इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के शोध केन्द्र के प्रमुख जनरल अहमद रज़ा पूरदस्तान का कहना है कि सात हज़ार दाइश के आतंकी सऊदी अरब और संयुक्त इमारात के पैसे से अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद हैं और अमरीका इनको ईरान, चीन और सीरिया पर दबाव के हथकंडे के रूप में प्रयोग कर रहा है।
जनरल अहमद रज़ा पूरदस्तान ने कहा कि अमरीका ने ईरान से मुक़ाबले के लिए दाइश का गठन किया। उन्होंने कहा कि अमरीका ने आतंकवादी गुट दाइश को इराक़ में ईरान की सीमाओं की ओर हांक दिया किन्तु ईरानी सेना की डेड लाइन देश की सीमाओं की रक्षा है और जिसने भी सीमाओं के भीतर घुसपैठ का प्रयास किया उसका शिकार कर लिया जाएगा।
इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के शोध केन्द्र के प्रमुख ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान आतंकवादी गुट दाइश पर पैनी नज़र रखे हुए है और ईरानी सेना को पता है कि दाइश के आतंकी कहां मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेनाओं का मुख्य काम, सीमावर्ती छावनियों में दुश्मनों की समस्त गतिविधियों पर पूरी नज़र रखना है। उन्होंने कहा कि भूमध्य सागर में अमरीकी हवाई जहाज़ों और उसकी नौकाओं के रास्तों की पहचान हो गयी है और देश की सशस्त्र सेनाएं कभी भी निश्चेत नहीं रहेंगी।
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