Wednesday, April 17, 2019

राजस्थान में सडक हादसे मे घायल सूरज की इलाज के दौरान रिम्स में मौत

   फोटो:-मृतक सुरज महतो का फाइल फोटो  बगोदर/गिरिडीह:-राजस्थान के जलौर जिला के भीनमाल मे सडक दुर्घटना में बगोदर थाना क्षेत्र के बेको पूर्वी पंचायत के सुदरूटांड गांव निवासी सूरज महतो 30 वर्ष पिता स्व हेमलाल महतो की मौत ईलाज के दौरान मंगलवार रात रांची के रिम्स हो गया।बताते चलें कि विगत 25 फरवरी 2019 को बोलेरो पिकअप वैन मे सवार होकर काम करके वापस डेरा लौट रहे थे कि इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर  जलौर जिला के भीनमाल थाना क्षेत्र में पलट गई थी।जिससे वहाँ करीब आधा दर्जन भर लोग घायल गए ।जबकि इसी गांव के दो मजदूर बासुदेव साव 45 वर्ष व राजु महतो 20 वर्ष की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। वहीं सूरज महतो के माथे में गंभीर चोट लगी थी जिसे गुजरात के मेसयाना के आस्था आईसीयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था।जहाँ परिजनों ने ईलाज मे लगभग 9 लाख रूपये खर्च किये।जिसके बाद पैसे के अभाव में डेढ़ महीने बाद उन्हें गुजरात से लाकर रांची रिम्स में भर्ती कराया गया।

 जहां इलाज के दौरान मौत हो गयी।घटना से परिजनों मे दुख का पहाड़ टूट पड़ा । परिजनों के चित्कार से माहौल गमगीन हो गया।मृतक युवक चार भाईयों मे सबसे बड़ा था और अपने पीछे पत्नी बसंती देवी व दो पुत्र दीवान कुमार 8र्वष व धीरज कुमार 5 वर्ष को छोड़ गया है। बता दे इधर शव पहुंते ही गाँव के ग्रामीणों सहित कई संगठन के समाजिक कार्यक्रता घर पहुँच कर परिवार को सांत्वना दिए, तथा आर्थिक सहयोग पुर्व किए हैं, वहीं परिजनो में इलाज के बाद से आर्थिक स्थिति काभी दयनीय हो गया၊हद तक एम्बूलेंस के भाडे की जुगाड नही हो रही थी ,जहाँ समाज के महान अनुभवों ने एम्बुलेंस को भाडे देकर समाज का एक अलग पहचान बनाया है၊ बता दे की बेको में पहले से ही लोग समाज के प्रति जीवन जीते हैं၊ वहीं सांत्वना देने वाले समाजिक लोगो में जिला परिषद सदस्य गाजेन्द्र महतो, मुखिया टेकलाल चौधरी पंसस भगिया देवी भुनेश्‍वर महतो कमोद यादव, हिरामण महतो हरिलाल महतो, भुनेश्वर महतो पुरन महतो, बुलाकी महतो नारायण महतो


फोटो:-मृतक सुरज महतो का फाइल फोटो  

जैन धर्म के 24 वें तीर्थकार स्वामी महावीर का जन्म चैत्र मास के शुक्ल त्रयोदशी तिथि पर विशेष

 जैन समुदाय के लिए महावीर जयंती का विशेष महत्व होता है।  जैन धर्म के 24 वें तीर्थकार स्वामी महावीर का जन्म चैत्र मास के शुक्ल त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। महावीर जयंती जैन समुदाय द्वारा भगवान महावीर के जन्म की खुशी में उत्सव के रूप में मनाते हैं। 

 पंचशील सिद्धान्त के प्रर्वतक और जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर महावीर अहिंसा के प्रमुख ध्वजवाहकों में से एक है।

 महावीर जयंती कठिन तपस्या से जीवन पर विजय प्राप्त करने का त्योहार है। महावीर जयंती पर जैन मंदिरों मे भगवान महावीर की मूर्ति का विशेष रूप से अभिषेक किया जाता है। 

