Friday, August 30, 2019

कल तक कर लें IT रिटर्न फाइल, अब आगे नहीं बढ़ेगी डेडलाइन



आयकर रिटर्न (ITR या आईटीआर )  फाइल करने की डेडलाइन कल यानी 31 अगस्‍त को खत्‍म होने वाली है. यह डेडलाइन अब आगे नहीं बढ़ेगी. दरअसल, शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें आईं कि आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन बढ़ाकर 31 सितंबर कर दी गई है. इस खबर के वायरल होने के बाद इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने सफाई दी है.

डिपार्टमेंट की ओर से साफ तौर पर टैक्‍सपेयर्स को कल यानी 31 अगस्‍त तक आईटीआर फाइल करने की सलाह दी गई है. इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''सीबीडीटी के संज्ञान में आया है कि आईटी रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तिथि बढ़ाने के संबंध में एक आदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है. यह खबर आधारहीन है. इसमें किसी भी तरह की सच्‍चाई नहीं है. ऐसे में टैक्‍सपेयर्स को 31 अगस्‍त तक आईटीआर फाइल करने की सलाह दी जाती है.''

बता दें कि बीते जुलाई महीने में आईटीआर फाइल करने की 31 जुलाई की डेडलाइन को बढ़ाकर 31 अगस्‍त तक कर दिया गया था. ऐसे में अब आईटीआर फाइलिंग की आखिरी तिथि कल यानी 31 अगस्‍त है.  

कौन कर सकता है आईटीआर फाइल?

वैसे तो देश के हर नागरिक को आईटीआर फाइल करना चाहिए. दरअसल, आईटीआर फाइलिंग से मतलब ये है कि आप सरकार को अपनी कमाई-निवेश और अन्‍य खर्च की जानकारी दे रहे हैं. आईटीआर फाइलिंग के बाद अगर आप पर टैक्स देनदारी बनती है तो आपको टैक्‍स चुकाना पड़ता है. चार्टर्ड अकाउंटेंट सीके मिश्रा कहते हैं, ''जो लोग क्रेडिट कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं या विदेश के दौरे पर जाते हैं या फिर पैसों का अधिक लेन-देन करते हैं उनको जरूर आईटी रिटर्न दाखिल करना चाहिए. वर्ना इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट का नोटिस मिल सकता है.'' 

उन्‍होंने आगे बताया कि खासतौर से जिनकी इनकम योग्य है उनको देर नहीं करनी चाहिए और जुर्माने से बचने के लिए 31 अगस्त से पहले इनकम टैक्‍स दाखिल कर देना चाहिए. मिश्रा ने यह भी बताया कि पिछले आकलन वर्षों के दौरान जो टैक्‍सपेयर्स आईटीआर फाइल करते रहे हैं उने लिए भी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है. अगर ऐसा नहीं किया तो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की ओर से नोटिस भेजा जा सकता है.

देरी पर लग सकता है जुर्माना

अगर आपने 31 अगस्‍त तक रिटर्न दाखिल नहीं किया तो आपको 5,000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है.  हालांकि 5,000 रुपये जुर्माना सिर्फ उन्हीं टैक्‍सपेयर्स को भरना पड़ेगा जिनकी टैक्‍स योग्य इनकम वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान पांच लाख रुपये से अधिक रही है. जिनकी टैक्‍स योग्य इनकम उक्त वित्त वर्ष के दौरान पांच लाख रुपये से कम है, उनको 31 अगस्त के बाद सिर्फ 1,000 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा.

पांच लाख रुपये से अधिक आय वाले टैक्‍सपेयर्स को एक सितंबर से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक रिटर्न दाखिल करने पर 5,000 रुपये और उसके बाद एक जनवरी 2020 से लेकर 31 मार्च 2020 तक आयकर रिटर्न दाखिल करने पर 10,000 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा.  वहीं जिनकी आय पांच लाख रुपये से कम है उनको 31 अगस्त 2019 के बाद 31 मार्च 2020 तक आयकर रिटर्न दाखिल करने पर सिर्फ 1,000 रुपये ही जुर्माना भरना पड़ेगा.

