Thursday, March 7, 2019

Blast at Jammu bus stand, several injured rushed to hospital

*Blast at Jammu bus stand, injured rushed to hospital*


JB  Singh 

Jammu : March 07

An explosion has taken place near Jammu bus stand. The area has been cordoned off, and assessment is currently underway. 

News agency ANI reported that there are some injuries in the incident and the injured have been rushed to a hospital. Times Now channel reported that five people have been injured in the blast. The blast is likely to have taken place inside a bus. 

Early visuals from the blast site also showed damaged vehicles.

क्या यही प्यार है! 'मिली बेरूखी तो कर दी प्रेमिका की गला रेत कर हत्या',झारखण्ड में बढ़ते हिंसक वारदात

राँची-  :         हमारे देश भारत का आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है -झारखण्ड ၊ कहते हैं कि  वन्य क्षेत्र व पहाड़ियों में निवास करने वाले लोग स्वभाव से सीधे साये होते हैं ၊ किंतु छोटानागपुर प्रक्षेत्र की संस्कृति में वर्तमान दौर में पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव इस कदर रच बस गया है कि इंसानियत भी शर्मसार हो जाती है ၊ कुछ इसी तरह की एक घटना राजधानी के निकट ओरमांझी  में घटी है ၊    प्रियंका साहू की गला रेतकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी का नाम पवन कुमार है, जो प्रियंका साहू का पूर्व प्रेमी बताया जा रहा है.  पुलिस ने कल मीडिया को बताया कि गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार ने पुलिस को बताया कि प्रियंका काफी दिनों से उसे नजर.अंदाज कर रही थी और दूसरे लड़के के साथ रिश्ते में थी. इससे पवन और प्रियंका के बीच हमेशा लड़ाई होती रहती थी. इसी दौरान मंगलवार को मौका पाकर उसने प्रियंका के घर में घुसकर धारदार हथियार से रेतकर उसकी हत्या कर दी. गौरतलब है कि मंगलवार की शाम ओरमांझी थाना क्षेत्र के ओरमांझी शिव मंदिर के पास रहनेवाले शिव नारायण साहू की 26 वर्षीय पुत्री प्रियंका साहू की धारदार हथियार से गर्दन रेतकर हत्या कर दी गयी थी.


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हत्या के आरोपी पवन कुमार और मृतका प्रियंका साहू पूर्व में एक ही स्कूल में पढ़ाते थे और इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम प्रसंग का मामला चलने लगा था. प्रियंका साहू ओरमांझी के एक स्कूल में टीचर थी. मंगलवार की शाम पांच बजे वह स्कूल से घर आयी थी. घर पर वह अकेली थी. प्रियंका की मां बगल में नवनिर्मित मकान देखने गयी थी, वहीं पिता और भाई ओरमांझी बाजार गये थे. इसी दौरान प्रियंका साहू की गला रेतकर हत्या कर दी गयी थी. रात के तकरीबन आठ बजे प्रियंका की बहन, जो पास के ही एक शोरूम में अकाउंटेंट का काम करती है, उसने घर लौटने पर प्रियंका को अपने कमरे में खून से लथपथ पड़ा देखा. उसने चिल्लाकर आस-पास के लोगों को बुलाया और आनन-फानन में प्रियंका को पास के अस्पताल में ले जाया गया. ज्यादा खून निकल जाने के चलते रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी।

Tuesday, March 5, 2019

जैक 12 कक्षा के फिजीक्स का प्रश्नपत्र लिंक करने के दो आरोपी गिरफ्तार

अशोक कुमार की रिपोर्ट ၊

बगोदर/गिरिडीह:-बगोदर पुुलिस ने मंगलवार को इंटर का फिजीक्स पेपर लीक करने के आरोप बगोदर उच्च विद्यालय के पियुन सरिया थाना क्षेत्र के कपिलो निवासी  अजय कुमार यादव तथा बगोदर मे एक कोचिंग संचालक इसी थाना क्षेत्र के जरमूने पाण्डेयडीह निवासी अभिषेक कौशल को गिरफ्तार किया है। जबकि एक परीक्षार्थी को भी पुछ ताछ के लिए लाया गया है। 

