Friday, February 15, 2019

पुलवामा हमला: शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा, RDX से नहीं किया गया था धमाका

पुलवामा हमले की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. इस हमले में RDX का इस्तेमाल नहीं किया गया था, बल्कि कश्मीर के पत्थर के खदानों में इस्तेमाल किए जाने वाला बहुत अच्छी गुणवत्ता वाले यूरिया अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था. आदिल ने इसे दो-तीन जगहों से इकट्ठा किया था.

हमले की जांच कर रही एनआईए, एनएसजी जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मानें तो शुरुआती जांच में RDX के इस्तेमाल न किए जाने की रिपोर्ट आई है. फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, अभी यह प्रतीत होता है कि खाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है. बता दें, अमोनियम नाइट्रेट एक अकार्बनिक यौगिक है. यह साधारण ताप व दाब पर सफेद रंग का क्रिस्टलीय ठोस पदार्थ होता है. कृषि में इसका उपयोग उच्च-नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक के रूप में तथा विस्फोटकों में ऑक्सीकारक के रूप में होता है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोटक बनाने में प्रयुक्त सामग्री पंजाब या हरियाणा के स्थानीय डीलरों से खरीदी गई हो सकती है. जांच के पहले चरण में हमले में RDX का इस्तेमाल न होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है. RDX का इस्तेमाल कश्मीर में एक दशक से अधिक समय से नहीं किया गया है. बीते सालों में कश्मीर में आतंकी अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटकों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. गंभीर चिंता का यह एक और कारण है क्योंकि आरडीएक्स की तुलना में अमोनियम नाइट्रेट बनाना काफी आसान है.

हालांकि, अगर आगे की जांच में RDX के इस्तेमाल की बात आती है तो एजेंसियों के लिए यह एक और बड़ी चुनौती होगी. सबसे पहले उन्हें पता करना होगा कि RDX कश्मीर में कैसे आता है? क्या इसकी तस्करी की गई थी या इसे स्थानीय स्तर पर बनाया गया था? यदि स्थानीय स्तर पर बनाया जाता है, तो कच्चे माल की खरीद कैसे की गई? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं, जिन पर जांच करने वाली एजेंसियों को विचार करना होगा. बता दें, RDX एक कार्बनिक यौगिक है, जो बिना गंध या स्वाद के एक सफेद ठोस होता है, व्यापक रूप से एक विस्फोटक के रूप में उपयोग किया जाता है. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान RDX का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया था.

बता दें, पुलवामा हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है. हमले को आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया. उसने विस्फोटकों से भरी अपनी एसयूवी से सीआरपीएफ की बस को टक्कर मार दिया था. इसके बाद धमाका हुआ था. धमाके में सीआरपीएफ के करीब 40 जवान शहीद हो गए.

पिता ने सड़क पर जूस बेचकर बनाया था CRPF जवान, आतंकियों ने ली जान


बिहार। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में बिहार के रहने वाले जवान रतन ठाकुर भी शहीद हो गए. जब उनके घर पर शाहदत की खबर पहुंची तो मातम छा गया. पिता निरंजन ठाकुर फूट-फूटकर कर रोने लगे. उन्होंने कहा कि मेरा एक ही बेटा था जिसे मैंने बहुत जतन-रतन से पाला था. 

बेटे को पढ़ाने के लिए मैंने मजदूरी की. सड़कों पर जूस बेचा. ठेले लगाकर कपड़े बेचे. लेकिन अब सब ख़त्म हो गया है. आतंकियों ने मेरे बेटे को मार दिया. उन्होंने बताया कि रतन पढ़ाई में अच्छा था. वह 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ. उसकी पहली पोस्टिंग गढ़वा में हुई. 


उसकी नौकरी लगने के बाद हमारी गरीबी दूर हो रही थी. धीरे-धीरे सब सही हो रहा था. पर उसके शहीद होने के बाद अब हम किसके सहारे जीएंगे. शहीद रतन की पत्नी राजनंदनी ने बताया कि रतन का दोपहर डेढ़ बजे फोन आया था. उन्होंने कहा कि श्रीनगर जा रहे हैं. रात में बात करेंगे. मैंने उनके फोन का इंतजार करती रही. 


इस बीच खबर मिली की पुलवामा में आतंकियों ने हमला कर दिया है. जब हमने टीवी देखा तो हमले का पता लगा. फिर थोड़ी ही देर बार उनके ऑफिस से फोन आया और रतन के शहीद होने की खबर मिली. 


पिता निरंजन ने बताया कि रतन की पत्नी गर्भवती है. फोन पर बात होने पर उसने होली पर घर आने की बात कही थी. उसका एक चार साल का बेटा कृष्णा ठाकुर है. जिसे उसके पिता के शहीद होने की खबर तक नहीं है.


