Tuesday, March 5, 2019

भारत बंद का रहा आंशिक असर,दो घंटे तक रहा कई जगह परिचालन ठप्प

   भरत मंडल ၊                                            गिरिडीह : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ आज कई समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आये.  दलित, पिछड़ों और आदिवासियों समेत आज भारत बंद में कई सामाजिक संगठन ने भी भाग लिया। इसके अलावा कुछ राजनीतिक दलों ने भी इस भारत बंद को समर्थन किया है। भारत बंद के मुख्य मुद्दे 13 प्वाइंट रोस्टर की जगह 200 प्वाइंट रोस्टर और गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण है। इसके अलावा आदिवासियों की जमीन और देशभर में खाली पड़े 24 लाख से ज्यादा पदों की मांग को लेकर भी ये बंद बुलाया गया है। ऐसे में भारत बंद का गिरिडीह जिले में आंशिक असर देखने को मिला। तोड़फोड़ की आशंका से ग्रामीण इलाकों से शहर आने वाली गाड़ियां बंद रहीं। वहीं लंबी दूरी के वाहनों का चक्का भी जाम रहा। हालांकि बंद का असर सरिया, बगोदर और राजधनवार में देखने को मिला। यहाँ बंद समर्थक सुबह से ही सड़क पर उतरकर सड़क जाम कर दिया जिससे करीब दो घंटे तक परिचालन प्रभावित रहा. इधर भारत बंद के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन ने मुकम्मल तैयारी की थी. जगह_जगह पर पुलिस के जवान तैनात किये गए थे. कही से भी किसी प्रकार का अप्रिय घटना की सुचना नहीं है.

Monday, March 4, 2019

झारखंड का सबसे ऊंचा शिवलिंग; बड़ी महिमा है हरिहर धाम की

हरिहर धाम मंदिर, जिसे आमतौर पर झारखंड के गिरिडीह में स्थित हरिहर धाम के रूप में जाना जाता है . हरिहर धाम भारत के झारखंड राज्य के उत्तरी छोटानागपुर संभाग के गिरिडीह जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम  बगोदर में ग्रैंड ट्रंक रोड से 1 किमी की दूरी पर स्थित है।


गिरिडीह पहले हजारीबाग जिले का हिस्सा था, जो पूर्व अविभाजित बिहार राज्य का था। बाद में गिरिडीह को एक अलग जिला और झारखंड राज्य का हिस्सा बनाया गया।


65 फीट (20 मीटर) की ऊंचाई के साथ शिवलिंग दुनिया में सबसे ऊंचा है। मंदिर 25 एकड़ (10 हेक्टेयर) के क्षेत्र में फैला हुआ है और नदी से घिरा हुआ है। विशाल शिवलिंग का निर्माण पूरा करने में लगभग 30 साल लग गए। मंदिर एक प्रमुख पर्यटक स्थल है और हर साल श्रावण पूर्णिमा पर भगवान शिव की पूजा करने के लिए भक्तों द्वारा यहां जाया जाता है। श्रावण के पवित्र महीने में श्रावण पूर्णिमा की पूर्णिमा की रात होती है। यह त्योहारों और पवित्र अनुष्ठानों का महीना है। श्रावण के पवित्र महीने के उज्ज्वल आधे के पांचवें दिन, नाग पंचमी के रूप में लोकप्रिय एक नाग की पूजा करने का अनुष्ठान मनाया जाता है। अपने धार्मिक महत्व के कारण हरिहर धाम हिंदू धर्म के लोगों के लिए विवाह का एक लोकप्रिय स्थान है| यहां श्री हनुमान और राधा-कृष्णा जी का मंदिर है|


बगोदर में स्थित है हरिहर धाम। भगवान शिव की पूजा-अर्चना और अपने भव्य मंदिर को लेकर यह धाम काफी मशहूर है। यह धाम चट मंगनी पट ब्याह के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण शिवलिंग के रूप में किया गया है, जो विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जाता है। इसकी ऊंचाई 65 फीट है। 


