की दवा खरीदने हजारीबाग आई थी और वापस घर लौटने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। पीड़िता को ग्रामीणों ने देखा और उसे हजारीबाग महिला थाना पहुंचाया, जहां एफआईआर दर्ज की गई । पुलिस की एक टीम ने घटनास्थल से एक पर्स बरामद की है यह पर्स धनबाद के अशोक कुमार गुप्ता का है। धनबाद पुलिस को सूचित किया गया है और आरोपी को पकड़ने को कहा गया है।

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Representative Image

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश के एटा में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। यहां एक युवती से चलती कार में गैंगरेप किया गया था। युवती को चार युवक कार में बिठाकर सुनसान जगह पर ले गए थे जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। लड़की अपने घर वापस जाने के लिए बस स्टैंड पर खड़ी थी उसी दौरान उसके एक रिश्तेदार युवक ने कार रोककर उसे घर छोड़ने की बात कही।

लड़की रिश्तेदार होने के कारण कार में बैठ गई। कार में पहले से चार आरोपी बैठे हुए थे। इसके बाद युवक उसे सुनसान जगह पर ले गए। जब पीड़िता ने विरोध किया तो युनवकों ने उसकी पिटाई की और फिर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। 

अमरीका में पिछले 24 घंटे के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली घटनाओं में 36 लोग हुए हताहत व घायल

 अमरीका में सशस्त्र हिंसा के आंकड़े पेश करने वाले केन्द्र ने बताया है कि पिछले 24 घंटे के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में 41 घटनाएं दर्ज की गयीं जिसमें 15 लोग हताहत और 21 अन्य घायल हुए थे। 


इस रिपोर्ट के आधार पर फ़ायरिंग की अधिकतर घटनाएं टेक्सास, फ्लोरिडा और ओहायो में घटी हैं।


इसी मध्य पिछले 48 घंटों के दौरान अमरीका के विभिन्न राज्यों में 125 फ़ायरिंग की घटनाओं को दर्ज किया गया जिसमें 39 लोग मारे गये और 71 अन्य घायल हुए। 


अमरीका के हेल्ट अथार्टी के अनुसार अमरीका में 2017 के बीच फ़ायर आर्म्ज़ के परिणाम में 40 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं।


ज्ञात रहे कि 26 नवम्बर 2018 को अमरीकी राज्य अलबामा के माल में ब्लैक फ़्राइडे की शापिंग के दौरान होने वाली फ़ायरिंग के परिणाम में 2 लोग घायल हो गये थे जबकि पुलिस की फ़ायरिंग में हमलावर मारा गया था।


6 नवम्बर को ही टेक्सास के एक चर्च में फ़ायरिंग से 26 लोग हताहत और कई अन्य घायल हो गये थे। 

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...