धनबाद के आउटसोर्सिंग कंपनी एटी देव प्रभा के खिलाफ सीबीआई ने मारा छापा, कई दस्तावेज जब्त


धनबाद ၊
बीसीसीएल के ईजे एरिया (भौंरा) में संचालित आउटसोर्सिंग एटी देव प्रभा में शुक्रवार को सीबीआई की टीम ने छापामारी की। आउटसोर्सिंग कंपनी एटी देव प्रभा कंपनी के खिलाफ कई मामले हैं।बताया जाता है कि ओवर रिपोर्टिंग और बिजली बिल में लाखों रुपये की गड़बड़ी का माला इस कंपनी के खिलाफ चल रहा है।इसके साथ ही 154 करोड़ रुपये के टेंडर में अनियमितता पायी है।भौरा एरिया में करीब तीन घंटे तक सीबीआई की टीम ने छापामारी की।इस दौरान टीम ने कंपनी से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किये हैं। सीबीआई के अधिकारियों ने इस मामले में अभी कुछ भी बताने से इंकार किया है।उनका कहना है कि मामले की जांच चल रही है, जांच के बाद ही कुछ बता पायेंगे।

PNB का होगा विलय, 18 में से 14 सरकारी बैंक प्रॉफिट में - निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री




भारतीय इकोनॉमी की सुस्‍ती को दूर करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक बार फिर मीडिया से मुखातिब हो रही हैं. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि हमारी सरकार 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लिए प्रयास कर रही है. उन्‍होंने बैंकिंग सेक्‍टर को लेकर कहा कि लोगों के हित में फैसले लिए जा रहे हैं.

- निर्मला सीतारमण ने पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक के विलय का ऐलान किया. इस विलय के बाद पीएनबी देश का दूसरा बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा. इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक के विलय का भी ऐलान किया. निर्मला सीतारमण ने बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का भी विलय होगा.

- निर्मला सीतारमण ने आगे बताया कि 18 में से 14 सरकारी बैंक प्रॉफिट में हैं.

- निर्मला सीतारमण ने कहा कि हाउसिंग फाइनेंस को 3300 करोड़ रुपये का सपोर्ट सरकार देगी.

- उन्‍होंने आगे बताया कि अब तक 3 लाख से अधिक शेल कंपनियां बंद हो चुकी हैं.

- उन्‍होंने नीरव मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि भगोड़ों की संपत्ति के जरिए रिकवरी जारी है.

- इससे पहले दिन भर दबाव में कारोबार करने वाले भारतीय शेयर बाजार को निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की खबर से बूस्‍ट मिला.

कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 263.86 अंक मजबूत होकर 37,332 अंक पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी की बात करें तो 74.95 अंक (0.68%) मजबूत होकर 11,023.25 अंक पर बंद हुआ. यह लगातार दूसरा सप्‍ताह है जब आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए.

इससे पहले बीते शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई बड़े ऐलान किए. उन्‍होंने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) पर लगाये गए बढ़े सरचार्ज को वापस ले लिया. दरअसल, 5 जुलाई को आम बजट में वित्त मंत्री ने एफपीआई पर सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया था. इसके बाद विदेशी निवेशक फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे. बता दें कि बजट के बाद विदेशी निवेशकों में निराशा का माहौला था. इस वजह से जुलाई महीने में शेयर बाजार में जबरदस्‍त बिकवाली देखने को मिली.

बैंकिंग सेक्‍टर

इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों को जल्द ही 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी उपलब्ध कराने का ऐलान किया. इसके साथ ही बताया कि बैंक अब आरबीआई द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती का फायदा सीधे ग्राहकों को देंगे. इसका असर ये होगा कि ग्राहकों को अब होम और ऑटो लोन सस्ते मिलेंगे.

ऑटो सेक्‍टर

वहीं ऑटो इंडस्‍ट्री को बूस्‍ट देने के लिए भी अहम फैसले लिए गए. निर्मला सीतारमण ने बताया कि 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए BS-4 वाहन मान्य होंगे. इसके अलावा वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस को जून 2020 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. उन्‍होंने सरकारी विभागों द्वारा वाहनों की खरीद पर लगी रोक को हटा दिया है.

- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि GST रिफंड में देरी से पैसों की कमी झेलने वाले कारोबारियों को राहत देते हुए ऐलान किया गया कि अब जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिनों के अंदर किया जाएगा.

- इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर फोकस करते हुए 100 लाख करोड़ रुपये का पैकेज देने का ऐलान किया गया. इस सेक्टर के कामकाज पर नजर रखने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी.