हरिहर धाम के बारे में कहा जाता है कि यह एक ऐसा मंदिर है, जहां होने वाली हजारों शादियां हर दूसरे वर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देती हैं। मतलब इस मंदिर में *होने वाली शादियों का आंकड़ा अपने पिछले वर्ष से हर साल ज्यादा हो जाता है।


*इस मंदिर का निर्माण शिवलिंग के रूप में किया गया है। यह मंदिर परिसर नदी से घिरा हुआ है। इस बड़े शिवलिंग के निर्माण में 30 साल लगे थे*।

गिरिडीह-मधुपुर नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में हुआ भूमिपूजन व शिलान्यास , हुआ भव्य समारोह का आयोजन

महाशिवरात्रि के शुभअवसर पर पारसनाथ गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में हुआ भूमिपूजन व शिलान्यास , हुवा भव्य समारोह का आयोजन 

युगल किशोर  ၊ गिरिडीह :- महाशिवरात्रि के शुभअवसर पर पारसनाथ गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में भव्य समारोह का आयोजन करते हुऐ  भूमिपूजन व शिलान्यास  किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि गिरिडीह लोक सभा सांसद रबिन्द्र कुमार पाण्डेय, धनबाद रेलमंडल के डी आर एम , डुमरी बिधायक जगरनाथ महतो, गिरिडीह बिधायक निर्भय शाहाबादी सहित स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारीसहित दर्जनो जनप्रतिनिधि गण एवम सैकड़ो कि सँख्या में जनता जनार्दन उपस्थित थे ।


बता दे कि जैनियो के विश्व प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र पारसनाथ शिखर जी भाया गिरिडीह के रास्ते रेेेल मार्ग की थी मांग

बहुत अरसे से किया जा रहा था इस मांग को प्राथमिकता देते हैं केंद्र सरकार ने इस पर पहल शुरू , इस नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी जिसका आज भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया।


 अब लोगों को एक नई आशा की किरण जगी है क्योंकि पारसनाथ के तलहटी क्षेत्र में आज भी आवागमन का कोई पथ नही है , नई रेल लाइन बन जाने से सुदूर ग्रामीणों को काफी फायदा होगा साथ ही साथ देश के विभिन्न राज्यो से आने वाले जैन तीर्थ यात्रियों को सीधे तौर पर शिखर जी मधुबन जाने की रेल सुविधा शुगम हो जाएगी ।

बता दें कि पारसनाथ वाया गिरिडीह नई रेल लाइन जो करीब नौ सौ करोड़ की लागत से बनने वाली यह रेल लाइन परियोजना  इस क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

Sunday, March 3, 2019

विश्वप्रसिद्ध औद्योगिक घराने टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नौशेरवान जी टाटा के जन्म दिवस पर विशेष

सर जमशेदजी टाटा (जन्म ३ मार्च,१८३९ - मृत्यु १९ मई,१९०४) वर्तमान में भारत के विश्वप्रसिद्ध औद्योगिक घराने टाटा समूह के संस्थापक थे।धोपावकर बंधू-भगिनी एवम परिवार अहमदनगर की ओर से जमशेदजी टाटा के महान कार्य को कोटि कोटि सादर प्रणाम।

जमशेदजी का जन्म सन १८३९ में गुजरात के एक छोटे से कस्बे नवसेरी में हुआ था।उनके पिता जी का नाम नुसीरवानजी था व उनकी माता जी का नाम जीवनबाई टाटा था । पारसी पादरियों के अपने खानदान में नुसीरवानजी पहले व्यवसायी थे । भाग्य उन्हें बंबई ले आया जहाँ उन्होने व्यवसाय ( धंधे ) में कदम रखा । जमशेदजी 14 साल की नाज़ुक उम्र में ही उनका साथ देने लगे । जमशेदजी ने एल्फिंस्टन कालेज (Elphinstone College) में प्रवेश लिया और अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने हीरा बाई दबू से विवाह कर लिया था । वे 1858 में स्नातक हुए और अपने पिता के व्यवसाय से पूरी तरह जुड़ गए।