भगवान महावीर का जन्म लगभग 600 वर्ष पूर्व चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन हुआ था। भगवान महावीर के पिता का नाम महाराज सिद्धार्थ और माता का नाम महारानी त्रिशला था। महावीर बचपन से ही बड़े तेजस्वी और साहसी बालक थे।

गृहस्थ जीवन त्याग करने के बाद महावीर ने साढ़े 12 सालों तक कठोर तपस्या की फिर वैशाख शुक्ल दशमी को ऋजुबालुका नदी के किनारे साल के पेड़ के नीचे उनको 'कैवल्य ज्ञान' की प्राप्ति हुई थी। महावीर के जन्म को कल्याणक के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन जैन मंदिरों में महावीर की मूर्तियों को अभिषेक किया जाता है इसके बाद मूर्ति को रथ पर स्थापित करके शहर में जुलूस निकाला जाता है।

भगवान महावीर ने जीवन में कई उपदेश दिया था। महावीर स्वामी अहिंसा के पुजारी थे उनका मानना था कि इस दुनिया में जितने भी जीव है उन पर कभी भी हिंसा नहीं करनी चाहिए। भगवान महावीर का कहना है कि मनुष्य को कभी भी असत्य का मार्ग नहीं अपनाना चाहिए। मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। महावीर स्वामी ने ब्रह्राचर्य के बारे में बताया है कि उत्तम तपस्या,ज्ञान ,संयम और  विनय ब्रह्राचर्य की जड़ है।

भगवान महावीर के अनमोल विचार

- आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है। असली शत्रु अपने भीतर रहते हैं। वे शत्रु हैं- लालच, द्वेष, क्रोध, घमंड और आसक्ति और नफरत। 


- मनुष्य के दुखी होने की वजह खुद की गलतिया ही है, जो मनुष्य अपनी गलतियों पर काबू पा सकता है वहीं मनुष्य सच्चे सुख की प्राप्ति भी कर सकता है।


- महावीर हमें स्वयं से लड़ने की प्रेरणा देते हैं। वे कहते हैं- स्वयं से लड़ो, बाहरी दुश्मन से क्या लड़ना? जो स्वयं पर विजय प्राप्त कर लेगा उसे आनंद की प्राप्ति होगी।

- आत्मा अकेले आती है अकेले चली जाती है, न कोई उसका साथ देता है न कोई उसका मित्र बनता है।

- आपात स्थिति में मन को डगमगाना नहीं चाहिये


- खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर है।

 

जे.जे. इग्लिश मीडियम्  स्कूल, मधुबन में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी जी की जयंती मनाते बच्चे,  शिक्षकगण ၊

जैन धर्म के 24वें एवं अंतिम तीर्थकर भगवान महावीर के 2617वी जयन्ती पर जैन उच्च विद्यालय मधुबन ने प्रभात फेरी निकाली

जैन धर्म के 24वें एवं अंतिम तीर्थकर भगवान महावीर के 2617वी जयन्ती 17 अप्रैल 2019को जैनियों की पवित्र धरती मधुबन में जैन उच्च विद्यालय मधुबन के छात्र छात्राओं ने विद्यालय प्रधानाचार्य परमेश्वर झा, शिक्षक चंदन तिवारी, अनूप कुमार, शिक्षिका दिब्या कुमारी, लिपिक प्रबीर माजी, आदेश्पाल आसीम कुमार माजी एवं धर्मेन्द्र कुमार सिंह के साथ प्रभात फेरी निकाली ।  

विद्यालय के छात्र छात्राओं ने अहिंसा परमो धर्मः,जियो और जीने दो एवं जैन धर्म की जयकारे के साथ विद्यापीठ में स्थित कमल मंदिर में आचार्यश्री पदम् प्रभ सू म स की मूर्ति एवं भगवान महावीर की मूर्ति का विद्यालय प्रधानाचार्य एवं अन्य शिक्षकों ने अगरबत्ती, दीप एवं पुष्प से अभिषेक किए । इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बच्चों को संबोधित करते हुए भगवान महावीर के उपदेश को बताए और उनके द्वारा बताए मार्ग पर चलने की सलाह दी ।  