Thursday, August 29, 2019

पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहीं हैं उल्काएं, धरती से टकराकर भारी तबाही ला सकते हैं


अंतरिक्ष में हजारों की संख्या में ऐसे एस्टेरॉयड मौजूद हैं। जो धरती से टकरा जाएं तो भारी तबाही ला सकते हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने 2000 QW7 नाम के एक ऐसे एस्टेरॉयड का पता लगाया है, जो धरती के लिए मुसीबत बन सकता है। नासा के मुताबिक, दुनिया की सबसे बुर्ज खलीफा की ऊंचाई के बराबर का ये स्टेरॉयड तेज गति से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि अगर यह पृथ्वी से टकराया तो पूरी दुनिया में भारी तबाही आ सकती है।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक यह एस्टेरॉयड 23,100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धरती की तरफ बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनिसार यह 14 सितंबर को लगभग 5.3 मिलियन किलोमीटर की दूरी से धरती के पास से गुजरेगा। अविश्वसनीय रूप से इसका आकार 1,250 फुट है, जो की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की ऊंचाई से लगभग दोगुना है।

भले ही इसे पृथ्वी के निकट माना जा रहा है, लेकिन यह अभी भी काफी दूरी से गुजरेगा। 2000 QW7 पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से लगभग 13.87 गुना अधिक दूरी से गुजरेगा। वैज्ञानिकों ने इसे अटेन श्रेणी में रखा है जिसका अर्थ है कि यह धरती के नजदीक से गुजरने वाला एस्टेरॉयड है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 सितम्बर को रांची में आयोजित कार्यक्रम में साहेबगंज मल्टीमॉडल टर्मिनल बंदरगाह तथा विधानसभा भवन का उदघाटन करेंगे



साहेबगंज- मुख्य सचिव  देवेन्द्र कुमार तिवारी , विकास आयुक्त सुखदेव सिंह तथा परिवहन सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने गंगा नदी पर  साहेबगंज में बने मल्टी मॉडल टर्मिनल बंदरगाह का निरिक्षण किया ၊ उन्होंने वेयरहाउस,  कन्वेयर बेल्ट, जेटी, क्रेन इत्यादि का अवलोकन  किया ၊ मुख्य सचिव ने कहा बंदरगाह निर्माण  का कार्य काफ़ी अच्छा हुआ है ၊ उन्होंने बताया कि 12 सितम्बर 2019 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी रांची में आयोजित कार्यक्रम में साहेबगंज मल्टीमॉडल टर्मिनल बंदरगाह तथा विधानसभा भवन का उदघाटन करेंगे ၊ बंदरगाह चालू हो जाने से साहेबगंज तथा संथाल परगना के अर्थव्यवस्था को  गति मिलेगी ၊
साहेबगंज बंदरगाह के प्रशासनिक भवन में मुख्य सचिव देवेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में  बंदरगाह के संबंध में बैठक हुई ၊बैठक में वाईस चेयरमैन भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण प्रवीण पाण्डेय ने बताया कि साहेबगंज बंदरगाह के चालू हो जाने से साहेबगंज, हल्दिया और वाराणसी से जलमार्ग से जुड़ जायगा ၊ जलमार्ग से परिवहन, सड़क मार्ग से परिवहन की तुलना में काफ़ी सस्ता होगा l साहेबगंज बंदरगाह, सड़क तथा रेलमार्ग से जुड़ा हुआ है l बंदरगाह के समीप  लॉजिस्टिक पार्क निर्माण की भी प्रक्रिया चल रही है l क़ृषि उत्पादों  के व्यापार तथा टूरिज्म को भी इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जायगा ၊
मुख्य सचिव ने कहा कि बंदरगाह बन जाने से गाड़ियों की आवाजाही बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी, इसलिए ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था को बेहतर करना होगा ၊
बैठक में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, परिवहन सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो, उपायुक्त साहेबगंज राजीव रंजन, आरक्षी अधीक्षक  साहेबगंज एच0 पी0 जनार्दनन, अपर समाहर्ता अनमोल कुमार सिंह, 
 अनुमंडल पदाधिकारी राजमहल कर्ण सत्यार्थी अनुमंडल पदाधिकारी साहेबगंज पंकज कुमार साव,  जिला योजना पदाधिकारी रामनिवास सिंह,  परियोजना प्रभारी, मल्टी मॉडल बंदरगाह  प्रशांत कुमार तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे ၊

तो क्या पाकिस्तान के मिसाइल परीक्षण से भारत डर जाएगा?