'' उद्योग का आरम्भ '':- वह दौर बहुत कठिन था। अंग्रेज़ अत्यंत बर्बरता से 1857 की क्रान्ति को कुचलने में सफल हुए थे। जमशेदजी 29 साल की उमर तक अपने पिताजी के साथ ही काम करते रहे । 1868 में उन्होने 21000 रुपयों के साथ अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया । सबसे पहले उन्होने एक दिवालिया तेल कारखाना ख़रीदा और उसे एक रुई के कारखाने में तब्दील कर दिया और उसका नाम बदल कर रखा - एलेक्जेंडर मिल (Alexender Mill) ! दो साल बाद उन्होने इसे खासे मुनाफे के साथ बेच दिया । इस पैसे के साथ उन्होंने नागपुर में 1874 में एक रुई का कारखाना लगाया । महारानी विक्टोरिया ने उन्ही दिनों भारत की रानी का खिताब हासिल किया था और जमशेदजी ने भी वक़्त को समझते हुए कारखाने का नाम इम्प्रेस्स मिल(Empress Mill) (Empress का मतलब ‘महारानी’ ) रखा ।

''महान दूरदर्शी''::-जमशेदजी एक अलग ही व्यक्तित्व के मालिक थे । उन्होंने ना केवल कपड़ा बनाने के नए नए तरीक़े ही अपनाए बल्कि अपने कारखाने में काम करने वाले श्रमिकों का भी खूब ध्यान रखा। उनके भले के लिए जमशेदजी ने अनेक नई व बेहतर श्रम-नीतियाँ अपनाई। इस नज़र से भी वे अपने समय से कहीँ आगे थे । सफलता को कभी केवल अपनी जागीर नही समझा, बल्कि उनके लिए उनकी सफलता उन सब की थी जो उनके लिए काम करते थे। जमशेदजी के अनेक राष्ट्रवादी और क्रांतिकारी नेताओं से नजदीकी संबंध थे,इन में प्रमुख थे,दादाभाई नौरोजी और फिरोजशाह मेहता । जमशेदजी पर और उनकी सोच पर इनका काफी प्रभाव था। उनका मानना था कि आर्थिक स्वतंत्रता ही राजनीतिक स्वतंत्रता का आधार है। जमशेद जी के दिमाग में तीन बडे विचार थे -1)अपनी लोहा व स्टील कंपनी खोलना;2)एक जगत प्रसिद्ध अध्ययन केंद्र स्थापित करना;3)एक जलविद्युत परियोजना (Hydro-electric plant) लगाना । दुर्भाग्यवश उनके जीवन काल में तीनों में से कोई भी सपना पूरा ना हो सका । पर वे बीज तो बो ही चुके थे, एक ऐसा बीज जिसकी जड़ें उनकी आने वाली पीढ़ी ने अनेक देशों में फैलायीं । जो एक मात्र सपना वे पूरा होता देख सके वह था होटल ताज महल। यह दिसंबर 1903 में 4,21,00,000 रुपये के शाही खर्च से तैयार हुआ। इसमे भी उन्होने अपनी राष्ट्रवादी सोच को दिखाया था। उन दिनों स्थानीय भारतीयों को बेहतरीन यूरोपियन होटलों में घुसने नही दिया जाता था । ताजमहल होटल इस दमनकारी नीति का करारा जवाब था। 1904 में जर्मनी में उन्होने अपनी आख़िरी सांस ली ।

Saturday, March 2, 2019

अभिनंदन तो झांकी है,लेकिन आतंकवाद अभी बाकी है......