पूछने पर बेटा कहना है कि पापा ड्यूटी पर हैं. वो जब आएंगे तो खिलौना लाएंगे. उसके फोन पर यह भी बताया था कि होली पर आने के लिए उसने छुट्टी का आवेदन दिया था।

Thursday, February 14, 2019

आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की संख्या 42 हुई, झारखण्ड के गुमला का विजय सोरेंग भी शामिल

 श्रीनगर,14 फरवरी।     JB Singh                             जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में अवन्तीपुरा के गोरीपुरा इलाके में एक आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए । सेना द्वारा शहीद जवानों की सूची जारी की गई है ၊

 इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली है।

बताया जा रहा है कि आईईडी ब्लास्ट सुरक्षाबलों के वाहन को निशाना बनाकर किया गया था। इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। 

सीआरपीएफ के जवानों की गाड़ी के काफिले को आतंकियों ने निशाना बनाया है और अवन्तीपुरा में ब्लास्ट किया। यह हमला तब किया गया जब काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा है कि यह आईईडी ब्लास्ट ही है।

 यह आईईडी ब्लास्ट एक ऑटो रिक्शा में हुआ है जो नेशनल हाईवे में खड़ा था। इस हृदय विदारक हमले को ले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर गहरी पीड़ा व्यक्त की है , वही आप नेता सह दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने शोक व्यक्त करते हुए इसे एक बड़ा आतंकी हमला करार दिया है ၊ उन्होंने इस हमले की तीखी निंदा की है ၊

      आत्मघाती हमलाावर की फोटो जारी की गई  :

भाकपा(माले) नेता बिनोद सिंह ने कहा,'बगोदर में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर का न बनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'

बगोदर (गिरीडीह)

सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 14 फरवरी 2016 में  बगोदर के जीटी रोड सोनतुरपी में हुए भयानक सड़क हादसे में मारे गए राम प्रसाद वर्णवाल,संजय वर्णवाल,सुखदेव पंडित समेत 12 लोगो की याद में भाकपा माले ने सोनतुरपी में स्मृति शोक सभा का आयोजन किया. शोक सभा की शुरुआत सभी 12 लोगों की स्मृति में एक मिनट का मौन और माल्यार्पण से हुआ।

 

स्मृति शोक सभा को संबोधित करते बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि न सिर्फ बगोदर बल्कि राज्य की सबसे दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद भी बगोदर में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर का न बनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए राज्य की रघुवर सरकार से लेकर स्थानीय सांसद -विधायक सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं।बगोदर में ट्रामा सेंटर का निर्माण हीं सोनतुरपी सड़क दुर्घटना के शहीदों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।                                      उक्त स्मृति शोक सभा मे सोनतुरपी,गैडा,माहुरी,जरमुने ,मंझिलाडीह समेत आस पास के सैकड़ो लोग मौजूद थे।

झारखंड के खूंटी जिला में नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़, 01 नक्सली ढेर, 01 एच के-33 जर्मन राइफल बरामद

 


सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन को पीएलएफआई कमांडर दिनेश गोप का खूंटी जिला के रनिया थाना क्षेत्र में इलाके में होने की गुप्त सूचना के आधार पर चलाये गए सर्च ऑपरेशन के दौरान आज दिनांक 14/02/19 की सुबह तकरीबन 0645 बजे पीएलएफआई नक्सलियों के दस्ता के साथ रनिया थाना क्षेत्र के मरामबीर जंगल मे भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान एक नक्सली मारा गया। नक्सली का मृत शरीर बरामद। मुठभेड़ के दौरान कोबरा कमांडो को भारी पड़ता देख बचे हुए नक्सली घने जंगल का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे। मुठभेड़ के पश्चात सर्च के दौरान 01 जर्मन HK- 33 असाल्ट राइफल सहित भारी मात्रा में गोली, मोबाइल फोन, 03 मोटर साईकल, पिट्ठू एवं अन्य सामान की बरामदगी हुई है। अभियान अभी जारी है।

उल्लेखनीय है कि की पिछले 15 दिनों में पीएलएफआई  के 06 नक्सली मारे जा चुके हैं। 29 जनवरी को खूंटी- चाईबासा बॉर्डर के अड़की-बंदगांव थाना क्षेत्र के इलाके में 209 कोबरा बटालियन ने 05 पीएलएफआई नक्सलियों को मार गिराया था एवं भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किया गया था। उक्त मुठभेड़ के पश्चात खूंटी जिला में सीआरपीएफ एवं राज्य पुलिस के संयुक्त टीम द्वारा मुठभेड़ के पश्चात बचे हुए दस्ता सदस्यों को पकड़ने के लिए व्यापक सर्च अभियान लगातार चलाया जा रहा है और यह अभियान अभी जारी रहेगा।

झामुमो कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा-'झारखण्ड विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है'