तो क्या पाकिस्तान के मिसाइल परीक्षण से भारत डर जाएगा? 
31 अगस्त तक बंद हैं एयर स्पेस
= SP Mittal===========
28 अगस्त को जब पाकिस्तान ने सम्पूर्ण एयर स्पेस बंद करने की घोषणा की थी, तभी यह आशंका हो गई थी कि पाकिस्तान कुछ न कुछ हरकत करेगा। 29 अगस्त को दोपहर में मीडिया में खबरें आई कि पाकिस्तान ने 28 अगस्त की रात को बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। पाकिस्तान का दावा है कि 290 किलोमीटर तक जाने वाली यह मिसाइल अपने साथ 700 किलो विस्फोटक सामग्री ले जा सकती है। यानि यह मिसाइल जिस स्थान पर गिरेगी वहां 700 किलो विस्फोटक सामग्री का विस्फोट होगा। चूंकि मिसाइल का परीक्षण सफल रहा, इसलिए वैज्ञानिकों की टीम को पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष से लेकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक ने बधाई दी है। साफ जाहिर है कि पाकिस्तान की ओर से यह कार्यवाही भारत को डराने और दुनिया खासकर मुस्लिम देशों पर दबाव बनाने के लिए की गई है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को बेअसर करने के बाद से ही पाकिस्तान, भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है। चूंकि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को किसी भी देश का समर्थन नहीं मिमला, इसलिए अब आए दिन युद्ध की धमकी दी जा रही है। पाकिस्तान को लगता है कि हमला कर जम्मू कश्मीर हासिल कर लिया जाएगा। हालांकि प्रधानमंत्री इमरान खान ने तो परमाणु हमले की धमकी दी थी, लेकिन फिलहाल पाकिस्तान अपने ही देश में मिसाइल परीक्षण कर रहा है। यह बात अलग है कि भारत के पास 290 किलोमीटर से भी अधिक दूर तक जाने वाली मिसाइल तैयार है और भारत के पास एंटी मिसाइल तकनीक भी है। यानि पाकिस्तान की मिसाइल को हवा में ही नष्ट किया जा सकता है। सवाल उठता है कि क्या भारत-पाकिस्तान से डर जाएगा? 370 को बेअसर करने से पहले ही भारत ने हर परिस्थितियों पर विचार कर लिया था। भारत को पाकिस्तान की बौखलाहट के बारे में भी पता था। भारत ने पूरी तैयारी से 370 को बेअसर किया है। इसे सरकार और हमारे सुरक्षा बलों की समझदारी ही कहा जाएगा कि पांच अगस्त से पहले पूरा जम्मू कश्मीर आतंक की चपेट में था, लेकिन अब सिर्फ कश्मीर घाटी के पांच सात जिले ही आतंक ग्रस्त माने जा रहे हैं। अब सम्पूर्ण जम्मू और लद्दाख में हालात सामान्य है। यानि सरकार ने कम से कम जम्मू और लद्दाख को तो आतंक मुक्त कर भारत का कानून लागू कर दिया है। जहां तक कश्मीर घाटी का सवाल है तो अभी मात्र 23 दिन गुजरे हैं। सरकार के पास एक साल की रणनीति है। पत्थर फेंकने वाले कश्मीरियों को जब रोजगार मिलेगा तो घाटी में भी हालात सामान्य हो जाएंगे। पाकिस्तान कश्मीर के हालातों को लेकर चाहेे जो प्रोपेगंडा करे, लेकिन पिछले 23 दिन में सुरक्षा बलों को घाटी में गोली चलाने की जरूरत नहीं हुई है। अब मस्जिदों से जेहाद के नारों के बजाए शांति और अमन की अपील होती है। असल में पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर में बैठे पाकिस्तान परस्त नेता महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला आदि को उम्मीद थी कि अनुच्छेद 370 को बेअसर करने के बाद जम्मू कश्मीर में आग लग जाएगी, लेकिन दोनों के ही मंसूबे पूरे नहीं हुए। पाकिस्तान को अब उसके कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद के छीनने का भी डर हो गया है। इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान में लगातार आक्रोश बढ़ता जा हा है। चूंकि पाकिस्तान ने 31 अगस्त तक एयर स्पेस पर रोक लगाई है, इसलिए उम्मीद है कि और मिसाइलों का परीक्षण होगा। देखना है कि पाकिस्तान इन हरकतों का अमरीका, रूस, चीन जैसे देशों में क्या असर पड़ता है। पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी मुसीबत मुस्लिम देशों का भारत के साथ खड़ा होना है। पाकिस्तान एक ओर कश्मीर से मुसलमानों की दुहाई दे रहा है तो दूसरी ओर एक भी मुस्लिम देश पाकिस्तान के साथ नहीं है। उल्टे भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यूएई में सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है। 
एस.पी.मित्तल) (29-08-19)