फोटो:- प्रश्न पत्र ऑउट करने वाले गिरफ्तार आरोपी

 वहीं इस मामले को लेेकर बगोदर सरिया एसडीपीओ बिनोद कुमार महतो ने बताया कि  गिरफ्तार अजय यादव ने पुछ-ताछ मे गलती स्वीकार किया है कि अभिषेक कौशल के कहने पर 2 मार्च शनिवार को फिजीक्स का प्रश्नपत्र का  फोटो खीचकर ऑउट किये थे।उन्होंने यह भी बताया कि अभिषेक कौशल ने अपने एक दोस्त परीक्षार्थी को मदद करने के लिए ही पियुन को दो हजार रूपये का प्रभोलन देकर परीक्षा से आधा घंटा पहले प्रश्नपत्र ऑउट कराया था ।यह प्रश्न पत्र हजारीबाग के एक कोचिंग संचालक सुभाष यादव के पास प्रश्नपत्र हल के लिए भेज दिया गया जिसके के बाद एक मेंटल वाट्सअप ग्रुप कोडरमा में वायरल हो गया । वही इसे लेकर कोडरमा में एक मामला दर्ज हुआ है ।दोनों गिरफ्तार को कोडरमा पुलिस को सौप दिया जायगा।

 फोटोः जानकारी देते एसडीपीओ बिनोद कुमार महतो व थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह                                        वहीं एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले कुछ अन्य लोगों की संलिप्ता की बात आयी है ।इसमें शामिल लोगों पर जांच कर करवायी की जायगी।बताया जाता है कि हजारीबाग पुलिस ने कोचिंग संचालक सुभाष यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है ।


      

भारत बंद का रहा आंशिक असर,दो घंटे तक रहा कई जगह परिचालन ठप्प

   भरत मंडल ၊                                            गिरिडीह : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ आज कई समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आये.  दलित, पिछड़ों और आदिवासियों समेत आज भारत बंद में कई सामाजिक संगठन ने भी भाग लिया। इसके अलावा कुछ राजनीतिक दलों ने भी इस भारत बंद को समर्थन किया है। भारत बंद के मुख्य मुद्दे 13 प्वाइंट रोस्टर की जगह 200 प्वाइंट रोस्टर और गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण है। इसके अलावा आदिवासियों की जमीन और देशभर में खाली पड़े 24 लाख से ज्यादा पदों की मांग को लेकर भी ये बंद बुलाया गया है। ऐसे में भारत बंद का गिरिडीह जिले में आंशिक असर देखने को मिला। तोड़फोड़ की आशंका से ग्रामीण इलाकों से शहर आने वाली गाड़ियां बंद रहीं। वहीं लंबी दूरी के वाहनों का चक्का भी जाम रहा। हालांकि बंद का असर सरिया, बगोदर और राजधनवार में देखने को मिला। यहाँ बंद समर्थक सुबह से ही सड़क पर उतरकर सड़क जाम कर दिया जिससे करीब दो घंटे तक परिचालन प्रभावित रहा. इधर भारत बंद के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन ने मुकम्मल तैयारी की थी. जगह_जगह पर पुलिस के जवान तैनात किये गए थे. कही से भी किसी प्रकार का अप्रिय घटना की सुचना नहीं है.

Monday, March 4, 2019

झारखंड का सबसे ऊंचा शिवलिंग; बड़ी महिमा है हरिहर धाम की

हरिहर धाम मंदिर, जिसे आमतौर पर झारखंड के गिरिडीह में स्थित हरिहर धाम के रूप में जाना जाता है . हरिहर धाम भारत के झारखंड राज्य के उत्तरी छोटानागपुर संभाग के गिरिडीह जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम  बगोदर में ग्रैंड ट्रंक रोड से 1 किमी की दूरी पर स्थित है।


गिरिडीह पहले हजारीबाग जिले का हिस्सा था, जो पूर्व अविभाजित बिहार राज्य का था। बाद में गिरिडीह को एक अलग जिला और झारखंड राज्य का हिस्सा बनाया गया।