डुमरी(गिरिडीह):झारखण्ड मुक्ति मोर्चा द्वारा आहुत 'संघर्ष यात्रा' के चौथे चरण के तहत डुमरी आगमन पर बुधवार को जोरदार स्वागत किया गया।यात्रा में शामिल झामुमो के कार्यकारी केन्द्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का जत्था जैसे ही डुमरी प्रखण्ड की सीमा में प्रवेश किया,मौजूद कार्यकर्ताओं ने फूल माला पहना कर भव्य स्वागत किया ၊ साथ ही बाइक जुलूस के शक्ल में केबी उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित कार्यक्रम स्थल लाया।

इस दौरान शामिल कार्यकर्ताओं द्वारा संघर्ष यात्रा के उद्देश्यों

के समर्थन में जमकर नारेबाजी किया जा रहा था।अध्यक्षता प्रखंड 

अध्यक्ष निरंजन महतो व संचालन बरकत अली ने किया।कार्यक्रम को

संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि आंदोलन की उपज इस राज्य के सत्ता में सबसे अधिक समय तक भाजपा का ही

शासन रहा है लेकिन आज भी राज्य का वह विकास नहीं हो पाया जो होना चाहिए था।कहा कि पूंजीपतियों की हितैषी सरकार यहां के आदिवासियों व मूलवासियों को छलने का काम किया है।कहा कि वर्तमान में राज्य की सत्ता पर काबिज प्रवासी मुख्यमंत्री रघुबर दास झारखंड को दोनों हाथों से लूटने में लगा है।कहा कि सरकार भूमि

अधिग्रहण बिल,स्थानीय नीति व नियोजन नीति के नाम पर झारखंडियों 

को उसके ही हक व अधिकार से वंचित कर रही है।कहा कि इस सरकार से राज्य का भला नहीं हो सकता है इसीलिए इस झारखंड विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है।कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य में भूख से दो दर्जन से अधिक गरीबों की जान चली गई और सरकार विकास की ढिंढोरा पीट रही है।कहा कि किसान आत्महत्या 

करने को मजबूर हो रही है और सरकार छह हजार रूपये वार्षिक प्रोत्साहन राशि देकर उसकी लगन व मेहनत का मजाक उड़ा रही है।कहा की सरकार पूरे राज्य में लगभग बीस हजार विभिन्न कोटी

के विद्यालयों को बंद कर ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने पर तुली है।कहा कि राज्य के पारा शिक्षक अपने हक के लिए आंदोलन करते हैं तो उन्हें लाठी डंडो के बल पर उनके आवाज को दबा देती है।कहा कि राज्य में अराजकता व घूसखोरी चरम सीमा पर है। कार्यक्रम को विधायक जगरनाथ महतो जिप अध्यक्ष राकेश महतो झामुमो के वरीय नेता सुदिव्य कुमार सोनू,दिनेश यादव,छोटेलाल यादव जिप सदस्य भोला सिंह,कैलाश चौधरी,राजकुमार पांडेय,डेगनारायण महतो आदि ने संबोधित कर सरकार को जमकर कोसा और उसकी नीतियों को जनविरोधी बताया।

इस दौरान कई महिलाओं व पुरूषों ने झामुमो की सदस्यता ग्रहण की।

Wednesday, February 13, 2019

बारह वर्षीय किशोर की गला रेतकर हत्या, शव मिलने की खबर पर ग्रामीणों ने की सड़क जाम

रिपोर्ट:भरत मंडल ၊

गिरीडीह ၊ बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बारासोली मोड़ के पास एक बाउंड्रीवाल के अंदर एक किशोर की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फेल गई है। मृतक की पहचान बेंगाबाद थाना क्षेत्र के ही बारासोली निवासी मैनेजर मोदी के पुत्र अनिल मोदी के रूप में की गई है। किशोर की गला रेतकर हत्या की गई है। बाउंड्रीवाल के अंदर 12 वर्षीय अनिल मोदी की लाश मिलने की खबर फैलते ही मौके पर स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने शव की शिनाख्त करते हुए मामले की सूचना मृतक के परिजनों को दी। जानकारी मिलते ही कर्णपुरा से मृतक के परिजनों सहित काफी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे ।

इधर घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने बेंगाबाद गिरोडीह मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। करीब पांच घण्टे तक उक्त मार्ग में आवागमण पूरी तरह से बाधित रहा। जिससे उक्त मार्ग में वाहनों की लम्बी कतार लग गई। मामले की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर दिलीप यादव, थाना प्रभारी फैज रब्बानी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर सड़क जाम हटाने का आग्रह किया। पुलिस प्रशासन की ओर से साकारात्मक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम को हटा लिया।

वहीं पुलिस ने मामले की जांच को लेकर खोजी कुत्ते का सहारा लिया है। खोजी कुत्ते के जरिये पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। थाना प्रभारी ने कहा है कि घटना में अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं जल्दी ही मामले का उद्द्भेदन कर लिया जायेगा और दोषी सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत होता है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...