            उन्होंने कहा कि भगवान महावीर एक ऐसे तीर्थकर थे जिनके बताए मार्ग पर आज पूरा विश्व  चल रहा है ।

मुख्यमंत्री रघुबर दास लोहरदगा के पेशरार में करेंगे पदयात्रा


मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास कल दिनांक 18.04.2019 को गुमला और लोहरदगा जाएंगे। इस क्रम में मुख्यमंत्री पूर्वाह्न 11:30 बजे गुमला के बिशुनपुर प्रखंड स्थित कसिरा प्रोजेक्ट हाई स्कूल मैदान और सिसई प्रखंड स्थित थाना मैदान में अपराह्न 1:30 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। 

पेशरार में करेंगे पदयात्रा

मुख्यमंत्री सिसई और बिशुनपुर में जनसभा को संबोधित करने के बाद लोहरदगा जिला स्थित पेशरार जाएंगे।पेशरार में मुख्यमंत्री अपराह्न 3:00 बजे पदयात्रा में भाग लेंगे। मालूम हो कि 2014 से पूर्व पेशरार को नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। लेकिन वर्त्तमान सरकार की पहल पर पेशरार को बिजली, सड़क समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं से आच्छादित किया गया। दूसरी ओर सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अथक प्रयास से आज पेशरार उग्रवाद मुक्त है। कल तक जहां उग्रवादियों की चहलकदमी से भय का माहौल था, आज वहां भय का स्थान खुशहाली ने ले लिया है।

मुख्यमंत्री पदयात्रा के बाद देर शाम जमशेपुर जाएंगे और स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम जमशेदपुर में निर्धारित है।

हज़ारीबाग से भाजपा प्रत्याशी जयंत सिन्हा है 'धनकुबेर' : 5 साल में संपत्ति में 21 करोड़ से ज्यादा का इजाफा, जयंत के पास 2.15 करोड़ की कलाकृतियां, 24 लाख की घड़ियां

 

भाजपा हो या कांग्रेस, दोनों ही खेमे शायद ये जरूर मानते हैं कि चुनाव लड़ना कोई सस्ता खेल नहीं। दोनों ओर से प्रत्याशियों की घोषणा पूरी हो चुकी है। घोषित प्रत्याशियों के पिछले चुनावों के दौरान दायर शपथ पत्र बताते हैं कि दोनों ही पक्षों के 57% प्रत्याशी करोड़पति हैं। हालांकि इनमे से हज़ारीबाग सीट पर भाजपा सांसद सह उम्मीदवार जयंत सिन्हा की संपत्ति इतनी है, की झारखंड के सभी उम्मीदवारों की कुल चल अचल संपत्ति भी मिला दी जाये, तो वो जयंत सिन्हा की संपत्ति का एक तिहाई तक भी भी नहीं होगा। हैरान हो गए न आप। जी हां, भाजपा उम्मीदवार जयंत सिन्हा की कुल संपत्ति सुनकर आपको यकीन नहीं होगा की ये माननीय झारखंड में जनता की सेवा करने वाले जनप्रतिनिधि है। यहां तक की जयंत सिन्हा की संपत्ति झारखंड में कांग्रेस के सबसे अमीर सांसद प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय से भी 13 गुना ज्यादा है। जयंत के पास 2.15 करोड़ की कलाकृतियां, 24 लाख की घड़ियां और 12.5 लाख कीमत के कफलिंक्स भी हैं।


77.07 करोड़ है जयंत सिन्हा की संपत्ति :

जयंत सिन्हा के 2014 में दायर शपथ पत्र के मुताबिक उनकी संपत्ति 55 करोड़ से भी ज्यादा है। जबकि बुधवार को दायर उनके नामांकन पत्र के मुताबिक उनकी संपत्ति करीब डेढ़ गुना बढ़कर 77.07 करोड़ हो गई है। महागठबंधन की ओर से उतरे प्रत्याशियों में सबसे अमीर सुबोधकांत सहाय हैं। रांची के रण में उतरे सहाय का 2014 का शपथ पत्र बताता है कि उनकी कुल संपत्ति 5.89 करोड़ है। जयंत सिन्हा की कुल संपत्ति इससे 13 गुना ज्यादा है। 