65 फीट (20 मीटर) की ऊंचाई के साथ शिवलिंग दुनिया में सबसे ऊंचा है। मंदिर 25 एकड़ (10 हेक्टेयर) के क्षेत्र में फैला हुआ है और नदी से घिरा हुआ है। विशाल शिवलिंग का निर्माण पूरा करने में लगभग 30 साल लग गए। मंदिर एक प्रमुख पर्यटक स्थल है और हर साल श्रावण पूर्णिमा पर भगवान शिव की पूजा करने के लिए भक्तों द्वारा यहां जाया जाता है। श्रावण के पवित्र महीने में श्रावण पूर्णिमा की पूर्णिमा की रात होती है। यह त्योहारों और पवित्र अनुष्ठानों का महीना है। श्रावण के पवित्र महीने के उज्ज्वल आधे के पांचवें दिन, नाग पंचमी के रूप में लोकप्रिय एक नाग की पूजा करने का अनुष्ठान मनाया जाता है। अपने धार्मिक महत्व के कारण हरिहर धाम हिंदू धर्म के लोगों के लिए विवाह का एक लोकप्रिय स्थान है| यहां श्री हनुमान और राधा-कृष्णा जी का मंदिर है|


बगोदर में स्थित है हरिहर धाम। भगवान शिव की पूजा-अर्चना और अपने भव्य मंदिर को लेकर यह धाम काफी मशहूर है। यह धाम चट मंगनी पट ब्याह के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण शिवलिंग के रूप में किया गया है, जो विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जाता है। इसकी ऊंचाई 65 फीट है। 


हरिहर धाम के बारे में कहा जाता है कि यह एक ऐसा मंदिर है, जहां होने वाली हजारों शादियां हर दूसरे वर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देती हैं। मतलब इस मंदिर में *होने वाली शादियों का आंकड़ा अपने पिछले वर्ष से हर साल ज्यादा हो जाता है।


*इस मंदिर का निर्माण शिवलिंग के रूप में किया गया है। यह मंदिर परिसर नदी से घिरा हुआ है। इस बड़े शिवलिंग के निर्माण में 30 साल लगे थे*।

गिरिडीह-मधुपुर नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में हुआ भूमिपूजन व शिलान्यास , हुआ भव्य समारोह का आयोजन

महाशिवरात्रि के शुभअवसर पर पारसनाथ गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में हुआ भूमिपूजन व शिलान्यास , हुवा भव्य समारोह का आयोजन 

युगल किशोर  ၊ गिरिडीह :- महाशिवरात्रि के शुभअवसर पर पारसनाथ गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना का पारसनाथ रेलवे स्टेशन प्रांगण में भव्य समारोह का आयोजन करते हुऐ  भूमिपूजन व शिलान्यास  किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि गिरिडीह लोक सभा सांसद रबिन्द्र कुमार पाण्डेय, धनबाद रेलमंडल के डी आर एम , डुमरी बिधायक जगरनाथ महतो, गिरिडीह बिधायक निर्भय शाहाबादी सहित स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारीसहित दर्जनो जनप्रतिनिधि गण एवम सैकड़ो कि सँख्या में जनता जनार्दन उपस्थित थे ।


बता दे कि जैनियो के विश्व प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र पारसनाथ शिखर जी भाया गिरिडीह के रास्ते रेेेल मार्ग की थी मांग

बहुत अरसे से किया जा रहा था इस मांग को प्राथमिकता देते हैं केंद्र सरकार ने इस पर पहल शुरू , इस नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी जिसका आज भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया।


 अब लोगों को एक नई आशा की किरण जगी है क्योंकि पारसनाथ के तलहटी क्षेत्र में आज भी आवागमन का कोई पथ नही है , नई रेल लाइन बन जाने से सुदूर ग्रामीणों को काफी फायदा होगा साथ ही साथ देश के विभिन्न राज्यो से आने वाले जैन तीर्थ यात्रियों को सीधे तौर पर शिखर जी मधुबन जाने की रेल सुविधा शुगम हो जाएगी ।

बता दें कि पारसनाथ वाया गिरिडीह नई रेल लाइन जो करीब नौ सौ करोड़ की लागत से बनने वाली यह रेल लाइन परियोजना  इस क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

Sunday, March 3, 2019

विश्वप्रसिद्ध औद्योगिक घराने टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नौशेरवान जी टाटा के जन्म दिवस पर विशेष

सर जमशेदजी टाटा (जन्म ३ मार्च,१८३९ - मृत्यु १९ मई,१९०४) वर्तमान में भारत के विश्वप्रसिद्ध औद्योगिक घराने टाटा समूह के संस्थापक थे।धोपावकर बंधू-भगिनी एवम परिवार अहमदनगर की ओर से जमशेदजी टाटा के महान कार्य को कोटि कोटि सादर प्रणाम।