             (File Photo)

ये सही है कि भारत का जाबांज सही सलामत वापिस आ गया है, परंतु वह जिस मिशन के लिए काम कर रहा था, क्या वह खत्म हो गया है? नहीं! अभिनंदन साधन मात्र था जिसे साध्य पर चलाया गया था, परंतु पिछले दो तीन दिनों तक हमारा पूरा ध्यान साधन अर्थात अभिनंदन पर टिक गया था।

पाकिस्तान अपनी सोची समझी कुशल रणनीति के तहत भारतीय मानस को भावनात्मक रूप से दूसरी ओर मोड़ने में सफल रहा। हमारी भारतीय मीडिया भी हमें दिनभर वही परोसती रही जो पाकिस्तान चाहता था और आम जनता भी वह देखती रही।

पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाक अधिकृत कश्मीर तथा पाकिस्तान के जैश-ए-मुहम्मद के आतंकवादी ठिकानों पर बम गिराए थे। उसके बाद से तो पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के उल्लंघन का और भारत की जवाबी कार्रवाई का सिलसिला चल ही रहा है। आज भी सीमा पर हमारे जवान शहीद हो ही रहे हैं।

भगवान की कृपा अभिनंदन पर थी और वे सही सलामत स्वदेश लौट आये हैं परंतु अब भी इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि इसके बाद पाकिस्तान कुछ नहीं करेगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने आपको शांतिदूत साबित करने का जो नाटक किया है, वह कितने दिन चलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। परंतु भारत को यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारा लक्ष्य अभिनंदन नहीं है। हमारा लक्ष्य आतंकवादी हैं।

डोजियर के डोज से सुधरेगा पाक?
पाकिस्तान लगातार यह कहता आया है कि वह आतंकवाद को पनाह नहीं दे रहा है और जिन जगहों पर भारत ने बम दागे हैं वहां जैश का कोई अड्डा नहीं था मात्र जंगल था। पाकिस्तान के द्वारा आतंकवादियों को बचाने की यह पहली कोशिश नहीं है। इसके पहले भी वह दाऊद, ओसामा बिन लादेन, मसूद अजहर, हाफ़िज़ सईद जैसे अन्य आतंकवादियों को बचाता आया है।

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ओसामा बिन लादेन को अमेरिका ने पाकिस्तान में घुसकर जिस जगह पर मारा था वह जैश के उन ठिकानों से ज्यादा दूर नहीं है जहां भारत ने बम गिराए हैं।

ये सभी आतंकवादी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी घोषित किये जा चुके हैं। सभी वांटेड लिस्ट में शामिल हैं, सभी पर ईनाम रखे गए हैं। परंतु फिर भी पाकिस्तान उन्हें शह दे रहा है। हाफिज सईद तो पाकिस्तान में चुनाव तक लड़ लेता है। पाकिस्तान का कहना है कि इनके खिलाफ अगर सबूत मिलते हैं तो वह कार्रवाई करेगा। भारत के द्वारा दिये गए डॉजियर में वे सारे सबूत शामिल हैं जिनसे यह साफ समझ में आता है कि ये आतंकवादी हैं। अब पाकिस्तान को इन सभी पर कार्रवाई करना आवश्यक होगा। परंतु अगर धीरे-धीरे उस पर से दबाव हटता रहा तो वह अपनी फितरत के अनुसार कार्रवाई करने से मुकर जाएगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर पाक सेना और आई एस आई का भरपूर दबाव है। जिस तरह से कल विंग कमांडर अभिनंदन की भारत वापसी में देर की जा रही थी और अंतिम क्षण तक पाकिस्तान अपनी खुरापातों से बाज नहीं आया उसे देखकर यह समझ जाना चाहिए कि अभिनंदन को छोड़ने का फैसला केवल और केवल भारतीय कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण किया गया है।पाकिस्तान पर यह दबाव चारों ओर से बनाये रखना बहुत आवश्यक होगा।