पांच साल में 21 करोड़ तक बढ़ गयी जयंत की संपत्ति :

झारखंड के चुनाव मैदान में सबसे अमीर उम्मीदवार जयंत सिन्हा की संपत्ति पिछले 5 साल में करीब डेढ़ गुना बढ़ गई। 2014 में उनकी कुल घोषित संपत्ति 55.68 करोड़ थी। 2019 चुनाव के लिए दिए शपथ पत्र में उन्होंने 77.07 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। यानी जयंत की संपत्ति में पांच साल में 21.39 करोड़ का इजाफा हुआ।

नक्सलियों ने की 'आप' कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या , क्षेत्र में दहशत का माहौल

डुमरी:पीरटांड़ प्रखंड के चिरकी हरलाडीह मुख्य पथ के चिरकीया नदी के बांध पंचायत के केंदुआडीह सोनुआ बेसरा का 25 वर्षीय पुत्र चिड़का बेसरा की हत्या बीती रात्रि गोली मारकर कर दी गई।हत्या के कारणों का पुलिस कुछ भी खुलासा नहीं कर रही है।पीरटांड़ पुलिस का कहना है कि अभी अनुसंधान जारी है।एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह से पूछे जाने पर कहा कि कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि दबी जुबान से ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर नक्सलियों ने ही हत्या की है।वहीं मृतक के परिजनों का कहना है कि रात को हथियारों से लैस कुछ बंदूकधारी  घर आए और उसे पकड़ कर लेते चले गए।उसके भाई का कहना है कि वह डुमरी कॉलेज में पढ़ाई करता था साथ ही वह आप पार्टी का कार्यकर्ता भी था, इसकी हत्या क्यों की गई यह हमसबों को पता नहीं है।पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर थाना ले गई और आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम हेतु गिरिडीह भेज दिया।पुलिस हर बिन्दु पर जांच कर रही है।वहीं घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है जबकि ग्रामीणों में दहशत है।

बता दें कि दो दिन पूर्व भी डुमरी थाना क्षेत्र के कानाडीह निवासी चुड़का सोरेन की हत्या माओवादियों ने गोली मारकर दी थी। जिस पर महागठबंधन समर्थित झामुमो प्रत्याशी सह स्थानीय डुमरी विधायक जगरनाथ महतो ने मृतक को अपने पार्टी का कार्यकर्ता बताया था ၊ जानकारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव को ले माओवादी अपनी उपस्थिति दर्ज करा दहशत फैलाने में जूटी है।

पिस्तौल और पाँच गोली के साथ कुख्यात अपराधी चुनचुन सिंह गिरफ्तार

लखीसराय से संतोष कुमार गुप्ता ၊

 लखीसराय ၊ कोटा से फरार बेगूसराय जिला के कुख्यात अपराधी एवं चर्चित रामदीरी के मुखिया मुन्ना सिंह की  हत्या के मामले में चुनचुन सिंह को गिरफ्तार किया गया अपराधी के पास से एक देसी पिस्तौल 5 जिंदा कारतूस एक खोका एवं एक मोबाइल बरामद हुआ अपराधी चुनचुन सिंह पिपरिया थाना के बलीपुर एक व्यक्ति की हत्या करने की नियत से आया था ၊ 

उसकी सूचना पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा को गुप्त सूचना मिली थी और पिपरिया थाना अध्यक्ष बैभब कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ के साथ छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया गया। इस अपराधी पर हत्या लूट रंगदारी डकैती अन्य मामलों में फरार चल रहा था छापेमारी दल के नेतृत्व कर रहे पदाधिकारी को एसपी कार्तिकेय शर्मा द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।


बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...