अभी अखाड़ा तक सजे नहीं , और लगे हैं ताल ठोकने!!






आगामी विस चुनाव के परिप्रेक्ष्य में हाल-ए-बयां डुमरी विधान सभा, अभी से ही चुनावी रंग में रंगने लगी हैं गलियां
                               गिरिडीहआगामी विधान सभा चुनाव के दस्तक देने से पूर्व ही कई प्रकार के छोटे बड़े लम्बे चौड़े भूरे काले  मौसमी मेढक लगे हैं टर्राने ၊ जहाँ एक ओर सीमा पर बढ़ी चौकसी उत्तर के दो नए संघीय प्रदेशो के निर्माण तथा  शत्रु प्रधान की टर्र टर्र जारी है ၊ वहीं अपने गली कूचों में भी इन साहबान की कर्कश ध्वनि दाँत निपोरे फोटुओं की भरमार इन दिनों फेसबुक में , वैसे फेस रहें या ना रहें , देखे जा रहे हैं ၊ गावों की क्या हाल बयां की जाए ၊ ग्रामीण भैय्ये काफी खुश नजर आ रहे हैं शादी ब्याह जन्मदिन मरणदिन गृह प्रवेश से लेकर मुँह जुट्ठी तक में नेता नेत्री के आर्शीवाद हेतु हाथ तेजी से बढ़ने लगे हैं ၊ कुछेक ने तो टिकट की आश में राजधानी तक की कई बार उठक बैठक लगा दी है ၊ वहीं एक तो दिल्ली तक की हवाई रेल की सफर कर गुलदस्ता थमा आए हैं ၊
 बेचारी निरीह जनता आज भी आधार कार्ड ,अस्पताल , गैस कनेक्शन , आवास योजना ,शिक्षा , रोजगार आदि के लिए आपाधापी मारामारी करने में पसीना बहा रहे हैं ၊ अब तो प्रकाश की युसुफ से दोस्ती भी टूट गयी ၊ बचपन के साथ खेले खाये अब मिलते हैं तो सीधे मुँह बात भी नहीं करते ၊ बड़े दल की टिकट के लिए लालायित छुटभैय्यों की जमात कुछ अधिक ही लम्बी है ၊ लेकिन गांव गांव बिन बुलाये ही घूम घूमकर ढोल पीटने में लगे हैं ၊ एक बाहर के बड़ भैया वजीरत भी हाशिल है वैसे चुनावी मौसम में यहाँ स्थित मुख्य बाजार में हफ्ते में तीन दिन दरबार सजता है ၊
इस विधान सभा के आम लोगों को वैसे तो सूर्ख रंग से परहेज है ၊ लेकिन हर बार की तरह कैंडिडेटवा तो खड़ा करबे  करेंगे ၊ जाहे जो हो ၊
 दूर दूर इस विधान सभा में अनुसूचित जाति के वोटर उंगलियों की गिनती पर मिलेंगे ၊ लेकिन माया दीदी का झंडा उठाने वाला कैंडिडेट जरूर चुनाव में देखने को मिल जाएगा ၊
बापू का नाम लेने वाला अब यहाँ कोई नहीं , उनके पार्टी के लोग भले कई तमगाधारी हों मुँह छिपाते ही फिरते हैं ၊ ना तो अपने हुक्मरानों के बर्थडे की फिक्र है और ना ही ऐनिवर्सरी की ၊ इस बार इनकी कमर पतली नजर आ रही है ၊ एक ने कालिख में हाथ काला कर के भी अपने लिए टिकट की जुगत तो भिड़ा ही ली है ၊

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...