भारत का एक वर्ग जो सोशल मीडिया पर #saynotowar चला रहा है और भारत सरकार और सेना से जवाब तलब कर रहा है ,वह देशद्रोह जितना ही बड़ा अपराध है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह से वह अलग थलग पड़ गया है ये भारत के लिए शुभ संकेत है। यही वह समय है जब उसे अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और सैनिकी कार्रवाई करके चारों ओर से घेरा जा सकता है। अतः अब यह आवश्यक है कि अभिनंदन के घर वापस आने की खुशियां मनाने के साथ ही हम यह भी ध्यान रखें कि पाकिस्तान अब उस सांप की तरह हो गया है जिसकी पूंछ पर भारत ने पांव रखा है और वह हर हाल में भारत को डसने का प्रयत्न करेगा ही। इस समय हमारी सतर्कता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी क्योंकि अभिनंदन तो झांकी हैं पर आतंकवादी बाकी हैं…… (हिं.विवेक)

भारतीय पायलट अभिनंदन को छोड़ने को लेकर हुआ बड़ा चौंकाने वाला खुलासा

         . .  (File Photo)

पाकिस्तान के एफ 16 लड़ाकू विमान का पीछा करके उसे मार गिराने वाले पायलट अभिनंदन वर्तमान को छोड़ने के पाकिस्तान के फैसले के पीछे की पूरी कहानी सामने आ रही है। भारती न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक इमरान खान के इस फैसले के पीछे जिनेवा संधि नहीं, बल्कि भारत के हमले का अल्टीमेटम था।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि पायलट के पाकिस्तान के कब्जे में होने की खबर के बाद पीएम नरेंद्र मोदी बेहद नाराज थे और उन्होंने इसकी जवाबी कार्रवाई जल्द से जल्द करने का मन बना लिया था। इस दौरान भारत ने अमेरिका समेत कई देशों को यह साफ कर दिया कि अगर पाकिस्तान ने 24 घंटे के अंदर विंग कमांडर अभिनंदन को वापस नहीं लौटाया तो भारत पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए स्वतंत्र होगा।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कूटनीतिक जरियों से इस बात की जानकारी पाकिस्तानी सरकार को दी और कहा कि अगर वो गुरुवार शाम तक अभिनंदन को वापस करने का एलान नहीं करता है तो उसके बाद के घटनाक्रम की अमेरिका की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। खास बात यह रही कि चीन और सऊदी अरब के विदेश विभागों ने भी पाकिस्तान सरकार से साफ कर दिया कि पहले वो भारतीय पायलट को रिहा करे, वरना हालात हाथ से निकल सकते हैं।

गुरुवार रात तय था भारत का हमला

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना ने बुद्धवार और गुरूवार की रात को पाकिस्तान के खिलाफ सभी मोर्चों पर एक साथ जंग छेड़ने का फैसला कर लिया था। इनमें मिसाइलों से हमले की भी तैयारी थी।

पाकिस्तानी सेना और सरकार को जब इस बात की भनक लगी तो बुधवार की रात भर उनकी सांसें अटकी रहीं। पाकिस्तान को यह लगता रहा कि कहीं भारत बुधवार को ही हमला न कर दे। इस डर का इशारा इमरान खान ने पाकिस्तानी संसद में दिए अपने भाषण में भी किया है।

इमरान ने पाकिस्तानी संसद को संबोधित करते हुए कहा कि ‘हमें डर था कि भारत कहीं मिसाइल हमला ना कर दे इसलिए पूरा देश अलर्ट पर रखा गया था। हवाई सेवाएं रोक दी थी और सेना को किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार रहने कहा था।’ बुधवार की रात बीतने पर पूरे पाकिस्तान ने चैन की सांस ली।

सुबह से ही इमरान खान और सेना के बड़े अफसरों की बैठकों का दौर शुरू हो चुका था। इस दौरान अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बार फिर से दोपहर 12 बजे के आसपास पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को फोन करके याद दिलाया कि समय बीता जा रहा है।


