बीरेन्द्र कुमार महतो
रांची : आज 6 सितंबर को राजभवन में करम पर्व पूर्व संध्या समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग रांची विश्वविद्यालय, रांची के छात्र छात्राओं द्वारा करम नृत्य और गीत संगीत की भव्य प्रस्तुति की गई। महामहिम राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आतिथ्य में इस आयोजन में झारखंड की सभी नौ भाषाओं के सांस्कृतिक दलों द्वारा अपनी अपनी प्रस्तुति दी गई। समारोह में उपस्थित होकर महामहिम के अतिरिक्त राजभवन के विभिन्न पदाधिकारी, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ रमेश कुमार पाण्डेय और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सत्य नारायण मुंडा कार्यक्रम का आनंद लिया। अतिथियों का स्वागत करते हुए जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ हरि उरांव ने कहा कि करम पर्व आपसी भाईचारा का पर्व है। करम त्यौहार कृषि और प्रकृति से जुड़ा है। करम, कर्म पर आधारित त्यौहार है, इसे भाई-बहन के निश्च्छल प्यार के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि करमा पर्व की अनेक कथाएं हैं जो हमें अच्छा कर्म करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि जितने भी वृक्ष हैं उन सभी में देवी देवता का वास होता है। यह प्रकृति पूजा ही हमारी संस्कृति है।
तथा धन्यवाद ज्ञापन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ उमेश नंद तिवारी ने किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ अंजु साहू ने किया। मौके पर रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पाण्डेय, प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सत्य नारायण मुण्डा, नौ नृत्य दल के संयोजक डॉ अशोक कुमार बड़ाईक, डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो, डॉ राकेश किरण, डॉ दमयन्ती सिंधु, डॉ सरस्वती गागराई, डॉ पूनम सिंह चौहान, सुबास साहु, राम कुमार,संतोष कुमार भगत, विजय कुमार जयसवाल, विजय गागराई, डॉ पार्वती मुण्डू, डॉ किरण कुल्लू, अमित कुमार, शांति नाग के अलावा सैंकड़ों की संख्या में टीआरएल विभाग के सहायक प्राध्यापक, शोधार्थी एवं छात्र छात्राएं मौजूद थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ अंजु साहू ने किया। मौके पर रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पाण्डेय, प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सत्य नारायण मुण्डा, नौ नृत्य दल के संयोजक डॉ अशोक कुमार बड़ाईक, डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो, डॉ राकेश किरण, डॉ दमयन्ती सिंधु, डॉ सरस्वती गागराई, डॉ पूनम सिंह चौहान, सुबास साहु, राम कुमार,संतोष कुमार भगत, विजय कुमार जयसवाल, विजय गागराई, डॉ पार्वती मुण्डू, डॉ किरण कुल्लू, अमित कुमार, शांति नाग के अलावा सैंकड़ों की संख्या में टीआरएल विभाग के सहायक प्राध्यापक, शोधार्थी एवं छात्र छात्राएं मौजूद थे।