जमशेदजी का जन्म सन १८३९ में गुजरात के एक छोटे से कस्बे नवसेरी में हुआ था।उनके पिता जी का नाम नुसीरवानजी था व उनकी माता जी का नाम जीवनबाई टाटा था । पारसी पादरियों के अपने खानदान में नुसीरवानजी पहले व्यवसायी थे । भाग्य उन्हें बंबई ले आया जहाँ उन्होने व्यवसाय ( धंधे ) में कदम रखा । जमशेदजी 14 साल की नाज़ुक उम्र में ही उनका साथ देने लगे । जमशेदजी ने एल्फिंस्टन कालेज (Elphinstone College) में प्रवेश लिया और अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने हीरा बाई दबू से विवाह कर लिया था । वे 1858 में स्नातक हुए और अपने पिता के व्यवसाय से पूरी तरह जुड़ गए।

'' उद्योग का आरम्भ '':- वह दौर बहुत कठिन था। अंग्रेज़ अत्यंत बर्बरता से 1857 की क्रान्ति को कुचलने में सफल हुए थे। जमशेदजी 29 साल की उमर तक अपने पिताजी के साथ ही काम करते रहे । 1868 में उन्होने 21000 रुपयों के साथ अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया । सबसे पहले उन्होने एक दिवालिया तेल कारखाना ख़रीदा और उसे एक रुई के कारखाने में तब्दील कर दिया और उसका नाम बदल कर रखा - एलेक्जेंडर मिल (Alexender Mill) ! दो साल बाद उन्होने इसे खासे मुनाफे के साथ बेच दिया । इस पैसे के साथ उन्होंने नागपुर में 1874 में एक रुई का कारखाना लगाया । महारानी विक्टोरिया ने उन्ही दिनों भारत की रानी का खिताब हासिल किया था और जमशेदजी ने भी वक़्त को समझते हुए कारखाने का नाम इम्प्रेस्स मिल(Empress Mill) (Empress का मतलब ‘महारानी’ ) रखा ।

''महान दूरदर्शी''::-जमशेदजी एक अलग ही व्यक्तित्व के मालिक थे । उन्होंने ना केवल कपड़ा बनाने के नए नए तरीक़े ही अपनाए बल्कि अपने कारखाने में काम करने वाले श्रमिकों का भी खूब ध्यान रखा। उनके भले के लिए जमशेदजी ने अनेक नई व बेहतर श्रम-नीतियाँ अपनाई। इस नज़र से भी वे अपने समय से कहीँ आगे थे । सफलता को कभी केवल अपनी जागीर नही समझा, बल्कि उनके लिए उनकी सफलता उन सब की थी जो उनके लिए काम करते थे। जमशेदजी के अनेक राष्ट्रवादी और क्रांतिकारी नेताओं से नजदीकी संबंध थे,इन में प्रमुख थे,दादाभाई नौरोजी और फिरोजशाह मेहता । जमशेदजी पर और उनकी सोच पर इनका काफी प्रभाव था। उनका मानना था कि आर्थिक स्वतंत्रता ही राजनीतिक स्वतंत्रता का आधार है। जमशेद जी के दिमाग में तीन बडे विचार थे -1)अपनी लोहा व स्टील कंपनी खोलना;2)एक जगत प्रसिद्ध अध्ययन केंद्र स्थापित करना;3)एक जलविद्युत परियोजना (Hydro-electric plant) लगाना । दुर्भाग्यवश उनके जीवन काल में तीनों में से कोई भी सपना पूरा ना हो सका । पर वे बीज तो बो ही चुके थे, एक ऐसा बीज जिसकी जड़ें उनकी आने वाली पीढ़ी ने अनेक देशों में फैलायीं । जो एक मात्र सपना वे पूरा होता देख सके वह था होटल ताज महल। यह दिसंबर 1903 में 4,21,00,000 रुपये के शाही खर्च से तैयार हुआ। इसमे भी उन्होने अपनी राष्ट्रवादी सोच को दिखाया था। उन दिनों स्थानीय भारतीयों को बेहतरीन यूरोपियन होटलों में घुसने नही दिया जाता था । ताजमहल होटल इस दमनकारी नीति का करारा जवाब था। 1904 में जर्मनी में उन्होने अपनी आख़िरी सांस ली ।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...