सौदेबाजी की कोशिश में था पाकिस्तान

भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने पायलट अभिनंदन के बदले सौदेबाजी की कोशिश भी शुरू कर दी थी। इसी के तहत पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने वहां के टीवी चैनल जियो न्यूज़ को फोन पर इंटरव्यू में कहा कि अगर भारतीय सेनाएं पीछे हट जाएं तो वो अभिनंदन को छोड़ने को तैयार हैं। लेकिन विदेश विभाग ने इस पेशकश का जवाब यह दिया कि ‘पाकिस्तान से कोई सौदेबाजी नहीं होगी और अगर उसने विंग कमांडर अभिनंदन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो उसकी खैर नहीं।’

गुरुवार दोपहर 2 बजे के आसपास भारतीय टीवी चैनलों पर विदेश मंत्रालय के ऐसे सख्त तेवरों की खबर आने के बाद पाकिस्तान समझ गया कि सौदेबाजी की कोशिशें उसे महंगी पड़ सकती हैं। पाकिस्तानी सेना से हरी-झंडी मिलने के बाद इमरान खान ने आनन-फानन में संसद में रिहाई का एलान करने का फैसला किया।

इस ऐलान से पहले अमेरिकी सरकार और इस्लामाबाद में भारतीय राजदूत को फोन पर यह जानकारी दे दी गई थी कि रिहाई का थोड़ी देर में ऐलान होने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इस वक्त वियतनाम के हनोई में उत्तर कोरिया के किम जोंग उन से मिलने के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वहां पर मीडिया को यह जानकारी दी कि थोड़ी देर में कुछ अच्छा होने वाला है। उनका इशारा इसी बात की तरफ था।

आतंक से लड़ाई में अब आगे क्या होगा?

हमारे सूत्र ने बताया कि भारत ने पूरे विश्व समुदाय को जता दिया है कि पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क के सफाये के बिना वो अब चुप नहीं बैठेगा। भारत ने कहा है कि या तो पाकिस्तान खुद इन ठिकानों को खत्म करे या भारत को यह काम करना पड़ेगा।

साफ है कि भारत ने जता दिया है कि वो आगे फिर से पाकिस्तान के अंदर हमले करेगा। इस बात की भी जानकारी भी अमेरिका से लेकर चीन और सऊदी अरब जैसे पाकिस्तान के हितैषी देशों को दे दी गई है। भारत सरकार ने यह शर्त भी रखी है कि पाकिस्तान हाफिज सईद और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकवादियों को उसे सौंपे।

पूरी दुनिया इस बात को समझ रही है कि भारत इस मामले में अब झुकने को तैयार नहीं है। ऐसे में आगे भी पाकिस्तान को ही झुकना होगा, जिसकी शुरुआत इमरान खान ने कर दी है।

B A Pass 2 actress Kritika Sachdeva all set for her first music video, Viral. With Altaaf sayyed

Kritika Sachdeva, who marked her acting debut with B A Pass 2, is gearing up for her first ever music video titled Viral. Produced and directed by Narendra Singh, the music video is voiced and composed by Altaaf Sayyed and Manny Verma. Atiya sayyed has penned the lyrics of this song and is slated to release on March 3rd, 2019 in Digitunes.


Singer and composer  Altaaf Sayyed says, "Ya it was challenging for me but earlier I have done a lot of romantic and sad songs. I believe that my voice texture suits to romantic and sad songs but this time I tried something new. I composed this fast number along with Mani Verma and I collaborated with actress Kritika Sachdeva, who debuted in B. A Pass 2 act and tried something different.”


“Viral is a fast number with a Punjabi touch in which I acted and danced too. I tried to manage and learn a lot of things and it was fun and very adventurous for me. I'll be planning more such songs because the whole team is very happy with this outcome. It has shaped up well,” Altaaf adds.


Elated actress Kritika Sachdeva shares, “It was a great experience shooting this song. B. A. Pass 2 was a serious film but Viral is a party kind of a song with lots of glamour. Both were like opposite of each other and since I am a big fan of Altaaf sir's song, 'Naino ki Jo Baat Naina Jane hai' which was the most viral song of 2018, It was a privilege to work with him and I hope Viral song, gets viral soon.”

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...